*अब पूर्व माध्यमिक शालाएं भी बढ़ाएंगी जशपुर का यश  : पहली बार मिडिल स्कूलों के प्रधान पाठकों का यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ उन्मुखीकरण*
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*अब पूर्व माध्यमिक शालाएं भी बढ़ाएंगी जशपुर का यश  : पहली बार मिडिल स्कूलों के प्रधान पाठकों का यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ उन्मुखीकरण*

जशपुर नगर :29 जुलाई 2025: 
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश भर में पहचान बनाने वाले जशपुर जिले की विद्यालयीन शिक्षा गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम ने हायर सेकेंडरी स्कूलों के साथ ही अब प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में भी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।  डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और डीईओ पीके भटनागर के निर्देश पर इसी परिप्रेक्ष्य में 28 जुलाई से 617 शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठको का उन्मुखीकरण की शुरुआत यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत पहली बार की गई है। पहले दिन बगीचा और दुलदुला विकासखंड के 118 प्रधान पाठक उन्मुखीकरण में उपस्थित रहे।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता के द्वारा प्रधान पाठकों को पूरे मन और पूरी क्षमता  से कार्य करने के साथ कर्तव्य बोध के लिए विशेष मोटिवेशनल क्लास लिया जा रहा है। विनोद गुप्ता के द्वारा मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैस्लो की हाईआर्की आफ नीड थ्योरी के विषय में प्रधान पाठकों को समझाते हुए यह बताया गया कि मनुष्य की आवश्यकताओं में सबसे निम्न स्तर पर फिजियोलॉजिकल नीड से लेकर कैसे अंतिम और सर्वोच्च स्तर आत्मबोध एवं आत्म संतुष्टि तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों को कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर छात्रों के विकास हेतु कार्य करना है। ज्ञातव्य है की मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैसलों ने बताया था कि मनुष्य की पहली आवश्यकता खाना, पीना, सोना और सुरक्षा  और परिवार होता हैl इन आवश्यकताओं की पूर्ति करने में ही हमारा पूरा ध्यान रहता है जिससे केवल सुख की प्राप्ति होती है l उन्होंने आगे बताया कि केवल इसी सुख  की चाहत होना ही मनुष्य के लिए सबसे बड़ी समस्या है क्योंकि इससे हमे खुशी नहीं मिलती जो हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य होता है l जीवन में खुशियां लाने के लिए हमे हमारे स्कूलों के बच्चों के जीवन में खुशियाँ लाने के विषय में सोचना चाहिए ताकि वे भविष्य में न केवल अपने परिवार की गरीबी दूर कर सके बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें l और इसके लिए सभी प्रधान पाठकों को अपने कर्तव्य स्थल पर पूरे समय केवल विद्यार्थियों के  भविष्य निर्माण करने के विषय में कार्य करना चाहिए l इसके लिए मुख्य रूप से सात प्रमुख गतिविधियों को भी विस्तार से बताया जो की यशस्वी जशपुर कार्यक्रम का मुख्य रणनीतिक बिन्दुएँ है l 

उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिले भर के कुछ ऐसे शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है जिन्होंने अपने विषय क्षेत्र में विशेष कार्य किया है। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विषय आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर एलन साहू ने  विज्ञान के कई प्रयोग करके दिखाया और राष्ट्रीय प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति परीक्षा के बारे में जानकारी और विद्यार्थियों के पंजीयन के विषय में बताया। मास्टर ट्रेनर्स संजय दास, गायत्री देवता, राजेंद्र प्रेमी, सरिता नायक, सतेंद्र सिंह, सोमनाथ साहू के द्वारा अलग-अलग विषयों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया । प्रशिक्षण में व्याकरण, टीएलएम आधारित शिक्षण, डुओलिंगो एप पर अंग्रेजी सीखकर अध्यापन, मानचित्र , विनोवा एप के उपयोग और नवीन पाठ्य पुस्तक पर चर्चा जैसे विषय शामिल रहे।

प्रशिक्षण प्रभारी संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, सीमा गुप्ता का प्रशिक्षण के संचालन में विशेष योगदान रहा। कार्यशाला के अंत में सभी प्रशिक्षार्थी प्रधान पाठकों ने फीडबैक भी दिया। पूर्व माध्यमिक शाला दनगरी के प्रधान पाठक श्री विजय कुमार ने अपने फीडबैक में लिखा है कि "यशस्वी जशपुर की थीम पर कैसे व्यवस्था परिवर्तन करके बच्चों के शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार किया जा सकता है? यहां मिले नए विजन से मैं निश्चित रूप से रिचार्ज हुआ हूं, मैं अपने विद्यालय में परिवर्तन  कर सकता हूं। ऐसी अपेक्षाओं के साथ मैं यहां से  कुछ करने की प्रेरणा लेकर जा रहा हूं।"

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