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केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की की अपील

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रायपुर, : केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के अस्थायी परिसर तथा आई-हब रायपुर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। 

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है। कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस प्रारंभ हो जाएंगे। लगभग 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा। नई फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी, जिससे जाँच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि अब फॉरेंसिक जांच के लिए राजधानी या दिल्ली की आवश्यकता नहीं होगी, सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी।

आई-हब की स्थापना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें, स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें। यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है, और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुए हैं, जिससे रोजगार, राजस्व और औद्योगिक संस्कृति को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन दोनों ने नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक गति दी है। पहली बार ऐसा हुआ है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल सक्रिय हैं और नक्सलियों को चैन से रहने नहीं दे रहे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की अपील की।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू का स्थायी परिसर तीन वर्षों में पूर्ण रूप से विकसित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फॉरेंसिक क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार के तहत एनएफएसयू से स्नातक करना रोजगार की गारंटी बनेगा। साथ ही देशभर में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि इनका उद्देश्य है – तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करना, और विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर आधारित आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की स्थापना करना। उन्होंने बताया कि अब 7 वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। सभी पुलिस थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें जांच और निगरानी की प्रक्रिया में तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगी। यह बदलाव न केवल न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सजा सुनिश्चित करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में ले आएगा।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने यह भी बताया कि देशभर में एनएफएसयू के 16 परिसरों की स्थापना हो चुकी है और 10 अन्य प्रस्तावित हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एक हालिया सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक बाजार 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और उसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज एक साथ तीन महत्वपूर्ण संस्थानों की नींव रखी गई है जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू विश्व का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है जो फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों के अध्ययन के लिए पूर्णतः समर्पित है। इसका रायपुर परिसर नवा रायपुर को एक उभरते हुए राष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए कानून व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक अनुसंधान का सशक्त आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बंजारी, नवा रायपुर में विश्वविद्यालय के लिए 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है और ट्रांजिट कैंपस को समय पर तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कैंपस में फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित होंगे। साइबर क्राइम, सड़क दुर्घटना विश्लेषण, मादक पदार्थों की जांच जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से राज्य की कानून व्यवस्था को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में लगभग एक सदी बाद तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। एनएफएसयू जैसे संस्थान इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु पुलिस बल एवं जांच एजेंसियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रही है, जिसकी सतत निगरानी भी की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आई-हब छत्तीसगढ़ के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इसमें को-वर्किंग स्पेस की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी।

      उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनएफएसयू का रायपुर परिसर न केवल प्रशिक्षण बल्कि फॉरेंसिक अनुसंधान और इन्वेस्टिगेशन में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह संस्थान न केवल पढ़ाई, शोध, प्रशिक्षण और परामर्श का केंद्र बनेगा बल्कि भारत में ही फॉरेंसिक साइंस से जुड़े उपकरणों के नवाचार और निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह सपना माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एनएफएसयू के लिए जमीन आवंटित की है और निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, और यह फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी एवं विभिन्न शॉर्ट टर्म कोर्सेस में युवाओं को दक्ष बनाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम  और भारतीय नागरिका सुरक्षा संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में फॉरेंसिक प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ एनएफएसयू की स्थापना की जा रही है, जबकि उड़ीसा, बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हर जिले में मोबाइल वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित टीम होगी ताकि मौके पर ही घटनाओं की सटीक जांच संभव हो सके।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो श्री तपन कुमार डेका, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, परिसर निदेशक एनएफएसयू गांधीनगर के प्रोफेसर डॉ एसओ जुनारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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एनएफएसयू और एनएफएसएल का अमित शाह ने किया भूमिपूजन....खोजी अनुसंधान और फोरेंसिक मनोविज्ञान में शिक्षा व प्रशिक्षण की मिलेगी सुविधा

रायपुर. : केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर के ग्राम बंजारी में राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एनएफएसएल) के भवनों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। नवा रायपुर के बंजारी में 40 एकड़ में दोनों राष्ट्रीय संस्थानों के सर्वसुविधायुक्त आधुनिक भवन बनाए जाएंगे। परिसर में दोनों संस्थानों के भवनों के निर्माण के लिए प्रारंभिक रूप से 130-130 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

एनएफएसएल देश की सबसे हाइटेक फोरेंसिक लैब है। इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को साइंटिफिक इन्वेस्टीगेशन के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। वहीं एनएफएसयू फोरेंसिक विज्ञान के अध्ययन के लिए देश का शीर्षस्थ संस्थान है। यह फोरेंसिक विज्ञान, खोजी विज्ञान और अपराध विज्ञान में विशेषज्ञता के कोर्सेज संचालित करती है। वर्ष 2020 में इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया है। राज्य में इसकी स्थापना से फोरेंसिक विज्ञान, अपराध विज्ञान, खोजी अनुसंधान और फोरेंसिक मनोविज्ञान जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण सुलभ होगा।  

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायकगण सर्वश्री किरण देव, इंद्र कुमार साहू, अनुज शर्मा और गुरू खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर किया स्वागत

रायपुर / केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर आज स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, श्री किरण देव, श्री अमर अग्रवाल, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब , मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह उपस्थित थे।

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“बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं” – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय....मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया को दी वीडियो कॉल पर शुभकामनाएं

रायपुर /छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।

शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी। 

आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा "बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शालू की माता श्रीमती अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं,  ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

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श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बने गजपति महाराजा, ओडिशा के पुरोहितों ने निभाई परंपरागत रस्म, 27 जून को रथ यात्रा में होंगे शामिल......

दोकड़ा। ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से प्रतिष्ठित श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष रथ यात्रा का आयोजन अत्यंत भव्य रूप में किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय को गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका सौंपी गई है। यह भूमिका उन्हें ओडिशा से आए विशेष पुरोहितों की उपस्थिति में विधिवत रस्मों के साथ प्रदान की गई।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निभाई गई रस्में

ओडिशा संबलपुर के आमंत्रित पुरोहितों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए गजपति की रस्मों को संपन्न कराया। यह परंपरा पूरी धाम की तर्ज पर निभाई जाती है, जिसमें गजपति महाराजा को रथ यात्रा का मुख्य संरक्षक माना जाता है। मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी ने पूरे श्रद्धा भाव से सभी रीति-रिवाजों में भाग लिया।

27 जून को निकलेगी भव्य रथ यात्रा

रथ यात्रा 27 जून 2025 को बड़े ही धूमधाम से निकाली जाएगी। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की मूर्तियों को विशेष रूप से सुसज्जित रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। रथ खींचने की परंपरा में हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे।

कीर्तन मंडलियों एवं झांकियों से सजेगा कार्यक्रम

इस वर्ष रथ यात्रा में ओडिशा के प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां, भक्ति रस से सराबोर गीतों एवं वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगी। साथ ही विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पौराणिक झांकियों की भी प्रस्तुति की जाएगी, जो इस आयोजन की शोभा को और बढ़ाएगी।

विशाल मेला और भक्तों की भारी भीड़

रथ यात्रा के अवसर पर दोकड़ा में विशाल मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न स्टॉल, झूले, मनोरंजन के साधन, एवं पारंपरिक खान-पान की व्यवस्था की जा रही है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड एवं अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

भव्य रथ का निर्माण अंतिम चरण में

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति द्वारा विशाल और आकर्षक रथ का निर्माण कराया जा रहा है, जो पूरी धाम की शैली में तैयार हो रहा है। स्थानीय कारीगरों के साथ-साथ ओडिशा से आए रथ शिल्पियों की देखरेख में इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है,श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा आप सभी श्रद्धालुओं, भक्तों एवं धर्म प्रेमियों से रथ यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने का आग्रह करती है। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत का भी अद्भुत उदाहरण है।

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आपातकाल के 50 वें साल को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाएंगे : सच्चिदानंद उपासने ....स्कूल कॉलेजों में होगी निबंध प्रतियोगिता 


जशपुरनगर :-  अबतक आपातकाल को लेकर 25 व 26 जून को काला दिवस के रूप में मनाया जाता है। पर इस साल आपात्‌काल का 50वां वर्ष है। जिसे लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रतिवर्ष 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" शासकीय व समाज स्तर पर मनाने की घोषणा की। यह बातें भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने बताई। 
सच्चिदानंद उपासने योग दिवस के कार्यक्रम में जशपुर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आपातकाल जिसने देखा है, वे आज भी उन दिनों को याद कर कांप जाते हैं। वह ऐसा दौर था जब सत्ता के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा संविधान की हत्या कर दी गई थी। सिर्फ भारत माता की जय के नारे लगाने मात्र से कई लोगों को 21 महीने के लिए जेल में डाल दिया गया था। मैं स्वयं इसका भुक्तभोगी हूं। तब मेरी उम्र महज 19 वर्ष की थी। संविधान हत्या दिवस की यह घोषणा असामान्य नहीं सारा देश हमेशा आजादी की दूसरी लड़ाई जो एक तानाशाही लोकतंत्र विरोधी, सत्तालोलुप सरकार के द्वारा उस न्यायालयीन आदेश पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री पद से हटाने, चुनाव लड़ने अपात्र घोषित किया जिस आदेश का परिपालन करने विपक्षी दबाव को भी अनसुना कर पूर्ण अवैधानिकता से रातों-रात आपात्‌काल लगा लाखों विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं को मीसाबंदी डी. आई.आर .कानून के तहत् अनिश्चित काल के लिए जेलों में डाल दिया। जिन्हें न तो न्यायालय जाने न जमानत प्राप्त करने का अधिकार था। समाचार पत्रों को भी सरकार विरोधी समाचारों को सेंसरशिप के माध्यम से छीन लिया। जिन्होंने विरोध करने का सत्यता छापने की हिम्मत की तो मशीनें सील, पत्रकार व संपादक गिरफ्तार कर लिए गए। 

26 को मुख्यमंत्री आवास में होगा सम्मान मीसाबंदियों का सम्मान 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आपात्‌काल में पीड़ित प्रदेश के ऐसे समस्त लोकतंत्र सेनानी सत्याग्रहियों को 26 जून को अपने आवास पर आमंत्रित कर सम्मानित करने की घोषणा की है। इस अवसर पर "आपात्‌काल का काला इतिहास" एवं "संविधान हत्या दिवस" पर प्रबुद्ध वक्त्ताओं के भाषण होंगे व काले अध्याय पर पुस्तिका का विमोचन भी होगा।

स्कूल कॉलजों में होगी निबंध प्रतियोगिता 

आपातकाल को लेकर स्कूल व कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता का आयेाजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में स्कूली के छात्र–छात्राओं का विषय होगा "संविधान हत्या दिवस कितना प्रासंगिक?" एवं विद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए "आपात्‌काल कभी विस्मृत न हो?" निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर विजेताओं को दोनों स्तरों पर 31 21 व 11 हजार रुपए के नगद पुरस्कार एवं सारगर्भित निबंधों को प्रोत्साहन पुरस्कार तथा महाविद्यालय व विद्यालयों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

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कुनकुरी के युवाओं को पढ़ाई में मिलेगी महानगरों के समान सुविधा...मुख्यमंत्री श्री साय ने आज 250 सीटर नालंदा परिसर का किया भूमिपूजन

जशपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को कुनकुरी के सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर नालंदा परिसर निर्माण का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पढ़ने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश के युवाओं को शिक्षा की उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गयी है। जशपुर जिले में भी 2 स्थानों पर नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। यहां के वृहद पुस्तकालय के साथ आधुनिक शिक्षण सुविधाएं एवं तकनीकी संसाधन प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों की निर्बाध पढ़ाई के लिए यह 24 घंटे खुला रहेगा। 
         उन्होंने बताया कि शासन द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए सभी कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है जिसके तहत सभी विभागों की सुविधाओं को ई ऑफिस के माध्यम से ऑनलाइन करने का कार्य किया जा रहा है। राजस्व के क्षेत्र में पारदर्शिता लाते हुए 10 नवीन क्रांतियां लायी गयी हैं, जिससे रजिस्ट्री, नामांतरण जैसी प्रक्रिया अब आम नागरिकों के लिए आसान हो गयी हैं। सरकार द्वारा विभिन्न नीतियों में  क्रांतिकारी परिवर्तन कर उन्हें नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बना दिया है।
      शासन द्वारा युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पीएससी जैसी परीक्षा में भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध सीबीआई द्वारा जांच कराई जा रही है। जशपुर जिले के युवाओं के हित के लिए मेडिकल कॉलेज, कृषि महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय, नर्सिंग महाविद्यालय, नेचरोपैथी महाविद्यालय एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय का भी निर्माण किया जाएगा।

*नालंदा परिसर में होगी अत्याधुनिक सुविधा के साथ 24 घंटे पढ़ाई की सुविधा*
          इस नालंदा परिसर में महानगरों के समान हफ्ते के सातों दिन और 24 घंटे पढ़ने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यहां इंडोर एवं आउटडोर पढ़ने के लिए सुविधा होगी। प्रकृति के करीब होकर भी विद्यार्थी ऑक्सी रीडिंग जोन में पढ़ने का आनंद ले सकेंगे। इस परिसर को स्वायत्त मॉडल में विकसित किया जा रहा है जहां पर्यावरण का ख्याल रखते हुए सौर ऊर्जा से कैंपस को रौशनी दी जाएगी। इसके लिए ईको फ्रेंडली डिजाइन का निर्माण किया गया है, जिसमें विद्युत की खपत कम होगी, यहां 50 से अधिक नेटिव पौधों की प्रजातियों का भी रोपण किया जाएगा। 
          इस कैंपस में भविष्य की मांग को देखते हुए मानसिक के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट्स, कैफेटेरिया, एटीएम, हेल्थ जोन जैसे युवाओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। परिसर को स्वायत्त मॉडल में विकसित करने के लिए स्ववित्तीयन के लिए संचालन मॉडल को भी विकसित किया जाएगा। इस लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक किताबें उपलब्ध होंगी। जिसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, वाईफाई जोन, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भी उपलब्ध होंगीं। लाइब्रेरी में आरएफ आईडी के द्वारा प्रवेश, बायोमेट्रिक आईडी, आरएफ आईडी द्वारा किताबों की ट्रेकिंग, सॉफ्टवेयर द्वारा किताबों का व्यवस्थापन की व्यवस्था होगी।
         इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कुनकुरी जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव,  कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी- कर्मचारी और ग्रामीणजन मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सर्व नाई सेन समाज के महासम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल,समाज भवन व बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 10 -10 लाख रुपए की घोषणा की

जशपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कुनकुरी के महुआटोली में सर्व नाई सेन समाज के महासम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए।

   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नाई समाज मेहनती और स्वावलंबी समाज के रूप में जाना जाता है। सेन समाज के लोग आज अपनी प्रतिभा के दम पर कई क्षेत्रों में नई उपलब्धि हासिल कर रहे हैं। अखिल सेन जो इस वर्ष 12 वीं के प्रदेश टॉपर हैं, सेन समाज से है। आज रायपुर में इंदौर के उद्यमी एआई डेटा सेंटर खोल रहे हैं वे भी इसी समाज से आते हैं। राजनीतिक इतिहास देखें तो देश की बड़ी राजनीतिक शख्सियत भारत रत्न श्री कर्पूरी ठाकुर भी आपके समाज से आते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक कोई भी संस्कार सेन समाज के योगदान के बिना पूरा नहीं होता है। सर्वसमाज के विभिन्न संस्कारों  में समाज का योगदान विशेष उल्लेखनीय है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगार पाने का माध्यम नहीं है। यह व्यक्तित्व विकास की कुंजी है। शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति भी सुनिश्चित करता है।उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए सरकार लगातार नीतिगत फैसले लेकर उसका क्रियान्वयन कर रही है। आज छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर की सभी शैक्षणिक संस्थान हैं। नालंदा परिसर लाइब्रेरी का निर्माण विभिन्न जगहों। पर किया जा रहा है। जिससे बच्चे बेहतर तरीके से पढ़ाई लिखाई कर आज के प्रतियोगी दौर के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि समाज में लोग जितने शिक्षित होंगे, समाज उतना ही मजबूत होगा और आगे बढ़ेगा।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुनकुरी में सेन समाज के सामाजिक भवन के विस्तार के लिए 10 लाख और बाउंड्री वाल के निर्माण के लिए 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

       छत्तीसगढ़ केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष और प्रसिद्ध कलाकार सुश्री मोना सेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल साबित हो रही  है।  उन्होंने महतारी वंदन योजना माताओं के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि इससे माताओं बहनों में एक नया आत्मविश्वास जगा है। सुश्री सेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की हितैषी योजनाएं आज प्रदेश में सभी वर्गों के विकास का आधार बन रही हैं।

     इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह, सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अविनाश ठाकुर, श्री राज श्रीवास सहित सेन समाज के पदाधिकारी व समाज के लोग मौजूद थे।

सेन समाज की प्रतिभाओं को मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सम्मानित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेन समाज के श्री नागेश्वर ठाकुर, अंजली ठाकुर, श्रीमती फूलोदेवी, नेहा ठाकुर, शुभम ठाकुर, कोमलरानी श्रीवास, भंवर ठाकुर, राज श्रीवास, प्रकाश ठाकुर, अर्जुन ठाकुर, पिंटू ठाकुर, श्रेयांश ठाकुर, सुरभि श्रीवास, लालू ठाकुर और यशवन्त श्रीवास को संत शिरोमणि सेन सम्मान से सम्मानित किया। 

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कुनकुरी विकास खण्ड में 13.65 करोड़ लागत के 09 कार्यों का भूमिपूजन एवं 1.70 करोड़ लागत के 02 कार्यों का किया लोकार्पण,

जशपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखण्ड के सलियाटोली में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को 15 करोड़ 36 लाख 11 हजार रूपये लागत के 11 विकासकार्यों की सौगात दी। जिसमें उन्होंने  01 करोड़ 70 लाख 34 हजार रूपये की लागत के 02 विकास कार्यों का लोकार्पण और 13 करोड़ 65 लाख 77 हजार रूपये की लागत के 09 कार्यों का भूमिपूजन किया।  
     मुख्यमंत्री श्री साय ने कुनकुरी विधानसभा के अंतर्गत कुनकुरी में 1.40 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सद्भाव मंडप एवं ग्राम कुंजारा में 30.34 लाख रुपये की लागत से ऑफ ग्रिड सोलर पॉवर प्लांट (2.4 किलो वाट)  से स्ट्रीट लाइट स्थापना का लोकार्पण किया।
           इसके साथ ही कुंजारा में ही 280 किलो वाट के 1.69 करोड़ रुपये लागत से आन ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापना, 2.97 करोड़ रूपये लागत के नारायणपुर नगरबन्ध कपरी नाला में स्टापडेम निर्माण, 2.26 करोड़ रुपये लागत के खिजूरबहार स्टापडेम निर्माण, लोधमा में 01 करोड़ 21 लाख रुपये के लागत से हायर सेकंडरी शाला भवन निर्माण, 25 लाख रुपये लागत से हाउसिंग बोर्ड कालोनी सलियाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण, 49.40 लाख रुपये लागत के दाराखरिका, बासनताला, जोरातराई, बनकोम्बो, ढोढ़ीबहार, जामचुआं में सीसी सड़क निर्माण, 20 लाख रुपये लागत से रायकेरा, बनकोम्बो, जोकबहला, बरडांड में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
          इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कुनकुरी जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी- कर्मचारी और ग्रामीणजन मौजूद थे।

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*कुनकुरी को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मातृ शिशु चिकित्सालय की रखी आधारशिला,8.77 करोड़ की लागत से बनेगा 50 बिस्तरीय मातृ शिशु चिकित्सालय*

50 लाख की लागत से तैयार होगा ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने गिनाबहार में 8.77 करोड़ की लागत से बनने वाले 50 बिस्तरीय मातृ शिशु चिकित्सालय और 50 लाख की लागत से तैयार होने वाले ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का भूमिपूजन किया।

   इस अवसर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास की एक और कड़ी जुड़ रही है। इस अस्पताल के निर्माण से इस क्षेत्र की माताओं बहनों और बच्चों को काफी लाभ होगा। कुनकुरी के साथ ही फरसा बहार, कांसाबेल और दुलदुला क्षेत्र के लोग इससे लाभान्वित होंगे। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। जशपुर में 200 बेड अस्पताल का निर्माण होने जा रहा है। इसका टेंडर लग चुका है। इस बजट में यहां मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है। यहां नर्सिंग और फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे। आयुष्मान कार्ड और जेनरिक दवा दुकानों के माध्यम से किफायती इलाज उपलब्ध करा रहे हैं। वय वंदन योजना का लाभ सभी वर्ग के वृद्ध जनों को मिलेगा, यह स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। मितानिनों के मानदेय की राशि ऑनलाइन प्रदान करने की सुविधा की शुरुआत किए है। जिससे समय पर उनको भुगतान हो सके।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रहे हैं। पीएम आवासों का निर्माण तेजी से हो रहा है। किसानों से किए वादे को पूरा करते हुए 21 क्विंटल धान खरीदी कर रहे हैं। किसानों को 31 सौ रूपये धान की कीमत दे रहे हैं। तेंदूपत्ता की राशि बढ़ाकर 55 सौ रुपए प्रति मानक बोरा दे रहे हैं। कल से चरण पादुका वितरण का कार्यक्रम देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह के करकमलों से प्रदेश में शुरू होगा।
     
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना से 70 लाख से अधिक माताओं बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से हर माह 1 हजार रुपए  प्रदान कर रहे हैं।  5 लाख 60 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को भी 10 हजार रुपए की राशि प्रदान किए हैं। पंचायतों में सीएससी सेंटर खोलने का काम कर रहे हैं। यहां ग्रामीणों को बैंकिग सुविधाओं का लाभ मिलेगा, उन्हें बैंक से पैसे निकालने और जमा करने अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। अगले पंचायती राज दिवस तक सभी पंचायतों में यह सीएससी सेंटर खोलने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। जन सुविधाओं के लिए लगातार रिफॉर्म किया जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री में नई क्रांतियां लाएं हैं। अब जमीन की रजिस्ट्री के साथ नामांतरण हो जाएगा। साथ ही फर्जी रजिस्ट्री पर रोकथाम लगेगी।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज विश्व योग दिवस का दिन है। आप सबसे आग्रह है कि आप अपनी दिनचर्या में योग को जरूर शामिल करें। अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर की स्वच्छता के साथ मन को संतुलित करने के लिए योग आवश्यक है। 

      इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,  पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेन्द्र यादव, श्री राजकुमार गुप्ता, श्री अमन शर्मा, श्री गोपाल कश्यप, श्री मनोज जायसवाल, श्री राजेश चौधरी, श्री यशवंत यादव, श्री विकास नाग, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी- कर्मचारी और ग्रामीणजन मौजूद थे।

सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन की दिशा में एक सशक्त कदम
50 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण होने से कुनकुरी विकासखण्ड के साथ आस पास तीन और विकासखण्ड फरसाबहार, कांसाबेल, दुलदुला क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों को इलाज का लाभ मिलेगा। उन्हें कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गर्भवती महिलाओं को उपचार और प्रसव संबंधी सुविधाएं मिलने के साथ उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच भी यहां हो सकेगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से बच्चों के गंभीर रोगों के उपचार में सहूलियत होगी। आस पास के ग्रामीण क्षेत्रवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी। वहीं 50 लाख की लागत से तैयार होने वाले ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में लैब जाँच की सुविधा का भी लाभ मिलेगा। मातृ शिशु चिकित्सालय और ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट कुनुकरी सहित आस पास के क्षेत्रवासियों के लिए सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होगा।

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हाथी - मानव द्वंद रोकने हेतु जनजागरूकता अभियान शुरू,मुख्यमंत्री ने गजरथ यात्रा को हरी झंडी दिखा किया रवाना

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में एक अभिनव पहल ‘‘गजरथ यात्रा‘‘ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा का उद्देश्य मानव-हाथी द्वंद को रोकना और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना है। गजरथ यात्रा राज्य भर के स्कूलों और ग्राम पंचायतों में भ्रमण करेगी, जहां लोगों को हाथियों के व्यवहार, उनके संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
        कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए हमें जनसहभागिता और जागरूकता की जरूरत है। यह यात्रा लोगों को शिक्षित करने का माध्यम बनेगी।‘‘ यह पहल राज्य में मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने हाथी मानव द्वंद को रूकने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों को सम्मानित किया 
           इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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जशपुर के रणजीता स्टेडियम परिसर में मुख्यमंत्री ने लगाए सिंदूर के पौधे,,,, गजरथ को दिखाई हरी झंडी

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अंतरास्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रणजीता स्टेडियम परिसर में सिंदूर का पौधा लगाया। उन्होंने हाथी मानव द्वंद को रोकने और जनजागरूकता के लिए गजरथ वाहन को हरी झंडी दिखाई। जशपुर वनमण्डल द्वारा निकाली गई यह रथ विशेषकर स्कूलों और हाट बाजारों में पहुंचकर हाथी के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। उन्होंने जागरूकता के लिए लघु फिल्म और जानकारी युक्त लघु पुस्तिका का भी विमोचन किया। 
      उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर सभी को एक पेड़ माँ के  नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने अपील किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और आमजन को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की अहम भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं चला रही है।
       इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने हजारों लोगों के साथ जिला मुख्यालय जशपुर में किया योगाभ्यास....योग करें स्वस्थ रहें,,,,,,नालंदा परिसर सहित 108 करोड़ के कार्यो का किया भूमिपूजन-लोकार्पण

जशपुरनगर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय जशपुर में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा की योग हमारे देश के लिए कोई नई विधा नहीं है। सनातन काल से योग हमारे जीवन में चला आ रहा है। हमारे ऋषि मुनियों ने इसका इजाद किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर योग की महत्ता को स्थापित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्ष 2014 में आवाज उठाई और इसे विश्व स्तर पर स्वीकृति दिलाई। वर्ष 2015 से प्रति 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। हम सब लोगों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सहित 175 देशों में योग की आवाज गूंज रही है। मुख्यमंत्री के साथ जनप्रतिनिधिगण, स्कूलों बच्चों, आम नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह से योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षक के दौरा चक्र आसन, अर्ध चक्र आसन, कपाल भारती, अनुलोम-विलोम, प्राणायाम, वज्राशन सहित विभिन्न आसन से योगाभ्यास करवाया गया।
          श्री साय ने कहा कि सभी लोग योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें। योग से मन और आत्मा संतुलित रहता है। दिन-रात के 24 घंटे में से कुछ समय योग के लिए जरूर निकाले। इससे बड़ी-बड़ी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। शरीर स्वस्थ रहने के साथ ही भविष्य में बीमारियां होने की संभावना भी नहीं रहती। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में  दवाई की जरूरत पड़ने पर जेनेरिक दवाइयां के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह भी एलोपैथिक दवाइयां जैसे ही असर करती हैं। इनका दाम बहुत कम होता है। गरीबों की पहुंच की सीमा में और ज्यादा फायदेमंद है। इसका उपयोग जरूर सभी करें। बड़ी संख्या में बच्चे भी आज के योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे बच्चों का मन शांत व स्थिर रहता है और पढ़ने पर मन लगता है। 
           मुख्यमंत्री ने आज नालंदा परिसर का भूमि पूजन भी किया। 500 सीटर इस परिसर की लागत 11 करोड़ 29 लाख रुपया है। 2 एकड़ में या बनेगा। इसमें गार्डन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को परिसर का ज्यादा लाभ मिलेगा। अब जागरूकता के कारण गांव और गरीब लोग भी बड़े-बड़े परीक्षा दे रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं। सब लोग बड़े शहर आकर पढ़ाई नहीं कर सकते। इसलिए राज्य सरकार ने सभी जिला मुख्यालय व बड़े शहरों में नालंदा परिसर का निर्माण का जिम्मा लिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर 107.81 करोड़ के 64 कार्यो का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। इनमें जशपुर विधानसभा क्षेत्र के 61 करोड़ 20 लाख के 85 कार्यों का भूमिपूजन और 15 करोड़ 80 लाख के 6 कार्यों का लोकार्पण किया। इसी प्रकार कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत् फरसाबहार विकासखंड के 24 करोड़ 90 लाख के 15 कार्यों का भूमिपूजन और 5 करोड़  91 लाख के 4 कार्यों का लोकार्पण भी किया। 
          मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू हो चुकी है। समय अनुकूल है। यदि मां साथ में है तो उन्हें समक्ष में रखकर अथवा स्वर्गीय होने पर उनका फोटो सामने रखकर मां के नाम पौधे जरूर लगाए। आजीवन इसकी सुरक्षा का दायित्व भी संभाले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर योग आयोग के प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
           समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि योग सभी तरह के भेदभाव से ऊपर है। जाति, धर्म, महिला, पुरुष सभी समान रूप से अभ्यास में लाकर लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी इसका लाभ उठाएं। यह साल के सबसे बड़ा दिन 21 जून को पूरे विश्व में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतर्राष्ट्रीय मंच में ले जाकर इसे पहचान दिलाई है। इस साल का योग हरित योग पर आधारित है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की अपील सभी लोगों से की। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य‘‘ है जो पृथ्वी एवं मानव स्वास्थ्य के आपसी संबंध को बताता है। 
       योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जशपुर की वादियां बहुत ही सुन्दर और योग के लिए अनुकूल है। जशपुर चायपत्ती, काजू, नाशपाती,आदि अन्य फसलों की अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने कहा जशपुर का प्राकृतिक वातावरण स्वर्ग से सुन्दर की अनुमति करता है। योग पठन-पाठन का विषय नहीं है, यह रोज अभ्यास करने और जीवन में अपनाने का है। जीवन जीने का एक तरीका है इसे हर आदमी आजीवन  निरोग रह सकता है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने योग दिवस के कार्यक्रम में सभी का आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव ने दिया। योग प्रशिक्षक श्री छबिलाल साहू, ज्योती साहू और उनकी टीम को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
       इस अवसर पर पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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पीएम जनमन योजना से जशपुर के पहाड़ी अंचलों के बसाहटों तक पहुंची सड़कें... किन कारणों से नव निर्मित सड़कों को मिल रहा है भारी जख्म....विभाग क्यों नही कर रहा है कोई कार्यवाही....विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुर :- मनोरा के पहाड़ी अंचलों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के उनकी सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संचालित पीएम जनमन योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है,अब तक समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए इन बिरहोर बसाहटों तक पक्की सड़क बन चुकी है। ये सड़कें इन बिरहोर परिवारों के सर्वांगीण विकास की एक नई  उम्मीद है।बारिश के दिनों में उनको कच्ची सड़कों से होने वाली समस्याओं से उन्हें निजात मिलेगी।

 परंतु जनमन योजना के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों के चलने से सड़कें ज्यादा दिन तक सुरक्षित रह पाना मुश्किल है । इस जनमन सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन इस योजना के उद्देश्यों और नियमों के विरुद्ध है। यह योजना मुख्य रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) की बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए बनाई गई है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर आवागमन की सुविधा  मिल सके. नव निर्मित सड़कें पर भारी वाहनों के चलने से भारी नुकसान पहुंच रहा है,टिकाऊपन आगे चलकर कम हो सकती है। जिससे इन बस्तियों को मिलने वाली सुविधाओं में आगे चल कर समस्या आ सकती है।
  जशपुर जिले के मनोरा ब्लाक में जनमन योजना के तहत सड़के बनाई गई है जिसमे  टीआर-05 से बंधकोना "बी" लम्बाई 1.70 किमी. टीआर-05 से भंवरपाठ लम्बाई 1.70 किमी. एवं एल-45 से भुरूघाट लम्बाई 4.70 किमी.12-042 से वासतळा कोदोपानी 10.10 किमी,TROS T० रेमने-1.88 किमी,TR TROS TO नावाझर 7.70 किमी,यह सड़क सुदूर पहाड़ी इलाके में बसे विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति जो की मुख्य धारा से जोड़ने में एक अहम भूमिका अदा कर रही है। 

परन्तु इन नवीन निर्मित सड़को का फायदा उठा कर लोग वाहन क्षमता से अधिक ओवर लोड ट्रक, हाइव आवागमन करा रहे है जिससे सड़क सहन क्षमता से अधिक लोड ले  जाने के कारण सड़क खराब होने की पूरी संभावना है। इसे लेकर पड़ताल की तो पता चला कि जनमन योजना के तहत जो सड़कें बनाई जाती है उनकी क्षमता 12 टन तक भार वाली गाड़ियों के गुजरने की ही होती है लेकिन इन सड़कों से तो 15 से 20 टन से भी अधिक भार लेकर गाड़ियां गुजरती दिखाई दे रही हैं 

जबकि इस योजना के तहत बनी सड़कों पर 12 टन से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है और बोर्ड भी सड़कों पर लगा होता है। इसके बावजूद सड़कों पर भारी वाहन प्रवेश करते हैं जो सड़कों के खराब होने का प्रमुख कारण बनते हैं जनमन सड़कें ग्रामीणों को सुविधा देने के नाम बनाई जाती है लेकिन इनका दुरूपयोग ओवरलोडेड वाहनों द्वारा किया जाता है
 जनमन योजना के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों के चलने को रोकने के लिए, स्थानीय प्रशासन को सख्त नियम लागू करने चाहिए और उनका पालन सुनिश्चित करवाना चाहिए। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों को भी जागरूक होना होगा कि वे इन सड़कों का उपयोग कैसे करें, ताकि वे सुरक्षित रहें और योजना का लाभ उठा सकें।

  मनोरा ब्लाक में जनमन योजना से नव निर्मित सड़कें बनी है लोग वाहन क्षमता से अधिक ओवर लोड  ट्रक हाइव आवागमन कर रहे है सड़क सहन क्षमता से अधिक लोड गाड़ियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई।

राजेश कुमार दुबे -एसडीओ - प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क

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प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की दी बधाई,निरोगी शरीर के लिए योग को जीवन शैली का हिस्सा बनाएं - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि योग को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखने  का उत्तम साधन माना गया है। यह भारत की प्राचीन परंपरा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने इसके महत्व को बहुत पहले से ही जान लिया था। अब पूरा विश्व योग का महत्व समझ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि योग मूल रूप से शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है। योग स्वस्थ, तनावमुक्त और अनुशासित जीवन जीने की एक शैली है। उन्होंने कहा कि सभी लोग निरोगी और स्वस्थ जीवन के लिए योग करें। श्री साय ने कहा है कि शारीरिक ऊर्जा, स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास पर योग का काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। उन्होंने लोगों से योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जीवन शैली का हिस्सा बनाने की अपील की है।

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नागरिक आपूर्ति निगम की संचालक मंडल की बैठक में कर्मचारियों के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय ,,,,महंगाई भत्ते में वृद्धि सहित अनुकम्पा नियुक्ति को मिली स्वीकृति

रायपुर /छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉरपोरेशन लिमिटेड (नागरिक आपूर्ति निगम) के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय, नवा रायपुर में संचालक मंडल की 95वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम कर्मचारियों के हित में कई निर्णय लिए गए। वर्षों से लंबित अनुकम्पा नियुक्ति के विषय पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करते हुए निगम के पांच दिवंगत सेवायुक्तों के आश्रित परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय संबंधित परिवारों के लिए न केवल राहत का माध्यम बनेगा, बल्कि उनके जीवन को स्थायित्व देने वाला भी सिद्ध होगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लेखों का अंतिमीकरण कर वित्तीय पत्रकों को अनुमोदित किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के बजट का संचालक मंडल द्वारा अनुमोदन किया गया। बैठक में मार्च 2025 से शासन द्वारा घोषित महंगाई भत्ते में वृद्धि को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे निगम के समस्त कर्मचारियों में हर्ष का वातावरण बना और उन्होंने इस निर्णय हेतु अध्यक्ष एवं संचालक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

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मुख्यमंत्री श्री साय "पंख खेल उपलब्धि पुरस्कार 2025" कार्यक्रम में हुए शामिल , प्रतिभावान खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में बंसल न्यूज़ द्वारा आयोजित "पंख खेल उपलब्धि पुरस्कार 2025" कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने खेल के क्षेत्र में ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने के लिए बंसल न्यूज़ की पहल की सराहना की और आयोजकों एवं सम्मानित युवा खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत तीन वर्षों से बंसल न्यूज़ द्वारा प्रदेश भर के ग्रामीण अंचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करने का जो कार्य किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिवर्ष चयनित खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50,000 रुपए प्रदान किए जा रहे हैं, जो उन्हें खेल गतिविधियों और अभ्यास को निरंतर बनाए रखने तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में बंसल न्यूज़ प्रदेशवासियों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने संस्थान को साधुवाद देते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में भी यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमूह को 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और सभी से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री किरण देव सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ीगण उपस्थित रहे।

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जिला चिकित्सालय ने सर्पदंश से बचाव के लिए आमजन को सतर्क और जागरूक रहने अपील के साथ  कैसे करें सर्पदंश से बचाव के तरीके की दी जानकारी,5400 से अधिक एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध

*जिला चिकित्सालय ने सर्पदंश से बचाव के लिए आमजन को सतर्क और जागरूक रहने अपील के साथ  कैसे करें सर्पदंश से बचाव के तरीके की दी जानकारी,5400 से अधिक एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध

जशपुरनगर, / जिला चिकित्सालय ने बरसात के मौसम में सर्पदंश से बचाव और सर्पदंश की स्थिति में क्या करना है, क्या नहीं करना है इस बारे में जानकारी देते हुए आमजन को सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी ने बताया कि सर्पदंश से बचाव के लिए खिड़की के पास मौजूद पेड़ की शाखाएं और लताओं की कटाई करवाएँ, रात में घर से बाहर निकलते समय हमेशा जुता पहनें और टॉर्च लेकर चलें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, और जमीन पर ना सोयें, पलंग व खाट पर सोंयें घर, आंगन और धान्यागार में मौजूद चूहों के बिल, छेद आदि को बंद करें, मवेशी और मुर्गीशालाओं को सोने की जगह से दूर रखें, गोबर और सुखी लकड़ीयों के ढेर को घर से दूर रखें और अगर सांप का सामना हो तो हलचल ना करें, इससे सांप घबराकर काट सकता है।
   सर्पदंश होने की स्थिति पर व्यक्ति को आश्वस्त करें और शांत रहें, सांप से दूर हो जायें, घाव वाले अंग को स्थिर रखें, तथा सर्पदंश वाली जगह पर गहने आदि हो तो निकाल दें और पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र लेकर जायें।सर्पदंश होने पर क्या ना करें इस बारे में बताया कि पीड़ित को अत्यधिक दबाव या घबराहट ना होने दें। सांप को मारने की कोसिस ना करें, सर्पदंश वाले घाव को ना काटें ना ही खून निकालने की कोसिस करें, घाव को बांधकर रक्त संचार को रोकने की कोसिस ना करें और पारम्परिक तरीके से बैगा, गुनिया से उपचार ना करायें।
   उन्होंने  नागरिको से अपील है कि सर्पदंश के मामले में तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचे इसके लिए 108 पर कॉल करके एम्बुलेंस बुलायें, आवश्कता पड़ने पर 104 पर कॉल करके भी आवश्यक परामर्श लिया जा सकता है। विकासखण्ड स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय भगत फरसाबहार मो.नं. 7987405032, डॉ. सुनिल लकड़ा बगीचा मो.नं. 7587376008, डॉक्टर आसुतोष तिर्की जशपुर (लोदाम) मो.नं. 8839993723, डॉ. रोशन बरियार मनोरा मो.नं. 9753843311, डॉ. जेम्स मिंज पत्थलगांव मो.नं. 9424180229, डॉ. संध्यारानी टोप्पो कांसाबेल मो.नं. 8319929221, डॉ. अंजलि निराला दुलदुला मो.नं. 8224028522, डॉ. किरंती कुजुर कुनकुरी मो.नं. 9424192468 से भी तत्काल उपचार हेतु संपर्क कर सकते हैं, जिससे सर्पदंश से होने वाले मौत को  रोका जा सके और सभी मरीज स्वस्थ होकर वापस घर जा सकें।
       सीएमएचओ ने बताया कि छत्तीसगढ़ के नागलोक नाम से प्रसिद्ध विकासखण्ड बगीचा, फरसाबहा क्षेत्र एवं पुरे जशपुर जिला में सांपों की अनेक प्रजातियां पाई जाती है। बरसात का मौसम प्रारम्भ होने के साथ ही जिला में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं।  पिछले वर्ष 2024-25 में कुल 516 सर्पदंश के मरीज अस्पताल पहुंचे, जिसमें से 501 मरीज स्वस्थ होकर घर वापस गये, जबकि 15 लोगों की मृत्यू हो गई। वहीं इस वर्ष 2025-26 में 16 जून तक कुल 87 सर्पदंश के मामले अस्पताल पहुंचे जिसमें से 84 मरीज स्वस्थ होकर वापस घर गये जबकि 03 लोगों की मृत्यू हो गई। सर्पदंश से निपटने के लिए जिला चिकित्सालय जशपुर, सिविल अस्पताल पत्थलगांव सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एण्टी स्नेक वेनम की व्यवस्था किया गया है। 16 जून 2025 की स्थिति में जिला में कुल 5425 वॉयल एण्टी स्नके वेनम है।

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