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*केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल से मुख्यमंत्री श्री साय ने की मुलाकात, बोधघाट बहुउद्देश्य परियोजना पर विस्ईतार से चर्चा*

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री सी आर पाटिल को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र को नक्सल हिंसा से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर के लिए प्रस्तावित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब नक्सल प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। ऐसे में बोधघाट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण संबंधी आवश्यक पहल करने के विषय में विस्तार से चर्चा की।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना से संबंधित प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र साकार रूप लेगी और यह बस्तर की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव का प्रमुख आधार बनेगी।

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*मुख्यमंत्री श्री साय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियानों व उपलब्धियों की दी जानकारी*

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। 

उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर श्री शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

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*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1 नवंबर को ‘अमृत रजत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्यौता*

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’  दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है।

राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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लाखों के विकास कार्यों का जशपुर विधायक ने किया भूमिपूजन......सरकार की योजनाओं की दी जानकारी

जशपुर : झारखंड राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र से लगे ग्राम टांगरटोली में निर्माण कार्य का भूमि पूजन करने जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत पहुंची।यहां उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी योजनाओं को विस्तार से बताते हुवे इसका लाभ उठाने जागरूक किया।

        ज्ञात हो कि जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के अथक प्रयास से ग्राम टांगरटोली में 7 लाख की लागत से आरसीसी रोड एवं 10 लाख की लागत से तटबंध का कार्य स्वीकृत हुआ।जिसका आज विधि विधान से पूजा अर्चना कर कार्य प्रारंभ कराया।उक्त कार्य का भूमि पूजन करने जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत मुख्य अतिथि के रूप में यहां मौजूद रही।श्रीमती भगत के द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करते हुए निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त कराए जाने का बात कहा।श्रीमती भगत ने कहा कि राज्य में इस वक्त विष्णु देव की सरकार हैं और केंद्र में मोदी की। डबल इंजन की सरकार होने के कारण यहां विकास कार्य तेजी से हो रहा है,ग्रामीणों को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं को विस्तार से बताते हुए इसका लाभ उठाने ग्रामीणों को विधायक ने प्रेरित भी किया।श्रीमती भगत ने आगे कहा कि भाजपा की सरकार में सभी धर्मों वर्गों और समुदायों का ध्यान रखते हुए लाभकारी योजनाओं का सफल संचालन और क्रियान्वयन किया जा रहा है।जिस कारण इनके विकास और उत्थान में तेजी आई है।ग्रामीणों ने विधायक श्रीमती भगत से स्थानीय कब्रिस्तान में 1 शेड निर्माण का मांग किया,जिस पर श्रीमती भगत ने उक्त शेड निर्माण जल्द कराए जाने का घोषणा किया।
इस दौरान संजय गुप्ता,दीपू मिश्रा,बीडीसी नजमुद्दीन,सरपंच जयमुनी,नासिर खान,असद शाह,नशीद समरुद्दीन,अजीज,गफ्फर,जुल मेम्बर जब्बार,दुबराज,जॉनी,कल्लू,खुर्शीद,मंसूर इसराफी मौजूद रहे।

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मनोरा विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव जशपुर विधायक रायमुनी भगत के मुख्य अतिथि में हुआ संपन्न

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 मनोरा । विकासखंड मनोरा में खंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रीमती शांति भगत जिला पंचायत सदस्य, परमेश्वर भगत अध्यक्ष जनपद पंचायत, हैप्पी कमल कुजूर जनपद उपाध्यक्ष मनोरा, आस्ता मंडल अध्यक्ष पंकज जयसवाल, सन्ना मंडल अध्यक्ष आनंद भगत, बीडीसी शोषण टोप्पो, सलमा भगत, रंजीत भगत, पूर्व जनपद अध्यक्ष गोविंद राम भगत, शाला प्रबंधन विकास समिति सेजस मनोरा के अध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ साथ बहुत अधिक संख्या में अभिभावक छात्र-छात्राएं शिक्षक उपस्थित थे। इस अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव को संबोधित करते हुए श्रीमती रायमुनी भगत माननीय विधायक जशपुर ने कहा कि छात्र हमारे देश के भविष्य हैं शिक्षक अभिभावक मिलकर उनके भविष्य को संवारें। श्रीमती शांति भगत जिला पंचायत सदस्य ने कहा मैं इसी विद्यालय में पढ़ी हूं आप भी अच्छे से पढ़ें और स्वस्थ सुंदर शिक्षित भारत के निर्माण में सहयोग दें। जनपद उपाध्यक्ष हैप्पी कमल ने कहा कि  गरीबी कभी भी शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए बाधक नही होती यदि लक्ष्य पाने के लिए इरादा मजबूत हो। जनपद अध्यक्ष परमेश्वर भगत द्वारा शिक्षक के द्वारा बताये गये मार्ग का पूर्ण समर्पण के साथ अनुशासन के साथ पालन करे तो सफल जरूर होंगे।
       इस अवसर पर पीएम श्री मनोरा के कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के छात्र-छात्राओं को माननीय विधायक महोदय के द्वारा पुस्तक, गणवेश कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया।
         विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल के मार्गदर्शन में विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। सत्र 2024-25 अंतर्गत विकासखंड स्तर पर प्रावीण्य सूची के अनुसार हायर सेकेंडरी के नितेश कुमार पिता श्यामलाल राम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरसोता पीएम श्री सेजस मनोरा की जागृति भगत पिता दिलीप भगत शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला आस्ता की प्रियंका खाखा पिता रूबेन खाखा शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला आस्ता के अशियन राम पिता श्री प्रदीप राम को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में हाई स्कूल प्रावीण्य सूची के अनुसार हाईस्कूल सोगडा की श्यामा प्रधान पिता मनोज प्रधान रिफत फातिमा पिता मोहम्मद जीशान खान एवं कुमारी नंदिनी  पिता श्री दुबराज सिंह सेजेस मनोरा को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। उल्लास कार्यक्रम के तहत मार्च 2025 में आयोजित महापरीक्षा अभियान में सफल हुए परीक्षार्थियों को जनप्रतिनिधियों के हाथों प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। शाला परिसर के अंदर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत ट्री गार्ड के साथ पीपल एवं अन्य पौधों का वृक्षारोपण किया गया।
      संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक तरुण कुमार पटेल के द्वारा किया गया कार्यक्रम को व्यवस्थित करने में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम भगत एवं विपिन विकास खरें उल्लास प्रभारी मनोरा, प्राचार्य श्री जे.एन. बैरागी सभी संकुल प्राचार्य, सभी संकुल समन्वयक एवं सेजस मनोरा के समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।

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छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जशपुर के जोगेंद्र प्रसाद यादव बने जिला अध्यक्ष

जशपुर, 1 अगस्त 2025।
जशपुर जिले के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे श्री जोगेंद्र प्रसाद यादव को छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जशपुर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका मनोनयन संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी के द्वारा की गई है। 

जोगेंद्र यादव लंबे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्टेनो के पद पर हैं। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और दायित्वों के प्रति समर्पण को देखते हुए संघ ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। संघ की उम्मीद है कि श्री यादव के नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा कर्मचारियों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण होगा।

अपनी नियुक्ति पर श्री यादव ने सभी सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे सदैव कर्मचारियों के हित में कार्य करते रहेंगे और संगठन की गरिमा को बनाए रखने हेतु पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उनके जिला अध्यक्ष बनने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता, महामंत्री संजीव शर्मा, और कोषाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने शुभकामनाएं दी हैं।

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*बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज – मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात*

नई दिल्ली, 01 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स" के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री श्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत भी उपस्थित थे।

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*छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से रांची में मिली प्रियंवदा सिंह जूदेव,जिला चिकित्सालय में बर्न यूनिट की मांग*


जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने झारखंड के रांची में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाक़ात की। इस दौरान प्रिया सिंह ने जशपुर के जिला चिकित्सालय में बर्न यूनिट ना होने से जरूरतमंद मरीजों को हो रही परेशानी का मामला मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में जशपुर के साथ   छत्तीसगढ़ और झारखण्ड की अंतर्राजयी सीमा में बसे हुए झारखण्ड के गाँवों के मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैँ। ऐसे में बर्न यूनिट की सुविधा णा होने से मरीजों को लेकर अंबिकापुर,रांची और रायगढ़ दौड़ने की मजबूरी हो जाती है। इससे मरीजों की जान बचाने के लिए कीमती समय और रूपये दोनों ही खर्च होता है।  इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सको की कमी को दूर करने का अनुरोध भी जूदेव ने किया।मंत्री जायसवाल ने बर्न यूनिट शुरू करने और चिकित्सको की कमी पूरा करने का आश्वासन देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने जशपुर में चिकित्सा समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मेडिकल कालेज की स्वीकृति दी है। भवन निर्माण और आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए सरकार बजट जारी कर चुकी है।  जल्द ही यह अस्तित्व में आ जाएगा। इससे जिलेवासियों को बहुत लाभ मिलेगा। इस दौरान झारखंड के दिग्गज भाजपा नेता अधिराज नारायण सिंह भी मौजूद थे। मंत्री जायसवाल ने रामगढ़ राज परिवार का अविभाजित बिहार और झारखंड के विकास में योगदान की सराहना की।

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से चेन्नई में हुए दुखद निधन के बाद मृतक राजू नाग का शव गृह ग्राम पहुंचा,,,,सीएम कैंप कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी गुहार........*

जशपुरनगर 1 अगस्त 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर चेन्नई में हुए दुखद निधन के बाद मृतक का शव गृह ग्राम चिकनीपानी पहुंचा।गौरतलब है कि राजू नाग के शोकाकुल परिजनों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पहुंचकर सहायता की गुहार लगाई। एक सामान्य ग्रामीण परिवार के लिए यह कार्य असंभव सा प्रतीत हो रहा था, लेकिन इस पीड़ा की पुकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तक पहुंची और वही क्षण था, जब संवेदनशील शासन ने मानवता का हाथ बढ़ाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यक्तिगत रूप से मामले को संज्ञान में लिया और तुरंत शव को सुरक्षित रूप से लाने के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गुरुवार की शाम राजू नाग का शव झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचा और शुक्रवार की सुबह मुक्तांजली शव वाहन के माध्यम से शव को उसके गृह ग्राम चिकनीपानी लाया गया, जहाँ परिवार और ग्रामवासी भारी मन से अंतिम दर्शन कर पाए।इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए शव लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई। शासन की पहल से न सिर्फ शव वाहन की व्यवस्था की गई, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी सहायता प्रदान की गई।परिवारजनों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशीलता और तत्परता के लिए गहरा आभार जताया है। मुख्यमंत्री की यह पहल एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि उनकी सरकार आमजन के दुःख-दर्द में हर वक्त सहभागी है।

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भारत सरकार का छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं के लिए बड़ा कदम ₹26.24 करोड़ का मिला आवंटन*

रायपुर 31 जुलाई 2025/भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।
मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

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घटना में मामले की जांच का बिजली विभाग के ई ई ने किया दावा,ठेकदार ने लगाया गंभीर आरोप तो चिकित्सक ने कहा 80 प्रतिशत झुलसे दोनों घायलों का प्राथमिकी उपचार कर बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर किया जा रहा रिफर

जशपुर : बिजली मरम्मत के कार्य में झुलसे दोनों घायल बुरी तरह झुलसे हुए है,उनका इलाज कर रहे चिकित्सक के अग्रवाल ने बताया कि घायलों का समुचित उपचार जारी है,दोनो मजदूर गंभीर रूप से लगभग 80 प्रतिशत झुलसे हुए है।इनका बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रिफर किया जा रहा है।
वहीं बिजली विभाग के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए उक्त कार्य में लगे बिजली ठेकेदार रमेश सिंह ने कहा कि उनके द्वारा रजौटी ग्राम के बिजली सुधार का कार्य कराया जा रहा था,जिसमें परमिट लेकर बिजली बंद कराया गया था,लेकिन अचानक कहीं से बिजली का प्रवाह तेज गति से चालू हुआ और दुर्घटना घटित हुआ है।ठेकेदार ने बताया कि इस कार्य में कुल 7 मजदूर लगे हुए थे जिसमें दो मजदूर कार्य के दौरान घायल हुए है।उनका उचित उपचार जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।
 जिला अस्पताल पहुंचे बिजली विभाग के ई ई विनोद पंडित ने कहा कि मामले की जांच की जायेगी,घटना रजौटी ग्राम का है जहां कार्य के दौरान दो मजबूर बिजली का झटका लगने से झुलस गए है।इनका उचित उपचार किया जा रहा है,चिकित्सकों की सलाह पर घायलों का हर संभव बेहतर इलाज किया जायेगा।

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*मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात......स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले मार्ग बनेंगे फोर लेन*

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025- छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही केन्द्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ हुआ है।

इसके साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले दो लेन मार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना को भी मंजूरी मिली है।

रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सभी सड़क योजनाएं अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के ज़रिए भेजी जाएंगी, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर (आरंग)-बिलासपुर (दर्री) के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर भेजने को कहा, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, नागपुर से रायपुर तक प्रस्तावित 300 किमी लंबा समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी शीघ्र डीपीआर मांगा गया है।

इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। 
इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
वहीं, इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यो की वित्तीय स्वीकृति को भी शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

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बिजली लाइन के मरम्मत के दौरान दो मजदूर झुलसे....जिला अस्पताल में इलाज जारी

जशपुर : बिजली विभाग अंतर्गत बिजली ठेकेदार के अंदर कार्य कार्य कर रहे दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए है,बताया जा रहा है कि कार्य करने के दौरान बिजली के झटका से दोनों मजदूर घायल हो गए है।घायल मजदूरों का नाम पवन राम और राजू सिंह बताया जा रहा है दोनो मजदूर बिजली खंबा में चढ़कर बिजली सुधार का कार्य कर रहे थे इस दौरान यहां बिजली का झटका लगा और दोनों मजदूर घायल हो गए।ग्रामीणों की सहायता से दोनों घायलों को जिला अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती किया गया है।जहां उनका उपचार जारी है।घटना की जानकारी पाकर स्वास्थ विभाग के सीएमचओ श्री जात्रा मौके पर पहुंचे।श्री जात्रा ने बताया कि सभी घायलों का उपचार चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा है।


बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके से नदारद

जैसे ही मीडिया की टीम जिला अस्पताल पहुंची बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जिला अस्पताल से तत्काल भाग खड़े हुए।इस दौरान बिजली ठेकेदार भी अस्पताल में मौजूद रहा जो पत्रकारों का कैमरा देखते ही वहां से भाग खड़ा हुआ।
बिजली विभाग के ई विनोद पंडित ने फोन में बताया कि अस्पताल में घायलों का उपचार कराया जा रहभै,ठेकदार रमेश सिंह सहित विभाग के कर्मचारी अस्पताल में ही होंगे।

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राज्य की सड़कों और विकास योजनाओं पर चर्चा करने आज शाम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शाम केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाक़ात की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, सड़क परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की अधोसंरचना योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी को राज्य में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ और वनवासी क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का प्रयास तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर मिल सकें।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि औद्योगिक क्षेत्रों, नए जिलों में सड़क नेटवर्क को मज़बूत करना राज्य के समग्र विकास के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सड़कें केवल यात्रा का ज़रिया नहीं, बल्कि रोज़गार, निवेश और सामाजिक बदलाव की आधारशिला हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों तक सड़कें पहुंचने से न केवल विकास तेज़ होगा, बल्कि उन इलाकों में स्थायी परिवर्तन भी आएगा।

मुख्यमंत्री नेअँजोर “विजन 2047” के तहत राज्य की लंबी अवधि की रणनीति से भी अवगत कराया, जिसमें एकीकृत और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में सड़क संपर्क को प्राथमिकता दे रही है, ताकि हर नागरिक तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।

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*लंबे समय से अनुपस्थित 06 कर्मचारियों को कलेक्टर ने किया सेवा से पृथक* 

जशपुरनगर 31 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न संविदा पदों कार्यरत 06 कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया है। इनमें मोबाईल स्त्रोत कम लेखापाल श्रीमती पुष्पा टोप्पो, बी.आर.पी. समावेशी शिक्षा सुश्री ज्योति साहू एवं कु. मेघा दुबे, सूचना प्रबंध समन्वयक श्री नवीन कुमार पटेल, भृत्य श्रीमती सविता बाई एवं नंदकिशोर चाहौन शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी आज पर्यन्त बिना किसी सूचना एवं आवेदन-पत्र प्रस्तुत किए लगातार कार्य पर अनुपस्थित है। इस संबंध में पूर्व में सभी कर्मचारियों को कई बार पत्र प्रेषित कर कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिया गया था। किन्तु उनके द्वारा किसी भी तरह का न कोई जवाब प्रस्तुत किया और ना अपने कर्तव्य पर उपस्थित हुए। इस अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में उन्हें रजिस्टर्ड डाक द्वारा अंतिम सूचना पत्र प्रेषित कर 01 सप्ताह के अंदर कार्य पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। किन्तु उनके द्वारा कोई प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -03 के विपरीत है।  
          विदित हो कि कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवाएं (अवकाश) नियम, 2010 के नियम 11 में प्रावधान अनुसार यदि कोई भी शासकीय सेवक, अवकाश सहित या बिना अवकाश के बाह्य सेवा से भिन्न, तीन वर्ष से अधिक निरंतर अवधि के लिए कर्तव्य से अनुपस्थित रहता है तो उसे शासकीय सेवा से त्याग पत्र दिया हुआ समझने के नियम के तहत् कार्यवाही की गई।

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*सिंगीबहार में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन के कार्य में व्यवधान डालने वाले असामाजिक तत्वों पर की गई दाण्डिक कार्यवाही* 

जशपुरनगर 31 जुलाई 2025/फरसाबहार एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार फ़रसाबहार विकासखण्ड के ग्राम सिंगीबहार में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन के कार्य में व्यवधान पैदा कर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध राजस्व एवं पुलिस प्रशासन द्वारा दाण्डिक कार्यवाही की गयी है।
            ज्ञात हो कि ग्राम सिंगीबहार में विगत दो वर्षों से शासकीय भूमि पर विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सब स्टेशन के बन जाने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को विद्युत की निर्बाध आपूर्ति दी जा सकेगी। ग्राम सिंगीबहार के ही कुछ असामाजिक लोगों द्वारा लगातार व्यवधान पैदा कर कार्य को बाधित किया जा रहा है। इससे पूर्व 14 जुलाई 2025 को सब स्टेशन के भवन निर्माण कार्य को भी इन ग्रामीणों द्वारा विवाद उत्पन्न कर रूकवाने का प्रयास किया गया था और मौके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था, जिसके कारण इनके विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 296,351 (2), 221, 190, 191 (2) के तहत शांति भंग करने और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का अपराध विद्युत विभाग द्वारा थाना तपकरा में दर्ज कराया गया था। आज पुनः जिला प्रशासन द्वारा भवन की छत ढलाई का कार्य पुलिस बल की उपस्थिति में करवाया जा रहा था। इस दौरान रंजीता लकड़ा, प्रतिमा लकड़ा, निर्मला लकड़ा, दोरोथिया किस्पोट्टा, फुलजेंसिया कुजूर, फगुदादा लकड़ा, सुशील तिर्की, दीपक लकड़ा और एडवर्ड मिंज द्वारा महिलाओं को आगे कर कार्य में बाधा उत्पन्न कर दिया गया। मौके पर एसडीएम फरसाबहार एवं एसडीओपी कुनकुरी द्वारा इन लोगों को समझाईस दिया गया। किन्तु इसके बावजूद वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी गयी। पुलिस द्वारा विरोध करने वाले उपरोक्त असामाजिक लोगों के विरूद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत मामला कायम किया गया एवं गिरफ्तारी कर थाने ले जाया गया।           
          विदित हो कि विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शासकीय भूमि पर किया जा रहा है किन्तु इन ग्रामीणों द्वारा खेल मैदान के नाम पर जानबूझकर अवरोध पैदा किया जा रहा था। प्रशासन एवं जन सहयोग से उक्त विद्युत सब स्टेशन का कार्य जारी है। यह भी ज्ञातव्य है कि ग्राम पंचायत और ग्राम सिंगीबहार के अन्य समस्त ग्रामवासी सहित आसपास के समस्त ग्रामीण इस विद्युत सब स्टेशन के निर्माण से संतुष्ट हैं और उनके द्वारा प्रशासन का आभार भी जताया गया है।

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शशिकला एक सफल व्यवसाई के रूप में उभरी दूसरी महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा...बिहान योजना से जुड़ कर पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल

जशपुर 31 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर में स्व सहायता समूह की महिलाएं स्वावलंबी बनकर दूसरी महिलाओं के लिए भी बनी प्रेरणा 

जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम केनादाड़ की श्रीमती शशिकला खलखो 'बिहान योजना' के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनी हैं। एक सामान्य गृहिणी और खेती-किसानी करने वाली शशिकला ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि अब वे एक सफल होटल व्यवसायी के रूप में भी उभरी हैं।

श्रीमती शशिकला खलखो वर्ष 2008 से 'जीवन ज्योति स्व सहायता समूह' की सक्रिय सदस्य हैं। इस 11 सदस्यीय समूह ने पहले सामूहिक रूप से खेती-किसानी के कार्यों में सहभागिता की। शशिकला बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव आए, जिससे उन्हें बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ खुद आत्मनिर्भर होने में भी मदद मिली।

हाल ही में, श्रीमती खलखो ने अपनी उद्यमशीलता को विस्तार देते हुए एक होटल का संचालन शुरू किया है। इस हेतु उन्होंने मुद्रा योजना के तहत ऋण और सीआईएफ  मद से 60 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त की। वह बताती हैं कि यह नई शुरुआत है और उन्हें इस माह अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है।

श्रीमती खलखो ने पूर्व में खाद्य विभाग की पीडीएस दुकान का संचालन भी किया है। उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास, महतारी वंदन योजना के तहत मासिक 1000 रुपये और उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर का भी लाभ मिला है।

अपनी सफलता का श्रेय देते हुए श्रीमती शशिकला खलखो ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।

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*माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित : छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति*

रायपुर, 31 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। 

विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं। 

माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। 

विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।

तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके। 

विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

*छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां*
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।
नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है।

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