नारायणपुर 12 दिसम्बर 2025: प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न नदियों में एनीकेट निर्माण पर जोर दे रही है। अगर रानीकोम्बो ईब नदी पर एनीकेट बन जाये तो रानीकोम्बो और बनकोम्बो के किसानों को साल में दो फसलों का लाभ मिलने के साथ-साथ यंहा सब्जियों की खेती भी पूरी साल की जा सकेगी।
एनीकेट का निर्माण अगर कराई जाए तो किसान वाटर पम्प के जरिये किसान अपने खेतों तक पानी आसानी से पहुंचा सकेंगे। इसके अलावा,इस परियोजना के बनने से भूजल पुनर्भरण, मृदा अपरदन की रोकथाम और बाढ़ के चरम को कम करने में भी मदद मिल सकेगी।

किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि एनीकेट का निर्माण अगर यंहा कराई जाए तो स्थानीय कृषि में स्थिरता आएगी और किसानों की आय में सुधार होगा। विभाग को जल्द ही इस योजना पर प्रस्ताव बना कर राज्य सरकार को भेजनी चाहिए।
क्षेत्र के किसानों ने जल संसाधन विभाग से आग्रह किया है कि ईब नदी पर एनीकेट का निर्माण कराई जाए। किसानों का कहना है कि इस एनीकेट के निर्माण होने से सिंचाई की सुविधाओं में सुधार होगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि संभव होगी।

किसानों ने बताया कि वर्तमान में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने विभाग से अपील की है कि जल्द से जल्द इस परियोजना को मंजूरी करा कर किसानों को कृषि क्षेत्र को लाभ दिलाई जाए
गुल्लू हाइड्रो पावर से नहरों में पानी की कमी, नारायणपुर व रानीकोम्बो के किसान दोहरी फसल से वंचित
ईब नदी पर बने गुल्लू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद इलाके में सिंचाई पानी की उपलब्धता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। बेने डेम से निकलने वाली मुख्य नहर का जल–स्तर लगातार कम होने के कारण नारायणपुर और रानीकोम्बो जैसे अंतिम छोर के गांवों तक पानी पहुँचना मुश्किल हो गया है। परिणामस्वरूप किसानों ने गर्मी मौसम की फसलें लगाना लगभग बंद कर दिया है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, हाइड्रो पावर संचालन के बाद नहर में आने वाले पानी की मात्रा पहले की तुलना में काफी घट गई है। पानी न मिलने से गेंहू सहित दोहरी फसल की खेती पूरी तरह प्रभावित है। किसान बताते हैं कि गर्मी मौसम में सिंचाई के बिना खेती नामुमकिन हो चुकी है, जिससे उनकी आय में भारी गिरावट आई है।
किसानों ने यह भी कहा कि खेती योग्य जमीन के बावजूद वे मजबूरी में केवल एक ही फसल पर निर्भर हो गए हैं। इस कारण उत्पादन घटने के साथ आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में खेती और आजीविका दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है। किसानों ने नहर की सफाई, जल–प्रवाह बढ़ाने और सुनिश्चित सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग संबंधित विभागों से की है।
किसानों का कहना है कि रानीकोम्बो ईब नदी के पुल के नीचे वैराज बनने के बाद किसान वाटर पंप के जरिए अपने खेतों तक पानी ले जा सकेंगे, जिससे सिंचाई की समस्या दूर होगी और उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने जल संसाधन विभाग से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस योजना का प्रस्ताव बना कर सरकार को भेज स्वीकृति दिलाने का प्रयास करना चाहिए।
किसानों के द्वारा मौखिक जानकारी दी है रानीकोम्बो ईब नदी पुल के नीचे वैराज बनवाने से दो फसलों का पैदावार किया जा सकेगा,किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रस्ताव बना कर भेजा जाएगा,स्वीकृति मिलने पर निर्माण कराया जाएगा।
श्री कश्यप-अनुविभागीय अधिकारी
जल संसाधन विभाग कुनकुरी
क्या कहतें हैं किसान