ताजा खबरें


बड़ी खबर

कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर स्वामी आत्मानंद और आईसीटी लैब युक्त स्कूलों में एआई शिक्षण कार्यशाला का जशपुर से हुआ शुभारंभ

जशपुर 02 सितम्बर 2025 :

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के स्वामी आत्मानंद और आईसीटी लैब युक्त विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर नगर में सोमवार को हुआ। 

शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम से 1000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। 

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जशपुर नगर के प्राचार्य विनोद गुप्ता  ने अपने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग आज के तकनीकी युग की मांग है। विद्यार्थियों को भी सीखने की नई तकनीकों को जानना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले के कलेक्टर रोहित व्यास के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा विद्यार्थियों तक पहुंचाना प्राथमिकता क्रम में हैं और वे  चाहते हैं कि जशपुर के विद्यार्थियों को भी विज्ञान, प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीकों के पर्याप्त एक्स्पोज़र मिले ‌।

     यह कार्यशाला नवगुरुकुल और जशपुर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर से पुणे से प्रशिक्षक ऋतुजा पाटिल और ग्वालियर से शिवानी गोरखिया आई हुई हैं। ट्रेनर्स ने पहले दिन विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणा, कार्यप्रणाली के साथ बताया कि एआई क्या है और किस प्रकार कार्य करता है। कार्यशाला में एआई टूल्स के सैद्धांतिक और प्रयोगिक सत्र शामिल रहे । प्रशिक्षकों ने बताया कि एआई भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और यह तकनीक हेल्थकेयर, बैंकिंग तथा शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से उपयोगी हो रही है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को यह भी सिखाया गया कि एआई टूल्स के लिए प्रॉम्प्ट कैसे देने है। प्रॉम्प्ट में अंतर भी बताएं और उदाहरणों के साथ इसे समझाया।

कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न कराया जाएगा। प्रथम चरण का आयोजन सितंबर माह में तथा द्वितीय चरण नवंबर माह में होगा। विद्यालय के लैब में उपलब्ध कंप्यूटर की संख्या के आधार पर विद्यार्थियों को 45-45 के बैच में लगातार तीन दिनों तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर से सुश्री नीलम चौधरी समन्वय कर रही है। कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय और सेजेस की कंप्यूटर शिक्षिका सचिना मिंज उपस्थित रही।

और भी

“पापा, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल...स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के पहल से रायपुर में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज का इलाज

रायपुर, 02 सितंबर 2025/
बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?”
खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं।

घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।”

स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है।

अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।

और भी

जिले के सड़कों का होगा कायाकल्प,मुख्यमंत्री श्री साय ने खोला खजाना....बरसात क बाद शुरू होगा इन सड़कों का निर्माण  -पढ़ें पूरी खबर?

150 करोड़ से जिले के दो स्टेट हाईवे का होगा जीर्णोधार
 
जशपुरनगर 02 सितम्बर 2025 : जशपुर जिले की सड़कों को संवारने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार का खजाना खोल दिया है। सीएम के निर्देश पर जिले की दो महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे के पुर्ननिर्माण के लिए 149 करोड़ रूपये से अधिक की राशि स्वीकृत करते हुए बजट जारी कर दिया गया है। निर्माण एजेंसी ने इन सड़कों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरसात के बाद इन सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इन स्टेट हाईवे में 41 किलोमीटर लंबी तपकरा-लुड़ेग और 13 किलोमीटर लंबी कोतबा बागबहार स्टेट हाईवे शामिल है। परिवहन के लिहाज से ये दोनों स्टेट हाईवे जशपुर जिले के लिए अहम है। ये सड़के जशपुर जिले को पड़ोसी राज्य ओडिसा व झारखंड के साथ राजधानी रायपुर व न्यायधानी बिलासपुर से जोड़ती है। इस सड़क से हो कर रोजाना दर्जनों यात्री बस रायगढ,बिलासपुर,रायपुर,झारसुगड़ा सहित अन्य गंतव्य के लिए रवाना होती है। लगातार भारी वाहन चलने से इन सड़कों की स्थिति खराब हो गई थी। इनकी मरम्मत की मांग लगातार जिलेवासियों द्वारा की जा रही थी। जिलेवासियों को हो रही परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन दोनों स्टेट हाईवे की मरम्मत के लिए कार्रवाई शुरू करने का निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिया था। सीएम के निर्देश पर प्राक्कलन रिपोर्ट के आधार पर वित्त विभाग ने तपकरा से लुड़ेग के लिए 110.33 करोड़ और बागबहार से कोतबा के लिए 39.77 रूपये स्वीकृत करते हुए,राशि जारी कर चुकी है। बरसात के बाद इन दोनों सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। 

जिले में बिछ रहा है सड़कों का जाल 

जशपुर जिले में आवागमन को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सड़कों की मरम्मत के साथ नए सड़कों के निर्माण पर ध्यान केंद्रीत कर रहे हैं। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ भारतमाला सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। बीते दो साल में मुख्यमंत्री साय ने लंबे समय से अधूरे पड़े हुए दमेरा चराईडांड़ रोड,जशपुर सन्ना सड़क,चराईडांड़ बतौली सड़क,बंदरचुवां से फरसाबहार सड़क के निर्माण को पूरा कराया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़क निर्माण की गुणवत्ता निर्धारित मापदंड के अनुरूप रखने की सख्त हिदायत देते हुए,लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

और भी

प्रधानमंत्री एवं उनकी माँ पर विवादित टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो ने फूंका पुतला.....राहुलगांधी और तेजस्वी यादव के विरूद्व जमकर की नारेबाजी


जशपुरनगरः 01 सितम्बर 2025 :-  सोमवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने शहर के आदर्श बस स्टेण्ड में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का पुतला फूंक कर जम कर नारेबाजी की।  

भाजयुमो के जिलाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने बताया कि बीते दिनों बिहार के दरभंगा में आयोजित एक सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी मां पर कांग्रेसी और उसके समर्थक दलों के नेताओं द्वारा घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। यह टिप्पणी राहुल गांधी व उनके समर्थकों के घटिया सोच और स्तरहीन राजनीति का परिचायक है। उन्होनें कहा कि बिहार चुनाव में अपने व समर्थकों की हार सामने देख कर राहुल गांधी इन दिनों झूठ और इस तरह के आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने पर उतारू हो गए है। इसे बिहार सहित पूरे देश की जनता देख व सुन रही है। इसका जवाब बिहार की जनता विधानसभा चुनाव में ईव्हीएम का बटन दबा कर देगी,जिसका असर पूरे देश में होगा।

   शौर्य प्रताप ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को जनता के समक्ष अपनी बात रखने का अधिकार होता है। लेकिन इस दौरान मर्यादा की सीमा रेखा का ध्यान,भारत की स्वस्थ लोकतंत्र की परम्परा रही है। लेकिन चुनावी लाभ के चक्कर में राहुल गांधी और उनके साथी इस भारतीय परंपरा को भुल चुके हैं। इस दौरान जिला भाजपा मंत्री संतोष सिंह, राजकपूर भगत, विक्रांत सिंह, जनपद अध्यक्ष गंगा राम भगत, भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी,दीपू मिश्रा,राजा सोनी,सज्जू खान,राहुल गुप्ता, गोविंद भगत, अभिषेक गुप्ता, सतीष गोस्वामी,  विजय सहाय, आशुतोष राय, मानू सोनी सहित भाजयुमों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

और भी

विद्यार्थी विज्ञान मंथन की जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न......विजेता छात्रों को इसरो,डीआरडीओ जैसे संस्थाओं में शिविर करने का मिलेगा अवसर 

जशपुर 01 सितम्बर 2025 : विद्यार्थी विज्ञान मंथन की जिला स्तरीय कार्यशाला स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय जशपुर में संपन्न हुई इसमें सभी विकासखंडों के विज्ञान के शिक्षक शामिल हुए। इस कार्यशाला में विद्यार्थी विज्ञान मंथन के द्वारा आयोजित की जाने विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा में अधिक से अधिक छात्रों के नाम रजिस्टर किए जाने को लेकर योजना बनाई गई। विज्ञान भारती के प्रदेश सचिव वर प्रसाद  एवं विद्यार्थी विज्ञान मंथन के प्रदेश संयोजक गौरव वर्मा ने प्रोजेक्टर की मदद से सभी शिक्षकों को परीक्षा में रजिस्टर करने की पद्धति के बारे में जानकारी दी तथा यह आह्वान किया कि जिले के अधिक से अधिक छात्र इस परीक्षा में भाग लें जिससे उन्हें कई प्रकार के लाभ जैसे प्रमाण पत्र, कैश प्राइज, छात्रवृति इत्यादि प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त जो छात्र राष्ट्रीय स्तर पर विजेता होंगे उन्हें इसरो , डीआरडीओ जैसे संस्थाओं में शिविर करने का अवसर भी मिलेगा। सभी शासकीय तथा निजी विद्यालय के छात्र विद्यार्थी विज्ञान मंथन के वेबसाइट vvm .org.in पर जाकर परीक्षा से जुड़ सकते हैं।

    उल्लेखनीय है कि विद्यार्थी विज्ञान मंथन एक राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाली संस्था है जो इसरो, डीआरडीओ, CBSE, NCERT के साथ मिलकर विज्ञान प्रतिभा खोज के लिए प्रयास रत है। रजिस्टर करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। जिला प्रशासन ने भी सभी विद्यालयों के छठवीं से ग्यारहवीं तक के छात्रों से परीक्षा में भाग लेने की अपील की है। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के डी एम सी नरेंद्र सिन्हा, विनय सिन्हा, विज्ञान मंथन  के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर् विवेक पाठक , संजय दास एवं बड़ी संख्या विज्ञान विषय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

और भी

अघोरेश्वर जयंती के उपलक्ष्य में ब्रम्हनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम में परम पूज्य बाबा अवधूत भगवान राम जी की 89 जयंती पर छात्रों को लेखन सामग्री किया गया वितरण 


जशपुर 01 सितम्बर 2025 : ब्रम्हनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम के पुनीत प्रागंण में परम पूज्य बाबा अवधूत भगवान राम जी की 89 जयंती श्रद्धापूूर्वक एवं हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया।  सर्वप्रथम महाविभूति स्थल में श्रद्धेय धन्नजय राम  द्वारा विधिवत पूजन उपरांत विशेष आरती की गयी आरती पश्चात सफल योनि का पाठ किया गया तथा मंदिर में हवन सम्पन्न किया गया। पूर्वान्ह  आश्रम परिसर में लगभग 280 छात्रों को लेखन सामग्री -कापी,कम्पास बाक्स, बालपेन, पेंसिल आदि का वितरण किया गया।

      इस कड़ी में सर्वप्रथम श्रद्धेय धन्नजय राम जी द्वारा किया गया उसके पश्चात तुरबान सिंह , बिजेन्द्र सिंह ,शौर्यप्रताप सिंह जूदेव,जिला पंचायत उपाध्यक्ष, विनीत सिंह के अलावे अन्य उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा  छात्रों को लेखन सामग्री वितरण करते हुए मन लगाकर पढ़ने एवं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा दी गयी, छा़त्रों उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए हर हर महादेव की जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस कार्यक्रम में आश्रमवासी  अलावे अन्य राज्यो से आये श्रद्धालु उपस्थित थे।

और भी

शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने कलेक्टर के निर्देश पर  विकासखण्ड शिक्षा कार्यालयों का अधिकारियों ने किया आकस्मिक निरीक्षण

जशपुर, 01 सितंबर 2025/ जिले में शिक्षा विभाग के क्रियाकलापों को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार विभाग के कार्यालयों एवं स्कूलों की आकस्मिक निरीक्षण अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। जिसके तहत सोमवार को सभी विकासखंडों के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिसमें एसडीएम नंदजी पाण्डेय के द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कुनकुरी का औचक निरीक्षण किया गया। वहीं एसडीएम बगीचा प्रदीप राठिया ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बगीचा का निरीक्षण किया गया। कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव का एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन एवं नायब तहसीलदार भीष्म पटेल ने निरीक्षण किया। कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार का औचक निरीक्षण एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह एवं नायब तहसीलदार सुशील सेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसडीएम फरसाबहार ने पाठ्यक्रम आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में शामिल होकर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
         इसी प्रकार विकासखंड शिक्षा अधिकारी  कार्यालय मनोरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार ओंकार बघेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुलदुला का निरीक्षण नायब तहसीलदार राहुल कौशिक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जशपुर का निरीक्षण तहसीलदार जयश्री राजमनपथे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कांसाबेल का निरीक्षण नायब तहसीलदार आस्था चंद्राकर द्वारा किया गया। औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यालय में सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थित होने, कार्यालय में स्वच्छ्ता रखने, फाइलों का व्यवस्थित संधारण करने, कार्यालय को व्यवस्थित करने आदि के निर्देश दिए गए। आकस्मिक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु कलेक्टर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण कर अधिकारियों को तत्काल प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के दिये निर्देश

रायपुर, 01 सितम्बर 2025/

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता तथा तत्परता आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके पुनर्वास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राशन, बर्तन और कपड़े जैसे आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार मकान की मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए सहायता राशि समय पर देने के निर्देश दिए। श्री साय ने कलेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से हुई फसल क्षति, पशुधन हानि सहित अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समय पर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

*मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया*

मुख्यमंत्री श्री साय ने यहाँ लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।

श्री साय ने बाढ़ प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच, बीमारों के उपचार और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के बारे में मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावितों को शिविर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के बाद संभावित उल्टी-दस्त तथा अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों पर निरंतर निगरानी रखने और बचाव हेतु पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमजन को पीने के शुद्ध पानी का उपयोग करने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

और भी

प्रशासन की तत्परता: बाढ़ प्रभावितों को मिला राशन....बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा भी उपलब्ध:मकान ढहने पर सहायता राशि भी प्रदान की गई

रायपुर : 01 सितम्बर 2025/

दंतेवाड़ा में हाल ही में आई बाढ़ से निपटने और प्रभावितों को आवश्यक मदद पहुँचाने में प्रशासन तत्पर रहा। अपने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।

आज मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा समय पर बचाव एवं राहत पहुँचाने के लिए आभार व्यक्त किया। मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से सभी प्रभावित परिवार सुरक्षित और सकुशल हैं। राहत शिविर में रहने, भोजन और इलाज जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे एवं लता सागर ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि राहत शिविर में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है और अब राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा भी दिया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है और अब घर बनने तक वे यहाँ राहत शिविर में रहेंगे। प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ आने के साथ ही प्रशासन की अपील पर सभी लोग सुरक्षित ऊँचे स्थान पर चले गए थे। फिर बाढ़ का पानी उतरने के बाद उन्हें चूड़ी टिकरापारा के छात्रावास भवन में राहत शिविर में ठहराया गया।

इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग, बबीता नाग सहित अन्य प्रभावितों ने भी प्रशासन के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया।

*मुख्यमंत्री के समक्ष भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी के घर पहुँचे तो श्रीमती सोमड़ी सोढ़ी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पूरा घर डूब गया था। बाढ़ आने के एक दिन पहले वह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी साथ में थीं, इस कारण उनकी जान बच गई। अस्पताल से ठीक होकर शुक्रवार को वह घर लौटीं।

सोमड़ी ने बताया कि बाढ़ के पानी में घर का पूरा सामान खराब हो गया है। इस बीच प्रशासन ने राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा उपलब्ध कराया है। साथ ही राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में सरकार की सहायता के लिए श्रीमती सोमड़ी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।

इसी तरह दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा के बाढ़ प्रभावित सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ आने के दिन पूरा परिवार घर में ही था। प्रशासन की सूचना पर वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले गए और एक दिन बाद राहत शिविर पहुँचे। पिछले शुक्रवार को वे शिविर से घर लौटे हैं।

सुरेश ने बताया कि प्रशासन द्वारा राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा, कंबल-चादर और कपड़े जैसे सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।

और भी

बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब.....मुख्यमंत्री की पहल पर पूनम को मिली पुस्तकें और नया टेबलेट

रायपुर : 01 सितम्बर 2025/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बाढ़ से प्रभावित दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की प्रशासनिक अधिकारी बनने की तैयारी आगे भी निर्बाध जारी रहेगी। पूनम पटेल, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में रहकर पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में आई बाढ़ से प्रभावित होने के कारण पूनम का पूरा परिवार राहत शिविर में है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूनम से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पूनम को आवश्यक पुस्तकें और एक नया टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। अब पूनम की यूपीएससी तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली पूनम पटेल पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और घर का सारा सामान बह गया। पूनम ने बताया कि बाढ़ के पानी में उनकी सभी पुस्तकें बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया। पूनम ने कहा कि उनके पिता श्री संतोष पटेल किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्हीं की आमदनी से बड़ी मुश्किल से एक-एक पैसा जोड़कर यूपीएससी की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था। बाढ़ के पानी में पुस्तकें और टेबलेट खराब हो जाने से पूनम आगे की तैयारी को लेकर बेहद चिंतित थीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पूनम को नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस सहायता से पूनम को बड़ी राहत मिली है। अब पूनम के प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह में बाढ़ भी बाधा नहीं डाल पाएगी।

और भी

दंतेवाड़ा सहित सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के उच्चाधिकारियों की बैठक:स्थिति सामान्य होने तक अधिकारियों को मुस्तैद रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

रायपुर : 01 सितम्बर 2025/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में बाढ़, आपदा एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में दंतेवाड़ा के अलावा बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विगत 26 एवं 27 अगस्त को हुई अतिवृष्टि से हुई हानि तथा प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत कार्यों की जानकारी बैठक के माध्यम से ली। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासनिक अमलों द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों से हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक तत्परता एवं त्वरित कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते माह आई इस प्राकृतिक आपदा और विभीषिका से जो जन-धन एवं अधोसंरचना की क्षति हुई है, वह अपूरणीय है। यह संतोष की बात है कि जिला प्रशासन द्वारा फौरी तौर पर बचाव एवं राहत कार्य के लिए कदम उठाए गए। साथ ही शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन दान स्वरूप दिया, जो अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ आपदा से चारों जिलों में 115 करोड़ रुपये की विभिन्न अधोसंरचनाओं को क्षति हुई है। इनकी मरम्मत के लिए राज्य शासन द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गैर-शासकीय एवं स्वैच्छिक संगठनों के कार्यों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारों जिलों में स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं स्वास्थ्य शिविर आवश्यकतानुसार जारी रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन निरंतर प्रभावितों के संपर्क में रहे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सतत जारी रखे। इसके लिए लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जाए तथा उन्हें समसामयिक सलाह देते हुए आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को राहत राशि अविलंब जारी करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित न होने पाए। इसके लिए कार्यपालन अभियंता तत्काल प्रस्ताव केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित करें। साथ ही केशकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधार कार्य हेतु तात्कालिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने पशु-हानि पर दी जाने वाली मुआवजे की राशि के लिए नए निर्देशों के अनुसार आवंटन देने हेतु कलेक्टरों को निर्देशित किया। स्वास्थ्य विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन क्षेत्रों में मलेरिया, टाइफाइड एवं जलजनित रोग पनपने न पाएं। उन्होंने पेयजल के सभी स्रोतों में क्लोरीनेशन कराने और उसका परीक्षण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इससे पहले दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टरों ने निर्धारित एजेंडा अनुसार बाढ़ से हुई क्षति और जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत कार्यों की क्रमवार जानकारी दी। बैठक में अतिवृष्टि से प्रभावित ग्रामों, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों, बाधित विद्युत आपूर्ति एवं मोबाइल नेटवर्क की स्थिति प्रस्तुत की गई। साथ ही जन-धन हानि, बाढ़ में बह गए घरों एवं मवेशियों के बारे में संख्यात्मक एवं तथ्यात्मक आंकड़े पीपीटी के माध्यम से साझा किए गए।

इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य, प्रभावितों का रेस्क्यू कर उन्हें राहत कैंपों में ठहराना, तात्कालिक उपचार उपलब्ध कराना और खाद्य सामग्री वितरित करने की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि सर्वाधिक क्षति नदी-नालों के किनारे स्थित ग्रामों के निवासियों को हुई है, परंतु समय पर प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराई गई।

बैठक में बस्तर संभाग के संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी, दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, सुकमा कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत बस्तर के सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित एसपी एवं जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।

और भी

मुख्यमंत्री की पहल राज्य में यूरिया और अन्य रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, किसानों की मांग पर केंद्र सरकार ने स्वीकृत किया अतिरिक्त आबंटन

रायपुर, 01 सितम्बर 2025/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर किसानों के हित में एक बड़ी राहत मिल रही है। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में 20 हजार टन, द्वितीय सप्ताह में 35 हजार टन और शेष 5 हजार टन की आपूर्ति माह के अंत तक सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार संवेदनशील है और यह अतिरिक्त आबंटन उनकी खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में सहायक होगा।

मार्कफेड अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 28 अगस्त की स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इसके विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन वितरण से अधिक है, जो इस बार की बेहतर आपूर्ति व्यवस्था का प्रमाण है।

प्रदेश में किसानों के लिए नैनो खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 और निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140, इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया का भंडारण हुआ है। इसी प्रकार सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 और निजी क्षेत्र में 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित किया गया है। अब तक किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया और 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी वितरित किया जा चुका है।

प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने 14.62 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के आधार पर किसानों को अब तक 13.19 लाख टन खाद वितरित किया गया है। यह व्यवस्था बताती है कि समितियों और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की आपूर्ति उनकी समयबद्ध जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता से की जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत यूरिया किसानों तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मौसम और फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और उनकी उपज सुरक्षित रहेगी।

इस संबंध में गत दिनों कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने भी केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया गया और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 60 हजार टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद का वितरण सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। किसान समितियों में आसानी से खाद उपलब्ध करा पा रहे हैं और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के बजाय और मजबूती पा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय पर यूरिया और अन्य खाद उपलब्ध होने से बुवाई और फसल प्रबंधन का काम सुचारू रूप से हो रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खरीफ सीजन में किसानों को समुचित राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण.....बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने उनके बीच पहुँचे,अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

रायपुर, 01 सितम्बर 2025/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा वार्ड में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट में जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति, पुनर्वास योजनाओं और प्रभावित परिवारों को दी जा रही तत्कालिक सहायता की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में प्रशासनिक टीमों की निरंतर पहुँच बनी रहे और हर जरूरतमंद तक राहत सामग्री समय पर पहुँचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, राजस्व सचिव और आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, संभागायुक्त श्री डोमन सिंह सहित  जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने  अस्पतालों का लगातार किया जा रहा है निरीक्षण.....अव्यवस्था पाए जाने पर हो रही है सख्त कार्यवाही, आठ चिकित्सकों को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस

  जशपुरनगर, 01 सितंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ और जनोन्मुखी बनाने हेतु व्यापक अभियान के अंतर्गत लगातार स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और अव्यवस्था पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
    इसी क्रम में राजस्व विभाग के अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी एस जात्रा द्वारा रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसरई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तमता,  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैनी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्ना का अकस्मात निरीक्षण किया गया। उन्होंने इन स्वास्थ्य केंद्रों में जनसुविधा हेतु सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, दवाइयों का स्टॉक, स्वच्छता व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति, प्रसव कक्ष और लैब की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया और उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने को कहा। इसके साथ अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। 
       इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसरई के निरीक्षण के दौरान अपने  कार्यक्षेत्र में अनुपस्थित होने की वजह से चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी पैंकरा को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार के बीएमओ डॉ. विनय भगत को स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तमता के चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण किण्डो को कार्यक्षेत्र में अनुपस्थित रहने की वजह से कारण बताओ नोटिस और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैनी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. छाया लकड़ा और डॉ. अदिति मोना टोप्पो को स्वास्थ्य केंद्र बंद पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्ना के होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्यामवती भगत, चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीतीश आनंद सोनवानी और डॉ. कृष्णा गुप्ता को अपने कार्यक्षेत्र में अनुपस्थित रहने की वजह से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

और भी

लड़कियों की चलते राह पर करता था छेड़छाड़, मनचले की आई सामत....पुलिस ने सिखाया सबक,एक आरोपी को भेजा जेल ,दूसरा फरार शीघ्र जल्द करेगी पुलिस गिरप्तार  

जशपुर 01 सितम्बर 2025 :  थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत एक पीड़ित प्रार्थिया ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया था,कि दिनांक 31.08.25 की शाम 06.00 बजे, वह अपनी बहन व सहेलियों के साथ पत्थलगांव  स्थित,कॉफी हाउस जा रही थी, इसी दौरान अंबिकापुर रोड में आरोपी हेमंत यादव अपने एक साथी के साथ मोटर साइकल से , उनका पीछा करते हुए आया व शर्मा मेडिकल स्टोर के पास अंबिकापुर रोड में, उनके ऊपर गंदे गंदे कॉमेंट्स तथा अश्लील इशारे करने लगा, व प्रार्थिया की बहन के कंधे पर हाथ मारकर आगे निकल गया,कुछ दूर जाकर आरोपी हेमंत यादव व उसका साथी  वापस आए व लड़कियों के आगे मोटर साइकल को रोक दी, फिर आरोपियों के द्वारा प्रार्थिया का हाथ पकड़कर कर छेड़ छाड़ किया जाने लगा तथा उनसे  मोबाइल नंबर मांगने लगे, जिससे कि डरकर प्रार्थिया चिल्लाने लगी, तब आरोपियों के द्वारा प्रार्थिया के हाथ को छोड़ दिया गया और वे मोटर साइकल से भाग गए। आरोपी हेमंत यादव कई दिनों से उनका पीछा करते हुए , अश्लील इशारा कर उन्हें छेड़ते रहता है।
   मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए , पीड़ित प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में छेड़छाड़ के लिए बी एन एस की धारा 74 78 व 79 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
      चूंकि मामला महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित होने से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा तत्काल आरोपियों की धर पकड़ हेतु थाना पत्थलगांव पुलिस  को निर्देशित किया गया, जिस पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रकरण के दोनों आरोपियों को पकड़ने हेतु लगातार,  उनके निवास स्थान सहित अन्य, सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी, पुलिस के द्वारा कार्यवाही करते हुए आरोपी हेमंत उर्फ हर्षित यादव को हिरासत में ले लिया गया, दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने चिन्हित कर लिया है, जो कि फरार है, पुलिस के द्वारा उसकी पता साजी की जा रही है, जिसे भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
 पुलिस की पूछताछ पर आरोपी हेमंत उर्फ हर्षित यादव, उम्र 22 वर्ष निवासी महुआ टोली, थाना पत्थलगांव , के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
     मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, उप निरीक्षक अर्जुन यादव, व आरक्षक राजेंद्र रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
     मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराध को लेकर अत्यंत संवेदनशील है, पत्थलगांव क्षेत्र में लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकार की हरकत करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा।

और भी

ऑपरेशन मुस्कान:  जशपुर पुलिस ने दो बच्चियों को ढूंढ,परिवारों के चेहरे पर लौटाई खुशियां....कुनकुरी मामले में शादी का झांसा दे कर नाबालिक का किया था शारीरिक शोषण....गिरप्तार कर भेजा गया जेंल


 जशपुर : 01 सितम्बर 2025 :- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व व दिशानिर्देश में जशपुर पुलिस गुम  बच्चियों को ढूंढने हेतु ऑपरेशन मुस्कान चला रही है, जिसके तहत  पुलिस लगातार गुम बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर ढूंढ रही है। इसी क्रम में थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत मामले में एक नाबालिक   बालिका को सूचना के चंद घंटों में ही अंबिकापुर से ढूंढ, सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है वहीं थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत मामले में भी एक  नाबालिक बालिका को ढूंढ परिजनों को सौंपा गया है।
          थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 30.08.25 को थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम की प्रार्थिया ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया,कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिक बेटी, दिनांक 28.08.25 की शाम को घर में बिना बताए कहीं चली गई है,। प्रार्थिया व उनके परिजनों के द्वारा आस पड़ोस, रिश्तेदारों, इत्यादि में पता साजी की गई, कहीं पता नहीं चला।
     रिपोर्ट पर थाना बगीचा में गुम इंसान व बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर, मामले के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, पता साजी में लिया गया था।
   चूंकि मामला एक  नाबालिक  बालिका के गुम होने से संबंधित था, अतः मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा गुम बालिका की पता साजी हेतु थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक संतलाल आयाम  के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, पुलिस टीम के जब द्वारा गुम  बच्ची की पता साजी की जा रही थी, तब पुलिस के टेक्निकल टीम के मदद से पता चला कि, बालिका अंबिकापुर के गंगानगर क्षेत्र में है, जिस पर पुलिस  की टीम तत्काल अंबिकापुर रवाना हो कर टेक्निकल टीम के सहयोग से गंगानगर क्षेत्र से नाबालिक को सकुशल दस्तयाब कर वापस लाई।
       पूछताछ पर गुम बालिका ने  बताया कि वह काम की तलाश में  घर में बिना बताए, अंबिकापुर आ गई थी,। पुलिस के द्वारा नाबालिक बालिका को  सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है।

      मामले की कार्यवाही व तीनों बच्चियों की सकुशल बरामदगी में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक संतलाल आयाम, सहायक उप निरीक्षक बैजन्ती किंडो, आरक्षक मुकेश पांडे व रमेश गृही की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत मामले में कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थी ने दिनांक 29.08.25 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिक बेटी दिनांक 28.08.25 की शाम को गणेश पूजा आरती, के लिए जा रही हूं कहकर, घर से निकली थी, परंतु वापस नहीं आई, जिस पर परिजनों के द्वारा आस पड़ोस, रिश्तेदारों में पता साजी किया गया कहीं पता नहीं चला, उन्हें संदेह है कि उसकी नाबालिक बेटी को किसी व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर कर ले जाया गया है।
    रिपोर्ट पर थाना कुनकुरी में गुम इंसान व बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर, पुलिस के द्वारा नाबालिक बालिका की पातासाजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस के टेक्निकल टीम व परिजनों के सहयोग से पुलिस को पता चला कि उक्त गुम नाबालिक बालिका , थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत एक जंगल में आरोपी जगत पाल साय, उम्र 26 वर्ष के साथ है, जिस पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए, थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत एक जंगल के किनारे से, नाबालिक बालिका को आरोपी जगतपाल साय के कब्जे से बरामद किया गया, व आरोपी जगतपाल को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।
    पुलिस की पूछताछ पर गुम नाबालिक बालिका ने बताया कि, आरोपी जगतपाल साय के द्वारा, उससे प्यार करता हूं, शादी करूंगा कहकर, बहला फुसलाकर भगा कर ले जाया गया था। इस दौरान आरोपी जगतपाल के द्वारा उसका शारीरिक शोषण भी किया गया है। जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपी जगतपाल के विरुद्ध बी एन एस की धारा 62(2)(M),87 व पॉस्को एक्ट की धारा 4,6 जोड़ते हुए, आरोपी के अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
     मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक मनोज साहू, आरक्षक प्रदीप एक्का, व महिला आरक्षक रीना केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
     मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने  बताया कि पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए, थाना बगीचा व कुनकुरी क्षेत्र अंतर्गत मामले में दो बच्चियों को बरामद कर  परिजनों के सुपुर्द किया है, ऑपरेशन मुस्कान निरंतर जारी है।

और भी

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहल : ‘दीदी के गोठ‘ रेडियो कार्यक्रम का पूरे प्रदेश में हुआ प्रसारण

रायपुर, 31 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक नई और अभिनव पहल की है। ‘दीदी के गोठ‘ नामक विशेष रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त को दोपहर 12.15 बजे आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित राज्य के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ किया गया। इस कार्यक्रम को प्रदेशभर में उत्साहपूर्वक सुना गया। इस कार्यक्रम के माध्यम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की प्रेरणादायी शुभकामनाएँ और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा जिले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की दीदियों और पदाधिकारियों के साथ ‘दीदी के गोठ‘ का श्रवण किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस मंच पर साझा की जा रही सफलता की कहानियाँ अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।

विभागीय अधिकारियों ने भी विभिन्न जिलों में पहुँचकर सामूहिक श्रवण में भाग लिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने गरियाबंद, विशेष सचिव श्री धर्मेश साहू ने जांजगीर, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त मनरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी और पंचायत विभाग की संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया ने दुर्ग जिले में समूह सदस्यों के बीच बैठकर कार्यक्रम का श्रवण किया तथा महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित समुदाय प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान में भी संकुल स्तरीय प्रसारण हुआ, जहाँ बिहान मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन, संयुक्त मिशन संचालक श्री आर.के. झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘दीदी के गोठ‘ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ साझा की जा रही हैं, ताकि अन्य महिलाएँ भी स्वरोजगार और आत्मविश्वास की राह पर आगे बढ़ें। इस विशेष प्रसारण को प्रदेश के 33 जिलों, 146 विकासखंडों और 580 संकुल संगठनों में सामूहिक श्रवण के रूप में आयोजित किया गया। लाखों महिलाएँ इस कार्यक्रम से जुड़ीं और पूरे प्रदेश में ‘दीदी के गोठ‘ को लेकर उत्साह देखने को मिला। ‘दीदी के गोठ‘ न केवल एक रेडियो कार्यक्रम है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मबल और सफलता की कहानियों को सामने लाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त मंच भी है।

और भी

राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में सद्भावना क्रिकेट एवं तैराकी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन...... क्रिकेट में नागरिक 11 ने कलेक्ट्रेट 11 को दी 16 रनों से मात

 जशपुर, 31 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अंतर्गत जिले में तीन दिवसीय खेल महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में किया गया। जिसमें प्रथम दिवस हॉकी, द्वितीय दिवस शतरंज एवं ताइक्वांडो तथा तृतीय दिवस में क्रिकेट मैच एवं तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रविवार को रणजीता स्टेडियम में खेले गए सद्भावना क्रिकेट मैच में कलेक्ट्रेट 11 की ओर से जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, एसडीएम विश्वासराव मस्के एवं डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा समेत अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जहां पहले बैटिंग करते हुए नागरिक 11 ने 129 रनों का लक्ष्य दिया। जहां लक्ष्य पीछा करते हुए कलेक्ट्रेट 11 की टीम ने 113 रनों पर अपने सभी विकेट गवां दिए और नागरिक 11 ने 16 रनों से विजयी हुई।
       वहीं नगरपालिका तरण ताल में तैराकी विधा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें स्वामी आत्मानन्द हिंदी माध्यम विद्यालय के बच्चों ने भाग लिया। 100 मीटर तैराकी प्रतियोगिता, 200 मीटर बैक फ्लिप प्रतियोगिता, वाटरपोलो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने प्रतियोगिता का भरपूर आनंद लिया।

और भी