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सीएम ने दी सौगात : बलदाकछार महानदी में होगा तटबंध निर्माण, चौक में लगेगी हाई मास्ट लाइट

रायपुर : प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम बलदाकछार में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम बलदाकछार में महानदी के बहाव से नदी के तट को कटाव से बचाने हेतु तटबंध निर्माण एवं गांव के चौक में हाई मास्ट लाइट लगाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर बलदाकछार में उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने, महानदी में एनीकट निर्माण हेतु जांच कराने, नवापारा अभयारण्य में जंगल सफारी के लिए सफारी वाहन चलाने हेतु ड्राइवरों को प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोगों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं की पहुँच आमजन तक हो रही है या नहीं—इसी को जानने के लिए सुशासन तिहार के तहत अधिकारीगण आपके घर तक पहुँच रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ देने हेतु आवास 2.0 का सर्वे जारी है। इसमें सभी पात्र हितग्राही अपना पंजीयन अवश्य कराएं। अब सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 5 एकड़ असिंचित या 2.5 एकड़ सिंचित भूमि के मालिक तथा मोटरसाइकिल रखने वाला व्यक्ति भी आवास योजना के लिए पात्र होगा। महतारी वंदन योजना के लिए नवीन पंजीयन हेतु पुनः पोर्टल प्रारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजू एस. सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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बदलेगी तस्वीर : 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक स्वीकृति,पांच हजार से अधिक किसान होंगे लाभान्वित

रायपुर:गरियाबंद जिले के सुदूर वनांचल मड़ेली में आज एक ऐतिहासिक क्षण उस समय आया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने की घोषणा की। यह घोषणा न केवल एक अधूरे वादे की पूर्णता है, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों के सपनों की भी पुनर्स्थापना है।

1977 में प्रारंभ हुई इस योजना को घुनघुट्टी नाला पर बांध बनाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन 1980 में वन अधिनियम लागू होने के कारण वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद की कई सरकारों ने इस ओर गंभीर पहल नहीं की, और किसानों की आशाएं धीरे-धीरे धुंधली पड़ती गईं।

परंतु मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय स्वीकृति देकर वर्षों पुरानी इस परियोजना को जीवनदान दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार समाधान शिविर में इस बहुप्रतीक्षित स्वीकृति की घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह ने हर्षोल्लास से वातावरण गुंजायमान कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, प्रतीक्षा और उम्मीद की जीत है। यह सुशासन तिहार का असली अर्थ है – लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास की नई धारा बहेगी।

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रायपुर के युवाओं ने WAVES 2025 में रचा इतिहास: ऐनिमी एनीमेशन श्रेणी में गोल्ड, वेबटून में सिल्वर मेडल भारत की झोली में

 रायपुर, : रायपुर के युवाओं ने अपने हुनर और रचनात्मकता से दुनिया को दिखा दिया कि सपने रेत पर नहीं, रंगों में रचे जाते हैं। ‘एंटैंगल्ड स्टूडियो’ के बैनर तले काम करने वाली इस टीम ने वर्ल्ड ऑडियो विज़ुअल एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 में भारत के लिए ऐनिमी एनीमेशन श्रेणी में गोल्ड मेडल और वेबटून श्रेणी में सिल्वर मेडल जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

 यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन पहली बार भारत में हुआ। मुंबई में आयोजित चार दिवसीय समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस आयोजन में 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी में भारत की युवा प्रतिभा ने अपना परचम लहराया।

टीम में शामिल ये सितारे

 गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम में शुभ्रांशु सिंह, शेफाली सिंह, निहाल डुंगडुंग और प्रथम विरानी शामिल हैं। सभी की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच है और ये युवा इंजीनियरिंग व फैशन डिज़ाइन जैसे विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। वे ऐनिमी की उस दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते थे जो अपनी रंगीनता, भावनात्मक गहराई और जीवंत पात्रों के लिए जानी जाती है।

वेबटून में भी छत्तीसगढ़ के विजयी रंग

 वेबटून श्रेणी में सिल्वर मेडल छत्तीसगढ़ के ही एक और प्रतिभाशाली युवा विशाल मरावी ने जीता। वे भी एंटैंगल्ड स्टूडियो से जुड़े हैं और उनकी इस रचनात्मक जीत ने स्टूडियो को दोहरी सफलता दिलाई है।

सपनों की यह उड़ान नागपुर से शुरू हुई

 शुभ्रांशु सिंह ने बताया कि इस रचनात्मक यात्रा की शुरुआत अक्टूबर 2024 में नागपुर में आयोजित रीजनल प्रतियोगिता से हुई। वहां विजयी होने के बाद, टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर 11 शहरों की विजेता टीमों के साथ मुकाबला किया और फाइनल के लिए चुनी गई।  WAVES  2025 के मंच पर 20 से अधिक देशों की टीमों को पछाड़कर इन युवाओं ने भारत को स्वर्ण दिलाया।

नज़रे अब टोक्यो पर

 गोल्ड मेडल के साथ टीम को 2026 में टोक्यो, जापान में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ऐनिमी इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ है। टीम इस अवसर को लेकर बेहद उत्साहित है और मानती है कि यह भारत की ऐनिमी प्रतिभा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का सुनहरा मौका है।

युवा सपनों का भविष्य है ऐनिमी

 टीम लीडर शुभ्रांशु सिंह का कहना है कि भारत में ऐनिमी एनीमेशन का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और यह युवा वर्ग के लिए एक रचनात्मक व करियर विकल्प बन सकता है। रायपुर के इन रचनात्मक सितारों ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक, कल्पनाशीलता और मेहनत का संगम हो तो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य से भी विश्व मंच पर छा जाना मुमकिन है।

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जान है कीमती, हेलमेट जरूर लगाएं' : मुख्यमंत्री श्री साय....चौपाल में अपने हाथों से दो युवाओं को पहनाया हेलमेट

रायपुर : सुशासन तिहार के दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के औचक निरीक्षण हेतु बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बलदाकछार पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गाँव के दो युवाओं को अपने हाथों से हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। उन्होंने बरगद के नीचे लगी चौपाल में बलदाकछार के 24 वर्षीय श्री धनंजय पटेल और 28 वर्षीय श्रीमती हेमलता चंद्राकर को हेलमेट पहनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिविर में उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक  व्यक्ति की जान अनमोल है। सड़क पर वाहन चलाते समय दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में गंभीर चोटों से बचाता है। उन्होंने कहा कि हेलमेट लगाना न केवल यातायात नियमों का पालन है, बल्कि स्वयं की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

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मुख्यमंत्री ने राज मिस्त्री बन सोखता गड्ढा के लिए की ईट जोड़ाई का किया कार्य....जल संकट से बचने इस तरह के प्रयास जरुरी 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार अंतर्गत आज विकासखंड कसडोल के विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य गांव बल्दाकछार पहुंचे। उन्होंने मोर गांव, मोर पानी महाभियान अंतर्गत जल संचयन के लिए जल संचयन वाहिनी द्वारा निर्माण किये जा रहे सोखता गड्ढे का अवलोकन किया। उन्होंने  स्वयं कैचा लेकर निर्माणाधीन सोखता गड्ढा में ईंट जोड़ाई किया। पानी बचाने के लिए जल संचयन वाहिनी के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट से बचने इस तरह के प्रयास जरुरी है।


जल संचयन वाहिनी के सदस्य ललिता ध्रुव ने बताया कि मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत
बल्दाकछार में अब तक 10 नलकूपो के पास सोखता गड्ढे का निर्माण किया जा चुका है। इस अभियान के तहत तालाबों की सफाई, जागरूकता रैली, दीवाल  लेखन, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

उल्लेखनीय  है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंचायत राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2025 को मोर गांव मोर पानी महाभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के सभी 519 ग्राम पंचायतों में अब तक नलकूपो के पास 2500 सोखता गड्ढे का निर्माण पूरा कर लिया गया है।इसके साथ ही करीब 1291 तालाबों की सफाई किया गया है। जल संचयन हेतु ग्राम स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें वर्षा पानी संचयन हेतु आवश्यक निर्माण का प्रस्ताव एवं जल संचयन हेतु निर्मित संरचनाओं का ग्रामवासियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। प्रत्येक पंचायत में 2 जल संचयन वाहिनी क़ा गठन किया गया है जो जल संचयन के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित कर रही हैं।

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भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद् के जिला संयोजक व सह संयोजक को स्पष्टीकरण पत्र हुआ जारी,,,बगैर अनुमति के धरना प्रदर्शन करने अभद्र टिप्पणी करने का मामला

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जशपुरनगर : कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जशपुर के द्वारा भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद् के जिला संयोजक व सह संयोजक जशपुर को शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर बगैर अनुमति के 03 मई 2025 को धरना प्रदर्शन करने और असंवैधानिक तरीके से छ.ग.शासन के मुख्यमंत्री एवं बागबहार तहसीलदार श्री कृष्णमूर्ति दीवान के विरूद्ध अभद्र टिप्पणी करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश करने के लिए 03 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने पत्र जारी किया गया है। नियत समय-सीमा में समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने की स्थिति में भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद् के जिला संयोजक व सह संयोजक के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी होगी। 
        भारत मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक व सह संयोजक जशपुर के द्वारा 03 मई 2025 को बिना अनुमति के पालीडीह चौक पत्थलगांव में धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें उनके द्वारा मंच में मुख्यमंत्री छ.ग. शासन एवं श्री कृष्णमूर्ति दीवान तहसीलदार बागबहार के विरूद्ध अभद्र टिप्पणी की गई एवं चेतावनी दी गई है कि श्री रूपनारायण एक्का एवं श्री सुनील खलखो के खिलाफ एफआईआर निरस्त नहीं किया जाता है, तो भविष्य में उग्र एवं हिंसक आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस धरना में लगभग 300 लोगों ने टेन्ट लगाकर माईक द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें जिला संयोजक व सह संयोजक, भारत मुक्ति मोर्चा से कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं 50 अन्य लोगों तथा राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद से प्रदेश अध्यक्ष दिनेश भगत एवं 118 अन्य लोगों द्वारा ज्ञापन दिया गया। 
            विदित हो कि छ0ग0 शासन, गृह (पुलिस) विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर के द्वारा 22 अप्रैल 2022 द्वारा किसी भी धरना प्रदर्शन करने के पूर्व जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति लेकर धरना प्रदर्शन करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किया गया है। किन्तु भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद् के जिला संयोजक व सह संयोजक जशपुर द्वारा शासन के निर्देशों का पालन नहीं करते हुए बगैर अनुमति के दिनांक 03 मई 2025 को पालीडीह चौक पत्थलगांव में धरना प्रदर्शन करते हुए कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की गई है।

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बल्दाकछार में भी पहुंची डिजिटल  लेन- देन की सुविधा,सीएम ने किया अवलोकन....ग्रामीणों को अटल डिजिटल सुविधा केंद्र क़ा  लाभ लेने की अपील

रायपुर :  सुशासन  तिहार  के अंतर्गत  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कसडोल विकासखंड के बल्दाकछार पहुंचे।  इस  दौरान   श्री  साय ने  अटल डिजिटल सेवा केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र संचालक व्हीएलई रोशन लाल पटेल से संचालन एवं उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली। इस  दौरान बल्दाकछार की बिसनी बाई ध्रुव एवं घिरघोल की सविता ने अपने बैंक खाते से एक- एक हजार रुपये आहरित किये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार लोगों को अधिक से अधिक- सुविधा मुहैया कराने प्रतिबद्ध है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू होने से अब बैक जाना नहीं पड़ेगा, बैंकिंग सहित अन्य सुविधाएं यहीं से मिल जाएगगी। उन्होंने ग्रामीणों को  अटल डिजिटल सुविधा केंद्र क़ा  लाभ लेने कहा।

बिसनी बाई ने बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खुल जाने से बहुत सुविधा हो रही है। अब गांव में रोजी मजदूरी करने के बाद थोड़ा समय मिलने पर सुविधा केंद्र से पैसा निकाल लेते हैं।

व्हीएलई  रोशन पटेल ने बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र  बल्दाकछार का शुभारंभ 
पंचायती राज दिवस पर 24 अप्रैल 2025 को हुआ है। इस केंद्र में नागरिक सुविधाएं  अंतर्गत जन्म-मृत्यु पंजीयन  एवं प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, राजस्व सेवाएं, सीएससी आईडी,वित्तीय सेवाएं  अंतर्गत नगद आहारण,फंड ट्रांसफर, बीमा ऑनलाइन, पेंशन,  पैन कार्ड, तथा सीएससी सेवाएं अंतर्गत सरकारी योजनाओ का पंजीयन, पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग, ई -डिस्ट्रिकट सेवाओं के माध्यम से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

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मुख्यमंत्री ने शासकीय योजनाओं का फीडबैक लेने आज अपना हेलीकॉप्टर कसडोल विकासखण्ड के बल्दाकछार में उतारा,लगाई चौपाल,,,,,, श्री साय ने परिवार में शादी के लिए कुलेश्वरी कमार से खरीदा पर्रा, धुकना और सुपा

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासकीय योजनाओं का फीडबैक लेने आज अपना हेलीकॉप्टर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल विकासखण्ड के बल्दाकछार में उतारा। उन्होंने बल्दाकछार में बरगद के नीचे चौपाल लगाई और यहां के कमार बस्ती पहुंचकर विभिन्न योजनाओं के हितग्राही परिवारों से मिले। यहां के कमार बांस से तरह-तरह के समान बनाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कमार बस्ती में कुलेश्वरी कमार के परिवार को बांस का समान बनाते देखा तो उनके इस काम की जानकारी ली। उन्होंने बांस से बनी सामग्रियों की कीमत भी पूछी। श्री साय को ये समान बेहद पसंद आए। उन्होंने तुरंत ही अपने परिवार में शादी के लिए दो पर्रा, दो धुकना और एक सुपा खरीदा। मुख्यमंत्री का कुल 600 रुपए का बिल बना। उन्होंने खुश होकर कुलेश्वरी को 700 रुपए दिए।

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सुशासन लाने हम कर रहे भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद,,,,सभी पंचायतों में एक साल के भीतर मिलेगी बैंकिंग सुविधा: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों में एक साल के भीतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नए-नए रिफॉर्म लाकर भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है। भ्रष्टाचार को रोकने भूमि रजिस्ट्री के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। वे आज सुशासन तिहार के अंतर्गत सूरजपुर जिले के ग्राम पटना में आयोजित समाधान शिविर को सम्बोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर गुमेटी घाट को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने 81.90 करोड़ तथा सरना-देवगुड़ी के विकास के लिए 45.42 लाख रूपए की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न सड़कों, पुल-पुलियों के लिए 48 करोड़ 26 लाख रूपए की मंजूरी दी।  

  मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में कहा कि भूमि रजिस्ट्री के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। अब भूमि के ऑनलाइन रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण भी उसी दिन हो जा रहा है। पहले भूमि के रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों चक्कर काटना पड़ता था। अब रिफॉर्म के बाद एक ओर जहां भूमि की रजिस्ट्री में होने वाली धोखाधड़ी रूकेगी, वहीं लोगों को सुविधा भी मिलेगी। इसी प्रकार पारिवारिक दान और हक त्याग के मामलों को भी आसान किया गया है। अब 500 रूपए के शुल्क के साथ परिवार के सदस्यों को भूमि एवं संपत्ति दी जा सकती है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायतों में बैंकिग सुविधा उपलब्ध कराने पहले चरण में राज्य में 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायत दिवस के दिन से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजीटल सेवा केन्द्र (कॉमन सर्विस सेंटर) शुरू किए गए हैं। जिसके माध्यम से ग्रामीणों को राशि के लेन-देन तथा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 6 माह के भीतर 5 हजार ग्राम पंचायतों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि आवासहीन लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए आवास प्लस-प्लस के लिए सर्वे किया जा रहा है। सभी आवासहीन इस सर्वे करा लें, जिससे कि उन्हें आवास मिल सके। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का तत्परतापूर्वक निराकरण के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। उन्होंने शिविर में चार हितग्राहियों को मछली जाल, 5 हितग्राहियों को राशन कार्ड, चार हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी सौंपी। इसी प्रकार उन्होंने चार हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति और दो-दो हितग्राहियों को पशु शेड और बकरी शेड की स्वीकृति आदेश प्रदान किया। 

कार्यक्रम को खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और 15 ग्राम पंचायतों से आए बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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युक्तियुक्तकरण की विसंगति को लेकर डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी जी से मिला टीचर्स एसोसिएशन

जशपुर : छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग व डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी, सहायक संचालक आशुतोष चावरे, सहायक संचालक अशोक नारायण बंजारा को ज्ञापन सौंपकर क्रमोन्नत वेतनमान देने का जनरल आदेश जारी करने एवं युक्तियुक्तकरण नियम में संशोधन करने की मांग की है। रायपुर संभाग में मिडिल प्रधान पाठक व व्याख्याता के रिक्त पदों पर पदोन्नति करने की चर्चा की गई। डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी जी का अभिनंदन भी किया गया, चर्चा में उन्होंने सभी मांग पर सूक्ष्मतापूर्वक अवलोकन पश्चात विभागीय निर्णय लिए जाने की बात कही।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय डबल बैंच के प्रकरण क्रमांक WA No. 261 of 2023 निर्णय तथा सामान्य प्रशासन विभाग छ ग शासन के आदेश क्रमांक एफ 10–1/2006/1–3 दिनांक 24 /4/2006 के आदेश व सामान्य प्रशासन विभाग छ ग शासन के आदेश क्रमांक एफ 10–1/2006/1–3 दिनांक 10/03/2017 के आदेश था छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग के आदेश क्रमांक 233/वित्त/ नियम/चार/09 दिनांक 10 अगस्त 2009 के आदेश को संलग्न कर ज्ञापन सौंपा है जिसमें मांग किया गया है कि सोना साहू के पक्ष में हुए उच्च न्यायालय के डबल बैंच के प्रकरण क्रमांक WA No. 261 of 2023 के तहत क्रमोन्नत वेतनमान दिए जाने का निर्णय किया गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 24 /4/2006 व दिनांक 10/03/2017 को क्रमोन्नत वेतनमान के लिए 10 वर्ष में प्रथम व 20 वर्ष में द्वितीय क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रदान करने का जारी आदेश के तहत प्रदेश में कार्यरत सभी एल बी संवर्ग के लिए आदेश जारी किया जावे।

छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग द्वारा 10 अगस्त 2009 के आदेश जिसमे एक विभाग से दूसरे विभाग में समान वेतनमान अथवा भिन्न वेतनमान के पद पर संविलियन होने पर पहले विभाग की सेवा अवधि समयमान वेतन के लाभ हेतु गणना में शामिल करने का प्रावधान किया गया है, अतः छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग द्वारा 10 अगस्त 2009 के आदेश का लाभ एल बी संवर्ग के समस्त शिक्षकों को दिए जाने का जनरल आदेश जारी किया जावे।

पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण, न्यूनतम पेंशन एवं पूर्ण पेंशन के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि से लाभ प्रदान किया जावे। 

*युक्तियुक्तकरण नियम मे संशोधन का ज्ञापन -* 

छ.ग.शासन, स्कूल शिक्षा विभाग का क्र.एफ.2-24/2024 /20-तीन नवा रायपुर दिनांक 02/08/2024 एवं 28 अप्रैल 2025 के आदेश के तहत स्कूल शिक्षा विभाग में वर्तमान में प्रक्रियाधीन युक्तियुक्तकरण के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी संदर्भित निर्देश शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रहित, शिक्षक व पालक हितों के प्रतिकूल है, अतः स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तकरण नियम मे संशोधन करने हेतु निम्नलिखित सुझाव तथा मांग पत्र सादर प्रस्तुत है -

1. प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, प्रधानपाठक (प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक) के पदों पर पहले पदोन्नति किया जावे।

2. 2008 के सेटअप जिसमें न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था, और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है, एक पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे यह नियम व्यवहारिक नही है,तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है, अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर भी एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जावे।

3. 2008 के सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक व दो सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत किया गया था, वर्तमान में एक पद कम कर दिया गया है यह व्यवहारिक नही है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है, अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जावे।

4. प्रधान पाठक का पद समाप्त करने वाला इस युक्तियुक्तकरण नियम से सहायक शिक्षक व शिक्षक की पदोन्नति 50% तक कम होगी, इससे शिक्षकों के पदोन्नति के अवसर कम होंगे जो पूर्णतः अनुचित है। 

5. प्रत्येक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला का स्वतंत्र अस्तित्व हो जिसके नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था के लिए स्वतंत्र प्रधान पाठक जरूरी है, इससे सहायक शिक्षक व शिक्षकों को पदोन्नति भी मिलेगी।

6. बालवाड़ी संचालित स्कूलों में बालवाड़ी 1 व प्राथमिक 5 कुल 6 कक्षा के संचालन हेतु न्यूनतम संख्या में भी 1 अतिरिक्त सहायक शिक्षक दिया जावे। 

7. युक्तियुक्तकरण नियम 2 अगस्त 2024 के क्रियान्वयन हेतु 28 अप्रैल 2025 को जारी आदेश से शाला में पदों की संख्या कम किया गया है इससे नई भर्ती नही होने से प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ भी अन्याय होगा।

8. स्वामी आत्मानंद शालाओ में प्रतिनियुक्ति के शिक्षकों व शालाओ पर नियम की प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

9. युक्तियुक्तकारण से उच्चतर विद्यालय में काम का बोझ बढ़ जाएगा जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन सही तरीके से नही हो पायेगा। इस पूरी प्रकिया में समय / शासकीय सम्पत्तियो (रिक्त भवन जो खंडहर हो सकता है) एवं छात्रों के भविष्य पर कुठाराघात होगा।

10. एक ही परिसर में उच्चत्तर शाला में निचले शाला को मर्ज करना स्वतंत्र शाला के नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर डालेगा।

11. प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला में न्यूनतम शिक्षक संख्या घटाया गया है इससे इन शालाओ के शिक्षण स्तर में गिरावट आएगा।

12. बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में संचालित पोटा कैबिन में विभागीय सेट-अप स्वीकृत किया जावे।

13. जिस शाला में अतिथि शिक्षक कार्यरत है उन्हें पहले अतिशेष माना जावे

14. शाला मर्ज करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र व शहरी क्षेत्र के लिए निर्धारित विद्यार्थी संख्या का मापदंड विसंगतिपूर्ण है

15. स्कूल शिक्षा विभाग भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में एकतरफा आदेश निर्देश जारी करने से पहले कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर सर्वसम्मत व प्रभावी कदम उठाए।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारिक, महासमुंद जिला अध्यक्ष नारायण चौधरी, धमतरी जिला अध्यक्ष डॉ भूषण चंद्राकर,  नवीन चौधरी, गेवाराम नेताम, नंद कुमार साहू, खिलावन वर्मा, पवन साहू, दिनेश साहू, कंवल राम साहू, खिलेश्वर कश्यप, लोमश साहू शामिल थे।

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शालाओ में शिक्षक संख्या घटाने से निजी स्कूल को मिलेगा लाभ.....2008 के सेटअप का हो पालन,बढ़ेगी गुणवत्ता  : एसोसिएशन

जशपुर/कुनकुरी : छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि युक्तियुक्तकरण की दोषपूर्ण नीति से शिक्षा विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता गिरेगी, अतिशेष शिक्षकों के समायोजन की सोच शिक्षा विभाग की सही है लेकिन शिक्षा विभाग इस बात का जवाब दें कि शाला के सेटअप हेतु निर्धारित पद के अतिरिक्त पोस्टिंग करने वाले अधिकारी कौन है,? अधिकारियों ने गलती क्यों किया,? क्या ऐसे अधिकारियों को चिन्हांकित कर कार्यवाही किया जाएगा,? जिन्होंने शाला विशेष में पद रिक्त नहीं होने के बाद भी पदोन्नति या ट्रांसफर में ज्यादा संख्या में शिक्षकों को पदस्थ किया।

किसी भी शाला में सेवारत शिक्षकों का कोई दोष नहीं है क्योंकि उनकी पदस्थापना शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा ही किया गया है सेटअप के विपरीत युक्तियुक्तकरण का नियम शिक्षकों को स्वीकार नहीं है, सेटअप शिक्षा विभाग के शालाओं में पद का मूल आधार है अतः 2008 को जारी सेटअप का समुचित क्रियान्वयन हो, युक्तियुक्तकरण के दोषपूर्ण व विसंगतिपूर्ण बिंदुओं को शिक्षा विभाग अलग करें, इसके बाद शिक्षकों की व्यवस्थापन के विषय में सोंचे,,और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आखिर किन अधिकारियों के द्वारा अतिरिक्त संख्या में शिक्षकों की पद स्थापना शालाओं में की गई ऐसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किया जावे।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेन्द्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक ने मुख्यमंत्री जी से अपील किया है कि दोषपूर्ण युक्तियुकरण नीति पर पुनर्विचार करें, दोषपूर्ण व अव्यवहारिक युक्तियुक्तकरण नीति का पूरे प्रदेश के शिक्षक विरोध कर रहे है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने  मांग किया है कि अतिशेष के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही किया जावे और सेटअप का शालाओ में पालन किया जावे, शालाओ में शिक्षकों के पद कम करने से निजी शालाओ को लाभ होगा, शालाओ के सेटअप में पदस्थ शिक्षकों का किसी भी प्रकार से दोष नहीं है।

नीति में सबसे बड़ी विसंगति तो यही है कि प्रत्येक शाला में एक-एक पद न्यूनतम छात्र संख्या पर कम किया गया है साथ ही एक ही परिसर के शालाओं को सम्बद्ध करने कहा गया है, इससे शाला का प्रबंध कमजोर होगा और इस नियम के तहत सम्बद्ध शालाओ के प्रधान पाठक पद को खत्म किया जा रहा है, इससे शिक्षकों की पदोन्नति नही होगी।

युक्तियुक्तकरण पर आवश्यक तथ्य –

1. प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, प्रधानपाठक (प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक) के पदों पर पहले पदोन्नति किया जावे।

2. 2008 के सेटअप में मिडिल स्कूल में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था, और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है, एक पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे यह नियम व्यवहारिक नही है,तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है, अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर भी एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जावे।

3. 2008 के सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक व दो सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत किया गया था, वर्तमान में एक पद कम कर दिया गया है यह व्यवहारिक नही है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है, अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जावे।

4. प्रधान पाठक का पद समाप्त करने वाला इस युक्तियुक्तकरण नियम से सहायक शिक्षक व शिक्षक की पदोन्नति 50% तक कम होगी, इससे शिक्षकों के पदोन्नति के अवसर कम होंगे जो पूर्णतः अनुचित है। 

5. प्रत्येक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला का स्वतंत्र अस्तित्व हो जिसके नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था के लिए स्वतंत्र प्रधान पाठक जरूरी है, इससे सहायक शिक्षक व शिक्षकों को पदोन्नति भी मिलेगी।

6. बालवाड़ी संचालित स्कूलों में बालवाड़ी 1 व प्राथमिक 5 कुल 6 कक्षा के संचालन हेतु न्यूनतम संख्या में भी 1 अतिरिक्त सहायक शिक्षक दिया जावे। 

7. युक्तियुक्तकरण नियम 2 अगस्त 2024, जिसके क्रियान्वयन हेतु 28 अप्रैल 2025 को जारी आदेश से शाला में पदों की संख्या कम किया गया है इससे नई भर्ती नही होने से प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ भी अन्याय होगा।

8. स्वामी आत्मानंद शालाओ में प्रतिनियुक्ति के शिक्षकों व शालाओ पर नियम की प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

9. युक्तियुक्तकारण से उच्चतर विद्यालय में काम का बोझ बढ़ जाएगा जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन सही तरीके से नही हो पायेगा। इस पूरी प्रकिया में समय / शासकीय सम्पत्तियो (रिक्त भवन जो खंडहर हो सकता है) एवं छात्रों के भविष्य पर कुठाराघात होगा।

10. एक ही परिसर में उच्चत्तर शाला में निचले शाला को मर्ज करना स्वतंत्र शाला के नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर डालेगा।

11. प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला में न्यूनतम शिक्षक संख्या घटाया गया है इससे इन शालाओ के शिक्षण स्तर में गिरावट आएगा।

12. बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में संचालित पोटा कैबिन में विभागीय सेट-अप स्वीकृत किया जावे।

13. जिस शाला में अतिथि शिक्षक कार्यरत है उन्हें अतिशेष से मुक्त रखा जाना आपत्तिजनक है।

14. स्कूल शिक्षा विभाग भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में  एकतरफा आदेश निर्देश जारी करने से पहले कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर सर्वसम्मत व प्रभावी कदम उठाए।

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संयुक्त समीक्षा बैठक पर मुख्यमंत्री के तेवर सख्त,नौकरशाही में हड़कंप,जनहित के किसी भी कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज सूरजपुर जिले के जिला पंचायत सभागार में सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों के अनुसार जिन हैंडपंपों में मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें 10 दिवस के भीतर दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हैंडपंपों में राइजिंग पाइप का विस्तार कर जल्द मरम्मत की व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों राजस्व प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के साथ ही  स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा बंटांकन जैसे मामलों का शीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। इसकी प्रगति पर विशेष ध्यान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई हितग्राही प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करता है तो उसके द्वारा मकान बनाने के लिए परिवहन की जा रही रेत के वाहन को खनिज विभाग द्वारा नहीं रोका जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी पर संबंधितों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि जो आवास मित्र अपने कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी में प्रधानमंत्री आवासों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है, ऐसे में अधिक से अधिक प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की आवश्यकता होगी। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राजमिस्त्रियों को भवन निर्माण की सेट्रिंग और मेशन का प्रशिक्षण सुनिश्चित दिया जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें और निर्माण कार्य भी तीव्र गति से पूरे होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान हैं, जिनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। 

बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जिला पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष श्रीमती इंदुमणी पैकरा, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस.,  जिले के प्रभारी सचिव श्री भुवनेश यादव, सरगुजा संभाग के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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भारत सरकार से बस्तर को रेल से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल को मिली मंजूरी: प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के प्रति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट

रायपुर : भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसका वहन केन्द्रीय बजट से किया जाएगा। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार प्रकट किया है, जिन्होंने बस्तर के दूरस्थ और जनजातीय जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के इस बहुप्रतीक्षित सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाया है।

बस्तर का कायाकल्प करेगा यह प्रोजेक्ट

रावघाट-जगदलपुर रेललाइन से न केवल कोंडागांव और नारायणपुर जैसे पिछड़े जिलों को पहली बार रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि इससे आदिवासी अंचलों में यात्रा, पर्यटन और व्यापार की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी। यह रेल मार्ग बस्तर की सुंदर वादियों, ऐतिहासिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति तक पर्यटकों की सीधी पहुँच को संभव बनाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

रेल कनेक्टिविटी से खनिज संसाधनों के परिवहन, स्थानीय उत्पादों की पहुँच, और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में व्यापक सुधार होगा। यह क्षेत्रीय उद्योगों और किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद करेगा।

भू-अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर – कार्य शीघ्र होगा प्रारंभ

प्रस्तावित रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर तय समय सीमा में पूर्ण किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में बस्तर के विकास का जो सपना वर्षों से संजोया गया था, वह अब रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना से साकार होता दिख रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को मिली स्वीकृति बस्तर की जनता के साथ सरकार की भावनात्मक प्रतिबद्धता और विकास के वादे की पूर्ति का प्रतीक है। यह रेलमार्ग बस्तर के लिए केवल एक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क नहीं, बल्कि एक नई जीवनरेखा है, जो लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के बेहतर अवसरों से जोड़ेगा। इससे कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर जैसे वे जिले जो तुलनात्मक रूप से आज भी विकास की मुख्य धारा से दूर हैं, अब राष्ट्रीय विकास की धारा से सीधे जुड़ेंगे। 

इस रेल परियोजना की नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विकास जब गांव-गांव तक पहुँचेगा, जब युवाओं को रोजगार मिलेगा, और जब जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुविधाएं सुलभ होंगी—तो हिंसा और भय की जगह उम्मीद और विश्वास का संचार होगा। बस्तर की धरती वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थी कि कोई उसे सुने, समझे और उसकी पीड़ा को दूर करे। आज जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं बस्तर की चिंता कर रहे हैं, तो यह सिर्फ एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि एक नए युग का आरंभ है—जिसमें बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की पटरी पर दौड़ेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अब परिवर्तन के ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को स्वीकृति देकर केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर के वनांचल, घाटियों और जनजातीय अंचलों तक उसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। यह परियोजना बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को साकार करने का निर्णायक कदम है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं बस्तर के दौरे पर आकर ‘बस्तर पण्डुम’ जैसे आयोजनों में भाग लेकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बस्तर में नक्सल नहीं, अब केवल विकास का युग चलेगा। यह रेललाइन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की निर्णायक और सकारात्मक उपस्थिति को और सशक्त बनाएगी।

रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग से न केवल कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जैसे जनजातीय जिलों को रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, खनिज संसाधनों का दोहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना शांति, सुरक्षा और समावेशी विकास के त्रिपक्षीय मंत्र को जमीन पर साकार करेगी। बस्तर की धरती अब हिंसा और उपेक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि उम्मीद, अवसर और उन्नति की भूमि बनेगी। 

जब मुख्यमंत्री स्वयं चौपालों में बैठकर ग्रामीणों की बात सुन रहे हैं और प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री बस्तरवासियों के विकास की मूल भावना को समझते हुए कार्य कर रहे हैं—तब यह स्पष्ट है कि बस्तर अब किसी कोने में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की केंद्रीय भूमिका में है। यह परियोजना न केवल बस्तर में रेल परियोजनाओं के विस्तार का प्रतीक है, बल्कि यह नए भारत में समावेशी विकास की मजबूत मिसाल भी है – जहाँ विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल के जंगलों और पहाड़ों तक भी पहुँच रही है।

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माथमौर में महुआ पेड़ की छांव तले लगी सीएम की चौपाल..... कहा जल्द ही मिलेगा नवविवाहिताओं को महतारी वंदन योजना का लाभ

 रायपुर : सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अचानक मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम माथमौर पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना के जब मुख्यमंत्री माथमौर गांव पहुंचे, तो गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने आस-पास लगे फूलों से सुन्दर गुलदस्ता तैयार कर उनका आत्मीय स्वागत किया।  मुख्यमंत्री ने गांव के बीच स्थित महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी लेते हुए कहा कि, नई बहुओं को भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा। वहीं ग्राम सरपंचों को पीएम आवास के लिए पात्र परिवारों की सूची बनाकर भेजने के लिए कहा। 

 मुख्यमंत्री ने चौपाल की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया और पंचायत में विकास कार्यों एवं जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमान की खबर पाकर आसपास के कोलियारी और कुवांरपुर पंचायत के साथ निकट के कई ग्रामों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण माथमौर पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने रखीं।

 चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने राशन दुकान संचालन, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि, क्या उन्हें हर माह हजार रुपये की राशि समय पर मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि जिन नवविवाहित महिलाओं की पात्रता बनती है, उन्हें भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा।  

कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की होगी स्थापना

 जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई जानने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने माथमौर और उसके आसपास के गांवों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की घोषणा की। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फुलझर से चंदेला, तिलौली से दर्रीटोला, सनबोरा से पण्डो, कुवांरपुर से गाजर और पटपर टोला से चंदेला तक नई सड़कों के निर्माण की बात कही।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लगेगा बंदोबस्त कैंप

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कुवांरपुर में नायब तहसीलदार कार्यालय के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए बंदोबस्त कैंप आयोजित करने एसडीएम को निर्देशित किया। माथमौर में सामुदायिक भवन की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक आयोजनों और बैठकों के लिए एक स्थायी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का जल्द होगा निर्माण, मिल चुकी है स्वीकृति

 मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण स्वीकृत हो चुका है, जिससे इस आदिवासी अंचल के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुवांरपुर में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की करियर प्लानिंग पर बात करते हुए गांव में स्कूल की व्यवस्था की जानकारी ली। 

इस अवसर पर  मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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छिंदिया गांव में  सीएम आकस्मिक दौरा, सुशासन तिहार के तहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदिया में सुशासन तिहार के अवसर पर आकस्मिक दौरा कर ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर जब अचानक गांव के प्राथमिक शाला परिसर में उतरा तो यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में आश्चर्य और उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से स्थानीय फूलों और पत्तियों से बने गुलदस्तों से उनका आत्मीय स्वागत किया।
      मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिसर में स्थित कोसम पेड़ की छांव में चौपाल लगाई, जहां उन्होंने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ सभा की शुरुआत की और उपस्थित ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने सुशासन तिहार के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह त्योहार शासन को जनमानस के और अधिक निकट लाने का माध्यम है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना जैसी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और इन योजनाओं के प्रभाव को लेकर ग्रामीणों से फीडबैक भी प्राप्त किया।
      चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न स्थानीय समस्याएं एवं आवश्यकताओं को साझा किया, जिन्हें गंभीरतापूर्वक सुनते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अनेक घोषणाएं कीं। उन्होंने छिंदिया गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण की घोषणा की ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। साथ ही गांव में दो सीसी सड़कों के निर्माण, एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 17 में पुलिया निर्माण की स्वीकृति भी तत्काल प्रदान की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह विश्वास दिलाया कि सरकार प्रदेश के हर कोने में विकास और सेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है और कोई भी गांव या व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए वे स्वयं जमीनी स्तर पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
   
 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अंचलों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। गांवों के चौपालों में बैठकर समस्याओं को सुनना और मौके पर ही समाधान करना, यह हमारी सुशासन की सरकार का हिस्सा है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लें और स्वयं जागरूक होकर अन्य ग्रामीणों को भी प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस अप्रत्याशित दौरे में अपने बीच पाकर काफी खुश थे। ग्रामीणों ने आत्मीय मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पहली बार है जब राज्य का कोई मुख्यमंत्री सीधे उनके गांव पहुंचकर बिना औपचारिकता के खाट पर बैठकर उनकी बात सुनने आया है। इस पहल ने शासन और जनमानस के बीच की दूरी को कम किया है और लोगों के मन में सरकार के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है।

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दुर्घटना ने श्याम से छीना पैरों का बल तो सीएम कैम्प कार्यालय बना सहारा,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को श्याम ने दिया धन्यवाद

जशपुर  : वाहन चालक का काम कर अपना जीवन यापन करने वाले श्याम यादव का जीवन बड़ा सुखमय था। मां पिता और पत्नी बच्चों से भरा पूरा हंसता खेलता परिवार जिसका अकेला पालनकर्ता श्याम हुआ करता था। पर 2022 में एक दिन दुर्भाग्य से एक गंभीर हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और उसके एक पैर और हांथ ने चलना बंद कर दिया। हादसा से उनका पूरा जीवन परिवर्तित हो गया। कभी चार पहिया वाहन का चालन कर जीवन यापन करने वाले श्याम का अपने पैरों पर चलना भी मुश्किल हो गया। 
       ऐसे में घर की समस्याओं में घिर कर वे बहुत परेशान थे। ऐसे में उन्होंने मदद के लिए सीएम कैम्प कार्यालय में सहायता के लिए आवेदन दिया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर समाज कल्याण विभाग की दिव्यांगों को सहायक उपकरण प्रदान कराने की योजना के तहत श्याम को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। जिस पर श्याम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि जब मेरे पैरों में बल नहीं था सीएम कैम्प कार्यालय ने मुझे नए सिरे से जीवन प्रारम्भ करने के हौसले के साथ मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सीएम कैम्प कार्यालय को धन्यवाद देता हूँ।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सीएम कैंप कार्यालय बगिया मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बन गया हैं। कार्यालय में जनसमस्या का निवारण  तत्परता से किया जा रहा है। उम्मीद और आश लेकर पहुंचने वाले लोग यहां से एक मुस्कुराहट के साथ वापस जाते हैं।

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यशस्वी जशपुर ने बोर्ड परीक्षा में जशपुर का बढ़ाया यश,10वीं उत्तीर्ण परसेंटेज में जशपुर जिला लगातार दूसरी बार रहा प्रदेश में अव्वल

जशपुर : शिक्षा सत्र 2024-25 के‌ लिए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के द्वारा जारी 12 वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के पासिंग परसेंटेज में जशपुर जिला 94.01 प्रतिशत के साथ पुरे प्रदेश के सभी ज़िलों में प्रथम स्थान पर रहा है। वहीं 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में 94.22 प्रतिशत के साथ द्वितीय स्थान पर रहा है। 
          जिला कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए संचालित यशस्वी जशपुर कार्य योजना वरदान‌ साबित हो रही है। लगातार दूसरे वर्ष जशपुर जिला 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में प्रथम स्थान पर रहा है।
    इस उपलब्धि पर कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार ने सभी शिक्षकों को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने सभी विद्यार्थियों के साथ उनके पालको को भी शुभकामनाएं दी हैं। कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि यह उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणाम शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है।
    यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार हर वर्ष की भांति ही इस वर्ष भी सभी विद्यालयों में परीक्षा के ब्लूप्रिंट के आधार पर अभ्यास और मूल्यांकन ,  बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से प्री बोर्ड 1 और प्री बोर्ड 2 परीक्षा , मिशन 40 डेज की गतिविधियां कराई गई थी। जिससे इस वर्ष भी जिले का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा है। 
      जिले की उपलब्धि पर  सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर  सहित यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता , सदस्य संजीव शर्मा , अवनीश पांडेय ने शुभकामनाएं दी है।

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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल  जशपुर के छात्रों ने 10वीं और 12वीं में किया शानदार प्रदर्शन,अपने विद्यालयों का किया नाम रोशन

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल  जशपुर के छात्रों ने 10वीं और 12वीं में किया शानदार प्रदर्शन,अपने विद्यालयों का किया नाम रोशन

 जशपुर : स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्रों ने वर्ष 2024-25 के बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल का नाम रोशन किया है। दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं के हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों माध्यम के परिणामों में छात्रों ने उत्कृष्टता का परचम लहराया है।  

10वीं कक्षा के परिणामों की झलक


कुल 47 अंग्रेजी माध्यम और 22 हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।  
अनुष्का सिंह ने राज्य प्रावीण्य सूची में सातवीं रैंक हासिल की।
- 30 छात्रों ने **90% से अधिक** अंक प्राप्त किए।  
- 100 प्रतिशत छात्र प्रथम श्रेणी में हुए उत्तीर्ण 

12वीं कक्षा के परिणामों की प्रमुख बातें

*विज्ञान संकाय (गणित/जीव विज्ञान)* 25 छात्र एवं वाणिज्य संकाय में  23 अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी और 23 हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी

*रूपेश लायक (गणित संकाय) ने 95.20% अंक प्राप्त किए, लेकिन मेरिट लिस्ट में सिर्फ 2 अंकों से चूक गए*
- 16 छात्रों ने **90% से अधिक** स्कोर किया।  
- *100% छात्र** प्रथम श्रेणी में पास हुए।  
 *हिंदी माध्यम की राधिका भगत  10 वीं में 93.5% एवं खुशी परवीन 12वीं में 92% प्राप्त किए*

प्राचार्य  ने जताई खुशी
स्कूल के प्राचार्य विनोद कुमार गुप्ता ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, *यह परिणाम हमारे छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का प्रतिफल है। रूपेश जैसे मेधावी छात्रों का मार्गदर्शन जारी रहेगा ताकि वे अगले चरणों में और ऊँचाइयाँ छू सकें।

समाज और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
अभिभावकों ने स्कूल की शिक्षण पद्धति और शिक्षकों के योगदान को सराहा। एक अभिभावक ने कहा, *"90% से अधिक अंक पाने वाले 50 छात्रों का आँकड़ा हमारे लिए गर्व की बात है।"*
विद्यालय के सभी सफल छात्र छात्राओं को विद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता महेश गुप्ता, जयेश टोपनो, सुखेश्वर भगत , भैरब भौमिक , सुरेश टांडी सहित समस्त शिक्षकों ने बधाई और शुभकामनाएँ दी है l

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