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छत्तीसगढ़ विश्वास, स्थिरता और सुशासन के नए अध्याय की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को किया संबोधित

रायपुर 13 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते दो वर्ष शासन के नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जनसहभागिता के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में से एक रहा, क्योंकि इस दौरान उन्हें प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और उनकी अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के हर कोने तक विकास की रोशनी पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। किसानों की मेहनत को सम्मान दिलाने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके। कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए नई भर्तियों, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए हैं। रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। जिन क्षेत्रों में कभी उम्मीदें धुंधली थीं, वहाँ अब विकास की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं। बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए भी सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे हर परिवार में आत्मविश्वास का वातावरण बना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि आज शासन जनता के और अधिक निकट आया है। प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी घटकर सहभागिता में बदल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास, स्थिरता और सुशासन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, परिश्रम और विश्वास से सरकार का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है और छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची गारंटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और तेज़ गति से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक युवा को अवसर, किसान को गर्व और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि शासन सदैव उसके साथ खड़ा है।

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डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 513 नए 4G मोबाइल टावरों की स्वीकृति:डिजिटल कनेक्टिविटी से सशक्त होंगे सुदूर क्षेत्र

रायपुर 13 दिसंबर 2025/डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतिफल बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय नक्सल उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रभावी प्रयासों की एक मजबूत कड़ी है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय से जिन क्षेत्रों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाली जनता को पहली बार सुलभ और विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं प्राप्त होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक सेवाओं और आपातकालीन संचार की सुविधा सशक्त होगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का यह विस्तार वित्तीय समावेशन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। मोबाइल नेटवर्क के सशक्त होने से बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, यूपीआई, बीमा, पेंशन और अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक सहज रूप से सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” के उस मूल उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का संकल्प निहित है। इससे स्थानीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस विजन के अनुरूप केंद्र के साथ मिलकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह तथा केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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धान बेचना हुआ आसान:: टोकन लेने की अब कोई समय सीमा नहीं",तूहर टोकन ऐप अब 24×7, किसान दिन-रात बुक कर सकेंगे टोकन

रायपुर 13 दिसंबर 2025/ प्रदेश के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे।

अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं।इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी।

इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है l

उल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें।

*"किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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गड्ढों का राज, सड़क नदारद: सुतरी–बरटोली प्रधानमंत्री सड़क की हालत बदहाल, आवागमन में भारी परेशानी

जशपुर/नारायणपुर-13 दिसम्बर 2025 : 
बगीचा विकासखंड के अंतर्गत सुतरी मोड़ से बरटोली तक बनी प्रधानमंत्री सड़क की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और बिखरी गिट्टियों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग पर सफर करना किसी जोखिम भरे स्टंट से कम नहीं रह गया है। आए दिन राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क गांवों को स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग है,करीब 10 वर्ष पूर्व में बनी यह 4 से 5 किलोमीटर लंबी है अब पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।चारपहिया और भारी वाहनों के गुजरने से सड़क पर धूल का गुबार उड़ता रहता है, वहीं उबड़-खाबड़ सड़क के कारण कई वाहनों का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां निकल चुकी हैं और कहीं-कहीं तो सड़क पूरी तरह गायब नजर आती है।

हालांकि कुछ वर्ष पूर्व सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कामचलाऊ मरम्मत के चलते सड़क की हालत फिर से पूरी तरह खराब हो चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

   सड़क की हालत जर्जर, ग्रामीणों को भारी परेशानी

इस सड़क की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ भर जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है, जबकि अन्य दिनों में उड़ती धूल लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है। सड़क की खराब स्थिति के चलते राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर वे कई बार संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है

बद से बदतर हो रही सड़क, छात्रों को हो रही परेशानी

इस खराब सड़क की वजह से राहगीरों सहित छात्र-छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन जोखिम भरे हालातों से गुजरना पड़ता है।

इस संबंध में कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। शिकायतों के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।               

सुतरी मोड़ से बरटोली तक की सड़क का मेंटेनेंस पीरियड समाप्त हो चुका है। नवीनीकरण (रिनिवल) के लिए टेंडर पहले ही जारी कर दिया गया है। जनवरी के पहला सप्ताह से काम चालू हो जाएगा।

  राजेश कुमार राठिया

 अनुविभागीय अधिकारी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-पत्थलगांव

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बादलखोल अभ्यारण्य: सड़क मरम्मत में मजदूरों का हक हड़पने का मामला

बरसात में कच्ची सड़क गड्ढों से भर जाती है।

बजट के बावजूद सड़क मरम्मत में स्थानीय मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा।

अभ्यारण्य कर्मचारी अपनी निजी जेसीबी मशीन से काम करवा रहे हैं।

उच्च अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं।


नारायणपुर 12 दिसम्बर 2025:

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत का काम स्थानीय मजदूरों को रोजगार दिए बिना किया जा रहा है। अभ्यारण्य के कई गांवों तक पहुँचने वाली सड़क बरसात में टूट-फूट से भरी रहती है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है।

     सरकारी बजट से सड़क मरम्मत के काम होते हैं, लेकिन अभ्यारण्य के कर्मचारी मजदूरों के बजाय अपनी निजी जेसीबी मशीन का प्रयोग कर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डालकर समतल करवा रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इससे मजदूरों का रोजगार छिन रहा है और उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं। उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।

     जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निगरानी की कमी स्थानीय विकास को रोकती है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्च अधिकारी तुरंत जांच कराएं और मजदूरों को उनका हक दिलाया जाए।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:

"हम चाहते हैं कि सरकार गांव-गांव में विकास कार्य करे और स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिले। लेकिन जेसीबी से काम करवाने से हमारा हक छिन रहा है।" 

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत से पेड़ों को खतरा

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत के लिए जेसीबी मशीन से मिट्टी निकालने के कारण कई पेड़ों की जड़ें दिखने लगी है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि बरसात के मौसम में ऐसे पेड़ गिर सकते हैं, जिससे पर्यावरण और अभ्यारण्य को नुकसान हो सकता है।

स्थानीय ग्रामीण सुझाव दे रहे हैं कि जेसीबी की बजाय अधिकतर कार्य स्थानीय मजदूरों द्वारा हाथ से कराया जाए, ताकि पेड़ों और अभ्यारण्य की सुरक्षा बनी रहे।

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शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक - शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से समग्र विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री

रायपुर 12 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी गारंटियों पर विश्वास जताते हुए छत्तीसगढ़ की जनता ने जो सेवा का अवसर दिया, उसे सरकार ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। दो वर्षों में जनता का भरोसा और अधिक सशक्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी जारी है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 505 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार हुए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि  नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण हेतु श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों के विकास को नई भव्यता दी गई है।

उन्होंने कहा कि सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। सुशासन एवं अभिसरण विभाग, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और जिलों में जीएसटी कार्यालय खोलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, नवा रायपुर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करना, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, खेलो इंडिया सेंटर और खेल प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक और सामाजिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सरकार का संकल्प है कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रदेश में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे राज्य के प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। विशाखापट्टनम और रांची से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी का भी व्यापक विस्तार हुआ है—अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया, तथा बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। अटल जी के छत्तीसगढ़ निर्माण के विजन के अनुरूप सरकार संस्कृति-संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दे रही है—लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई गई है, कलाकारों की पेंशन बढ़ाई गई है तथा चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी दी जा रही है तथा सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में केंद्र के साथ राज्य सरकार की सब्सिडी भी मिल रही है। शहरी मध्यम व निम्न वर्ग को किफायती भूखंड उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम बनाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य हेतु अंजोर विजन दस्तावेज तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस गति का लाभ हर नागरिक के जीवन में दिख रहा है; उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए आभार जताते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी निष्ठा से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करेगी और सभी से प्रदेश की सुख-समृद्धि हेतु एकजुट योगदान का आह्वान किया।

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दीपयज्ञ का संदेश—हम स्वयं दीपक बनें: डॉ. चिन्मय पंड्या, अन्य के जीवन में चेतना जगाने का संकल्प लें: कौशल्या साय......

जशपुरनगर।बगीचा में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तृतीय दिवस पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या दीप महायज्ञ में पहुंचे, जहाँ उन्होंने परिजनों को आध्यात्मिक आशीर्वचन प्रदान किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

दीप महायज्ञ के उद्बोधन में डॉ. पंड्या ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभा से परिपूर्ण है। यहाँ का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं दीपक बनकर पूरे राष्ट्र को आलोकित करने की क्षमता रखता है। हमें भगवान से ऐसा सौदा करना चाहिए जिसमें हम दूसरों के जीवन की सोई चेतना को प्रकाश दे सकें।” उन्होंने सभी परिजनों को आह्वान किया कि दीपयज्ञ का वास्तविक संदेश तभी सफल होगा जब हम स्वयं प्रज्वलित होकर समाज में प्रकाश फैलाएँ।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि “सोया सनातन अब जाग रहा है। ‘हम बदलेंगे—युग बदलेगा’ का नारा अब चरितार्थ हो रहा है। परिवर्तन की यात्रा आरंभ हो चुकी है और युग निर्माण का दायित्व मातृशक्ति को सौंपा जा चुका है। इक्कीसवीं सदी वास्तव में नारी सदी है, जैसा परम पूज्य गुरुदेव ने कहा था।”
उन्होंने उपस्थित परिजनों से आग्रह किया कि वे अनुशासन का पुष्प गुरुचरणों में अर्पित कर जीवन को श्रेष्ठता की दिशा में आगे बढ़ाएँ।

108 कुंडीय यह आध्यात्मिक महायज्ञ लगातार भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और युग परिवर्तन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प तेजी से हो रहा साकार: मुख्यमंत्री ,सुकमा में 10 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास से पुनर्जीवन की नई शुरुआत

रायपुर 12 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत दरभा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़े 10 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उल्लेखनीय है कि इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि तेजी से साकार होती वास्तविकता बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर है।

मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में अब हिंसा, भय और भटकाव की विचारधारा कमजोर पड़ रही है, जबकि विकास, विश्वास और संवाद की राह मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर न वर्तमान सुरक्षित होता है और न ही भविष्य। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पुनर्वास नीति आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, सुरक्षा, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की ठोस गारंटी देती है। मुख्यधारा में लौटकर ये लोग अपने परिवारों के साथ एक स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है— छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सलवाद मुक्त बनाना और बस्तर को विकास, विश्वास और अवसरों की नई पहचान देना।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए अन्य भटके युवाओं से भी अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के समन्वित प्रयासों से सुरक्षा बलों की सशक्त कार्रवाई, विकास योजनाओं का विस्तार और पुनर्वास आधारित मानवीय दृष्टिकोण—तीनों मिलकर बस्तर में परिवर्तन की नई कहानी लिख रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बना कोपरा जलाशय,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

रायपुर, 12 दिसंबर 2025/
बिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय अब छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बन गया है। इसकी घोषणा के बाद पूरे प्रदेश में प्रसन्नता का माहौल है। यह दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो जैवविविधता, जल संरक्षण और पर्यावरणीय महत्व के लिए वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि कोपरा जलाशय की यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि जलाशय की विशिष्ट पारिस्थितिकी, स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता तथा जल परितंत्र की समृद्धि ने इसे रामसर मान्यता के योग्य बनाया है।

वन मंत्री श्री कश्यप ने राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, पर्यावरणविदों, वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों को भी धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सभी की संयुक्त मेहनत और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता से यह उपलब्धि संभव हो सकी है।

मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय के रामसर साइट घोषित होने से प्रदेश में वेटलैंड संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इको-टूरिज्म के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वेटलैंड्स का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मजबूत प्राकृतिक विरासत छोड़ने का संकल्प भी।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों की फसल और आय में सुधार,आधुनिक तकनीक और बेहतर बीज से किसान हुए आत्मनिर्भर

रायपुर 12 दिसंबर 25/प्रधानमंत्री धन.धान्य कृषि योजना ;च्डक्क्ज्ञल्द्ध 2025.26 से शुरू की गई, जिसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में 1.7 करोड़ किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसे सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके

किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी

           खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा (उरांव) इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं।

उत्पादकता में हुआ सुधार

         श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय-समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, डीएमएफ मद से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ।

किसान की आय में हुई बढ़ोत्तरी

         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी कुल आय करीब 15,000 रुपये तक पहुँची।

कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को  मिल रहा बढ़ावा

        (PMDDKY)योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद

          श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान-हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर

         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अनाज-दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5 प्रतिशत तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आईआईएसडी–स्वनिति इनिशिएटिव की ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट का किया विमोचन

रायपुर 12 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) और स्वनिति इनिशिएटिव के शोधकर्ताओं ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट “मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़” का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोधकर्ताओं के साथ राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा  के प्रसार, ऊर्जा सुरक्षा, और सतत विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा दक्षता संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों की ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी’ पर आधारित एक व्यापक इंडेक्स प्रस्तुत किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि पारंपरिक कोयला आधारित क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’—अर्थात् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव—कितना आवश्यक है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह इंडेक्स पुराने कोयला क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार संरचना, और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों का महत्वपूर्ण संकेतक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव उपस्थित थे।

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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जिले में आवारा कुत्ता प्रबंधन पर ग्राम पंचायत सचिवों से लेकर स्वास्थ्य अमले तक सभी विभागीय कर्मचारियों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण

जशपुरनगर 12 दिसम्बर 2025/माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा  पारित निर्देशों के पालन में जशपुर जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा सभी विभागों की भूमिका स्पष्ट करना था। जिला स्तरीय अधिकारी अधिकारियों के समन्वित प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत सचिव, जनपद सीईओ, विकास विस्तार अधिकारी, पशुधन विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले को न्यायालय के आदेश, शासकीय परिसरों के चिन्हांकन, नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियों, नोटिस बोर्ड लगाने, फेंसिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा हेल्पलाइन 1100 पर कार्यवाही की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में विभागीय अमले को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं उसके क्रियान्वयन से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि शासकीय परिसरों का चिन्हांकन कैसे किया जाए, नोडल अधिकारी की भूमिका क्या होगी, शासकीय परिसरों में नोटिस बोर्ड लगाने की अनिवार्यता क्या है, निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के कर्तव्य क्या हैं तथा चिन्हांकित परिसरों को फेंसिंग, बाउंड्रीवाल एवं गेट से सुरक्षित कैसे किया जाए। हेल्पलाइन नंबर 1100 पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई।


*परिसरों का चिन्हांकन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति* - 
आवारा कुत्तों के रोकथाम हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के मिनी स्टेडियम, बस स्टैंड, खेल परिसर आदि का चिन्हांकन कर प्रत्येक स्थल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। सभी परिसरों पर नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम और संपर्क नंबर सहित नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक चिन्हांकित परिसर का निरीक्षणकर्ता अधिकारी तीन माह में एक बार निरीक्षण करेंगे। पंचायत, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुधन एवं नगरीय प्रशासन विभाग की संयुक्त टीमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में गठित कर दी गई हैं। प्रत्येक पंचायत में त्वरित सूचना आदान-प्रदान हेतु व्हॉट्सऐप समूह भी बनाए गए हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। हाट-बाजार, होटलों और बस स्टैंडों में भोजन अवशेष प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।


*टीकाकरण–नसबंदी एवं रजिस्टर संधारण के निर्देश* -
पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के अनुसार आवारा कुत्तों के टीकाकरण, नसबंदी एवं पुनर्वास प्रक्रिया पर सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। हटाए गए एवं टीकाकृत कुत्तों का तिथिवार रजिस्टर पंचायत स्तर पर संधारित किया जाएगा।
नोडल अधिकारियों को आवारा कुत्ता नियंत्रण अभियान पूर्ण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ चलाने के निर्देश दिए गए है।

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ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत: बंदरचुंवा से सिंगिबहार होकर जशपुर तक बस सेवा शुरू,नई ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों को जशपुर आने-जाने में मिलेगी बड़ी राहत

जशपुर 12 दिसंबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब जिले को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का लाभ मिलने जा रही है। इस योजना के तहत बंदरचुंवा से सिंगीबहार होते हुए जशपुर तक चलने वाली बस सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस नई बस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जशपुर जिला मुख्यालय तक आने-जाने में सुगमता मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व दैनिक आवागमन के लिए यह बस सेवा ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
       कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, जनपद उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, जनपद सदस्य अटल बिहारी साय,  दोकड़ा रवि यादव, उपेंद्र नाथ साय, बंदरचुंवा के सरपंच विकास कुमार साय, जीवनन्दन साय, कल्याण प्रसाद गुप्ता, पीतांबर साय, बेलसाजर एक्का, प्रेम साय, बालकिशन राम, चंदन साय, महेश राम, ललित साय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।नई बस सेवा के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। यह योजना शासन की ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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साय सरकार के 2 साल सुशासन : जशपुर में आवास, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ी उपलब्धियाँ

जशपुरनगर 12 दिसंबर 25/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास के लिए ऐतिहासिक रहा है।13 दिसंबर को उनके कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं, और इस अवधि में जशपुर जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिन्होंने विकास की परिभाषा को नई ऊँचाई दी है। मुख्यमंत्री के सामने चुनौतियाँ कम नहीं थीं—प्रदेश की जनता से किए वादों को पूरा करना और उनके विश्वास पर खरा उतरना। लेकिन श्री साय ने दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व के साथ इन चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।

गरीबों को मिला पक्का मकान — मुख्यमंत्री की पहली बड़ी पहल

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट में ही उन्होंने प्रदेश के 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के वादे को पूरा करते हुए स्वीकृति प्रदान की।जशपुर जिले में 52,760 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए, जिससे हजारों परिवारों के “पक्के घर” का सपना साकार हुआ।

महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण — आत्मनिर्भरता की नई राह

श्री साय ने प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपए जमा करने की घोषणा को दृढ़ता से लागू किया।जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अब तक 448 करोड़ 97 लाख रुपए की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बनते हुए परिवार की आर्थिक ढांचा मजबूत कर रही हैं।

किसानों के लिए खुशियों की सौगात — बोनस, खरीद और सम्मान निधि

दो वर्षों में किसानों को ऐसी सौगातें मिलीं जिसने उनके जीवन में दोहरी खुशी ला दी—दो साल का बकाया धान बोनस भुगतान।जिले के 50 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी।पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जिले के 123168 किसानों को 308 करोड़ 30 लाख 76 हजार रुपए का भुगतान।इन प्रयासों ने किसान परिवारों की आर्थिक स्थिरता और खेती की निरंतरता को मजबूत किया।

स्वास्थ्य में क्रांतिकारी सुधार —अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन निर्माण की मिली मंजूरी

जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए नए अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन की स्थापना की स्वीकृति दी गई है।इससे जशपुर के मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने की आवश्यकता कम होगी।प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को नए संसाधन, स्टाफ और उपकरण मिले हैं, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल रहा है।स्वास्थ्य सुविधाएं को लेकर गंभीरता से लेते हुए अतरिक्त 108 संजीवनी एक्सप्रेस,शव वाहन की व्यवस्था कराई गई।जिससे जिले वासियों को लाभ मिल रहा है।

सड़कें बनी प्रगति का आधार — कनेक्टिविटी में आई तेज़ी

जिले में सड़कों का जाल बिछाने करोड़ों की राशि स्वीकृत हुई।
सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों से गांव–कस्बों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हुई।पहले दुर्गम माने जाने वाले कई क्षेत्रों तक पक्की सड़कों का विस्तार हुआ है।जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधाएं मिल रही है।

विद्युत व्यवस्था सुचारू — उपकेंद्रों से मिली नई ऊर्जा

जिले में कई नए विद्युत उपकेंद्रों की मंजूरी ने बिजली व्यवस्था को नई मजबूती दी है।इससे लो वोल्टेज की समस्या समाप्त होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।गांवों तक रोशनी पहुंचाने के लिए ट्रांसफार्मर और लाइन सुधार कार्य लगातार जारी हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार — युवाओं के लिए नए अवसर

जशपुर को शिक्षा जगत में भी महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं।
जिले को दो नए महाविद्यालय की मंजूरी मिली है, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।स्कूलों में अधोसंरचना विकास, छात्रावास भवनों के निर्माण और स्मार्ट क्लास सुविधाओं के विस्तार ने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया है।

पर्यटन विकास को मिली गति — जशपुर की पहचान मजबूत

प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए पर्यटन मद में विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
पर्यटक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पहुँच मार्ग सुधार से जशपुर पर्यटन के नए मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।


सिंचाई परियोजनाओं से खेतों में आई हरियाली

किसानों की मांग को देखते हुए जिले।के कई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है,नलकूप खनन, सिंचाई योजनाएँ, एनीकट और तालाबों के निर्माण से खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।इससे उत्पादन बढ़ेगा और किसान अधिक लाभ कमा सकेंगे।जिससे किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे।

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गिनाबहार-टुकुपानी प्राथमिक शाला मार्ग खस्ताहाल, बच्चों की जिंदगी पर मंडरा रहा खतरा,सुशासन शिविर में ग्रामीणों ने सड़क व बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग की

नारायणपुर 12 दिसम्बर 2025 — कुनकुरी ब्लाक के ग्राम पंचायत गिनाबहार के टुकुपानी में प्राथमिक शाला तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़े हुए रास्ते और बरसात के मौसम में कीचड़ से भरा मार्ग छोटे छोटे बच्चों और शिक्षकों की परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के द्वारा पंचायत में कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक सड़क की मरम्मत तक नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है।

छोटे बच्चों और शिक्षकों को भारी मशक्कत

टुकुपानी में तालाब से प्राथमिक शाला तक कच्ची सड़क है। इस सड़क से होकर गुजरना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं लगता।स्कूल के बच्चे रोजाना गड्ढों और फिसलन भरी सड़क को जूझकर स्कूल पहुंचते हैं। कई बार बच्चे गिर जाते हैं, कपड़े-काॅपियां गंदी हो जाती हैं।ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में सड़क पर चलना बेहद कठिन हो जाता है और समय पर स्कूल पहुंच पाना बच्चों के लिए चुनौती बन जाता है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि “पिछले कई वर्षों से सड़क का हाल जस का तस है। पंचायत में बार-बार गुहार लगाने पर भी सिर्फ आश्वासन मिला, काम नहीं।”

स्कूल में बाउंड्रीवाल भी नहीं, सुरक्षा पर खतरा

सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवाल तक नहीं है। इससे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।अभिभावकों का कहना है कि बिना बाउंड्री के छोटे बच्चों के लिए कई तरह के खतरे बने रहते हैं—अवारा पशु, राह चलते वाहन और बाहरी लोगों की आवाजाही से बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।

सुशासन शिविर में उठा मुद्दा

कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर टुकुपानी में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया, ताकि ग्रामीण अपनी समस्याएँ सीधे प्रशासन के सामने रख सकें।शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। ग्रामवासियों ने लिखित आवेदन देकर सीसी रोड निर्माण तथा स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण की जोरदार मांग की।शिविर में महिलाओं, बुजुर्गों और अभिभावकों ने खुलकर अपनी समस्याएँ रखते हुए बताया कि सड़क की खस्ता हालत उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है। 

टुकुपानी प्राथमिक शाला की बदहाल सड़क और बाउंड्री वॉल पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती साय ने जताई गहरी चिंता

सुशासन शिविर के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने टुकुपानी प्राथमिक शाला से संबंधित मूलभूत समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अपने संबोधन में उन्होंने स्कूल तक पहुँचने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत तथा विद्यालय में बाउंड्री वॉल के अब तक निर्माण न होने को अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।श्रीमती साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क सुधार कार्य और बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में तत्काल पहल करने के निर्देश भी दिए।

ग्रामीणों को उम्मीद—क्या इस बार मिलेगी राहत?

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन पर टिकी है। सभी की चिंता यही है कि क्या इस बार उनके आवेदन पर गंभीरता से काम होगा या फिर पहले की तरह आवेदन ठंडे बस्ते में चली जाएँगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते सड़क और बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

      ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के हित में इस मार्ग को प्राथमिकता में शामिल कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए

मिट्टी मुरम सड़क निर्मित है, बरसात के कारण सड़क खराब हुई है।सड़क 16 वें वित्त की राशि प्राप्त नहीं हुई है प्राप्त होने पर सड़क मरम्मत कराई जाएगी।

                                           श्री प्रमोद सिंह

                                       जनपद सीईओ- कुनकुरी

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ,आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है - मुख्यमंत्री 

रायपुर 11 दिसंबर 2025/आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है....आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्मश्री एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं।
संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सुश्री तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं - यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है।

कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक*

बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्मश्री मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की।

इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था - जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया।

संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी,किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान

रायपुर, 11 दिसंबर 2025/
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं।

जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है।

*कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति*

कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं।

*टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी*

टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है।

*अवैध परिवहन पर सख्ती*

प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है।

*फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण*

धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है।

*कृषक श्रेणीवार प्रगति*

जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा।

*कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी*

कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।

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गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं: मुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर 11 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान श्रीराम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला का दर्शन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया।

इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

*140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। 

*जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

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