ताजा खबरें


बड़ी खबर

स्वच्छ भारत अभियान को दिखाया जा रहा ठेंगा, इस संकुल भवन की वर्षों से नही हुई पुताई,स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं है जिम्मेदार.....पढ़ें विस्तार

नारायणपुर : - 26 नवम्बर 2025 : स्वच्छता की जहां से अलख जगनी चाहिए वहीं पर भी इसका सबसे ज्यादा मजाक उड़ाया जा रहा है। स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के प्रति जिम्मेदार अफसर ही जागरूक नहीं हुए। वह केवल औपचारिकता भर निभाते ही सीमित रहे। इसका जीता जागता प्रमाण कुनकुरी ब्लाक के अंतर्गत नारायणपुर संकुल भवन है। जहां पर संकुल भवन की कई दिनों से पुताई नही, परिसर के चोरों तरफ घांस पूस सहित गंदगी का ढे़र लगा हुआ। न जाने कितने साल हो गए है जो इस भवन की रँगाई पोताई भी नही हुई है,जबकि प्रतिवर्ष इसके लिए संकुल में बजट   विभाग की ओर से दिया जाता है। बजट का प्रावधान होने के वावजूद भी रँगाई पोताई नही होती है। सवाल है कि आखिर प्रतिवर्ष रँगाई पुताई के नाम से मिलने वाली राशि जाता कन्हा है। कंही इसका बंदरबाट तो नही हो रहा है यह जांच का विषय है। इस तरह से ब्लाक में न जाने ओर कितने संकुल हो सकते है जहां पर रँगाई पुताई को लेकर तनिक भी शिक्षा विभाग व स्थानीय प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा स्वच्छ भारत निमार्ण के लिए स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई है। मगर यहां तो सरकारी विभाग लोगों के अंदर साफ-सफाई को लेकर जागरुकता फैलाने के बजाय खुद ही जागरूक नहीं हैं। यह हम नहीं बल्कि शिक्षा मंदिर परिसर में बने संकुल भवन के हालात बयां कर रहे हैं।इस संकुल में शिक्षक शिक्षिकाओं की शिक्षा से सम्बंधित बैठक बराबर होते रहती है उसके बाद भी जिम्मेदारों का इस संकुल भवन का रँगाई पोताई न करना लाफ़रवाही नही तो ओर क्या है?
 इस भवन को देखने से ही लगता है कि कई सालों से भवन की रंगाई पुताई नहीं कराई गई है। संकुल भवन के बाहर चारो तरफ घांस पूस का ढेर लगा हुआ।  स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी खेल समय मे इस परिसर में  खेलते है   इस समस्या को लेकर न तो शिक्षा विभाग और नहीं प्रशासन गंभीर दिख रहा है। केवल इतना ही नहीं स्वच्छता के प्रति आम नागरिकों के जागरूक होते ही अभियान की शुरुआत में फोटो खिंचवा कर वाहवाही लूटने वाले  लोग भी अब खामोश हो गए। इस सम्बंध में जब संकुल समन्वयक गणेश यादव को मोबाइल से सम्पर्क किया गया तो बताया मेरा अभी एक सप्ताह हो रहा है अतिरिक्त प्रभार लिए।मुझे अभी तक चार्ज नही मिला है, पूर्व में पदस्त समन्वयक हरुण लकड़ा ने बताया कि दो वर्ष से पुताई नही हुई है फिलहाल मैं अभी समन्वयक के पद पर नही हु।

प्रति वर्ष रँगाई पुताई की राशि संकुल के खाते में  जमा होता है क्यों नही किया गया है जल्द ही इसकी जांच कराकर संकुल की पुताई कराई जाएगी।

                                  श्री नरेन्द्र सिन्हा                                                    जिला मिशन समन्वयक 
                              समग्र शिक्षा -जशपुर

और भी

अत्याधुनिक सुविधओं से लैस होगा अब कुनकुरी का बस स्टैंड,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 7 करोड़ 26 लाख रुपये का हाई टेक बस स्टैंड निर्माण की दी मंजूरी,यात्रियों को मिलेगी हाईटेक फैसिलिटी....

जशपुर 25 नवम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कुनकुरी नगर को विकास की एक और महत्वपूर्ण सौगात देते हुए हाई-टेक बस स्टैंड निर्माण के लिए 7 करोड़ 26 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से न केवल नगर की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि प्रतिदिन बस स्टैंड का उपयोग करने वाले हजारों यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।

    नई स्वीकृति से बनने वाला बस स्टैंड अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित वेटिंग एरिया,महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, पार्किंग एवं बसों के लिए सुचारू व्यवस्थाएँपेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था होगी।मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में तेजी से हो रहे विकास कार्यों की दिशा में एक और अहम कदम है। उनके नेतृत्व में कुनकुरी लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है और नगर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में यह मंजूरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है और अब यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात,रेल सुविधाओं के विस्तार से हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर 25 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों रेल सुविधाओं के विस्तार, नए रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तथा प्रगतिरत परियोजनाओं की पूर्णता के संबंध में  विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने आग्रह किया कि   स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिल सकें। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

और भी

एपीएल अपोलो इंडस्ट्रीज ने छत्तीसगढ़ में 1200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया, 100 बिस्तरों का चैरिटी अस्पताल भी बनाएगी कंपनी

रायपुर 25 नवंबर 2025/एपीएल अपोलो इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरमैन श्री संजय गुप्ता ने अपनी टीम के साथ आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान कंपनी ने राज्य में लगभग ₹1200 करोड़ के औद्योगिक निवेश का बड़ा प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा।

कंपनी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वह छत्तीसगढ़ में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए औद्योगिक संयंत्रों की स्थापना पर गंभीरता से काम कर रही है। निवेश प्रस्ताव राज्य की नई औद्योगिक नीति और तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे को देखते हुए पेश किया गया है।

बैठक में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की घोषणा भी की गई। एपीएल अपोलो ग्रुप ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ में 100 बिस्तरों का एक आधुनिक चैरिटी अस्पताल भी जल्द शुरू करेगा, जिससे आम जनता को किफ़ायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी।

और भी

प्रदेश में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदी ,टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध

रायपुर/ 25 नवंबर 2025/  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है।

*टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध*
            राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम  2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है।

*शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर*

            इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है। 

           प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।

और भी

तालाब में डूबने से शावक हाथी की मौत, वन विभाग में मचा हड़कंप,पोस्टमार्टम के बाद दफनाया गया शव, जांच जारी

रायगढ़, 25 नवम्बर 2025/ तमनार वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गौरमुडी के निस्तारी तालाब में सोमवार तड़के लगभग एक वर्ष के शावक हाथी की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना बीट ऑफिसर सरायपाली द्वारा मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के पश्चात घटना की पुष्टि की। वन परिक्षेत्र अधिकारी तमनार ने बताया कि मृत हाथी की आयु लगभग 1 वर्ष आंकी गई है तथा तालाब वन क्षेत्र से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्राथमिक जांच में यह अनुमान लगाया गया है कि हाथी रात्रि 3 से 4 बजे के दौरान पानी में फिसलकर डूब गया, जिससे उसकी मृत्यु हुई।
            घटना के समय आसपास 34 हाथियों का बड़ा समूह मौजूद था, जिसकी निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा निरंतर की जा रही थी। फील्ड स्टाफ ने रातभर समूह की गतिविधियों व संख्यात्मक स्थिति की जानकारी साझा की। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों सहित पूरा स्टाफ स्थल पर पहुंचा। मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराया गया, आगे की जांच जारी है। आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई के पश्चात शव को दफनाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि हाथी समूह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

और भी

साप्ताहिक समय सीमा की बैठक मे जिला पंचायत सीईओ ने लंबित आवेदनों का निराकरण गंभीरता से करने के दिए निर्देश


जशपुर 25 नवम्बर 25/ जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली।
उन्होंने आगामी 27 नवम्बर को कुनकुरी विकास खंड के ग्राम नारायणपुर में किसान महतारी सम्मेलन के कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की उन्होंने अधिकारियों को लोकार्पण भूमिपूजन और हितग्राहियों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत सीईओ ने कार्यक्रम स्थल पर मंच बेरीकेडिंग, बैठक व्यस्था आमंत्रण पत्र वितरण, पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था, साउंड सिस्टम, पेयजल की व्यस्था, जलपान एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों की विस्तार से समीक्षा किए और अधिकारियों को आवेदनों का निराकरण गंभीरता से करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि अवैध धान परिवहन की सूचना संबंधित अधिकारियों को तत्काल देने भी निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

जिले के 46 धान खरीदी केन्द्रों में की जा रही खरीदी,सुशांत कुमार साहू ने बागबहार धान खरीदी केन्द्र में बेचा अपना धान

जशपुरनगर 25 नवम्बर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी कार्य सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है।
उन्होंने सभी पंजीकृत किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में पत्थलगांव विकास खंड के बागबहार धान खरीदी केन्द्र में ग्राम मयूरनांचा निवासी किसान सुशांत कुमार साहू धान बेचने पहुंचे उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र में कर्मचारियों का बढ़िया सहयोग मिला धान बेचने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। उनके नाम से ही सोसायटी में धान बेचने के लिए पंजीयन हुआ है। किसानों की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।

और भी

दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में 3,000 से ज्यादा रोजगार का खुला रास्ता,6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव,


नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025- राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है।
उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है। 

इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

*छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव*

- ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

- आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है। 


- एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है। 

- आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है। 

- जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन 

- अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
  

*पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव*

- मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी। 

- हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, तेलंगाना द्वारा वेलनेस रिसॉर्ट एवं शिक्षा केंद्र हेतु ₹200 करोड़ निवेश

- विद्या इन, जशपुर द्वारा 52 कमरों के होटल हेतु ₹25 करोड़ निवेश

- पीएसए रिज़ॉर्ट, जगदलपुर द्वारा 150 कमरों के एडवेंचर होटल एवं रिसॉर्ट हेतु ₹60 करोड़ निवेश, जिससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

और भी

दिल्ली में शुरू हुआ ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट' सम्मेलन,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निवेशकों से कर रहे हैं सीधा संवाद

रायपुर 25 नवंबर 2025/
छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुँचे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाक़ात का क्रम प्रारंभ कर दिया है।

इस आयोजन में स्टील क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और अन्य प्रमुख सेक्टरों के नामी उद्योगपति तथा विभिन्न कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य देश भर के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, उभरते अवसरों और निवेश–अनुकूल वातावरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्थिर एवं पारदर्शी नीति, तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सरल और समयबद्ध प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत करा रहे हैं।

और भी

एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने अपना गणना पत्र बीएलओ से कराया सत्यापन 

 

जशपुर 25 नवम्बर 25/  विशेष गहन पुनरीक्षण एस आई आर अभियान के तहत मंगलवार को एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने बूथ लेवल अधिकारी (#BLO) द्वारा उनके शासकीय आवास पहुँचकर उन्हें गणना प्रपत्र सौंपा गया। 
तत्पश्चात एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह  ने गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ एप से सत्यापन कराया।
उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि मतदाता सूची में अपने नाम का सत्यापन अवश्य कराएं।
उल्लेखनीय है कि जिले में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं से एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र सौंप कर सत्यापन का कार्य निरंतर किया जा रहा है। यह कार्य 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 25 तक किया जाएगा ।

और भी

टमाटर की आड़ में चल रहे गौ तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ :  गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने पीछा कर गौ वंश को छुड़ाया,

जशपुर 25 नवम्बर 2025 : फरसाबहार थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह पुलिस गश्ती के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ। पमशाला मोड़ के पास तेज रफ्तार में भाग रही एक पिकअप संदिग्ध लगने पर पुलिस ने रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक वाहन की गति और बढ़ाकर भागने लगा। पीछा तेज होते ही पमशाला मोड़ पर पिकअप का संतुलन बिगड़ा और वाहन सड़क से उतरकर खेत में जा धंसा। चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। वाहन की जांच में पुलिस टीम हैरान रह गई। ऊपर से टमाटर की कैरेटों से भरी दिख रही पिकअप के अंदर नीचे आधा दर्जन से अधिक मवेशी छिपाकर रखे गए थे। यह साफ हो गया कि टमाटर की आड़ में मवेशियों को तस्करी कर ओड़िसा की ओर ले जाया जा रहा था।

घटना की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल मवेशियों का उपचार शुरू किया। पुलिस ने पिकअप जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने के लिए जांच जारी है।

पुलिस का कहना है कि गश्ती के दौरान सामने आया यह मामला मवेशी तस्करी के नए तरीके को उजागर करता है।

और भी

उप मुख्यमंत्री देर शाम सहसपुर लोहारा में किसानों से जमीन पर बैठकर की चर्चा, शिकायत पर मौके पर ही पटवारी  को किया गया निलंबित


रायपुर, 24 नवंबर 2025

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने सहसपुर लोहारा के प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय में किसानों को देखकर अपनी काफिला को रूकवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों से मिलकर चर्चा की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जमीन पर बैठकर किसानों से उनकी समस्या और शिकायत को गंभीरता पूर्वक सुना। किसानों ने बताया कि हल्का नंबर 15 ग्राम कुरूवा के पटवारी श्री राजेश शर्मा द्वारा कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब किया जाता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तत्काल संज्ञान में लेते हुए पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया। अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करते हुए वही पर निलंबन का आदेश निकाला। आदेश के अनुसार पटवारी श्री राजेश शर्मा हल्का नंबर 15 कुरूवा, रा.नि.मं. सिल्हाटी, तहसील सहसपुर लोहारा को अपने प्रभार क्षेत्र के कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब करने जाने का शिकायत पर संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। उक्त आदेश के अनुक्रम तथा शासकीय कार्य में लापरवाही किये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत, निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित कर्मचारी श्री राजेश शर्मा पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय स.लोहारा (निर्वाचन शाखा) में होगा। संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने किसानों से धान खरीदी तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए, किसान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। मौके पर उपस्थित सभी पटवारियों से उपमुख्यमंत्री ने कार्यों की स्थिति पूछी और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि कृषकों के किसी भी कार्य में लापरवाही, देरी या टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के सभी राजस्व कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को पूरे क्षेत्र की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

और भी

दिल्ली में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन,भारत मंडपम में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा


रायपुर, 24 नवंबर 2025 

राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई दिया। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले  में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर  आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-शैली और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और आनंद भर दिया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, कांकेर लोकसभा सांसद श्री भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दीप प्रज्वलन कर की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित कला-कृतियों, हस्तशिल्प और उत्पादों को देखा। उन्होंने कलाकारों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की राजधानी में “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज सुनकर प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है। 
 मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध भूमि है, जहाँ तीज-त्योहार, लोक-नृत्य और पारंपरिक कलाएँ आज भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ संरक्षित हैं। उन्होंने मिलेट्स उत्पादन, स्थानीय हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं को राज्य की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया तथा कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के संरक्षण, आर्थिक सहयोग और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बना रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ आने तथा इसकी सादगी, सांस्कृतिक संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की एक से बढ़कर एक झलक प्रस्तुत की।गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा नृत्य जैसी लोक-शैली की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मोहित कर लिया। सुआ नृत्य की गीतमय अभिव्यक्ति, राउत नाचा की जोशीली लय, पंथी की आध्यात्मिक छटा और करमा की मनभावन प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को प्रभावी रूप से सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा,  छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, विधायक श्री संपत अग्रवाल, श्री प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्य सचिव श्री विकास शील,  पर्यटन, संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, खादी ग्रामोद्योग सचिव श्री श्याम धावड़े, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा से उनके निवास पर की सौजन्य मुलाकात,स्वास्थ्य सुविधा पर की विस्तृत चर्चा

रायपुर : 25 नवम्बर 2025 ,छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुलाकात में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई।

और भी

वनोपज और औषधीय पौधों हर्बल उत्पाद से  ‘ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बन रही है सशक्त 


 
 
 रायपुर, 24 नवंबर 2025

छत्तीसगढ़ शासन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित द्वारा राज्य के वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से विभिन्न वनोपज और औषधीय पौधों को खरीदकर उनका संग्रहण एवं प्रसंस्करण किया जा रहा है। इनसे तैयार होने वाले हर्बल उत्पाद ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से निर्मित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।

महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बना रहा है प्रसंस्करण कार्य
जामगांव एम, पाटन स्थित केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई लगभग 111 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है। यहां स्थापित प्रसंस्करण इकाई क्रमांक-01 में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को काम दिया गया है। यहां आंवला, बेल और जामुन से विभिन्न उत्पाद पूरी शुद्धता के साथ तैयार किए जा रहे हैं, इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। मात्र एक वर्ष में इस इकाई ने 44 लाख रुपये मूल्य के उत्पाद तैयार कर विक्रय किए हैं। यहां प्रमुख उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। जिसमे आंवला जूस, कैन्डी, लच्छा, बेल मुरब्बा, बेल शरबत,जामुन पल्प, जूस, आर.टी.एस. पेय तैयार उत्पादों का विक्रय एनडब्ल्यूएफपी मार्ट और संजीवनी स्टोर के माध्यम से किया जा रहा है।

इकाई क्रमांक-02:  20 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाला विशाल केंद्रीय वेयर हाउस
      इकाई क्रमांक-02 में कुल चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त वनोपज का सुरक्षित भंडारण किया गया है। इस यूनिट में 15 हाजर 138 किं्वटल कोदो, 229 क्विंटल कुटकी, 186 क्विंटल रागी, 31 क्विंटल हर्रा कचरिया, 32 क्विंटल चिरायता/कालमेघ, 66 क्विंटल पलास फूल, 69 किं्वटल साल बीज आदि वनोपज का भंडारण किया गया है। इन सभी उत्पादों का विक्रय निविदा के माध्यम से संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा किया जा रहा है। इन दोनों इकाइयों के संचालन से अब तक 5 हजार 200 से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ है।
पी.पी.पी.मॉडल पर स्थापित हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी पी पी) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और स्फेयर बायोटेक कंपनी के संयुक्त प्रयास से जामगांव एम में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है। इसका लोकार्पण वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। यह यूनिट 6 एकड़ क्षेत्र में बना है, जहां पर इन औषधीय पौधों से अर्क निकाला जाता है जिसमें गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मुसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, शतावरी आदि वनोपज शामिल है । निकाले गए अर्क का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियों और वेलनेस उत्पादों के निर्माण में किया जा रहा है। वन क्षेत्रों में रहने वाले संग्राहकों से खरीदे जाने वाले वनोपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा तथा इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, ग्रामीणों के लिए नए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
ग्रामीणों और संग्राहकों को स्थायी लाभ
स्फेयर बायोटेक द्वारा ग्रामीण संग्राहकों से वनोपज और औषधीय उपज का पूर्ण क्रय किया जाएगा, इससे उन्हें नियमित आय उपलब्ध होगी और उत्पाद का सही मूल्य मिलेगा। यह केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई, गोदाम और हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट न केवल वनोपज की मूल्यवृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों, महिलाओं और संग्राहकों के लिए रोजगार व आय के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं।

और भी

जिले में यातायात को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए सड़क मार्गों के निर्माण कार्यों को मुख्यमंत्री से निरंतर मिल रही है स्वीकृति,जशपुर–सन्ना एवं खुड़ियारानी–कांजिया सड़क के निर्माण के लिए 20 करोड़ 48 लाख रुपए की मिली मंजूरी


जशपुरनगर  24 नवम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में यातायात को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए विभिन्न सड़क मार्गों के निर्माण कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिलने के साथ ही निर्माण कार्य भी द्रुत गति से जारी है। इसी क्रम में दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए कुल 20 करोड़ 48 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 5.05 किमी लंबी जशपुर मुख्य मार्ग से खुड़ियारानी–कांजिया पहाड़ी कोरवा बस्ती तक पहुंच मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई है। पुल-पुलिया सहित इस सड़क का निर्माण 6 करोड़ 91 लाख 14 हजार रुपए में किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से पहाड़ी एवं जनजातीय बस्तियों की मुख्य बाजार तथा प्रशासनिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।
   इसी प्रकार 17.60 किमी लंबी जशपुर–सन्ना मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति भी प्रदान की गई है, जिसके लिए 13 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस मार्ग के उन्नयन से आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी और यातायात अधिक सुरक्षित व निर्बाध होगा। 

 यातायात होगा सुगम, स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थाओं पर पहुंच होगी आसान

बेहतर अधोसंरचना अर्थव्यवस्था का मूल आधार माना जाता है। सड़क, पुल पुलिया के निर्माण से बिना कीसी बाधा के दूरस्थ क्षेत्र मुख्य मार्गों एवं शहरों से जुड़ेगें। शासकीय योजनाओं की पहुंच आसान होने के साथ ही आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो जाएगी, गावों की उपज शहरों तक आसानी से पहुंच सकेगी। लोगों की आमदनी के इजाफा होने के साथ ही उनके जीवनस्तर ने भी सुधार होगा। नदियाँ, नाले, पहाड़ और पठार से घिरे जशपुर में सड़कों और पुलों के निर्माण दुरूह कार्य भी है। लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ इन निर्माण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। ताकि आवाजाही की दिक्कतें दूर हो और किसान, विद्यार्थी, ग्रामीणजन व्यापारी सभी को सुविधा मिले। स्वास्थ्य सुविधाएं की आसानी से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंच सके।

और भी

भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पेवेलियन बना रहा आकर्षण,हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान

रायपुर, 24 नवंबर 2025/ भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”

उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की। 

मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

और भी