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निर्णायक मोड़ पर नक्सलवाद के खिलाफ जंग: नक्सल उन्मूलन अभियान निर्णायक सफलता की ओर अग्रसर

रायपुर  : नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) यूनिट ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक चुनौतियों के बीच वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध एक बड़े अभियान को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में अब तक 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें कुख्यात नक्सल लीडर नंबाला केशव राव के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है। यह नक्सल नेटवर्क की रीढ़ पर करारा प्रहार है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस वीरता और सफलता के लिए डीआरजी के साहसी जवानों को नमन करते हुए कहा कि यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की स्थायी शांति की ओर एक निर्णायक कदम है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान एक जवान के वीरगति को प्राप्त होने तथा कुछ जवानों के घायल होने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने घायल जवानों के समुचित उपचार के निर्देश दिए गए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और प्रदेश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित मार्च 2026 की समय सीमा को लक्ष्य मानते हुए छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साहस और वीरता से नक्सल उन्मूलन अभियान निर्णायक सफलता की ओर अग्रसर है।

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पहाड़ी कोरवा के आवास में पहुंचे मुख्यमंत्री....परिवार ने सरई फूल की माला से किया स्वागत,भेंट की छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल

रायपुर, :पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। श्री लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू  की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हरगवां गांव में औचक दौरा,ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर आज जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरगवां स्थित ढोढ़रीखाला (नवापारा) पारा में उतरा। मुख्यमंत्री का यह दौरा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत औचक निरीक्षण के रूप में रहा। मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग चौपर देखने दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय का पांव पखार उन्हें टीका लगाया और सरई पत्ते की माला पहनाई। स्वागत गीत भी गाया गया। हरगवां गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवास करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ढोढ़रीखाला पारा में कटहल, आम और महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं।

एक महिला ने पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वास्तविक जानकारी ली। इसी तरह, बेलसर गांव की श्रीमती दीपू बघेल ने वन भूमि पट्टा पर खेती न कर पाने की बात बताई। मुख्यमंत्री ने इस पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, पटवारी गांव में आते हैं या नहीं और राजस्व संबंधी कोई समस्या तो नहीं है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ढोढ़रीखाला पारा में स्वीकृत 19 आवासों में से 16 आवास पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में भी जानकारी ली और ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे।

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मैं आपके गांव-घर का बेटा, प्रदेश को विकास की राह में ले जाना मेरा संकल्प:मुख्यमंत्री श्री साय.... पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद


जशपुर :सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेश के कोने-कोने में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने निकले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का उड़नखटोला आज उनके गृह जिले जशपुर के दोकड़ा ग्राम में उतरा। यहाँ समाधान शिविर में उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही और पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं की हकीकत जानी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमनागरिको को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं आपके गाँव घर का बेटा हूँ। मेरा सौभाग्य है कि देश के प्रधानमंत्री और आपके आशीर्वाद से प्रदेश का मुख्यमंत्री बना। प्रदेश को विकास की राह में ले जाना मेरा संकल्प है। 
    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आपके आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी है। विगत डेढ़ वर्ष में विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार बनते ही पहले केबिनेट में पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार आवास बन रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में 3 लाख आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। अम्बिकापुर में केंद्रीय पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह ने 51 हजार हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका मकान पक्का नहीं है उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एसईसीसी और आवास प्लस के सर्वे में जिनका भी नाम है सभी का मकान बनेगा। प्रधानमंत्री ने पीएम आवास के लिए इस वर्ष बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से जो वादा किया था उसे पूरा किया। 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का बकाया बोनस की राशि भी दी। भूमिहीन कृषि मजदूरों को राशि देना शुरू किया है। महतारी वन्दन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार की राशि देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और महिला सशक्तिकरण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेन्दूपत्ता के हितग्राहियों को लाभान्वित करने 4000 प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक राशि को बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना अंतर्गत अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रियों को भेजने के साथ ही अब मुख्यमंत्री तीर्थ योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में हमारे प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक कोई भी व्यक्ति देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में निःशुल्क जा पाएंगे। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाकर नामान्तरण की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया है। अब नामान्तरण के लिए किसी के पास जाने की जरूरत नहीं है। जमीन रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में सेवाएं उपलब्ध होगी। किसानों को गाँव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अभी 24 अप्रैल को प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्वयं भी देखा है कि इस सेवा का लाभ आम जनमानस को मिल रहा है। इस अवसर पर पत्थलगांव की विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि यह सुशासन का साक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार घर-घर पहुँच रही है।गाँव की समस्याओं को सुनकर दूर किया जा रहा है। केंद्र और राज्य की योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुचाने के लिए सरकार लगी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी देते हुए बताया कि एक लाख 32 हजार से अधिक प्राप्त आवेदनों में से एक लाख 28 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। जशपुर जिले में 54 क्लस्टर में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 97 प्रतिशत आवेदन का निराकरण कर लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदन के आधार पर हितग्राहियों को योजनाओं से भी लाभान्वित किया गया है। कुछ मांग शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से हर आवेदन के निराकरण की कोशिश की गई। ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 3258 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

कमी को नोटकर ठीक करने के दे रहे निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी जी की गारंटी को पूरा किया गया है। उन योजनाओं के तहत कार्य हुआ है या नहीं, इसे धरातल में जानने के लिए दौरा कर रहे हैं। आज जशपुर जिले के दोकड़ा आया हूँ,यह मेरा 21वां जिला है। मेरे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी समाधान शिविरों में जा रहे हैं। मैं आकस्मिक निरीक्षण के तहत प्रदेश के हर दूरस्थ अंचलों में पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ। पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा हूँ। सभी जगह व्यवस्था ठीक है और जहाँ कोई कमी है उसे नोटकर अधिकारियों को कमी ठीक करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। 

दोकड़ा में कॉलेज,पीएचसी का उन्नयन, मिनी स्टेडियम सहित अन्य कार्यों की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम दोकड़ा को अपना गाँव घर बताया और यहाँ के लोगों को अपना। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें 4 बार सांसद बनाया। मैनी नदी में पुल यहाँ के लोगों की प्रमुख मांग थी,जिसे पूरा कर दिया गया था। अभी जो माँग आई है उसे भी पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोकड़ा में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने यहाँ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, वनवासी कल्याण आश्रम, प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण का जीर्णोद्धार, डोरियामुड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण,पुराने मंगल भवन के जीर्णोद्धार के लिए राशि 20 लाख देने और इस क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा भी की। 

पीएम आवास की चाबी,समूह को चेक का किया वितरण
जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अनेक सौगातें दी। उन्होंने पीएम आवास के हितग्राही बिकेश्वर राम,सुमेर सिंह से संवाद किया। पीएम आवास के हितग्राही सुमेर सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को अपने घर भी आमंत्रित किया। समाधान शिविर में राशनकार्ड प्राप्त करने वाले परमेश्वर राम,किसान क्रेडिट कार्ड के हितग्राही संजय शर्मा ने भी समस्या का समाधान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल पर पीएम आवास के हितग्राहियों को चाबी सौंपी। खाद्य विभाग अंतर्गत राशनकार्ड, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत पेंशन स्वीकृति पत्र,मत्स्य विभाग अंतर्गत जाल और आइस बॉक्स, कृषि विभाग अंतर्गत केसीसी कार्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बैग एवं टिफिन बॉक्स, बॉटल, उद्यानिकी विभाग अंतर्गत किसानों को सब्जी बीज किट, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड स्वीकृति आदेश,स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुषमान कार्ड,फ़ूड बॉक्स,एनआरएलएम अंतर्गत महिला समूह के सदस्यों को मुद्रा लोन का चेक और क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट किट आदि का वितरण किया।


दसवीं-बोर्ड परीक्षा के टॉपर विद्यार्थियों का किया सम्मान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के विद्यालयों से पढ़ाई कर माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप कर जिले का राज्य स्तर पर नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। उन्होंने कक्षा 12 वी कक्षा में राज्य में पांचवा स्थान हासिल करने वाली नेहा एक्का और कक्षा दसवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नमन खुटिया सहित अन्य विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

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स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को माना जरूरी ....जहां जरूरत है वहां शिक्षक रहें उपलब्ध 

रायपुर, : छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।

वास्तविक स्थिति

राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है।

इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं। 

युक्तियुक्तकरण के क्या होंगे फायदे

जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।  

शिक्षा विभाग ने कतिपय शैक्षिक संगठनों द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर उठाए गए भ्रामक सवालों के संबंध में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं है बल्कि उसे बेहतर बनाना है। यह निर्णय बच्चों के हित में, और शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए लिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।

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मुख्यमंत्री पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर में.....कॉलेज , मिनी स्टेडियम खोलने सहित कई घोषणाएं की,,,सर्वे सूची में शामिल सभी हितग्राहियों को मिलेगा आवास

रायपुर : प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में अचानक उतरा और वे वहां आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दोकडा में कालेज और मिनी स्टेडियम की घोषणा की। उन्होंने वहां के प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र, वनवासी कल्याण आश्रम के उन्नयन, के साथ ही डोरियामुडा जलाशय का सौन्दर्यकरण कराए जााने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंगल भवन के जिर्णाेद्धार के लिए 20 लाख और शिव मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार कराए जाने की भी मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम लोग गांव-गांव पहुंच रहे हैैंं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सर्वे सूची में जितने भी हितग्राहियों का नाम है सभी को पीएम आवास स्वीकृत किया जाएगा। पिछले डेढ़ वर्षों में मोदी जी की अधिकांश गारंटी को हमारी सरकार ने पूरा किया है। सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को नए आवास स्वीकृति के साथ ही पूर्ण हो चुके गए पीएम आवासों की चाँबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश कराया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सशासन तिहार के अंतर्गत शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में लोगों को ऑनलाईन तथा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केन्द्र खोला गया है इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने और राशि के लेन-देन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी तथा नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को मुद्रा लोन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली जाल और आईस बाक्स, मनरेगा जाब कार्ड, वालीबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों को किट प्रदान किए। उन्होंने इस मौके पर हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल के बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

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CG Breaking : रेत माफियाओं के हौसले बुलंद..रेत से भरे हाइवा ने बाइक सवार को रौंदा..मौके पर ही मौत..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/आरंग. क्षेत्र में महानदी से रेत का अवैध खनन और परिवहन जानलेवा साबित हो रहा है. नगर पंचायत समोदा में मंगलवार देर शाम रेत से भरे हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना से गुस्साए ग्रामीण शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए हैं.

वहीं, मृतक युवक ग्राम परसदा का रहने वाला बताया जा रहा, जो समोदा से अपने गांव वापस जा रहा था. इसी दौरान रेत से भरे बेमेतरा पासिंग हाइवा वाहन ने युवक को चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना से गुस्साए लोग हाइवा के सामने धरने पर बैठे हैं. ग्रामीणों का कहा है कि शिकायत के बाद भी अवैध रेत खनन और परिवहन पर कार्रवाई नहीं हो रही. इसके चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है. घटना की सूचना पर आरंग पुलिस मौके पर पहुंची है और हालत पर काबू पाने की कोशिश कर रही है.

मार्ग सकरा, अवैध रेत परिवहन से आए दिन हो रहे हादसे

दरअसल, लोगों का कहना है कि समोदा का मुख्य मार्ग सकरा है और सड़क किनारे दुकानदारों का अतिक्रमण है. शाम होने के बाद से यहां से रेत का अवैध परिवहन शुरू हो जाता है. बेमेतरा, बलौदाबाजार, कवर्धा जैसे बड़े जिलों से भारी वाहन इस मार्ग पर रेत लेकर गुजरते हैं, जिससे आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं.

शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

फिलहाल, लोगों का कहना है कि इन दिनों एक तरफ जहां प्रदेश सरकार सुशासन तिहार मनाकर जनता की समस्याओं का निराकरण करने का दावा कर रही है. वहीं दूसरी तरफ आरंग क्षेत्र में महानदी से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रही है. राजस्व विभाग लगातार शिकायत के बाद भी आरंग क्षेत्र में रेत के अवैध खनन और परिवहन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है. शासन के नियमानुसार शाम 06 बजे से सुबह 06 बजे तक रेत उत्खनन प्रतिबंधित है. इसके बाद भी दिन की अपेक्षा रात में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन बड़ी तादाद में हो रहा है.

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CG News : जनपद सीईओ ने आवास मित्र को पद से हटाया..प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/तखतपुर। भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण योजना में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही को लेकर जनपद पंचायत सीईओ सत्यव्रत तिवारी एक्शन मोड में हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरतने वाले आवास मित्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम पेंड्री के देवप्रकाश को आवास मित्र के पद से हटा दिया है.

फिलहाल, जनपद सीईओ ने काम में लापरवाही और गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, काम में गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी. बता दें कि ग्राम पंचायत खम्हारिया (पेंड्री) में लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास कार्य में लापरवाही बरतने और गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी. इस पर जनपद सीईओ ने कार्रवाई करते हुए पेंड्री के आवास मित्र देवप्रकाश को पद से हटाने की कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के बाद आवास मित्रों में दहशत का माहौल है.

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सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय......विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। श्री साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। श्री साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे।
मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री ललित चंद्राकर, श्री गजेन्द्र यादव, श्री रिकेश सेन एवं श्री ईश्वर साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, संभागायुक्त श्री एस. एन राठौर, आईजी श्री आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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प्रदेश में विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के विरोध में 28 मई को मंत्रालय घेरेंगे 23 संघ के शिक्षक....एकजुट होकर सरकार को दिया है एक सप्ताह का अल्टीमेटम 

जशपुर :- प्रदेश में विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश अब आंदोलन की राह पर है, राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय एवं संचनालय में प्रदेश के 23 शैक्षिक संगठनों के प्रांताध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। 

चेतावनी दी गई है कि यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो 28 मई को मंत्रालय (महानदी भवन) का घेराव और धरना होगा, शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने इस दौरान युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को रद्द नहीं किया और शिक्षक संगठनों से बैठक कर समाधान नहीं निकाला, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन की शुरुआत होगी, इस दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

                       ये हैं प्रमुख मांगें-

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए

सोना साहू प्रकरण की तर्ज पर सभी शिक्षकों को एरियर्स सहित क्रमोन्नति वेतनमान मिले

प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए पुरानी पेंशन बहाली हो

प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रमोशन में बीएड की अनिवार्यता से छूट दी जाए, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए, न कि सेटअप में कटौती

         2008 का सेटअप लागू करने की मांग

शिक्षक नेताओं ने बताया कि 2008 में जो सेटअप बना था, वह व्यावहारिक और व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त है। उसके अनुसार प्राथमिक शालाओं में कम से कम तीन शिक्षक (60 बच्चों पर) तथा मिडिल स्कूलों में न्यूनतम पांच शिक्षक आवश्यक हैं। हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी विषयानुसार पद स्वीकृत किए जाने चाहिए, कामर्स हेतु 2 शिक्षक अनिवार्य है, वर्तमान युक्तियुक्तकरण में इन मानकों की अनदेखी की जा रही है।

         कहा- 'बर्दाश्त नहीं होगा यह अन्याय'

सभी 23 संगठनों के प्रांताध्यक्षों संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, मनीष मिश्रा, केदार जैन, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरद्वाज, प्रदीप पांडे, प्रदीप लहरें, राजकिशोर तिवारी, कमलदास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, अनिल टोप्पो व धरमदास बंजारे ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि "बिना किसी सहमति के, शिक्षक संगठनों को विश्वास में लिए बगैर सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को लागू करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

              शिक्षकों का एकजुट प्रदर्शन

ज्ञापन सौंपने और आंदोलन का अल्टीमेटम देने पहुंचे सैकड़ों शिक्षकों में शामिल सुधीर प्रधान, शैलेन्द्र पारीक, नारायण चौधरी, ओमप्रकाश सोनकला, जितेंद्र मिश्रा, पूरण साहू, नंद कुमार साहू, विनोद यादव, विद्या प्रसाद चंद्राकर, धर्मेश शर्मा, कृष्णराज पांडे, जितेंद्र शर्मा, सुधीर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

           अबकी बार आर-पार की लड़ाई

शिक्षकों ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने आंदोलन को हल्के में लिया, तो यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदेशव्यापी शिक्षक आंदोलन होगा, जिसकी शुरुआत राजधानी रायपुर से होगी।

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समाधान शिविर सरकार की जवाबदेही और जनसेवा का प्रतीक - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय.....हितग्राहियों को सामग्री, चेक, केसीसी और एटीएम कार्ड का किया गया वितरण


रायपुर : सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जब हम गांव-गांव जाकर समाधान शिविर लगाते हैं, तो यह हमारी जवाबदेही का प्रमाण है। यह कार्य वही सरकार कर सकती है, जो ईमानदारी से जनता के लिए काम करती हो। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरमंदा में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की जनसामान्य के प्रति उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है। हमारी सरकार ने एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया था, और अब डेढ़ साल बाद पुनः जनता के बीच अपने कामकाज का रिपोर्ट दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत् दुर्ग 19 वां जिला है जहां वे सुशासन शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और सुशासन शिविर में लोगों से फीडबैक पाकर  इस बात की खुशी होती है कि हमारी सरकार ने डेढ़ सालों में जो काम किया है उसका लाभ जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुरमुंदा शिविर में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2539 मामलों का मौके पर समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारी सरकार हर घर तक बिजली और नल से जल पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख गरीब परिवारों के हक छीनने का काम किया। गरीबों से उनका घर और छत छीनने का काम करके पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बंटाधार कर दिया था। इसी तरह, नल-जल योजना में भी पिछली सरकार की अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पानी का कोई प्रबंध नहीं था। हमारी सरकार ने इन योजनाओं को सुधारा और धरातल पर लागू किया।
किसान, मजदूर और बुजुर्ग हर वर्ग के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए की दर से कर रही है, पिछले दो वर्षों का बोनस भी किसानों को दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिला है। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22000 से अधिक लोग अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रूपए की वार्षिक सहायता दी जा रही है। स्वामित्व कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भूमि रजिस्ट्री प्रणाली में सुधार का भी उल्लेख किया और बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण स्वतः हो जाएगा, लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने बेटा-बेटी को ज़मीन देना चाहता है, तो 500 रूपए में दानपत्र देकर कार्य पूरा कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में यह केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख रुपए तक के बैंकिंग ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। अगले एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है।
शिविर में किया गया सामग्री वितरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को गृह प्रवेश की चाबियां, मनरेगा श्रमिकों को जॉब कार्ड, पात्र हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, चेक और एटीएम कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि सरकार का कार्य सिर्फ शासन चलाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। जब शासन जनता के द्वार तक आता है, तभी असली सुशासन स्थापित होता है। सुशासन शिविर को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक साजा श्री ईश्वर लाल साहू, पूर्व विधायक श्री प्रेमप्रकाश पांडेय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुरमुंदा सहित 15 पंचायतों के ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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अटल विहार योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री ने 226 आवासों का किया लोकार्पण....सौंपी के घर की चाबी  

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत् ग्राम मुरमुंदा स्थित अटल विहार योजना के अंतर्गत निर्मित 226 नवीन आवासों का विधिवत लोकार्पण कर हितग्राहियों को उनके सपनों का घर सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने भवन क्रमांक 226 के स्वामी श्री तुषार साहू को गृह प्रवेश कराते हुए कहा, आज हम आपको सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि आपके सपनों का आशियाना सौंप रहे हैं। यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है।
मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गरिमामय और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अटल विहार जैसी योजनाएं जनसामान्य को न केवल आवासीय सुविधा देती हैं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
साकार हुआ वर्षों का सपना
आवास क्रमांक 226 के लाभार्थी श्री तुषार साहू ने मुख्यमंत्री के हाथों गृह प्रवेश प्राप्त कर अभिभूत होते हुए कहा कि हमेशा एक सुंदर, स्वच्छ और शांत वातावरण में रहने का सपना देखा था। वर्षों का यह सपना आज साकार हुआ। मुख्यमंत्री जी द्वारा गृह प्रवेश कराना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह 2 बीएचके आवास सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है और बाज़ार मूल्य की तुलना में किफायती भी है। श्री साहू इस अवसर पर अपने माता-पिता और परिजनों के साथ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उनके आवास का अवलोकन भी किया और निर्माण गुणवत्ता की सराहना की।
कई हितग्राहियों को मिली चाबी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा श्री रूपनारायण देवांगन, श्री अरुण साहू, तथा श्री चंद्रशेखर राठौर को भी उनके आवास की चाबी सौंपी गई। भवन क्रमांक 215 के स्वामी श्री अरुण साहू, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले अपने स्वप्निल घर में प्रवेश करना मेरे जीवन की सबसे सुखद अनुभूति है। अटल विहार योजना के माध्यम से राज्य शासन ने हमें वह अवसर दिया है, जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी।
उज्ज्वल आवासीय भविष्य की सौगात
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा संचालित अटल विहार योजना के तहत ग्राम मुरमुंदा में लगभग 10 एकड़ भूमि पर 24 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए की लागत से कुल 226 स्वतंत्र आवास और 12 दुकानों का निर्माण किया गया है। इनमें 55 भवन ईडब्ल्यूएस श्रेणी, 69 एलआईजी-ए टाइप, 86 बी टाइप, 16 एमआईजी टाइप के हैं। सभी भवनों का विक्रय पूर्ण हो चुका है तथा 7 भवनों की रजिस्ट्री भी की जा चुकी है।

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बिलासपुर में चिकित्सा की नई क्रांति: शिवा मेडिसिटी में पहली बार वेनासील तकनीक से वरिकोज वेन्स का इलाज”

बिलासपुर : बिलासपुर के चिकित्सा इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। शिवा मेडिसिटी अस्पताल में पहली बार वरिकोज वेन्स (Varicose Veins) के इलाज के लिए अत्याधुनिक वेनासील (VenaSeal) तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया। इस जटिल लेकिन बिना चीरे वाली प्रक्रिया को देश के जाने-माने वैस्कुलर सर्जन डॉ. कुँवर सिद्धार्थ सौरभ ने अंजाम दिया, जबकि प्रक्रिया के दौरान रोगी की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी अनुभवी एनेस्थेटिस्ट डॉ. संजय सिंह ने निभाई।
वरिकोज वेन्स, यानी पैरों की उभरी और सूजी हुई नसें, जो अक्सर दर्द, सूजन, थकान और जलन का कारण बनती हैं, अब तक परंपरागत सर्जरी या लेज़र उपचार से ठीक की जाती थीं। लेकिन वेनासील तकनीक ने इस इलाज को सरल, सुरक्षित और बिना दर्द वाला बना दिया है। इस प्रक्रिया में एक विशेष प्रकार के जैविक गोंद (medical adhesive) का उपयोग किया जाता है, जिसे अल्ट्रासाउंड की मदद से नस के अंदर प्रवाहित किया जाता है। यह गोंद प्रभावित नस को स्थायी रूप से बंद कर देता है, जिससे खून का बहाव स्वस्थ नसों की ओर मोड़ दिया जाता है और रोगी को राहत मिलती है।
डॉ. कुँवर सिद्धार्थ सौरभ ने बताया, “यह तकनीक दुनिया भर में अपनाई जा रही है, और अब हमने इसे बिलासपुर में भी सफलतापूर्वक लागू किया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि मरीज को न तो टांके लगते हैं, न ही दर्द सहना पड़ता है, और ना ही लंबी अस्पताल में भर्ती की ज़रूरत होती है। मरीज इलाज के कुछ ही घंटों बाद अपने रोजमर्रा के कार्यों में लौट सकता है।”
प्रक्रिया के दौरान दिए जाने वाले एनेस्थीसिया की भूमिका को लेकर डॉ. संजय सिंह ने कहा, “वेनासील एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, लेकिन इसमें मरीज की पूरी निगरानी और आराम जरूरी होता है। हमने एनेस्थीसिया को इस तरह से नियंत्रित किया कि मरीज को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित रहे।गौरतलब है की प्रक्रिया के सफल होने में हॉस्पिटल के नर्सिंग स्टाफ रसदू बेगम एवम् उनकी टीम का भी अहम योगदान रहा ।
शिवा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ नम्रता सिंह और प्रबंधन ने इस चिकित्सा उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल अस्पताल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अब इस क्षेत्र के मरीजों को वरिकोज वेन्स जैसी जटिल समस्याओं के इलाज के लिए महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिलासपुर भी अब उन्नत और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की दिशा में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है।शिवा मेडिसिटी , मोपका, बिलासपुर, न केवल उत्कृष्ट उपचार सेवाएं प्रदान कर रहा है, बल्कि नवीनतम चिकित्सा तकनीकों और निरंतर विकास की दिशा में भी लगातार अग्रसर है।”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पहुंचे अछोटी,निर्माणाधीन महतारी सदन का लिया जायजा

रायपुर  :राज्य सरकार द्वारा सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम अछोटी का औचक दौरा किया। 

ग्राम अछोटी में मुख्यमंत्री श्री साय हेलीकॉप्टर से अचानक पहुंचे और डायट कॉलेज परिसर में 29 लाख 20 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मुआयना किया और स्वयं अपने हाथों से भवन के कॉलम की तराई कर कार्य की मजबूती और पारदर्शिता का संदेश दिया। महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक संवाद का केंद्र बनेगा।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री मुरमुंदा पहुंचे, जहां उन्होंने अटल आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 226 आवासों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने अटल आवास क्रमांक 226 के हितग्राही श्री तुषार को अपने हाथों से चाबी सौंपी और उन्हें गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अन्य हितग्राहियों को भी उनके मकान की चाबी सौंपते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में समाधान शिविर, निरीक्षण दौरे, विकास कार्यों की समीक्षा और योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन जैसे विविध कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का प्रदेश के गांव-गांव में आकस्मिक दौरा समाधान शिविर में उनकी स्वयं की मौजूदगी और जनसमस्याओं का निदान सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिससे आमजनता में सरकार के प्रति विश्वास और सहभागिता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।

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मुंगेली में जिला ग्रंथालय में अतिरिक्त कक्ष का मुख्यमंत्री ने  लोकार्पण......विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की  दी प्रेरणा 

मुंगेली, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के स्वागत में युवाओं एवं छात्र-छात्राओं ने तालियों की गड़गड़ाहट और पुष्पगुच्छ भेंटकर उत्साहपूर्वक उनका अभिनंदन किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
       मुख्यमंत्री ने आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं" का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें।” मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में राज्य व जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में तोप सिंह कुंभकार ने मुख्यमंत्री को उनके ही चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र भेंट किया। छात्र-छात्राओं एवं जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को भगवद् गीता, पुस्तिका और स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए। मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे नवाचारी शैक्षणिक प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक प्रेरणादायक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रंथालय केवल अध्ययन का स्थल नहीं, बल्कि सफलता की नींव रखने का केंद्र भी है। उन्होंने जिला ग्रंथालय मुंगेली की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां से सैकड़ों युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है, जो गौरव की बात है।
       गौरतलब है कि मुंगेली जिला ग्रंथालय प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक खुला रहता है। यहां 4780 से अधिक पुस्तकों का समृद्ध संग्रह है, जिनमें प्रतियोगी, साहित्यिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और प्रेरक विषयों से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध हैं। साथ ही, राष्ट्रीय एवं स्थानीय समाचार पत्र, साप्ताहिक व मासिक पत्रिकाएं नियमित रूप से विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु उपलब्ध कराई जाती हैं। वर्तमान में 893 पंजीकृत सदस्य ग्रंथालय की सेवाएं ले रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे और 06 अनुभवी कर्मचारी ग्रंथालय संचालन को सुचारु रूप से सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी, जिला ग्रंथालय के कर्मचारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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निःशुल्क मिर्गी की दवा :अघोर पीठ गम्हरिया आश्रम में 87 मिर्गी रोगियों के बीच फकीरी व आयुर्वेदिक दवा का किया गया निशुल्क वितरण,

जशपुर : बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर हुआ सम्पन्न,शिविर में कुल 87 मरीजों को संस्था द्वारा निर्मित मिर्गी रोग की फकीरी एवं आयुर्वेदिक दवाई किया गया वितरण।
 अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया, आश्रम में आज मंगलवार को बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न हुआ। शिविर में कुल 87 मरीजों को संस्था द्वारा निर्मित मिर्गी रोग की फकीरी एवं आयुर्वेदिक दवा का वितरण किया गया। इन मरीजों में 7 बच्चे भी थे।
शिविर का शुभारम्भ प्रातः 4.00 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन-आरती उपरान्त प्रारम्भ किया गया। चूंकि मिर्गी की यह फकीरी दवा पान के पते पर सूर्याेदय के पूर्व ही देने का विधान है इसलिये अधिकांश मरीजों को उनके सहयोगियों के साथ एक दिन पूर्व ही आश्रम में बुला लिया गया था। प्रातः पूजन उपरान्त उन्हें फकीरी दवा दी गयी और साथ में मिर्गी की आयुर्वेदिक दवा भी वितरित की गयी। दवा वितरित करने हेतु विशेष रुप से वैद्य रंजीत सिंह जी एवं उनके सहयोगी श्री धर्मेन्द्र सिंह जी को आमंत्रित किया गया था। शिविर में रांची,गुमला,सिमडेगा देवघर (झारखण्ड) रायपुर, सरगुजा रायगढ़, वाड्रफनगर, कोरबा, भाटापारा, बलौदा बाजार राजनांदगांव, चिरमिरी, जांजगीर-चांपा बैकुण्ठपुर,पत्थलगांव,कांसाबेल,तपकरा,जशपुर (छत्तीसगढ़),सीधी (मध्यप्रदेश) आदि क्षेत्रों से मरीज उपस्थित थे। दवा वितरण पश्चात् वैद्य रंजीत सिंह जी द्वारा औषधि सेवनकाल में किये जाने वाले परहेज एवं सावधानियों को विस्तार से बताया गया। 
अगला शिविर पुनः तीन माह के बाद 10 अगस्त 2025 को इसी अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया आश्रम में आयोजित किया जायेगा। साथ ही मरीजो को यह भी निर्देषित भी किया गया कि अगले षिविर में दवा लेने हेतु 09 अगस्त 2025 को ही सायकाल में आश्रम परिसर में उपस्थित हो जाये। शिविर को सफल बनाने में पी०के० श्रीवास्तव, संतोष मिश्र,संजय अखौरी,अनन्त शाहदेव ,प्रषान्त सिंह,सत्येन्द्र सिंह (मामा), अखिलेश यादव, वेद तिवारी, जनक,शिवम अक्षय सिंह का विशेष योगदान रहा।
उल्लेखनीय है कि बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में विगत कई वर्षों से किये जा रहे ऐसे मिर्गी चिकित्सा शिविरों में अनेकानेक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।

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बागबहार पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पकड़ा रांची से लाकर अवैध 11 लीटर नशीली कफ सिरफ का आरोपी को.....ग्राहक बन आरोपी से तय किया सौदा, फिर धर दबोचा


           

  जशपुर : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व व दिशानिर्देश में नशे के सौदागरों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात, लगातार जारी है। ऑपरेशन आघात के तहत्  जहां जशपुर पुलिस के द्वारा थाना बागबहार क्षेत्रांतर्गत 116 नग (कुल 11 लीटर)अवैध कोडीन फास्फेट ऑनरेक्स कफ सिरफ की शीशी सहित तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है, वहीं एसएसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह को प्राप्त सूचना के आधार थाना तुमला क्षेत्रांतर्गत ग्राम बोरो में , घर में अवैध रूप से रखे 16 नग बियर बॉटल व 29 नग व्हिस्की की अद्द्धी व पौवा सहित  एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
             थाना बागबहार क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना बागबहार पुलिस को मुखबीर के जरिए सूचना मिली थी, कि  ग्राम जमरगी बी ,थाना बागबहार निवासी, पविकांत चौहान, अमित चौहान व संजू चौहान, अपने प्लेटिना मोटर साइकल क्रमांक CG14MP 6913 में बागबहार क्षेत्र में घूम रहे हैं, व अपने पास भारी मात्रा में अवैध नशीली कोडीन फास्फेट ऑनरेक्स कफ सिरफ रखे हैं, व बिक्री हेतु ग्राहक तलाश रहे हैं, जिस पर थाना बागबहार पुलिस के द्वारा सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, ग्राहक बन कर, उक्त तीनों आरोपियों से फोन के माध्यम से संपर्क किया गया, व उन्हें विश्वास  में लेकर अवैध कफ सिरफ के साथ बागबहार के नयापारा तिराहा के पास बुलाया गया, जहां पुलिस की टीम पहले से ही घात लगाकर बैठी थी। जैसे ही तीनो आरोपी अपने प्लेटिना मोटर साइकल से बागबहार नयापारा तिराहा पहुंचे, पुलिस की टीम ने उन्हें धर दबौचा,। पुलिस के द्वारा जब तलाशी ली गई तो आरोपियों के पास रखे बैग में से पुलिस को 116 नग,  प्रतिबंधित कोडीन फास्फेट, ऑनरेक्स कफ सिरफ की शीशी मिली, पुलिस के द्वारा उक्त प्रतिबंधित कफ सिरफ को रखने व बिक्री करने के संबंध में आरोपी , पविकांत चौहान, अमित चौहान व संजू कुमार से वैध दस्तावेज की मांग करने पर उनके द्वारा कोई दस्तावेज नहीं पेश किया गया ,जिस पर पुलिस  के द्वारा आरोपियों को हिरासत में लेते हुए उनके कब्जे  से 116  नग अवैध प्रतिबंधित कफ सिरफ की 100- 100 मिली लीटर की शीशी व घटना में प्रयुक्त प्लेटिना मोटर साइकल क्रमांक CG14MP 6913 को जप्त कर लिया गया है। पुलिस के द्वारा जप्त, प्रतिबंधित अवैध कोडीन फास्फेट ऑनरेक्स कफ सिरफ की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 22 हजार रुपए से अधिक है।
        पुलिस के द्वारा, जप्त प्रतिबंधित अवैध कोडीन फास्फेट ऑनरेक्स कफ सिरफ का परीक्षण, खाद्य व औषधि निरीक्षक से कराने पर, उनके द्वारा उक्त कफ सिरफ को प्रतिबंधित व नशीला बताने पर , थाना बागबहार में तीनों आरोपी क्रमशः 1. पविकांत चौहान, निवासी ग्राम जमरगी बी, थाना बागबहार जिला जशपुर (छ.ग)।
2. अमित चौहान,निवासी ग्राम जमरगी बी, थाना बागबहार जिला जशपुर (छ.ग)।
3. संजू कुमार,निवासी ग्राम जमरगी बी, थाना बागबहार जिला जशपुर (छ.ग)। के विरुद्ध 21(C ) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
                         पुलिस की पूछताछ में उक्त आरोपियों के द्वारा बताया गया कि वे रांची (झारखंड) से अवैध रूप उक्त कफ सिरफ को लाकर बागबहार में बिक्री हेतु ग्राहक तलाश रहे थे । आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
             मामले की कार्यवाही व अवैध नशीली प्रतिबंधित कफ सिरफ सहित आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक श्री अशोक शर्मा, सहायक उप निरीक्षक श्री नारायण प्रसाद साहू, प्रधान आरक्षक लव कुमार चौहान, आरक्षक योगेंद्र पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
                
          थाना तुमला क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह को सूचना मिली थी, कि एक व्यक्ति थाना तुमला क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम बारो में अपने घर से अवैध रूप, अंग्रेजी शराब की बिक्री करता है, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर ने जशपुर से एक पुलिस टीम गठित कर ग्राम बारो रवाना की गई, जिनके द्वारा  थाना ग्राम बारो स्थित संदेही आरोपी ललित बाग के घर में अचानक दबीश देकर छापामारी की गई, जहां घर के अंदर अवैध रूप से छुपाकर रखे तीन बड़े - बड़े, थैले में से,16 नग,650ml वाला  किंग फिशर बियर कंपनी की बोतल व  28 नग 375ml वाला ब्ल्यू कंपनी की व्हिस्की अद्धी बॉटल व 1 नग  188ml वाला ब्ल्यू कंपनी की व्हिस्की पौवा मिली। पुलिस टीम के द्वारा आरोपी ललित बाग से अंग्रेजी शराब रखने व बिक्री करने के संबंध में वैध दस्तावेज की मांग करने पर वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दे पाया, जिससे कि पुलिस के द्वारा आरोपी ललित बाग को हिरासत में लेते हुए, उसके कब्जे से 16 नग किंग फिशर बियर बॉटल व 29 नग व्हिस्की की अद्द्धी व पौवा मिला कर कुल 21 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब को जप्त किया गया है, जप्त शराब की बाजार में कीमत लगभग 18 हजार रुपए है।
              पुलिस के द्वारा आरोपी ललित बाग के विरुद्ध थाना तुमला में आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
          आरोपी ललित बाग के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत रूप गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
             मामले की कार्यवाही एवं अवैध अंग्रेजी शराब सहित आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तुलना श्री कोमल सिंह नेताम, गठित पुलिस टीम से सहायक उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज, आरक्षक शैलेंद्र की सराहनीय भूमिका रही है।
         मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन आघात के तहत् नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्यवाही की गई है, दो अलग अलग मामलों में प्रतिबंधित अवैध कफ सिरफ व अवैध अंग्रेजी शराब सहित, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, नशे के व्यापार में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा।

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साय सरकार में अधिकारी कर्मचारियों  के सरकार के कामो में शिथिलता और जवाबदेही से बचने का युग हुआ समाप्त......सीएम के सख्त तेवर दो लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज

*ब्रेकिंग न्यूज़*

रायपुर : सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो बड़े निर्णय लिए।

मुख्यमंत्री ने मुंगेली जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मनियारी जलाशय  और पथरिया जलाशय जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जो लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जिले का अत्यंत खराब प्रदर्शन जिले में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस तीखे रुख से स्पष्ट है कि सरकारी कार्यों में शिथिलता और जवाबदेही से बचने का युग समाप्त हो चुका है।

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