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पारदर्शी व्यवस्था से खुशहाल किसान—3100 रुपये समर्थन मूल्य से नंद कुमार ने जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार


रायपुर,02 दिसंबर 2025/

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की नई चमक ला दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अब लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से मुक्ति मिल रही है। वहीं नोडल अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के बाद भुगतान भी दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में अंतरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।

नारायणपुर जिले के माहका धान खरीदी केंद्र में अपना धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस व्यवस्था की सराहना की। पाँच एकड़ खेत में इस वर्ष 60 क्विंटल धान का उत्पादन करने वाले श्री शर्मा ने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मानक से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ संतोषजनक हैं।

श्री नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग खेती-बाड़ी सुधार और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही।

केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी धान खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएँ आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास निरंतर बढ़ता रहेगा।

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विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा-पतराटोली से दो छात्राओं का राज्य स्तरीय कैंप हेतु चयनित

जशपुर : भारत की सबसे बड़ी डिजिटल आधारित विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा- विद्यार्थी विज्ञान मंथन के तीसरे चरण में जशपुर जिले के सात छात्रों ने राज्य स्तरीय कैंप के लिए स्थान बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। इस क्रम में सेजेस पतराटोली, विकासखंड - दुलदुला, जिला, जशपुर छ ग के दो प्रतिभावान छात्राओं - निशा कुजूर (कक्षा 9वी) तथा आयुषी पन्ना (कक्षा 9 वीं) ने राज्य स्तरीय कैंप हेतु चयनित होकर संस्था तथा विकास खंड दुलदुला का मान बढ़ाया है। 
इन दोनों प्रतिभावान छात्राओं को विद्यालय के प्रार्थना सभा में आदरणीय प्राचार्य महोदय श्री डेनियल लकड़ा (प्राचार्य) द्वारा ₹ 500 - 500 नगद तथा एक एक पेन प्रदान कर शुभकामनाएं प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य महोदय द्वारा डिजिटल क्रांति में सहभागिता हेतु विशेष आह्वान किया गया। आपने कहा कि वर्तमान समय टेक्नोलॉजी का समय है। अब 21वीं सदी डिजिटल क्रांति का समय है। इसी प्रकार के कई परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थियों को इस प्रकार के अवसर को कभी नहीं चूकना चाहिए।कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ साथ समस्त शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित थे।

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अगले महीने रायपुर में होगा साहित्य उत्सव, देश भर के 100 से अधिक साहित्यकार जुटेंगे,मुख्यमंत्री श्री साय ने किया उत्सव के लोगो का अनावरण

रायपुर, 02 दिसंबर 2025/नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।

लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।

इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। 

*छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो* 


अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।

लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।

लोगो में अंकित *‘आदि से अनादि तक’* वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल *‘सुरसरि सम सबके हित होई’* वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।

रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

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इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक उपलब्धि,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर, 01 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l

उल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।

यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना: जिला के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए  रोजगार का सुनहरा अवसर,मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

जशपुरनगर 02 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत जिले में एनिमेटर, फायर फाइटर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, कस्टमर केयर सीनियर एग्जीक्यूटिव (वौइस् एंड नॉन वौइस), सिक्यूरिटी गार्ड, लैब तकनीशियन, ट्रेवल कंसलटेंट, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, योग इंस्ट्रक्टर जैसे कोर्स में निः शुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदाय किया जा रहा है। जिला के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए  रोजगार का ये सुनहरा अवसर है। 
               इन कोर्स में प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष एवं अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वी पास है।  प्रशिक्षण की अवधि 2 माह से 6 माह तक की है, प्रशिक्षण समापन उपरान्त रोजगार शत प्रतिशत प्रदाय किया जायेगा जिसमें मासिक वेतन 08 से 15  हजार रूपए तक रहेगी। प्रशिक्षण निःशुल्क और प्रशिक्षण ले रहे हितग्राही के लिए आवासीय है। प्रशिक्षण हेतु अपना नाम जिला कौशल विकास प्राधिकरण कार्यालय रंजीता स्टेडियम के सामने जशपुरनगर में दर्ज करा सकते हैं अथवा 7697584747 पर संपर्क कर सकते हैं।

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एकादशी पर्व पर दोकड़ा में भव्य आयोजन, श्री जगन्नाथ मंदिर में हुआ द्विप प्रज्वलन, उमड़ी भक्तों की श्रद्धा.....

नारायणपुर/दोकडा 01 दिसम्बर 2025। एकादशी पर्व के पावन अवसर पर दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भव्य द्विप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के समक्ष दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना के साथ आरती गायन किया गया,इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन की गूंज से एक दिव्य वातावरण बना रहा। भक्तिमय माहौल में सभी आयु वर्ग के लोगों ने भजन संध्या में भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ लिया।एकादशी पर्व पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम दोकड़ा में आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम बनकर उभरा।

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मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट,कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा


 
 रायपुर, 01 दिसम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे क्षेत्रों में सेवा देते समय अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहते हुए त्वरित, जिम्मेदार और संवेदनशील तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर आईजी श्री अजय यादव, एसपी श्री अभिषेक पल्लव, एएसपी श्री पंकज शुक्ला तथा प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री आदित्य कुमार, श्रीमती अंशिका जैन, श्री प्रतिक दादा साहेब और श्रीमती मानषी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल रायगढ़ पहुंचकर कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 2 दिसम्बर को एक दिवसीय रायगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 1.30 बजे रायगढ़ के बोईरदादर स्थित गोवर्धनपुर रोड शालिनी स्कूल के पास स्थित कंवर सामाजिक भवन में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय समाज प्रमुखों की मांग पर 30 लाख रुपए की लागत से बने सामुदायिक भवन का लोकार्पण करेंगे। 
           कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.नंदकुमार साय करेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती कौशल्या साय, श्री भरत साय, श्री अनंत राम पैंकरा, श्रीमती स्वधा साय, श्रीमती शांता साय सहित सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, बिलासपुर, रायपुर, उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक इस आयोजन में शामिल होंगे।

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मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से बदलेगी शहरों की सूरत और सीरत,13 नगर निगमों में आइकॉनिक कार्यों के लिए 429.45 करोड़ के 26 कार्य मंजूर

रायपुर. 1 दिसम्बर 2025. छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके। 

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काम

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।

कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।

रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है। 

बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़
 
योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है। 

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।

भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़

दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं। 

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जिले के युवाओं को कौशल विकास के योजनाओं से करे लाभान्वित - कलेक्टर श्री रोहित व्यास,जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव में खुलेगा शहीद वीरनारायण सिंह दाल भात केंद्र

जशपुरनगर 01 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में वन, खनिज, उद्योग, श्रम, उद्योग व्यापार केंद्र, ग्रामोद्योग, अंत्यावसायी, कौशल विकास तथा आजीविका कॉलेज सहित संबंधित विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, मुख्यमंत्री घोषणाएँ, टीएल-जनदर्शन-पीजीएन, एसडीजी इंडिकेटर्स, पीएम सूर्यघर, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएँ, विभागीय योजनाएँ, बजट उपयोगिता, ई-केवाईसी, स्थापना, कंडेम्ड वाहन, कलेक्टर कॉन्फ्रेंस एजेंडा, निष्क्रिय बैंक खाते एवं अगले बजट हेतु प्रस्ताव जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विभागवार प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन करें और सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कौशल विकास विभाग को जिले के अधिक से अधिक युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे व्यवसायिक ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान कर आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर युवाओं को जागरूक करने कहा। इस दौरान सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।


      कलेक्टर ने वन विभाग को टीएल में लंबित आवेदनों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। महाप्रबंधक उद्योग एवं व्यापार केंद्र को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लक्ष्यों की जानकारी लेकर अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने कहा। साथ ही जेम पोर्टल में उद्यमियों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जशपुर नगर में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। यह केंद्र प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के माध्यम से बैंकिंग, जीएसटी, कर सहायता एवं उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। लोगों को संबंधित जानकारी और उससे लाभ की प्रक्रिया एक ही जगह पर उपलब्ध हो पाएगी। 

     कलेक्टर श्री व्यास ने आबकारी विभाग को जिले में अवैध शराब की खरीदी, बिक्री एवं परिवहन पर सतत कार्रवाई करने निर्देशित किया। वहीं खनिज विभाग को अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखते हुए जेसीबी, चैन माउंटेन आदि उपकरणों से खनन की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जप्ती की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने श्रम विभाग को महतारी जतन योजना सहित अन्य श्रम कल्याण योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जशपुर, कुनकुरी तथा पत्थलगांव में शहीद वीर नारायण सिंह दाल-भात केंद्र शीघ्र प्रारंभ करने कहा, जिससे आमजन को मात्र 5 रुपये में दाल-भात उपलब्ध हो सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग आगामी बजट प्रस्तावों को नियमानुसार तैयार कर निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। उन्होंने विभागों से समन्वय बढ़ाते हुए जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देने को कहा।

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जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर को,जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी शामिल होंगे,निष्पक्ष आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी

जशपुरनगर 01 दिसम्बर 2025/  छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसम्बर को आयोजित की गई है जिसके लिए 756 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। जहां प्रातः 12ः00 बजे से 02ः15 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी। जिसमें लगभग 2 लाख 29 हजार 970 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा 16 जिलों (अंबिकापुर, कोरिया, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जगदलपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कांकेर, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव) में आयोजित की जा रही है। जिसमें राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। जशपुर जिले के 12 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 4717 जिले के परीक्षार्थी शामिल होंगे।

अभ्यर्थियों को 2 घंटे पहले परीक्षा केन्द्र पहुंचना होगा अनिवार्य

व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर (व्यापम) द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शिता पूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। अभ्यर्थी परीक्षा से पूर्व इन दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें और निर्धारित समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों व समुचित पहनावे के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचें। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। व्यापम द्वारा आयोजित आगामी सभी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने के कम से कम 02 घण्टे पहले परीक्षा केन्द्र में पहुंचने के निर्देश दिए गए है। ताकि प्रवेश के पूर्व सभी अभ्यर्थियों का अनिवार्य रूप से फ्रिस्किंग समय पर किया जा सके। परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए परीक्षार्थी समय का विशेष ध्यान रखेंगे।

हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में हो शामिल

परीक्षा में शामिल होने परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में शामिल हो (काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़ा पहनना वर्जित होगा)। केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा (स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं है) तथा फुटवियर के रूप में चप्पल पहनना अनिवार्य होगा। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्स, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी प्रतिबंधित

परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभियर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना होगा इसके लिए ऐसे पोषाक वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में समान्य समय से पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी द्वारा निर्देशों का पालन नहीं करने, अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर परीक्षा से वंचित किया जाएगा।

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीत लहर के प्रभाव से बचने के लिए जारी की गई एडवाइजरी , शीत लहर से ऐसे बचें......

 

जशपुरनगर 01 दिसम्बर 2025/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी.एस. जात्रा  द्वारा आम नागरिकों से आग्रह किया गया है कि सर्दी को देखते हुए विशेष सावधानी बरते। 
गर्म कपड़े पहने, जैसे फ्लू, सर्दी, खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण  होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। सर्दी के मौसम में जब ठंडी हवाएं तेजी से चलने लगती है, तो तापमान में तेजी से गिरावट होने लगती है, तब इस स्थिति को शीत लहर कहते है। आसान शब्दों में कहा जा सकता है कि सर्दी के मौसम में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से लेकर 04-05 डिग्री सेल्सियस के नीचे चला जाता है, तो इसे शीत लहर कहा जाता है। स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टी.वी. एवं समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया द्वारा दी जा रही जानकारी का अनुसरण करें। पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहने। नियमित रूप से गर्म पेय पीते रहे।
                       जिला जलवायु परिवर्तन नोडल अधिकारी डॉ डी. के. अग्रवाल ने बताया है की शीत लहर के समय विभिन्न प्रकार की बीमारियों की संभावना अधिक बढ़ जाती है, जैसे फ्लू, सर्दी, खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण हो जाने पर चिकित्सक से संपर्क करें। कम तापमान के लक्षण जैसे सामान्य से कम शरीर का तापमान, न रुकने वाली कंपकंपी, याददाश्त चले जाना, बेहोशी या मूर्छा की अवस्था का होना, जुबान का लड़खडाना आदि प्रकट होने पर चिकित्सक से संपर्क कर उपचार प्राप्त करें। शीत लहर के दौरान सॉवधानियां बरते पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े जैसे दस्ताने, टोपी, मफलर, एवं जूते आदि पहने, शीत लहर के समय चुस्त कपड़े ना पहने यह रक्त संचार को कम करते है, इसलिये हल्के ढीले-ढालें एवं सूती कपड़े बाहर की तरफ एवं ऊनी कपड़े अंदर की तरफ पहने, शीत लहर के समय जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें और कोशिश करें कि अतिआवश्यक हो, तो ही बाहर यात्रा करें।
                  जिला महामारी विशेषज्ञ श्री सत्येन्द्र यादव द्वारा बताया गया की पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन ग्रहण करें एवं शरीर की प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं एवं नियमित रूप से गर्म तरह पदार्थ अवश्य पीयें, आवश्यकतानुसार रूम हीटर का उपयोग करें किंतु रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध आवश्य करें। शीत लहर में अधिक ठंड के लम्बे समय तक सम्पर्क में रहने से त्वचा कठोर एवं सुन्न हो सकती है।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 01 दिसंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।  आज आयोजित जनदर्शन में कुल 27  आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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जिले में शतरंज प्रतियोगिता का प्रशिक्षण आज से विद्यालयों में प्रारंभ, 10 दिसंबर को होगा जिला स्तरीय फाइनल

जशपुर 1 दिसम्बर 2025 

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार के निर्देश पर जिले में विद्यार्थियों के बीच प्रतिभा संवर्धन और बौद्धिक क्षमता बढ़ाने , खेल भावनाओं को प्रोत्साहित करने और जिले में खेल संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से आज से शतरंज प्रतियोगिता का प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है। शतरंज खेल को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा प्रारंभ की गई Checkmate@jashpur कार्यक्रम के अंतर्गत यह प्रतियोगिता आयोजित होनी है। 

जशपुर एसडीएम विश्वासराव मस्के के मार्गदर्शन में चल रही इस प्रतियोगिता में सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल होंगे। रुचि रखने वाले मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाना है। 

पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन जिला स्तरीय आयोजन समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन जिला स्तर पर प्रतियोगिता 10 दिसंबर को पत्थलगांव में आयोजित होगी। 

जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर ने प्रतियोगिता के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया है। 1 से 3 दिसंबर तक विद्यालयों में विद्यार्थियों को खेल कालखंड में लगातार तीन दिनों तक 1 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।  सभी विद्यालयों में शतरंज खेलने वाले विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें आगामी तीन दिनों तक खेल कालखंड में प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण उनके विद्यालय में ही व्यायाम शिक्षकों , खेल प्रशिक्षकों या विद्यालय के शतरंज के जानकार‌ किसी एक शिक्षक के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाना है।

प्रतियोगिता का प्रथम चरण विद्यालय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जो‌ 4 से 5 दिसंबर तक चलेगा। विद्यालय स्तर पर नॉकआउट पद्धति से प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की एसेंबली में प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

इसके पश्चात विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता 6 और 7 दिसंबर को संबंधित विकासखंड मुख्यालय में आयोजित होगी। यह आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में नॉकआउट पद्धति से कराया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक विद्यालय से विद्यालय स्तरीय विजेता और उपविजेता खिलाड़ी शामिल होंगे। विकासखंड स्तर पर क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फाइनल के विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। 

अंतिम चरण के रूप में जिले स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता 10 दिसंबर को पत्थलगांव में आयोजित होगी। इसमें प्रत्येक विकासखंड से कुल आठ खिलाड़ी शामिल होंगे, जो विकासखंड स्तर पर क्वार्टर फाइनल , सेमी फाइनल और फाइनल के होंगे। जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी नॉकआउट पद्धति से खेली जाएगी तथा यहाँ अंतिम आठ स्थान प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

विशेष रूप से इस प्रतियोगिता में बालक और बालिका दोनों एक साथ भाग ले सकेंगे तथा इसमें उम्र अथवा कक्षा का कोई बंधन नहीं रखा गया है।

 कलेक्टर रोहित व्यास ने उम्मीद जताई है कि प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में रणनीतिक सोच, धैर्य और निर्णय क्षमता का विकास होगा तथा जिले में शतरंज के प्रति नई रुचि जागृत होगी।

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रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की प्ररधानमंत्री ने की अध्यक्षता,पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और इसमें सुधार करने का आग्रह किया

*प्रधानमंत्री ने पुलिस के बारे में जनता की धारणा बदलने, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शहरी और पर्यटन पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया*

*प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी, एआई और राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड एकीकरण के विस्तारित उपयोग का आह्वान किया; द्वीप सुरक्षा, तटीय पुलिस व्यवस्था और फोरेंसिक आधारित जांच में नवाचार पर जोर दिया*

*सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसमें विजन 2047 पुलिस व्यवस्था रोडमैप, आतंकवाद निरोधक रुझान, महिला सुरक्षा, भगोड़ों का पता लगाना और फोरेंसिक सुधार शामिल रहे*

*प्रधानमंत्री ने आपदा से निपटने की बेहतर तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया; चक्रवात, बाढ़ और प्राकृतिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण का आह्वान किया*

*प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और इसमें सुधार करने का आग्रह किया

*प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए; शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को नव स्थापित शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कारों से सम्मानित किया*

रायपुर 30 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' है।

प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।

सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।

प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।

इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।

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प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का एक क्रांतिकारी कदम,26 हजार 400 पीएम आवास निर्माण स्वीकृत,


रायपुर, 30 नवम्बर 2025/प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी  के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है।

*प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृत*

          प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं। 

*आवास चौपाल का उद्देश्य कनीकी जानकारी उपलब्ध कराना*

          आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना।  सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना।  राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है ।  अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना। 

*योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधान*

         प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई ब्यक्ति आवास पास करान,े क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ,नेचर फॉर्मिंग को बढ़ावा देने, खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की प्रशंसा

रायपुर, 30 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’  देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की।

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है।

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप,  केबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग श्री नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाई गई,अब 15 दिसंबर 2025 तक होगा पंजीयन, किसानों को होगी धान बेचने में आसानी....*


 
जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/ किसान हितों को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल पर कैरीफारवर्ड, डूबान तथा वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु निर्धारित समय सीमा बढ़ा दी गई है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब यह प्रावधान 15 दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के समिति लॉगिन में उपलब्ध रहेगा। पूर्व में विभाग ने 30 नवम्बर 2025 तक इन प्रावधानों को समिति लॉगिन में उपलब्ध कराया था। किन्तु कैरीफारवर्ड, डूबान एवं वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन की प्रक्रिया अभी जारी होने के कारण समय विस्तार आवश्यक पाया गया। इसलिए पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ाया गया है। पंजीयन तिथि बढ़ने से छुटे हुए किसानों को सहूलियत होगी। साथ ही समितियों में धान बेचने में आसानी होगी।

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