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पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने वाटरशेड महोत्सव का किया शुभारंभ,

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/* प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जलग्रहण विकास घटक अंतर्गत जल एवं मृदा संरक्षण कार्यों के प्रति जन जागरूकता एवं योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाने हेतु पत्थलगांव  विकासखण्ड के ग्राम ईला में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन विगत दिवस किया गया।
       वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा दीप प्रज्जवलित का किया गया। कार्यक्रम में  जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए वनवासी सेवा मण्डल पूर्व माध्यमिक शाला एवं परियोजना क्षेत्र के अन्य स्कूलो के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों  का प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही  निबंध लेखन, रंगोली, स्लोगन व नारा लेखन आदि प्रतियोगिता के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राओं ने जल संरक्षण के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम के एक दिवस पूर्व  ग्राम ईला के लांजियानाला में ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर बोरी-बधान का कार्य  किया गया। 
          विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा जलग्रहण समिति गोढ़ीकला एवं करमीटिकरा में जलग्रहण विकास घटक अंतर्गत निर्मित स्टापडेम निर्माण कार्यों का लाकार्पण एवं जलग्रहण समिति ईला व अन्य जलग्रहण समितियों में स्वीकृत कार्यों का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती साय ने अपने उद्बोधन में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को जल एवं मृदा संरक्षण का महत्व के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने इस योजना के माध्यम से कृषकों के प्रगति एवं अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया। इस दौरान विधायक ने जलग्रहण मार्गदर्शको को शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किया, साथ ही  विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में पानी की पाठशाला कार्यक्रम अन्तर्गत हर्षा ट्रस्ट के रिसोर्स पर्सन श्री रवि अरोरा ने जल की उपयोगिता एवं कृषि के परिदृश्य में आवश्यकता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 
           कार्यक्रम के अंत में परियोजना अधिकारी श्री राकेश कुमार पैकरा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधि, अतिथियों एवं कृषकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। वाटरशेड महोत्सव कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्री हंसलाल सिदार सभापति कृषि स्थायी समिति, जनपद सदस्य श्री वेदराम सिदार, श्रीमती संतोषी भारद्वाज, सरपंच श्रीमति सम्पति नाग, श्री अंकित बंसल, श्री हेमन्त बंजारा, श्रीमती मायावती लकड़ा, श्री प्रयाग राज सिदार, श्रीमती हीरावती पोर्ते एवं अन्य 05 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं परियोजना अधिकारी श्री राकेश कुमार पैंकरा, जिले से तकनीकी विशेषज्ञ श्री नयन रंजन बेहरा, हर्षा ट्रस्ट से उपस्थित प्रशिक्षक, कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, डब्ल्यू.डी.टी. सदस्य एवं जलग्रहण सचिव की उपस्थित में सम्पन्न हुआ।

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जिला प्रशासन का अवैध धान पर कड़ी कार्रवाई जारी,किसानों से अपील : अवैध धान परिवहन रोकने में प्रशासन का करें सहयोग

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जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/ जिले में कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में अवैध धान परिवहन और संग्रहण के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान लगातार प्रभावी सिद्ध हो रहा है। सहायक कलेक्टर श्री अशोक अनिकेत ने बताया कि जिला प्रशासन, खाद्य विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा किए जा रहे सतत् प्रयासों के तहत अब तक 1500 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि लोदाम, जशपुर, कुनकुरी, पंडरीपानी, फरसाबहार तथा अन्य क्षेत्रों में की गई कार्यवाहियों में कुल 1508 क्विंटल अवैध धान पकड़ा गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब परिवहन कर रहे वाहनों के पास आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। जब्त धान को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण तैयार किया गया है। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।


*चार बैरियर पर कड़ी निगरानी – सीसीटीवी से 24×7 मॉनिटरिंग*-

सहायक कलेक्टर श्री अशोक अनिकेत ने बताया कि अवैध धान परिवहन की गतिविधियों को रोकने जिला प्रशासन ने साइटांगरटोली, पीड़ी, सकरडेगा और बालमंडा चार प्रमुख बैरियरों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है। वाहनों की जांच के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे झारखंड और ओडिशा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध धान प्रवेश न कर सके। किसी भी वाहन में अवैध परिवहन पाए जाने पर तत्काल जप्ती की कार्रवाई की जा रही है तथा वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।

*टोकन का भौतिक सत्यापन—अनियमितता पर तुरंत निरस्तीकरण* -

खरीदी केंद्रों में जारी टोकन का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। सत्यापन में निर्धारित मात्रा से कम या अनियमित धान पाए जाने पर संबंधित टोकन निरस्त किए जा रहे हैं, ताकि केवल वास्तविक किसान को ही खरीदी का लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि सही किसान का धान ही सहकारी समिति तक पहुँचे, यही शासन की मंशा है। जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि बिचौलियों तथा अवैध कारोबारी तत्वों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। सभी किसानों से अपील की गई है कि वे जागरूक रहें, प्रशासन का सहयोग करें तथा कहीं भी अवैध भंडारण या परिवहन की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें, ताकि पंजीकृत किसान सुचारू रूप से अपना धान समितियों में बेच सकें।

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पत्थलगांव में सड़क और अवसंरचना कार्यों की व्यापक समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/ पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास  ने विगत दिवस जनपद पंचायत कार्यालय पत्थलगांव में विभिन्न विभागीय निर्माण एवं विकास कार्यों के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में पत्थलगांव क्षेत्र में चल रहे प्रगतिरत, अप्रारम्भ तथा स्वीकृत कार्यों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। विधायक एवं कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाना आवश्यक है। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, विश्राम गृह भवन, भवन निर्माण सहित सभी अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को गंभीरता पूर्वक प्राथमिकता में लेते हुए शीघ्रता से पूरा करें। जनसुविधाओं को प्रभावित करने वाले किसी भी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। शहरी विकास विभाग द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार तथा अन्य नगर विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभागों के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबे समय से लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और बाधाओं का त्वरित निराकरण किया जाए। इस दौरान बैठक में एसडीएम श्री ऋतुराज बिसेन सहित संबंधित निर्माण एवं विकास विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

     बैठक में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत नगर पालिका पत्थलगांव में प्रस्तावित सभागार, इंडोर स्टेडियम, गौरव पथ सहित अन्य विकास कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अप्रारम्भ कार्यों को तुरंत प्रारम्भ करने तथा लंबित कार्यों की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृतियां, निविदा प्रक्रिया और मैदान स्तर की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। शासन स्तर पर लंबित मामलों को उच्च विभागों से समन्वय कर शीघ्र निपटाने पर भी बल दिया गया। आदिवासी विकास विभाग द्वारा छात्रावासों से संबंधित निर्माण व सुधार कार्यों की अद्यतन जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। विधायक श्रीमती गोमती साय ने निर्देशित किया कि छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं का उन्नयन प्राथमिकता में रखा जाए और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं विधायक श्रीमती गोमती साय ने पुनः स्पष्ट किया कि पत्थलगांव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सभी विभाग सक्रियता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक परियोजना का नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण एवं प्रगति मूल्यांकन अनिवार्य रूप से किया जाए।

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पंडरीपानी के सुखबासुपारा में नल जल योजना संचालित करने नवीन स्त्रोत विकसित करने का किया जा रहा है सार्थक प्रयास

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड जशपुर के कार्यपालन अभियंता  से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंडरीपानी के सुखबासुपारा में नल जल योजना ठप, पानी टंकी बनी सो पीस के संबंध में लेख कर बताया गया है कि योजना एक सफल स्त्रोत से संचालित थी। परन्तु रोड़ चौड़ीकरण पश्चात् बोर पम्प फट जाने के कारण स्थापित पम्प बोर में फंस गया है। जिसे निकालने का प्रयास विभाग द्वारा किया गया परन्तु नहीं निकल पाया है। नवीन स्त्रोत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
           दो साल बाद भी नहीं लगी बोरिंग, तमता बस्ति पारा में पेयजल संकट गहराया के संबंध में  विभाग द्वारा बताया गया कि यह नलकूप जिला पंचायत निधि द्वारा डेढ़ वर्ष पूर्व खनन किया गया है। जल आवक क्षमता कम होने के कारण हैंडपम्प स्थापित नहीं किया गया था। वर्तमान में सिपेज वाटर संग्रहित है। जिसमें पंचायत द्वारा हैंडपम्प लगाने हेतु अवगत कराया गया है।

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गिनाबहार के टुकुपानी में हुआ सुशासन शिविर का आयोजन,शासन की योजनाओं का लाभ लेने हितग्राहियों को किया गया प्रेरित...अधिकारी अगर बात नही सुनते है तो जनता जनप्रतिनिधियों को बताएं-श्रीमती सुशीला साय

कुनकुरी/नारायणपुर 11 दिसम्बर 2025 

छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास के दिशा निर्देश पर जनपद पंचायत कुनकुरी के ग्राम पंचायत गिनाबहार के टुकुपानी में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम गिनाबहार सहित अन्य गांव के ग्रामीणों की शिकायतों एवं मांगों से संबंधित आवेदनों को लिया गया।

     शिविर में उपस्थित विभागीय अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों का वाचन  किया गया।शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। सभी विभागों द्वारा लगाए गए सूचनात्मक स्टॉलों का जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अवलोकन किया, जहाँ अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। सुशासन शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों एवं मांगों को संकलित किया गया है, जिनका शीघ्र निराकरण करने की प्रक्रिया जारी है। कृषि विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को सरसों का बीज वितरण किया गया

  सुशासन शिविर के तहत गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को उनका लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने कहा कि गिनाबहार में आयोजित यह शिविर जनता की समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिविरों के माध्यम से योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के लिए गंभीरता से प्रयासरत हैं।

     जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सुदूर क्षेत्रों में लगे इस शिविर से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि गैस कनेक्शन, महतारी योजना, सहित सभी योजनाओं का लाभ अवश्य लें। उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे फलदार पौधे लगाने की भी अपील की।उन्होंने कहा कि सरकार सुविधाएँ प्रदान कर रही है, लेकिन लाभ लेने वालों की संख्या कम है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय रूप से योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। सुशीला साय ने ग्राम सभा में उपस्थित रहने, समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने तथा मतदाता सूची में नाम जोड़वाने की बात भी कही।उन्होंने कहा कि बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखने की अपील की। सुशीला साय ने जानकारी दी कि 1 दिसंबर से बिजली बिल हाफ योजना दोबारा शुरू होने जा रही है, 

टुकुपानी में लगा सुशासन शिविर में मिले 150 आवेदन

सुशासन शिविर में जनपद पंचायत के सीईओ ने संबोधित करते हुए बताया कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिविर में अब तक कुल 150 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें उज्ज्वला गैस कनेक्शन, पौती, तथा अन्य राजस्व एवं जनकल्याण से संबंधित आवेदन शामिल हैं। सभी आवेदनों का नियम अनुसार परीक्षण कर त्वरित समाधान किया जाएगा।

“शिविर केवल आवेदन लेने का माध्यम नहीं”—सीईओ

सीईओ ने कहा कि लोगों में यह गलत धारणा बनी रहती है कि ऐसे शिविरों में केवल आवेदन लिए जाते हैं और कार्यवाही नहीं होती। यह पूरी तरह गलत है। सभी आवेदनों का नियमानुसार अवलोकन कर कार्रवाई की जाती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा, सभी कार्य नियमों से होना है, इसलिए किसी भी प्रकार का नियम-विरुद्ध कार्य संभव नहीं है।अंत में उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे प्रशासन पर विश्वास बनाए रखें और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।

      शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मलिता बाई, अनिता सिंह, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, जनपद सदस्य अभिनन्द खलखो, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, महामंत्री शंकर यादव, असलम आजाद, तथा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती सनीता पैंकरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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बंदकोना की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बस्ती अब मुख्यधारा से जुड़ी: प्रधानमंत्री जनमन योजना ने खोला विकास का मार्ग

 

जशपुरनगर 11 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में दूरदराज़, आदिवासी अथवा पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने, बुनियादी अधोसंरचना का विकास करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उदेदश्य से उन जिलों और क्षेत्रों को चिन्हांकन कर जहाँ सड़क, संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् लोगों के लिए बुनियादी सुविधाए उपलब्ध कराई जा रही है।
विशेष रूप से उन ग्रामीण और आदिवासी पिछड़े इलाकों में जहाँ विकास और संपर्क की कमी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत राज्य शासन और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों में कार्य किया जा रहा है।  
          इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी की दूरी पर स्थित बंदकोना में मुख्य मार्ग से बस्ती के मध्य 1.7 किमी सड़क बनाई गई है जिसकी लागत 1.23 करोड़ है। गाँव की जनसंख्या 115 है। इस सड़क से बस्ती अब समाज की मुख्य धारा से जुड़ गई है। बाजार, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी, सोसाइटी, ग्राम पंचायत आदि सुविधाएँ अब आसान से पहुँच पा रहे है। एम्बुलेंस व मालवाहक वाहन अब बस्ती तक पहुँच रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ अब हितग्राहियों तक शीघ्र पहुँच रही हैं। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं गाँव में पहुंच रही हैं। योजना के तहत् बुनियादी सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिए है।
            
विदित हो कि प्रधानमंत्री जन‑मन योजना के तहत सड़क और अन्य आधारभूत ढांचा, निर्माण का प्रावधान है। विशेष रूप से उन ग्रामीण ,आदिवासी  पिछड़े इलाकों में जहाँ विकास व संपर्क की कमी है। इस योजना में उन जिलों व क्षेत्रों को चुना जाता है जहाँ सड़क, संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। योजना के तहत शामिल किया गया है, और उन इलाकों में पक्के घर, पानी, सड़क आदि सुविधाओं के निर्माण का प्रावधान हुआ है। इन सड़कों का उद्देश्य उन दूरदराज़, आदिवासी अथवा पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है। ताकि लोग आसानी से बाज़ार, स्कूल, अस्पताल, प्रशासन आदि तक पहुँच सकें। योजना का लक्ष्य बुनियादी अधोसंरचना सड़क, पुल, संपर्क सुधार कर सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

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10 वर्षीय शिवा चौहान के परिवार को मुख्यमंत्री बगिया कैंप कार्यालय के माध्यम से मुआवजा मिला,मुख्यमंत्री को जताया आभार

जशपुरनगर  जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील अंतर्गत पोंगरो निवासी पीताम्बर चौहान के परिवार पर 4 वर्ष पहले दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उनका 10 वर्षीय मासूम पुत्र शिवा चौहान आंगनबाड़ी केंद्र के पास खेलते समय विद्युत तार की चपेट में आ गया था। करंट लगने से हुई इस दर्दनाक घटना में छोटी सी उम्र में शिवा की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।घटना के बाद से परिवार लगातार मुआवजा प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों के चक्कर काटते रहा, लेकिन 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी। निराश और परेशान परिजनों ने आखिरकार सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और संवेदनशीलता का परिणाम यह हुआ कि विद्युत विभाग ने प्रकरण की विस्तृत जांच कर मुआवजा स्वीकृत किया।आज मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। चेक प्राप्त करते समय परिवार के चेहरे पर वर्षों बाद राहत के भाव दिखाई दिए।परिजनों ने भावुक होते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि—“चार साल से हम दर–दर भटकते रहे, लेकिन बगिया कैंप कार्यालय ने हमारी पुकार सुनी और हमें न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री जी का हम जीवनभर आभार मानेंगे।”
यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया जनता की समस्याओं का सबसे तेज़ और भरोसेमंद समाधान केंद्र बन चुका है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिल रही समयबद्ध सहायता ने कई पीड़ित परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है, और शिवा चौहान के परिवार को मिली यह राहत उसी श्रृंखला का एक सशक्त उदाहरण ।

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राष्ट्र निर्माण में आदिवासी शहीदों का योगदान अनुपम: मुख्यमंत्री श्री साय. “शहीद वीर नारायण सिंह को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि,कर्रेझर  में 71.93 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण”


                 
 रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।  

 मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं श्री गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है। 

 इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है। 

इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार श्रीमती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं श्री मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।

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मुख्यमंत्री सोनाखान में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल,101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर 10 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू: ग्रामीण–शहरी भूमि मूल्य का वैज्ञानिक युक्तिकरण, निवेश को मिलेगी गति

रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए भूमि की नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक के निर्देश पर केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं। वर्ष 2019-20 के बाद छह वर्ष के अंतराल पर किया गया यह पुनरीक्षण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए व्यापक एवं जनहितैषी सुधार लेकर आया है।

नई गाइडलाइन दरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य को परिलक्षित करना तथा वर्षों से चली आ रही दरों की विसंगतियों को दूर करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग पर औसतन 109 प्रतिशत और मुख्य मार्ग से अंदर औसतन 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अचानक बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि विभिन्न ग्रामों के बीच दरों के वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन का परिणाम है।

बलरामपुर जिले में कई ऐसे गांव सामने आए हैं जहाँ पूर्व गाइडलाइन की दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम थीं। उदाहरण स्वरूप वर्ष 2019-20 में ग्राम ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 6,28,677 रुपये प्रति हेक्टेयर था, जबकि समीपस्थ ग्राम आरागाही का दर 34,27,200 रुपये प्रति हेक्टेयर था। दोनों गांव एनएच-343 के समीप स्थित हैं। दरों के युक्तिकरण के बाद ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 51,52,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया, जिससे 719 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह, कई अन्य ग्रामों में भी दरों में 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि रिकार्ड की गई है।

ग्राम लूरघुट्टा में मुख्य मार्ग पर 711 प्रतिशत एवं अंदर की ओर 413 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। इसी प्रकार ग्राम नावाडीह में मुख्य मार्ग पर 568 प्रतिशत तथा अंदर 326 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। दोनों ही गांव एनएच-343 से लगे हुए हैं और तातापानी जैसे पर्यटन एवं व्यवसायिक क्षेत्र के समीप स्थित होने के कारण निवेश की संभावनाओं को देखते हुए दरों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक था।

ग्राम भवानीपुर में भी मुख्य मार्ग पर 554 प्रतिशत तथा अंदर 411 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह गांव निवेश क्षेत्र में आता है तथा वर्ष 2019-20 में इसका बाजार मूल्य समीपस्थ ग्राम नवाडीह खूर्द की तुलना में काफी कम था। दोनों गांवों का रेशनलाइजेशन करने पर यह वृद्धि स्वाभाविक रूप से सामने आई है। इसी तरह, रामचन्द्रपुर, जो विकासखण्ड मुख्यालय है तथा स्टेट हाईवे से होकर गुजरता है, वहां भी मुख्य मार्ग पर बाजार मूल्य में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। यहां सर्वे दर भी प्रति हेक्टेयर 42,45,000 रुपये होने के कारण मूल्य संशोधन आवश्यक था।

शहरी क्षेत्रों में भी इस वर्ष गाइडलाइन दरों का व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। बलरामपुर जिले के सभी नगरीय निकायों में मुख्य मार्ग तथा अंदरूनी क्षेत्रों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बलरामपुर नगर में अधिकांश वार्ड NH-343 से लगे हुए हैं। वर्ष 2019-20 में कई वार्डों में एक ही मार्ग पर बाजार मूल्य में बड़ा अंतर पाया गया था, जो स्पष्ट रूप से विसंगतिपूर्ण था। इस विसंगति को दूर करने के लिए नगर पालिका एवं संबंधित हल्का पटवारियों द्वारा नए परिसीमन के आधार पर वार्डवार गाइडलाइन दरों का पुनर्निर्धारण किया गया।

उदाहरणस्वरूप, वार्ड 01 (रविन्द्र प्रताप सिंह वार्ड) में प्रति वर्गमीटर दर 5740 रुपये था, जबकि इसी मुख्य मार्ग पर स्थित वार्ड 03 में यह दर मात्र 1830 रुपये प्रति वर्गमीटर था। नई गाइडलाइन में इन त्रुटियों को पूरी तरह दूर कर दोनों वार्डों की दरों को वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप बनाया गया है।

पिछले पाँच वर्षों में बढ़ती जनसंख्या, आवासीय भूखंडों की बढ़ती मांग, व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार और शहरीकरण के तेज़ी से बढ़ते असर को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिले के नगरीय क्षेत्रों में दरों के पुनरीक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इसके लिए नगर पालिका के कर्मचारियों, पटवारियों और गूगल मैप के आधार पर वार्डवार नई कण्डिकाएँ तैयार की गईं।

नगरीय क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेषकर बलरामपुर नगर में बढ़ती आबादी, नए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के कारण बाजार मूल्य में स्वाभाविक बढ़ोतरी हुई, जो अब गाइडलाइन दरों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई गाइडलाइन दरें छत्तीसगढ़ के भूमि बाजार को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और निवेश-अनुकूल बनाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भूमि अधिग्रहण के समय सही मुआवजा मिलेगा, वहीं शहरी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास को गति मिलेगी। भूमि मूल्य का यह वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन राज्य के समग्र आर्थिक विकास को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार,ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

रायपुर 10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। 

सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी।

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण

रायपुर 10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप संस्कृति को नई उड़ान: टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड का सफल आयोजन, युवाओं को मिला वैश्विक मंच

रायपुर,10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ में युवाओं के नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत आधार देने की दिशा में धमतरी जिले ने ऐतिहासिक पहल की है। विश्वस्तरीय स्टार्टअप एक्सीलरेटर टेकस्टार्स के सहयोग से जिला प्रशासन धमतरी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 28 से 30 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड धमतरी का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन पहली बार प्रदेश के किसी गैर-महानगरीय जिले में आयोजित हुआ, जिसने धमतरी को उभरते स्टार्टअप हब के रूप में नई पहचान दिलाई है।

स्टार्टअप वीकेंड में 100 से अधिक युवा प्रतिभागियों, 50 संभावित स्टार्टअप टीमों, 20 अनुभवी मेंटर्स और 10 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को 54 घंटों तक सतत कार्य करते हुए अपने विचारों को निवेश योग्य मॉडल में बदलने, बिजनेस मॉडल बनाने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट एनालिसिस, पिच डेक निर्माण और स्केलिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

मेंटर्स ने टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-इनोवेशन, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, पर्यटन, डिजिटलीकरण और एंटरटेनमेंट सेक्टर के स्टार्टअप आइडियाज पर विशेष मार्गदर्शन दिया। कई अभिनव विचार निवेशकों की विशेष रुचि का केंद्र बने।

*जिला प्रशासन की पहल—धमतरी को स्टार्टअप मैप पर स्थापित करने का लक्ष्य*

जिला कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आयोजन को धमतरी के नवाचार तंत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि हमारा  उद्देश्य है कि धमतरी के युवाओं को बड़े शहरों जैसी सभी स्टार्टअप सुविधाएँ और अवसर यहीं मिलें। स्टार्टअप वीकेंड ने सिद्ध किया कि यहां के युवा न केवल रचनात्मक हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। यह आयोजन आगे भी प्रत्येक वर्ष जारी रहेगा, जिससे जिले में उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम स्थापित होगा 

एआईसी महिंद्रा के सीईओ और कार्यक्रम फैसिलिटेटर श्री इस्माइल अकबानी ने इसे छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित स्टार्टअप वीकेंड बताया।

*ग्लोबल एक्सीलरेटर टेकस्टार्स से स्थानीय प्रतिभाओं को लाभ*

टेकस्टार्स के बारे में जानकारी देते हुए विकासगढ़ के संस्थापक श्री मेराज मीर ने बताया कि 2006 से विश्वभर में स्टार्टअप्स को गति देने वाले इस प्लेटफॉर्म की विशेषज्ञता अब सीधे धमतरी के युवाओं तक पहुंच रही है, जिससे उन्हें व्यापक नेटवर्किंग और निवेश अवसर मिलेंगे।

जिला प्रशासन ने बताया कि   स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत रूप देने के लिए धमतरी में आगे भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहेंगे। इससे युवाओं को निरंतर मेंटरशिप, फंडिंग एक्सपोज़र और बिजनेस नेटवर्क प्राप्त होंगे।

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108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य शुभारंभ – बगीचा नगर में आस्था और उत्साह का दिखा अद्भुत संगम,2100 कलशों की शोभायात्रा से नगर में छाया आध्यात्मिक उत्साह

जशपुर, 10 दिसंबर 2025
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा बगीचा में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ आज भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। नगर में चारों ओर पीत वस्त्रों से सुसज्जित मातृशक्तियों ने आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। नगर की विभिन्न दिशाओं से निकली कलश यात्राएं स्थानीय डोड़की स्थल पर एकत्रित हुईं, जहां 2100 कलशों में जल पूजन कर देवशक्तियों का आवाहन किया गया और यज्ञशाला में उनका विधि-विधान से स्थापना की गई।

यज्ञीय अनुष्ठान के प्रथम दिवस की शुरुआत गायत्री परिवार बगीचा द्वारा संपन्न कलश शोभायात्रा से हुई। पूरे नगर को विचार क्रांति अभियान के पीले ध्वजों और पुष्प सज्जा से अलंकृत किया गया। गायत्री प्रज्ञा पीठ बगीचा, शिव मंदिर रौनी रोड तथा झांपीदरहा दुर्गामंदिर से निकली कलश यात्राओं ने पूरे नगर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।

शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे प्रज्ञा पुरोहित आदरणीय दिनेश जी पटेल, भूषण साहू, छविलाल जी, हेमलाल जी एवं गणेश जी का स्वागत यज्ञ समिति द्वारा ससम्मान किया गया। समस्त मातृशक्तियों का पूजन, वंदन एवं आरती महिला मंडल ने किया।

पहले दिवस के मुख्य संबोधन में टोली नायक दिनेश पटेल ने कहा कि यह महायज्ञ सभी के दुख निवारण एवं विचार निर्माण का अवसर है। उन्होंने कहा— “हम सबमें देवत्व का वास जागृत हो, व्यक्ति के विचार बदलें—इसी उद्देश्य से यह यज्ञीय अनुष्ठान आयोजित है।” कार्यक्रम में ‘माता तेरे चरणों में स्थान जो मिल जाए’ जैसे सुमधुर गायन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि जहां गायत्री यज्ञ होता है, वहां लोगों का दृष्टिकोण स्वतः परिवर्तन की ओर अग्रसर होता है। श्री पटेल ने गुरु शंकराचार्य के उद्धरण के माध्यम से बताया कि मनुष्य को मनुष्यता, देवत्व और श्रेष्ठ गुण—ये तीन चीजें दुर्लभ हैं, और ऐसे महायज्ञ विशेष दैवीय अनुग्रह का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने बताया कि जैसे नदियाँ समुद्र में जाकर मिल जाती हैं, वैसे ही यज्ञ के माध्यम से मनुष्य के दोष और कषाय शांत होकर देवत्व की ओर प्रगति होती है। यज्ञ जीवन का अनुशासन है, और जो हम यज्ञ में अर्पित करते हैं, उसका शुभ फल हमें अनेक गुना प्राप्त होता है। शास्त्रों में यज्ञ को सर्वोत्तम कर्म कहा गया है।

आयोजकों ने बताया कि अनुष्ठान आगामी तीन दिनों तक चलेगा। कल प्रातः 9 बजे से यज्ञ हवन, देवपूजन एवं देव आवाहन की विधियां संपन्न होंगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने एकलव्य विद्यालय का किया निरीक्षण, बच्चों को पढ़ाया पानीपत युद्ध का पाठ

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज पत्थलगांव क्षेत्र के सुखरापारा पहुंचकर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि खुद इतिहास के शिक्षक बनकर बच्चों को पानीपत के तीसरे युद्ध का महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाया। निरीक्षण के बीच आठवीं कक्षा में पहुंचे कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों से पढ़ाई, रहने और भोजन व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद उनसे इतिहास विषय पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों को विस्तार से बताया कि पानीपत का तीसरा युद्ध मराठा एवं अफगान सेना के बीच 1761 में लड़ा गया था, जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव आया और अंग्रेजों के वर्चस्व का मार्ग प्रशस्त हुआ। बच्चे कलेक्टर की ऐतिहासिक व्याख्या को बड़े ध्यान से सुनते रहे। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय सिंह, एसडीएम श्री ऋतुराज सिंह बिसेन सहित विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।


      निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, लैब, लाइब्रेरी, किचन, डाइनिंग हॉल और छात्रावास का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने लाइब्रेरी में आवश्यक पुस्तकें बढ़ाने, विज्ञान प्रयोगशाला को आवश्यक उपकरणों सहित सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने और विद्यार्थियों को प्रोटीन युक्त संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किचन में भोजन बनाने में मदद हेतु उपलब्ध मशीनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने और छात्रावास के प्रत्येक कमरे में बच्चों के पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जलापूर्ति से जुड़ी समस्या सामने आने पर विद्यालय परिसर में निरंतर, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने अधिकारियों को निर्देशित किया। विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक लगभग 360 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक बच्चे एकलव्य विद्यालय में पढ़ाई करे, इसके लिए जिले के अन्य स्कूलों के बच्चों को प्रवेश परीक्षा की अच्छे से तैयारी करवाने के भी निर्देश दिए।

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अचानक पहुँचे कलेक्टर केराकछार धान खरीदी केंद्र,खरीदी केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज धान खरीदी केंद्र केराकछार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में खरीदी व्यवस्था, तौल प्रक्रिया और किसानों को उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वे सबसे पहले ग्राम करमीटिकरा से धान बेचने आए किसान श्री भुजबल से मिले और उनसे खेती किसानी, धान उपज तथा समिति में खरीदी प्रक्रिया की जानकारी ली। कलेक्टर ने तौलाई किए जा रहे धान की स्थिति को समझने के लिए स्वयं मॉइश्चर मशीन से आद्रता मापी तथा किसानों के सामने खड़े होकर धान तौल करवाकर प्रक्रिया की पारदर्शिता परख़ी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फड़ प्रभारी, ऑपरेटर, नोडल अधिकारी एवं ग्रामीणों से बारीकी से चर्चा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध धान की खरीदी किसी भी हालत में न होने दी जाए। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध बारदाना, बारिश से बचाव हेतु कैप-कवर, तिरपाल व्यवस्था और भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने धान खरीदी एवं बारदाना पंजी का अवलोकन करते हुए पंजीयन अनुसार जारी टोकन और रकबा का भौतिक मिलान भी किया। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

     कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए बैठने की सुविधा, पेयजल उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था तथा मांग के अनुसार पर्याप्त बारदाना उपलब्धता की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ समय पर दुरुस्त रहें, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के अनुकूल होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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पत्थलगांव में जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का हुआ समापन,विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं नगद पुरस्कार किए गए प्रदान

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/ जिले में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तर्कशीलता, निर्णय कौशल तथा खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चेकमेट एट जशपुर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल और विकासखंड स्तर के बाद आज पत्थलगांव के पीएम श्री स्कूल में जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण शामिल हुए। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। अतिथियों ने फाइनल के आठ विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह तथा रैंक के अनुसार 2,000 से 5,000 रुपये तक के नगद पुरस्कार प्रदान गए। प्रथम स्थान पर बगीचा के प्रिंस ठाकुर रहे, जिन्हें 5,000 रुपये और विजेता कप प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान पर प्रांजल शर्मा बगीचा को 3,000 रुपये और ट्रॉफी दी गई। तृतीय स्थान पर जशपुर के एलेन एफल लकड़ा रहे, जिन्हें 2,500 रुपये का पुरस्कार मिला। चौथे स्थान पर हर्ष साहू को 2,500 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। पाँचवें स्थान पर मनोरा के राज्य वर्धन सिंह, छठे स्थान पर पत्थलगांव के सतीश तिग्गा, सातवें स्थान पर सिद्धिविनायक एक्का और आठवें स्थान पर कांसाबेल के योगेश पैंकरा को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ऑर्बिटर को भी समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, अभिभावकों, प्रशिक्षकों और शिक्षकों की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बनाया। प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई और समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों के उत्साह तथा खेल भावना का विशेष रूप से प्रदर्शन देखने को मिला।


       इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि शतरंज जैसे बौद्धिक खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यह खेल जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाता है और कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। विधायक ने बच्चों से कहा कि वे खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाएँ और निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखें। समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यह खेल बच्चों में धैर्य, समय-प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता और रणनीतिक सोच विकसित करता है। कलेक्टर ने बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले समय में जशपुर के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी अलग पहचान बनाएँगे।


         तीन चरणों में सम्पन्न हुई प्रतियोगिता

चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले के सभी शासकीय, अशासकीय व अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों में शतरंज प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताएँ चरणवार आयोजित की गई। पूरे आयोजन में बालक और बालिका दोनों एकसाथ भाग लिए तथा इसमें किसी भी प्रकार की आयु या कक्षा संबंधी बाध्यता नहीं रही। अभियान के दौरान जिले के विद्यालयों में उत्साह का माहौल रहा और विद्यार्थियों में शतरंज के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम से जिले में कई प्रतिभावान शतरंज खिलाड़ी उभरकर सामने आए। विद्यालयों में शतरंज खेलने वाले विद्यार्थियों का चयन उपरांत चयनित विद्यार्थियों को 01 से 03 दिसम्बर तक खेल कालखंड में प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका संचालन खेल प्रशिक्षक तथा शतरंज में दक्ष शिक्षक द्वारा किया गया। प्रशिक्षण उपरांत 04 एवं 05 दिसम्बर को विद्यालय स्तर पर नॉकआउट पद्धति से प्रतियोगिता कराई गई। इसमें प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को विद्यालय की एसेंबली में प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इसके बाद 06 से 08 दिसम्बर तक विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता सेजेस विद्यालयों में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई। इस चरण में विद्यालय स्तरीय विजेता और उपविजेता खिलाड़ी शामिल हुए। प्रतियोगिता नॉकआउट पद्धति से हुई तथा क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अंतिम चरण में आज जिला स्तरीय प्रतियोगिता पत्थलगांव में आयोजित की गई। इसमें प्रत्येक विकासखंड से शीर्ष 08 खिलाड़ी जिला स्तर पर भाग लिए। प्रतियोगिता नॉकआउट प्रारूप में हुई तथा अंतिम आठ स्थान प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

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रायगढ़ : 51 कट्टा अवैध धान जब्त, प्रशासन का कोचियों पर सख्ती जारी .... सतत निगरानी से धान खरीदी व्यवस्था हुई पारदर्शी; वास्तविक किसानों के हक को सुनिश्चित करने में अहम कदम

रायगढ़ 10 दिसम्बर 2025 : खरसिया तहसील के ग्राम कुर्रू में एसडीएम प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में अभियान, कंचन दास के दुकान परिसर से अवैध रूप से संग्रहित 51 कट्टी धान जब्त।

  रायगढ़ जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी सुनिश्चित करने तथा अवैध धान खपाने वाले कोचियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

मंगलवार को एसडीएम खरसिया, श्री प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में ग्राम कुर्रू में निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कंचन दास, पिता शीतल दास महंत के दुकान परिसर में अवैध रूप से 51 कट्टी धान पाए गए। अधिकारियों ने मौके पर तत्परता दिखाते हुए धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में धान के अवैध भंडारण, खरीद-फरोख्त और परिवहन पर सख्ती से नियंत्रण रखा जा रहा है। एसडीएम श्री तिवारी ने व्यापारियों और किसानों से अपील की कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें और चेतावनी दी कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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