अद्भुत नजारा... 108 कन्याओं के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा, नवरात्र के पहले दिन मां के जयकारों गूंज उठा गांव


निरंजन मोहन्ती-नारायणपुर
जशपुर/नारायणपुर : 22 सितम्बर 2025 : कलश यात्रा के साथ ही नवरात्र का शुभ शुभारंभ हुआ, जिसमें माँ दुर्गा के पहले स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। पहले दिन घटस्थापना की गई और इस पवित्र कलश के साथ ही दीपक जलाया जाता है, जो पूरे नौ दिनों तक प्रज्वलित रहता है। पहले दिन माँ शैलपुत्री का पूजन करके समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की गई।
नवरात्र के पहले दिन "या देवी सर्व भूतेषू मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:" मंत्र के साथ मां शैलपुत्री की पूजा आरंभ हुई।
आज से नवरात्र की शुरूआत हो चुके हैं। माता के भक्तों में जोश और उल्लास नजर आ रहा है। मंदिरों व पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही है। इस बीच नारायणपुर में उड़ीसा के सुंदरगढ़ के आचार्य पंडित सुमित दास एवं संजय के नेतृत्व में 108 कन्याओं के साथ कलश यात्रा निकाली गई।
शारदीय नवरात्र शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मंदिरों व पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही है। सभी जगहों पर कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है।
स्थानीय सार्वजनिक दुर्गा पंडाल नारायणपुर में आचार्य पंडित सुमित दास के नेतृत्व में 108 कन्याओं के साथ कपरी नदी से कलश में जल भर कर किया गया। वहीं, कलश यात्रा के दौरान पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
बेल वर्ण पूजा' देवी निमंत्रण
नवरात्र में 'बेल वर्ण पूजा' देवी दुर्गा के स्वागत का एक बड़ा अनुष्ठान है, आचार्य,समिति के सदस्य, कर्तागण, भक्तगण गाजे बाजे के साथ बेल वृक्ष के पास पहुंचकर विधिवत पूजन किया गया। भगवान शिव की आराधना कर एक डगाल में लगे जुडवां फल को निमंत्रण दिया गया। जुडवां बेल को तोड़कर मंदिर लाया गया ।विधिवत पूजन के बाद देवी को समर्पित किया गया, विजयादशमी तक भगवान शिव एवं आदि शक्ति भगवती की पूजा एक साथ की जाएगी है।
श्रदालुओं की उमड़ी भीड़
नवदुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि कलश यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही पण्डाल परिसर में श्रदालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। कलश यात्रा मंदिर परिसर में से शुरू हुआ और बस्ती होते हुए कपरी नदी पर पहुंचा।
गंगा जी की पूजा के बाद जलभर कर पुन: पंडाल परिसर में पहुंचा। वैदिक मंत्रोचार के साथ कलश की स्थापना कर पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। इस दौरान सभी श्रद्धालु देवी के भक्ति गीतों पर झूमते रहे। वहीं, जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में भी श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्र की पूजा की शुरुआत हो चुकी है
लोग घरों में भी कर रहे कलश स्थापना
एक तरफ जहां पूजा पंडालों में मां की भव्य प्रतिमा का निर्माण कर पूजा-अर्चना की जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर ज्यादतर घरों में भी कलश स्थापना के साथ लोग भक्ति भावना में लीन हो गए हैं। शारदीय नवरात्र के मौके पर भक्तों के जयकारा के साथ नवरात्रि के प्रसिद्ध भजनों से पूरा ग्रामीण क्षेत्र गुंजायमान हो गया है।
नवरात्र के पहले दिन ही मां दुर्गा की प्रतिमा का होता है अनावरण
नारायणपुर में आयोजित दुर्गा पूजा जिलेभर में आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा से कई मायनों में अलग पहचान रखती है। पंडाल के पुरोहित सुमित दास ने बताया कि यंहा वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यहां नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना पूजा के साथ ही पहले दिन से ही चेहरे का अनावरण होता है।
कलश यात्रा में शामिल युवाओं की भीड़ पूरे उत्साह के साथ मां दुर्गे की जयकारा जय दुर्गे, जय भवानी का उदघोष करते चल रहे थे। मौके पर मुख्य यजमान सपत्नि दीना नायक मटासी, टंकेश्वर यादव रानीकोम्बो,बाजू भगत,उमाशंकर रानीकोम्बो, समिति के सभी सदस्य चिटकवाइन,जामचुंवा, बनकोम्बो, मटासी,डिपाटोली, बरडाँड़,सेन्द्रिमुंडा,रायडाँड़,सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कलश यात्रा का देखें वीडियो :
