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मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में हुआ निर्णय....युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में बढ़ोत्तरी

युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 50 लाख की अनुग्रह राशि

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि

हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए न्यौछावर करते हैं अपना जीवन – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 16 सितंबर 2025/ युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया।

आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग श्री अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), श्री विक्रांत सिंह एवं श्री राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।

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आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के स्टेकहोल्डर वर्कशाप का आयोजन....आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए सहायक : श्री कटारिया

आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए सहायक, इससे उन्हें उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने मिलता है विकल्पः स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया

गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः श्री कटारिया

रायपुर, 16 सितंबर 2025/
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आज सोमवार को  न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में स्टेकहोल्डर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया की परिकल्पना एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला  के मागदर्शन में यह वर्कशॉप आयोजित की गई। 

योजनांतर्गत जनवरी 2025 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई थी कि छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम पाए गए हैं, और ऐसे अस्पतालों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। वर्कशॉप में अस्पतालों को जानकारी दी गई कि ट्रिगर क्लेम को कैसे कम किया जा सकता है। साथ ही उन्हे जानकारी दी गई कि भविष्य में भी क्लेम, ट्रिगर नहीं हों।

श्री अमित कटारिया द्वारा यह बताया गया कि आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए बहुत सहायक है। इस योजना से उन्हें अपने उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने का विकल्प मिला है। उन्होने बताया कि गलत क्लेम करने से एक दुविधा की शुरुआत हो जाती है। इससे योजना की छवि धूमिल होती है और जनता व अस्पताल का विश्वास डगमगाता है। इससे वास्तविक मरीज जिसे उपचार मिलना चाहिए, अक्सर वंचित रह जाता है। साथ ही अस्पतालों के सही भुगतान में देरी होती है और ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। और अंततः इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और वंचित परिवार को उठाना पड़ता है, जिनके लिए यह योजना जीवनरेखा है।
साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि योजना में अस्पतालों का सही पंजीयन किया जाये और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाये। शासकीय अस्पतालों द्वारा भी योजना में क्लेम करने के दौरान पूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करें जिससे अनावश्यक क्लेम निरस्त न हों। उन्होने आशा जाहिर की कि हमारा राज्य योजना के सकारात्मक मानकों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर आए।
       इस वर्कशॉप में पूरे दिन में विभिन्न बिन्दुओ जैसे, योजना की सामान्य जानकारी, आयुष्मान कार्ड कैसे बनाया जाता है, वय वंदना योजना में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाए जाएं,  सही तरीके से क्लेम कैसे किए जाएं, दस्तावेज़ कैसे सही तरीके से बनाए जाएं, लिपिकीय त्रुटि कम से कम हों, योजना में क्या करना चाहिए व क्या नहीं करना चाहिए, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अंतर्गत आभा आई.डी. का उपयोग एवं कम्प्लांएट सॉफ्टवेयर का उपयोग आदि पर जानकारी दी गई। वर्कशॉप में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा अपनी शंकाओं को रखा गया जिसका समाधान, वक्ताओं द्वारा किया गया है। 
      इस वर्कशॉप में डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़, श्री टी.एन. सिंह, राज्य सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, श्री मनीष कोचर, तकनीकी निदेशक, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, चेयरबोर्ड, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छ.ग., सुश्री पूजा शुक्ला मिश्रा, संयुक्त संचालक (वित्त), एवं डॉ धर्मेंद्र गहवई, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, राज्य नोडल एजेंसी, छ.ग., राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार से प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं अस्पताल सलाहकार एवं जिला रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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युक्तियुक्तकरण: दुर्ग जिले में युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही हुआ पूरा 366 शिक्षक पदांकित

रायपुर, 16 सितंबर 2025/  दुर्ग जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। काउंसलिंग के उपरांत 366 शिक्षकों को पदांकित किया गया है।  

जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में युक्ति युक्तिकरण और काउंसलिंग के बाद, कुल 631 अतिरिक्त शिक्षकों की पहचान की गई थी। जिनमें 86 व्याख्याता, 01 प्र.पा.पू.मा.शाला, 329 शिक्षक, 06 प्र.पा.प्राथ.शाला एवं 209 सहायक शिक्षक शामिल है। कुल 366 शिक्षक काउंसलिंग उपरांत जिले में पंदाकित किए जा चुके हैं। जिनमें 75 व्याख्याता, 01 प्र.पा.पू.मा.शाला, 75 शिक्षक, 06 प्र.पा.प्राथ.शाला एवं 209 सहायक शिक्षक शामिल है। जबकि 17 शिक्षकों ने पदभार ग्रहण नहीं किया। जिनमें 02 व्याख्याता, 06 शिक्षक, 02 प्र.पा.प्राथ.शाला एवं 07 सहायक शिक्षक शामिल है। पदभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है और अकार्य दिवस के संबंध में पत्र भी जारी किया गया है।

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ब्रेकिंग न्यूज : पत्थलगांव अस्पताल में नवजात बच्ची को इलाज के बहाने ले गई नर्स, फर्जी तरीके से कागज में साइन करा दे दिया एक दंपत्ति को गोद.....माता पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपिया नर्स सहित गोद लेने वाले दंपत्ति को किया गिरफ्तार

जशपुर : 15 सितम्बर 2025/  अस्पताल में जन्मे नवजात को नर्स ने फर्जी तरीके से कुछ कागजों में दस्तखत करा कर इलाज के बहाने एक दम्पति को गोद दे दिया। नवजात के माता पिता की शिकायत पर पुलिस ने नर्स सहित गोद लेने वाले दम्पति को गिरप्तार कर जेंल भेज दिया।

मामला इस प्रकार है कि दिनांक 13 सितम्बर को प्रार्थी सुखदेव नाग  उम्र 45 वर्ष, निवासी कोडेकेला घरजियाबथान थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया  था, कि उसकी पहली पत्नी से 04 बच्चियां हैं। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद लगभग डेढ़ वर्ष से दूसरी पत्नी दिलासो बाई उसके साथ रह रही है।जो कि गर्भवती थी, जिसे दिनांक 28 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर शासकीय अस्पताल पत्थलगांव लाया गया, जहाँ उसी दिन पुत्री का जन्म हुआ। दिनांक 30 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय, प्रार्थी अपना सामान लेने चट्टानपारा पत्थलगांव गया हुआ था। वापस आने पर उसकी पत्नी ने बताया कि नर्स अनुपमा टोप्पो बच्ची को टीका लगवाने ले गई है और बताया कि बच्ची की तबियत ज्यादा खराब है, उसे इलाज हेतु बाहर भेजना पड़ेगा।उसके बाद कुछ कागजों में दस्तखत कराए गए। वहाँ दो लोग कोरबा से आए थे जिन्होंने अपना नाम निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज बताया। उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास पैसा नहीं है, हम लोग इलाज कराकर कुछ दिन में बच्ची वापस कर देंगे। प्रार्थी एवं पत्नी ने विश्वास कर लिया।काफी दिन बीतने के बाद बच्ची नहीं मिलने पर प्रार्थी, नर्स अनुपमा टोप्पो के पास गया, जो कि बच्ची के बारे में पूछने पर हर बार टाल देती थी। बाद में पत्थलगांव के ही एक व्यक्ति से जानकारी मिली कि बच्ची को तो निशिकांत एवं सुमन वानी मिंज को गोद दे दिया गया है और उनका पता भी बताया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण प्रार्थी कोरबा नहीं जा पाया , प्रार्थी को संदेह है कि  नर्स अनुपमा टोप्पो ने उसकी नवजात बच्ची को निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज निवासी बलगी रोड लाटा थाना दर्री जिला कोरबा को दे दिया है।

 मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल रिपोर्ट पर आरोपियों के विरुद्ध थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक  J.J. ACT की धारा 80, 81 के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। 
      वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, एस डी ओ पी पत्थलगांव धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए,  घटना स्थल का निरीक्षण कर, आस पास गवाहों से पूछताछ किया गया, व आरोपी गणों निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज से संपर्क कर नवजात शिशु के गोद लेने के संबंध में वैध कानूनी दस्तावेजों की मांग करने पर उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज नहीं पेश किया जा सका।
        जिस पर पुलिस के द्वारा माता पिता को धोखे में रख कर नवजात बच्ची को , दूसरे दंपत्ति को दे देने तथा दंपत्ती के द्वारा बिना कानूनी प्रक्रिया के अवैध रूप से नवजात शिशु को अपने पास रखने के कारण आरोपिया नर्स अनुपमा टोप्पो व दंपत्ति निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर , न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।  पुलिस के द्वारा उनके कब्जे से नवजात शिशु को भी बरामद कर  चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा गया है ।
    मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी तथा नवजात शिशु के सकुशल बरामदगी में एस डी ओ पी पत्थलगांव धुर्वेश कुमार जायसवाल,थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, उप निरीक्षक संतोष तिवारी, प्रधान आरक्षक मिथलेश यादव तथा आरक्षक तुलसी रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि  पत्थलगांव के शासकीय हॉस्पिटल से नर्स के द्वारा ,माता पिता को धोखे में रख कर नवजात बच्ची को एक दंपत्ति को दे दिया गया था, नवजात बच्ची के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपिया नर्स तथा नवजात बच्ची को अपने पास रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, व नवजात शिशु को बरामद कर, चाइल्ड हेल्थ व वेलनेस सेंटर में रखा गया है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले को मिली बड़ी सौगात,6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को मिली स्वीकृति.....फिजियोथेरेपी कॉलेज छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा को देंगे नई उड़ान – मुख्यमंत्री श्री साय


रायपुर, 12 सितंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार नए आयाम जुड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण से न केवल युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे,  बल्कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन जिलों में नए फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे उनमें मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर शामिल हैं।  इन महाविद्यालयों के निर्माण के लिए सरकार ने कुल 83 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक महाविद्यालय के लिए लगभग 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए (करीब 14 करोड़) का बजट तय किया गया है। यह निवेश न केवल आधुनिक इमारतों और प्रयोगशालाओं के निर्माण पर खर्च होगा बल्कि छात्रों के लिए आवश्यक उपकरणों और अधोसंरचना पर भी किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश की युवाशक्ति के लिए नई राह खोलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य और हमारे युवाओं का भविष्य, दोनों हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आज जिन 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्वीकृति दी गई है, वे केवल संस्थान नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई इमारत की नींव हैं। इन महाविद्यालयों से प्रदेश के युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ बनकर न केवल छत्तीसगढ़ की सेवा करेंगे बल्कि पूरे देश में राज्य की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य शिक्षा के अवसर मिलेंगे और फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवा अब गांव-गांव तक पहुंच सकेगी। यह निर्णय प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ ही युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसरों का द्वार खोलेगा।

उल्लखेनीय है कि फिजियोथेरेपी वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इन नए महाविद्यालयों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे, जो आने वाले समय में समाज को बेहतर सेवाएं देंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। अब मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रदेश में पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों के साथ फिजियोथेरेपी कॉलेजों की यह नई श्रृंखला स्वास्थ्य शिक्षा की व्यापकता को और बढ़ाएगी। इससे छत्तीसगढ़ न केवल डॉक्टर और नर्स तैयार करेगा बल्कि विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराएगा। इस निर्णय से रोजगार के नए अवसर भी सामने आएंगे। इन महाविद्यालयों के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय स्तर पर अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा और स्नातक होने वाले विद्यार्थी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश की जरूरतें पूरी करेंगे।

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सेना में भर्ती हेतु स्कूली विद्यार्थियों के लिए जागरूकता अभियान : जशपुर और कांसाबेल में 1360 विद्यार्थी हुए शामिल.....भारतीय सेना‌‌ के अधिकारी रूबेश कुमार ने सेना में भर्ती प्रक्रिया की दी जानकारी ‌

जशपुर 15 सितम्बर 2025 :

शासन के निर्देश के अनुसार सेना में भर्ती हेतु स्कूली विद्यार्थियों के लिए जागरूकता अभियान का आयोजन 15 सितंबर को जिले में किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अग्नि वीर भर्ती के लिए प्रेरित और जागरूक किया गया । कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में  जशपुर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर ,मनोरा, दुलदुला और कुनकुरी विकासखंड के लगभग 750 विद्यार्थी और 50 शिक्षको को सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से आए भारतीय सेना के ऑफिसर रूबेश कुमार और हवलदार स्वर्ण सिंह के द्वारा अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर, डीएमसी नरेंद्र सिंन्हा और संकल्प प्राचार्य विनोद गुप्ता की उपस्थिति में कार्यक्रम सुबह 10 से 11.30 बजे तक चला।

कार्यक्रम में अग्निवीर के विभिन्न ट्रेड्स जीडी, टेक्निकल और ट्रेडमैन , महिला सेना, कार्यालय सहायक की शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड, रजिस्ट्रेशन, परीक्षा की प्रकृति सहित रिक्रूटमेंट प्रक्रिया के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई ‌ । साथ ही जूनियर कमीशन ऑफिसर जैसे कैटरिंग, शिक्षा, फार्मा, धर्मगुरु , नर्सिंग असिस्टेंट की भर्ती के विषय में भी बताया। स्कूली शिक्षा के दौरान स्पोर्ट्स , एनसीसी और स्काउट में विद्यार्थियों की सहभागिता से सेना की भर्ती में मिलने वाले बोनस अंक के विषय में भी बताया गया। 

जशपुर में कार्यक्रम के आयोजन के बाद मंगल भवन कांसाबेल में पत्थलगांव ,कासाबेल ,फरसाबहार और बगीचा विकासखंड के लगभग 610 विद्यार्थी और 40 शिक्षक के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कांसाबेल में आयोजित कार्यक्रम में सहायक संचालक श्रीमती सरोज खलखो, बीईओ दुर्गेश देवांगन, कल्पना टोप्पो , यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, एबीईओ  के कुंभकार एवं बीआरसी राजेंद्र चौहान उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने की सौजन्य भेंट

रायपुर, 15 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी  उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

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मुख्यमंत्री साय ने डुबान क्षेत्र में एम्बुलेंस और राष्ट्रीय बैंक शाखा शीघ्र खोलने का दिया आश्वासन.....11 मछुआ समितियों को पुनः मिला मछली पालन का हक

रायपुर, 15 सितंबर 2025/ गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।

इस अवसर पर धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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बाबा भगवान राम ट्रस्ट द्वारा आयोजित छह दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर सम्पन्न


 जशपुर :- अघोरपीठ वामदेव नगर गम्हरिया,जशपुर आश्रम  में विगत 08 सितम्बर2025 से 13 सितम्बर तक बाबा भगवान राम ट्रस्ट द्वारा आयोजित छह दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर सम्पन्न हुआ। इस शिविर में कुल 69 रोगियों की चिकित्सा की गयी। सभी मरीजो की चिकित्सा वैद्य चन्द्रगुप्त साहू (झारखण्ड) द्वारा की गयी।
शिविर का शुभआरंभ 8 सितम्बर को अपरान्हः ट्रस्ट के ट्रस्टी  कृष्ण कुमार (टप्पू जी)  द्वारा परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर विधिवत् पूजन आरती पश्चात नारियल फोड़कर किया गया। शिविर मुख्य रूप से लकवा, कमर दर्द,घुटनों का दर्द,साइटिका आदि दर्द से ग्रसित रोगियांे का ईलाज किया गया है। अभी पूर्व से पंजीकृत रोगियों की चिकित्सा की जा रही है।  
विदित हो अघोर पीठ गम्हरिया आश्रम के ठीक सामने बने इस अघोरेश्वर भगवान राम प्राकृतिक चिकित्सा परिसर को विगत 28 जुलाई 2025 को ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्य पाद गुरूपद संभव राम बाबा द्वारा उद्घाटन कर जनसेवा हेतु समर्पित किया । उक्त शिविर में भी 66 रम रोगियों को चिकित्सा  सुविधा प्रदान की गयी।  अभी प्रतिमाह ऐसे शिविर  आयोजित करने की ट्रस्ट की योजना है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर होगा पौधा रोपण,हर घर में दीप जलाने की अपील....

जशपुरनगर 15 सितम्बर 2025 : सत्रह सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय प्रातः 9 बजे बगिया के श्री फलेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पौधा रोपण करेंगी एवं सांय 6 बजे कुनकुरी के छठ घाट में द्वीप प्रज्वलन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर राष्ट्र प्रगति की कामना करेंगे।यहां आयोजित भव्य कार्यक्रम में घाट को दीपों से सजा कर रोशन किया जाएगा।कुनकुरी के नगरवासियों ने इस आयोजन की तैयारी उत्साहपूर्वक शुरू कर दी है। श्रीमती कौशल्या साय ने समस्त प्रदेश वासियों से अपील किया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को सभी लोग अपने घरों में पौधारोपण कर शाम को दीपक जला कर एकजुटता का संदेश दें और राष्ट्र प्रगति की कामना करें।उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी बीते 11 साल से लगातार देश के विकास के लिए पूरे समर्पण भाव से काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा मजबूत हुई है। देश का आर्थिक विकास एक नई उंचाई को छू रहा है। अंर्तराष्ट्रीय मंच में भारत की उपस्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है। बीते दो साल में नक्सल मुक्ति की ओर छत्तीसगढ़ ने तेजी से कदम बढ़ाया है।ऐसे में हम सब प्रदेश वासियों का दायित्व है कि हम जन्म दिवस के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एकजुटता का संदेश देकर उनका उत्साहवर्द्वन करे ताकि वे एक नई उर्जा के साथ देश और देशवासियों की सेवा कर सकें।

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जशपुर में हिंदी दिवस सुंदरता और गरिमा के साथ हुआ भव्य आयोजन

जशपुर 15 सितम्बर 2025 :  14 सितम्बर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डी.आई.ई.टी.), जशपुर में हिंदी दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां विंध्यवासिनी सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री जनार्दन खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर तथा डॉ. विजय रक्षित, पूर्व प्राचार्य, महाविद्यालय उपस्थित थे। सर्व प्रथम संस्थान के प्राचार्य डॉ एम जेड यू सिद्दीकी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी भाषा के महत्व और उसकी राष्ट्रभाषा के रूप में भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही वनमाली सृजन केंद्र के विगत कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए वन माली जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला.

इस अवसर पर हिंदी साहित्य, व्याकरण एवं भाषा-शुद्धि पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं (निबंध, कविता पाठ, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी) का आयोजन किया गया, जिनमें प्रशिक्षुओं एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने हिंदी की समृद्ध परंपरा, उसके वैज्ञानिक स्वरूप और देश को एकता के सूत्र में पिरोने की उसकी शक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए।
       मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर नगर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने अपने संबोधन में हिंदी के संवर्धन और के साथ अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी एक शक्तिशाली और समृद्ध भाषा है इसे किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है बस आवश्यकता है हम इसे लगातार प्रयोग में लाते रहें ।विशिष्ट अतिथियों के तौर पर उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे ने हिंदी की महिमा बताते हुए बताया कि आदिकाल से हिंदी विभिन्न स्वरूपों में लगातार विकसित होता रहा है, इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विद्वानों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी सम्माननीय मुख्य अतिथियों के द्वारा किया गया, जिसमे डॉ0 विजय रक्षित एवं डॉ नंद कुमार सिंह जी के द्वारा लिखित शोध प्रविधि एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग ,डॉ किशोर मिंज द्वारा लिखित ग्रामीण महिलाओं में गतिशीलता, एवं डॉ0 राजीव रंजन तिग्गा एवं श्री आलेख द्वारा द  लाइफ फाइंडिंग द ट्रुथ शामिल थे। डॉ विजय रक्षित ने कहा राष्ट्रीय आंदोलन के समय हिंदी भाषा ने ही देश को एकता का पाठ पढ़ाया और आज के समय में सामाजिक समरसता एवं सामाजिक समन्वय का सबसे बड़ा माध्यम हिन्दी भाषा है।इसी कारण कहां जाता है कि भारत माता कि बिंदी हिंदी ही है।साथ ही क्षेत्र के कलमकार पुष्पेंद्र शुक्ला,श्रीमती अनीता गुप्ता ,वाचस्पति मिश्रा ,शुभा मिश्रा ,मुकेश कुमार, मिलन मल्हारिया, स्वाति मक्कड़, वंशिका रजक ,प्रभात मिश्रा, राजेंद्र प्रेमी, ललिता यादव मीरा अग्रवाल, वसीम कुमार, मिथिलेश पाठक, सुनील चौहान ने हिंदी के बढ़ते महत्व पर अपने विचार रखने के साथ-साथ सुमधुर संगीत का भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया । जिसमें राग यमन राग पहाड़ी, जैसे गीतों का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम वनमाली सृजन केंद्र ,जशपुर द्वारा आयोजित किया गया था समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन सृजन केंद्र द्वारा किया जाता रहा है जिसमें महिला काव्य मंच, संवेदना वन जाति परंपरा संरक्षण समिति जैसे संगठनों ने भी अपना भरपूर योगदान दिया.
         कार्यक्रम के अंत मे सभी को हिंदी भाषा के संवर्धन हेतु प्रेरित किया गया। आभार प्रदर्शन करते हुए आयोजक मंडल ने हिंदी दिवस को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षुओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह आयोजन हिंदी के प्रति सम्मान, प्रेम और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया, जिसने उपस्थित सभी को प्रेरणा प्रदान की

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात ,भालूमुंडा-खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर बनेगा 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल, दर्जनों गांवों को मिलेगा लाभ, निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य.....

जशपुरनगर 15 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ने जशपुर जिले के लिए एक और बड़ी सौगात दी है। भालूमुंडा से खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूर्ण होने के पश्चात अब शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू जायेगा।क्षेत्र वासियों ने इस कार्य की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

क्षेत्र के दर्जनों गांव होंगे लाभान्वित

इस पुल के बनने से फरसाबहार ब्लॉक के कोरंगामाल, भालूमुंडा, पेटामेरा, अंकिरा, खरीबहार, जुड़वाइन, सागजोर, परेवाआरा समेत दर्जनों गांव सीधे ओडिशा राज्य से जुड़ जाएंगे।वहीं रेडेघाट, सोनाजोरी, बनखेता, माटीहेजा जैसे गांव भी विकासखंड मुख्यालय से जुड़कर तेज़ी से विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे।


बरसात में हो रही है परेशानी से मिलेगी राहत

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में कोकिया नदी पार करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर पानी बढ़ जाने से आवाजाही रुक जाती थी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पुल बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और ग्रामीणों को  सुरक्षित व सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।साथ ही विकासखंड मुख्यालय एवं ओडिशा राज्य की ओर आवागमन के लिए दूरी कम हो जाएगी।

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बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से हेटघीचा पारा केन्दूटोली में लौटी रोशनी

जशपुरनगर, 15 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण हेतु स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया, अपनी त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता के वजह से लोगों के विश्वास और उम्मीदों का केंद्र बन चुका है।

    विकासखंड फरसाबहार  के ग्राम हेटघीचा‌ पारा केन्दूटोली के ग्रामीणों ने  बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या सीएम कैंप कार्यालय बगिया के समक्ष रखी। कैंप कार्यालय ने तत्काल विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया। विभाग ने त्वरित कार्यवाही कर वहां पर नया ट्रांसफार्मर  स्थापित कर दिया, जिससे पूरा गांव रोशन हो गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जनआकांक्षाओं को पूरा कर रहा है सीएम कैंप कार्यालय

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर  पहुंच रहे हैं। बिजली, सड़क, पेयजल या विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं यहां तुरंत सुनी जाती हैं और समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाते हैं।

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एक ही जमीन पर दर्ज परिवारों को अलग-अलग मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ,प्रदेश में 25 लाख 47 हजार किसान परिवार लाभान्वित

रायपुर, 14 सितंबर 2025/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि एक ही भूमि खाता (सिंगल लैण्डहोल्डिंग) में कई किसान परिवारों के नाम दर्ज हैं, तब भी प्रत्येक पात्र परिवार को अलग-अलग प्रतिवर्ष 6000 रूपए तक का लाभ प्राप्त करने का अधिकार होगा। बशर्तें वे योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र हो। प्रत्येक परिवार को न्यूनतम 6,000 रूपए वार्षिक की वित्तीय सहायता सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना की पात्रता शर्तों के तहत ‘किसान परिवार’ का अर्थ पति-पत्नी और अवयस्क बच्चों से है। यदि एक ही भूमि खाते से कई परिवार जुड़े हुए हैं, तो योजना का लाभ खाता संख्या से नहीं बल्कि परिवार की इकाई के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार एक भूमि खाता साझा करने वाले अलग-अलग परिवारों को भी स्वतंत्र रूप से यह सहायता राशि प्राप्त होगी।

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, प्रत्येक किस्त 2,000 रूपए की होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फरवरी 2025 में 20वीं किश्त के रूप में राज्य के 25.47 लाख किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रूपए की सम्मान निधि प्रदान की गई थी। इस योजना से देश के करोड़ों किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सम्मान निधि पात्र किसानों को ही प्राप्त हो इसके लिए पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही किसान सम्मान निधि की राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। 

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र किसान परिवार इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए राज्यों और जिलों को नियमित रूप से पात्रता की जाँच कर लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें सभी संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक, सांसद, विधायक, मंत्री, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों व विभागों के अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) तथा 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। इसके अलावा आयकरदाता परिवार भी इस योजना के दायरे से बाहर है। योजना का उद्देश्य है कि केवल वास्तविक छोटे और मध्यम किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सके।

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मीडियाकर्मीयों का सम्मान निधि  10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने का मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक फैसला ......जशपुर प्रेस क्लब के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जताया आभार

जशपुर 14 सितम्बर 2025 - प्रदेश कैबिनेट की बैठक में वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।जशपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह फैसला पत्रकार हित में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मान निधि दोगुनी होने से प्रदेश भर के पत्रकारों में उत्साह और खुशी का माहौल है।पत्रकारों ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के उन वरिष्ठ पत्रकारों के लिए बड़ी राहत है, जो सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक परेशानियों से जूझते थे। अब उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन में सहूलियत मिलेगी।

प्रेस क्लब द्वारा दिये गए ज्ञापन में कहा गया की राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों की पेंशन राशि 10 हजार से बढ़ाकर 20 हज़ार करने के लिए आपका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। यह निर्णय न केवल पत्रकारों के सम्मान में लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

पत्रकारिता का क्षेत्र अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा है। पत्रकार समाज के सामने सच्चाई लाने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम करते हैं, अक्सर अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को दांव पर लगा देते है । दुर्भाग्यवश, सेवानिवृत्ति के बाद कई पत्रकारों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, आपके पत्रकारों के हित में लिए गए संवेदनशील निर्णय से पत्रकार समुदाय को लाभ मिलेगा। पेंशन राशि में की गई यह वृद्धि उन्हें एक बड़ी राहत प्रदान करेगी और उनके शेष जीवन को गरिमापूर्ण तरीके से जीने में मदद मिलेगी ।आपका यह निर्णय दर्शाता है कि आपके नेतृत्व में सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के योगदान को समझती है और उनका सम्मान करती है। 

यह कदम निश्चित रूप से राज्य के पत्रकारों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा, जिससे वे और अधिक समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।​हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी सरकार पत्रकारों के कल्याण और उत्थान के लिए इसी तरह के महत्वपूर्ण कदम उठाती रहेगी। पुनः इस पत्रकारों के हित में लिए गए  निर्णय के लिए हम सब आपको  बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित करते हैं ।

इस अवसर पर जशपुर प्रेस क्लब के संरक्षक विजय त्रिपाठी(संपादक जशपुरांचल), विष्णु नारायण जोशी (संपादक समदर्शी न्यूज)विनोद शर्मा (सहसंपादक क्रांतिकारी संकेत) प्रेस क्लब अध्यक्ष विकास पांडे (ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर) राजेश पांडे (मुनादी डॉट कॉम) विक्रांत पाठक (ग्राउंड जीरो)संतोष चौधरी (ब्यूरो चीफ अमर उजाला/ANI)एन नवीन ओझा (ब्यूरो चीफ हरिभूमि) सुरेंद्र चेतवानी (नई दुनिया) निरंजन मोहंती (कलम की आवाज)दीपक सिंह (NEWS 18) योगेश थवाईत (न्यूज नेशन) प्रशांत सहाय (जशपुर की आवाज) सागर जोशी (सत्यकाम न्यूज)शिवप्रताप सिंह (जी न्यूज) जितेंद्र सोनी (आईबीसी 24) श्याम चौहान (बंसल न्यूज)नीरज गुप्ता (हरित छत्तीसगढ़)परेश दास (आज का दिन)गणेश साहू (जशपुरांचल) सुमीत ठाकुर (केलो प्रवाह)कुंदन सिंह (विस्तार न्यूज) सोनू जायसवाल(ग्राउंड जीरो)मुकेश नायक (सीजी मिरर न्यूज) मिथलेश गुप्ता (न्यूज 24)समेत जशपुर प्रेस क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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श्री सर्वेश्वरी समूह के 65 वें स्थापना दिवस समारोह आयोजन हेतु बैठक गम्हरिया आश्रम में सम्पन्न

जशपुर 14 सितम्बर 2025 : 
श्री सर्वेश्वरी समूह के 65 वें स्थापना दिवस समारोह को सुचारू  ढंग से  सम्पन्न करने  हेतु अघोरपीठ वामदेव नगर गम्हरिया आश्रम में एक बैठक बी.एन.उपाध्याय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिसमें निम्न प्रस्ताव पारित किए गए।प्रभात फेरी , पूर्व वर्ष की भांति प्रभात फेरी प्रातः 5.30 बजे अघोरपीठ गम्हरिया आश्रम से  पैलेस रोड होते हुए सति चौरा पहुचेगी जंहा ध्वाजोत्तोलन पूजन आरती उपरांत प्रभात फेरी सोगड़ा आश्रम  पहुंचेगी वहां ध्वजोत्तोलन,पूजन,आरती,सफल योनि का पाठ,प्रसाद वितरण उपरांत प्रभात फेरी नगर पालिका रोड होते हुए गम्हरिया आश्रम पहुचेगी जहां ध्वजोत्तोलन,पूजन,सफल योनि का पाठ,लघु गोष्ठि  उपरांत प्रसाद वितरण किया जायेगा। प्रभात फेरी हेतु दुपहिया/चार पहिया वाहन की व्यवस्था हेतु राजा रणविजय सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय, नरेश नन्दे  के नेतृत्व में  यश प्रताप सिंह जूदेव,शोर्य प्रताप सिंह जूदेव,विजय आदित्य सिंह जूदेव के साथ नितिन राय, विष्णु सोनी, राजेश अम्बस्ट, संतोष सिंह, तरूण शर्मा, लक्ष्मण जायसवाल, राजेश सिन्हा, नरेन्द्र सिन्हा, राजकपूर राम, अरविन्द भगत, शरद चौरसिया, मैनेजर राम,मुकेश सोनी मंडल अध्यक्ष को दायित्व सौंपा गया।निमंत्रण पत्र पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी ई निमंत्रण पत्र के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रण हेतु प्रेषित किया जायेगा। ई निमंत्रण पत्र हेतु धन्नयजय सिंह (मन्टू) एवं संतोष कुमार मिश्रा को दायित्व सौपा गया। सति चौरा व्यवस्था हेतु 21 सितम्बर की पूर्व संध्या पर सति चौरा में साफ-सफाई,दीप प्रज्वलित करने,झालर आदि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया जिसकी व्यवस्था हेतु नितिन राय,अरेन्द्र सिंह,संतोष सिंह,रामशकर गुप्ता,वार्ड पार्षद एंव संतोष सोनी को दायित्व सौंपा गया। प्रभात फेरी में परम पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के चित्र स्थित वाहन की फूल सज्जा हेतु नितिन राय, अमरकांत वर्मा एवं राजेश सिन्हा को दायित्व सौंपा गया।जशपुर नगर के विभिन्न मंदिरों,मस्जिद एवं गिरिजाघरों में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी झाडू वितरण किया जायेगा। झाडू वितरण हेतु  प्रमोद नायडू, रमेश गुरूजी, अमित महतो, श्री कमल दूबे, चंदन पाहवा, शप्रवीण सिन्हा, संतोष  सोनी, संतोष सिंह एवं वीरेन्द्र कुमार सिन्हा को दायित्व सौंपा गया।
जशपुर नगर के विभिन्न चिकित्सालयों में इस वर्ष भी पौष्टिक आहार वितरण करने का निर्णय लिया गया। पौष्टिक आहार वितरण हेतु डॉ. आर.के.सिंह के साथ कृष्ण कुमार राय ,नरेश नन्दे , संजय अखौरी ,संतोष मिश्र, अरविन्द भगत ,मैनेजर राम ,दीपक गुप्ता, राजेश अम्बस्ट एवं श्री सर्वेश्वरी महिला संगठन जशपुर को दायित्व सौंपा गया।
      आज के बैठक में पारित हुए प्रस्ताव एवं 21सितम्बर स्थापना दिवस के संपूर्ण कार्यक्रम की सूचना इलेक्ट्रनिक मीडिया एंव समाचार पत्रों में प्रकाशन के लिए नरेश नन्दे ,विकास पाण्डेय, प्रवीण सिन्हा,प्रशात सहाय,शरद चौरसिया,तरूण शर्मा को दायित्व सौंपा गया।गम्हरिया आश्रम में होने वाले लघु गोष्ठी  हेतु  श्रीवास्तव , प्रशांत सिंह,विद्यासागर उपाध्याय एवं संतोष मिश्र को दायित्व सौंपा गया।
         बैठक में श्री बी.एन.उपाध्याय जी द्वारा अध्यक्षीय उदबोधन में बैठक में उपस्थित सभी श्रद्धालुओ से स्वंय के कर्तव्य के अनुसार कार्य करने हेतु प्रेरित किया। अंत में आभार प्रकट करते हुए हर हर महादेव की जयघोष के साथ बैठक समाप्त की गयी।

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कलेक्टर रोहित व्यास की पहल: जिलेभर में आयोजित हो रही वित्तीय साक्षरता कार्यशालाएँ.....विद्यार्थियों ने सीखा डिजिटल बैंकिंग और स्मार्ट फाइनेंस मैनेजमेंट

जशपुर14 सितम्बर 2025 : 
जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल पर वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का आयोजन हायर सेकेंडरी विद्यालय बंदरचुआं में किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन की पहल पर प्रत्येक विकासखंड में ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में वित्तीय अनुशासन और डिजिटल साक्षरता की समझ विकसित हो सके।

विद्यालय में यह वर्कशॉप बीईओ कुनकुरी सी.आर. भगत के सहयोग से संपन्न हुआ।

भोपाल से आए डिजिटल कोच वीरेंद्र मिश्रा ने विद्यार्थियों को पैसे के महत्व, बजट प्रबंधन, बचत की आदत, आपातकालीन निधि और निवेश के बुनियादी सिद्धांतों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बैंकिंग की मूलभूत प्रक्रिया, सेविंग अकाउंट, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर जानकारी दी।

सत्र के दौरान स्मार्ट स्पेंडिंग, जरूरत और चाहत में अंतर, विज्ञापनों व पीयर प्रेशर से बचाव, एसआईपी और चक्रवृद्धि ब्याज के फायदे, लोन व क्रेडिट स्कोर प्रबंधन, ईएमआई ट्रैप से बचने के उपाय, म्यूचुअल फंड्स और स्टॉक मार्केट की आधारभूत जानकारी तथा ऑनलाइन फ्रॉड व स्कैम से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

पूरे प्रशिक्षण को इंटरएक्टिव गतिविधियों, वर्कशीट्स और खेलों के माध्यम से संचालित किया गया, जिससे विद्यार्थी सीखे गए ज्ञान को अपनी दैनिक जीवन में आसानी से लागू कर सकें।

कार्यक्रम में जी.आर. टेक्नो से उत्कर्ष मिश्रा, प्राचार्य श्रीमती अहिल्या पैंकरा, व्याख्याता गुप्तेश्वर साय, रविन्द्र शर्मा, प्रदीप तिग्गा, एस.एन. साय, अयोध किशोर गुप्ता सहित समस्त स्टाफ और शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन का किया शुभारंभ.....जशपुर पर्यटन को मिल रही नयी पहचान

रायपुर, 14 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को  इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है। 

     उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी।   यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें। 

कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।
     
*दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुई*
जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है।

      2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया।

दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों को और भी समृद्ध करेगा। रोमांचक-रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग, मयाली डैम पर वॉटर स्पोर्ट्स, पैरामोटर और हॉट एयर बलून से माधेश्वर पहाड़ों के दृश्य देखे जा सकेंगे। जनजातीय नृत्य (कर्मा, सरहुल), लोक संगीत, हस्तशिल्प कार्यशालाएँ (मिट्टी, बाँस, गोंदना कला, लकड़ी व लोहे की कारीगरी), लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन का भी अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ और तारों भरे आसमान के नीचे अलाव की गर्माहट से लोगों के मन में आनंद की अनुभूति होगी। जशपुर जम्बूरी 2025 का उद्देश्य है प्रतिभागियों को प्रकृति, परंपरा और समुदाय की उस धारा से जोड़ना, जहाँ हर पल एक नई कहानी कहता है। कार्यकम में आभार व्यक्त डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा ने किया।

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