ताजा खबरें


बड़ी खबर

मुख्यमंत्री एक दिवसीय जशपुर जिले के प्रवास पर तिरंगा रैली में शामिल होने पहुंचे मयाली हेलीपेड,जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किया आत्मीय स्वागत

नारायणपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के एक दिवसीय जशपुर जिले के प्रवास के दौरान स्थानीय  मयाली हेलीपेड में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।  चराईडाँड़ में आयोजित तिरंगा रैली कार्यक्रम में शामिल होंगे।इस दौरान हेलीपेड में कलेक्टर रोहित व्यास,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह  सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, एवं गणमान्य उपस्थित थे।

और भी

पूरी से माता विमला, माता लक्ष्मी सहित भगवान जगन्नाथ का नीलचक्र का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी देव विग्रहों का किया गया स्वागत .....21 मई से शुरू होगा 7 दिवसीय धार्मिक महोत्सव,,,,श्री साय होंगे मुख्य अतिथि

दोकड़ा:  श्री जगन्नाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियाँ पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ चल रही हैं। मंदिर प्रांगण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।आज सुबह पूरी से माता विमला, माता लक्ष्मी सहित भगवान जगन्नाथ का नीलचक्र भव्य शोभायात्रा के साथ पुरोहित के यहां पहुंचा। हरि कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी देव विग्रहों का स्वागत किया गया।

21 मई से शुरू होगी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत

इस भव्य अनुष्ठान की शुरुआत 21 मई को एक भव्य कलश यात्रा के साथ होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। कलश यात्रा में महिला श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। यात्रा मैनी नदी बगिया से नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए मंदिर तक पहुंचेगी।

मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रीमती कौशल्या साय

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय की उपस्थिति रहेगी। वे 21 मई को कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

7 दिनों तक भक्ति में डूबा रहेगा नगर


इस धार्मिक उत्सव के अंतर्गत 7 दिनों तक विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें रात्रि भजन संध्या, संकीर्तन, बादी पाला हवन-पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं।पूरी के संत-महात्माओं द्वारा पूजा अर्चना की जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु धर्म और अध्यात्म की गहराई को महसूस करेंगे।

मीना बाजार बनेगा बच्चों और युवाओं का आकर्षण केंद्र


शिव मंदिर परिसर के पास लगने वाला मीना बाजार भी इस कार्यक्रम की विशेषता होगा। यहाँ विभिन्न प्रकार की दुकानें, झूले, खेल-खिलौने और खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाए जाएंगे, जो बच्चों और युवाओं के लिए मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनेंगे।

प्रतिदिन होगा विशाल भंडारा का आयोजन और पूर्णाहुति के बाद होगा नगर भ्रमण 


प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन दिन 27 मई को विशाल भंडारे और शोभायात्रा के साथ होगा। हजारों श्रद्धालु इस दिन प्रसाद ग्रहण करेंगे और नगर भ्रमण किया जाएगा।

और भी

प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर में 17 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक बैनर तले निकलेगी तिरंगा यात्रा

रायपुर :  राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक अभियान के अंतर्गत 17 मई को प्रदेश भर के प्रत्येक गांव, नगर और पंचायत में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा देश की सुरक्षा में नागरिक सहभागिता के संकल्प के साथ आयोजित की जा रही है, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री तथा मंत्रीगण स्वयं इस प्रदेशव्यापी यात्रा में सम्मिलित होंगे। सांसद, विधायक, जिला एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, सदस्यगण तथा पंचायत प्रतिनिधि और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है। यात्रा की अगुवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक शीर्षक वाले बैनर से की जाएगी और इसके साथ ऑपरेशन सिंदूर का अधिकृत लोगो प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यात्रा का प्रमुख आकर्षण “हम सेना के साथ हैं” और “ऑपरेशन सिंदूर के साथ राष्ट्र” जैसे बड़े बैनर होंगे, जो नागरिकों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करेंगे।

इस अवसर पर देश की सशस्त्र सेनाओं, अर्धसैनिक बलों के योगदान को सराहते हुए भारत की जीत, सशस्त्र बलों तथा सैनिकों और उनके परिवारों को धन्यवाद के संदेश वाली तख्तियों लोगों के हाथों में होंगे। यात्रा में पूर्व सैनिकों, सैनिकों के परिजनों, विद्यालयों के छात्रों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट्स एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को शामिल करने का विशेष अनुरोध किया गया है। जिला प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि यात्रा शांतिपूर्ण, अनुशासित, संगठित एवं उत्साहपूर्ण हो। यात्रा के मार्ग में उद्घोषणा वाहनों के माध्यम से देशभक्ति गीतों का प्रसारण किया जाएगा और नागरिकों द्वारा देशभक्ति के नारे लगाए जाएंगे। विशेष आकर्षण के रूप में लंबे तिरंगे भी यात्रा का हिस्सा होंगे, जिनकी उपयुक्त संख्या में व्यवस्था रहेगी। तिरंगा यात्रा में शामिल सभी लोगों के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज रहे, इसके लिए विशेष तैयारियाँ की गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की यह तिरंगा यात्रा न केवल राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूती देगी, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा में नागरिकों की सहभागिता का प्रभावशाली उदाहरण भी बनेगी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संदेश गांव-गांव तक पहुँचेगा कि राष्ट्र की सुरक्षा सबकी साझी जिम्मेदारी है। यह आयोजन प्रदेशवासियों के उत्साह, सेनाओं के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करने वाला एक अनुकरणीय प्रयास है। छत्तीसगढ़ 17 मई को एकजुट होकर देश की सुरक्षा और एकता का मिसाल प्रस्तुत करेगा।

और भी

राजनांदगांव में 9 करोड़ की लागत से बना शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का मुख्यमंत्री ने  किया लोकार्पण

 रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के चिखली में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यहां शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का प्रकाशन होता है। मुख्यमंत्री ने शासकीय मुद्रणालय के नवनिर्मित भवन और वहां की प्रकाशन तथा अन्य व्यवस्था का भी अवलोकन किया।

 राजनांदगांव स्थित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय भवन छत्तीसगढ़ में एक मात्र शासकीय मुद्रणालय है जहां महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का प्रकाशन किया जाता है। मुद्रणालय का पुराना भवन अत्याधिक पुराना होने के कारण नये भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। 

 शासकीय मुद्रणालय के नवीन भवन में पेपर गोडाउन, प्रिटिंग मटेरियल स्टोर, बाइडिंग एवं पेपर स्टोर, मेकेनिकल स्टोर, काम्पोजिंग एवं रीडिंग रूम, टाइप स्टोर, कैमरा रूम, असिस्टेंट सुपरिटेंडेन्ट कक्ष, डायरेक्टर रूम, कॉन्फ्रेंस रूम एवं अन्य आवश्यक व्यस्थाएं रखी गई है। यहां 4 बड़े हाल एवं 12 कमरे हैं।

 इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शासकीय मुद्रणालय के अधिकारी-कर्मचारी  उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय का स्पष्ट संदेश:कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित भ्रमण....सिर्फ कागज में नही,लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष ही योजनाओं की सफलता का मापदंड

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिया स्पष्ट संदेश: कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित प्रवास; राजस्व न्यायालय का समयबद्ध और नियमित संचालन करें सुनिश्चित*

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में   अधिकारियों को विकास और जनसेवा के लिए नियमित भ्रमण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास तथा राजस्व न्यायालयों के समयबद्ध संचालन के संबंध में कड़े निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे और जनता की समस्याओं का निराकरण सीधे उनकी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके लिए सभी कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन जिलों और ब्लॉकों में नियमित भ्रमण और प्रवास करें तथा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की भौतिक निगरानी सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालय का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी पूर्वनिर्धारित न्यायालय कैलेंडर के अनुसार ही कार्य करें। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय की तिथि रद्द की जाए। इससे न केवल आमजन को समय पर न्याय मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की रीढ़ यही है कि अधिकारी जनसम्पर्क बनाए रखें, जनता के बीच उपस्थित रहें, और उनकी समस्याओं को त्वरित रूप से हल करें। यह न केवल विश्वास की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि शासन की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के जिला पंचायत भवन के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा हर पात्र हितग्राही तक लाभ समय पर पहुँचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 
स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी समय रहते मिले और वे उसका लाभ उठा सकें। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नियमित शिविरों का आयोजन हो। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी आवासीय योजनाओं की लंबित मांगों का शतप्रतिशत  निराकरण किया जाए। साथ ही जिलों में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि शासन और प्रशासन की पहुंच गांव, गरीब और अंतिम पंक्ति के नागरिक तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत दी गई अधिकांश घोषणाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को समर्पित होकर और समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए सभी जिलों में कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर लें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से शिविर लगाकर लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 1460 पंचायतों में अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों के सुचारू संचालन से ग्रामीण नागरिकों को बैंक, दस्तावेज़ और डिजिटल सेवाओं के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी और निर्देश दिए कि इनसे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्रीय चेतना और नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को समन्वय, तत्परता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विकास यात्रा को गति देनी होगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

प्रधानमंत्री आवास के पक्के मकान की चाबी पा कर एक माँ ने मुख्यमंत्री श्री साय को स्नेह भरे हाथों से उनके गाल को छु कर दिया आशीर्वाद

रायपुर : बीजापुर जिले के उसुर विकासखंड के करेगुट्टा पहाड़ी  की तलहटी में स्थित गांव से उठी एक माँ की करुणा और कृतज्ञता—ग़लगम में आयोजित सुशासन तिहार में प्रधानमंत्री आवास की चाबी पाकर 62 वर्षीय शम्मी दुर्गम भावुक हो उठीं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से चाबी लेते हुए उन्होंने स्नेहभरे हाथों से उनके गाल को छुआ, फिर अपने होंठों से उस हाथ को लगाया—जैसे कोई माँ अपने बेटे को आशीर्वाद दे रही हो। यह दृश्य केवल एक पक्का घर मिलने की ख़ुशी नहीं, बल्कि शासन पर एक माँ का वात्सल्यपूर्ण विश्वास था।

और भी

बिना जानकारी दिए झुरानदी में पहुंचे मुख्यमंत्री, बरगद के छांव में चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं,5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सहजता और सरलता से झुरानदी गांव के ग्रामीण अभिभूत हो उठे। तपती दोपहरी में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर अचानक खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम झुरानदी में उतरा। बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों को हर्ष मिश्रित आश्चर्य हुआ। मुख्यमंत्री ने गांव के बरगद पेड़ की छांव में चौपाल लगाई और बेहद आत्मीय अंदाज में ग्रामीणों से संवाद किया। देखते ही देखते पूरा गांव उमड़ पड़ा और माहौल उत्सव जैसा बन गया। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि मैंने बस्तर, सरगुजा के अनेकों जिले में और जांजगीर, चांपा, कबीरधाम, बेमेतरा जिले जैसे जिलों के सुदूर गांवों तक जाकर जनचौपाल की है। उन्होंने कहा कि आज मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले से होकर आपके इस गांव झुरानदी में सीधे पहुंचा हूं। हमारी सरकार गांव, गरीब और किसान की सरकार है। हम हर घर तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर झुरानदी गांव में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने ग्राम में सीसी सड़क निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, दो उच्च स्तरीय पुल निर्माण- गंडई से कृतबाधा पहुंच मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 2 करोड़ 54 लाख रूपए और गंडई कर्रानाला पहुँचमार्ग पर लिमो में उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 2 करोड 52 लाख रूपए और ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत भोरमपुर में नए पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव के बीच बाजार पड़ाव में बरगद पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाई और वहां उपस्थित ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी भाषा में ही संवाद की शुरुआत की, जिससे ग्रामीणों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और गहराता गया। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं, सुझाव और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव भी सुने। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय के सहज, सरल, सादगीपूर्ण और विनम्र व्यवहार की खुले दिल से सराहना की। बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों में पहली बार ऐसा अवसर आया है, जब प्रदेश के मुखिया सीधे उनके गांव में पहुंचे। किसानों और युवाओं ने मुख्यमंत्री की माटी से जुड़ी शैली को नज़दीक से देखा और महसूस किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर सुशासन तिहार के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस अभियान में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि सभी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बस्तर से लेकर सरगुजा तक अनेक गांवों का दौरा कर चुके हैं, और योजनाओं की प्रगति की प्रत्यक्ष जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गांव के बाजार पड़ाव स्थित पवनपुत्र हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर पूर्व विधायक श्री कोमल जंघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका खम्हन ताम्रकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। 

*झुरानदी गांव में 180 पीएम आवास पूर्ण* 

खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुरानदी की जनसंख्या 1935 है। यह गांव लोधी एवं वर्मा समाज की बहुलता है। गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है। गांव में प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला और हाई स्कूल की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 217 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 180 पूर्ण हो चुके हैं तथा 37 निर्माणाधीन हैं। महतारी वंदन योजना से 616 महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत जल आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार मिल रहा है। गांव में 17 स्वसहायता समूह की महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़ी है।

और भी

राज्य सरकार का संकल्प: विकास के थमे पहिए तेजी से बढ़ेंगे आगे,,,अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास को मिली मंजूरी

 रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही विकास का नया सूरज निकलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है जिसके कारण यहां विकास के पहिए थम गए थे। हमारी यह चिंता है कि यहां नक्सलवाद समाप्त हो और विकास के काम तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलियों के विरूद्ध मोर्चा ले रहे हैं। हमारा संकल्प है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर को संबाधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार में सरकार आपके द्वार पहुंच रही है और आपकी समस्याओं का समाधान भी कर रही है। सच्ची नियत से जो सरकार काम करती है वही जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करती है। उन्होंने इस मौके पर सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नत करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण और सीतागांव हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन तथा अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है, और जिनके नाम नहीं जुड़े हैं उन्हें शीघ्र जोड़ा जाएगा। 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिना पूर्व सूचना के किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर चौपाल लगाकर जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रही है। यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावितों के लिए पीएम जनमन के तहत् 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए। जिनमें बड़ी संख्या में आवास पूर्ण हो चुके हैं हितग्राहियों का गृह प्रवेश भी हो रहा है। नक्सल हिंसा से पीड़ित तथा आत्मसर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। 
 
 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब सिर्फ  500 रुपए में हो जाता है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसे आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया। 
 
 सीतागांव समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत हितग्राहियों को खुशियों की चाबी सौंपी। उन्होंने इस मौके पर स्वच्छता दीदियों और मेघावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। इसके अलावा मत्स्य पालकों को जाल, ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन आदि योजनाओं के हितग्राहियों को सामाग्री का वितरण किया गया। सीतागांव शिविर में आस-पास के 08 ग्रामपंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में वन अधिकार पट्टा के 336, प्रधानमंत्री आवास के 258, राशन कार्ड के 247 आवेदन सहित कुल 1770 आवेदनों का निराकरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

*मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 47076 आवेदनों का निराकरण*
मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त 48007 आवेदनों में से अब तक 47076 आवेदनों का निराकरण किया चुका है। इन आवेदनों में मुख्यरूप से प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचालय, मनरेगा अंतर्गत व्यक्तिमूलक कार्य, अधोसंरचना निर्माण, महतारी वंदन योजना, वन अधिकार पट्टे संबंधी आवेदन प्राप्त हुए हैं। मांग एवं पात्रता के अनुसार आवेदनों का विभागवार परीक्षण कर शिविरों के माध्यम से आवेदकों को लाभ प्रदान किया जा रहा है।

 जिले में शिविरों के माध्यम से अब तक 242 मनरेगा, 1130 व्यक्तिगत शौचालय, 02 सामुदायिक शौचालय, 364 पेंशन स्वीकृति, 332 राशन कार्ड, 294 मनरेगा जॉब कार्ड, 24 ऋण पुस्तिका का वितरण किया जा चुका है, साथ ही 81 आयुष्मान कार्ड एवं 30 वय वंदन कार्ड बनाये जा चुके हैं एवं ही जिले के 142 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है, जिनमें से 27 सिल्वर ग्राम पंचायत एवं 125 ब्रांज ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हांकित एवं पुरस्कृत है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री  साय ने  निर्माणाधीन सिद्धबाबा जलाशय का  किया  निरीक्षण,योजना से 34 ग्राम किसानों के खेतों में पहुंचेगा पानी 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विकासखंड छुईखदान के ग्राम गभरा का दौरा किया और वहाँ निर्माणाधीन सिद्ध बाबा  जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है, जो क्षेत्र के सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी। उल्लेखनीय हैं की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तावित सिद्धबाबा लघु जलाशय योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना जिले के ग्राम उरतुली के पास लमती नदी पर स्थापित की जाएगी, जो जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर स्थित है।

परियोजना की अनुमानित लागत ₹220.07 करोड़ है। इसे दिनांक 9 मार्च 2022 को जल संसाधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर–अटल नगर द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

*सिंचाई का होगा बड़ा विस्तार*

सिद्धबाबा जलाशय की कुल जलभराव क्षमता 9.496 मिलियन घन मीटर निर्धारित की गई है। इसके निर्माण से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बेमेतरा और दुर्ग जिलों के कुल 34 गांवों में लगभग 1840 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 19 गांवों (जैसे गगरा, बुंडेली, सूरादरी, कोटरा आदि) में 885 हेक्टेयर। बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के 11 गांवों (जैसे पचरसोरी, जानो, सोहागपुर आदि) में 820 हेक्टेयर। इसी प्रकार  दुर्ग जिले के 4 गांवों (अगारकला, नवागांव आदि) में 135 हेक्टेयर शामिल है 

*जलाशयों को भी मिलेगा जीवनदान*

इस परियोजना से 23 लघु जलाशयों को भी जलापूर्ति की जाएगी, जिससे जल संरक्षण और कृषि उत्पादन को नई ऊर्जा मिलेगी। इनमें शामिल हैं: छुईखदान विकासखंड के 13 जलाशय, साजा विकासखंड के 7 जलाशय, धमधा विकासखंड के 3 जलाशय कृषि और 

*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल*

यह परियोजना न केवल सिंचाई सुविधाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और किसान आत्मनिर्भरता में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे सूखे की मार झेल रहे कई इलाकों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

और भी

मानपुर विकासखंड के ग्राम सीतागांव में समाधान शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री ...मुख्यमंत्री ने क्षेत्र को दी विकास की सौगात,97% आवेदनों का हुआ निराकरण

रायपुर :/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सीतागांव के सेक्टर सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे।

सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आज समाधान शिविर में क्षेत्र की 08 ग्राम पंचायतों सीतागांव, मदनवाडा, कारेकट्टा, हलांजुर, हुरेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा ग्राम पंचायत को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री ने क्लस्टर के 08 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि अभी पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। हमारी सरकार को कार्यभार संभाले 1.5 वर्ष हुआ है, इस दौरान हमने निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं का प्रभाव और लाभ का आकलन किया है। इस सुशासन तिहार में अब तक 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुई हैं, जिनका निराकरण अधिकारियों द्वारा दूसरे चरण में 20 दिनों तक किया गया। वर्तमान में समाधान शिविरों के तीसरे चरण का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार बिना पूर्व सूचना के किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर चौपाल लगाकर जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रही है। यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हजार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है, और जिनके नाम नहीं जुड़े हैं उन्हें शीघ्र जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब सिर्फ  500 रुपए में हो जाता है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसे आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रमुख घोषणाएं –

1. सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नत किया जाएगा।
2. मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।
3. सीतागांव हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा।

4. अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की स्थापना की जाएगी।

इसके साथ ही सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री के द्वारा पात्र हितग्राहियों को सामग्री वितरण कर लाभान्वित किया गया।जिसमें मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को जाल का वितरण किया गया। खाद्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत हितग्राहियों को खुशियों की चाबी दी गई। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत  हितग्राही लाभान्वित हुए साथ ही स्वच्छता दीदियों को भी सम्मानित किया गया । पेंशन योजना के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के मेधावी छात्र छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाधान शिविर में लोगों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के निराकरण और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए बकायदा एक महीने पहले से आवेदन लेकर उनका परीक्षण कर लोगों की समस्याएं दूर की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं समाधान शिविरों में पहुंचकर मैदानी स्तर पर लोगों की समस्याओं के निराकरण की पड़ताल कर रहे हैं। 

 श्री शर्मा ने कहा कि लोगों की सहुलियत के लिए जमीनों की रजिस्ट्री, नामांतरण और हक त्याग की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव लाए गए हैं। अब लोगों को कागज-पत्र लेकर जगह-जगह घूमने की जरूरत नहीं है। रजिस्ट्री होते ही स्वमेव नामांतरण हो जाएगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से सरकार ने महिलाओं और गरीबों की बड़ी चिंता की है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के प्रयासों से राज्य में उत्तर से लेकर दक्षिण तक नक्सलवाद को खत्म करने में लगातार बड़ी कामयाबी मिल रही है।

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के  185 ग्राम पंचायत एवं 01 नगरीय निकाय में कुल 25 शिविर रखे गये हैं, जिसमें से आज दिनांक तक 11 शिविर आयोजित हो चुके हैं। सुशासन तिहार में जिला अंतर्गत कुल 48007 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें मांग 47,333 शिकायत 674 है। अभी तक 46466 मांग 610 शिकायतों का निराकरण पूर्ण हो चुका है इस तरह से 97 प्रतिशत आवेदन का निराकरण हो चुका है। प्रमुख रूप से जिले में प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचालय, मनरेगा अंतर्गत व्यक्तिमूलक कार्य, अधोसंरचना निर्माण, महतारी वंदन योजना, वन अधिकार पट्टे संबंधी आवेदन सर्वाधिक संख्या में प्राप्त हुए हैं। मांग एवं पात्रता के अनुसार आवेदनों का विभागवार परीक्षण कर शिविरों के माध्यम से आवेदकों को लाभ प्रदान किया जा रहा है।

जिले में अब तक 242 मनरेगा, 1130 व्यक्तिगत शौचालय, 02 सामुदायिक शौचालय, 364 पेंशन स्वीकृति, 332 राशन कार्ड, 294 मनरेगा जॉब कार्ड, 24 ऋण पुस्तिका का वितरण किया जा चुका है, साथ ही 81 आयुष्मान कार्ड एवं 30 वय वंदन कार्ड बनाये जा चुके हैं एवं ही जिले के 142 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है, जिनमें से 27 सिल्वर ग्राम पंचायत एवं 125 ब्रांज ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हांकित एवं पुरस्कृत है।

जिले में आयोजित शिविर जल संरक्षण, जैविक कृषि को बढ़ावा एवं अन्य फसल प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति, डिजीटल इंडिया जैसे विभिन्न थीम पर आधारित हैं। 

आज आयोजित सीतागांव शिविर अंतर्गत 08 ग्राम पंचायत सीतागांव, मदनवाड़ा हलांजुर, हलोरा, हुरेली, कंदाड़ी, कारेकट्टा, कोहका सम्मिलित है। जिसमें कुल 1785 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें मांग 1765, शिकायत 20 हैं, प्राप्त आवेदनों के विरूद्ध 1750 मांग एवं 20 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, शेष 15 आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। इस क्लस्टर अंतर्गत प्रमुख रूप से वन अधिकार पट्टा हेतु 336, प्रधानमंत्री आवास के 258, राशन कार्ड के 247 आवेदन हैं।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

और भी

विभाग का युक्तियुक्तकरण नीति  विद्यार्थी हित में नहीं है,सरकार स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को विषय ज्ञान से वंचित करने की नीति 


    रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने युक्तियुक्तकरण नीति के त्रुटिपूर्ण बिंदुओं के विरोध में ज्ञापन मुख्यमंत्री,सचिव स्कूल शिक्षा विभाग एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को दिया है।
 उन्होंने बताया कि फेडरेशन ने शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण को कक्षाओं की संख्या एवं विषय आधारित किये जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण नीति 28/4/2025 पूर्णतः 02/08/2024 का नकल है। जिसमें विद्यार्थी हित को पुनः अनदेखा किया गया है। फेडरेशन के कहना है कि प्राथमिक शिक्षा से विद्यार्थियों को कक्षावार विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा स्तर के परीक्षा मूल्यांकन में गिरावट आ रहा है। सरकारी विद्यालयों के अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होते हैं।जोकि शाला के विद्यालय शिक्षण पर निर्भर रहते हैं।  यदि दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाता है,तो विद्यार्थियों को कक्षावार विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं होगा। जोकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के विरुद्ध है। अतः NEP के अनुसार  युक्तियुक्तकरण नीति निर्देश बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रश्न किया कि विगत वर्ष में जो नीति त्रुटिपूर्ण था,हूबहू वही वर्तमान वर्ष में बिना सुधार के क्रियान्वयन करना युक्तिसंगत एवं व्यवहारिक नहीं है। *सेटअप में परिवर्तन दोषपूर्ण है*। इसे लागू करना बुद्धिमत्ता नहीं है। इससे शिक्षा व्यवस्था में प्रगति न होकर अध्ययन-अध्यापन का पतन ही होगा।यदि विद्यार्थियों का प्राथमिक स्तर से भाषा/विषय अवधारणा(concept) में स्पष्ट नहीं होगा तो माध्यमिक/हायर सेकंडरी एडुकेशन में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायेंगे।  

    फेडरेशन के मत है कि *सेटअप में कक्षाओं की संख्या तथा विषयमान से विद्यार्थियों को शिक्षक मिलना गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए आवश्यक है ।* फेडरेशन ने निम्नलिखित तथ्यों का उल्लेख कर ज्ञापन दिया है।
*प्राथमिक विद्यालय*
*पहली से पांचवीं तक*
कक्षाओं की संख्या- 5
विषय संख्या - 4
पीरियड-20
सेटअप-2008 में 1+2 !
सेटअप मापदंड 2022 - 1+2 !
 *दर्ज संख्या में वृद्धि पर अतिरिक्त सहायक शिक्षक के पद स्वीकृत है*।
लेकिन,युक्तियुक्तकरण नीति 2025 में पुनः 1+1 किया जा रहा है।
जोकि युक्तियुक्त नहीं है।
*विचारणीय है कि 5 कक्षाओं को 1 प्रधानपाठक और 1 शिक्षक कैसे पढ़ायेंगे ?*

*गैर शिक्षकीय कार्य अलग है*

*पूर्व माध्यमिक शाला*
कक्षा छटवीं से आठवीं तक
कक्षाओं की संख्या 3
विषयों की संख्या 6
पीरियड 18
सेटअप 2008 में 1+4
सेटअप मापदंड 2022 में 1+4
*दर्ज संख्या में वृद्धि पर अतिरिक्त शिक्षक के पद स्वीकृत है*।
लेकिन,युक्तियुक्तकरण नीति 2024/25  में 1+3 किया जा रहा है !
जोकि युक्तियुक्त नहीं है।
*6 विषय 18 पीरियड को 1 प्रधानपाठक और 3 शिक्षक कैसे पढ़ायेंगे विचारणीय है।*

*हाई स्कूल*
विषय 6
पीरियड 12
सेटअप 2008 में 1+6
सेटअप मापदंड 2022 में 1+5
*दर्ज संख्या के अनुपात में अतिरिक्त व्याख्याता का पद स्वीकृत है*।

*हायर सेकेण्डरी स्कूल*
 कक्षा 11 एवं 12 वीं
पीरियड- 32
सेटअप 2008 में 1+11
(संकायवार)
सेटअप मापदंड 2022 में 1+9
*दर्ज संख्या के अनुपात में अतिरिक्त व्याख्याता का पद स्वीकृत है*।
व्यवस्थित अध्ययन-अध्यापन के लिए प्रत्येक विषय व्याख्याता की आवश्यकता है।
    फेडरेशन के कहना है कि प्राथमिक शाला,पूर्व माध्यमिक शाला,हाई स्कूल/उच्चतर माध्यमिक के सेटअप में परिवर्तन किया जाना शिक्षा व्यवस्था के लिये घातक है। *विषय अध्यापन व्यवस्था कैसे होगा ? इस पर विचार किये बिना दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों की पदस्थापना करने की युक्तियुक्तकरण नीति शिक्षा व्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम है।* जिसके कारण न केवल वर्तमान पदस्थापना तथा भविष्य की पदोन्नति भी प्रभावित होगी। साथ ही,प्राथमिक/माध्यमिक के विद्यार्थियों को विषय/कक्षा शिक्षक से वंचित होना पड़ेगा।शिक्षकों में रोष व्याप्त है कि शिक्षा की गुणवत्ता कैसे संभव होगा।
       *शिक्षक विहीन विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये कक्षावार विषय शिक्षकों की उपलब्धता उचित है। लेकिन जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिये विषय शिक्षक उपलब्ध हैं,उनको दर्ज संख्या के आधार पर विषय शिक्षक विहीन करने का युक्तियुक्तकरण नीति अनुचित है।* *अतिशेष गणना में प्रधानपाठक प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक विद्यालय को शामिल करना पूर्णतः गलत है।पदोन्नति के पद को उसके फीडर पद के समकक्ष रखा जाना भर्ती नियम के विरुद्ध है।* जोकि,शिक्षा,शिक्षक और शिक्षार्थी तीनों के लिए अहितकर है।युक्तियुक्तकरण के दोषपूर्ण निर्देशों में सुधार आवश्यक है। विगत वर्ष 2024 में सचिव स्कूल शिक्षा एवं संचालक लोक शिक्षण को उपरोक्त तथ्यों से अवगत कराते हुए ज्ञापन सुधार का आग्रह किया गया था। लेकिन तथ्यों पर जमीनी हकीकत को युक्तियुक्तकरण 2025 के निर्देशों में पुनः नजरअंदाज किया गया है। फेडरेशन का कहना है कि उठाये गये तथ्यों पर सुसंगत निर्णय होते तक इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाया जाना उचित होगा ।

और भी

दोकडा में भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू होगा भगवान जगन्नाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मुख्य आतिथ्य में पुरी के पंडितों का समूह के मन्त्रोच्चारण के साथ कराएंगे पूजा


जशपुर नगर : जिले के कांसाबेल ब्लाक के दोकड़ा में स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद प्राण प्रतिष्ठा का भव्य कार्यक्रम 21 से 27 मई तक किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धर्म पत्नी कौशल्या साय के साथ शामिल होंगे। प्राण प्रतिष्ठा के इस भव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ 21 मई को भव्य कलश यात्रा से होगा। इस दिन बीजारोपण,पार्श्व विग्रह,गर्भधान कर्म कार्यक्रम सम्पन्न होगा। दूसरे दिन 22 मई को सूर्य पूजन,गौ पूजन,मंदिर प्रवेश,वष्टमवागिनी संस्कार,मंडल पूजा,पार्श्व विग्रह,प्राण प्रतिष्ठा,23 मई को सूर्य पूजा,गौ पूजा,मंडल पूजा,शिखर कलश,नील चक्र स्थापना,महा स्नान,यज्ञ और अधिवास,24 मई को सूर्य पूजा,गौ पूजा,मंडल पूजा,यज्ञ हवन,25 मई को  प्राण प्रतिष्ठा,श्री जगन्नाथ,सुभद्रा और बलराम जी का मंदिर प्रवेश,सोलह पूजा,बीज़ मंत्र,आरती,अग्नि अभिषेक,पूर्णाहुती,छाया प्रति दर्शन,आरती,पुष्पांजलि व प्रसाद वितरण,26 मई को अष्ट प्रहरी हरि कीर्तन नाम उच्चारण प्रारम्भ 27 मई को पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण के साथ ही यह कार्यक्रम सम्पन्न होगा।
*पुरी के आचार्यो का समूह पहुंचेगा दोकड़ा*
  भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के प्राण प्रतिष्ठा को वैदिक रीती रिवाज़ से सम्पन्न कराने के लिए ओडिसा के जगन्नाथ पुरी से आचार्यो का समूह दोकड़ा आमंत्रित किया गया है।  इस समूह में पंडित पदम्नाभो महापात्र,पंडित वासुदेव महापात्र,पंडित प्रशंत कुमार दास,पंडित जगन्नाथ मिश्र,शोभनाथ मिश्र,पंडित बादल कुमार मिश्र शामिल हैँ। आयोजन समिति के स्वयं सेवक इन दिनों प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी को अंतिम रूप देने में जूटे हुए हैं। 
*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे शामिल*
  दोकड़ा स्थित इस प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होने के लिए दोकड़ा पहुंचेंगे। आयोजन के शुभारंम के दिन उनके कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। इस प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष श्रद्धा रही है। मंदिर का जीर्णोद्धार और भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन उन्ही के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
*आठ दशक से हो रहा भगवान श्री जगन्नाथ जी का पूजा*
  दोकड़ा में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की पूजा की परम्परा 8 दशक से भी पुराना है। मंदिर के पुजारी पंडित कुमोद चंद्र सतपती बताते हैँ इस क्षेत्र में रथ यात्रा की परम्परा की नींव स्व.पंडित सुदर्शन सतपती और उनकी धर्म पत्नी स्व सुशीला सतपती ने रखी थी। 1968 में दोकड़ा में मंदिर का निर्माण किया गया था। समय गुजरने के साथ मंदिर जर्जर हो गया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसके जीर्णोद्धार के लिए आधारशिला रखी थी। अब जीर्णोद्धार का काम पूरा हो चुका है। इस नव निर्मित मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु,माता सुभद्रा,ब्लभद्र प्रवेश करने जा रहे है। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक संख्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की अपील श्रद्धालुओं से की है।

और भी

पति से तलाक का उठाया फायदा....गृहस्थी बसाने के बहाने करता रहा दुष्कर्म,चुपचाप दूसरी से रचाई शादी...महिला पहुंची थाने,पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, भेजा जेल

   

जशपुर :- जशपुर के फरसाबहार थाने में एक तलाकशुदा महिला को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। शोषण और दुष्कर्म की शिकार पीड़िता ने  जब शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने कहा कि सिंदूर तो लगा दिया हूं, शादी बाद में करेंगे ओर चुपचाप दूसरे से शादी कर लिया। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी को गिरप्तार कर जेल भेजा।

   फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम की प्रार्थीया ने थाना फरसाबहार में रिपोर्ट दर्ज कराया, कि उसका  वर्ष 2000 में एक व्यक्ति के साथ सामाजिक रीति रिवाज से विवाह हुआ था, व उसके पांच बच्चे भी हैं, वर्ष 2012 में पारिवारिक विवाद के कारण उनका तलाक भी हो गया है और वह तब से अपने बच्चों के साथ एक अलग घर में रहती है। इसी बीच 14.09.21 को प्रार्थिया किसी निजी कार्य से अपने गांव के करीब स्थित दूसरे गांव गई थी, इसी दौरान प्रार्थिया के गांव का ही एक युवक आरोपी अनूप एक्का  उसे मिलाऔर बोला कि मैं तुम्हे पसंद करता हूं, और शादी करना चाहता हूं, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा कहा गया कि वह तलाकशुदा है और उसके पांच बच्चे भी हैं, तुम्हे कोई और लड़की भी मिल जाएगी, जिस पर आरोपी अनूप एक्का के द्वारा कहा गया था कि, वह उसी को पसंद करता है और उसी से शादी करेगा, उस दिन, रात को आरोपी अनूप एक्का प्रार्थिया के घर आया, और शादी का झांसा देते हुए प्रार्थिया के मना करने के बावजूद दुष्कर्म किया, कुछ दिनों के बाद आरोपी अनूप एक्का ने सिंदूर की डिबिया लाकर, प्रार्थिया के मांग में सिंदूर भर दिया था।तब से लेकर 17.04.25 तक वह प्रार्थिया  का दैहिक शोषण करता रहा,।

            इसी दौरान प्रार्थिया के द्वारा जब शादी करने की बात कही जाती थी, तो आरोपी अनूप एक्का कहता था कि सिंदूर तो लगा दिया हूं, शादी बाद में करेंगे। एक दिन प्रार्थिया को किसी से पता चला कि आरोपी अनूप एक्का किसी और से शादी कर लिया है, जब प्रार्थिया ने फोन के माध्यम से अनूप एक्का से संपर्क कर शादी के संबंध में पूछने पर उसके द्वारा बताया गया कि वह किसी और से शादी कर चुका है व उससे संबंध नहीं रखना चाहता है, इस प्रकार आरोपी अनूप एक्का के द्वारा तलाक शुदा महिला जानते हुए भी, शादी का झांसा देकर प्रार्थिया का दैहिक शोषण किया है।
            रिपोर्ट पर थाना फरसाबहार में आरोपी अनूप एक्का के विरुद्ध भा. द. वि. की धारा 450, 376व 376(2)n के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। तथा प्रार्थिया का डॉक्टर के द्वारा मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। 

           विवेचना दौरान पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी अनूप एक्का को हिरासत में ले लिया गया है।
        पुलिस की पूछताछ में आरोपी अनूप एक्का के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
          मामले की कार्यवाही एवं आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी फरसाबहार उप निरीक्षक श्री विवेक कुमार भगत, सहायक उप निरीक्षक श्री शांति प्रमोद टोप्पो, आरक्षक नीरज तिर्की, ईश्वर साय, महिला आरक्षक बीरजीनिया टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
             मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है, महिला संबंधी अपराध में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बीजापुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर  प्रशासनिक अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखने के दिये निर्देश

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखें। बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने बीजापुर जिले में  भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर बीजापुर ने बताया कि मांग के अनुरूप नलकूपों की खुदाई करवाई गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पेयजल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि समर कैंप और 'बाल शिक्षा मित्र' जैसे नवाचारों से बच्चों की शिक्षा में रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन प्रयासों को और अधिक संगठित एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में बीजापुर और दंतेवाड़ा के कलेक्टरों को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवास, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने एनएमडीसी व निजी क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं हेतु प्लेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण में स्वयं भागीदारी करते हुए जमीनी सच्चाई का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं और बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्हें  उनकी प्रकृति के अनुरूप कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ अनेक पंचायतों में हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएँ उनके ही गांवों में सुलभ होंगी।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना से काम करने से ही प्रशासनिक और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए जनता के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध रहें। बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा – देश को अपने वीर जवानों पर भरोसा है और उन पर गर्व भी,,,,एम्स में घायल जवानों से की मुलाकात

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों के घायल जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल अपनी वीरता से नक्सलवाद का नामोनिशान मिटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में जाकर उन सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में घायल हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उन्हें विश्वास दिलाया कि देश उन पर भरोसा और गर्व करता है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वीर जवानों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर लगातार 21 दिनों तक ऑपरेशन चलाकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। जवानों के इस शौर्य और साहस पर पूरे देश को गर्व है।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घायल जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने जवानों के साहस और समर्पण को प्रणाम करते हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय का आज बस्तर दौरा.... बदलता बस्तर हेजटैग के साथ सोशलमीडया पर दिन भर किया  टॉप ट्रेंड  


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आज का बस्तर दौरा सोशल मीडिया प्लेटफार्म ’एक्स’ पर #BadaltaBastar के साथ दिन भर टॉप पर ट्रेंड करता रहा। मुख्यमंत्री श्री साय आज सवेरे दंतेवाड़ा जिले के मुलेर पंहुचने के साथ ही सोशल मीडिया एक्स  में टेªंड करना शुरू हो गया और लगातार दिन भर टॉप 6 हजार से अधिक पोस्ट के साथ टॉप पर बना रहा। 
  उल्लेेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर जवानों के सबसे लम्बे सफल आपरेशन के बाद जवानों के बीच पंहुचने …

और भी

बीजापुर के गलगम पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय, जवानों का बढ़ाया हौसला ,नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर दी बधाई

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बीजापुर जिले के उसूर तहसील के अंदरूनी गांव गलगम पहुंचे, जहाँ उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर हालिया नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर चर्चा की। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने करेगुट्टा की पहाड़ी पर 21 दिनों तक चले ऑपरेशन में 31 कुख्यात माओवादी आतंकियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए। मुख्यमंत्री साय ने इस अभियान को नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारे के उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने अदम्य साहस और समर्पण के साथ इस ऑपरेशन को सफल बनाया है। यह न केवल बीजापुर बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। गलगम और करेगुट्टा का क्षेत्र लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है और इस अभियान ने इस इलाके को सुरक्षित बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगाई है। सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात के दौरान साय ने उनके साहस की सराहना की और कहा कि आपके शौर्य और निष्ठा से ही हम नक्सलवाद के खिलाफ इस लड़ाई को जीत रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें सरकार में आए डेढ़ साल हुए हैं और  इस अवधि में हमने राज्य में सुशासन स्थापित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप लगातार अनेक कठिन नक्सल विरोधी ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।  आप 44 डिग्री की गर्मी में भी ऑपरेशन चलाते हैं। ऐसे जवानों के अदम्य साहस को मैं नमन करता हूँ। उन्होंने बताया कि वे सुरक्षा कैम्प को सुविधा कैम्प मानते हैं क्योंकि सुरक्षा कैम्प के माध्यम से अब बस्तर के सुदूर इलाकों में अनेक तरह की सुविधाएं पहुंच रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय के कहा कि जब हमारी सरकार आयी तो इस क्षेत्र में सबसे पहला कैम्प मूलेर में खोला गया। आज मूलेर समेत आसपास के गांव में राशन की सुविधा, बिजली, स्वास्थ्य, स्कूल, मोबाइल टॉवर जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व और मार्गदर्शन में नक्सल विरोधी  अभियान में लगातार सफलता मिल रही है। राज्य में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य है, निश्चित रूप से फोर्स के जवानों के अदम्य साहस की बदौलत हम इस संकल्प को पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा बस्तर में नियद नेल्ला नार योजना ने स्थानीय लोगों से जुड़ने में अहम भूमिका निभाई है। 

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीण हितग्राहियों से भी मुलाकात की और उन्हें राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए पीएम आवास योजनांतर्गत स्पेशल प्रोजेक्ट नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित परिवारों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकार क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक तेज गति से करेगी साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य है, और इसके लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का सहयोग भी जरूरी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने गलगम कैंप में जवानों के साथ तस्वीर खिंचाई और भारत माता के जयकारे से उनका जोश बढ़ाया। जवानों ने भी नारे लगाते हुए देशभक्ति का जज़्बा दिखाया। मुख्यमंत्री ने जवानों संग बैठकर भोजन भी किया। 

गलगम कैम्प में हुए आयोजन में पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने अपने उद्बोधन में फोर्स के जवानों द्वारा किए जा रहे सिविक एक्शन को सराहा। वहीं कलेक्टर बीजापुर श्री संबित मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बताया कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत बीते कल ही गलगम में समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान गलगम कलस्टर में कुल 1590 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकतर आवेदन वन अधिकार पत्र के थे, जिनका परीक्षण कर सार्थक कार्यवाही की जा रही है। 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, बस्तर रेंज आईजी श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान उपस्थित थे।

और भी

सुशासन तिहार पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर दंतेवाड़ा के मुलेर में पहुंचे,,,,,इमली पेड़ के छांव में नीचे बैठ चौपाल लगाकर सुनी ग्रामवासियों की समस्या

 रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा किया। यह गांव दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित अंतिम गांवों में से एक है, जहाँ अब नियद नेल्लानार योजना के तहत समावेशी विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं।

 मुख्यमंत्री श्री साय का ग्रामीणों ने महुआ, आमपत्ती से बने पारंपरिक हार और गौर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम का भी छिंद पत्तों से बने पारंपरिक गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की ज़मीनी समस्याएं सुनीं और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने राशन दुकान का निरीक्षण किया, जहां हितग्राहियों से बातचीत कर राशन वितरण की नियमितता, गुणवत्ता, और उपयोग की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न का वजन भी मौके पर करवाया और एक हितग्राही का राशन कार्ड देखा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आंगनबाड़ी में बच्चों से आत्मीय वार्तालाप कर उनके अक्षर ज्ञान, रंग-पहचान आदि की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट वितरण किया।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति, ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण तथा गांव के सभी पारा को जोड़ने हेतु पुलिया और सीसी सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही शिविर लगाकर वनाधिकार मान्यता पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाएगी।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 9वां स्थान प्राप्त करने वाली दंतेवाड़ा की छात्रा रमशिला नाग से भेंट की, उसे पुष्पगुच्छ भेंटकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया, और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 ग्राम मुलेर में मुख्यमंत्री श्री साय का यह दौरा न केवल सुशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी साबित करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कटिबद्ध है। 

दंतेवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मुलेर: योजनाओं के क्रियान्वयन से हो रहा सर्वांगीण विकास

 उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत मुलेर विकास की नई इबारत लिख रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन ने इस गांव को सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है।

 बड़े बचेली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुलेर जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित है। कुल 112 परिवारों में 474 लोग निवासरत हैं, जिनमें 100 प्रतिशत माड़िया जनजाति के लोग हैं। गांव में दो आंगनबाड़ी केन्द्र (बाल्केपारा व पटेलपारा) संचालित हैं। गांव में 6 महिला स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनमें लक्ष्मी समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर प्रदाय किया गया है। इसका उपयोग खेती के साथ-साथ किराए पर भी किया जा रहा है। बीपीएल कार्डधारी परिवारों को राशन की नियमित आपूर्ति की जा रही है। गांव में सौर ऊर्जा से होम लाइटिंग की व्यवस्था है। महतारी वंदन योजना अंतर्गत ग्राम मुलेर में महिलाएँ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मसम्मान का अनुभव हो रहा है। मुलेर ग्राम पंचायत सुदूर आदिवासी क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और सुचारू क्रियान्वयन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यहां जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता से विकास की दिशा में सतत और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

और भी