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*मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में चावल जमा हेतु शेष मात्रा के जमा करने की अवधि अब 5 जुलाई 2025 तक

रायपुर /खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल  एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा उपस्थित थे। 

बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर 149.25 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो राज्य गठन के पश्चात अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।उपार्जित धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से त्वरित निराकरण किया जा रहा है। भारत सरकार एवं नागरिक आपूर्ति निगम से प्राप्त चावल उपार्जन लक्ष्य के अतिरिक्त लगभग 35.00 लाख मीट्रिक टन अतिशेष धान के निराकरण हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा ई-नीलामी (ई-ऑक्शन) के माध्यम से विक्रय का निर्णय लिया गया है। इस हेतु एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर नीलामी की प्रक्रिया संपादित की गई। प्रथम चरण की निविदा में प्राप्त दरों को मंत्रिमंडलीय उप समिति द्वारा 29 अप्रैल 2025 को अनुमोदित किया गया था। उक्त दरों पर लगभग 18.91 लाख मीट्रिक टन धान का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। शेष स्टेकों के निराकरण हेतु उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकारों (H-1) एवं अन्य निविदाकारों को अनुमोदित दर पर प्राइस मेचिंग का अवसर प्रदान किया गया है, जिससे शासन द्वारा पारदर्शिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए अतिशेष धान का निराकरण अविलंब हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 78 संग्रहण केन्द्रों में कुल 31.48 लाख मीट्रिक टन धान का भंडारण किया गया है, जिसमें से लगभग 18.91 लाख मीट्रिक टन का निराकरण प्राइस मेचिंग एवं ऑक्शन के माध्यम से किया जा चुका है। वर्तमान में लगभग 12.57 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण शेष है। त्वरित उठाव सुनिश्चित करने हेतु सभी जिला विपणन अधिकारियों एवं संग्रहण केन्द्र प्रभारियों को आवश्यक निर्देश प्रसारित किए गए हैं। संग्रहण केन्द्रों में वाहनों की आवाजाही सुगम करने एवं हमालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे धान का उठाव तेजी से हो और  क्रेताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि निविदाकारों को एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर पंजीयन उपरांत अमानत राशि जमा करने पर प्राइस मेचिंग करने का विकल्प उपलब्ध है। प्राइस मेचिंग करने की तिथि से 7 दिवस के भीतर निविदाकारों को सुरक्षा निधि के रूप में क्रय किए गए धान के कुल मूल्य की 3 प्रतिशत राशि जमा करनी होती है। तत्पश्चात निर्धारित अवधि के भीतर क्रेता को स्टेक का वास्तविक मूल्य ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म में जमा करना होता है। राशि विपणन संघ को प्राप्त होते ही क्रेता को लिफ्ट ऑर्डर जारी किया जा रहा है। उक्त अनुक्रम में आज आयोजित  मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे निविदाकार जिनके द्वारा ईआक्शन प्लेटफॉर्म में प्राइस मेचिंग के दौरान निर्धारित समय-सीमा में सुरक्षा निधि जमा नहीं किया जा सका है, अथवा धान का क्रय मूल्य (MVP) समय सीमा में जमा नहीं किया गया है अथवा विलंब से जमा किया गया है, उन्हें अब 15 जुलाई 2025 तक की अंतिम समय-सीमा प्रदान की गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में चावल जमा हेतु शेष मात्रा के जमा करने हेतु अवधि को बढ़ाकर 5 जुलाई 2025 कर दिया गया है। प्रदेश के राइस मिलरों में शासन द्वारा लिए गए इन निर्णयों के प्रति उत्साह देखा गया है। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन ने इस संबंध में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल को धन्यवाद ज्ञापन भी सौंपा है।
 
प्राइस मेचिंग के दौरान मिलरों एवं क्रेताओं को आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण एवं आवश्यक मार्गदर्शन हेतु महाप्रबंधक (विपणन) की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन भी किया गया है, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।

बैठक में बताया गया कि इसी अनुक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा केंद्रीय खाद्य मंत्री से भेंट कर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान में से केंद्रीय पूल में चावल जमा करने का लक्ष्य 70 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। इस पर भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के हित में सकारात्मक विचार करने का आश्वासन प्रदान किया गया है।

बैठक में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, संचालक खाद्य, प्रबंध संचालक मार्कफेड तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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सोशल मिडिया में विनयशील के विवादित पोस्ट ने पकड़ा तुल......जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मलिता बाई ने कहा जाति की ओछी राजनीति कर रहे हैं नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील.......कांग्रेस सरकार के दौरान कुनकुरी की याद क्यों नहीं आई 



जशपुर :  नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील को अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग का सम्मान करना सिखना चाहिए। अपनी छवि चमकाने के लिए किसी पर अनर्गल आरोप लगाना सही नहीं है। जिला पंचायत जशपुर की डीडीसी मलीता बाई ने उक्त बातें कहीं। डीडीसी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थी। इस पोस्ट में विनयशील ने स्वयं को झूठे केस में फंसाने के लिए नगर पंचायत कुनकुरी में एससी-एसटी वर्ग के सीएमओ राजेंद्र कुमार पात्रे की पोस्टिंग करने की आशंका जताई है।

     डीडीसी मलिता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिल कर कुनकुरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की नई ईबारत गढ़ रहे हैं। लेकिन विनयशील और इनके साथ कांग्रेसी जात-पात के नाम पर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होनें विनयशील पर निशाना साधते हुए कहा कि 2018 से 2023 तक पांच साल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का खास होने का दावा करने वाले विनयशील को इन पांच सालों में ना तो कुनकुरी की याद आई और ना ही कुनकुरीवासियों की। रायपुर में बैठ कर सत्ता का सुख भोग रहे थे।

         उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुनकुरी के विकास के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। डेढ साल के छोटे से कार्यकाल में कुनकुरी को मेडिकल कालेज,स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स,नालंदा परिसर,मातृ शिशु चिकित्सालय,ब्लाक हेल्थ कम्युनिटी यूनिट जैसा विकास का उपहार देकर कुनकुरी को एक नई पहचान दे रहे हैं। जनहित के इन कार्यो में सहयोग देने की जगह विनयशील ओछी राजनीति करने में लगे हुए है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। डीडीसी ने नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। अगर विनयशील माफी नहीं मांगते हैं तो भाजपा सड़क में उतरने से भी पीछे नहीं हटेगी।

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आपातकाल स्मृति दिवस पर सम्मानित हुए लोकतंत्र सेनानी.....लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर / लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं, उसकी कीमत आपातकाल के दौरान कुछ लोगों ने यातना, अपमान और जेलों में समय काटकर चुकाई थी। इन लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा और संघर्ष को हर पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की याद दिला दी। आपातकाल के दौरान असहनीय कष्ट सहने वाले लोकतंत्र सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने श्री सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। आपातकाल में हजारों लोगों को बिना अपराध के जेलों में ठूंस दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी को बहुत करीब से देखा है। उनके स्वर्गीय बड़े पिताजी श्री नरहरि प्रसाद साय भी उस दौर में 19 महीने तक जेल में बंद रहे थे। उनके द्वारा सुनाए गए किस्से आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल में कलाकारों की स्वतंत्रता तक छीनी गई। पार्श्व गायक किशोर कुमार द्वारा सरकारी प्रचार गीत गाने से इनकार करने पर उनके गीतों पर आकाशवाणी में प्रतिबंध लगा दिया गया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया। हमारी सरकार ने न केवल यह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की, बल्कि पूर्व सरकार द्वारा रोकी गई पिछले पाँच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और उनके परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी सरकार इस सम्मान योजना को समाप्त न कर सके।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में आपातकाल की भयावहता और लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 21 महीनों की प्रताड़ना और लोकतंत्र पर हुए आघात को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज मीसाबंदी आंदोलन के सहभागी और उनके परिजन हमारे बीच हैं। उन्होंने आपातकाल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि उस समय पूरे देश को एक विशाल जेल में बदल दिया गया था। लोकतंत्र के स्तंभ—न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया—को निष्क्रिय कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और सच्चाई बोलने वालों को जेलों में डाल दिया गया था।उन्होंने बताया कि देश उस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था—मंहगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार चरम पर थे। जनता के भीतर आक्रोश पनप रहा था और उसी को कुचलने के लिए आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा कि यदि आज लोकतंत्र जीवित और मजबूत है, तो इसका श्रेय उन सेनानियों को जाता है जिन्होंने अपार कष्ट सहकर भी संविधान और देश की आत्मा की रक्षा की।

इस अवसर पर श्री पवन साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

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शाला प्रवेश उत्सव: संकल्प कुनकुरी में बच्चों को चंदन का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, बांटे गए पुस्तक

 जशपुर/कुनकुरी :  संकल्प शिक्षण संस्थान कुनकुरी के सभागार में परंपरानुसार शासन के निर्देशों का पालन करते हुए शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बेमताटोली की सरपंच श्रीमती कुँवारी भगत उपस्थित रहीं।उनके अलावा अन्य अतिथियों में उपसरपंच आलोक लकड़ा,पंच सुजीत बड़ा तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी सी आर भगत उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारम्भ में कक्षा नवमी के नवप्रवेशी बच्चों को सभागार में आमंत्रित किया गया।अतिथियों के आगमन के पश्चात  सरस्वती माता,भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्रों के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पूजन अर्चन किया गया।इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया।संस्था की छात्राओं ने अपने सुमधुर स्वर में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके पश्चात कक्षा नवमी के नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया गया तथा पाठ्यपुस्तकें दी गईं।विद्यालय के पुराने विद्यार्थियों ने नये बच्चों हेतु स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अपने स्वागत उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य अरविन्द मिश्रा ने अतिथियों एवं नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी कार्य की अच्छी शुरुआत उसके सकुशल पूर्ण होने का आधार होती है।सत्र की शुरुआत एक उत्सवपूर्ण वातावरण में करने का यही उद्देश्य है कि बच्चे और शिक्षक पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ पठन पाठन में जुट जाएँ जिससे कि विद्यालय एक श्रेष्ठ परिणाम की ओर अग्रसर हो सके।

   मुख्य अतिथि श्रीमती भगत ने कहा कि बच्चे पूर्ण मनोयोग से अध्ययन कर गाँव,विद्यालय और परिवार का नाम ऊंचा करें। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सी आर भगत ने कहा कि संकल्प प्रारम्भ से ही अपने श्रेष्ठ परिणाम के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है।उसी परिपाटी को बनाये रखते हुए सभी विद्यार्थी श्रेष्ठतम परिणाम का संकल्प लेकर आगे बढ़ें।कार्यक्रम में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपना परिचय दिया। विद्यालय में नवपदस्थ जीव विज्ञान शिक्षिका सुश्री इंदु का भी स्वागत किया गया।कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता नवनीत नारंग  ने किया।आभार प्रदर्शन व्याख्याता डॉक्टर प्रभा चौहान ने किया।

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*श्री जगन्नाथ महाप्रभु की निकलेगी भव्य रथ यात्रा,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निभायेंगे गजपति महाराजा की भूमिका, श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में 27 जून को होगा भव्य आयोजन, ओडिशा की परंपरा में रंगेगा वातावरण....*

दोकड़ा। जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक व प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथ यात्रा का आयोजन पूरे भव्यता व श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। 27 जून को भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को हजारों श्रद्धालु रस्सी खींचकर खीचेंगे।

इस वर्ष की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण यह रहेगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाएंगे। उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल रहेंगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।

1942 से हो रही रथ यात्रा, सतपथी दंपति ने रखी थी परंपरा की नींव

बताया जाता है कि रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में सन् 1942 में हुई थी। इसकी नींव स्व. सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. सुशीला सतपथी ने रखी थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा निर्विघ्न रूप से जारी है और अब यह आयोजन एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है।

ओडिशा के कीर्तन मंडलियों और झांकियों से सजेगा आयोजन

रथ यात्रा के अवसर पर ओडिशा से विशेष रूप से आमंत्रित कीर्तन मंडलियां भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगी। साथ ही अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक झांकियां भी यात्रा में शामिल होंगी, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।

नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व, होंगे विविध कार्यक्रम

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि पूरा नौ दिन तक चलने वाला महोत्सव होगा। इस दौरान मंदिर परिसर एवं दोकड़ा गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल व युवा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा मेला

रथ यात्रा के दौरान दोकड़ा में विशाल मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु भाग लेंगे। मेला में मनोरंजन, खानपान, झूले, हस्तशिल्प की दुकानों आदि की भरमार रहेगी।

यह रथ यात्रा ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह दोकड़ा गांव की संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गई है। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव का हिस्सा बनें।

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त्वरित कार्यवाही : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम जोकारी में तत्काल लगाया गया नया ट्रांसफार्म....ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार

जशपुरनगर, /  मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की  पहल पर ग्राम जोकारी में विद्युत आपूर्ति पुनः शुरू हो गई है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को अब बड़ी राहत मिली है। विद्युत आपूर्ति बहाल होने पर ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
   उल्लेखनीय है कि  कुनकुरी तहसील के ग्राम जोकारी के वार्ड क्रमांक 8 में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण ग्रामीणों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर तत्काल समाधान की मांग की थी। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा ग्राम में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

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कस्तूरा में दो सौ पच्चास साल पुराना प्रभु जगन्नाथ  मन्दिर का कलेक्टर ने किया अवलोकन.....प्रतिवर्ष यंहा रथ यात्रा का होता है भव्य आयोजन......मंदिर के प्राचीन कुआं का जिर्णोद्धार करने के दिए निर्देश 

 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तूरा में प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर का अवलोकन किया और मंदिर के कुछ ही दूरी पर स्थित प्राचीन कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री कर्णपाल सिंह ने बाजार डांड के लिए सीसी रोड बनवाने की मांग की जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम कुनकुरी श्री नन्द जी पांडे जनपद पंचायत सीईओ कुनकुरी और तहसीलदार राहुल कौशीक उपस्थित थे।
कस्तूरा के प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर के पंडित श्री मुकेश कुमार दास ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरा का मंदिर लगभग 200 से 250 साल पुराना प्राचीन मंदिर है। राज परिवार जशपुर के द्वारा पूर्वजों से इस मंदिर की पूजा अर्चना के साथ संरक्षित किया जा रहा है।
कस्तूरा प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर की आस्था लोगों से जुड़ी हुई है। लगभग 250 साल से ही कस्तूरा से रथयात्रा प्रति वर्ष निकाली जाती है।
 
मंदिर के पुजारी मुकेश कुमार दास ने बताया कि मंदिर की देखरेख और संरक्षण के लिए श्री बाला जी ट्रस्ट जशपुर बनाया गया है। ट्रस्ट के द्वारा जशपर के 5 मंदिर दुलदुला विकास खंड चराई डांड का एक मंदिर और कस्तूरा का 1 मंदिर  कुल 7 मंदिर का देखरेख और संरक्षण संवर्धन किया जा रहा है। पंडित जी का परिवार पूर्वजों से इस मंदिर की पूजा अर्चना करते हुए आ रही है।

कस्तूरा से रथयात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा में प्रभु श्री जगन्नाथ भगवान ,बलभद्र और सुभद्रा जी का  देव स्नान कराया जाता है। इस दौरान 15 दिनों के लिए मंदिर में दर्शन वर्जित रहता है। क्यों प्रभु जगन्नाथ भगवान बीमार पड़ जाते हैं।
प्रभु जगन्नाथ भगवान को बैंगा के संरक्षण में रखा जाता है। उनकी देखरेख में जड़ी बूटी आयुर्वेद पद्धति से प्रभु को ठीक किया जाता है।

उन्होंने ने बताया कि तत्पश्चात नेत्र उत्सव मनाया जाता है। प्रभु जगन्नाथ भगवान , बलभद्र जी और सुभद्रा जी को स्नान कराया जाता है। तत्पश्चात विधी विधान और मंत्रोच्चार से प्रभु जगन्नाथ भगवान बलभद्र और सुभद्रा जी की रथयात्रा निकाली जाती है। और मौसी बाड़ी में प्रभु जगन्नाथ भगवान को रखा जाता है।

 मौसी बाड़ी में 9 दिन रखा जाता है और 10 दिन बाद प्रभु जगन्नाथ भगवान बलभद्र और सुभद्रा जी का रथ अपने मौसी के यहां से वापस आता है और प्रभु श्री जगन्नाथ भगवान, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को मंदिर में स्थापित किया जाता है।

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पत्थलगांव एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी को बुधवार को दी गई भावभीनी विदाई 


जशपुर / पत्थलगांव एसडीएम सुत्री आकांक्षा त्रिपाठी को बुधवार को शाम को  आयोजित एक गरिमामय समारोह में, कार्यकाल के सफल संचालन पर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर पत्थलगांव विकास खंड के समस्त विभाग प्रमुख ,सभी तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक,पटवारी गण,शिक्षा विभाग के
अधिकारी एवं कर्मचारी  उपस्थित रहे।
एसडीएम सुश्री आकांक्षा त्रिपाठी ने पिछले दो वर्षों से अपने कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण से इस क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके कार्यकाल के दौरान उनके सफल मार्गदर्शन में लोकसभा विधानसभा एवं त्रिस्तरीय चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का सफल संचालन, कानून-व्यवस्था में सुधार, जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सहित जनता की समस्याओं की त्वरित सुनवाई हुई है। उनके गौरवपूर्ण कार्यकाल के सुखद स्मरण के दौरान सभी की आंखें नम थीं।उन्होंने न केवल प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया, बल्कि एक संवेदनशील और सहृदय अधिकारी के रूप में जनता के दिलों में भी अपनी विशेष जगह बनाई।
इस अवसर पर  सभी विभाग प्रमुखों ने एसडीएम के योगदान की सराहना करते हुए कहा, "एसडीएम  ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और लगन से हम सभी के लिए एक मिसाल कायम की है,उनके जाने से हमें एक अभिभावक के खोने का दुख है। उन्होंने हमेशा हमारी सभी समस्याओं का समाधान निकाला और एक परिवार की तरह हम सब ने मिलकर कार्य किया। उनकी कमी हमें हमेशा खलेगी, लेकिन उनके द्वारा स्थापित उच्च मानदंड हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने अपने विदाई भाषण में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "इस क्षेत्र की जनता और मेरी टीम का सहयोग मेरे लिए अविस्मरणीय है। मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया और आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए मैं हृदय से आभारी हूं।"

समारोह के अंत में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रियंका रानी गुप्ता के द्वारा सर्व विभाग की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान व्यक्त किया गया। हम सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि वे जहां भी जाएंगी, इसी लगन और निष्ठा से  सेवा करती रहेंगी और अपनी कार्यप्रणाली से क्षेत्र में विशेष पहचान रखेंगी।

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क्लाईंट की हत्या की घटना को अंजाम देने वाले वकील व उसकी पत्नि सहित कुल 04 गिरफ्तार, थाना डी.डी.नगर क्षेत्रांतर्गत इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित किराये के मकान में दिये थे हत्या की घटना को अंजाम।

विवरण - दिनांक 23.06.205 को सूचना प्राप्त हुई कि थाना डी.डी.नगर क्षेत्रांतर्गत इन्द्रप्रस्थ कालोनी रायपुरा स्थित वण्डरलैण्ड वाटर पार्क के पीछे डिपरापारा नाला के पास रोड किनारे एक लावारिश हालात में एक टिन का पेटी पडा हुआ है जिससे बदबू आ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर देखने पर पाया गया कि एक टिन की पेटी के अंदर रखें लाल रंग के सूटकेश के अंदर एक अज्ञात पुरूष का शव रखा है तथा शव के उपर सीमेंट डाला गया था साथ ही मृतक का दोनो पैर बंधा हुआ था। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मृतक की हत्या कर उसके उपर सीमेंट छिडकर ट्राली बैग में टिन की पेटी में डालकर शव को उक्त सूनसान स्थान पर फेंक दिया गया था, कि थाना डी.डी.नगर में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।  

   अंधे कत्ल की घटना को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर श्री अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम श्री दौलत राम पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती श्री राजेश देवांगन, प्रभारी निरीक्षक परेश पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी डी.डी.नगर निरीक्षक एस.एन.सिंह को मृतक अज्ञात पुरूष की पहचान करने के साथ ही अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। 

 जिस पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की 05 अलग - अलग टीमों का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा सर्वप्रथम घटना स्थल पर पहुंचकर घटना स्थल को सुरक्षित किया गया तथा सभी पहलुओं का बारिकी से निरीक्षण व जांच प्रारंभ करते हुये फॉरंेसिक टीम एवं डॉग स्क्वाड की मदद लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ करना प्रारंभ किया गया। घटना स्थल व उसके आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों को खंगालने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर लगाया गया। 

 इसी दौरान अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों को मुखबीर से जानकारी प्राप्त हुई कि डी.डी.नगर स्थित इन्द्रप्रस्थ कालोनी के डी ब्लॉक से एक अल्टो वाहन में 03 पुरूष एवं 01 महिला अपने अल्टो कार में एक बड़ा पेटी को रखकर ले गये है। जिसकी तस्दीक हेतु कालोनी में लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों को देखने पर उक्त तथ्य की पुष्टि की गई। इसके साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होने पर वाहन स्वामी की पहचान किया गया। वाहन स्वामी से पूछताछ करने पर उसके द्वारा वाहन को 01 माह पूर्व अंकित उपाध्याय निवासी सत्यम विहार रायपुरा डी.डी.नगर रायपुर नामक व्यक्ति के पास बिक्री करना बताया। दूसरी टीम द्वारा घटना स्थल पर मिले टिन की पेटी के संबंध में जानकारी एकत्र करने पर उक्त पेटी थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत पेटी लाईन स्थित शब्बीर स्टील ट्रंक फैक्ट्री के प्रोपराईटर हब्बू भाई से आरोपियों द्वारा क्रय करना पाया गया। पूछताछ में हब्बू भाई ने दिनांक 22.06.25 को 01 पुरूष व 01 महिला द्वारा पेटी को क्रय करना बताने के साथ ही पैसे का भुगतान ऑन लाईन करना बताया गया। जिस पर सायबर सेल के माध्यम से टीम के सदस्यों द्वारा ऑन लाईन भुगतान किये गये खाते का संपूर्ण विवरण प्राप्त किया गया जिस पर से खाता धारक शिवानी शर्मा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई। इसके साथ ही टिन की पेटी को जिस आटो चालक द्वारा बताये स्थान पर छोड़ा गया था उस आटो चालक की पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त टिन की पेटी को इन्द्रप्रस्थ कालोनी डी.डी.नगर के रूम नंबर डी/321 में छोड़ना बताया गया। 

 टीम के सदस्यों द्वारा रूम नंबर डी/321 के संबंध में मकान मालिक छोटे खान निवासी करबलापारा आजाद चौक रायपुर से पूछताछ करने पर उक्त रूम को एक सप्ताह पूर्व ही अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा को किराये में देना बताया गया। संपूर्ण पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण पर आरोपियों की पुष्टि होने पर आरोपी अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा के संबंध में पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि रिश्ते में दोनों पति-पत्नि है तथा घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस की गिरफ्त से बचने हेतु दिल्ली फरार हो गये है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों के भागने के साधन के रायपुर एयरपोर्ट से जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि दोनों दिनांक 23.06.25 को रात्रि लगभग 09ः40 बजे की दिल्ली की फ्लाईट क्रमांक 6सी5347 से दिल्ली फरार हो गये है, कि पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर श्री अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा तत्काल इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली के प्रभारी अधिकारी सहित मुख्य सुरक्षा अधिकारी आई.जी.आई. एयरपोर्ट नई दिल्ली को प्रकरण व आरोपियों के संबंध में जानकारी साझा करते हुये आरोपियों को अभिरक्षा में लेने कहा गया। हवाई जहाज के दिल्ली एयरपोर्ट में लैण्ड करते ही एयरपोर्ट में लगे सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपियों को अपने अभिरक्षा में लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में रायपुर क्राईम ब्रांच की एक टीम को तत्काल दिल्ली हेतु रवाना किया गया।

  टीम के सदस्यों द्वारा दिल्ली पहुंचकर आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी अंकित उपाध्याय ने बताया कि वह पेशे से वकील होने के साथ ही जमीन, मकान खरीदी-बिक्री का काम करता है। साथ ही बताया कि मृतक किशोर पैकरा पिता स्व. नारायण पैकरा उम्र 58 साल निवासी हाण्डीपारा एच एम टी चौक पास आजाद चौक रायपुर इसका पक्षकार था। मृतक किशोर पैकरा आजाद चौक स्थित अपने मकान को चंद्रप्रकाश कुर्रे निवासी बेलटुकरी खरोरा जिला रायपुर को वर्ष 2015-16 में 50 लाख रूपये में बिक्री कर दिया था, किंतु किशोर पैकरा द्वारा क्रेता को उक्त मकान का कब्जा न देकर न्यायालय में क्रेता के विरूद्ध आवेदन पत्र दिया था। इस बात की जानकारी मृतक किशोर पैकरा द्वारा आरोपी अंकित उपाध्याय को देने पर आरोपी अंकित उपाध्याय द्वारा किशोर पैकरा को कहा गया कि वह हाईकोर्ट से उसके उक्त मकान को वापस दिला देगा और इसके एवज में आरोपी अंकित उपाध्याय अलग - अलग किश्तों में अलग - अलग कार्य के नाम से पैसा लेता था एवं मृतक किशोर पैकरा के बजरंग नगर के मकान को 30 लाख रूपये में अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिया था। उक्त बिक्री रकम को आरोपी अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा से लेकर अपने निजी कार्य में उपयोग कर लिया था। जिस पर किशोर पैकरा अपने पैसा को बार - बार आरोपी अंकित उपाध्याय से मांगता था। अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा को अपने झांसे में लेकर मैं तुम्हारा देखभाल करूंगा और रोज खाना खिलाउंगा कहा, फिर भी मृतक द्वारा प्रतिदिन अंकित उपाध्याय से पैसों की मांग कर उसे ताना मारने के साथ ही अलग - अलग जगह से खाना खाने की मांग करता था। जिससे आरोपी अंकित उपाध्याय परेशान होकर उक्त सभी बातों को अपनी पत्नि शिवानी शर्मा को बताया गया और दोनों किशोर पैकरा की हत्या करने की योजना बनाये। योजना के तहत् आरोपी अंकित उपाध्याय ने स्वयं डिजाईन कर अपना फर्जी आधार कार्ड बनाया जिसमें अपना पता कोरबा होना लेख किया। इसी फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसने धमतरी के बलियारा ग्राम निवासी एक व्यक्ति से पुरानी अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744 को 60,000/- रूपये में खरीदा। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये एक किराये का मकान इन्द्रप्रस्थ कालोनी में दिनांक 19.06.25 को लिया। दिनांक 21.06.25 को सुबह अंकित उपाध्याय अपने घर सत्यम विहार रायपुरा से अल्टो कार से किशोर पैकरा के घर हाण्डीपारा आजाद चौक गया तथा किशोर पैकरा को झूठ बोलकर कि तुम्हारे घर की सफाई कराना है तब तक तुम मेरे किराये के मकान में इन्द्रप्रस्थ कालोनी में रहना कहकर अपने साथ कार मंे बैठाकर इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित रूम नंबर डी/321 किराये के मकान में ले गया थोड़ी देर बाद उसकी पत्नि शिवानी शर्मा भी वहां दोपहिया वाहन से आयी। योजना के अनुसार प्रातः करीबन 10ः00 बजे आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नि शिवानी शर्मा द्वारा किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये अंकित उपाध्याय उसकी छाती में बैठकर उसका गला दबाया तथा उसकी पत्नि मृतक के पैर को पकड़ी थी इसी दौरान अंकित उपाध्याय अपने पास रखें चाकू से भी मृतक के गले में वार कर उसकी हत्या कर दिये तथा शव को रूम में छोडकर दोनों अपने घर सत्यम विहार कालोनी चले गये। शाम को दोनों पुनः इन्द्रप्रस्थ कालोनी के उसी रूम में गये तथा किशोर पैकरा के शव से निकले खून को टॉवेल से पोंछ दिये और उसके शव को रूम में पहले से रखें एक लाल रंग के ट्राली बैग में डालकर उस पर परफ्यूम स्प्रे किये और रूम बंद कर दिये और घर चले गये। रात्रि दोनों गोलबाजार पेटी लाईन जाकर एक दुकान से एक टिन की पेटी आर्डर किये। अगले दिन दिनांक 22.06.2025 को प्रातः करीबन 09ः30 बजे दोनों रूम में जाकर हत्या में प्रयोग किये गये चाकू एवं खून लगे टॉवेल को प्लास्टिक बोरी में भरकर भाठागांव के पास नाला में फंेक दिये फिर दोनों दोपहर में आर्डर किये गये पेटी को लेने हेतु गोलबाजार पेटी लाईन गये तथा दुकान से टिन की पेटी खरीदकर ऑन लाईन पेमेंट किये और पेटी को आटो में रखवाकर इन्द्रप्रस्थ के रूम में ले गये। शव से लगातार बदबू आने से दोनों एक हार्डवेयर दुकान से सीमेंट खरीदकर रूम आये और सीमेंट को शव के उपर डालकर ट्राली बैग को बंद कर शव से भरी बैग को पेटी में डालकर पेटी को बंद कर दिये, उसके बाद दोनों अपने घर आ गये। दिनांक 23.06.25 को सुबह करीबन 08ः00 बजे दोनों पति-पत्नि इन्द्रप्रस्थ कालोनी के रूम में गये फिर शव से भरे पेटी को उठाने की कोशिश करने पर वजन अधिक होने से नहीं उठा पाये तब वापस दोनों अपने घर सत्यम विहार गये और मदद करने हेतु अपने परिचित सूर्यकांत यदु और विनय यदु को बुलाया और उक्त घटना की जानकारी दोनों को देने पर दोनों शव को ठिकाने लगाने में मदद करने हेतु तैयार हो गये। जिस पर चारों 02 अलग - अलग दोपहिया वाहन में इन्द्रप्रस्थ कालोनी के रूम में प्रातः 09ः35 बजे गये तथा सभी अपना पहचान छिपाने हेतु अपने चेहरे को स्कार्फ से ढ़के थे। आरोपी अंकित उपाध्याय, सूर्यकांत यदु एवं विनय यदु तीनों मिलकर शव रखें पेटी को लिफ्ट के माध्यम से नीचे लाये तथा शिवानी शर्मा सीढ़ी से नीचे आयी फिर चारों मिलकर पेटी जिसमें शव रखा था को अल्टो कार की डिक्की में रखें और शव को ठिकाने लगाने हेतु घटना स्थल पर ले जाकर पेटी को नीचे उतारकर छोड़कर चले गये। उसके बाद अंकित उपाध्याय और विनय यदु अल्टो कार को कुशालपुर पुरानी बस्ती के एक गैरेज में डेन्टिंग-पेन्टिंग हेतु छोड़ दिये, शिवानी शर्मा ईथर वाहन और सूर्यकांत यदु ज्वॉय इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर घर सत्यम विहार चले गये। आरोपी दोनों पति-पत्नि घटना को अंजाम देने के बाद रात की फ्लाईट से रायपुर से दिल्ली फरार हो गये थे। 

 चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर कब्जे से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744, दोपहिया ईथर वाहन क्रमांक सी जी 04 एन वाय 0639 तथा इलेक्ट्रिक ज्वॉय दोपहिया वाहन तथा 05 नग मोबाईल फोन को जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध थाना डी.डी.नगर में अपराध क्रमांक 255/25 धारा 103(1), 238क, 61(2), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।   
     
*गिरफ्तार आरोपी*

*01. अंकित उपाध्याय पिता रमानिकेत उपाध्याय उम्र 31 साल निवासी मनजीत ग्रीन सिटी के पास सत्यम विहार कालोनी मकान नंबर 383 गली नंबर 04 रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।* 

*02. शिवानी शर्मा पति अंकित उपाध्याय उम्र 24 साल निवासी मनजीत ग्रीन सिटी के पास सत्यम विहार कालोनी मकान नंबर 383 गली नंबर 04 रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।*
 
*03. विनय यदु पिता संतराम यदु उम्र 23 साल निवासी जनजागृति चौक शिव शक्ति किराना स्टोर के पास यादवपारा रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।*  

*04. सूर्यकांत यदु पिता प्रेमनाथ यदु उम्र 21 साल निवासी कन्या छात्रावास के सामने विसर्जन  कुण्ड के पास महादेव घाट रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।*  

 *घटना स्थल में फारेंसिक टीम से डॉ. भास्कर बनर्जी, अंगेश कुमार मौर्य, अनंत राम सिदार एवं भरत कुमार छापटे तथा फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय साहू द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन किया गया।* 

 *कार्यवाही में निरीक्षक एस.एन.सिंह थाना प्रभारी डी.डी.नगर, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट से प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक मुकेश सोरी, राजेन्द्र सिंह कंवर, सउनि. प्र्रेमराज बारिक, अतुलेश राय, फूलचंद भगत, शंकर लाल ध्रुव, प्र.आर. गुरूदयाल सिंह, उपेन्द्र यादव, अनुप मिश्रा, संतोष दुबे, कृपासिंधु पटेल, सुरेश देशमुख, घनश्याम प्रसाद साहू, म.प्र.आर. बसंती मौर्य, आर. प्रमोद बेहरा, पुरूषोत्तम सिन्हा, प्रशांत शुक्ला, हरजीत ंिसंह, किसलय मिश्रा, अजय चौधरी, महिपाल सिंह, भूपेन्द्र मिश्रा, अविनाश देवांगन, अभिषेक तोमर, अमित वर्मा, नितेश सिंह राजपूत, अविनाश टण्डन तथा थाना डी.डी.नगर से सउनि. अनंत बारिक, प्र.आर. अरूण तिवारी एवं म.आर. सरस्वती वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिंका रहीं।

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*मीसाबंदियों द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किया गया  संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए है प्रेरणा: विधायक श्रीमती रायमुनी भगत*


 
जशपुरनगर, / आपातकाल के 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज जिला मुख्यालय के वशिष्ठ कम्युनिटी हाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मीसाबंदी श्री रामलाल सोनी, श्री महावीर जैन, श्री प्रदीप जैन,  श्रीमती शोभा देवी, श्री  लक्ष्मी  प्रसाद गुप्ता और श्री विश्वनाथ सिंह को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान हुई घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय उन्हें किस तरह की कठिन परिस्थितियों से उन्हें गुजरना पड़ा था, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया। इस अवसर पर मीसाबंदियों जनप्रतिनिधियों ने हाथों में मशाल लेकर रैली निकाली।
    इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान घटित महत्वपूर्ण घटनाओं और उस दौर के सामाजिक, राजनीतिक एवं मानवाधिकार संबंधी प्रभावों को  प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से आपातकाल के दौरान हुई घटनाक्रम को रेखांकित किया गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि मीसाबंदियों ने आपातकाल के कठिन समय में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
   मीसाबन्दी श्री रामलाल सोनी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि आपातकाल के समय सभी संस्थाओं को बंद कर दिया गया था। हमारी स्वतंत्रता के साथ मूल अधिकार छिन लिए गए थे। उन्होंने अपनी रायगढ़ जेल यात्रा के दौरान कठोर यातना के अनुभव का भी वर्णन किया। मीसाबन्दी श्री विश्वनाथ सिंह ने जयप्रकाश नारायण एवं अन्य जन नायकों को याद करते हुए कहा कि  आपातकाल में विद्यार्थी, किसान से लेकर सभी वर्गों को परेशानियों का सामान करना पड़ा था। मीडिया की स्वतंत्रता भी बाधित कर दी गई थी।
   इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्याय श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री संविधान हत्या दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल: आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लोकतंत्र की हत्या के उस काले दिन को हमारी भावी पीढ़ी भी जाने, समझे और उससे सीख ले। आपातकाल के दौर को याद करते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कालखंड मेरे जीवन से गहराई से जुड़ा है। यह मेरे लिए मात्र एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पीड़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि प्रसाद साय आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रहे। उस समय लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी—कई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था। ऐसे अनेक परिवारों को मैंने स्वयं देखा है। उन्होंने कहा कि निरंकुश सत्ता ने उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया था, नागरिक अधिकार छीन लिए गए थे। वास्तव में, वह लोकतंत्र का काला दिन था, जिसका दंश हमारे परिवार ने झेला है और जिसे मैंने स्वयं जिया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी परिवारों के सदस्यों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लोकतंत्र सेनानी परिवारों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। इन परिवारों को प्रतिमाह 10 हजार से 25 हजार रुपए तक की सम्मान राशि दी जा रही है—यह उनके संघर्ष और बलिदान को नमन करने का एक विनम्र प्रयास है।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आपातकाल के इतिहास को जानें, पढ़ें और समझें कि किस प्रकार उस कालखंड में संविधान को कुचला गया था। लोकतंत्र को जीवित रखने और सशक्त करने के लिए जन-जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के संविधान और लोकतंत्र पर आपातकाल एक ऐसा कलंक है, जिसे इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया गया है। आपातकाल थोपकर न केवल संविधान को निष्क्रिय कर दिया गया, बल्कि मौलिक अधिकारों को समाप्त कर लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया।
उन्होंने कहा कि उस समय देश को एक खुली जेल में बदल दिया गया था, जिसमें भय और आतंक का वातावरण था। एक लाख से अधिक लोगों को बिना न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया, और उन्हें यातनाएं दी गईं। यह केवल राजनीतिक दमन का दौर नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना को समाप्त करने का सुनियोजित प्रयास था।
डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपातकाल के विषय में शोध करें, पढ़ें और समझें कि लोकतंत्र की रक्षा हेतु कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। भविष्य में लोकतंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें सदैव जागरूक और सजग रहना होगा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का सबसे शर्मनाक और काला दिन था। इस दिन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को जिस तरह से कुचला गया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में नहीं मिलता। संविधान में मनमाने ढंग से संशोधन किए गए, जिससे देश की आत्मचेतना और नागरिक अधिकारों का दमन हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित जनजागरूकता रैली में भी भाग लिया।

*मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आपातकाल पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान की दमनकारी नीतियों, मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र के हनन को चित्रों एवं दस्तावेजों के माध्यम से दर्शाया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे विस्मृत नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संविधान के महत्व को समझाने में सहायक सिद्ध होगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस  अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, श्री मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा तथा संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लोकतंत्र सेनानी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने दुलदुला के जनप्रतिनिधियों, सरपंच आम नागरिकों के साथ संयुक्त बैठक लेकर उनकी मांगों और समस्याओं की ली जानकारी  

जशपुर /कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड शासकीय माध्यमिक स्कूल में जनप्रतिनिधियों आम नागरिकों सरपंच पंच सचिव की बैठक लेकर विकास कार्यों ,मांगों और समस्याओं की जानकारी ली।  कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों के साथ बस स्टैंड और नव निर्मित पुलिया का भी निरीक्षण किया और अवगत कराया कि दुलदुला विकास खंड के नया बस स्टैंड बनाने के लिए 99 लाख 99 हजार की स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही काम चालू किया जाएगा।

बस स्टैंड में यात्री प्रतीक्षालय भी बनाया जाएगा इसके साथ ही दुकान के लिए काम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा दुकान का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा लाटरी पद्धति से दुकानों का आबंटन किया जाना है ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित दुकानों से किराया भी लिया जाएगा और उन पैसों का उपयोग विकास कार्यों और मेंटेनेंस के लिए किया जाएगा।

कलेक्टर ने दुलदुला विकास खंड के नव निर्मित पुलिया के सामने बने खम्भे को भी शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को आवागमन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए 
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक कुनकुरी एसडीएम नन्द जी पांडे जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार राहुल कौशीक नायब तहसीलदार राजेश यादव उपस्थित थे।

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्तूरा का कलेक्टर ने किया निरीक्षण....स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव अप्रैल से जून माह  एक भी नहीं हुआ वँहा के  एएनएम को नोटिस जारी कर वेतन रोकने के निर्देश और निलंबन की अनुशंसा करने के दिए निर्देश

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तूरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के सीएचवो, आरएचवो और एएनएम की समीक्षा बैठक ली 
उन्होंने संस्थागत प्रसव प्रगति, टीबी मुक्त अभियान,आर सी एच पोर्टल में एंट्री, केन्द्र और राज्य की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की ।

कलेक्टर ने कहा कि लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना शासन की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव के दिए गए लक्ष्य को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कस्तूरा, बनगांव,टांगरटोली, धारेन,बंगुरकेला, चांपा टोली, में गर्भवती माताओं का पंजीयन और आर सी एच पोर्टल एंट्री में धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य अमला को कड़ी हिदायत देते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्र में संस्थागत प्रसव नहीं हो रहा है। उन केन्द्र के सी एच वो आर एच वो और एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करके उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। और काम नहीं करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों का निलंबन और विभागीय जांच के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम कुनकुरी नंद जी पांडे, जनपद सीईओ पुष्कर पाटले मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा और तहसीलदार राहुल कौशीक, राजेश यादव उपस्थित थे।

कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली निरीक्षण के दौरान पंजीयन एवं दवा वितरण केन्द्र, ओपीडी, आर्युवेदिक ओपीडी, शौचालय की स्थिति, औषधि भंडार कक्ष, सामान्य वार्ड,पी एन सी वार्ड का निरीक्षण किया 

कलेक्टर ने अस्पताल के दरवाजे, बेसिन, बिजली और नल को ठीक करने के दिए निर्देश

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छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता है देश की आर्थिक समृद्धि का आधार – खनिज सचिव श्री पी. दयानंद....... सामरिक एवं रणनीतिक खनिजों के तकनीकी सहित विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सामरिक एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण एवं दोहन के संबंध में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से परिपूर्ण एक समृद्ध राज्य है, जहाँ 28 प्रकार के प्रमुख खनिज जैसे—कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क के साथ-साथ लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे सामरिक एवं परमाणु महत्व के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम ऑन एक्सप्लोरेशन स्ट्रैटेजी तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) के अंतर्गत संचालित प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा राज्य में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

इस कार्यशाला का आयोजन खनिज संसाधन विभाग तथा छत्तीसगढ़ भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका उद्देश्य भारत की क्रिटिकल मिनरल्स क्षमता के समुचित दोहन हेतु वैज्ञानिक अन्वेषण तकनीकों को प्रोत्साहित करना, प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक अन्वेषण नीतियों में राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के श्री रविकांत गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की भूवैज्ञानिक विशेषताओं एवं ओजीपी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के श्री भुवनेश्वर कुमार ने लीथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल, टंगस्टन, फॉस्फेट जैसे खनिजों की खोज हेतु आधुनिक भू-भौतिकीय एवं भू-रासायनिक तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिससे अधिकारियों को नवीनतम विधियों की जानकारी प्राप्त हुई। एनएमईटी से श्री अक्षय वर्मा ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता एवं अनुदान नीतियों की जानकारी साझा करते हुए एनएमईटी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया और राज्य की अधिक सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

*वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर बल*

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता और गुणवत्ता इसे वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी बना सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज उत्पादन, बाज़ार मांग और भविष्य की संभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित कर राज्य खनिज आधारित औद्योगिक विकास का नेतृत्व कर सकता है।

समापन सत्र में राज्य में अब तक किए गए खनिज सर्वेक्षणों, उनके निष्कर्षों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी दक्षता तथा अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खनिज संसाधन किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का मूल आधार होते हैं। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाकर छत्तीसगढ़ न केवल निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित कर सकता है, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज नीति में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सभी प्रतिभागियों ने खनिज आधारित सतत औद्योगिक विकास हेतु संयुक्त प्रयास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर कार्यशाला में आईआईटी धनबाद के प्रो. साहेंद्र सिंह, आईबीएम के श्री प्रेम प्रकाश, संचालक श्री रजत बंसल, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान एवं श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों, नीति सलाहकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

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प्रेम संबंध और चरित्र शंका से किया गया ट्रिपल हत्याकांड का जशपुर पुलिस-ने किया पर्दाफाश......बेल्ट से गला घोंट कर तीनो की थी हत्या......आरोपी साउथ इंडिया फरार होने का प्लान कर रहा था,रांची से धर दबोचा गया,

जशपुर :-जशपुर जिले में बीते दिन एक सनसनीखेज मामला सामने आया था ।तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम साजबाहर में आरोपी प्रमोद गिद्धी 36 वर्ष ने चरित्र शंका को लेकर एक महिला और दो मासूमों की बेल्ट से गला घोंटकर उतियाल नाला के बालू में दफन कर फरार हो गया था इस ट्रिपल मर्डर से पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई थी। वहीं अब पुलिस ने ट्रिपल मर्डर करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

     पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तपकरा पुलिस  23 जून को मुखबिर से सूचना मिला कि एक व्यक्ति शराब के नशे में कही बोल रहा था कि वह थाना तपकरा क्षेत्र के साजबहार (उतियाल नदी) में 01 महिला और 02 बच्चों को मारकर नदी के किनारे दफना दिया है, इस सूचना पर स्वयं पुलिस की टीम तत्काल साजबहार (उतियाल नदी) में जाकर तस्दीक करने मौके पर गई एवं 02 घंटे तक मशक्कत कर उभार वाले रेत को बारी-बारी से हटाकर देखने पर 01 लड़का बच्चा (उम्र लगभग 06 साल) एवं 01 बच्ची (उम्र लगभग 14 साल) का शव मिला एवं कुछ दूर आगे जंगल में 01 महिला (उम्र लगभग 36 साल) का शव मिला, जिसका पहचान परिजनों एवं साजबहार के ग्रामवासियों द्वारा की गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी विवेचना प्रारंभ की।
                      विवेचना दौरान ज्ञात हुआ कि मृतका सुभद्रा ठाकुर का गाँव के ही प्रमोद गिद्धी से सम्बंध है, यही व्यक्ति था जो पहले इस तरह की बातें किया था और वह फरार भी है, उसके बाद पुलिस की टीम उसकी खोजबीन में लग गई। प्रमोद गिद्धी के सारे दोस्त एवं रिश्तेदारों के यहां पुलिस की अलग-अलग टीम लगातार दबिश दे रही थी, 

  पुलिस ने रांची से किया आरोपी को गिरप्तार

प्रमोद गिद्धी पहले भी रांची में काम करने गया था, इसी संभावना पर से एक टीम प्रत्याशा में रांची की ओर भेजी गई थी, इसी दौरान टेक्निकल टीम द्वारा सूचना मिला कि वह रांची में मौजूद है इस पर तत्काल दबिश देकर भाग रहे आरोपी प्रमोद गिद्धी को अभिरक्षा में लिया गया, इस दौरान आरोपी को लाते समय रास्ते में इंट्रोगेशन के दौरान पता चला कि उसने आत्महत्या करने के इरादे से लगभग 08 घंटा पूर्व जहर का सेवन कर लिया है, पुलिस द्वारा तत्काल उसे जशपुर अस्पताल में एडमिट कराया गया। आरोपी के इलाज होने के बाद अब हालत स्थिर है, पूछताछ में आरोपी ने प्रेम संबंध और चरित्र शंका पर सुभद्रा ठाकुर की बेल्ट गला घोंटकर हत्या की, उसके बाद दोनों बच्चों को भी बारी-बारी से हत्या किया। आरोपी ने उक्त अपराध को घटित करना स्वीकार कर लिया है।
                              उक्त कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ, निरीक्षक संदीप कौशिक, उप निरीक्षक नसरुद्दीन अंसारी,स.उ.नि. हरिशंकर राम, स.उ.नि. नसरुद्दीन खान, HC मिराज किस्पोट्टा एवं अन्य सम्मिलित रहे। 
                              एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा घटना के संबंध में बताया गया है किः- *" तिहरे हत्याकांड के आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी, 05 अलग-अलग पुलिस की टीम बनाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी, अंततः प्रत्याशा में रांची भेजी गई एक टीम द्वारा उसे गिरफ्तार कर लाया गया है, गिरफ्तारी में सम्मिलित पुलिस टीम को नगद ईनाम नाम से पुरस्कृत किया गया है।"

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रोहतक पहुंचकर स्वर्गीय परमेश्वरी देवी को मुख्यमंत्री श्री साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरियाणा के रोहतक पहुंचे, जहाँ उन्होंने हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास सिंधु भवन पहुंचकर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कैप्टन अभिमन्यु की पूज्य माताजी श्रीमती परमेश्वरी देवी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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जशपुर के कल्याण आश्रम में रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि पर हुआ कार्यक्रम ......रानी दुर्गावती का बलिदान हमारे लिए  प्रेरणादायी है - हेमा शर्मा 

जशपुर : कल्याण आश्रम जिला महिला समिति द्वारा महोबा के प्रसिद्ध चंदेल वंश की वंशज और गढ़ा-कटंगा के गोंड साम्राज्य की रानी, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतिमूर्ति, रानी दुर्गावती की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि  देने हेतु नगर के कल्याण आश्रम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया । 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती हेमा शर्मा सदस्य  बाल कल्याण समिति जशपुर एवं मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना अग्रवाल सदस्य किशोर न्याय बोर्ड जशपुर ने रानी दुर्गावती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।  


इस अवसर पर  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हेमा शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि रानी दुर्गावती गढा राज्य की महारानी थी । इनका जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कलिंजर दुर्ग में  दुर्गा अष्टमी के दिन 
हुआ था इसी कारण इनका नाम दुर्गावती रखा गया । 24 जून 1564 को 39 वर्ष की अल्पायु में इनका निधन हो गया था । रानी दुर्गावती का नाम भारतीय इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज ऐसा नाम है जिन्होंने मुग़ल शासकों को मुंह की खाने पर मजबूर कर दिया था । ये बाल्यकाल से ही घुड़सवारी, तलवारबाजी , तीरंदाजी युद्ध कलाओं में निपुण थी । इन्हें अपने पति की मृत्यु के उपरांत गढ़मंडला का शासन संभालना पड़ा उस समय इनके पुत्र की आयु मात्र 5  वर्ष थी । इन्होंने गढ़मण्डला में 16  वर्ष तक शासन कर कुशल प्रशासक के रूप में अपनी छवि निर्मित की । रानी दुर्गावती ने अपनी मातृभूमि और आत्म सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया । मातृभूमि की रक्षा हेतु इनका महान बलिदान हमें युगों-युगों तक 'राष्ट्र प्रथम' के भाव से पोषित करता रहेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि रानी दुर्गावती 16 वीं शताब्दी की एक महान गोंडवाना शासक थी । जिन्होंने मुग़ल साम्राज्य के ख़िलाफ़ अपने राज्य की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी । 1564 में मुग़ल शासक अकबर ने रानी दुर्गावती के राज्य पर आक्रमण कर दिया जिसका रानी ने वीरता पूर्वक सामना किया अंततः मुग़ल सेना रानी दुर्गावती की सेना पर भारी पड़ने लगे तो रानी दुर्गावती ने आत्म समर्पण करने की बजाय अपनी तलवार से ख़ुद को मार डाला और वीरगति प्राप्त की । रानी दुर्गावती को अपनी वीरता और साहस के लिए याद किया जाता है । उन्हें आज एक महान योद्धा , एक महान शासक और नारी सशक्तिकरण के रूप में याद किया जाता है । 
कार्यक्रम का संचालन आर्या पाठक ने किया ।इस कार्यक्रम में कल्याण आश्रम जिला महिला समिति की अध्यक्ष जगन्ती भगत , जिला महिला प्रमुख कल्याण आश्रम उर्मिला ,कल्याण आश्रम नगर महिला समिति सचिव अनिता पैंकरा , प्रांत संगठन मंत्री महेश्वर सिंह , जिला संगठन मंत्री रवींद्र शिखर  , विद्यालय की प्राचार्य जयमुनि सिंह ,शिक्षिका सोनम सोनी सहित काफ़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी ।

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*मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक का आयोजन बस्तर में होगी*

रायपुर / मध्य क्षेत्रीय परिषद की वाराणसी में आयोजित 25वीं बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि अगली बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ के बस्तर में किया जाएगा। यह निर्णय देश के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण अंचलों को राष्ट्रीय नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। बस्तर जैसे क्षेत्र में इस स्तर की बैठक का आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के समावेशी विकास और सुशासन की नीति का सशक्त प्रतीक है।

बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि अगली परिषद बैठक तक बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय और निर्णायक प्रगति हो चुकी होगी। इस विश्वास के साथ, परिषद ने बस्तर क्षेत्र को शांति, स्थायित्व और विकास के एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा है। यह घोषणा राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय और सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बस्तर में इस तरह की उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन न केवल क्षेत्र के लिए गौरव की बात है, बल्कि इससे वहां के विकास को नई ऊर्जा भी प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर अब संघर्ष का नहीं, संभावनाओं का प्रतीक बनने की ओर अग्रसर है।

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