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मुख्यमंत्री का सभी जिलों के कलेक्टर्स को सख्त निर्देश  अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म करें— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर  करें

रायपुर 19 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। 

हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें। 

बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश

बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। 

सख्ती के साथ सुधार की पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो।

किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।

रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए। 

सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

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*जनमन आवास योजना के तहत मिला पक्का मकान....पहारू राम ने कहा नए घर ने उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी दी*

जशपुर 19 अगस्त 25/ बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत पंड्रापाठ के निवासी श्री पहारु राम वर्षों से कच्चे मकान में रहकर जीवनयापन कर रहे थे। बरसात के दिनों में छत टपकना, सर्दियों में ठंड से बचाव की समस्या और गर्मियों में तपन सहना उनके परिवार की मजबूरी बन गई थी। सीमित संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए केवल एक सपना था।

वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उन्हें आवास की स्वीकृति मिली। समय पर राशि और सामग्री की उपलब्धता के कारण उनका मकान तैयार हुआ और अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित पक्के घर में रह रहे हैं। श्री पहारु राम बताते हैं कि नए घर ने उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी दी है। उनके अनुसार – “अब मेरे परिवार को मौसम की मार से बचाव मिल रहा है। यह घर हमारे लिए सुरक्षा और सम्मान की नई पहचान है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।”

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि वे अपना आवास स्वयं बना सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें। यह योजना केवल आश्रय का साधन ही नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

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*शासकीय आदिवासी प्री.मैट्रिक छात्रावास नारायणपुर एवं बासंताला में आयोजन किया गया विधिक जागरूकता शिविर*

जशपुरनगर 19 अगस्त 2025/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू की अध्यक्षता में शासकीय आदिवासी प्री मैट्रिक बालक छात्रावास नारायणपुर एवं शासकीय आदिवासी प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास बासंताला में विगत दिवस 17 अगस्त 2025 को विधिक जागरूकता कार्यक्रम एवं शिविर का आयोजन किया गया।
          प्रधान जिला न्यायाधीश श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने जागरूकता कार्यक्रम में कहा  कि सभी नागरिकों को न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित किये जाने तथा कोई भी गरीब या किसी अन्य अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहे, उसके लिए संविधान के अनुच्छेद 39 ए में प्रावधान किया गया है। साथ ही सभी नागरिकों तक न्याय की पहुंच को सरल बनाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अंतर्गत राष्ट्रीय, राज्य, जिला एवं तालुका स्तर पर कानूनी सेवा प्राधिकरणों और समितियों की स्थापना की गई है। उनके द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961. समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीडन, बाल विवाह, नशीली दवाओं के दुरूपयोग एवं अवैध तस्करी के संबंध में कानूनी जानकारी नशा मुक्ति बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986, घरेलु हिंसा से महिलाओं का सरक्षण अधिनियम, 2005, हेल्पलाईन नंबर 1098. लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, समझौते के माध्यम से प्रकरण निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालत एवं मध्यस्थता के संबंध में जानकारी दी गई।
         द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी जशपुर श्री क्रांति कुमार सिंह द्वारा मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम, निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, किशोर न्याय (बच्चो की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 एवं बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के संबध में जानकारी दी गई।
         जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर सचिव कु० श्वेता बघेल द्वारा शिक्षा का अधिकार सवैधानिक अधिकार एवं कर्तव्य, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता व सलाह हेतु पात्रता के संबंध में जानकारी दी गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी जशपुर प्रज्ञा सिंह द्वारा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिको का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986, नालसा हेल्पलाईन नंबर 15100 के संबंध में जानकारी दी गई। उक्त कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक सहित कुल 70 छात्राएं उपस्थित रहे।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ*

रायपुर, 19 अगस्त 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक श्री अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुए कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुए कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

1) मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।

        इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।

2) मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। 

        इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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*जामचुआं की 90 वर्षीय चाका बाई फिर से सुन सकती है जीवन की मधुर ध्वनि.....मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष से पीड़ित चाका बाई को मिला श्रवण यंत्र*

 जशपुरनगर, 19 अगस्त 2025/  90 वर्षीय चाका बाई की चेहरे से झलकती मुस्कराहट बता रही है कि उनके जीवन में खुशियां फिर से लौट आई है। उम्र के इस दौर में शारीरिक परेशानियों का आना स्वाभाविक है और ऐसे समय में की गई सहायता बुजुर्गों के लिए बड़ी सहारा बनती है। ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही चाका बाई मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें उनकी परेशानियों का समाधान यहां पर अवश्य मिलेगा और हुआ भी ऐसा ही, कैंप कार्यालय से उन्हें तत्काल मदद मिली और उसे श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।  
    ग्राम पंचायत जामचुआं, तहसील कुनकुरी निवासी चाका बाई ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही थी। उन्होंने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्याओं को साझा किया। कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। 
      श्रवण यंत्र पाकर चाका बाई ने अपनी प्रसन्नता जाहिर की और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को आशीर्वाद दिया है।  गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।

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*भिलाईवासियों को मिली 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात.....नागरिक सुविधाओं में आएगा नया आयाम : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 19 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल को   लाभ मिलेगा। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में जारी अटल विश्वास पत्र के सभी वादों को एक-एक कर पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई में नगर पालिक निगम क्षेत्र के लिए 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भिलाई नगर पालिक निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। नगरीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पूरे राज्य में प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ नागरिकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अगले छह महीनों में 5 हजार और पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। 24 अप्रैल 2026, पंचायती राज दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद पिछले एक वर्ष में सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। नगरोत्थान योजना के तहत नगरीय निकायों में योजनाबद्ध और सुनियोजित विकास के लिए राशि दी जा रही है। विगत 18 माह में अकेले नगर पालिक निगम भिलाई को विकास कार्यों के लिए 470 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के सात नगरीय निकायों को पहली बार राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में छत्तीसगढ़ के 58 शहर पुरस्कृत हुए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पार्षद श्रीमती स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र, पीएम सूर्य घर योजना के तीन हितग्राहियों को प्रमाणपत्र, दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर प्रदान की गईं। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए राशि के चेक तथा वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला स्व-सहायता समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन और नगर निगम के महापौर श्री नीरज पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद के करकमलों से एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ*

रायपुर 19 अगस्त 2025/एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तीन माह के निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानन्द उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल सीएमडी श्री हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर श्री सुनील जैन, आयुक्त, बिलासपुर संभाग; एसईसीएल निदेशक (तकनीकी – संचालन सह योजना/परियोजना) श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमार; निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन की विशिष्ट उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात् अतिथियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात् कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया।
इसके उपरांत सीएमडी एसईसीएल श्री हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

मुख्य अतिथि श्री पी. दयानन्द ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में चाहे पीएसयू हों या राज्य शासन, पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से सतर्कता एवं पारदर्शी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और राज्य शासन दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं तथा क्षेत्र के विकास के लिए दोनों के बीच परस्पर सहयोग एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसईसीएल सीएमडी श्री हरीश दुहन ने कहा कि मैं टीम एसईसीएल के प्रत्येक सदस्य से यह आह्वान करना चाहता हूँ कि हम जो भी कार्य करें, नियम एवं नीति के दायरे में रहकर पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ करें।

राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एसईसीएल को अपने कार्यसंचालन को बेहतर बनाने के लिए राज्य शासन से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहता है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष हम मेगा प्रोजेक्ट्स में भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति ला पाए हैं। इस दौरान उन्होंने भू-अधिग्रहण एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य शासन से वांछित सहयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की।

मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन ने बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा इस वर्ष के अभियान की थीम “सतर्कता : हमारी साझा ज़िम्मेदारी” निर्धारित की गई है। इस अभियान के पाँच प्रमुख बिंदु हैं – लंबित शिकायतों का निपटान, लंबित मामलों का निपटान, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन, संपत्तियों का प्रभावी प्रबंधन तथा डिजिटल पहलों को बढ़ावा देकर कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाना।

सतर्कता विभाग द्वारा एसईसीएल में कार्यसंचालन को बेहतर बनाने हेतु कई प्रयास किए गए हैं। जैसे – कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए थर्ड पार्टी टेस्टिंग, CCTV निगरानी और रियल टाइम सुपरविजन से पारदर्शी प्रणाली का विकास। खरीद प्रक्रियाओं में SOP आधारित बिल प्रोसेसिंग, FIFO क्लियरेंस और SAP आधारित ट्रैकिंग लागू की गई है। संपत्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए मशीनों का सत्यापन और डिजिटल टैगिंग की गई है। जटायु डैशबोर्ड, डिजीकोल और इंटेग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से संचालन एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया गया है।

कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री नागेश्वर राव सहित मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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*अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं...समयबद्ध निराकरण को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश*

जशपुरनगर 18 अगस्त 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने निर्देशानुसार जिला कार्यालय में सोमवार को अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गई। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
   इसके साथ ही उन्होंने यह हर आवेदनकर्ता को उनके प्रकरण के निराकरण की सूचना समय पर प्रदान करने को कहा। जनदर्शन में  मुख्य रूप से राजस्व संबंधी मामले, दिव्यांग सहायता, रोजगार, अनुकंपा नियुक्ति, बिहान, सोलर पैनल मरम्मत आदि संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए।

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“आदि कर्मयोगी अभियान”राज्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक......जनजातीय परिवारों को योजनाओं से किया जाएगा लाभान्वित*

रायपुर, 18 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के अनेक राज्यों में संचालित हो रहे इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर (एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन) तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व’ और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ का संचालन किया जाएगा। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

आदिम जाति विकास तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा निर्धारित विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार जिलों में एनजीओ, सीएसओ तथा स्थानीय वालंटियर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ग्रामों के “ट्राइबल विलेज विजन 2030” का निर्माण भी किया जाएगा। इस दौरान शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता अभियान तथा “आदिवासी सेवा दिवस” का आयोजन किया जाएगा।

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*राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात.....बधाई  उज्ज्वल भविष्य की कामना की*

रायपुर 18 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से   राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया।  श्री देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री घोषणा के 1.71 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की राशि को मिली स्वीकृति, क्षेत्र वासियों को मिली बड़ी सौगात.......*

 जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शासन की स्थापना से लेकर निरन्तर जशपुर जिले के विकास के कार्य किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्रामों से लेकर हर गांव-नगर सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, यातायात, पर्यटन, अधोसंरचनात्मक विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहना कर क्षेत्र के विकास हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा मद से 01 करोड़ 71 लाख 99 हज़ार रूपयों के विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें महाकुल यादव समाज बगीचा के वृंदावन भवन के विस्तार हेतु 50 लाख रूपये, ग्राम पंचायत नारायणपुर में अघोरेश्वर आश्रम के प्रवेश द्वार निर्माण हेतु 10 लाख रूपये, तपकरा के स्टेडियम में युवाओं की सुविधा के लिए समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं जिम निर्माण हेतु 12 लाख रूपये एवं किलकिला धाम के शिव मंदिर में भव्य प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री वाल निर्माण हेतु 99.99 लाख रूपयों की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है।

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बड़ी खबर : NDA ने किया ऐलान..सीपी राधाकृष्णन बने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के दावेदार..पढ़ें पूरी समाचार

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में आज एक बड़ा ऐलान हुआ। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया है। इस घोषणा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मीडिया के सामने करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद राधाकृष्णन का नाम तय किया गया। जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए इस चुनाव में विपक्ष से भी संपर्क साधेगा ताकि उपराष्ट्रपति पद का चयन सर्वसम्मति से हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी विपक्षी दलों के साथ संवाद करती रही है और आगे भी संपर्क बनाए रखेगी। 

 

 

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में 20 अक्टूबर 1957 को जन्मे चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनसंघ से शुरू किया। राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर से लोकसभा चुनाव जीते। 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे।

इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और भाजपा की जड़ों को दक्षिण भारत में गहराई तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई। 2004–2007 के बीच प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 93 दिनों की रथ यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खिलाफ जनजागरण और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों को लेकर समाज को जागरूक करना था।

 

 

 राज्यपाल के रूप में अनुभव सीपी राधाकृष्णन का प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव भी बेहद समृद्ध रहा है। फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। मार्च से जुलाई 2024 तक वे तेलंगाना के अतिरिक्त प्रभारी राज्यपाल रहे। मार्च से अगस्त 2024 तक उन्होंने पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत हैं। उनका यह अनुभव उन्हें एक सक्षम और वरिष्ठ राजनेता के रूप में स्थापित करता है, जो उपराष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। 

 

 

 संसदीय अनुभव और योगदान लोकसभा सांसद रहते हुए राधाकृष्णन ने संसद में कई समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे वस्त्र उद्योग पर स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा वे कई वित्तीय और सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित समितियों के सदस्य भी रहे, जहां उन्होंने नीतिगत सुधारों पर सक्रिय भागीदारी की। शैक्षणिक पृष्ठभूमि सीपी राधाकृष्णन ने कोयम्बटूर स्थित वीओ चिदंबरम कॉलेज से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री प्राप्त की है। 

 

एनडीए के निर्णय पर राधाकृष्णन की प्रतिक्रिया

 

 एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राधाकृष्णन ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि आज उन्होंने अपनी पत्नी सुमति के साथ मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। सहयोगी दलों का समर्थन एनडीए की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद सहयोगी दलों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने राधाकृष्णन को बधाई देते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित नेता हैं जिन्होंने लंबे समय तक देश सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। नायडू ने इस नामांकन का स्वागत करते हुए एनडीए उम्मीदवार को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। राजनीतिक समीकरण और संदेश एनडीए द्वारा राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के पीछे कई राजनीतिक संदेश भी छिपे हैं। 

दक्षिण भारत में भाजपा की पैठ मजबूत करना: राधाकृष्णन का संबंध तमिलनाडु से है। भाजपा दक्षिण में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, और इस निर्णय को उसी रणनीति के तहत देखा जा रहा है। 

अनुभवी और सर्वमान्य चेहरा: राधाकृष्णन का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव उन्हें विपक्ष के सामने भी एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है। 

सहयोगी दलों को साथ रखना: नड्डा द्वारा सर्वसम्मति की अपील से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा इस चुनाव को टकराव के बजाय सहयोग के जरिए आगे बढ़ाना चाहती है। उपराष्ट्रपति चुनाव में अब नजरें विपक्ष पर अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष अपनी ओर से किसे उम्मीदवार बनाता है। यदि विपक्ष कोई मजबूत उम्मीदवार खड़ा करता है तो चुनाव रोचक हो सकता है, लेकिन यदि सर्वसम्मति बनती है तो राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जा सकते हैं।

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बड़ी खबर : आज से काम बंद, कलम बंद.! अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे NHM के 16 हजार कर्मचारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार से ज्यादा कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि इस दौरान आपातकालीन सेवाएँ भी बंद रहेंगी। NHM कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अनुकम्पा नियुक्ति, संविलियन, नियमित भर्ती में आरक्षण, स्थानांतरण नीति, 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि, ग्रेड पे निर्धारण, मेडिकल और अन्य अवकाश शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। 

 

 

कर्मचारियों की चेतावनी NHM कर्मचारी संगठन ने शासन को पहले ही सूचित कर दिया था कि यदि मांगे पूरी नहीं की गईं तो वे 18 अगस्त से काम और कलम बंद कर देंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि सरकार यदि अब भी त्वरित निर्णय नहीं लेती तो वे बाध्य होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इस हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने काम से अलग हो जाएंगे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ, निभाई दही-हांडी की परंपरा*

रायपुर 17 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव एवं दही-हांडी प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतीकात्मक रूप से दही-हांडी तोड़कर उत्सव की परंपरा निभाई तथा राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों को मिठाई खिलाकर स्नेह प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हम छत्तीसगढ़ जैसे पावन प्रदेश के निवासी हैं, जो भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार भोरमदेव मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों और तीर्थ स्थलों के समग्र विकास हेतु कार्य कर रही है। साथ ही, श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न पावन स्थलों के दर्शन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक श्री बसंत अग्रवाल एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी।कार्यक्रम में विधायक श्री किरण देव एवं श्री पवन साय ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री राजीव लोचन महाराज, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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CG Breaking : विशाल दही हांडी महोत्सव..मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बने आकर्षण का केंद्र..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर आयोजित विशाल दही हांडी प्रतियोगिता कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और भक्ति के साथ हुए इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए।

वहीं मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें सत्य, धर्म और कर्तव्यपथ पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

 

  दरअसल कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने ऊंचाई पर बंधी दही हांडी को फोड़ने के लिए पिरामिड बनाया। जगह-जगह से गूंजते “गोविंदा आला रे” के नारों और ढोल-नगाड़ों की धुन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने विजेता टीम को शुभकामनाएं दीं और उनके उत्साह की सराहना की।

फिलहाल आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन पहले से भी अधिक भव्य तरीके से किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी उपस्थित रहे।

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CG News : पति और ससुरालवालों के अत्याचार से तंग आकर विवाहिता ने किया आत्महत्या का प्रयास..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलौदाबाजार। जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम झबड़ी में घरेलू विवाद और बेटियां होने की वजह से प्रताड़ित एक विवाहिता ने ज़हर खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे कसडोल के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मामला समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और बेटियों को बोझ मानने की मानसिकता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राम जलसो थाना पचपेड़ी निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अंजली बंजारे का विवाह वर्ष 2021 में झबड़ी निवासी ओमप्रकाश बंजारे से सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। विवाह के बाद शुरुआती दो वर्षों तक दाम्पत्य जीवन सामान्य रहा। इस दौरान अंजली ने दो बेटियों को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक, इसी बात को लेकर अंजली के पति, सास और ससुर उसके साथ आए दिन विवाद करने लगे।

 

 

 दरअसल शिकायतकर्ता ने बताया कि बेटी अंजली अक्सर फोन पर अपने मायके वालों से पति और ससुरालजनों की प्रताड़ना की शिकायत करती रहती थी। 15 अगस्त की सुबह भी उसने फोन कर कहा कि पति, सास और ससुर ने फिर से उसे गालियां दीं और मारपीट की। पति ओमप्रकाश ने उस पर हाथ मुक्का से हमला किया, जबकि सास-ससुर ने अश्लील गालियां दीं और धमकियां भी दीं। इस घटना के कुछ ही देर बाद अंजली ने मानसिक रूप से आहत होकर खेतों में डालने वाले रासायनिक खाद यूरिया का सेवन कर लिया। मायके से पिता और भाई जब ससुराल पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि अंजली को गंभीर हालत में कसडोल के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह उपचाराधीन है। 

 

दरअसल परिजनों का कहना है कि यह पूरी तरह से पति और ससुरालवालों की प्रताड़ना का नतीजा है। अगर समय रहते घरेलू झगड़े और बेटियों को लेकर हो रही उपेक्षा पर रोक लगाई जाती तो उनकी बेटी को यह कदम नहीं उठाना पड़ता। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंजली की हालत में सुधार होगा या नहीं। डॉक्टरों के अनुसार, ज़हर का सेवन करने से उसके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है और अगले 24 घंटे बेहद अहम होंगे। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि आज भी बेटियों को लेकर भेदभाव और अंधविश्वास जैसी मानसिकता लोगों के जीवन को तबाह कर रही है। सरकार और समाज मिलकर ऐसी सोच के खिलाफ आवाज उठाए बिना ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है।

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*प्रदेश के 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट, रायगढ़ बना उत्पादन शुरू करने वाला पहला जिला.....महिलाओं की तरक्की और बच्चों का स्वास्थ्य, दोनों को नया आयाम देगा ‘रेडी-टू-ईट’ : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 17 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।

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