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श्रवण यंत्र मिलने से दिव्यांग बलसाय और बलिस की खुशी हुई दोगुनी,मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

जशपुर : मनुष्य की पांच इंद्रियां आंख, कान, नाक जीभ और त्वचा हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है यें इंद्रिया हमें देखने, सुनने, सूंघने, स्वाद लेने और छूने की क्षमता प्रदान करती है। इनमें से कोई एक काम करना बंद कर दें तो जीवन बेरंग सा हो जाता है। आज के समय आधुनिक चिकित्सा में ऐसे उपकरण और ईलाज की पद्धति आ गई है जिससे काफी हद तक इसका उपचार संभव हो सका है, लेकिन कई लोग आर्थिक तंगी की वजह से ईलाज नहीं करा पाते हैं। गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।
      इसी संवेदनशील पहल की वजह से आज बंदरचुंआ के ग्राम मुस्कुटी के बलसाय और बलिस साय के चेहरे पर एक बार फिर से मुस्कुराहट तैरने लगी है। श्रवणदोष से पीड़ित दोनों को आज कैंप कार्यालय में श्रवण यंत्र प्रदान किया गया है। खेती-किसानी कर अपना जीवन-यापन करने वाले बलसाय और बलिस साय श्रवणदोष से पीड़ित थे। दोनों ने उम्मीद के साथ कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या बताई और श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की। कैंप कार्यालय ने इस पर त्वरित पहल करते हुए उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। दोनों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनकी समस्या का त्वरित निदान किया गया। आज उनके जीवन में खुशिया फिर से लौट आई है।

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पत्थलगांव के तमता में भव्य धार्मिक आयोजन अष्ट प्रहरी हरि नाम यज्ञ से राम मय हुआ पूरा क्षेत्र,सालिक साय हुए शामिल, भक्ति भाव में जुटे श्रद्धालु...

जशपुर : जिले के पत्थलगांव क्षेत्र के तमता में एक भव्य धार्मिक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अष्ट प्रहरी हरि नाम यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ के दौरान हरे कृष्ण हरे राम का सामूहिक जाप किया जा रहा है,क्षेत्र के अनेक कीर्तन मंडली शामिल हुईं हैं, धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्ति भाव से वातावरण को संजोया। इस विशेष कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय शामिल हुए और आयोजन को और भी समर्पित और गरिमा प्रदान की।
           कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर, सालिक साय उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंडल अध्यक्ष विशाल अग्रवाल और जिला उपाध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा भूषण वैष्णव भी इस आयोजन का हिस्सा बने। इन प्रमुख व्यक्तित्वों ने इस धार्मिक उत्सव की महिमा को साझा किया और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।इस अवसर पर आस-पास के क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु जमा हुए, जिन्होंने इस कार्यक्रम में भाग लेकर हरि के नाम का जाप किया और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में एक कदम और बढ़ाया। यज्ञ के आयोजन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का संचार हुआ।इस दौरान स्थानीय समाजसेवी प्रेमनारायण यादव, हरिशंकर यादव, देवेंद्र वैष्णव, जगदीश यादव, अंकित त्रिपाठी, सूरज त्रिपाठी, लक्ष्मी नारायण यादव, सुनील शर्मा, भगत यादव, चंद्रमणि यादव, शुशील वैष्णव, मधु दास, मधु यादव, फाल्गुनी नंदे, हुरदानंद यादव समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे। इन सभी ने इस अवसर पर यज्ञ में भाग लिया और इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने मिलकर हरे राम हरे कृष्ण मंत्रोच्चारण किया। हरे कृष्ण हरे राम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और सभी ने इस दिव्य आयोजन का आनंद लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र में एकता और भाईचारे की भावना भी बढ़ी, जो आने वाले समय में समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी।

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शासकीयकरण को लेकर पंचायत सचिव 12 दिनों से धरने पर,पंचायतों का कामकाज ठप्प..1अप्रैल को मंत्रालय घेराव की तैयारी

बगीचा/नारायणपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर के बगीचा जनपद में 93 पंचायत सचिवों के हड़ताल पर डटे रहने के कारण पंचायत का पूरा कामकाज ठप्प पड़ा हुआ है.

    छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर जशपुर जिले के बगीचा ब्लाक के पंचायत सचिव संघ अपने शासकीयकरण की मांग को लेकर के जनपद कार्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इससे ग्रामीण स्तर के पंचायतों का काम पूरी तरह से चरमरा गया है. ग्रामीण क्षेत्र में लोग अपने काम कराने पंचायत भवन आने के बाद बिना काम हुए वापस लौट रहे हैं

जशपुर जिले के बगीचा में छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल 12 वें दिन भी जारी है। सचिवों का कहना है कि सरकार ने 16 महीने पहले उनके शासकीयकरण का वादा किया था। लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया है। बगीचा के पंचायत सचिव संघ अपने शासकीयकरण की मांग को लेकर के ब्लाक मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे ग्रामीण स्तर के पंचायतों का काम पूरी तरह से चरमरा गया है।

    बगीचा ब्लाक के सचिव संघ के अध्यक्ष उदयनाथ यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव शासकीयकरण को लेकर हड़ताल कर रहे,हड़ताल पर बैठे सचिवों को कुछ दिन पूर्व  पंचायत संचालनालय से नोटिस जारी किया था कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटें, सचिवों ने इन आदेशों को मानने से इंकार करते हुए आदेश की कॉपी को जलाकर विरोध जता चुका है,सचिव संघ बीते 12 दिनों से नियमितीकरण मांग को लेकर हड़ताल पर डटा हुआ है
  सचिव संघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार की गारंटी में सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया था, 16 माह बीत जाने के बाद भी हमारी मांगें पूरी नहीं की गई हैं,जिसको लेकर सचिव संघ 17 मार्च से अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहा है. इसमें मोदी की गारंटी के तहत पंचायत सचिवों को शासकीय करण करने की मांग की जा रही है, मांग पूरा नहीं होने पर उग्र आंदोल की चेतावनी दी है.आगे कहा कि प्रदेश पंचायत सचिव संघ के प्रांतीय आव्हान पर यह आंदोलन किया जा रहा है। सरकार से बार-बार मांग उठाने के बावजूद पंचायत सचिवों का शासकीयकरण अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने साफ किया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 1 अप्रैल को प्रदेशभर के पंचायत सचिव मंत्रालय का घेराव करेंगे।

ब्लाक अध्यक्ष उदयनाथ यादव,मदन जायसवाल,कमल नारायण यादव,सदाशिव यादव,गोकुल सतनामी,रामकुमार यादव गणेश यादव,महेन्द्र राम बरला,राजकुमार यादव व्यासमुनी यादव,पुष्पा मिंज,जीवन मिंज,प्रदीप गुप्ता,राजकुमारी भगत
चन्द्रमणी यादव,सुदर्शन दास मानिकपुरी,ईश्वर यादव,आनंद गुप्ता,विवेक गुप्ता,रामेश्वर राम,सहित ब्लॉक के सभी सचिव बैठे हुए है

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सात दिवसीय महाशिवरात्रि कथा का भव्य समापन ,पंडित श्री मिश्रा ने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, श्रीमती कौशल्या साय और जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आयोजन समिति को दिया धन्यवाद 

जशपुर के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ की ख्याति देश विदेश तक पहुंची ... पंडित श्री प्रदीप मिश्रा 

महाशिवपुराण की कथा 272 देश विदेश के शिव भक्तों ने भी सुना 

जशपुर : कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास 21 से 27 मार्च तक आयोजित महाशवरात्रि का  भव्य समापन किया गया। प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी ने शिव भक्तों को 7 दिन तक कथा का श्रवण कराया और सभी को भव्य आयोजन के लिए अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी उन्होंने कहा की महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने के लिए  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी आए थे। साथ ही पूरे भारत वर्ष के  लगभग 272 देशों के लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया, चैनल के माध्यम से कथा को सुना जशपुर में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ की ख्याति भारत देश के साथ देश विदेश तक पहुंच चुकी है।और इसका पूरा श्रेय जशपुर वासियों को जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्रीमती कौशल्या साय, राजपरिवार ,कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी कर्मचारीयों पत्रकारों, भोजन , पेयजल की व्यस्था नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारियों को और आयोजन समिति के साथ प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी लोगों, जशपुर के शिव भक्तों का हृदय से धन्यवाद दिया की आपके सहयोग से शिवमहापुराण कथा सफल हो सका 


 प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने कथा के सातवें दिन सुबह 8 बजे 11 बजे तक कथा का श्रवण कराया उन्होंने कहा कि भोला ... कहां... मिलेगा...  भोले ...एक.. एक.. कण.. कण .. मिलेंगे भक्तों के हृदय में भोले मिल जाएंगे बाबा ने मनुष्यों को अपने कर्म से महान बनने का संदेश दिया इसके लिए भूखें को खाना खिलाओं प्यासे को पानी पिलावो पीपल के नीचे चींटियों को आटा खिलाओ, इस भंडारे के समान ही पुन्य मिलता है। आप भंडारे नहीं कर सकते कोई बात नहीं जितनी शक्ति उतनी भक्ती पंडित मिश्रा ने कहा कि अपने छत पर पक्षियों के लिए चारा पानी की व्यवस्था करें मटका में पानी भरकर रखें गौमाता को घास रोटी पानी पिलाएं यह सब कार्य भंडारे से कम नहीं है। जहां जहां अच्छा कार्य वहां भोले जरूर मिलेंगे। शिव भक्तों को भोले बाबा को एक लोटा जल अवश्य चढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जो तुम्हें जल चढ़ाने को मना करते तुम उन्हें छोड़ दो जशपुर के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ का यह शिव धाम विधी विधान से कलश यात्रा के साथ सात दिन शिव महापुराण कथा से हर हर महादेव से गुंजने लगा है।
मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने महाशिवपुराण की कथा के समापन के अवसर पर पंडित श्री प्रदीप मिश्रा और उनके साथ आए सभी लोगों का धन्यवाद दिया। जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल विभाग, स्वस्थ भारत मिशन, नगरीय के सभी के साथ सभी का सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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अघोर परिषद ट्रस्ट का स्थापना दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन सम्पन्न,कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने किया 672 मरीजों की जांच साथ में निशुल्क दवा का किया गया वितरण,

नारायणपुर :-अघोर परिषद ट्रस्ट का स्थापना दिवस सम्पन्न साथ में निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी सम्पन्न
अघोर परिषद ट्रस्ट का स्थापना दिवस समारोह गत 26 मार्च दिन बुधवार को जनसेवा अभेद आश्रम,चिटकवाईन ,नारायणपुर आश्रम में सोल्लास मनाया गया। पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी द्वारा अघोरेश्वर महाविभूति स्थल,माँ भगवती मंदिर, पंचमुखी शिवलिंग, अघोर गणेश एवं अघोरेश्वर कक्ष में विधिवत पूजन आरती की गयी।
      इस पुनीत अवसर पर जनकल्याणर्थ एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा का भी आयोजन ट्रस्ट द्वारा किया गया था। शिविर का प्रारंभ प्रातः 10 बजे नारायणपुर आश्रम के पूज्य उत्साही राम द्वारा परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान रामजी के तैल चित्र पर विधिवत पूजन आरती उपरांत नारियल फोड़कर किया गया। तत्पश्चात शिविर प्रांरभ हुआ जो शाम तक चलता रहा। शिविर में कुल 672 मरीजो को परीक्षण उपरांत ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क एलोपैथिक दवाइयां प्रदान की गयी। शिविर में मरीजो के ब्ल्ड शुगर आदि जांच की भी व्यवस्था थी। शिविर मंे प्रमुख रूप से डॉ.एस.पी.सिंह,दंत रोग प्रयागराज,डॉ अनुभा सिंह, दंत रोग अम्बिकापुर,डॉ. अर्पणा, स्त्री रोग, अम्बिकापुर,डॉ.एस.एन.सिन्हा, जनरल फिजिशियन,रांची, डॉ. रंजन नारायण हृदय रोग विशेषज्ञ, रांची,डॉ. यू.पी.सिंह. शिशु रोग ,प्रयागराज, डॉ रूद्रप्रताप , शिशु रोग, गुमला,डॉ आर.के.सिंह, सर्जन जशपुर,डॉ. संजय सिंह,सर्जन प्रयागराज,डॉ.वी.एन.सिंह नेत्र चिकित्सक, अम्बिकापुर,डॉ. ए.एन. ़िद्ववेदी,होमियोपैथ,अम्बिकापुर, डॉ.उपेन्द्र सिंह, होमियोपैथ,सासाराम,डॉ.उत्पल सहाय, होमियोपैथ, रांची,डॉ, अशोक अग्रवाल इलेक्ट्रो होमियोपैथी,नई दिल्ली एंव वैद्य श्री डागा जी, गुरू नस विशेषज्ञ,धनबाद ने अपनी सेवाएँ प्रदान की। शिविर में आस-पास के ग्रामो से बड़ी संख्या में मरीज आए थे। दवा वितरण में डॉ.बी.एन द्विवेदी,राजपुर, संजय महापात्र,गुमला,धन्नजय राव ,वाराणसी, मिलन सिंह, प्रयागराज ने सक्रिय सहयोग किया। नारायणपुर के आश्रम के लव प्रसाद चौहान,पप्पू, उदित चौहान,दिलीप चौहान,गगन यादव,गणेश यादव,संजय कुशवाहा,ओंकार यादव, अनिल बागे,हलधर,कुनकुरी के सागर बजाज,बगीचा के अवधूत गुप्ता,भगवान गुप्ता,शंकर गुप्ता, गम्हरिया आश्रम के संतोष मिश्र,पी.के. श्रीवास्तव,अखिलेश यादव एवं श्री सर्वेश्वरी समूह गुमला के अजय प्रसाद,कृष्ण कुमार गुप्ता,उदय गुप्ता आदि का विशेष सहयोग रहा।

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अल्पाइन पर्वतारोहण में जनजातीय प्रतिभा: जशपुर के पर्वतारोहियों का अनूठा अभियान के माध्यम से जशपुर की छवि को बदलते हुए जनजातीय युवाओं की ताकत और क्षमता को देश के सामने प्रदर्शित करना मुख्य उद्देश्य :कलेक्टर

जशपुर‌ :  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा पहल किए गए एक ऐतिहासिक अभियान के तहत, जशपुर के कलेक्टर श्री रोहित व्यास (आईएएस) के नेतृत्व में, जनजातीय रॉक क्लाइम्बर्स के एक चयनित समूह को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हिमालयी गाइडों के साथ अल्पाइन पर्वतारोहण अभियान के लिए मियार घाटी भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल में रोहित व्यास एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। यह भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जहां एक राज्य सरकार भारतीय हिमालय में ऐसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण के लिए जनजातीय पर्वतारोहियों को प्रायोजित कर रही है।

अल्पाइन पर्वतारोहण की विशिष्टता
अल्पाइन शैली में पर्वतारोहण, पारंपरिक पर्वतारोहण से भिन्न होता है। इसमें हल्के उपकरणों का उपयोग, छोटे दलों में और बिना किसी पूर्व-स्थापित शिविरों या फिक्स्ड रस्सियों के पहाड़ों पर चढ़ना शामिल है। यह पर्वतारोहण की सबसे शुद्ध और चुनौतीपूर्ण शैली मानी जाती है, जिसे मुख्यतः पेशेवर पर्वतारोहियों द्वारा ही किया जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य स्तर पर युवाओं में साहसिक खेलों को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हिमालय में तकनीकी पर्वतारोहण को प्रोत्साहित करना है। यह पहल भारतीय पर्वतारोहण के पुनरुद्धार में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

जशपुर प्रशासन युवाओं के लिए एक जीवन शैली के रूप में साहसिक खेलों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, जिससे स्थानीय गाइडों के लिए आय के अवसर पैदा हो रहे हैं और क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। श्री रोहित व्यास (आईएएस) ने कहा, "इस अभियान के माध्यम से, हम जशपुर की छवि को बदलना चाहते हैं। हम जनजातीय युवाओं की ताकत और क्षमता को देश के सामने प्रदर्शित करना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भारत के प्रगतिशील और रचनात्मक भविष्य की झलक देना चाहते हैं।"

इस अभियान का नेतृत्व राज्य की प्रसिद्ध एडवेंचर कंपनी पहाड़ी बकरा एडवेंचर के निदेशक स्वप्निल शिरीष राचेलवार कर रहे हैं, जिन्हें वैदिक वाटिका, जशप्योर, एड्वेनॉम, काफ़ी मीडिया और रनर्सएक्सपी जैसे स्थानीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्रों पर लाने में योगदान दिया है, साथ ही मिस्टिक हिमालयन ट्रेल और क्रेग डेवलपमेंट इनिशिएटिव जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों का भी सहयोग है।

अभियान के लिए जशपुर जिले के रॉक क्लाइम्बर्स तेजल भगत, सचिन कुजूर, प्रतीक नायक, रूषनाथ भगत और रवि का चयन किया गया है। यह अभियान सितंबर में निर्धारित है, जिसमें पहली प्रारंभिक कार्यशाला कल से देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर, छत्तीसगढ़ के प्रथम साहसिक खेलों को समर्पित क्षेत्र में शुरू होगी। पूरे वर्ष, चयनित भारतीय कोचों और एथलीटों की भागीदारी के साथ आगे की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस अभियान से क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत होने और जनजातीय प्रतिभा को भारतीय पर्वतारोहण समुदाय से परिचित कराने की उम्मीद है, जिससे देश में साहसिक खेलों के विकास में योगदान मिलेगा।

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शिवमहापुराण षष्ठम दिवस :साक्षात शिव जी मधेश्वर पहाड़ के रूप में अपने भक्तों को अपनी कृपा बरसा रहे हैं,पंडित प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को प्रभु श्री राम और निषाद राज लक्ष्मण शबरी का कथा सुनाया 

जशपुर/कुनकुरी :  कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी ने शिव भक्तों को कथा सुनाते हुए कहा कि भक्त अपनी समस्या लेकर भोले बाबा के पास जाते हैं तो कि उनकी समस्याओं का समाधान भी  बाबा करते जाते हैं। भगवान विष्णु , इन्द्रदेव, वरूण, अरूण, भी शिव जी के पास अपने भीतर की संचय समाप्त करने के लिए शिव जी के पास जाते थे। पंडित श्री मिश्रा जी ने कहा कि भगवान शिव जी जिनके पास है जो भी श्रद्धालु द्वारा शिव महापुराण कथा का हृदय से श्रवण करता है तो भोले बाबा उनकी समस्याओं का निदान अवश्य करते हैं। कथा में रामायण काल के समय के प्रभु श्री राम , लक्ष्मण और केवट निषाद राज, माता शबरी के कथा का सुंदर वर्णन किया गया। पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने प्रभु श्री राम निषाद राज केवट का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि 14 साल के वनवास के समय राम जी की मुलाकात निषाद राज से हुई जब  प्रभु श्री राम नदी के तट पर पहुंचे तो उनको एक से एक सुंदर हीरो मोती, सोना , चांदी जणित और सुंदर कलाकृति वाली नाव दिखी प्रभु श्री राम ने सारे नाव को वापस कर भेज दिया सिर्फ एक टूटी नाव में जाने की इच्छा जाहिर की निषाद राज अपनी नाव से पानी कपड़े से निचोड़ कर पानी बाहर निकाल रहे थे। प्रभु श्री राम ने कहा कि हे निषाद राज क्या आप मुझे नदी के उस पार ले कर जाएंगे इसके लिए मुझे क्या मूल्य आपको देना होगा निषाद राज ने प्रभु श्री राम से कहा हे प्रभु मैं आपका चरण अपने घर के पानी से धोना चाहता हूं। प्रभु श्री राम ने कहा हे निषाद राज आप तो नदी के पानी से भी मेरा चरण धो सकते हो। कथा में प्रभु श्री राम और निषाद राज के प्रेम भाव का वर्णन किया गया  
 
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जशपुर वासियों के लिए बड़ा सौभाग्य की बात है। साक्षात शिव जी मधेश्वर पहाड़ के रूप में जशपुर में विराजमान हैं और शिव भक्तों को अपनी कृपा बरसा रहे हैं। छत्तीसगढ़ी वासियों बहुत धन्य है प्रभु श्री राम ने वनवास काल का अधिकतम समय छत्तीसगढ़ में बिताया है।
कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय , महिला बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े,  सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती गोमती साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।

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शिवपुराण कथा का पांचवा दिन: मुख्यमंत्री आज शिव महापुराण कथा में हुए शामिल विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा सुनकर लिया आनंद  

हम सबके लिए परम सौभाग्य की बात है की मायाली में पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से शिव महापुराण कथा का हो रहा वाचन: मुख्यमंत्री श्री साय

7 दिवसीय शिव महापुराण कथा का 27 मार्च को होगा समापन

जशपुर/कुनकुरी :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मयाली में मधेश्वर महादेव के समीप आयोजित  शिव महापुराण कथा में शामिल हुए और पूरे भक्तिभाव से एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिव कथा का श्रवण किया। उन्होंने कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी को मधेश्वर महादेव की छायाचित्र भेंटकर और माला पहनाकर  उनका अभिनंदन किया और उनसे प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली का आशीर्वाद लिया। कथा स्थल में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित परिवार के सदस्यगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग,  कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह और भारी संख्या में भक्तगणों  ने कथा स्थल पहुंचकर कथा का श्रवण किया। 

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का 27 मार्च को पुनः शुभारंभ

  मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं से कहा कि यह हम सबका परम सौभाग्य है कि भगवान शिव की कथा कहने के लिए महापंडित प्रदीप मिश्रा जी जशपुर के मधेश्वर महादेव धाम मयाली में पधारे है।  इस दूरस्थ अंचल में पांच दिन से शिव भक्ति की अविरल धारा बह रही है। अभी दो दिन और कथा चलने वाली है। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अध्यात्म से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर मिला है। मधेश्वर महादेव धाम का यह स्थान हम सब लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसकी ख्याति विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग की है। उन्होंने कहा कि रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से अभी तक 22 हजार से अधिक लोग अयोध्या जाकर प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं। रमन सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना संचालित की जाती थी। इस योजना का पुनः 27 मार्च को शुभारंभ  किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से उनके इच्छानुसार तीर्थ स्थल का दर्शन कराया जाएगा।
  
विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों ने भी कथा स्थल आकर सुनी शिव महापुराण कथा

 विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के लोगों ने भी भक्ति रस की बह रही अविरल धारा में दिव्य स्नान किया। ग्राम पंडरसिली, तहसील मनोरा से आए पहाड़ी कोरवा और बगीचा ब्लॉक के ग्राम बेहेराखार एवं भितघारा से बिरहोर समुदाय के लोग अच्छी खासी संख्या में  यहां पर कथा का श्रवण करने पहुंचे थे। पहाड़ी कोरवा समुदाय से आने वाले संतोष राम, बजरु  राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर समुदाय के गेदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने बताया कि भगवान शिव की कथा सुन कर उनके मन को एक आत्मिक खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों में जिस प्रकार से शिव भक्ति के साथ ही सार्थक जीवन जो संदेश दे रहे है वह हम सबके जीवन को एक नई राह दिखा रहा है।

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छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ जशपुर जिले की मिलन समारोह कांसाबेल में हुआ भव्य आयोजन,पेंशनरो के हितों की रक्षा करना संघ का कर्तव्य- डॉ रक्षित 


जशपुर - छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ , जशपुर जिले की मिलन समारोह का आयोजन कांसाबेल के मंगल भवन में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम जिलाध्यक्ष डॉ जे आर यादव द्वारा विधादायनी मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रारंभ में बैठक एवं मिलन समारोह में उपस्थित सभी सदस्यों ने आपस में परिचय प्राप्त कर समस्त उपस्थित सदस्यों को चन्दन टीका एवं बैंच लगाकर स्वागत किया गया। बैठक में प्रथम वक्ता के रूप में अध्यक्ष डॉ यादव ने संघ द्वारा एक वर्ष में किये गये कार्यो की जानकारी दी तथा सदस्यों से परामर्श कर पेंशनर्स के विभिन्न समस्याओ पर संघ के कार्यो की जानकारी दी। आज के मिलन समारोह में जिले के सभी विकासखण्ड से आये हुए पेंशनर्स ने संघ के माध्यम से शासन को भेजने का अनुरोध किया। प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ जशपुर ने शासन को निम्न समस्याओं को निराकरण का अनुरोध किया, जिसमें मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ का जिला मुख्यालय कांसाबेल होने के कारण यहां पेंशनर भवन निर्माण की स्वीकृति दे, भूमि उपलब्ध है, पेंशनरों के लंबित तीन प्रतिशत डी ए तत्काल प्रदान करें, छत्तीसगढ़ के पेंशनर को वशिष्ठ नागरिक मानते हुए उन्हें रेल्वे और बस कन्सेशन दिया जाएं। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस केंटिन में पेंशनरों को परिचय पत्र बनाकर वस्तुओं में छूट का लाभ दिया जाए। दूसरे वक्ता के रूप में डॉ विजय रक्षित, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ जशपुर जिले ने अपने संबोधन में कहा कि आज मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है कि एक साथ आज हम तीन पीढियां एक साथ उपस्थित हुए हैं, कुछ मेरे महाविद्यालय में वरिष्ठ रहे, कुछ मेरे साथ रहे और कुछ को तो मैं पढ़ाया हूं। आज मैं छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला कलेक्टर रोहित व्यास जी को धन्यवाद देता हूं कि इनके प्रयास से जिले के अनेक कर्मचारियों को सेवानिवृत्त के दिन ही सारे प्राधिकार पत्र एवं सुविधाएं प्राप्त हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में एक माह में इस प्रकार का मिलन समारोह का आयोजन होना चाहिए, जिससे हम एक-दूसरे की समस्यायों से अवगत हो सके तथा एक दूसरे से मिलने से हम सब में 
पुनः एक नई उर्जा का संचार होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं जशपुर मुख्यालय में रहता हूं किसी को कोई समस्या हो तो आवे संवेदनशील सरकार और जिला कलेक्टर के सहयोग से सभी  समस्याओं का समाधान होगा। आज के बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी विकास खंड में सदस्यता अभियान को तेज किया जाएं। प्रत्येक माह के एक निश्चित तिथि को संघ का बैठक आयोजित किया जाएं तथा संघ के पास एक निश्चित धन राशि प्रत्येक समय में उपलब्ध रहें, जिससे संघ के किसी सदस्य के असामयिक स्थिति पर सहयोग किया जा सके। संघ के कार्यालय के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाए। संघ के प्रत्येक सदस्यों के बीच आपस में समन्वय स्थापित रहे। इसके लिए प्रत्येक विकासखण्ड के सदस्यों के बीच एक वाट्स अप ग्रुप बनाएं जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान सरलता से किया जाएं। आज के मिलन समारोह में सभी विकासखण्ड के अध्यक्ष, सदस्य तथा जिला के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन श्री बेहरा, पूर्व शिक्षक ने किया। बैठक में प्रत्येक विकासखण्ड से लगभग 300 पेंशनर्स उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकतांत्रिक परंपराओं की एक  मिसाल : मुख्यमंत्री श्री साय


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं।
विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।
 डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।
 नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की।
रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे

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नारी सशक्तीकरण और समरसता से बनेगा श्रेष्ठ छत्तीसगढ़,‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ - राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु


 रायपुर:भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।
छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीक
 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने 'स्वयमेव निलंबन' जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का  साक्षात प्रतीक बताते हुए  राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।
समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँ
 राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है।
वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगति
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।
सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’
 गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।
लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण - राज्यपाल श्री रमेन डेका
 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने  भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।
 राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।
 उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।
खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्रा
 राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।

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प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने शिवमहापुराण मयाली में आयोजित कार्यक्रम का डुप्लीकेट VVIP पास बनाने वाला व्यवसायी को पड़ा महंगा,छापा मारकर  दुकान किया सील

जशपुर/कुनकुरी : आज दोपहर में मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि कि गुप्ता नीड्स के संचालक रितिक गुप्ता द्वारा शिवमहापुराण कार्यक्रम का VVIP पास का डुप्लीकेट कलर फोटोकाॅपी कर रहा है, इस सूचना पर प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल मौके पर जाकर छानबीन किया गया, दुकान में रितिक गुप्ता उपस्थित मिला, तलाशी लेने पर उसके फोटो काॅपी दुकान से व्हीव्हीआईपी पास का फोटो काॅपी 02 नग बरामद किया गया, साथ ही फोटोकापी कलर प्रिंटर मषीन इत्यादि जप्त कर उसकी दुकान को सील किया गया। 
        उक्त कार्यवाही में तहसीलदार श्री प्रमोद पटेल, श्री ऋतुराज सिंह, थाना कुनकुरी से स.उ.नि. मनोज कुमार साहू एवं थाना स्टाॅफ का योगदान रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था के संबंध में दिए निर्देश, अधिकारी फील्ड में जाकर समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करें

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री श्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।

बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में 'सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली' लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए।

मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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जो भी भक्त शिव महापुराण की कथा मन से सुनता है भोले बाबा अपने भक्तों का कल्याण अवश्य करते हैं---- पंडित श्री प्रदीप मिश्रा 

कथा के चौथे दिन प्रभु श्री राम और पांडवों के वनवास काल के समय शिव भक्ति का वर्णन किया 

जशपुरवासी सौभाग्यशाली है कि साक्षात भोले शंकर प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के रूप में है विराजमान 

कुनकुरी/नारायणपुर : कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को कहा कि जो भी भगत महाशिवपुराण की कथा सुनने जाता है भोले बाबा उनकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। और उनकी झोली में खुशियां भर देते हैं। जो भी व्यक्ति मन से और श्रद्धा भाव से शिव की भक्ति करते हैं। उनके दुखों को दूर करने की जिम्मेदारी भोले बाबा की होती है। सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी  देवताओं की पूजा अर्चना की जाती है। पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने शिव भक्तों को कथा सुनाते हुए कहा कि  प्रभु श्री राम भगवान 14 वर्ष के वनवास के लिए जा रहे थे तो उनके पिता  श्री दशरथ  जी ने उन्हें शिव की भक्ति करने के लिए कहा। पांडव पांचों भाई और उनकी पत्नी द्रोपदी के साथ वनवास गए तो उन्हें भी शिव की भक्ति करके अपने कष्टों को दूर करने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जशपुर वासियों के लिए बड़ा सौभाग्य की बात है। साक्षात शिव जी मधेश्वर पहाड़ के रूप में जशपुर में विराजमान हैं और शिव भक्तों को अपनी कृपा बरसा रहे हैं। छत्तीसगढ़ी वासियों बहुत धन्य है प्रभु श्री राम ने वनवास काल का अधिकतम समय छत्तीसगढ़ में बिताया है। पंडित मिश्रा जी ने कहा किसी को फालो मत करना लेकिन शिव जी की फालो जरूर करना भोले बाबा ने..…. हमें चलना सिखाया सब भक्तो को मिलना सिखाया 
बहुत दे दिया है ... तेरा शुक्रिया है।
शिव भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु । आज शिव महापुराण कथा के चौथे दिन प्रभु श्री राम और पांडव की कथा सुनाया गया।

     कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
     जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।

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शिवमहापुराण का तीसरा दिन : देव हो या मानव जिसने भी इस लोक में जन्म लिया उन्हें सुख के साथ दुख भी झेलना पड़ेगाः पंडित श्री प्रदीप मिश्रा

 

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं ने सुनी शिव महापुराण कथा

जशपुरनगर, : शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने मानव जीवन में होने वाले सुख और दुख के क्षण में महाशिव पुराण किस तरह से शक्ति प्रदान करती है उसके महत्व को उजागर किया। 
  मयाली में मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा में कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जिसका भी जन्म मृत्युलोक में होता है उन्हें सुख के साथ दुख भी भोगना पड़ता है। भगवान राम हो या कृष्ण जिन्होंने जगत कल्याण के लिए इस लोक में जन्म लिया उन्हें भी कष्ट भोगना पड़ा। जिस तरह से छाता बारिश से बचाव करती है। उसी तरह शिव महापुराण बल देती है कष्ट को सहने की। उन्होंने कहा कि जिन्हें ज्यादा अपमानित किया जाता है, अवहेलना किया जाता है वहीं व्यक्ति आगे चलकर संसार में नाम कमाता है। 
    भारत की भूमि आज भगवा रंग में रंग गया है तो यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ही देन है। दया ही सबसे बड़ा धर्म है। जगत कल्याण के लिए जिन्होंने कष्ट सहा, फिर भी धर्म से नहीं भटके सही मायने में वह दिव्य पुरुष है। समुद्र मंथन में निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण कर समस्त लोक की रक्षा की है। पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सभी देवी देवता रूप बदलते हैं। भगवान शिव को रूप बदलने को जरूरत नहीं पड़ती है। उनका एक ही रूप है। जिस तरह से भक्तगणों को मंदिर जाने की लालसा रहती है। उसी तरह भगवान शिव को भी भक्तों की श्रद्धा की ललक रहती है। सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और उनके परिवार के अन्य सदस्यों सहित बड़ी संख्या में भक्तगणों ने कथा स्थल आकर शिव महापुराण कथा का श्रवण किया।

पहाड़ी कोरवाओं ने कथा स्थल आकर  शिव महापुराण कथा सुनी

आज शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन बोरोकोना, तहसील मनोरा से आए पहाड़ी कोरवाओं ने भी भक्ति रस की बह रही धारा में दिव्य स्नान किया। दिनेश राम, राजनाथ राम, रंजीत राम ने बताया कि आज  भगवान शिव की कथा सुन कर उनके मन को आत्मिक खुशी मिली। उन्होंने कहा कि पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों में जिस प्रकार से शिव भक्ति के साथ ही जीवन जीने का संदेश दे रहे है। उसका पालन करने से जीवन सफल हो जाएगा।

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जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में 26 मार्च को निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन.... अघोर परिषद ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित शिविर में कई राज्यों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के इलाज का ग्रामीण जनता को मिलेगा लाभ

नारायणपुर : अघोर परिषद ट्रस्ट स्थापना दिवस के अवसर पर  जन सेवा अभेद आश्रम नारायणपुर-चिटकवाईन में 26 मार्च को नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया जाएगा. इसकी जानकारी अघोर परिषद ट्रस्ट, नारायणपुर के द्वारा  जानकारी दी गई है.

   जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में अघोर परिषद ट्रस्ट, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी के सहयोग से आम जनमानस के कल्याणार्थ हेतू निःशुल्क चिकित्सा शिविर में कई राज्यों के चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ दवा प्रदान की जाएगी,इस चिकित्सा शिविर में यूपी और बिहार से कई जानें माने चिकित्सक मौजूद रहेंगे. मालूम हो कि संस्था द्वारा निशुक्ल स्वास्थ्य शिविर जगह जगह आयोजित होते रहते है

   इस चिकित्सा शिविर में मुख्य रुप से नेत्र रोग, दंत रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नाक कान गला रोग, चर्म रोग, हृदय रोग एवं अन्य रोगों के विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन, सर्जन आदि अपनी सेवाएँ प्रदान करेगें इस शिविर में सभी रोगों का निःशुल्क परामर्श एवं असहायों को मुफ्त दवा प्रदान की जाएगी ।

   इस चिकित्सा शिविर में एलोपैथिक चिकित्सक के अलावा होम्योपैथी एवं फिजियोथेरेपी आदि के चिकित्सकगण भी अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे,यह चिकित्सा शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।जन सेवा अभेद आश्रम के सदस्य गांव गांव जाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दे रहे हैं।

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मयाली में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन :भोले बाबा को बस एक लोटा जल सारी समस्या का हल,पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने तामसिक भोजन से दूर रहने और अपने मन के अहंकार को दूर करने का दिया संदेश

जशपुर/कुनकुरी :  कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को संगीतमय वातावरण में भोले बाबा... ने बहुत दे दिया है ... तेरा शुक्रिया है।
शिव भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु । आज शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को मांस मंदिरा तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया शिव की  आराधना शिव की भक्ति में मन लगाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भोजन करते समय अपना पानी स्वयं रखें उसके बाद ही भोजन करें इससे तीन प्रकार की बीमारी ठीक हो जाती है। पहला घुटने का दर्द, दूसरा  रीड की हड्डी का दर्द और तीसरा सर का दर्द दूर हो जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कैलाश पर्वत पर नन्दी भोले बाबा के प्रिय क्यों है उनकी महत्ता बताई भक्तों को पंडित मिश्रा जी ने बताया कि कोई काम बहुत समय से सफल नहीं हो पा रहा है तो एक काम करो शिव की भक्ति करो। भक्तों को अहंकार से दूर रहने और अपने भीतर के बुरे विकारों को भी दूर करने के लिए कहा। 

     कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
     जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।

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प्रदेश सरकार के आदेश को लेकर पंचयात सचिव हुए नाराज,कुनकुरी में आंदोलनरत सचिवों ने फूंकी आदेश की कापी, किया विरोध प्रदर्शन,जाने क्या है इसके पीछे की  वजह


नारायणपुर :-  कुनकुरी विकासखंड में प्रदेश सचिव संघ आव्हान पर दिनांक 17 मार्च से कुनकुरी जनपद पंचायत सचिव  अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है जिसके कारण  पंचायतों का काम काज पूरी तरह से ठप्प है।  आज 6वें दिन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार शासन द्वारा 24 घण्टे के भीतर हड़ताल समाप्त करते हुए अपने कर्तव्यों पर लौटने हेतु आदेश भेजा गया था जिसकी प्रतियां जला कर कुनकुरी जनपद के सचिवों ने  विरोध प्रदर्शन किया । जिसमें 51 पंचयात के सचिव धरने पर बैठे रहे 

पिछले 30 सालो से सचिवों के द्वारा शासकीय करन करने का मांग किया जा रहा है, विधानसभा चुनाव के पूर्व भा ज पा ने अपने घोषणा पत्र में पंचायत सचिवों का शासकीयकरण की मांग को शामिल किया था जिसको आज पर्यन्त पूरा नही किया गया है।

  आज प्रदेशभर में ग्राम पंचायत सचिवों ने हड़ताल बंद नहीं करने का ऐलान कर दिया। सरकार की चेतावनी के बाद भी सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं । सरकार के आदेश की कॉपी जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सचिवों ने सरकार पर दमनात्मक नीति अपनाने का  आरोप लगाया है। प्रदेश के सभी मुख्यालय में जनपद परिसर में सचिव संघ के सदस्यों ने सरकार के आदेश को जलाकर भारी नाराजगी व्यक्त की है

पंचायत सचिव संघ के सदस्यों ने कहा कि, शासकीयकरण की मांग को लेकर वह 17 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  मांग पुरी नहीं होने से पंचायत सचिव का हड़ताल जारी रहने वाला हैं आने वाले समय में हमारे परिवार के लोग भी हड़ताल पर रहेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी। हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। वहीं आने वाले 1 अप्रैल को पूरे प्रदेश के सचिव संघ मंत्रालय का घेराव करेंगे।

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