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धान से हटे, लाभ में बढ़े:: जेवरा के दिलीप सिन्हा ने दलहन-तिलहन से रचा 25 लाख की सफलता की कहानी

रायपुर, 16 दिसम्बर 2025/
जिला बेमेतरा के ग्राम जेवरा के प्रगतिशील कृषक श्री दिलीप सिन्हा ने ग्रीष्मकालीन धान की परंपरागत खेती को छोड़कर दलहन-तिलहन फसलों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। वैज्ञानिक खेती, सही फसल चयन और बाजार की समझ के बल पर उन्होंने लगभग 25 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

क्षेत्र में वर्षों से ग्रीष्मकालीन धान की खेती प्रचलित रही है, जिसमें अधिक पानी, बिजली, उर्वरक और श्रम की आवश्यकता होती है। बढ़ती लागत और घटते मुनाफे को देखते हुए श्री सिन्हा ने खेती के स्वरूप में बदलाव का साहसिक निर्णय लिया।

दलहन-तिलहन की ओर कदम

कृषि विभाग और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उन्होंने ग्रीष्म ऋतु में धान के स्थान पर मूंग और उड़द (दलहन) तथा सरसों और तिल (तिलहन) की खेती शुरू की। इन फसलों की विशेषता रही — कम पानी में अच्छी पैदावार, कम लागत, रोग-कीट प्रकोप कम और बाजार में बेहतर मूल्य। साथ ही दलहनी फसलों से मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार हुआ।

वैज्ञानिक तकनीकों का प्रभाव

उन्नत किस्मों का चयन, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीक, समय पर निराई-गुड़ाई, फसल सुरक्षा तथा उत्पादन के बाद उचित भंडारण और विपणन ने उनकी सफलता को और मजबूत किया। इन उपायों से जहां लागत में उल्लेखनीय कमी आई, वहीं उत्पादन और आय में भी बड़ा इजाफा हुआ। श्री दिलीप सिन्हा की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम संसाधनों में भी अधिक लाभ कमा सकते हैं। धान के विकल्प के रूप में दलहन-तिलहन की खेती न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी सुधार और टिकाऊ कृषि की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

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लाला जगदलपुरी की जयंती पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

*लाला जगदलपुरी की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन*

रायपुर 16 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान साहित्यकार लाला जगदलपुरी की जयंती (17 दिसम्बर) पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लाला जगदलपुरी जी ने साहित्य को माध्यम बनाकर बस्तर की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और लोकजीवन को देशभर में पहचान दिलाई। हिन्दी के साथ-साथ हल्बी, भतरी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में किया गया उनका सृजन बस्तर की आत्मा और संवेदनाओं का सशक्त साहित्यिक दस्तावेज है।

उन्होंने कहा कि “बस्तर : इतिहास एवं संस्कृति” और “बस्तर की लोक कथाएँ” जैसी कृतियाँ बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को समझने की दृष्टि से अमूल्य हैं और आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. सुन्दरलाल शर्मा आंचलिक साहित्य अलंकरण से सम्मानित लाला जगदलपुरी जी की साहित्यिक विरासत छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन और कृतित्व सदैव समाज को संस्कृति से जोड़ने और उसे सहेजने की प्रेरणा देता रहेगा।

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अनूपनारायण सिंह बने भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष

 

जशपुर । भारतीय जनता पार्टी के माननीय प्रदेशाध्यक्ष श्री किरण सिंह देव और प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय की सहमति से, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक साहू ने जशपुर के केराडीह निवासी अनूपनारायण सिंह को पिछड़ा वर्ग मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है।

इस अवसर पर प्रदेश और जिला स्तर के कई भाजपा नेताओं ने श्री अनूपनारायण सिंह को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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अद्भुत खेल और जबरजस्त फाइनल ने बांधे दर्शकों के मन,विमेंस सिंगल में  आरुषि कश्यप और मेंस सिंगल में हर्षित रहे विजेता

,24 वीं योनेक्स सनराइज स्टेट सीनियर बैडमिंटन चौम्पियनशिप का हुआ आज समापन

खिलाडियों ने जिला प्रशासन और आयोजन समिति को अच्छी व्यवस्था के लिए किया आभार व्यक्त

जशपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजित 5 दिवसीय 24वीं योनेक्स सनराइज स्टेट सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रतियोगिता के दौरान खेले गए रोमांचक और उच्च स्तरीय मुकाबलों ने दर्शकों को पूरे समय उत्साह से बांधे रखा, जिसका सभी खेलप्रेमियों ने भरपूर आनंद लिया। आज खेले गए फाइनल मुकाबलों में अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 58वां स्थान प्राप्त खिलाड़ी आरुषि कश्यप ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए विमेंस सिंगल का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने कड़े मुकाबले में तनु चंद्रा को 22–20 एवं 21–16 से पराजित किया। वहीं मेन्स सिंगल फाइनल में हर्षित ठाकुर ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए मानस भट्टाचार्य को 21–18 एवं 21–10 से हराकर विजेता बने।
    मेन्स डबल में आयुष मखीजा एवं सौरभ साहू की जोड़ी ने धीरज खत्री और जयेश होशंगाबादी को पराजित कर खिताब जीता। विमेंस डबल में हीरल चौहान एवं करिश्मा कार्डिकर की जोड़ी ने दीक्षा चौधरी और इशिका पोद्दार को हराकर जीत दर्ज की। मिक्स्ड डबल के रोमांचक मुकाबले में वेंकट गौरव प्रसाद एवं जूही देवांगन की जोड़ी ने दीक्षा चौधरी और सुजय तंबोली को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
      समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय रहे। इस अवसर पर नगर पालिका जशपुर अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा,  बैडमिंटन संघ के सेक्रेटरी विनोद गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे और फाइनल मुकाबलों का आनंद लिया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ी विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
    इस अवसर पर श्री सालिक साय ने सभी खिलाड़ियों, कोच और सपोर्टिंग स्टाफ का यहां आकर खेलने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि आज का दिन रोमांच और उमंग से भरा रहा।  सभी खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने भी भाग लिया, उनसे उभरते हुए खिलाड़ियों को काफी कुछ सीखने को मिला। यह सीख उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनाएगी, जो आगे चलकर वे राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। खेल में हार और जीत होती रहती है, खिलाड़ी हार से भी सीखता है और अपने खेल में और निखार लाता है। उन्होंने कहा कि वे भी खो खो में राज्य स्तर तक खेल चुके हैं। पहले ज्यादा सुविधाएं नहीं थी, अब जिले में खेल के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में स्टेडियमों, खेल ग्राउंड सहित अन्य अधोसरंचना का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे निश्चिंत ही और भी बेहतर खिलाड़ी उभर का सामने आएंगे। 
    
   *सतत् अभ्यास से मिलती है सफलता: आरुषि कश्यप*

   विमेंस सिंगल की विजेता आरुषि कश्यप बेहतर आयोजन के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यहां पर अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने कहा कि वे लगभग 10 साल बाद जशपुर आ रही है, तब से अभी तक यह जिला में काफी विकसित हो चुका है, वे 2009 से वह लगातार खेलते आ रही है। उन्होंने सभी उभरते खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खूब मेहनत करें, अपनी कमियों को दूर कर आगे बढ़े। उन्होंने अपनी मेहनत  और सतत् अभ्यास से अपने खेल को निखारा है, तभी उसे सफलता मिली है, पहले छत्तीसगढ़ से ज्यादा खिलाड़ी सामने नहीं आते थे अन्य राज्यों के खिलाड़ियों का दबदबा था, आज परिस्थिति काफी हद तक बदल चुकी है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मेंस सिंगल के विजेता हर्षित ठाकुर ने प्रशासन और आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यहां पर खेलकर उन्हें खूब आनंद आया। यहां पर सभी सुविधाएं दी गई थी। वे यहां पर 2019 में भी खेलने आए थे। उन्हें यहां पर किसी भी प्रकार की कमी महसूस नहीं हुई। 
    आयोजन को सफल बनाने में   यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय, क्रीडा अधिकारी प्रदीप चौरसिया, राजेंद्र गुप्ता, वॉलिंटियर सुजीत सिंह ,दिवाकर यादव, सज्जन रवानी की विशेष भूमिका रही।

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धान उपार्जन में बड़ा स्कैम फेल : धान उपार्जन केंद्र में दूसरे किसान का धान खपाने की कोशिश, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, 162 क्विंटल धान जप्त

रायगढ़, 16 दिसम्बर 2025। जिले के बंगुरसिया धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के दौरान शासन के निर्देशों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है। एक किसान द्वारा दूसरे किसान का धान अपने नाम से विक्रय करने के प्रयास पर लगभग 162 क्विंटल धान जप्त किए गए हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि धान उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, फर्जीवाड़ा या दलाली को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों में वास्तविक किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, साथ ही अवैध रूप से धान खपाने वालों पर निरंतर निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 
         जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह ने बताया कि बंगुरसिया निवासी किसान भरत साव द्वारा निर्धारित टोकन के माध्यम से धान विक्रय हेतु उपार्जन केंद्र लाया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित किसान द्वारा स्वयं के रकबे का धान न लाकर किसी अन्य किसान का धान प्रस्तुत किया गया, जो धान उपार्जन नियमों एवं शासन के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है। शिकायत प्राप्त होते ही फूड इंस्पेक्टर श्री अंजनी राव एवं श्री सिदार द्वारा संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर 162 क्विंटल धान का पंचनामा तैयार कर जप्ती की कार्रवाई तत्काल की गई।

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डिजिटल क्रांति: छत्तीसगढ़ में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह हुई ऑनलाइन”

रायपुर, 16 दिसम्बर 2025/छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से यह व्यवस्था प्रभावी हुई है।

संशोधित जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लेने वाले सभी बच्चों के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। इससे पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता आई है। अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में पूर्व की तरह अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य रहेंगे। साथ ही, पहले जारी किए गए ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को भी अब पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा सकता है।

राज्य में अक्टूबर 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। प्रारंभिक चरण में आई तकनीकी चुनौतियों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया गया, जिससे वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह सुचारु और तकनीकी रूप से सक्षम हो गया है। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय द्वारा समय-समय पर आवश्यक तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को पोर्टल संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राज्य सरकार ने आधार कार्ड निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में भी एकरूपता लाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। इससे नागरिकों को समय पर और सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकेंगे।

यह पहल राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आमजन को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।

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ड्रिप खेती से लाखों की कमाई: मिर्ची ने बदली किसान मुकेश चौधरी की किस्मत” सालाना लाखों की कमाई,नवाचार खेती से बने सफल कृषि उद्यमी, पड़ोसी गांवों के किसानों के लिए प्रेरणा

रायपुर,16 दिसंबर 2025/
सारंगढ-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बरमकेला अंतर्गत ग्राम नवापाली के प्रगतिशील किसान श्री मुकेश चौधरी ने नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर खेती की पारंपरिक सोच को नई दिशा दी है। ड्रिप पद्धति से धान और मिर्ची की खेती कर वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं और आज एक सफल कृषि उद्यमी के रूप में पहचान बना चुके हैं।

श्री चौधरी ने बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने दो एकड़ भूमि पर मिर्ची की खेती पारंपरिक विधि से प्रारंभ की थी। इसी दौरान उद्यान रोपणी केंद्र नदीगांव के तत्कालीन वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पटेल से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें ड्रिप पद्धति से खेती करने की जानकारी मिली। इसके पश्चात वर्ष 2013 में बरमकेला ब्लॉक में पहली बार ड्रिप तकनीक से खेती की शुरुआत की।

ड्रिप पद्धति के अंतर्गत खेतों की गहरी जुताई कर मेड निर्माण, लेटरल पाइप बिछाना एवं मल्चिंग का उपयोग करते हुए मिर्ची की रोपाई की गई। ड्रिप के माध्यम से संतुलित मात्रा में सिंचाई, खाद एवं दवा देने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और मिर्ची की उपज लगभग दोगुनी हो गई। बेहतर परिणाम मिलने पर श्री चौधरी ने धान की खेती का रकबा कम कर मिर्ची की खेती को बढ़ाया और वर्तमान में लगभग 12 एकड़ भूमि पर मिर्ची की खेती कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय हो रही है।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत

किसान मुकेश चौधरी की सफलता को देखकर क्षेत्र के खिंचरी, बांजीपाली, बेंद्रापारा, रिसोरा, नूनपानी, लिंजिर और प्रधानपुर सहित आसपास के गांवों के अनेक किसान भी धान के साथ मिर्ची एवं साग-सब्जी की खेती ड्रिप पद्धति से करने लगे हैं।

डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से मिला सम्मान

खेती-किसानी में नवाचार, जैविक एवं समन्वित खेती को अपनाने के लिए वर्ष 2021 में राज्य सरकार द्वारा श्री मुकेश चौधरी को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने धान की खेती में जैविक खाद के साथ-साथ दलहन–तिलहन फसलों में उड़द, मूंग एवं मिर्ची की खेती की। पुरस्कार स्वरूप उन्हें प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस सम्मान से उनका उत्साह बढ़ा और कृषि कार्यों में और अधिक विस्तार हुआ।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, बीआरसी के रूप में मिली जिम्मेदारी

इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा श्री मुकेश चौधरी को प्राकृतिक खेती हेतु बीआरसी नियुक्त किया गया है। उनके साथ टिकेश्वरी महापात्र (जलाकोना) और खेल कुमारी (धौंरादरहा) को भी बीआरसी बनाया गया है। विभाग द्वारा रायपुर एवं बरगढ़ (ओडिशा) में प्रशिक्षण दिलाकर अब ये तीनों बीआरसी जलाकोना, धौंरादरहा, करपी, जामदलखा सहित दर्जनों गांवों के किसानों को प्राकृतिक संसाधनों से खाद निर्माण एवं बीज उपचार की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान मुकेश चौधरी द्वारा मिर्ची की खेती के साथ प्राकृतिक खेती लगातार की जा रही है और उन्हें राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रही है।

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अब गांवों का सफर आसान!:ग्रामीण अंचलों को जोड़ने दौड़ी ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’,दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सफर

जशपुरनगर 16 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी पहल के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई बस सेवा के शुरू होने से रनपुर–दोकड़ा–कांसाबेल–पत्थलगांव मार्ग के ग्रामीण अंचलों को आवागमन की बड़ी सुविधा मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह बस सेवा सुबह 7 बजे रनपुर से प्रस्थान करेगी और अपने निर्धारित मार्ग में गोरिया, बंदरचूआ, बगिया, बांसबहार, दोकड़ा, जूनाडीह, कोगाबहरी, पूसरा, कांसाबेल, पोंगरो, लुड़ेग होते हुए पत्थलगांव तक चलेगी। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों,किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीण नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को  यात्रा में पूरी छूट दी जाएगी। यह सुविधा सामाजिक समावेशन और संवेदनशील शासन का सशक्त उदाहरण है।ग्रामीण इलाकों में नियमित बस सेवा के अभाव से लोगों को निजी साधनों या महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब इस बस सेवा के शुरू होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

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परंपरा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम: सरला एकादशी पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भव्य आयोजन,दीप प्रज्वलन से गूंजा मंदिर परिसर

दोकड़ा।सोमवार की शाम सरला एकादशी पर्व के पावन अवसर पर ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में परंपरागत द्वीप प्रज्वलन का भव्य आयोजन किया गया। रथ यात्रा काल से अनवरत चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के अंतर्गत सायंकाल मंदिर परिसर में श्रद्धा और आस्था के साथ दीप प्रज्वलित किए गए।इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर हरि नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और आरती की मधुर ध्वनि से भक्तिमय हो उठा। भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।श्रद्धालुओं ने सरला एकादशी के पुण्य अवसर पर दीप प्रज्वलन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की। आयोजन ने धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात,जिले में 4 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की होगी स्थापना, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती.....*

जशपुरनगर 15 दिसम्बर 2025 : जिले के ग्रामीण अंचलों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले में 4 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं और अधिक सुलभ, सुदृढ़ और प्रभावी होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन हेतु प्रति संस्था 12 पदों के मान से पद सृजन की सहमति की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे इन केंद्रों में शीघ्र ही नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ की जा सकेंगी।

जिले के इन ग्रामों में स्थापित होंगे नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

जिले के दुलदुला तहसील क्षेत्र के ग्राम करडेगा, फरसाबहार तहसील क्षेत्र के ग्राम पेटामारा (अंकिरा)एवं ग्राम गंझियाडीह तथा कुनकुरी तहसील क्षेत्र के ग्राम केराडीह में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मंजूरी मिली है।प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी,ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी,फार्मेसिस्ट ग्रेड–02,स्टाफ नर्स,महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता,लैब टेक्नीशियन,
सहायक ग्रेड–03,वार्ड बॉय,आया पद की नवीन पदस्थापना की जाएगी।इन केंद्रों की स्थापना से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्राथमिक उपचार, जांच सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं ग्रामीणों को उनके ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को जिला मुख्यालय या दूरस्थ अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

स्वास्थय के क्षेत्र में जिले को मिल रही नई ऊंचाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में जिले को स्वास्थ्य अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं।बीते दो वर्षो में जिले को स्वास्थय के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपए की सहमति, 220 बिस्तर वाले अस्पताल भवन के निर्माण हेतु 32 करोड़ रुपए की मंजूरी,कुनकुरी में नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी,जिला मुख्यालय में कल्याण आश्रम चिकित्सालय के अत्याधुनिक भवन  35 करोड़ रुपए की लागत से तेजी से किया जा रहा है निर्माण,जिले को फिजियोथेरेपी महाविद्यालय 14 करोड़ रुपये की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना के लिए 8 करोड़ 78 लाख की मंजूरी,कुनकुरी के गिनाबहार मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय भवन का निर्माण 8 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है ,एवं कोतबा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है,कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर की स्थापना से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले का स्वास्थ्य ढांचा तेजी से सशक्त हो रहा है। यह बड़ी सौगात न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करेगी, बल्कि जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान और ऊंचाई प्रदान करेगी।

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केराडीह  में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति पर ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जताया आभार

कुनकुरी/नारायणपुर 15 दिसम्बर 2025 : ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देवसाय जी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केराडीह (कुनकुरी) को स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से क्षेत्र की आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीण स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।

कुनकुरी ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष उमेश यादव, आम जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर हृदय से आभार व्यक्त किया है। स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह स्वीकृति क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर-दराज़ जाना नहीं पड़ेगा।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देवसाय की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा और स्थानीय जनता को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीणों ने कहा कि यह केंद्र विशेष रूप से माताओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री महोदय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों में भी इसी प्रकार की पहल जारी रहेगी।

इस स्वास्थ्य केंद्र के खुलने से केराडीह क्षेत्र में न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि रोजगार और ग्रामीण विकास के अन्य क्षेत्र भी लाभान्वित होंगे।

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प्रजापति कुम्भकार समाज का युवक–युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न, सामाजिक बंधुओं और युवाओं के विचारों को मिली नई दिशा

जशपुर/नारायणपुर 15 दिसम्बर2025: छत्तीसगढ़ प्रजापति कुम्भकार समाज द्वारा आयोजित युवक–युवती परिचय सम्मेलन हाल ही में देवकीनंदन दीक्षित सभागार, लालबहादुर शास्त्री स्कूल, बिलासपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, सामाजिक बंधु और समाज के विवाह योग्य युवक–युवती उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय शंभूनाथ चक्रवर्ती जी, अध्यक्ष छ. ग. माटीकला बोर्ड, ने अपने संबोधन में युवाओं को समाज की परंपराओं और संस्कृति को समझने तथा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया,युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास दिलाते हुए कहा कि परिचय सम्मेलन केवल व्यक्तिगत परिचय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के बंधनों को मजबूत करने और सामाजिक चेतना को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

विशिष्ट अतिथि माननीय खजांची कुम्हार जी, अपर कमिश्नर, नगर पालिका निगम बिलासपुर और माननीय विनोद सोनी जी, सभापति, नगर पालिका निगम बिलासपुर ने भी समाज के विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य हेतु अपने विचार व्यक्त किए।

सम्मेलन में समाज के विवाह योग्य युवक–युवती ने अपने व्यक्तिगत परिचय के साथ ही अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर वरिष्ठ सामाजिक बंधुओं ने युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया और समाज की प्रगति के लिए सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के युवाओं को एक मंच प्रदान करना और उन्हें अपने विचारों, संस्कारों तथा सामाजिक दायित्वों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना था। सम्मेलन ने युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज के विकास में योगदान देने की भावना को और मजबूत किया।

कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष श्री किशन लाल प्रजापति, समाज के संरक्षक श्री रमेश प्रजापति और मालिक सुकुलराम जी समेत अन्य पदाधिकारीगण की भी उपस्थिति रही।समाज के पदाधिकारीगण ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपने योगदान और सहयोग के लिए उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी एवं धर्म और राष्ट्र सेवा के प्रतिमूर्ति स्वामी वेदान्ती का देवलोकगमन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि"

 रायपुर, 15 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रामभक्ति की अमर प्रतिमूर्ति, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी स्तंभ, पूर्व लोकसभा सांसद एवं संत परंपरा के महान प्रतिनिधि परम पूज्य श्रद्धेय स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी के देवलोकगमन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी का देवलोकगमन समस्त रामभक्तों, सनातन समाज और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रीराम के काज, धर्म-संरक्षण और लोककल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनका तपस्वी जीवन, स्पष्ट वैचारिक दृष्टि और निर्भीक राष्ट्रवादी चिंतन समाज को युगों तक मार्गदर्शन देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान स्वामी वेदान्ती जी का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपने आचरण, विचार और संघर्ष से यह सिद्ध किया कि संत परंपरा केवल साधना तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के उत्थान की सशक्त शक्ति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी वेदान्ती जी का ओजस्वी व्यक्तित्व, धर्म के प्रति अटूट निष्ठा और लोकहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की विरासत सदैव जीवंत रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिवंगत संत के श्रीचरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल अनुयायियों और श्रद्धालुओं को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस वार्ता में साझा की राज्य की विकास परियोजनाओं और नई नीतियों की जानकारी

रायपुर, 15 दिसम्बर 2025 / प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है।

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा। 

        नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा।

         श्री चौधरी ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।

     मंत्री श्री चौधरी ने रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 193 करोड रूपए की लागत से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जनवरी से प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन प्रणाली की शुरूआत की गई है।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के विकास के लिए बीते 2 सालों में ऐतिहासिक निर्णय हुए हैं। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ के संपूर्ण ऋण का भुगतान किया गया। यह ऋण पूर्ववर्ती विकास परियोजनाओं से संबंधित था। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से यह संभव हो सका। किसी नए ऋण का बोझ नहीं डाला गया। ऋण चुकता होने के साथ 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त हुई। अब ये परिसंपत्तियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इससे निवेश और विकास प्रस्तावों को गति मिलेगी।
नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी उल्लेखनीय पहल की गई है। 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में लगभग 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। यह निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। एमएसएमई और बड़े उद्योगों को अवसर मिलेंगे। निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।

       श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। नवा रायपुर को कॉन्फ्रेंस कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने की योजना है। एमआईसीई टूरिज्म को बढावा मिलेगा। सेवा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

          श्री चौधरी ने बताया कि शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और खुले स्थल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा मिलेगा। स्थानीय सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है। यह पर्यटन और शहरी सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगी। मनोरंजन के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है।

        120 करोड की लागत से आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर विकसित किया जाएगा। यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। शहर की सामाजिक पहचान मजबूत होगी। 230 करोड की लागत से साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इससे शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने का उद्देश्य है। भविष्य उन्मुख सोच को प्रोत्साहन मिलेगा।

        नवा रायपुर को मेडिकल हब बनाने के उद्देश्य से मेडी सिटी विकसित की जा रही है। यहां उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव कम होगा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। मेडी सिटी में 300 बिस्तरों वाला हॉस्पिटलबॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा विकसित किया जा रहा है। एजु सिटी के अंतर्गत NIFT और NIELIT को भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है। डिजाइन और आईटी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उच्च शिक्षा संस्थानों का क्लस्टर विकसित होगा। देश विदेश के नामी शैक्षणिक संस्थानों के आने से नवा रायपुर ज्ञान केंद्र के रूप में उभरेगा।

          मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा भी बीते दो साल में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। नियमों को अधिक सरल, व्यावहारिक और किफायती बनाने के उद्देशेय से राज्य में पहली बार किफायती जन आवास नियम, 2025 लागू किया गया है। इससे आवास निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नागरिकों और डेवलपर्स दोनों को लाभ होगा। अब कृषि भूमि में भी किफायती आवास स्वीकार किया गया है। प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हुई है। कालोनाइजर्स द्वारा सामुदायिक खुले स्थान की अनिवार्यता 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। इससे परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी। किफायती आवास अधिक व्यवहार्य बनेंगे। फिर भी आवश्यक खुले स्थान सुरक्षित रहेंगे।

        इसके अतिरिक्त केंद्रीय रिफार्म के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में भी संशोधन किये गये है। औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम पहुँच मार्ग की चौड़ाई कम की गई है। अब 7.5 से 9 मीटर चौड़ाई स्वीकार्य है। पहले यह 12 मीटर होनी अनिवार्य थी। इससे भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज 60 प्रतिशत से बढाकर 70 प्रतिशत किया गया है। उद्योगों को अधिक निर्माण क्षेत्र मिलेगा। उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे औद्योगिक विस्तार आसान होगा।

        छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों द्वारा पर्यावरणीय उत्सर्जनों के निगरानी हेतुरियल टाइम सिस्टम लागू किया गया है। ऑनलाइन के माध्यम से निरंतर निगरानी हो रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है। उत्सर्जन सीमा से अधिक होने पर तुरंत अलर्ट जारी होता है। तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई संभव होती है। नियमों के पालन में सख्ती आई है। स्वचालित नोटिस प्रणाली लागू की गई है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हुई है तथा मानव हस्तक्षेप पर निर्भरता कम हुई है। कॉमन हज़ार्डस, अपशिष्ट उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा विकसित की गई है, यह औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन का वैज्ञानिक समाधान है। नियामक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी है। इससे पर्यावरणीय जोखिम कम होंगेतथा उद्योगों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा। कॉमन हजारडस वेस्ट अप्रैल 2025 से पूर्णतः क्रियाशील हो जाएगी। इसकी लैंडफिल क्षमता 60,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। जिससे दीर्घकालिक अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।

          उन्होंने बताया कि आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किए गए सुधार वित्तीय अनुशासन को दर्शाते हैं। ऋण मुक्त संस्थान इसकी स्पष्ट मिसाल हैं। विकास को जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हुआ है। नागरिक केंद्रित सुधारों को सभी योजनाओं में प्राथमिकता दी गई है। डिजिटल सेवाओं से सुविधा और पारदर्शिता बढ़ी है। सेवा वितरण में समय और लागत दोनों की बचत हुई है। नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है। औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर समान रूप से ध्यान दिया गया है। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर बढ़े हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। नवा रायपुर विकास का केंद्र बन रहा है। पर्यावरण संरक्षण को विकास का अभिन्न अंग बनाया गया है। तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। प्राकृ तिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। नवा रायपुर अटल नगर इन सभी प्रयासों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। ऋण मुक्त, निवेश अनुकूल और भविष्य तैयार शहर के रूप में इसकी पहचान बनी है।

       आवास एवं पर्यावरण विभाग की उपलब्धियाँ छत्तीसगढ़ को वित्तीय रूप से सक्षम, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक केंद्रित राज्य के रूप में स्थापित करती हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में विभाग द्वारा की गई पहल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसके लिए दीर्घकालीन विकास की ठोस नींव तैयार हुई है। इस अवसर पर श्री अनुराग सिंह देव, अध्यक्ष, छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल, श्री नन्द कुमार साहू, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर, 15 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।

इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष श्री प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक श्री संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर 15 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक श्री सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर श्री लखनमुनि महाराज, श्री अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

रायपुर 15 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।

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अब  तक 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान  की हो चुकी खरीदी,धान खरीदी के एवज में किसानों  को 7 हजार 771 करोड़ रुपए का भुगतान

रायपुर, 15 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़  में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर राज्य के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य  अनवरत रूप से जारी है। कृषि  विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी  सुगमता पूर्वक की जा रही है । धान की खरीदी के लिए 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है । 

       राज्य के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है , वहीं  अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

 *7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत अधिक रकबा का पंजीयन* 

         राज्य में किसानों से धान खरीदी हेतु समुचित व्यवस्था की गई है । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है । वर्तमान में धान की खरीदी हेतु 27.40 लाख किसानों के धान का रकबा 34.39 लाख हेक्टेयर का पंजीयन किया गया है । जबकि गत वर्ष 25.49 लाख किसानों द्वारा रकबा 28.76 लाख हेक्टेयर से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था । इस प्रकार गत वर्ष विक्रय गये किसानों की  तुलना में इस वर्ष लगभग 7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत रकबा का पंजीयन अधिक हुआ है ।

*एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट*

        संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान, ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट प्रदान की गई है । किसान पंजीयन का कार्य वर्तमान में जारी है ।

*24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा  "टोकन व्यवस्था का हुआ सरलीकरण*

     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने अब 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा "तुहर टोकन" एप्प में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदान कर दी है । वर्तमान में 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान खरीदी हेतु जारी किया जा चुका है । किसानों द्वारा आगामी 20 दिवस के टोकन प्राप्त किये जा सकते हैं ।

*किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का त्वरित भुगतान*

       अधिकारियों  ने बताया कि 11 दिसंबर 2025 की स्थिति में किसानों  को धान खरीदी के एवज में 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान  समर्थन मूल्य  के तहत का किया जा चुका है ।

*अवैध धान विक्रय/परिवहन पर नियंत्रण*

       जिलों में विशेष चेकिंग दल का गठन राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन, मंडी आदि विभागों के अधिकारियों का गठन कर किया गया है ।
राज्य स्तर पर मार्कफेड अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है । अब तक प्रदेश में अवैध धान परिवहन/भण्डारण के 2000 से अधिक प्रकरण बनाये गये हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।

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