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रायगढ़ जिले  में रकबा समर्पण बना धान खरीदी व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत ,अब तक 184.1415 हैक्टेयर रकबा समर्पित

रायगढ़, 7 नवंबर 2025। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में रायगढ़ जिले में राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी एक महापर्व के रूप में नजर आने लगी है। जिले के किसानों में इस वर्ष धान विक्रय को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। किसानों को उनके वास्तविक धान उपज की खरीदी में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और किसान हितैषी बनाया है। जिले के सभी 105 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी व्यवस्थित रूप से जारी है।

धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी स्वयं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा की जा रही है । वे लगातार उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि तौल प्रक्रिया पारदर्शी रहे, किसानों को प्रतीक्षा न करनी पड़े, टोकन प्रणाली सुचारू चले, और केंद्रों में बोरे, तौल मशीनें, छाया, पानी आदि की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहे।
कलेक्टर द्वारा धान के अवैध परिवहन, भंडारण और बिचौलियों द्वारा अमानक धान बेचने जैसी गतिविधियों पर कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। वे प्रतिदिन खरीदी की समीक्षा कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धान खरीदी के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रवृत्ति इस वर्ष विशेष रूप से उभरकर सामने आई है। जिले के किसान स्वयं प्रेरित होकर अपना शेष रकबा समर्पित कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि राज्य शासन द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा केंद्र सरकार के एमएसपी के अतिरिक्त राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना के तहत दी जाने वाली अंतर राशि को मिलाकर प्रति क्विंटल 3,100 रुपए समर्थन मूल्य तय किया गया है।
किसानों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि वास्तविक उपज बेचने के बाद वे अपने शेष रकबे का समर्पण नहीं करेंगे, तो उनके खातों में उपलब्ध शेष स्थान का दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसान आगे आकर स्वयं अपना रकबा समर्पित कर रहे हैं।
धान खरीदी शुरू होने से लेकर अब तक जिले में पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए रायगढ़ जिले में शुक्रवार की अद्यतन स्थिति के अनुसार कुल 184.1415 हैक्टेयर रकबा समर्पण दर्ज किया जा चुका है।
रकबा समर्पण की दृष्टि से रायगढ़ जिला प्रदेश के सर्वाधिक समर्पण करने वाले जिलों में शामिल हो चुका है।
 खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 
जिले में अब तक 3,457 सीमांत किसान, 1,987 लघु किसान और 1,737 बड़े किसान धान विक्रय कर चुके हैं। कुल मिलाकर 7,181 किसानों से 3,92,113.60 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। भुगतान की स्थिति भी संतोषजनक है। राज्य शासन द्वारा धान बेच चुके  किसानों को 9,204.90 लाख रुपए का भुगतान उनके खातों में अंतरित किया चुका है। इसके साथ ही सहकारी समितियों द्वारा 1,522.19 लाख रुपए की ऋण वसूली भी की गई है।

धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने किसान के रहे रकबा समर्पण

रायगढ़ में इस वर्ष धान खरीदी महापर्व ने नई पहचान बनाई है। किसानों ने अपने वास्तविक उपज की खरीदी के बाद स्वयं आगे आकर 184.1415 हैक्टेयर रकबा का समर्पण किया है, जिससे खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता का स्तर और भी मजबूत हुआ है। जिले के 7,181 किसानों से अब तक 3.92 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है। किसानों को 92.04 करोड़ रुपए का भुगतान तथा 1,522.19 लाख रुपए की ऋण वसूली की गई है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की सतत मॉनिटरिंग और सख्त निर्देशों के चलते उपार्जन केंद्रों में व्यवस्था सुचारू, पारदर्शी बन रही है।

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महिला स्व-सहायता समूहों को वन मण्डल जशपुर द्वारा जस्क्राफ्ट निर्माण हेतु 10 लाख की चक्रीय निधि प्रदान

जशपुरनगर, 07 दिसंबर 2025/ जशपुर वनमंडल द्वारा कोटानपानी जागृति, इस्माइल, राखी एवं जागरण स्वच्छता स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को जस्क्राफ्ट निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की चक्रीय निधि का चेक प्रदान किया गया। कोटानपानी की सरपंच ने कार्यक्रम में चारों समूहों को प्रतीकात्मक रूप से चेक प्रदान कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाया। वन विभाग की यह पहल स्थानीय महिलाओं को जस्क्राफ्ट उत्पादन में कौशल विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में नई गति प्रदान करेगी।
    वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार ने बताया कि स्व-सहायता समूहों को सशक्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जस्क्राफ्ट को विशिष्ट पहचान दिलाना और स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देना विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद महिलाओं ने चक्रीय निधि उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के प्रति आभार प्रकट किया और जस्क्राफ्ट निर्माण में उत्कृष्ट प्रदर्शन का संकल्प भी लिया।

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जिले के कृषि सखियों ने रांची में कृषि विज्ञान केंद्र का किया भ्रमण,उन्नत प्रशिक्षण से सीखे कौशल विकास के गुर

जशपुरनगर 07 दिसंबर 2025/ जिले की 45 कृषि सखियों का दल 5 दिसंबर 2025 को रामकृष्ण मिशन–कृषि विज्ञान केंद्र ‘दीपायन’ रांची पहुंचा। जहाँ उन्होंने विभिन्न आजीविका गतिविधियों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह दल मनोरा विकासखंड से चयनित कृषि सखियों का था। जिनके लिए यह परिभ्रमण कार्यक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ जिला पंचायत जशपुर द्वारा आयोजित किया गया।

*उन्नत तकनीकों का अवलोकन* - 
कृषि सखियों ने दीपायन केंद्र में मुर्गी पालन, गाय पालन, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे आजीविका आधारित कार्यों पर प्रायोगिक एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने हस्तकला से संबंधित सामग्रियों तथा केंद्र में उपलब्ध विभिन्न कृषि यंत्रों व तकनीकों का भी अवलोकन किया। प्रशिक्षण उपरांत कृषि सखियों ने विवेकानंद कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण कर कृषि वैज्ञानिकों से बातचीत की। इस दौरान वैज्ञानिकों ने धान की खेती को लाइन विधि और श्री विधि से करने के लाभ तथा अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीकों को विस्तार से समझाया। कृषि सखियों ने स्वदेशी बीज भंडारण से संबंधित लैब का निरीक्षण भी किया।

*अनुभव से मिलेगा लाभ* - 
कृषि सखियों ने बताया कि इस तरह के परिभ्रमण से उन्हें नवीन जानकारियाँ प्राप्त होती हैं, जो ग्राम पंचायत के किसानों को उन्नत कृषि तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होंगी। उन्होंने कहा कि यह अनुभव भविष्य में आजीविका बढ़ाने तथा उत्पादन सुधारने में सहायक रहेगा। इस संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। 

       उल्लेखनीय है कि इसी प्रकार के परिभ्रमण कार्यक्रम जशपुर जिले के सभी आठ विकासखंडों की कृषि सखियों एवं पशु सखियों के लिए भी आयोजित किए जाने हैं। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य ‘बिहान’ की दीदियों को उन्नत कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन तकनीक से परिचित कर उत्पादन, आय और रोजगार बढ़ाना है, ताकि शत-प्रतिशत महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाते हुए ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर किया जा सके।

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दुलदुला के पतराटोली के पास हुए सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुःख

जशपुरनगर 7 दिसंबर  2025/ पतराटोली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पर  हुई भीषण सड़क दुर्घटना में पाँच लोगों के दुखद निधन की सूचना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। इस दर्दनाक घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हादसे में पाँच लोगों की असमय मृत्यु का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन घड़ी में उनकी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगतों की आत्माओं को शांति प्रदान हो और परिजनों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति मिले।

      उल्लेखनीय है कि बीती रात कटनी-गुमला नेशनल हाईवे एनएच 43 पर दुलदुला थाना क्षेत्र के पतराटोली के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जिसमें आई-20 कार में सवार 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक दुलदुला क्षेत्र के खटंगा गांव के निवासी सभी दोस्त थे। वे आस्ता क्षेत्र से रात में वापस घर लौट रहे थे। तभी पतराटोली के पास मालवाहक ट्रेलर से कार की सीधी टक्कर हो गई। दुर्घटना में कार में सवार सभी 5 लोगों की मृत्यु हो गई।

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सशस्त्र सेना झण्डा दिवस : कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए अधिक से अधिक अंशदान राशि सहयोग करने की अपील 

जशपुर 7 दिसंबर 25/ सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर आज कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला सैनिक बोर्ड जशपुर रोहित व्यास को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ले. कर्नल प्रभात कुमार ठाकुर (से.नि.) के द्वारा लेपल पिन लगाया गया।

कलेक्टर ने सभी  नागरिकों से अधिक से अधिक अंशदान राशि सहयोग करने की अपील 

इस अवसर पर  कल्याण संयोजक श्री हेमन्त कुमार सार्वा, अधीक्षक श्री सूरज यादव, श्री महादेव यादव, श्री अकाश मण्डल, श्री राजू राम, श्री एमानुएल तिर्की उपस्थित रहे। विदित हो कि देश की सुरक्षा में शहीद हुए सैनिको के आश्रितों के कल्याण हेतु 07 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झण्डा दिवस मनाया जाता है। सशस्त्र सेना झंडा दिवस द्वारा एकत्रित की गई राशि भूतपूर्व सैनिक, युद्ध में अपंग हुए सैनिकों व उनके परिवार के कल्याण पर खर्च की जाती है।

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बिरजमनी को मिला पक्का आवास,अब बारिश में नहीं होगी परेशानी,महतारी वंदन योजना से मिल रही आर्थिक संबल

जशपुर 7 दिसंबर 25/ कहते हैं कि अगर संकल्प मजबूत हो और शासन की योजनाएं साथ दें, तो हर सपना साकार किया जा सकता है। मनोरा विकासखंड के ग्राम खरसोटा निवासी श्री राजकुमार महली और उनकी पत्नी श्रीमती बिरजमनी महली की कहानी इसकी जीवंत मिसाल है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इस परिवार को पक्का आवास स्वीकृत हुआ है, और आज उनका पक्के मकान का सपना पूरा हो गया।

श्रीमती बिरजमनी महली बताती हैं कि उनका पुराना कच्चा मकान जर्जर हो चुका था। खासकर बारिश के मौसम में उन्हें और उनके बच्चों को रहने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें जो नया मकान मिला है, वह उनके जीवन को स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करेगा।

“हमने कभी नहीं सोचा था कि अपना पक्का घर बना पाएंगे। 

अपना खुद का पक्का मकान पाकर खुशी से दिल भर आता है। 

 ऐसा कहती हैं बिरजमनी, जिनकी आंखों में अब भविष्य को लेकर आशा और आत्मविश्वास है।

बिरजमनी बताती हैं कि वह खेती और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। उनके तीन बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। शासन द्वारा उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे वे भविष्य के उपयोग के लिए सहेज कर रख रही हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं ने करमीटिकरा सुपरवाइजर के ऊपर लगाया गंभीर आरोप,जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास को ज्ञापन सौंप जांच व कार्यवाही की है मांग

पत्थलगांव : महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत पत्थलगांव परियोजना के करमीटीकरा सेक्टर में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं ने सुपरवाइजर के ऊपर गंभीर आरोप लगाया है।उन्होंने इस संबंध में संघ के माध्यम से जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास को ज्ञापन सौंप जांच व कार्यवाही का मांग किया है।
        मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 की जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों संग करमीटीकरा सेक्टर के दर्जनों कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं ने जिला मुख्यालय पहुंच सर्व प्रथम जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय पहुंच मामले के संबंध में आवेदन दिया।जिसके उपरांत संघ का प्रतिनिधिमंडल जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास से मुलाकात कर राजकुमारी साहू सुपरवाइजर के द्वारा द्वेषपूर्ण भाव से कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को प्रताड़ित करने एवं नियम विरुद्ध मानदेय काटे जाने के संबंध में कार्यवाही और जांच की मांग हेतु आवेदन सौंपे।इस दौरान जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव ने बताया कि गत दिनों करमीटिकरा सेक्टर में  हुए बैठक के दौरान ज्ञात हुआ कि पत्थलगांव परियोजना क्षेत्र अंतर्गत करमीटिकरा में पदस्थ राजकुमारी साहू सुपरवाइजर के द्वारा द्वेषपूर्ण भाव से कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।गत दिनों उनके विरुद्ध परियोजना कार्यालय में शिकायत किए जाने के बाद लगातार कार्यकताओं की धमकाया जा रहा है और सबूतों से छेड़छाड़ करने अनावश्यक रूप से दबाव बनाने का कार्य किया जा रहा है,जो अत्यंत ही गंभीर विषय है।
     उक्त अधिकारी के द्वारा कुछ कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से टारगेट कर बिना कारण उनका मानदेय काटा जा रहा है,इतना ही नहीं मानदेय काटे जाने के पीछे कारण पूछने पर उनके द्वारा फटकार लगा सही कारणों को बताया नहीं जाता है। ज्यादा पूछने पर कहा जाता है कि आपको सबक सिखाने मानदेय काट रहे है,जिसमें उनके द्वारा मेडिकल अवकाश भी नहीं माना जाता है। उनके द्वारा रविवार या अन्य अवकाश पर भी कार्य करने जोर दिया जाता है जिसमें कार्य नहीं करने की स्थिति में मानदेय काटे जाने का खुला धमकी दिया जाता है।कार्यकर्ताओं के द्वारा मना करने पर रविवार का मानदेय शासन आपको नहीं देता है क्या बोल कर दुर्व्यवहार किया जाता है।
      राजकुमारी साहू सुपरवाइजर के द्वारा किसी कार्यकता या सहायिका के परिवार में आकस्मिक घटना होने पर छुट्टी नहीं दिया जाता है,इस संबंध में उनसे पूछने पर फटकार लगाते हुए कहा जाता है कि जब तक काम पूरा नहीं करोगे तब तक कही नहीं जाना है।
         राजकुमारी साहू सुपरवाइजर के द्वारा जब भी मासिक जानकारी का बैठक लिया जाता है तब  सभी कार्यकर्ताओं को 10 बजे अनिवार्य रूप से पहुंच जाने का दबाव बनाया जाता है और खुद समय का ध्यान नहीं रखते हुए खुद 12:30 बजे आती है,इतना ही नहीं बैठक को अनावश्यक रूप से लम्बा खींचते हुए कार्यालयीन समय का भी ध्यान नहीं रखती,दूर दराज से आने वाले कार्यकताओं को प्रताड़ित करने की नियत से 05:30 बजे या 06:00 बजे छोडती है | चुकी हम में कई कार्यकता सहायिका अपने घर पर छोटे छोटे बच्चों को छोड़कर आये रहते है इस कारण से उनको असमय घर पहुंचने पर परिवार वालों तथा पति से भी दो शब्द सुनना पड़ता है। 
           राजकुमारी साहू सुपरवाइजर के द्वारा कार्यकताओं से इस कदर दुर्व्यवहार किया जाता है कि उनके शब्दों पर नियंत्रण नहीं रहता है,कार्य के दौरान यदि किसी कारण वश गलती से गलत जानकारी भर लेने पर उनके द्वारा कहा जाता है कि जशपुर के आदिवासी लोगों के पास दिमाग नहीं है आप लोग हमेशा दारू नशे करते हो,इस प्रकार के शब्द का प्रयोग उनके द्वारा किया जाता है ।
    कार्यकताओं ने उक्त बैठक में बताया कि कई सारे काम ऑनलाइन मोबाइल के माध्यम से हम लोग को करना होता है जिसमे कभी नेटवर्क की समस्या होने पर काम नहीं हो पाता है तो सभी कार्यकर्ताओं को बोलती है शासन का पैसा खा रहे हो।का करने के लिए 50 हजार का नया मोबाइल ले लो और नहीं कर पाते हो तो ईस्तीफा दे दो काम से बोला जाता है।नेटवर्क वर्क नही होने की समस्या पर टावर खरीद कर आगनवाडी केंद्र पर लगवाने बोला जाता है।
       उनके द्वारा कुछ कार्यकर्ता को टारगेट बना कर रखा गया है वो अक्सर बोलती रहती है कि यहां से जाते जाते 2-4 को साथ लेके जाउंगी बोल कर धमकी देते रहती है,उनका कहना होता है कि आप लोगो को भगवान भी नहीं बचा सकता मेरे से,
उनके द्वारा हमेशा कार्यकर्ताओं पर अभद्र व्यव्हार किया जाता है और कार्यकताओं को पागल, कुत्ता,गन्दी नाली के कीड़े, झकलेट, जैसे गंदे गंदे शब्दों से संबोधित करती है।
उनके द्वारा निरीक्षण के समय हितग्राहियों को सलाह देने के बजाय उनको बोलती है जब औकात नहीं थी तों तिन - तिन बच्चे पैदा करने की क्या जरुरत है, सुपरवाइजर के द्वारा इस प्रकार के शब्द बोलने से हितग्राहियों पर गलत प्रभाव पड़ता है ।
बैठक के दौरान यह भी बात सामने आया कि उनके द्वारा फोटोकॉपी के नाम से 50 रूपये प्रति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वसूला जाता है,जबकि उक्त फोटोकॉपी का मूल्य मात्र 4 रुपए होता है।झंडा के नाम पर 100 रुपए प्रति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका वसूला जाता है।यात्रा भत्ता में 30 प्रतिशत कमीशन सीधे तौर पर मांगा जाता है।नहीं देने पर प्रताड़ित करने और रिकवरी का धमकी दिया जाता है,कार्य के आधार पर यात्रा भत्ता ज्यादा होने पर 1500 रुपए से ज्यादा नहीं बनाया जाने का दबाव देते हुए इसके आगे का नहीं बनाए जाने फटकार लगाया जाता है यदि ज्यादा का बना कर जमा किया जाता है तो यात्रा भत्ता रोक दिया जाता है और इसमें 30 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है। कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को मिलने वाला शासन से फ्लेक्सी योजना,पोषण दिवस के आधार पर ईंधन की राशि,सब्जी की राशि सहित अन्य में भारी भरकम कमीशन अनियमितता और गबन का आरोप भी लगा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में समूह के द्वारा गर्म भोजन के वितरण में बरती जा रही लापरवाही और अनियमितता की बात भी बैठक में सामने आया है।
            समूह से सांठ गांठ कर मैडम के पास अनोखा बचत रजिस्टर है,जिनके रिकॉर्ड के अनुसार प्रतिमाह हमेशा ही बचत दिखाई देता है जबकि वास्तविकता में कार्यकर्ताओं का बचत रजिस्टर में बचत नहीं होता है,उक्त अचंभा रजिस्टर मैडम के पास होने से कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह उनके अनावश्यक फटकार और डांट का सामना करना पड़ता है।जिस कारण कलेक्टर जशपुर से निवेदन किया गया है की सेक्टर करमीटिकरा के अंतर्गत आने वाले समस्त आ.बा. कार्यकर्ता एवं सहायिका सुपरवाईजर राजकुमारी शाहू के अभद्र व्यव्हार तथा मानसिक दबाव से अत्याधिक परेशान है,उनके विरुद्ध किए गए शिकायत उपरांत सबूतों से छेड़छाड़ करने कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने मामले में भी निष्पक्ष जांच और कार्यवाही का मांग किया जाता है,साथ ही उक्त कृत्य के कारण यहां सुपरवाईजर राजकुमारी साहू को हटा कर उसके स्थान पर अन्य सेक्टर सुपरवाईजर को पदस्थ किये जाने का पुरजोर मांग संघ के तरफ से निवेदन स्वरूप किया जाता है। श्रीमती यादव ने बताया कि कलेक्टर रोहित व्यास ने उक्त आवेदन पर जल्द ही संज्ञान लेकर कार्यवाही का आश्वासन भी हमें दिया है।

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दशकों की प्रतीक्षा समाप्त: कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क, गांव में उत्सव का माहौल

रायपुर, 07 दिसम्बर 2025/दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।

कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।

जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।

इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।

अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।

योजना का दायरा व्यापक है — 69 नवीन कैम्पों के आसपास स्थित 403 ग्रामों में 09 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएँ और 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहें।

इस पूरी प्रक्रिया में संचार अधोसंरचना सबसे प्रभावी साबित हो रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए टॉवर स्थापित किए गए हैं — जिनमें 116 एलडब्ल्यूई कार्यक्रम से, 115 आकांक्षी जिलों में, और 467 टावर 4G नेटवर्क के रूप में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 449 टॉवरों का 2G से 4G में उन्नयन किया गया है।

कोंडापल्ली में नियद नल्ला नार योजना से तेज़ी से बदलाव आए हैं। दिसम्बर 2024 में कैम्प स्थापित होने के बाद पहली बार प्रशासन गाँव तक नियमित रूप से पहुँचने लगा। यहाँ लंबे समय से बंद पड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने अपने जिम्मे लिया है और 50 किलोमीटर सड़क का कार्य प्रगति पर है।

गाँव में दो महीने पहले ही पहली बार विद्युत लाइन पहुँची है। बिजली आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार सेचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जा रहा है।

कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क के आगमन से यह स्पष्ट हो गया है कि विकास की किरण अब उन इलाकों तक भी पहुँच रहा है, जो वर्षों से प्रतीक्षा में थे। संचार सुविधा के इस नए सवेरे ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि अब उनका गाँव भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर आगे बढ़ेगा।

*बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का पहुँचना सिर्फ एक टॉवर का खड़ा होना नहीं है, यह उन लोगों के सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर का हर गांव–हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, डिजिटल सुविधाओं तक पहुँचे और अवसरों के नए द्वार उनके लिए खुलें। यह सिर्फ संचार की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्वास, बदलाव और नई संभावनाओं के युग का आरंभ है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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खेल के माध्यम से मिलती है अनुशासन की सीख : कौशल्या साय, कुडूकेला नॉकआउट फुटबॉल फाइनल में बेलटोली ने लोधमा को 3–1 से हराया, जीता खिताब....


जशपुरनगर। स्थानीय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। लोधमा को 3–1 से हराकर बेलटोली की टीम ने शानदार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों के कौशल और टीमवर्क ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नियम पालन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को 51 हजार रुपए एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता  की टीम को 31 हजार रुपए एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, डी.डी.सी. अनीता सिंह एवं मलिता बाई, जिला मंत्री संतोष सहाय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम, तुलाधार यादव, भारती भगत, असलम आजाद कार्यक्रम के अध्यक्ष, मोहम्मद जमीर स्लाम जिन्ना, सुशन्ति बैग, बसंत बैग,कुलदीप ,बेनी कश्यप,कलेश्वर सिंह, असनूलहक सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर कराने की योजना है।

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समाजसेवी विनीत जिंदल चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा योग ड्रेस का वितरण,स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रयास


कुनकुरी/नारायणपुर:- शनिवार बैगलेस डे पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत, स्थानीय समाजसेवी विनीत जिन्दल चार्टर्ड अकाउंटेंट ने प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली के स्कूली बच्चों को योग ड्रेस का वितरण किया। इस अवसर पर बच्चों ने अतिथि का स्वागत आरती उतारकर, तिलक लगाकर ,पुष्प गुच्छ भेंटकर एवं गीत गाकर किया। विनीत जिंदल ने कहा इस पहल का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
                      कार्यक्रम का विवरण
इस योग ड्रेस वितरण कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी विनीत जिन्दल द्वारा 22 स्कूली बच्चों को योग ड्रेस बांटे गए, इस अवसर पर योग सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें योग प्रशिक्षक के रूप में विद्यालय में पदस्थ शिक्षक महेश तिर्की ने विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। 

              समाजसेवी विनीत जिंदल का संदेश:

समाजसेवी विनीत जिन्दल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, "योग हमारे जीवन में अनुशासन और संतुलन लाता है। मेरा मानना है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है"। जब शरीर स्वस्थ रहता है तो पढ़ाई में मन और अच्छे से लगता है, उन्होंने उपस्थित सभी बच्चों से अपील की, कि वे इस योग ड्रेस का उपयोग शनिवार बैगलेस डे पर आयोजित होने वाले योग सत्र में करें,आगे उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में योग को शामिल कर खुद को और अपने परिवारों को स्वस्थ बनाएं।
*विद्यालय एवं बच्चों की सराहना*
 समाजसेवी विनीत जिंदल ने विद्यालय एवं बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि आपके विद्यालय में लगे विभिन्न प्रकार के पेड़ - पौधे, पुष्प वाटिका और पोषण वाटिका विद्यालय को और भी आकर्षक बनाते हैं और इस हरियाली के बीच योगाभ्यास करना अद्भुत अनुभव प्रदान करता है, उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा आप सभी के विभिन्न आसनों को देखकर मैं बहुत खुश हुआ आपके शिक्षक बेहतर तरीके से आपको योगाभ्यास कराते हैं,आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें और परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें।
                 प्रधान पाठक की प्रतिक्रिया:
प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता ने समाजसेवी के इस पहल की सराहना की और समाजसेवी के प्रति आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि बच्चों को योग ड्रेस मिलने से बच्चे योगाभ्यास को और आनंदमय ढंग से सीखेंगे,यह पहल दर्शाती है कि समाजसेवी स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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हल्बा-हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर शक्ति दिवस एवं अमर क्रांतिकारी शहीद गेंद सिंह जी के 201वीं शहादत दिवस समारोह के लिए दिया आमंत्रण

रायपुर 6 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ हल्बा-हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की।

प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि समाज की ओर से 27 दिसंबर 2025 को दुर्ग के पुलगांव में समाजिक सम्मेलन एवं शक्ति दिवस समारोह, तथा 20 जनवरी 2026 को रायपुर में क्रांतिकारी अमर शहीद गेंद सिंह जी के 201वीं शहादत दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को दोनों महत्वपूर्ण आयोजनों में सादर आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए हल्बा-हल्बी समाज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और समाज के सांस्कृतिक गौरव एवं प्रेरणादायी इतिहास की सराहना की। उन्होंने दोनों आयोजनों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर श्री महेश गागड़ा, डॉ. देवेंद्र महला, श्री गिरिवर ठाकुर, श्री हृदय राम कोसमा, श्री मिथीर राम सलेंद्र सहित समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

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पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ का एक ग्राम बनेगा ‘सोलर मॉडल विलेज’,

रायुपर, 06 नवंबर 2025/ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार  से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।

         उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।

       रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।
 
        जिले के सभी विकासखंड से ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।

          इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए  प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।

         क्रेडा के सहायक अभियंता श्री विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।  छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा।
इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

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ऑनलाइन टोकन से आसान हुआ धान खरीदी,मृणाल मंडल ने धान विक्रय का सही मूल्य मिला

रायपुर 06 दिसम्बर 2025/
ऑनलाइन टोकन  प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया है l किसान स्वयं ऑनलाइन टोकन के माध्यम से  घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर सकते हैं।  समिति में पहुंचते ही  उन्हें बिना किसी परेशानी के धान बेचना आसानी हुआ ।

        जिला बलरामपुर- रामानुजगंज के बलरामपुर विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र बरदर में ग्राम रामनगरकला रहने वाले किसान श्री मृणाल मंडल ने अपनी मेहनत से उपजे लगभग 166 बोरी धान का विक्रय किया। समिति में मिली बेहतर व्यवस्था, सहज प्रक्रिया और त्वरित खरीदी ने उन्हें संतुष्ट किया,  मृणाल मंडल बताते हैं कि धान का सर्वाधिक मूल्य ने उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाया है। 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी का प्रावधान किसानों के लिए  बड़ी राहत साबित हो रहा है।

          श्री मंडल ने बताया कि समय पर समिति पहुंचना और तुरंत धान की खरीदी होना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बिना लंबी प्रतीक्षा और बिना किसी भागदौड़ और सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से धान विक्रय हो गया। उन्होंने बताया की इस बार की उपज के मिले राशि से परिवार की जरूरत, अगली फसल की तैयारी में उपयोग करेंगे। श्री मंडल ने धान खरीदी व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त भी किया।

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विद्युत विभाग का बड़ा एक्शन:बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत,88 बकायादारों के काटे गए कनेक्शन

रायपुर,6 दिसंबर 2025/ बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज  जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की।

              मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र श्री यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता श्री के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर श्री प्रकाश अग्रवाल तथा  जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की।

             इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए।

         मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए। यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

            विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

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राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन 07 दिसंबर

जशपुरनगर 06 दिसंबर 2025/ कलेक्टर  एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री रोहित व्यास और कार्यपालन अधिकारी एवं उपाध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री अभिषेक कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा अनुशंसित ‘‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम‘‘ अंतर्गत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नई दिल्ली की पहल पर आयोजित राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन 07 दिसंबर 2025 को किया गया है। परीक्षा जिले में सुबह 10ः00 बजे से  शाम 5ः00 बजे तक आयोजित होगी, जिसमे शिक्षार्थी अपनी सुविधानुसार निर्धारित समय के भीतर शामिल हो सकेंगे। 
   जिला परियोजना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सिंन्हा ने बताया कि जिले में शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में 907 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जिले से इन केन्द्रो पर उल्लास प्रवेशिका के 07 अध्याय का अध्ययन कर 200 घंटे पूर्ण कर चुके एवं वर्तमान में अध्ययनरत कुल 14200 शिक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होगें। 
  परीक्षा की मॉनिटरिंग के लिए जिला एवं विकास खण्ड स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा कंन्ट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। जिले के 08 विकास खण्डों के समस्त विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्रों में जोनवार प्राचार्य, संकुल शैक्षिक समन्वयक, केन्द्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षक सह मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। 
  परीक्षा पूर्व जन जागरूकता एवं शिक्षार्थियों को केन्द्र तक लाने हेतु घर-घर जाकर हल्दी चावल बांटकर महापरीक्षा अभियान का न्यौता हमारे ग्राम प्रभारी एवं स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायत स्थित कोटवार से मुनादी भी करायी जा रही है। हमारे जिले के समस्त ग्राम प्रभारियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, रोजगार सहायक एवं आंगनबाड़ी कार्यकताओं द्वारा दिवार लेखन, पोस्टर, नारा लेखन, एवं शिक्षार्थी पर्ची बांटी जा रही है शिक्षार्थी पर्ची जिसमें महापरीक्षा अभियान का दिनांक, दिन, समय, एवं केन्द्र का नाम लिखा हुआ है। इस प्रकार समस्त विकास खण्डों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर शिक्षार्थियों को न्यौतापाती किया जा रहा है साथ ही जिला परियोजना अधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्रों में पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश विकास खण्डों के समस्त विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। 
  जिला परियोजना अधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि उक्त कार्यक्रम में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के  ऐसे महिला, पुरूष शिक्षार्थियों को सम्मिलित किया जा रहा है, जो शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित हैं। स्वयंसेवी शिक्षक इन शिक्षार्थियों को उल्लास प्रवेशिका के 07 अध्याय को 200 घंटे में अध्यापन करा कर पूर्ण कराते हैं। परीक्षा तीन घंटे की होगी जिसमें तीन भाग - पढ़ना, लिखना, और अंक गणित प्रत्येक भाग 50 अंकों का होगा। प्रत्येक भाग में न्यनतम 20 अंक लाने पर परीक्षार्थी उत्तीर्ण माने जाएंगे। सफल शिक्षार्थियों को एनआईओएस द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

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निर्वाचन नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण : दावा आपत्ति 16 दिसम्बर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक,मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को


जशपुरनगर 06 दिसम्बर 2025/भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में चलाये जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। 
              उप जिला निर्वाचन अधिकारी जशपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 16 दिसम्बर 2025 एवं 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा। जारी संशोधित कार्यक्रम अनुसार 11 दिसम्बर 2025 को गणना पत्रक सत्यापन, 16 दिसम्बर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, 16 दिसम्बर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति, 16 दिसम्बर 2025 से 07 फरवरी 2026 तक सुनवाई और सत्यापन कार्य एवं 14 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन निर्धारित है।

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प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित खरीफ एवं रबी दलहनी-तिलहनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन जिले के नौ समितियों में होगी

जशपुरनगर, 06 दिसंबर 2025/ जिले के किसान भी अपनी दलहन-तिलहन की फसलों को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राईस सपोट स्कीम के तहत अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, चना, मसूर एवं सरसो का विक्रय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के माध्यम से कर सकेंगे। उप संचालक कृषि ने जानकारी देते हुए बताया कि जिसका पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।
    उपार्जन की अवधि मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन के लिए 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक, अरहर एवं सरसों के लिए 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 तक एवं चना एवं मसूर के लिए 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बगीचा, बिमड़ा, कुर्रोग, सन्ना, पड्रापाठ, तपकरा, कोनपरा, घरजियाबथान एवं गला में किया जाएगा।  अरहर 8000,  मूंग 8700,  उड़द 7800, मूंगफली 7283,  सोयाबीन 5328,  चना 5875, मसूर 7000,  एवं सरसों 6200, की दर से खरीदी की जाएगी।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से हादसे में अपना एक पैर गवां चुके पुरेन्द्र का रायपुर में लगेगा नया कृत्रिम पैर,मुख्यमंत्री के प्रति किया आभार व्यक्त

 

जशपुरनगर, 06 दिसंबर 2025/ एक दुःखद हादसे में अपना एक पैर खो चुके श्री पुरेन्द्र यादव को रायपुर में नया कृत्रिम पैर लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार उनका संपूर्ण इलाज तथा कृत्रिम पैर लगाने का समस्त व्यय शासन द्वारा वहन किया जाएगा। यह संवेदनशील पहल दैनिक मजदूरी से जीवनयापन करने वाले श्री पुरेन्द्र के लिए उनके जीवन में एक नई उम्मीद और उत्साह का संचार करने वाली है।
     ग्राम मयुरचुन्दी, तहसील दुलदुला निवासी श्री पुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के नाम कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वे मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, किंतु एक दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान डॉक्टरों की सलाह पर उनका एक पैर काटना पड़ा। दूसरे पैर की हड्डी तीन स्थानों से टूटी हुई है, जिस पर अभी भी रॉड लगी है। इस कारण वे चलने-फिरने में पूर्णतः असमर्थ हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थिति ने उनके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है, क्योंकि घर में उनके अतिरिक्त कोई अन्य कमाने वाला सदस्य नहीं है। 
    श्री पुरेन्द्र ने कैंप कार्यालय से कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि वे पुनः अपने पैरों पर खड़े होकर जीवन की मुख्यधारा में लौट सकें। उनकी स्थिति को गंभीरता से समझते हुए कैंप कार्यालय ने तुरंत संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी और रायपुर में कृत्रिम पैर लगाए जाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की। श्री पुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त हुए कहा कि शासन की इस  पहल ने उनके जीवन में फिर से विश्वास, साहस और आशा की किरण जगाई है।

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