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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर ने मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धि,22,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन, 

जशपुरनगर, 11 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की नीतियों एवं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिला आज मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मत्स्य उत्पादन न केवल पोषण सुरक्षा का माध्यम है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार सृजन का भी एक सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रदेश में मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देने हेतु शासन द्वारा निरंतर नवाचारों को अपनाया जा रहा है। किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उन्हें अनुदान राशि भी प्रदान की जा रही है। इन प्रयासों से मत्स्य उत्पादक किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं। पिछले 22 महीनों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्यवन से जिले में मत्स्य बीज स्पॉन उत्पादन 18.50 करोड़, मत्सय बीज स्टे.फ्राय उत्पादन 2.55 करोड़, तथा मत्स्य बीज संचयन 2.94 करोड़ तक पहुँच गया है। जिले में कुल 22,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया।
       ग्रामीण स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु 77.677 हेक्टेयर ग्रामीण तालाबों और 295.270 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आबंटन किया गया। साथ ही 8 मछुआ सहकारी समितियों को शासन द्वारा नवीन योजना के अंतर्गत अनुदान स्वीकृत किया गया। मछुआरों के सामाजिक सुरक्षा के लिए 6,904 हितग्राहियों को मत्स्यजीवि दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 63 हितग्राहियों द्वारा मौसमी तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन का लाभ दिया गया है। साथ ही सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग 817 लाभार्थियों ने 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग क्रय कर संचयन कार्य किया है। सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 430 हितग्राहियों को नाव-जाल वितरण और 227 लाभार्थियों को फुटकर मछली विक्रय योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई है। इसी प्रकार से झींगा पालन के क्षेत्र में भी 55 इकाइयों की स्थापना से मत्स्य व्यवसाय में विविधता आई है।

*प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल*

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालन क्षेत्र में नीली क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में मत्स्य उत्पादन में वृद्धि करना, मत्स्य निर्यात को दोगुना करना तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। यह योजना मछुआरों और मत्स्य पालकों को बुनियादी सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों तथा वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाती है। इसके अंतर्गत मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को आकस्मिक मृत्यु, स्थायी विकलांगता अथवा अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा भी प्रदान की जाती है। साथ ही मछली पालन को एक व्यवसाय के रूप में शुरू करने के लिए ऋण पर सब्सिडी प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनार्त्गत हितग्राहियों को स्वयं की भूमि में तालाब, पोखर संवर्धन, पौंण्डर लाइनर के निर्माण हेतु अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितग्राहियों एवं महिलाओं को 60 प्रतिशत तक एवं सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत तक की अनुदान राशि प्रदान की जाति है।  इस योजना के तहत जिले में 41 हेक्टेयर में स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण, 7.6 हेक्टेयर में संवर्धन पोखर निर्माण, और 11 बायोफ्लॉक पॉण्ड लाइनर इकाइयों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही 162 हितग्राहियों को सेविंग कम रिलीफ योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त हुई है।

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सिविल अस्पताल खरसिया में 50 टीबी मरीजों को वितरित किए गए फूड बास्केट

रायगढ़, 11 नवम्बर 2025/ प्रधानमंत्री टीवी मुक्त भारत योजना के तहत मंगलवार को सिविल अस्पताल खरसिया में 50 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान शारदा एनर्जी नहरपाली, रायगढ़ के सहयोग से टीबी मरीजों को पोषण सामग्री से युक्त फूड बास्केट प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता करना है।
           इस अवसर पर स्वास्थ्य अमले द्वारा सभी मरीजों को नियमित रूप से दवाई का सेवन करने, पौष्टिक आहार लेने एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी गई। साथ ही, उपस्थित चिकित्सकों ने टीबी जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और जागरूकता के लिए समुदाय को सहयोग करने का आह्वान किया। इस दौरान सिविल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा डॉ.वीएस राठिया, जिला क्षय अधिकारी डॉ.जी.के.चौधरी, सर्जरी विशेषज्ञ डॉक्टर ललीता राठिया, सुनील कुमार यादव जिला पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर, गोपाल कृष्ण साहू सांख्यिकी सहायक, श्रीमती प्रमिला साहू ट्रीटमेंट सुपरवाइजर टीबी, शारदा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के सीएमओ डॉक्टर महेश लाल, श्री अतीत नामदेव एचआर हेड, मिस्टर सुनील कांतिकार फाइनेंस हेड, डॉ नीरज सिंह चंदेल एफएमओ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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शासकीय हाईस्कूल सिथरा की 24 छात्राओं को ,लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया के द्वारा किया साइकिल वितरण

रायगढ़, 11 नवम्बर 2025/ शासन की महत्वाकांक्षी निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत विकासखण्ड धरमजयगढ़ के शासकीय हाईस्कूल सिथरा में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने विद्यालय की 24 छात्राओं को साइकिल का वितरण किया।
          इस अवसर पर सांसद श्री राठिया ने छात्राओं को मेहनत, निष्ठा और ईमानदारी के साथ अध्ययन करते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जो ग्रामीण अंचल की बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाता है। उन्होंने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे समाज और देश का नाम रोशन करें। विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों की मांग पर सांसद श्री राठिया ने विद्यालय परिसर में साइकिल स्टैण्ड निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। बालिकाओं ने साइकिल प्राप्त कर सांसद का आभार व्यक्त किया और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।
          इस अवसर पर श्री रविनारायण राठिया, श्री तारा सिंह राठिया, श्री भरत साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्री महेश चैनानी, नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री जगन्नाथ यादव, श्री संजय गुप्ता, श्री रामानंद राठिया, जनप्रतिनिधि गण, सरपंच, उपसरपंच, गणमान्य नागरिक, अभिभावक, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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रियापारा के श्री रविंद्र नाथ गोपाल का पीएम सूर्य घर योजना से बिजली बिल हुआ लगभग शून्य, अब हर महीने हजारों की बचत

रायगढ़, 11 नवम्बर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन “ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत” को साकार करने की दिशा में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना रायगढ़ जिले में जन-जन तक पहुँच रही है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के रियापारा निवासी श्री रविंद्र नाथ गोपाल ने जुलाई माह में अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगवाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। पहले जहां उन्हें हर महीने लगभग 3,000 रूपये तक का बिजली बिल देना पड़ता था, वहीं अब उनका बिजली खर्च लगभग समाप्त हो गया है। श्री गोपाल, जो एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, गर्मी के दिनों में बढ़ते बिजली खर्च से काफी परेशान रहते थे। इसी दौरान उन्हें केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना की शर्तें और लाभ जानने के बाद उन्होंने आवेदन किया, और कुछ ही समय में स्वीकृति मिलने पर जुलाई महीने में उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर दिए गए। तेज धूप वाले जुलाई माह से ही यह सोलर सिस्टम सक्रिय हो गया और उनके घर की अधिकांश विद्युत आवश्यकताएं सौर ऊर्जा से पूरी होने लगीं। इससे उनकी ग्रिड बिजली पर निर्भरता काफी घट गई और बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई। 
               श्री गोपाल बताते हैं कि जुलाई में सोलर सिस्टम लगवाना मेरे जीवन का सबसे सही निर्णय था। अब हर महीने बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। सूरज की रोशनी से अपनी बिजली बनाना गर्व और आत्मनिर्भरता दोनों का अनुभव देता है। उनका यह अनुभव दर्शाता है कि यदि नागरिक सरकारी योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त कर समय पर पहल करें तो न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। रियापारा के श्री रविंद्र नाथ गोपाल की यह पहल अन्य परिवारों के लिए प्रेरणा बन गई है कि सूर्य की ऊर्जा अपनाकर स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ बिजली का लाभ लिया जा सकता है। बता दे कि इस योजना के तहत 03 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 1 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही हैं। शेष राशि के लिए बैंकों द्वारा शून्य प्रोसेसिंग शुल्क और 6 प्रतिशत ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। रायगढ़ के अधिकांश मोहल्लों में अब घरों की छतें सोलर पैनलों से चमक रही हैं।

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रायगढ़ : बहादुर बच्चों ने पानी में डूबते बच्चे की बचाई थी जान,बालवीर राकेश और आर्यन का कलेक्टर ने किया सम्मान कहा ऐसे साहसी बच्चे हमारे समाज के लिए बनी प्रेरणा

रायगढ़, 11 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट में दो साहसी बच्चों राकेश मिंज और आर्यन खेस से भेंट कर उनके अदम्य साहस की सराहना की। इन दोनों बच्चों ने अपने साहस और सूझबूझ से 5 वर्षीय बालक दादू मिंज को नाले के बहते पानी में डूबने से बचाकर उसकी जान बचाई थी।
           घटना 24 सितम्बर 2025 की है, जब लगातार बारिश के कारण उरांव पंडरीपानी प्राथमिक स्कूल के पास बालसमुंद नाले में पानी भर गया था। इसी दौरान खेलते-खेलते 05 वर्षीय बालक दादू मिंज नाले में गिर गया और डूबने लगा। उसी समय पास में मौजूद प्राथमिक शाला उरांव पंडरीपानी के छात्र राकेश मिंज और आर्यन खेस ने बिना किसी भय के नाले में कूदकर उसे बाहर निकाला। दोनों बच्चों ने साहस दिखाते हुए बालक को पानी से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया, जिससे उसकी जान बच गई।
           कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने दोनों बाल वीरों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, ऐसे साहसी बच्चे हमारे समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत करते हुए जब पूछा कि उन्हें क्या चाहिए, तो उन्होंने मासूमियत से चॉकलेट मांगी। कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा कुछ और मांगों जिस पर बच्चों ने साइकिल की मांग की। कलेक्टर ने तुरंत संबंधित अधिकारी को बच्चों को साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन बहादुर बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए हर संभव सहयोग करेगा। साथ ही कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने दोनों बच्चों के नाम राज्य वीरता पुरस्कार हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारी को दिए। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर.कच्छप और प्राथमिक शाला उरांव पंडरीपानी के प्रधान पाठक श्री जितेंद्र कुमार मिश्रा मौजूद रहे।

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अहमदाबाद के टेक्सटाइल एसोसिएशन समूह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, कपड़ा उद्योग में निवेश की रुचि दिखाई

अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान नारोल टेक्सटाइल्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एनवायरो मैनेजमेंट (NTIEM) के अध्यक्ष श्री चंपालाल जी. अग्रवाल के नेतृत्व में अहमदाबाद टेक्सटाइल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से निर्धारित मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण अनुकूल टेक्सटाइल प्रसंस्करण उद्योग के विकास में सहयोग की इच्छा व्यक्त की। कंपनी ने अपने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) की क्षमता को 100 MLD से बढ़ाकर 130 MLD करने और छत्तीसगढ़ में कपड़ा उद्योगों के लिए आधुनिक एवं टिकाऊ सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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वाडीलाल ग्रुप छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाएगा, मुख्यमंत्री से हुई अहमदाबाद में मुलाकात

अहमदाबाद 11 नवम्बर 2025 ; अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान प्रतिष्ठित वाडीलाल ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में निवेश की गहरी रुचि दिखाई। समूह के प्रबंध निदेशक श्री देवांशु गांधी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर राज्य में आइसक्रीम, फ्रोजन फूड और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्माण की इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

श्री गांधी ने कहा कि कंपनी अब तक पश्चिमी और उत्तरी भारत में अपने उत्पादों का सफल संचालन कर रही है, और अब वह पूर्वी भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ में अपने उत्पादन और वितरण नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वाडीलाल ग्रुप के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग और सुगम प्रक्रियाएँ उपलब्ध कराएगी।

वेल्सपन समूह सहित उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई

अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान वेल्सपन समूह के निदेशक व एसोचैम गुजरात के अध्यक्ष श्री चिन्तन ठाकर ने एसोचैम गुजरात के सह अध्यक्ष श्री जेमिन शाह सहित अन्य कंपनी के प्रमुखों के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से भेंट की। उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ के खनिज, धातु, उर्वरक, पेट्रो केमिकल, एनर्जी  और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की और राज्य में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।

टोरेंट ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में 23,100 करोड़ निवेश का दिया प्रस्ताव

अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में टोरेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री जिनल मेहता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बिजली क्षेत्र में 22,900 करोड़ रुपये तथा फार्मा सेक्टर में 200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए। इन परियोजनाओं से लगभग 5,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। श्री मेहता ने राज्य में औद्योगिक वातावरण और निवेश के अनुकूल नीतियों की सराहना की।

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इन्वेस्टर कनेक्ट : अहमदाबाद में छत्तीसगढ़ को मिल बड़ा निवेश प्रस्ताव,गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में निभाएंगे अहम भूमिका - सीएम विष्णुदेव साय

33,000 करोड़ से अधिक के निवेश, 10,532 से अधिक रोजगार का खुला रास्ता

अहमदाबाद, 11 नवंबर 2025- अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को लगभग 33 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने थर्मल पावर प्लांट, ग्रीन स्टील मैन्युफैक्चरिंग, सोलर सेल, फार्मास्युटिकल उत्पाद और मेडिकल फूड सप्लीमेंट जैसे क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र (इन्वेस्टमेंट लेटर्स) सौंपे। छत्तीसगढ़ को प्राप्त निवेश प्रस्ताव से राज्य में 10,532 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उद्योगपतियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग, निवेश और नवाचार की धरती गुजरात में आकर वे बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के कण-कण में उद्यम बसा है, और दुनिया का कोई ऐसा कोना नहीं जहां गुजराती भाइयों की मौजूदगी न हो। उन्होंने कहा गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

श्री साय ने कहा कि गुजरात जिस तरह देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, उसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास उद्यम है, तो छत्तीसगढ़ के पास ऊर्जा, खनिज, कुशल जनशक्ति और आकर्षक औद्योगिक नीति है जो निवेशकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते 22 महीनों में 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे उद्योग लगाना आसान हुआ है। राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एनओसी अब त्वरित रूप से जारी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में उद्योगों को विशेष अनुदान और प्रोत्साहन दिए गए हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग लगाने पर अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य में थर्मल, हाइडल, सोलर और वन आधारित उद्योगों की बड़ी संभावनाएं हैं।

उन्होंने बताया कि नवा रायपुर को आईटी और एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं खुली हैं।

कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। 

*इन कंपनियों ने निवेश की घोषणा की*
 
1. लीजियम लाइफ साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी फार्मास्यूटिकल उत्पाद और मेडिकल फूड सप्लीमेंट्स बनाती है। कंपनी ने ₹101 करोड़ का निवेश प्रस्ताव रखा है, जिससे 750 रोजगार सृजित होंगे।


2. टोरेंट पावर लिमिटेड, अहमदाबाद- कंपनी ने ₹22,900 करोड़ की लागत से 1600 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता को नई दिशा मिलेगी। इससे 5000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। 

3. टोरेंट फार्मास्युटिकल लिमिटेड-  फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 200 करोड़ रुपये निवेश की योजना बताई है। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।

4. ओनिक्स थ्री एनर्सोल प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन स्टील मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। इसमें ₹9,000 करोड़ का निवेश और 4,082 रोजगार प्रस्तावित हैं।

5. माला क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, सूरत- यह कंपनी सोलर सेल (2GW क्षमता) निर्माण यूनिट लगाएगी। इसके लिए ₹700 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

6. मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए ₹300 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया गया है। यह स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।

7. सफायर सेमीकॉम प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी सेमी कन्डक्टर के निर्माण क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 120 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे 4000 रोजगार सृजन होगा।

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शराबी पति ने मामूली विवाद पर अपनी ही पत्नी को टांगी से  कर दी हत्या,पुलिस ने किया, गिरफतार भेजा जेल


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   जशपुर 11 नवम्बर 2025 :     पुलिस ने बताया कि संतोष राम उम्र 36 साल, निवासी कुरकुरिया, चौकी पंडरा पाठ ने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसके गांव का आरोपी लरंग राम व उसकी पत्नी मृतिका संतोषी बाई,  दिनांक 10.11.25 को पड़ोसी गांव पकरी टोली गए थे, वहां से पैदल वापस लौटते वक्त, रास्ते में ग्राम शरधापाठ, अंबाकोना के पास, मृतिका को अपने गांव कुरकुरिया की एक परिचित महिला खेत में काम करती हुई दिखाई देने पर, मृतिका संतोषी बाई के द्वारा चिल्लाकर उसे बुलाया जा रहा था, व आरोपी लरंग साय, वहीं खेत के मेड़ में लेटा हुआ था, व शराब के नशे में था,तभी आरोपी लरंग राम, नाराज हो गया व उसकी पत्नी मृतिका संतोषी बाई से वाद विवाद करने लगा, विवाद के दौरान ही आरोपी लरंग राम के द्वारा शराब के नशे में , अपने पास रखी टांगी से मृतिका संतोषी बाई पर हमला कर दिया गया। जिससे मृतिका संतोषी बाई की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
    रिपोर्ट पर तत्काल चौकी पंडरा पाठ में आरोपी लरंग राम के विरुद्ध हत्या के लिए बी एन एस की धारा 103(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
    पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना स्थल पहुंच, घटना स्थल का निरीक्षण कर, शव का पंचनामा किया गया व शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्टम भी कराया गया।
 आरोपी लरंग राम घटना कारीत कर, फरार हो गया था, जिसे कि पुलिस के द्वारा, मुखबिर की सूचना पर, ग्राम शरधापाठ जंगल से घेरा बंदी कर हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस के द्वारा आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी को भी जप्त कर लिया गया है।
  पुलिस की पूछताछ पर आरोपी लरंग राम के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
 मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी पंडरा पाठ उप निरीक्षक सतीश सोनवानी, प्रधान आरक्षक विनोद केरकेट्टा, आरक्षक अरुण राम, दिलेश्वर भगत व बिलचियूस लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
   मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि चौकी पंडरा पाठ क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी पत्नी की टांगी से मारकर हत्या कर दी थी, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को मिल रही नई गति: वित्त विभाग से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर, 11 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के अंतर्गत  विधानसभा कुनकुरी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति और सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है।

वित्त विभाग ने तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के बन जाने से सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

इसी प्रकार, विकासखंड कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

कुनकुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्त विभाग ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु ₹359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

साथ ही, विकासखंड फरसाबहार की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।

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प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

*प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 11 नवम्बर 2025/ अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक-कला ने विदेश की भूमि पर अपनी विशेष छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम में NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य को समर्पित एक आकर्षक स्टॉल लगाया, जिसमें राज्य के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक आभूषणों का सुंदर प्रदर्शन किया गया। इस स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और हस्तशिल्प की विविधता को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन, जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया।

NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और लोक परंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपने मूल राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस आयोजन ने उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में  स्थापित कर रहे हैं।

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ऐतिहासिक एवं यादगार श्री गोकुलाष्टमी महोत्सव का शताब्दी वर्ष का होगा भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री सहित विशिष्टगणों की उपस्थिति में 12 को होगा शुभारंभ, प्रदेशभर से जुटेंगे महाकुल यादव समाज के लोग........


जशपुर 11 नवम्बर 2025 : महाकुल यादव समाज के तत्वावधान में आयोजित गोकुलाष्टमी पूजा महोत्सव इस वर्ष अपनी शताब्दी वर्षगांठ पर विशेष रूप से मनाया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन 12 नवम्बर 2025, दिन बुधवार को बड़े ही श्रद्धा और भव्यता के साथ गोकुला धाम कंडोरा कुनकुरी में संपन्न होगा।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विष्णु देव साय  एवं समस्त विशिष्ट अतिथियों के गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न होगा।आयोजन समिति ने बताया कि आस्था, एकता और संस्कृति का अद्भुत संगम आयोजन की भव्य तैयारी की जा रही है।गोकुलाष्टमी पूजा महोत्सव का यह शताब्दी वर्ष यादव समाज के लिए गर्व और श्रद्धा का अवसर होगा।

    इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि यह आयोजन समाज की परंपरा, संस्कृति और भक्ति भावना का प्रतीक है।इस भव्य उत्सव में पूरे प्रदेश भर से हजारों श्रद्धालु और समाजजन शामिल होंगे।

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से की सौजन्य भेंट


 रायपुर, 10 नवम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की। इस पर मुख्यमंत्री श्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को शुभकामनाएँ दीं। 
दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की।

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मुख्यमंत्री ने किया श्री शंकर पांडे की पुस्तक ’’छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक’’ का विमोचन

रायपुर 10 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार श्री शंकर पांडे की पुस्तक छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के अतीत को समेटने के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय को श्री पांडे ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर केंद्रित यह उनकी 6वीं पुस्तक है जिसमें छत्तीसगढ़ के महापुरुषों, पर्यटन स्थल, प्राचीन इतिहास, राज-परिवार, मंदिरों के इतिहास से सम्बंधित जानकारियां संकलित की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक में छत्तीसगढ़ के कई अनछुए पहलुओं सहित राज्य के सभी मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख राजनीतिक घटनाओं, राजनेताओं व साहित्यकारों का भी उल्लेख है। इस अवसर पर सुश्री प्रियंका कौशल, श्री विशाल यादव सहित सुश्री स्नेहा पांडे तथा मास्टर अंश पांडे भी उपस्थित थे।

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बंदूक की गूंज की जगह बस्तर में साग-सब्जी, फलों की खेती से हो रहा चमत्कारिक बदलाव

रायपुर, 10 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नक्सल उन्मूलन की नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं ने बस्तर में विकास की नई इबारत लिख दी है। बस्तर के किसानों ने पारंपरिक धान, सरसों की खेती के साथ-साथ अब साग-सब्जी, फल, फूल की खेती से भी फायदा लेना शुरू कर दिया है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज की जगह फलों और फूलों की खुशनुमा महक बिखर रही है। बस्तर में यह बदलाव कोई संयोग नहीं, बल्कि मेहनत, नवाचार और दूरदर्शिता का परिणाम है। वर्ष 2001-02 में सब्जियों की खेती महज 1,839 हेक्टेयर में सिमटी थी और उत्पादन केवल 18,543 मीट्रिक टन था। आज वही इसमें लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है की अब सब्जियों का रकबा 12,340 हेक्टेयर चुका है और उत्पादन 1.90 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है।

 बस्तर विश्व पटल पर एक ऐसा नाम जो कभी नक्सल की काली छाया और पिछड़ेपन की गहरी खाई में डूबा माना जाता था, आज वह बस्तर कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बहुल इलाके में अब पारम्परिक खेती के स्थान पर टमाटर और मिर्च की खेती न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक अपनी पहुंच भी बना रही है। अब बस्तर की मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट की लालिमा, अमरूद की मिठास, चकोतरा की ताजगी, पपीते का रस और मिर्च की तीखापन खेतों में लहलहा रहे हैं। वे फल एवं मसाले जो कभी यहां उत्पादित नहीं हुए अनुकूल वातावरण और वैज्ञानिक सलाह से विकास की नई गाथा लिख रहे हैं।

 बस्तर में फलों की बगिया 643 हेक्टेयर से बढ़कर 14,420 हेक्टेयर तक पहुंच गई है एवं उत्पादन 4,457 मीट्रिक टन से बढ़कर 64,712 मीट्रिक टन हो गया। यहां के किसानों द्वारा राज्य निर्माण के पूर्व कभी व्यापारिक स्तर पर फूलों की खेती नहीं की गयी थी आज वहां 207 हेक्टेयर में 13 सौ मीट्रिक टन फूलों का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार मसाले इस क्षेत्र में सीमित मात्रा में उत्पादित होते थे अब 11 सौ  हेक्टेयर से 9,327 मीट्रिक टन मसालों का उत्पादन यहां हो रहा है। औषधीय एवं सुगंधित पौधे जो कभी सीमित मात्रा में होते थे उनका भी किसानों द्वारा 66 सौ मीट्रिक टन से अधिक का उत्पादन किया जा रहा है।
 
      इस हरित क्रांति में शासन की योजनाओं एवं आधुनिक तकनीक से आमूल चूल परिवर्तन दिखाई दिए हैं। एक ओर जहां किसानों को रियायती दरों पर आदान समाग्री प्राप्त हुई है वहीं शेडनेट योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागबानी मिशन से किसानों का उद्यानिकी फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। जिसका मुख्य कारण लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और सहायतासे है। जिससे किसानों ने लाभ लेकर जिले में 3.80 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस लगाए गए हैं, करीब 19 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस, शेडनेट द्वारा 1.47 लाख वर्गमीटर में हाईब्रिड बीज भी तैयार किए जा रहे हैं जिनके लिए उन्हें शासन द्वारा अनुदान भी प्राप्त हुआ है।जगदलपुर के आसना में प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग यूनिट भी स्थापित है जो रोग-मुक्त पौधे न्यूनतम कीमत पर किसानों को मुहैय्या करवा रहे हैं।

        सिंचाई के क्षेत्र में भी लगभग 3.5 हजार हेक्टेयर में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम बिछाकर पानी की हर बूंद को सोना बनाया जा रहा है। ऑयल पाम योजना के तहत 735 हेक्टेयर में 499 किसानों द्वारा आधुनिक तरीकों से पाम की खेती की जा रही है वहीं बास्तानार में 58.64 हेक्टेयर में विशेष रूप से कॉफी एवं 20 हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की कृषि की जा रही है।

    बस्तर की यह यात्रा आंकड़ों से कहीं आगे है, यह उन सैकड़ों किसानों की मुस्कान है, जो कभी बादलों के रहम पर जीते थे और आज तकनीक, प्रशिक्षण और सरकार की योजनाओं के सहारे अपने सपने बुन रहे हैं। माओवादियों की बंदूकें अब खामोश हैं, और खेतों में नई फसलें गुनगुना रही है। बस्तर के लोग अब आजीविका के समुचित साधनों के जरिए जीवन-यापन को बेहतर करने सहित खिलखिला रह रहे हैं।

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अहमदाबाद में 11 नवम्बर को होगा ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम,टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश के अवसरों की होगी प्रस्तुति

रायपुर, 10 नवंबर 2025/ उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 11 नवंबर को अहमदाबाद में “इन्वेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य गुजरात के उद्योग जगत के साथ औद्योगिक साझेदारी को मज़बूत करना और दोनों राज्यों के बीच निवेश व व्यापारिक अवसरों का विस्तार करना है।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ के बढ़ते औद्योगिक इकोसिस्टम, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और निवेश-अनुकूल प्रशासनिक ढांचे को प्रदर्शित करेगा। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर विभिन्न सेक्टरों में निवेश की संभावनाओं, निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर की विशेषताओं पर प्रस्तुति देंगे। इस पहल के ज़रिए उद्योग स्थापित करना और संचालित करना पहले से अधिक सरल, तेज़ और लाभदायक बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता निवेशकों और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच वन-ऑन-वन बिज़नेस मीटिंग्स रहेंगी। इन चर्चाओं का फोकस टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर रहेगा - जहाँ छत्तीसगढ़ ने नवाचार और प्रोत्साहनों से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल की है।

राज्य सरकार इस अवसर पर प्रमुख निवेशकों को “इनविटेशन टू इन्वेस्ट लेटर” भी प्रदान करेगी, जिससे परियोजना स्वीकृति और औद्योगिक सहयोग की प्रक्रियाओं को त्वरित और सुगम बनाया जा सके।
 
उल्लेखनीय है कि इससे पहले छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के सफल आयोजन दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, बस्तर और रायपुर में हो चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सिर्फ दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य की तेज़, स्थिर और निवेशक-केंद्रित शासन प्रणाली पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

नवाचार, स्थायित्व और इज ऑफ डूइंग बिज़नेस पर फोकस के साथ छत्तीसगढ़ आज भारत के हृदयस्थल में एक उभरता हुआ औद्योगिक केंद्र बन गया है। राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। पारदर्शी प्रणालियाँ, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए सहयोगी माहौल छत्तीसगढ़ को लंबे समय के लिए एक विश्वसनीय और आकर्षक निवेश गंतव्य बनाते हैं।

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रायगढ़ : निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत एसडीएम ने किया फील्ड निरीक्षण,

रायगढ़, 10 नवम्बर 2025/ निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ जारी है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने प्रभार क्षेत्र के मतदाताओं तक घर-घर पहुंचकर दो प्रतियों में गणना पत्रक वितरण का कार्य कर रहे हैं। निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की प्रगति का निरंतर निरीक्षण संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं बीएलओ सुपरवाइजरों द्वारा किया जा रहा है।
       उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा ने बताया कि रायगढ़ जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के कुल 1097 मतदान केंद्रों में यह कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इस प्रक्रिया के प्रभावी संचालन हेतु 4 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 21 सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 1097 बूथ लेवल अधिकारी एवं 109 बीएलओ सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इसी क्रम में, 9 नवम्बर को अनुविभागीय अधिकारी सह निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रायगढ़ श्री महेश शर्मा द्वारा जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का फील्ड निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएलओ सुपरवाइजरों, बीएलओ तथा अधीनस्थ कर्मचारियों से पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चैहान और सभापति श्री डिग्रीलाल साहू को भी गणना पत्रक का प्रतीकात्मक वितरण किया गया। श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि निर्वाचक नामावली का सटीक और अद्यतन होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का मूल आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजरात के NAMTECH कॉलेज का किया दौरा,आईटीआई कॉलेजों में आएगा बड़ा बदलाव,अब छत्तीसगढ़ में हर साल 10,000 युवा सीखेंगे आधुनिक तकनीक

रायपुर 10 नवम्बर 2025/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहाँ की शिक्षण पद्धति, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और तकनीकी सुविधाएँ ध्यानपूर्वक देखीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और यह जाना कि वे किस प्रकार प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब राज्य के आईटीआई कॉलेजों को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य कौशल भी विकसित कर सकें।

NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि गुजरात में उन्होंने एक ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। वहाँ के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार सहयोग करने के इच्छुक हैं, ताकि राज्य के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ एक कॉलेज नई तकनीक में दक्ष हो और वही ज्ञान अन्य कॉलेजों तक पहुँचाए। यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू होने से हर वर्ष लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों की गहराई से समझ विकसित कर सकेंगे। इस प्रकार उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। छत्तीसगढ़ अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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