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वर्षों बाद गणित और विज्ञान के व्याख्याता मिलने पर अभिभावकों और छात्रों में खुशी

रायपुर : मोहला मानपुर जिले के हाई स्कूल वासड़ी में वर्षों बाद गणित और विज्ञान के व्याख्याता मिलने पर अभिभावकों और छात्रों में खुशी देखी जा रही है। अभिभावकों ने कल स्कूल में पहुंचकर   खुशी अपनी जाहिर की। उन्होंने  शिक्षकों की युक्तिकरण योजना की प्रशंसा करते हुए  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और  प्रशासन के  प्रति  धन्यवाद ज्ञापित किया। अभिभावकों ने कहा कि युक्तिकरण की योजना के कारण ही उन्हें इतने सालों बाद विज्ञान और गणित के व्याख्याता मिल पाए हैं।

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बरसात शुरू होते ही झटके खाने लगी बिजली, उपभोक्ता परेशान - Electricity Consumers Upset in Narayanpur

नारायणपुर :  बरसात शुरू होते ही बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई है. बारिश में उत्पन्न होने वाली तकनीकी खराबी से निपटने के लिए नारायणपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लगातार बहाल रहे इसे लेकर विभाग  लगातार काम कर रहा है. इसके बाद भी नारायणपुर में बिजली की समस्याओं से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है. बारिश होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था ठप पड़ जाती है.शहरी क्षेत्र में  कुछ हद तक बिजली दुरुस्त है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिजली को लेकर आज भी परेशानी बनी हुई है

      कई दिनों उमश भरी गर्मी की तपिश झेल रहे लोगों को बिजली की आंख मिचौली से परेशानी झेलना पड़ रहा है। नारायणपुर में इन दिनों कई बार बिजली गुल हो रही है। लाइन जाते ही लोगों को गर्मी से परेशानी बढ़ जाती है। गर्मी की तपिश से बचने के लिए लोग पंखा, कूलर का सहारा लेते जरूर हैं लेकिन लाइन कटते ही ये उपकरण बंद हो जाते हैं।खास कर शाम के समय प्रति दिन बिजली गुल हो रही है। बिजली कटते ही लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल कर खुले खेत में जाकर बैठ जाते हैं। ताकि शरीर में हवा लगे। इस उमस भरी गर्मी से राहत मिले। इस परिस्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठाना पड़ रहा है।  किसान भाइयों की समस्या भी है। स्कूली बच्चे, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी करने वाले छात्र भी बिजली संकट के बीच परेशान हो रहे हैं।

     बिजली उपभोक्ताओं को लगातार  रूप से बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है,एक ओर लोग इस उमस भरी गर्मी से परेशान हैं, वही बिजली सही ढंग से नही मिलने से व्यवसाय पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।बिजली आपूर्ति सही तरीके से हो,ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सकें। शाम ढलते ही बिजली गुम हो जाती है, कभी कभी आधी रात में भी बिजली आंख मिचौली करती रहती है। इस हालत में बिजली नहीं रहने से बिजली संचालित उपकरण शो पीस की वस्तु बनकर रह जाती है।  विभागीय कर्मचारियीं की उदासीनता  और लगे घटिया सामग्री के बार बार खराब के कारण जमीनी हकीकत कुछ और रहता है

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मुख्यमंत्री श्री साय से छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात,ओलम्पिक दिवस आयोजन हेतु किया आमंत्रित


 रायपुर,: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और श्री साय को 23 जून को ओलम्पिक दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। 
इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, प्रदेश वालीबॉल संघ अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ उपाध्यक्ष श्री सुनील रामदास एवं संयुक्त सचिव श्री प्रशांत रघुवंशी उपस्थित थे। इस दौरान छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष है।
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आईआईएम में उद्यमिता प्रशिक्षण से बदली दंतेवाड़ा के युवाओं की जीवन की दिशा

रायपुर, : / कभी चुनौतियों से जूझते रहे दंतेवाड़ा के युवाओं के जीवन में अब उम्मीद की एक नई किरण जगी है। यह बदलाव आया है एक अनोखी और अभूतपूर्व पहल के माध्यम से जिसके केंद्र में हैं भारतीय प्रबंधन संस्थान आईआईएम रायपुर, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार। 

13 जून 2025 को जब आईआईएम रायपुर में उद्यमिता सर्टिफिकेट प्रोग्राम बैच-2 का समापन हुआ, तो मंच पर केवल प्रमाण पत्र नहीं बांटे गए, बल्कि युवाओं के सपनों को पंख दिए गए। यह दो महीने का आवासीय कार्यक्रम, जिसमें दंतेवाड़ा के 50 चयनित युवाओं को उद्योग, व्यवसाय और नवाचार के विविध आयामों की गहराई से शिक्षा दी गई। 

दंतेवाड़ा के युवा, जो कभी सीमित अवसरों और अस्थिर परिस्थितियों के बीच जीते थे, अब अपने व्यवसायिक सपनों की स्पष्ट तस्वीर देख पा रहे हैं। आईआईएम में उद्यमिता प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके दंतेवाड़ा के राकेश यादव का कहना है कि इस प्रशिक्षण ने सिखाया कि हमारे जंगल का महुआ और इमली भी रोज़गार का आधार बन सकते हैं।अब मैं सिर्फ सपने नहीं देखता, उन्हें साकार करने की दिशा में बढ़ चुका हूं। किरंदुल के अभिषेक गुप्ता, बीजापुर के तेजस्व कुमार और नीलम पांडे जैसे प्रतिभागियों ने बताया कि आईआईएम का प्रशिक्षण उनके जीवन के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हो रहा है। शिल्पा कुमारी जो बचेली से है ने कहा कि  प्रशिक्षण से हमनें न केवल व्यवसाय शुरू करने की तकनीक सीखी बल्कि हमें यह भी ज्ञान मिला कि कैसे हम अपने क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का उपयोग करके आत्मनिर्भर बन सकते है। कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाले ये युवा अब उद्यमिता के प्रशिक्षण से आत्मविश्वास से भर चुके हैं।

इस कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की पहल और सतत् मार्गदर्शन से यह सपना साकार हुआ। प्रशासन ने न केवल युवाओं की पहचान की, बल्कि उन्हें आईआईएम रायपुर जैसे संस्थान में भेजकर यह दिखा दिया कि अगर सोच बदल दी जाए, तो हालात भी बदल सकते हैं।

आईआईएम रायपुर ने 23 अप्रैल से 13 जून तक इन युवाओं को केवल प्रशिक्षण नहीं दिया, बल्कि उनके अंदर के नेतृत्व और नवाचार की चिंगारी को ज्वाला में बदल दिया। व्यवसाय योजना बनाना, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन, डिजिटल उपकरणों का प्रयोग आदि हर पहलू को व्यावहारिक तरीके से सिखाया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रशिक्षण के दौरान युवाओं से मिलकर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में असीम ऊर्जा है। यदि सही दिशा और प्रशिक्षण मिले, तो वे न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। मुख्यमंत्री के सहज, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक नेतृत्व ने प्रतिभागियों में नया आत्मबल भर दिया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य की नींव है। जो क्षेत्र कभी संघर्ष और अशांति के लिए जाना जाता था, अब वहां महुआ आधारित उद्योग, इमली प्रसंस्करण इकाइयाँ, और स्थानीय पर्यटन जैसे नए व्यवसाय पनप रहे हैं। यह कहानी केवल दंतेवाड़ा के 50 युवाओं की नहीं, बल्कि पूरे बस्तर की है। एक ऐसे बस्तर की जो अब नकारात्मक छवियों से ऊपर उठकर उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की मिसाल बन रहा है। जिला प्रशासन और आईआईएम रायपुर के इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि अगर मंशा साफ हो और मार्गदर्शन सटीक, तो हर बाधा अवसर में बदली जा सकती है।

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नवीन शिक्षा सत्र के पहले दिन शिक्षकों ने बच्चों को तिलक लगाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर किया स्वागत

कुनकुरी:- कुनकुरी विकासखंड में स्थित प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली में ग्रीष्मकालीन अवकाश पश्चात नवीन शिक्षा सत्र के प्रथम दिवस पर विद्यालय पहुंचे बच्चों का स्वागत उत्सव के रूप में किया गया। प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता एवं शिक्षक महेश तिर्की ने तिलक लगाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर बच्चों का स्वागत किया। प्रथम दिवस पर प्रधान पाठक बच्चों से रूबरू हुए और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान उनके द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों को जाना। बच्चों ने बताया कि हमें विद्यालय खुलने का इंतजार था, आज विद्यालय आकर बहुत अच्छा लग रहा है। प्रधान पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस सत्र हम सभी मिलकर विद्यालय को नयी ऊंचाई तक लेकर जाएंगे चाहे वह संज्ञानात्मक क्षेत्र हो या सह संज्ञानात्मक क्षेत्र या फिर विद्यालय परिसर को सुंदर बनाना, इस सत्र हमारा प्रयास होगा कि सामुदायिक सहभागिता से स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि आप और अच्छी तरह से विषयों को समझ सकें। शिक्षक महेश तिर्की ने कहा कि ग्यारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 15 जून से 21 जून तक *योग महाकुंभ - योग उत्सव* की शुरुआत हो गई है, शासन के निर्देशानुसार विद्यालय में भी प्रतिदिन इसका आयोजन किया जाना है इसलिए 17 जून से पहला कालखंड योगाभ्यास से प्रारंभ होगा जिसका समय प्रातः 7.00 से 8.00 बजे तक का होगा आगे उन्होंने कहा कि इस योग सत्र में आप सभी अपने पालकों, पड़ोसियों को भी शामिल होने हेतु निवेदन करें।
अंत में प्रधान पाठक ने उपस्थित सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

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विधायक के हाथों हुआ रौनियार दर्पण स्मारिका सह वैवाहिक दर्पण का विमोचन....रौनियार गुप्ता समाज के 200 से अधिक लोग रहे उपस्थित

सीतापुर : रौनियार (गुप्ता) समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में रौनियार दर्पण परिवार द्वारा प्रकाशित "रौनियार विवाह दर्पण सह स्मारिका 2025" का विमोचन 15 जून 2025 को सीतापुर के सरईपारा (गुतुरमा) स्थित मैरिज गार्डन में सीतापुर विधायक माननीय श्री राम कुमार टोप्पो जी तथा समाज के गणमान्य हस्तियों के करकमलों से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में रौनियार समाज के 200 से अधिक पदाधिकारी सदस्य एवं आमजन उपस्थित रहे।

रौनियार समाज की सक्रिय घटक "रौनियार दर्पण परिवार" ने इस पत्रिका हेतु सामग्री, लेख, जानकारी संकलित किया। पत्रिका में समाज में उत्कृष्ट का कार्य करने वाले विभूतियों, मेधावी छात्र-छात्राओं के सुयश, समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने व्यक्तित्व तथा 350 से अधिक विवाह योग्य युवक युवतियों का डाटा प्रकाशित किया गया है। रौनियार दर्पण पत्रिका में छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में निर्मित हो रहे समाज के सामुदायिक भवन/धर्मशाला तथा अन्य धरोहरों का विवरण प्रकाशित है। इसके साथ ही रौनियार समाज के जनप्रतिनिधि जो पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुनकर आए हैं उनकी सूची भी प्रकाशित की गई है। उल्लेखनीय है कि समाज के कुल 95 सदस्य पिछले वर्ष चुनाव जीतकर आये है, जिनमें 1 नगर पंचायत अध्यक्ष, 3 जनपद उपाध्यक्ष, 18 उप सरपंच और 66 पंच शामिल हैं।
सही मायनों में यह पत्रिका सामाजिक जागरूकता, विकास, संगठन की एकता और उन्नति के लिए समाज का दर्पण है। पत्रिका में नारी सशक्तिकरण, जागरूकता, आत्मनिर्भरता, उनकी उपलब्धियां, विचार और सम्मान सहित विभिन्न पर्व एवं त्योहार को उल्लास और आनंद से मनाए गए चित्र और लेख को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
सरईपारा (सीतापुर) मैरिज गार्डन में संपन्न विमोचन समारोह में माननीय विधायक रामकुमार टोप्पो जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उनके साथ इकाई संयोजक श्री रामचरण गुप्ता, रौनियार पितामह श्री शिवशंकर गुप्ता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री गोपाल रौनियार वरिष्ठ समाजसेवी जगन्नाथ गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता, जनपद उपाध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार गुप्ता एवं पूर्व युवा अध्यक्ष श्री संतोष कुमार गुप्ता मंचासीन रहे। 
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ महर्षि कश्यप जी की आरती और भारत के राष्ट्रगान जन गण मन से हुआ। इसके पश्चात गणमान्य लोगों के उद्बोधन हुए तथा शाम ठीक 8 बजे पत्रिका का विमोचन किया गया। सभा के अंत में जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक श्री टोप्पो जी ने समाज को राजनीतिक सामाजिक और व्यापारिक उपलब्धियां के लिए बधाई दी। रौनियार दर्पण पत्रिका के अवलोकन पश्चात उन्होंने कहा पत्रिका की सामग्री अत्यंत उपयोगी है। अपने समाज की प्रतिभाओं और उत्कृष्ट विभूतियों को प्रोत्साहित तथा सम्मानित करने का यह कार्य अन्य समाज के लिए भी अनुकरण के योग्य है। वे इस सोच और प्रयास के लिए रौनियार दर्पण परिवार को साधुवाद देते हैं।

विमोचन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय जी भी आमंत्रित थी, रायपुर में होने के कारण वे शामिल नहीं हुईं परन्तु उन्होंने विमोचन से ठीक पहले टेलिफोनिक संदेश के माध्यम से समाज को बधाई देते हुए इस नेक कार्य के लिए रौनियार दर्पण टीम की सराहना की। उन्होंने समाज की मातृशक्तियो को उनकी जागरूकता, समर्पण और सक्रियता के लिए प्रशंसा की और छोटी बहन कहा।

कार्यक्रम में रौनियार दर्पण परिवार के संस्थापक यतींद्र गुप्ता एवं मंदिश गुप्ता, मुकेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, उमेश गुप्ता, रामनिवास गुप्ता, मनोज गुप्ता, विशाल गुप्ता, डॉ शैलेश गुप्ता, कुंदन गुप्ता, रंजीत गुप्ता, राजकपूर गुप्ता, धर्मपाल गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता तथा महिला मंच से अमृता गुप्ता, नीलू गुप्ता, ज्योति गुप्ता, कविता गुप्ता, जय गुप्ता, संगीता गुप्ता, मीनाक्षी गुप्ता, आशा गुप्ता, सोमा गुप्ता, सुनीता गुप्ता आदि उपस्थित रहे। सभा का संचालन यतींद्र गुप्ता ने किया।

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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 18 जून को मनाया जाएगा विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस,,,,,किया जाएगा मरीजों को निःशुल्क चिकित्सीय प्रबंधन*

जशपुरनगर, / विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस प्रति वर्ष 19 जून को मनाया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 18 जून 2025 को 'विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस' मनाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में समस्त आयुष्मान मंदिरों में 18 जून 2025 को होने वाला आरोग्य मेला को 'विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस थीम आधारित आयोजन किया जाएगा।
   सिकल सेल एक आनुवंशिक विकार है। विश्व सिकल सेल जागरूकता  दिवस का उद्देश्य सिकल सेल रोग के बारे में लोगों की जानकारी एवं समझ बढ़ाना तथा रोगियों और उनके परिवार तथा उनकी देखभाल करने वालों द्वारा अनुभव की जाने वाली चुनौतियों के बारे में भी लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस 2008 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित किया गया था, जो सिकल सेल रोग को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता देता है। 

विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस का महत्व

 यह दिवस सिकल सेल रोग के बारे में लोगों की जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए है। इसके साथ ही रोग से पीड़ित लोगों और उनके परिवारों के समर्थन को बढ़ावा देना, सिकल सेल रोग के इलाज और रोकथाम के लिए शोध को प्रोत्साहित करना और रोग से पीड़ित लोगों के लिए स्वास्थ्य देखभाल में सुधार करने के लिए प्रयास करता है।
    इस दिवस में समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सिकल सेल के संबंध में जागरूक करने के साथ ही  सिकल सेल मरीजों को निःशुल्क चिकित्सीय प्रबंधन किया जाएगा।इसके साथ ही सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा स्क्रीनिंग किये गये व्यक्तियों को सिकल सेल जेनेटिक कार्ड प्रदाय करना और सिकल सेल से संबंधित भेदभाव को कम किये जाने हेतु व्यापक जागरूकता, समुदाय आधारित कार्यकम  आदि किया जाएगा।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं

जशपुरनगर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को  प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
   इसके साथ ही उन्होंने प्राप्त आवेदनों का निराकृत होने पर उसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को देने के लिए कहा, ताकि उनको अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। आज जनदर्शन में कुल 58 आवेदन प्राप्त हुए।  इसमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी मामले, राशन कार्ड, स्कूल में प्रवेश, स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने संबंधित मामले सहित विभिन्न विषयों से संबंधित मांगें शामिल थीं।

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सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों ने तिलक लगाकर  निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित कर बच्चों का हुआ शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन

जशपुर, / सिंगीबहार में आयोजित धरती आबा शिविर में प्राथमिक शाला सिंगीबहार एवं संकुल केंद्र के बच्चों हेतु नवीन शिक्षण सत्र में प्रवेश हेतु शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सरपंच सुनीता पैकरा, जनपद सदस्य ममता सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों को मिठाई और निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का भी वितरण किया गया। सरपंच द्वारा सभी बच्चों के स्वागत के लिए न्योता भोज का भी आयोजन किया गया। जहां सभी जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को भोजन कराया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मिथलेश पैकरा, बीईओ दुर्गेश देवांगन, बीआरसी देवेंद्र सिंह, संकुल प्राचार्य अनिल किस्पोट्टा, शैक्षिक समन्वयक संकुल शैक्षिक समन्वयक अशोक यादव एवं समस्त पालक, छात्र छात्राएं एवं शिक्षकों  उपस्थित रहे।

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पुलिस कार्यप्रणाली में उर्दू-फारसी के कठिन शब्दों की जगह होगी अब सरल हिंदी में.....

रायपुर - प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनसुलभ, पारदर्शी और संवादात्मक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश के पश्चात अब राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली में प्रयुक्त होने वाले कठिन, पारंपरिक एवं आम नागरिकों की समझ से बाहर उर्दू-फारसी शब्दों को हटाकर उनकी जगह पर सहज और प्रचलित हिंदी शब्दों का उपयोग किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आम नागरिक जब किसी शिकायत, अपराध सूचना अथवा अन्य कार्य से थाने जाता है, तो वह अक्सर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर या अन्य दस्तावेजों की भाषा को लेकर असमंजस में रहता है। अन्य भासाओ के शब्द आम लोगों के लिए अनजाने होते हैं, जिससे वे न तो अपनी बात ठीक से समझा पाते हैं और न ही पूरी प्रक्रिया को ठीक से समझ पाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस का उद्देश्य नागरिकों की सहायता और सुरक्षा है, तो उसकी भाषा भी ऐसी होनी चाहिए जो नागरिकों की समझ में आए और उनके विश्वास को बढ़ाए।

उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि पुलिस की व्यवहारिक कार्यवाहियों में प्रयुक्त कठिन, पारंपरिक शब्दों को सरल और स्पष्ट हिंदी में बदला जाए। इसके लिए एक शब्द सूची भी तैयार की गई है, जिसमें पुराने कठिन शब्दों के स्थान पर उपयोग किए जाने योग्य सरल विकल्प सुझाए गए हैं।

इस पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी अधीनस्थ अधिकारियों को इस विषय में अवगत कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि यह आदेश केवल औपचारिकता भर न रहे, बल्कि इसका वास्तविक कार्यान्वयन प्रदेश की प्रत्येक पुलिस चौकी, थाने और कार्यालय में दिखे। 

छत्तीसगढ़ पुलिस अब केवल कानून का पालन कराने वाली संस्था न होकर जनसंवाद का माध्यम भी बनेगी। भाषा के इस सरलीकरण से शिकायतकर्ता को अपनी बात स्पष्ट रूप से कहने, सुनने और समझने में सुविधा होगी। एफआईआर जैसी प्रक्रिया, जो अब तक केवल अधिवक्ताओं या पुलिस कर्मियों की समझ में आती थी, वह अब आम नागरिक के लिए भी बोधगम्य हो सकेगी।

1 अदम तामील-सूचित न होना
2 इन्द्राज -टंकन
3 खयानत-हड़पना
4 गोश्वारा-नक्शा
5 दीगर-दूसरा
6 नकबजनी -सेंध
7 माल मशरूका लूटी-चोरी गई सम्पत्ति
8 मुचलका-व्यक्तिगत बंध पत्र
9 रोजनामचा-सामान्य दैनिकी
10 शिनाख्त-पहचान
11 शहादत-साक्ष्य
12 शुमार-गणना
13 सजायाफ्ता- दण्ड प्राप्त
14 सरगना -मुखिया
15 सुराग -खोज
16 साजिश -षडयंत्र
17 अदालत दिवानी -सिविल न्यायालय
19 फौजदारी अदालत- दांडिक न्यायालय
20 इकरार नामा -प्रतिज्ञापन
21 बनाम विक्रय -पत्रक
22 इस्तिफा -त्याग-पत्र
23 कत्ल-हत्या
24 कयास -अनुमान
25 खसरा क्षेत्र- पंजी
26 खतौनी -पंजी
27 गुजारिश -निवेदन
28 जब्त -कब्जे में लेना
29 जमानतदार -प्रतिभूति दाता
30 जमानत -प्रतिभूति
31 जरायम- अपराध
32 जबरन -बलपूर्वक
33 जरायम पेशा -अपराधजीवी
34 जायदादे मशरूका -कुर्क हुई सम्पत्ति
35 दाखिलखारिज- नामांतरण
36 सूद -ब्याज
37 हुजूर -श्रीमान/महोदय
38 हुलिया -शारीरिक लक्षण
39 हर्जाना क्षति-प्रतिपूर्ति
40 हलफनामा-शपथ-पत्र
41 दफा- धारा
42 फरियादी -शिकायतकर्ता
43 मुत्तजर्रर -चोट
44 इत्तिलानामा- सूचना पत्र
45 कलमबंद करना -न्यायालय के समक्ष कथन 
46 गैरहाजिरी -अनुपस्थिति
47 चस्पा- चिपकाना
48 चश्मदीद- प्रत्यक्षदर्शी
49 जलसाजी- कूटरचना
50 जिला बदर -निर्वासन
51 जामतलाशी -वस्त्रों की तलाशी
52 वारदात- घटना
53 साकिन- पता
54 जायतैनाती- नियुक्ति स्थान
55 हाजा स्थान-परिसर
56 मातहत -अधीनस्थ
57 जेल हिरासत -कब्जे में लेना
58 फौती -मृत्यु सूचना
59 इस्तगासा- छावा
60 मालफड -जुआ का माल मौके पर बरामद होना
61 अर्दली -हलकारा
62 किल्लत मुलाजमान- कर्मगण की कमी
63 तामील कुनन्दा- सूचना करने वाला
64 इमदाद -मदद
65 नजूल -राज भूमि
66 फरार -भागा हुआ
67 फिसदी- प्रतिशत
68 फेहरिस्त -सूची
69 फौत- मृत्यु
70 बयान- कथन
71 बेदखली-निष्कासन
72 मातहत- अधीन
73 मार्फत- द्वारा
74 मियाद -अवधी
75 रकबा-क्षेत्रफल
76 कास्तकार- कृषक
77 नाजिर -व्यवस्थापक
78 अमीन राजस्व -कनिष्ठ अधिकारी
79 राजीनामा -समझौता पत्र
80 वारदात -घटना
81 संगीन -गंम्भीर
82 विरासत -उत्तराधिकार
83 वसियत- हस्तांन्तरण लेख
84 वसूली -उगाही
85 शिनाख्त- पहचान
86 सबूत साक्ष्य-प्रमाण
87 दस्तावेज- अभिलेख
88 कयास -अनुमान
89 सजा -दण्ड
90 सनद -प्रमाण पत्र
91 सुलहनामा-समझौता पत्र
92 अदम चौक- पुलिस असंज्ञेय हस्ताक्षेप, अगोग्य अपराध की सूचना
93 कैदखाना- बंदीगृह
94 तफतीश/तहकीकात -अनुसंधान/जाँच/विवेचना
95 आमद/रवाना/रवानगी-आगमन, प्रस्थान
96 कायमी-पंजीयन
97 तेहरीर- लिखित या लेखीय विवरण
98 इरादतन- साशय
99 खारिज/खारिजी/रद्द निरस्त/निरस्तीकरण
100 खून आलुदा रक्त-रंजित/रक्त से सना हुआ
101 गवाह/गवाहन- साक्षी/साक्षीगण
102 गिरफ्तार/हिरासत -अभिरक्षा
103 तहत् -अंतर्गत
104 जख्त, जख्मी, मजरूब -चोट/घाव घायल/आहत
105 दस्तयाब -खोज लेना/बरामत
106 मौका ए वारदात-घटना स्थल
107 परवाना- परिपत्र/अधिपत्र
108 फैसला- निर्णय
109 हमराह -साथ में

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महाकुंभ योग सप्ताह के अंतर्गत 19 ग्रामों ने लोगों ने किया योगाभ्यास

जशपुर, / ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 15 जून से 21 जून तक महाकुम्भ-योग उत्सव के रूप में मनाते हुए अधिक से अधिक जनसामान्य को योग के प्रेरित करने उद्देश्य से जिले में योग सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसके द्वितीय दिवस में 19 ग्रामों में योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
           इस अवसर पर जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला कदमटोली एवं शासकीय माध्यमिक शाला लोदाम, जनपद पंचायत मनोरा के शासकीय प्राथमिक शाला सराईडीह एवं शासकीय प्राथमिक शाला सोनक्यारी, जनपद पंचायत बगीचा के शासकीय प्राथमिक शाला रेंगले, शासकीय प्राथमिक शाला पोस्कट, शासकीय हाई स्कूल चम्पा, शासकीय प्राथमिक शाला सराईपानी, जनपद पंचायत कांसाबेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बटईकेला एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छेराघोघरा, जनपद पंचायत कुनकुरी के शासकीय प्राथमिक शाला गोरिया एवं शासकीय प्राथमिक शाला केराडीह, जनपद पंचायत दुलदुला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चराईडांड, जनपद पंचायत फरसाबहार के ग्राम  शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिंगीबहार एवं शासकीय हाई स्कूल गंझियाडीह, जनपद पंचायत पत्थलगांव के सरस्वती शिशु मंदिर लुड़ेग, शासकीय प्राथमिक शाला सुखरापारा, शासकीय प्राथमिक शाला मयूरनाचा, शासकीय बालक माध्यमिक शाला सुरंगपानी में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों, शिक्षकों, शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर योगाभ्यास में भाग लिया। योग प्रशिक्षकों द्वारा शशकासन, शलभासन, उत्तानपादासन, उष्ट्रासन, वृक्षासन, ताड़ासन, त्रिकोणासन, वक्रासन, भुजंगासन, पद्मासन, पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायामों का अभ्यास कराया गया और योग से होने वाले लाभों की जानकारी दी गयी। 
        उल्लेखनीय है कि इस योग सप्ताह के अंतर्गत 21 जून को जशपुरनगर के रणजीता स्टेडियम में अंतराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी जनप्रतिनिधियों एवं आम जनों के साथ योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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जिले के समस्त  आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण की उपस्थिति में पांच दिवसीय होगा योगाभ्यास

जशपुरनगर : अंतराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर संचालनालय आयुष छ0ग0 रायपुर के आदेश पर जिले में समस्त आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 17 से 21 जून 2025 तक 05 दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। योग शिविर का आयोजन स्थानीय प्रतिष्ठितजनो की उपस्थिति में किया जायेगा।
  
योग शिविर में जनसामान्य को योग के प्रति जागृत करने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। जिससे की प्रतिदिन अधिकाधिक जनसामान्य योग शिविर में शामिल होकर लाभ प्राप्त कर सके। जनसामान्य के लिये योग शिविर में योग चिकित्सक-प्रशिक्षक द्वारा योगाभ्यास की जानकारी, योग का लाभ, योग की प्रक्रिया की विशेष जानकारी दी जा रही है। जिससे व्यक्ति को उनके रोगों के उपचार में लाभ प्राप्त हो सके।
  
स्थानीय अन्य विभागों से भी समन्वय कर शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों, स्कूली छात्र-छात्राओ, ग्राम मितानिन-आशा वर्करों को शिविर का लाभ लेने के लिये प्रात्साहित किया जा रहा है। योग शिविरों में आयुष काढ़ा एवं अंकूरित अनाजों का भी वितरण किया जाएगा और उनके लाभों की जानकारी भी जनसामान्य को प्रदान की जा रही है।
  
05 दिवसीय योग शिविर आयोजन हेतु स्थल का चिन्हांकन किया गया है। जिसमें जनसामान्य उपस्थित होकर योग शिविर का लाभ ले सकते हैं। इन स्थलों में प्रातः 7.00 बजे से 8.00 बजे तक योग शिविर का आयोजन होगा। इनमें आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. जशपुर, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. सरईपानी, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. अंकिरा, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. बन्दरचुवां, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. रनपुर, आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. रौनी और आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर शास.आयु.औष. सुलेसा शामिल है।

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मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेघावी शिक्षा सहायता योजना : जिले के 6 मेघावी छात्रों को मुख्यमंत्री के हाथों मिली 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि


जशपुरनगर : /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेघावी शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में स्थान पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। इसमें जशपुर जिले के 10 वीं और 12 वीं के 6 मेघावी छात्र भी शामिल थेे। जिन्हें मुख्यमंत्री के हाथों को दो-दो लाख रूपए का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ है। इन 02 लाख रूपए में 01 लाख रूपए नगद एवं 01 लाख रू. 2 पहिया वाहन स्कूटी क्रय के लिए दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक के बच्चों को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10 वीं 12 वीं की परीक्षा में टॉप 10 में आने पर 2 लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है।

   मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेघावी शिक्षा सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के नमन कुमार खूंटिया, पूर्णिमा पैंकरा, हर्षिता सिंह, पूजा चौहान, रितु कुर्रे और माही डनसेना को 2 लाख के मान से 12 लाख रूपए की राशि का चेक दिया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार श्रमिक परिवारों की आवश्यकताओं को भली-भांति समझती है और उनके समग्र कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। आप सभी का स्नेह और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम सब मिलकर एक विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करेंगे।

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समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले और नदारद शिक्षकों पर होगी कार्रवाई....बीईओ और बीआरसी को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के दिए गए निर्देश,,,पढ़ाने में रुचि न रखने वाले शिक्षकों की दें रिपोर्ट

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने रविवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। और बच्चों को यूनिफॉर्म, किताब ,पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति, सायकिल सहित शासन की योजनाओं का लाभ देने के लिए कहा है।

 कलेक्टर ने विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्य करने के लिए कहा है।इसके लिए एनजीओ का भी सहयोग लेने के लिए कहा ताकि बच्चों के शिक्षा स्तर को बेहतर बनाया जा सके। 

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी, यूनीसेफ, ओपन लिंक फाउंडेशन, प्रथम एजुकेशन सोसाइटी , अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों तथा जिले के समस्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारीयों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र के स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे और स्कूल में बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों को उपस्थित समय पर शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं कि नहीं सतत् निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं और नदारद रहते हैं ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने सभी संकुल समन्वयक को शिक्षकों की उपस्थिति का अवलोकन करने के लिए टै्रकिंग करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने सभी स्कूलों में डेली डायरी बनाने के निर्देश दिए हैं और प्रतिदिन की गतिविधियों को दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान डेली डायरी का अनिवार्य रूप से अवलोकन करें और 
5 वीं से 6 वीं में जाने वाले बच्चों का बेस लाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 

कलेक्टर ने प्राथमिक स्तर के कमजोर बच्चों को विशेष ध्यान देकर उनका शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए हैं। कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षा लगाकर उनका शैक्षणिक स्तर बेहतर करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि ऐसे शिक्षक जो एक्टिव नहीं और बच्चों को पढ़ाने में ध्यान नहीं देते उनकी बीईओ और बीआरसी को प्रत्येक सप्ताह रिपोर्ट देने के दिए निर्देश।
स्कूल में बच्चों को जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारियों और शिक्षकों के सहयोग से शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जाति प्रमाण बनाने के जरूरी दस्तावेजों का चेक लिस्ट बनाकर जरूरी कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा है 
इसके लिए बच्चों के पालकों का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए है ताकि महत्वपूर्ण और जरूरी दस्तावेज जमा किया जा सके।

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बस्तर अंचल को मिला बड़ा तोहफा : डबल इंजन सरकार में तेजी से हो रहा है विकास: 307.96 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा 11.38 किमी लंबा 4-लेन केशकाल बाईपास

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी  द्वारा 307.96 करोड़ रुपए की लागत से पेव्ड शोल्डर मानक के साथ 4 लेन में केशकाल बाईपास निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रदेशवासियों विशेषकर बस्तर अंचल की जनता की ओर से हार्दिक आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह बाईपास केशकाल घाट खंड में यातायात बाधाओं को दूर कर सुगम, सुरक्षित व निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में तेजी से बस्तर अंचल का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति केंद्र और राज्य  सरकार की समन्वित विकास नीति का परिणाम है, जो बस्तर जैसे जनजातीय अंचल को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक और ठोस कदम है। इस ऐतिहासिक स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी की दूरदृष्टि और पहल के लिए आभार जताते हुए इसे बस्तर के विकास के लिए निर्णायक कदम बताया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (नया NH-30) पर केशकाल घाट खंड को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए 307.96 करोड़ रुपए की लागत से 11.380 किलोमीटर लंबा 4-लेन बाईपास निर्माण अपग्रेड की स्वीकृति दी गई है। यह बाईपास पेव्ड शोल्डर मानक के अनुरूप होगा और इसके बनने से बस्तर अंचल में कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना विशेष रूप से केशकाल घाट के कठिन भौगोलिक खंड को पार करने में सहूलियत प्रदान करेगी। 

बाईपास के निर्माण से न केवल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, बल्कि वाहन चालकों को तेज, सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। 
बाईपास निर्माण से शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को जाम और दुर्घटना की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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प्रदेश के स्कूल अब शिक्षक विहीन नही: 10,372 स्कूलों का एकीकरण, शिक्षकों का व्यापक युक्तियुक्तकरण.....छात्रों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सुविधा

रायपुर : राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और सार्थक पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में यह दूरगामी सुधार, वास्तव में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक विसंगतियों के समाधान का कारगर प्रयास है।

युक्तियुक्तकरण से पहले, छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल की शालाओं में शिक्षकों की कमी, नगरीय इलाकों और उसके समीप की शालाओं में जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की पदस्थपना के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही थी और इसका असर बच्चों के परीक्षा परिणाम पर भी पड़ रहा था। 

राज्य के लगभग 212 प्राथमिक शालाएं और 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षक विहीन थीं, जबकि 6,872 प्राथमिक शालाएं और 255 पूर्व माध्यमिक शालाएं केवल एक शिक्षक के साथ संचालित हो रही थीं। इसके अतिरिक्त 211 शालाएं ऐसी थीं जहाँ छात्र संख्या शून्य थी, लेकिन शिक्षक पदस्थ थे। इसके अलावा, 166 शालाओं को समायोजित किया गया, इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की 133 शालाएं शामिल थीं, जिनकी दर्ज संख्या 10 से कम थी और दूरी 1 किमी से कम थी, तथा शहरी क्षेत्रों की 33 शालाएं थीं, जिनकी दर्ज संख्या 30 से कम थी और दूरी 500 मीटर से कम थी।

इन चुनौतियों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का छात्र-अध्यापक अनुपात (पीटीआर) राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय रूप से बेहतर था, प्राथमिक शालाओं के लिए पीटीआर-20 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 है और पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए पीटीआर-18 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 38 है। हालांकि, वितरण असमान था। राज्य में लगभग 17,000 प्राथमिक शालाएं और लगभग 4,479 पूर्व माध्यमिक शालाएं थीं, जिनका पीटीआर-20 से कम था। अकेले शहरी क्षेत्रों में 527 ऐसे विद्यालय थे, जिनका पीटीआर-10 से कम था, जिनमें 15 या उससे अधिक शिक्षकों वाली 08 प्राथमिक शालाएं, 10-15 शिक्षकों वाली 61 शालाएं और 6-9 शिक्षकों वाली 749 प्राथमिक शालाएं थीं, ये आंकड़े बेहतर संसाधन आवंटन की जरूरत को दर्शाते हैं।

इस पहल का मुख्य बिंदु एक ही परिसर में संचालित लगभग 10 हजार 372 शालाओं का एकीकरण था, जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस विलय से कई लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें शाला त्यागी छात्रों की संख्या में कमी और छात्रों को बार-बार स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता का समाप्त होना शामिल है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, छोटी कक्षाओं के छात्रों को बड़ी कक्षाओं के छात्रों का सहयोग प्राप्त होने, और कंप्यूटर, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल-कूद तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षणिक समझ और अभिरुचि में वृद्धि के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा। इस दृष्टिकोण से प्रशासनिक व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

विद्यालयों के समायोजन के साथ-साथ, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया भी की गई। इस प्रक्रिया के तहत जिला स्तर पर लगभग 13 हजार 793 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया। संभाग स्तर पर 863 का और राज्य स्तर पर 105 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया।

युक्तियुक्तकरण अभियान के प्रारंभिक परिणाम अत्यधिक आशाजनक हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा विभाग का कहना है कि कोई भी विद्यालय बंद नहीं किया जा रहा है और कोई भी शिक्षक पद समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बजाय ध्यान बेहतर अधोसंरचना वाले विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करने पर है। 
युक्तियुक्तकरण के पश्चात राज्य में शिक्षक विहीन विद्यालयों की संख्या शून्य हो गई है। एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में प्रभावशाली 80 प्रतिशत की कमी आई है अब लगभग 1,200 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। एक ही परिसर में स्थित 10,372 विद्यलायों का एकीकरण और 166 ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों का समायोजन पूरा हो चुका है। इससे लगभग 89 प्रतिशत विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। छात्रों को अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध होंगे और विद्यालय की समय सारिणी एवं अन्य गतिविधियों में अधिक एकरूपता रहेगी। इस पहल का उद्देश्य उपचारात्मक शिक्षण द्वारा छात्रों की समझ को बेहतर बनाना भी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करके, छत्तीसगढ़ न केवल वर्तमान कमियों को दूर कर रहा है, बल्कि एक ऐसे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है। जहाँ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे समग्र विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा। युक्तियुक्तकरण का यह कदम एक अधिक कुशल, न्यायसंगत और प्रभावी शैक्षिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री के हाथों 31 मेधावी श्रमिक बच्चों को मिली 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि,,,,,

रायपुर  : हम श्रमिक परिवारों के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। आपका स्नेह और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम सब मिलकर एक विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करेंगे।" मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में स्थान पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत राज्य के 38 हजार 200 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 19.71 करोड़ रूपए से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। 
          मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार श्रमिक परिवारों की आवश्यकताओं को भली-भांति समझती है और उनके समग्र कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज श्रमिक परिवार का बच्चा विदेश जाकर पढ़ना चाहे तो उसके लिए भी 50 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान श्रम विभाग द्वारा किया गया है। श्री साय ने कहा कि हम नवाचार के साथ कदमताल करते हुए ऐसी नीतियां बना रहे हैं, जिनसे प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिले। प्रदेश की आकर्षक उद्योग नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हो चुके हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
श्री साय ने श्रम मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि श्रमिकों से मेरा विशेष लगाव है और श्रमिकों के हित में कार्य करना हमेशा संतुष्टि देता है। 
         मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में दो वर्षों तक श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी और उनके नेतृत्व में श्रम राज्यमंत्री के रूप में श्रमिकों के पेंशन सुधार की दिशा में हमने कई ऐतिहासिक कदम उठाए और न्यूनतम पेंशन की राशि सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्रमिकों को लेकर संवेदनशील है और उनके निर्देश पर ही श्रमिकों के प्रोविडेंट फंड (PF) में वर्षों से पड़ी लगभग 27 हजार करोड़ रुपए की अन्क्लेम्ड राशि का उपयोग उनके हित में करने का बड़ा निर्णय भी इस दौरान हमने लिया था। राज्यमंत्री के रूप में यूनिवर्सल पीएफ नंबर की शुरुआत हमारी सरकार ने की, जिससे श्रमिकों द्वारा बार-बार पीएफ राशि क्लेम करने की समस्या दूर हुई। 
          मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी से आग्रह करते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी अन्य ज़रूरतमंदों तक अवश्य पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने श्रमिकों के लिए गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
          उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश चहुंमुखी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन डेढ़ वर्षों में "मोदी की गारंटी" के तहत सभी वादों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 38 हजार 2 सौ श्रमिकों को 19.71 करोड़ रुपये एवं प्रवीण्य सूची में चयनित 31 विद्यार्थियों को 62 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। श्री देवांगन ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत 17 जिलों के 46 केन्द्रों में श्रमिकों को 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और भविष्य में इसे सभी उद्योग प्रधान जिलों में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा प्रारंभ करने की जानकारी भी दी। 
श्रम मंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के तहत उद्योगों की स्थापना के लिए नियमों को सरल बनाया गया है , जिससे निवेश बढ़ा है एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
        छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मण्डल के माध्यम से प्रदेश में 31 जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें नोनी सशक्तिकरण, महतारी जतन, श्रमिक सियान सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मण्डल प्रदेश के 29.47 लाख पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है। श्रमिक अपना पंजीकरण श्रमेव जयते ऐप, लोक सेवा केन्द्र या श्रम कार्यालय में करवा सकते हैं।

*नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना ने बदली मजदूर परिवार के बच्चों की ज़िंदगी*

      कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से लाभान्वित बच्चों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए आभार व्यक्त किया। सभी बच्चों ने कहा कि वे मजदूर और गरीब परिवारों से हैं, लेकिन इस योजना ने उन्हें पढ़ाई का अवसर दिया। यह योजना श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान दे रही है।

सूरजपुर जिले के भैयाथान के हीरा सिंह ने बताया कि आईआईआईटी से बी टेक की पढ़ाई पूरी कर अब जूनियर डेटा साइंस डेवलपर बन चुके हैं। इस योजना से उन्हें 4.10 लाख रुपए की सहायता मिली, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी हो पाई थी।
इसी तरह बी.टेक अंतिम वर्ष के छात्र अमलेंद्र पैंकरा ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है और इस योजना की मदद से कॉलेज की फीस भर पा रहे हैं। 
एक अन्य छात्र दीपक पैंकरा ने सूरजपुर के छोटे से गांव से आईआईआईटी, रायपुर में एडमिशन तक के अपने संघर्ष भरे सफर को साझा किया। दीपक ने बताया कि योजना के माध्यम से अपने बीटेक की पढ़ाई की फीस भर रहे हैं और योजना से उन्हें लगभग 4 लाख रुपए की सहायता प्राप्त हो चुकी है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी श्रमवीरों के बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 
 

*योजनाओं और उनके लाभार्थियों की संख्या और राशि का विवरण इस प्रकार है* 

मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत 1,915 श्रमिकों को 3.83 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना अंतर्गत 279 श्रमिकों को 10.33 लाख रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना अंतर्गत 6,319 श्रमिकों को 2.19 करोड रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना अंतर्गत 12 श्रमिकों को 94 हजार 800 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 4,825 श्रमिकों को 96.17 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत 155 श्रमिक परिवार को 37.63 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना अंतर्गत 2 श्रमिकों को 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना अंतर्गत 4,939 श्रमिकों को 74.08 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 1 श्रमिक को 50 हजार रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत 7 श्रमिकों को 7 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत 264 श्रमिकों को 2.64 करोड रूपए़, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना अंतर्गत 2,486 श्रमिकों को 4.97 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 372 श्रमिकों को 74.40 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना अंतर्गत 15,066 श्रमिकों को 2.00 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना अंतर्गत 25 श्रमिकों को 25 लाख रूपए प्रदाय किए गए। यह पहल राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
        इस अवसर पर श्रम विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम,  प्रभारी श्रम आयुक्त श्री एस एल जांगड़े सहित श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी और श्रमिक परिवारजन मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से बीसीसीआई उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर : /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री राजीव शुक्ला का कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सहित अन्य खेलों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना के विस्तार एवं खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अवसर दिलाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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