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इंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर

इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज से अपने गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाता अगस्त 2025 में संतुष्ट बताए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है — यानी हालिया सर्वे में उन के प्रति संतुष्टि में लगभग 2.9 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। बड़े राज्यों के वर्ग में यह दूसरा स्थान बताता है; पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं।

बड़े राज्यों के संदर्भ में प्रदर्शन: बड़े राज्यों के समूह में साय का 41.9% अंक दूसरे स्थान की पुष्टि करता है — इससे पता चलता है कि गृह राज्य में उनकी स्वीकार्यता कई अन्य बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बराबर-ऊपर है।

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दक्षिण कोरिया के  KITA से मुख्यमंत्री की सार्थक मुलाकात....छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने पर हुई चर्चा

रायपुर : 28 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।

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श्री रामलला दर्शन योजना: जिले के 1632 रामभक्तों को मिला अयोध्या में  प्रभु श्री रामलला के दर्शन का सौभाग्य,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

जशपुरनगर 28 अगस्त 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई श्री रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में स्थित भगवान श्री रामलला के दर्शन का सुअवसर प्रदान करना है। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। 
      जशपुर जिले में योजना प्रारंभ से अब तक 1632  रामभक्तों ने अयोध्या जाकर भगवान श्री राम का दर्शन लाभ ले चुके हैं।  जिसमें  जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर से 134 जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा से 95, जनपद पंचायत क्षेत्र बगीचा से 168, नगर पालिका क्षेत्र जशपुर से 83, नगर पंचायत क्षेत्र बगीचा से 58, जनपद पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 172, जनपद पंचायत क्षेत्र दुलदुला से 110, जनपद पंचायत क्षेत्र फरसाबहार से 179,  नगर पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 109, जनपद पंचायत क्षेत्र पत्थलगांव से 220, जनपद पंचायत क्षेत्र कांसाबेल से 165 नगर पालिका क्षेत्र पत्थलगांव से 82 और नगर पंचायत क्षेत्र कोतबा से 57 रामभक्त अयोध्या में भगवान श्री राम का दर्शन कर चुके हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलता है, जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहती है।
        छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है, यहां के लोग उन्हें भांचा राम के नाम से भी जानते हैं। भगवान श्री राम के प्रति आस्था प्रदेश के कण कण पर व्याप्त है। अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन के बाद लोग अपने आप को धन्य महसूस करते हैं।  दर्शन के बाद रामभक्तों के चेहरे पर झलकती संतुष्टि और आत्मिक खुशी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार के प्रति  कृतज्ञता का भाव उनमें साफ झलकता है। श्री रामलला दर्शन योजना  प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और श्री राम के आदर्शों को सामाजिक चेतना में पुनः स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। ट्रेन रवाना करते समय बजते भजन, भगवान श्री राम की जयकारे की गूंज, यात्रियों के चेहरे से झलकती खुशी आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण रचते हैं।
         श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धा, आस्था और भक्ति का ऐसा आध्यात्मिक अभियान है, जो छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में नए उत्साह और विश्वास का संचार कर रहा है। यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई, जो उनकी दूरदर्शिता और लोककल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीरामलला के जन्मस्थान के दर्शन कर चुके हैं। श्री रामलला दर्शन योजना केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि भगवान श्री राम के प्रति आस्था और उनके आदर्शों को अपने जीवन मूल्य में अपनाने की एक पहल भी है।

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दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सीएम श्री साय ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश हेतु किया आमंत्रित

रायपुर 28 अगस्त 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत के राजदूत श्री अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा  के दौरान दिए दिशा निर्देश...बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चित

रायपुर, 28 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया  कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। 

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें  शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। 

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।

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सरोकार:– बीमारी से जीवन फंसी संकट में, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सहायता के लिए बढ़ाया हाथ, उपचार के लिए दो करोड़ पचासी लाख रुपए की दी सहायता.....

जशपुरनगर 28 अगस्त 2025 :  परिवार के किसी एक सदस्य के गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाने से पूरा परिवार संकट में आ जाता है। ऐसे विकट परिस्थिति में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना उपचार में सहयोगी बनता है। इसके तहत हितग्राहियो को 5 लाख तक के निशुल्क उपचार की सुविधा सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालो में मिलती है।  लेकिन ज़ब गंभीर बीमारी के उपचार और सर्जरी का खर्च आयुष्मान योजना की सीमा से अधिक हो जाए तो क्या होगा? कहां से आएगा इलाज के लिए लाखों रूपये? संकट की ऐसी घड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपत्ती में फंसे ऐसे परिवारों की सहायता के लिए फिर हाथ बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत जिले के 72 मरीजों को उपचार के 2 करोड़ 85 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इस योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है। इस राशि से लाभार्थी कैंसर,बोनमेरो ट्रांसफर,किडनी ट्रांसप्लांट जैसे महंगे उपचार बड़े अस्पतालों में करा सके। समय पर आर्थिक सहायता मिल जाने से न केवल मरीजों का जीवन सुरक्षित हो पाया अपितु परिवार को भी बड़ी राहत मिली। इस सहायता के लिए मरीज और उसका परिवार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जता रहा है।

*इस तरह प्राप्त करें सहायत*

सीएमएचओ डॉ जीके जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक निर्धारित आवेदन फ़ार्म के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करना होता है। यह आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके आवेदन के साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराना चाहते हैँ वहाँ का प्राकलन रिपोर्ट (स्टीमेट) संलग्न करना होता है।

*स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा है सुधार*

उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार और सुधार की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैँ। जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा होने के साथ इसके लिए बजट भी सरकार जारी कर चुकी है। जमीन चयन होने के साथ कालेज शुरू करने की क्वायद चल रही है। अस्पतालों में भौतिक और मानव संसाधन जुटाया जा रहा है।

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रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की पहचान हा - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 28 अगस्मुत 2025 : ख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।

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राज्यपाल ने 40वें चक्रधर समारोह का किया भव्य शुभारंभ....अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ने और हमारे अमूल्य विरासत को संजोने का महान संकल्प है चक्रधर समारोह: राज्यपाल श्री डेका

रायपुर 27 अगस्त 2025/ चक्रधर समारोह हमें अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ता है और हमारे अमूल्य विरासत को संजोने का महान संकल्प है। राजा चक्रधर सिंह ने कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जो सपना रायगढ़ की धरती से देखा था, यह उत्सव उस स्वप्न का प्रतीक है। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज रायगढ़ जिले में आयोजित 40वें चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भगवान गणपति की पूजा अर्चना की और संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह का पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया। 

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा को हम रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं और इस दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति को समृद्ध बनाने में चक्रधर समारोह का योगदान अग्रणी है। श्री डेका ने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ में बहुत गहरा संबंध है और ब्रिटिश काल में इस प्रदेश से लोग असम गए थे। उन्होंने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने साहित्य और कला के संरक्षण के जो प्रयास असम में किए थे, वही प्रयास महाराज चक्रधर ने रायगढ़ की धरती से किया। श्री डेका ने बताया कि असम में राजा चक्रधर सिंह की स्मृति में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 

राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ की धरती भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। रायगढ़ घराने की छाप न केवल देश में बल्कि विश्वभर में है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य को नई ऊंचाइयां दीं और अपनी रचनाओं नर्तन सर्वस्व, तालतोय निधि और राग रत्न मंजूषा के माध्यम से संगीत और नृत्य को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि कला हमारे भीतर संवेदनाओं को जगाती है और जीवन को सुंदर बनाती है। आधुनिकता की दौड़ में जब लोग संस्कृति से दूर हो रहे हैं, तब ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ का नाम लेते ही हमारे मन में संगीत की मिठास, नृत्य की लय और कला के रंग दिखाई देते हैं। यही वो धरती है, जहां बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई, हरिप्रसाद चौरसिया की बाँसुरी और पं. जसराज सहित साहित्य जगत के महान विभूतियों के सुर गूंजते रहे हैं। उन्होंने इस खास मौके पर रायगढ़ की जनता को इस महान परंपरा को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।  

40वें चक्रधर समारोह के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही संगीत, नृत्य और साहित्य जैसी विधाएँ राजाओं के आश्रय में पल्लवित होती आई हैं और इन्हीं परंपराओं ने भारत को नई ऊँचाइयाँ दी हैं।

राजा चक्रधर सिंह को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि जब कथक में केवल जयपुर और बनारस घराने ही प्रसिद्ध थे, उस समय रायगढ़ घराने की स्थापना कर उन्होंने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। श्री शेखावत ने कहा कि आज यह समारोह उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने का गौरवशाली अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के सक्षम और सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को नक्सल छवि से मुक्ति मिल रही है और प्रदेश अब संस्कृति तथा पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जूझते हुए जिस प्रदेश को कभी पिछड़ेपन की दृष्टि से देखा जाता था, वही आज अपनी लोककलाओं और पर्यटन स्थलों के कारण विश्व स्तर पर पहचान बना रहा है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। हमारी लोककलाएँ, लोकनृत्य और लोकपरंपराएँ पुनः संरक्षित और सशक्त हो रही हैं। श्री शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी दस दिनों तक रायगढ़ सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा और देश-विदेश से आए कलाकार अपनी कला के माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य बनाएँगे।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि चक्रधर समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही रायगढ़ में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है, जिससे यहां की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान और अधिक मजबूत हो रही है। श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आस्था के प्रमुख केंद्रों, पर्यटन स्थलों को लगातार विकसित करने का काम केंद्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के सहयोग से भोरमदेव मंदिर सहित अनेक विकास कार्यों के लिए विशेष रूप से राशि आवंटित की गई है।

राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली से आए अतिथियों ने चक्रधर समारोह को गरिमामयी बनाया है। श्री सिंह ने कहा कि संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य को नई पहचान दी। उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण से रायगढ़ घराने को प्रतिष्ठा दिलाई और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एक गोंड आदिवासी राजा द्वारा कथक नृत्य को इस ऊँचाई तक पहुँचाना इतिहास के स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव याद किया जाएगा। रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि इस भव्य आयोजन से रायगढ़ की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ रही है तथा यहाँ की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है।

चक्रधर समारोह के अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद श्री चुन्नीलाल गरासिया, नगर निगम के महापौर श्री जीववर्धन चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित रहे।

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सीएम कैंप कार्यालय बगिया में विराजे गणपति महाराज, गणपति बप्पा की जयकारा से गूंजा परिसर......

जशपुरनगर 27 अगस्त 2025 : गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में गणपति महाराज की स्थापना बड़े ही विधि-विधान और श्रद्धा भाव से की गई। पूजा-अर्चना के साथ वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

    मुख्यमंत्री निवास परिसर में गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा की स्थापना की गई, जहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान श्री गणेश का स्वागत किया। इस अवसर पर गणपति जी की आरती, पुष्प अर्पण और प्रसाद वितरण किया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान श्री गणेश से प्रदेश की खुशहाली समृद्धि और सुख-शांति की कामना की। गणपति उत्सव के दौरान 11 दिनों तक प्रतिदिन विविध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होंगे। भक्तों के लिए सुबह-शाम आरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।सीएम कैंप कार्यालय में गणपति स्थापना के इस आयोजन से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गया है।

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मुख्यमंत्री के सुशासन में नागरिकों को मिल रहा है प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य....204 श्रद्धालुओं जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना

जशपुर 27 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
       छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को श्रीरामलला दर्शन अयोध्या धाम यात्रा योजना अंतर्गत  27 से 30 अगस्त 2025 के यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया। जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। 
             रवाना किए गए 204 श्रद्धालुओं में जशपुर विधानसभा से 64, कुनकुरी विधानसभा से 73 एवं पत्थलगांव विधानसभा से 67 श्रद्धालु शामिल हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की गति तेज करने के दिए निर्देश.....43 शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित ठहराए गए

रायपुर, 27 अगस्त 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे ।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए।

उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 

राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें  दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।

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मुख्यमंत्री और ATCA प्रतिनिधिमंडल की सियोल में महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश पर हुई चर्चा... ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग

रायपुर, 27 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन श्री ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्री ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें।

ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

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मुख्यमंत्री ने जापान से दूरभाष पर ली बस्तर संभाग में बाढ़ की जानकारी ....राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी बरतने के दिए निर्देश

रायपुर, 26 अगस्त 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राजस्व सचिव श्रीमती कंगाले ने मुख्यमंत्री को बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य संचालित कर रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम  मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर और नाव की सहायता से ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। बीते 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पहुँचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यकता अनुरूप प्रभावितों को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

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व्याख्याता अयोध किशोर गुप्ता को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर ने किया सम्मानित

नारायणपुर 27 अगस्त 2025 :  --राज्य शिक्षक सम्मान समारोह 2024 में राज्यपाल अवॉर्डी  शिक्षकों का कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर में यूनिवर्सिटी के कुल सचिव डॉ संदीप गांधी, गोल्ड फेडरेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक श्री आर्यवीर आर्य, एम दी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री अनिल कुमार प्रधान, विशिष्ट अतिथि श्री रविन्द्र जी श्री राजशेखर जी एवं विश्विद्यालय के स्टाफ की गरिमा  मय उपस्थिति में  सम्मानित किया गया।  

    श्री गुप्ता बंदरचुवा निवासी श्री रामजी गुप्ता एवं श्री मती पार्वती गुप्ता के सुपुत्र हैं अयोध किशोर गुप्ता वर्तमान में शा उ मा विद्यालय बंदरचुवा जिला जशपुर में व्याख्याता के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विदित हो कि श्री गुप्ता को पूर्व में भी उनके उत्कृष्ट सेवा, सामुदायिक जागरूकता, बच्चों के प्रति समर्पण आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की विशेष मदद एवं अन्य कार्यों के लिए राष्ट्रपति रजत पदक, मुख्यमंत्री शिक्षा अलंकरण, राज्यपाल अवॉर्ड, एवं जिला, ब्लाक स्तर पर अनेक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है,। श्री गुप्ता ने इस सम्मान को विद्यालय के बच्चों को समर्पित किया है,।उन्होंने इसका श्रेय माता पिता, परिवार, बड़ों का आशीर्वाद, मित्रों का स्नेह एवं अधिकारियों के मार्गदर्शन को दिया है। 

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राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, खेलों के लिए बुनियादी ढांचा होगा सुदृढ़....धमतरी और कुरूद को मल्टीपर्पज इंडोर स्पोर्ट्स की सौगात


रायपुर, 26 अगस्त 2025/- छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर खेल सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है। इसी कड़ी में धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार कई महत्त्वपूर्ण पहल कर रही है। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह पहल न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को ऊँचा करती है बल्कि आने वाली नई पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरित करती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की उपलब्धता, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता और पारंपरिक खेलों के आयोजन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले के धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल के प्रोजेक्ट के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां खिलाड़ियों के लिए विभिन्न इनडोर खेलों की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज, लूडो एवं साँप-सीढ़ी, डार्ट बोर्ड, स्नूकर, तीरंदाजी, योग कक्ष, स्क्वॉश, बास्केटबॉल,  पिकलबॉल प्रमुख हैं। सबसे अहम यह है कि इन खेलों के लिए आवश्यक उपकरण और संरचनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी।
इतना ही नहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में न केवल खेल सुविधाएं बल्कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों के आराम और तैयारी के लिए प्लेयर रूम, दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए सुव्यवस्थित स्पोर्ट्स हॉल वेटिंग एरिया, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए फर्स्ट एड रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय शामिल हैं। इन प्रावधानों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
धमतरी और कुरूद के आसपास के क्षेत्रों में अनेक युवा खेलों में सक्रिय हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण वे अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुँचा पाते। इन इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्सों के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे।

धमतरी और कुरूद के मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। आने वाले समय में धमतरी और कुरूद के खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

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सुशासन एक्सप्रेस रथ पहुंच रही घर-घर : विष्णु के सुशासन में ग्रामीणों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण

रायपुर, 26 अगस्त 2025/ रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है। 

ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा

ग्राम पंचायत संकरी के युवा श्री उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई  जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले श्री राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था। 

67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण

सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 

गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप

किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है।

प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया।

प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है। 

नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव
 
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

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कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर में शिक्षक सम्मान समारोह 2025 : छत्तीसगढ़ के लब्धवान शिक्षकों का गौरवपूर्ण अलंकरण

टुमनू गोसाई : संघर्ष, सेवा और सफलता की जीवंत कहानी

भारत की संस्कृति में शिक्षक का स्थान सदा से सर्वोच्च रहा है। “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥” – यह दोहा हमारे समाज में शिक्षक की गरिमा और महत्व का जीवंत प्रतीक है।
आज जब शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन बनती जा रही है, तब ऐसे शिक्षक जो नवाचार, संस्कार और समाजोत्थान के लिए समर्पित रहते हैं, वे वास्तव में भविष्य के निर्माता हैं। इन्हीं शिक्षकों को पहचान और सम्मान दिलाने के उद्देश्य से कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर ने वर्ष 2025 में एक ऐतिहासिक राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया।
इस समारोह में राज्यपाल पुरस्कार 2024 से अलंकृत प्रदेशभर के 40 से अधिक शिक्षकों का सम्मान हुआ। इनमें विभिन्न जिलों से आए शिक्षक अपने अनुभव, उपलब्धियाँ और प्रेरणा लेकर इस मंच पर पहुँचे।
सबसे खास बात यह रही कि जशपुर जिले से सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, श्री टूमनु गोसाई की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष आयाम दिया। उन्होंने न केवल अपने जिले का प्रतिनिधित्व किया बल्कि शिक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण और विचारों से सभी को प्रेरित भी किया
बहुत कम समय में यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्रों में शुमार हो चुका है।
यहाँ न केवल डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रम चलाए जाते हैं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक दायित्व को भी प्राथमिकता दी जाती है।
विश्वविद्यालय का विज़न स्पष्ट है – “शिक्षा को केवल ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का साधन बनाना।”
यही कारण है कि विश्वविद्यालय ने राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षकों को सम्मानित करने का बीड़ा उठाया। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि शिक्षा और समाज को जोड़ने वाला एक पुल था।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन से हुआ।
इस अवसर पर डॉ. संदीप गांधी (कुलसचिव, कलिंगा विश्वविद्यालय),

आर्यवीर आर्य (गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक एवं महासचिव),

तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया।


दीप प्रज्वलन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का प्रकाश ही समाज को अज्ञान के अंधकार से मुक्त कर सकता है।

कलिंगा विश्वविद्यालय की विकास यात्रा – प्रेरणादायी प्रस्तुति

मुख्य अतिथि के करकमलों से कलिंगा विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा का वीडियो-प्रदर्शन हुआ।

इसमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ, सामाजिक योगदान और खेलों में बढ़ता योगदान विस्तार से दिखाया गया।

गाँव गोद लेने की परंपरा, छात्रवृत्ति योजनाएँ और खेल मैदानों का विकास – यह सब देखकर उपस्थित शिक्षक बहुत प्रभावित हुए।

राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान – एक स्वर्णिम क्षण

इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहा राज्यपाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित शिक्षकों का अलंकरण।

40 से अधिक शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, शॉल, डायरी, पेन और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का नहीं बल्कि पूरे जिले, समाज और शिक्षा परिवार का सम्मान था।


किन-किन शिक्षकों का हुआ सम्मान?

बालोद, गरियाबंद, बेमेतरा, धमतरी, बीजापुर, बस्तर, पेंड्रा मरवाही, दंतेवाड़ा, रायगढ़, कोरिया, नारायणपुर, कोरबा, खैरागढ़, मोहला-मानपुर, सुकमा, राजनांदगांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, सूरजपुर, जशपुर आदि जिलों के शिक्षकों को मंच पर सम्मान मिला।

इनमें –

धर्मेंद्र कुमार श्रवण (बालोद)

हिम कल्याणी सिन्हा (बेमेतरा)

रीता गिरी (दंतेवाड़ा)

मनीषा त्रिपाठी (रायगढ़)

अयोध किशोर गुप्ता (जशपुर)

टूमनु गोसाई (जशपुर)
जैसे शिक्षक शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा की नई मिसालें कायम की हैं।

जशपुर से प्रतिनिधित्व : श्री टूमनु गोसाई का दृष्टिकोण

जशपुर जिला, छत्तीसगढ़ का शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान रखता है।

यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ कठिन हैं – पहाड़ी अंचल, दूरस्थ गाँव, सीमित संसाधन।

फिर भी यहाँ के शिक्षक शिक्षा को “समाज परिवर्तन का हथियार” मानकर निरंतर कार्य कर रहे हैं।


श्री टूमनु गोसाई, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जशपुर –

लंबे समय से शिक्षा प्रशासन और शिक्षण-प्रक्रिया में नवाचार लाने के लिए जाने जाते हैं।
उनका यह विश्वास है कि “शिक्षा केवल प्रमाण पत्र देने का साधन नहीं बल्कि जीवन को संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया है।
कलिंगा विश्वविद्यालय जैसे बड़े मंच पर पहुँचकर उन्होंने जशपुर जिले की शिक्षा की तस्वीर और शिक्षक-समर्पण को सबके सामने रखा।
उनका कहना था –
> “इस सम्मान से हमें और अधिक जिम्मेदारी मिलती है कि हम बच्चों के जीवन को उज्ज्वल बनाएं, शिक्षा में नवाचार लाएं और समाज को प्रगति की ओर ले जाएं।”
मुख्य अतिथि आर्यवीर आर्य जी – शिक्षा और संवेदना का संगम
गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव आर्यवीर आर्य ने अपने कार्यों से यह साबित किया कि सम्मान का असली अर्थ सेवा है।
उन्होंने एक दिव्यांग शिक्षिका को नया व्हीलचेयर दिया।
एक दिव्यांग बच्ची की शिक्षा का संपूर्ण खर्च उठाने की घोषणा की।
साथ ही, गोल्फ जैसे खेल को “अमीरों का खेल” की छवि से निकालकर जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
उनकी संवेदनशीलता और उदारता ने सभी को गहराई तक प्रभावित किया।
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित शिक्षकों ने साझा किया कि –
कलिंगा विश्वविद्यालय का वातावरण अनुशासन, नवाचार और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है।
यहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं बल्कि खेल, संस्कृति और समाज सेवा से भी जुड़ी हुई है।
यह आयोजन केवल सम्मान नहीं बल्कि नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का संचार था।
टूमनु गोसाई का संदेश : शिक्षा ही समाज की असली क्रांति
कार्यक्रम के अंत में श्री टूमनु गोसाई ने कहा –
“शिक्षक का सम्मान वास्तव में समाज का सम्मान है।
आज जब शिक्षा चुनौतियों से जूझ रही है, तब हमें मिलकर इसे एक आंदोलन बनाना होगा।
मेरा सपना है कि जशपुर का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए और जीवन में आत्मनिर्भर बने।
उनके इस संदेश ने जशपुर से आए शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रेरणा का काम किया।

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मुख्यमंत्री का जापान दौरा :ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित

रायपुर, 26 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सुगम प्रक्रिया और प्रत्येक स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड की प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा राज्य को उच्च-तकनीकी उत्पादन का नया केंद्र बनाएगी और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ये निवेश परियोजनाएँ आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उद्योग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समृद्धि, युवाओं का भविष्य और निवेशकों का विश्वास है, और इसी संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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