ताजा खबरें


बड़ी खबर

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ

रायपुर : आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने ट्राइबल म्यूजियम बनाकर आदिवासी संस्कृति, सभ्यता और उनकी जीवनशैली को आमजन तक पहुँचाने के लिए अभिनव पहल की है। इसके लिए नवा रायपुर अटल नगर में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में भव्य एवं आकर्षक आदिवासी संग्रहालय (ट्राइबल म्यूजियम) बनाया गया है। राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में सबसे पहले आदिवासी परम्परा अनुरूप मुख्य द्वार पर द्वार पूजा व श्रीफल तोड़कर नवनिर्मित ट्राइबल म्यूजियम में प्रवेश किया। वहीं प्रवेश गैलेरी में पंचतत्व के साथ प्रकृति शक्ति की पूजा करते हुए मंगलकामना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम  उपस्थित थे। 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के निर्माता तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि, अटल जी ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बनाया। अटल जी के कार्यकाल में ही जनजाति विकास के लिए केन्द्र सरकार में आदिम जनजाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ। वहीं यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए पीएम जनमन योजना लागू किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत में आज आदिवासी समुदाय की श्रीमती द्रौपदी मूर्मु राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पहचान हमारी सुंदर जनजातीय संस्कृति से है।  छत्तीसगढ़ में जनजातीय संस्कृति में विविधता है और हर जनजातीय समुदाय की अपनी विशिष्ट पहचान है। प्रदेश 43 जनजातीय समुदाय हैं और इनकी अनेकों उपजातियाँ हैं। इसके साथ ही हमारे राज्य में विशेष पिछड़ी जनजातियाँ भी हैं।  जनजातीय समुदाय का सुंदर संसार, इनका खानपान, पहनावा, संगीत, लोककला, वाद्ययंत्र, नृत्य इन सबकी झलक म्यूजियम में दिखेगी। इसमें 14 गैलरी हैं और हर गैलरी एक विशेष थीम पर बनाई गई है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल आदिवासी समाज की परंपराओं, कला और संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनजातीय समुदायों की जीवनशैली, वेशभूषा, लोककला, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को दृश्य और डिजिटल माध्यमों से दर्शाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस म्यूजियम में हमारे जनजातीय क्षेत्रों की बहुरंगी संस्कृति की झलक दिखाई गई है। यह झलक दर्शकों को इस बात के लिए प्रेरित करेगी कि वे बस्तर और सरगुजा घूमने जाएं और जिन चीजों को उन्होंने इस म्यूजियम में महसूस किया है उसे वहां प्रत्यक्ष रूप में देख सकें।  

ट्राइबल म्यूजियम के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्राइबल म्यूजियम के शुभारंभ  को गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य प्रदेश में आदिवासी संस्कृति को और उनकी जीवन पद्धति को सबके सामने रखने के लिए ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण हुआ है। 

आदिवासी विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि अब ट्राइबल म्यूजियम में एक स्थान पर ही छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले हर आदिवासी समुदाय के बारे में संपूर्ण जानकारी लोगों को मिल जाएगी।   

14 गैलरियों में दिखेगी जनजातीय संस्कृति :

गौरतलब है कि जनजातीय संग्रहालय में कुल 14 गैलरियां हैं, जिनमें जनजातीय जीवनशैली के सभी पहलुओं का बहुत ही खूबसूरत ढ़ंग से जीवंत प्रदर्शन किया गया है। इनमें जनजातियों के भौगोलिक विवरण, तीज-त्यौहार, पर्व-महोत्सव तथा विशिष्ट संस्कृति, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, वस्त्र (परिधान) एवं आभूषण, कृषि तकनीक एवं उपकरणों, जनजातीय नृत्य, जनजातीय वाद्ययंत्रों, आग जलाने, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधों से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणो व परंपरागत तकनीकों, को दर्शाया गया हैं। वहीं  सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में गोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला इत्यादि, जनजातीय में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि का एवं अंतिम गैलरी में विषेष रूप से कमजोर जनजाति समूह यथा अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं राज्य शासन द्वारा मान्य भुंजिया एवं पण्डो के विशेषीकृत पहलुओं का प्रदर्शन किया गया है। संग्रहालय में डिजिटल एवं एआई तकनीक के माध्यम से जनजातीय संस्कृति का भी प्रदर्शन किया गया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही सम्बंधित झांकी की सम्पूर्ण जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी। 

कथानक समिति के सदस्यों का सम्मान :

ट्राइबल म्यूजियम बनाने में सहायक रहे विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं समाज के पदाधिकारियों का सम्मान भी मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों मंच से किया गया। ट्राइबल म्यूजियम में कथानक समिति में पंडित रविशंकर शुक्ल विवि. में मानव विज्ञान अध्ययनशाला के प्रो. (डॉ.) अशोक प्रधान, शासकीय गुंडाधूर महाविद्यालय की डॉ. किरण नुरुटी, कंवर समाज के प्रतिनिधि श्री गंगाराम पैंकरा, बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री ईतवारी राम मछिया बैगा, बिंझवार समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री बेदराम बरिहा, हल्बा समाज के अध्यक्ष श्री लतेल राम नाईक, मुरिया समाज के जिला अध्यक्ष श्री धनीराम सोरी एवं राजगोंड समाज के जिला अध्यक्ष श्री तुलाराम ठाकुर को सम्मानित किया गया।  

प्रयास’ के होनहारों को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित  :

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालय के 112 विद्यार्थियों से भी मुलाक़ात की, जिन्होंने जेईई(JEE) की मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे न सिर्फ़ खुद के लिए, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और राज्य के लिए प्रेरणा हैं।  

नियुक्ति पत्र मिलने पर खिले चेहरे

राज्य सरकार ने बीते दिनों व्यापम के माध्यम से छात्रावास अधीक्षकों के 300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की। इसमें नवचयनित छात्रावास अधीक्षकों को नियुक्ति पत्र सह पदस्थापना पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से 11 छात्रावास अधीक्षकों को मंच पर आमंत्रित कर मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

ट्राइबल म्यूजियम के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने परिसर में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मौलश्री, विधानसभा अध्यक्ष ने अमलतास, केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम मौलश्री के पौधे रोपित किए। मंचीय कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री ओपी चौधरी, श्री दयालदास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्री टंकराम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री खुशवंत साहेब, श्री ईश्वर साहू, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू समेत अनेक निगम-मंडल के अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन कार्यक्रम में मौजूद रहे। विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने विभागीय प्रतिवेदन पढ़ा एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। विभागीय आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने आभार व्यक्त किया।

और भी

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश,राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक है : सीएम श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। 

लोकसभा सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं।

और भी

हमारा संकल्प 2026 तक नक्सलमुक्त भारत : नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने की सुरक्षा बलों की सराहना.....लाल आतंक के विरुद्ध निर्णायक विजय: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर ले जाते हुए छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर  नक्सल विरोधी ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई दी है और इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए हम दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुरक्षा बलों  विशेषकर सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि लाल आतंक के विरुद्ध चल रही इस निर्णायक लड़ाई में हमारे वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में पूरी बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया है। उनके अदम्य साहस, धैर्य और पराक्रम को मैं नमन करता हूं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि अब वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा, और बस्तर के गांव-गांव में शांति, समृद्धि और विकास की नई रोशनी फैलेगी।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने ट्वीट करके बताया है कि छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के दुर्गम क्षेत्र पर हाल ही में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराकर नक्सल उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इलाके किया है कि  यह क्षेत्र रणनीतिक योजना, नक्सल प्रशिक्षण और हथियार निर्माण का गढ़ रहा है। आज उसी पहाड़ पर शान से तिरंगा लहरा रहा है – यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की विजय का प्रतीक है।

 केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित हैं। मैं देशवासियों को पुनः विश्वास दिलाता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक भारत का नक्सलमुक्त होना तय है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन महज 21 दिनों में पूरा हुआ, और इसमें सुरक्षा बलों का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ, जो हमारी रणनीति, समन्वय और शौर्य का प्रमाण है। उन्होंने सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों को खराब मौसम और कठिन भूगोल के बावजूद दिखाए गए अदम्य साहस और अनुशासन के लिए बधाई दी।

श्री शाह ने यह भी कहा कि यह सफलता केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक और वैचारिक विजय भी है, जिसने नक्सल नेटवर्क की रीढ़ को हिला दिया है। देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ की जनता को यह विश्वास दिलाता है कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कभी लाल आतंक की सत्ता थी, वहाँ आज राष्ट्रध्वज की छाया में शांति, विकास और संविधान का शासन स्थापित हो चुका है।यह अभियान आने वाले समय में सुरक्षा बलों के लिए मॉडल ऑपरेशन के रूप में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। 

केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यह साझा प्रयासों का ही परिणाम है कि इतने बड़े अभियान में ज़ीरो कैज़ुअल्टी के साथ इतनी बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और सामर्थ्य के साथ कार्य कर रही हैं। श्री अमित शाह ने कहा कि यह लक्ष्य अब केवल रणनीति नहीं, राष्ट्रीय संकल्प है।

और भी

मुख्यमंत्री की पहल रंग लाई : लोगों को आवागमन करने में अब होगी और आसानी....जशपुर जिले के लिए सड़कों के विस्तार के लिए 185 करोड़ 96 लाख की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य शिक्षा,पेय जल, बिजली ,सड़कों का विस्तार के साथ सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तीन सड़कों के निर्माण कार्य के 185 करोड़  96 लाख 95 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। जशपुर जिले में खुशी की लहर 

केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 के द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल जिला जशपुर  लुडेग-तपकरा-लावा केरा मार्ग एस.एच.-04 लं. 41.00 किमी चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
राज्य शासन द्वारा विषयांकित कार्य के लिये रूपये 11033.00 लाख रूपये एक सौ दस करोड़ तैतीस लाख मात्र की प्रशासकीय स्वीकृति भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग नई दिल्ली से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
      इसी प्रकार योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 के द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल जिला जशपुर आस्ता कुसमी मार्ग के कि.मी. 28.00 कि.मी. के निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति 3586.99 लाख रुपये पैतीस करोड़ छियासी लाख निन्याबे हजार मात्र की प्रशासकीय स्वीकृत्ति भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली के द्वारा प्राप्त हुई है।
     इसी प्रकार केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 के द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल जिला जशपुर बागबाहर कोतबा मार्ग लम्बाई 13.20 कि.मी. कार्य के लिये रूपये 3976.96 लाख रूपये उनचालीस करोड़ छिहत्तर लाख छियानबे हजार मात्र की प्रशासकीय स्वीकृति भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली के द्वारा प्राप्त हुई है।

और भी

राज्य मंत्रिपरिषद का ऐतिहासिक निर्णय – छत्तीसगढ़ औद्योगिक क्रांति की ओर एक और कदम.....युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार

संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

आधुनिक खेती को मिलेगा संस्थागत समर्थन

हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी।

खेल प्रशिक्षण और अकादमियों को प्रोत्साहन

राज्य सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हुई खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का विकास भी होगा।

उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को विस्तार

अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पर्यटन और होटल व्यवसाय को नई उड़ान

बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे।

कपड़ा उद्योग को मिलेगा दोगुना प्रोत्साहन

टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे।

छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब

नई लॉजिस्टिक नीति के तहत पूरे राज्य में माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को लागत में कमी, समय की बचत और बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी।

दिव्यांगजनों को मिलेगा विशेष लाभ

दिव्यांगजनों की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें अधिक से अधिक योजनाओं में शामिल किया जाएगा। यह समावेशी विकास की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम है।
 
रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को स्पेशल पैकेज

राज्य अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी निवेश आकर्षित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करेगा।

निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अनुदान

"प्लग एंड प्ले" फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निजी औद्योगिक पार्कों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा

प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु निजी सीबीएसई स्कूल और मिनी मॉल (मल्टीप्लेक्स युक्त) को भी थ्रस्ट सेक्टर की तरह मान्यता दी जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ये सुविधाएं नहीं हैं।

समावेशी और क्षेत्रीय संतुलन आधारित नीति

यह नीति राज्य के सभी क्षेत्रों  के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करती है। इससे क्षेत्रीय असमानता में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह संशोधित नीति केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, युवाओं के भविष्य और किसानों के सशक्तिकरण का यंत्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष निवेश स्थलों में शामिल होगा।

और भी

कलाकार और साहित्यकार समाज की आत्मा: मासिक पेंशन बढ़ाने का निर्णय.....162 कलाकारों को मिलेगा सम्मान और संबल

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के उन कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक निर्णय लिया गया, जो आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। अब इन्हें दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) राशि को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे कलाकार और साहित्यकार समाज की आत्मा हैं। उनका योगदान अमूल्य है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके प्रति राज्य की संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बजट सत्र में की गई घोषणा का परिपालन है, और हमारी सरकार हर वर्ग के सशक्तिकरण हेतु प्रतिबद्ध है।

यह पेंशन संस्कृति विभाग की वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 के अंतर्गत दी जाती है। इस योजना की शुरुआत 1986 में हुई थी, जब सहायता राशि न्यूनतम 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये थी। बाद में 2007 में इसे 1500 रुपये और 2012 में 2000 रुपये किया गया, लेकिन 12 वर्षों से इसमें कोई वृद्धि नहीं हुई थी।

उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्तमान में कुल 162 कलाकारों और साहित्यकारों को यह मासिक पेंशन दी जा रही है। अब उन्हें सालाना 24 हजार की जगह 60 हजार रुपये मिलेंगे, जिससे वे अपनी बुनियादी जरूरतें बेहतर ढंग से पूरी कर सकेंगे।

मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस संशोधन से राज्य पर कुल  58.32 लाख रुपये का वार्षिक अतिरिक्त व्यय भार आएगा। पहले जहां कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये था, वह अब बढ़कर 97.20 लाख रुपए वार्षिक हो जाएगा। लेकिन यह व्यय राज्य सरकार के लिए गौरवपूर्ण कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन लोगों ने कला, साहित्य और संस्कृति की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया, उनका आत्मसम्मान बनाए रखना हमारा दायित्व है। यह निर्णय संवेदनशील और समावेशी शासन का प्रमाण है। सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक सहारा देगा, बल्कि कलाकारों और साहित्यकारों को आत्मबल और सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रदान करेगा।

और भी

शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का एक ऐतिहासिक निर्णय : मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मिली मंजूरी

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मंजूरी दी गई, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा की संरचना और परिणामों को एक नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा जीवन निर्माण की प्रक्रिया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा मिले, चाहे वह किसी भी कोने में क्यों न रहता हो। उन्होंने इसे भविष्य निर्माण की नींव बताया और कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना राज्य का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बहुआयामी रणनीतियाँ लागू की जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिनमें विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा दी जाएगी।

विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की प्रमुख विशेषता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ, आधारभूत सुविधाएँ और शिक्षक उपस्थिति जैसे संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। यह पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की नई मिसाल होगी। जो विद्यालय अपेक्षित गुणवत्ता तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्य न केवल शिक्षा विभाग द्वारा, बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से किया जाएगा, जिससे सामुदायिक निगरानी को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक ओर जहाँ कमजोर विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मॉडल विद्यालयों का चयन कर भी किया जाएगा। कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे श्रेष्ठ शैक्षणिक व्यवहार और व्यवस्थाओं से प्रेरणा ले सकें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पालक-शिक्षक सहभागिता मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पालक-शिक्षक बैठकों (PTM) को एक औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा। इससे शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और बच्चों की प्रगति पर संयुक्त रूप से कार्य हो सकेगा।

इस अभियान के तहत कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष फोकस रहेगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाएँ, जिससे सीखने की प्रक्रिया आनंददायक और प्रभावी हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शिक्षा को केवल पहुंच का विषय नहीं, बल्कि गुणवत्ता का विषय भी बनाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान न केवल प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल बनाएगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

और भी

मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में  लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


रायपुर :- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में  लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

1 मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। 

इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। 

2 मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं।

यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। 

वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा।
 
3 मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी।
 
4 मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। 

प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। 

 युवाओं को मिलेगा रोजगार - नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। 
 हाइटेक खेती को बढ़ावा - अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा।
 युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं - राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे।
 गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 
 ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा।
 पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा - बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
 कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन - टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा।
 लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ - अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
 दिव्यांगजनों को विशेष लाभ - दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके।
 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। 
 प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।  

और भी

धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे है......केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों ने पीएम आवास के हितग्राहियों के पखारे पाँव 

रायपुर, ; हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा...किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल...बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। 

ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। 

जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। 

ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है।

और भी

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में हितग्राहियों से की सीधी बातचीत

रायपुर, : “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम के तहत आज अम्बिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हितग्राही मूलक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और लाभार्थियों से सीधी बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने आदिवासी मछुवारा समिति, बड़दमाली के सदस्य कृपा शंकर सिंह से संवाद किया और उनकी आय तथा सुविधा संबंधी जानकारी प्राप्त की। कृपा शंकर ने मंत्री को बताया कि समिति में कुल 45 सदस्य हैं और सभी को वर्ष भर में 50 हजार से 60 हजार रुपये का लाभ होता है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें मछली पकड़ने का जाल अनुदान के तहत केवल 10 हजार रुपये में मिला है।

कृषि विभाग की प्रदर्शनी में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कृषक बृज कुमार से भी बातचीत की। बृज कुमार ने बताया कि उन्हें 23 हजार रुपये का कृषि पंप सिर्फ 15 हजार रुपये में मिला, जिससे उन्हें 8 हजार रुपये की सीधी बचत हुई। कृपा शंकर और बृज कुमार दोनों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री से आमने-सामने बातचीत करने का मौका मिला, जो उनके लिए गर्व का क्षण रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंच रही हैं और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

और भी

उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों का हुआ सम्मान,चार लाख से अधिक दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य-केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान

रायपुर:अम्बिकापुर में ‘‘मोर आवास मोर अधिकार’’ कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की दीदियों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर की ग्राम पंचायत लोसंगी निवासी बीसी सखी श्रीमती बालेश्वरी यादव को पाँच ग्राम पंचायतों के जरूरतमंद हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अब तक 11.24 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन करने हेतु सम्मानित किया गया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत केवरी की जेंडर रिसोर्स पर्सन श्रीमती अम्बे दास को महिला संगठन के माध्यम से घरेलू हिंसा के 37 प्रकरणों का समाधान करने एवं मानव तस्करी की शिकार 3 युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने के लिए सम्मानित किया गया।

विकासखण्ड अम्बिकापुर के ग्राम मेंड्राकला की संजीवनी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती निर्मला एक्का द्वारा समूह से ऋण लेकर सेण्ट्रिंग प्लेट एवं मिक्सर व्यवसाय प्रारंभ किया गया। वे वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 10 घरों को सेण्ट्रिंग सामग्री उपलब्ध करा रही हैं। उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होने के कारण वे ष्लखपति दीदीष् के रूप में सम्मानित की गईं। इसी पंचायत की चंदा स्व-सहायता समूह की श्रीमती बबिता यादव द्वारा भी समूह से ऋण लेकर सीमेंट एवं गिट्टी व्यवसाय प्रारंभ किया गया। उनके द्वारा पंचायत एवं आसपास के क्षेत्र में भवन निर्माण में सक्रिय भागीदारी दी जा रही है। उन्होंने ऋण की समयबद्ध चुकौती के साथ व्यवसाय में आत्मनिर्भरता स्थापित की है।

जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत राधा महिला स्व-सहायता समूह की श्रीमती चांदनी सिंह को बैंक लिंकेज एवं सामुदायिक निवेश निधि के माध्यम से मुर्गी पालन एवं सब्जी उत्पादन कार्य प्रारंभ कर वार्षिक 2.5 लाख रुपये की आय अर्जित करने हेतु सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया गया। शाकम्भरी योजना के अंतर्गत ग्राम कोटिया (विकासखण्ड अम्बिकापुर) के कृषक श्री बृज कुमार एवं श्री मोहरलाल सिंह को दो एच.पी. के पम्प प्रदान किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद, विधायकगण, निगम-मंडल अध्यक्षगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

क्रमोन्नति वेतनमान का सबके लिए जनरल आदेश जारी करने, युक्त युक्तिकरण पर तत्काल रोक लगाने, स्थानांतरण पर बैन हटाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक मिले मंत्रालयीन अधिकारियों से

रायपुर : राज्य के विभिन्न ब्लॉक एवं जिलों से आए हुए शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने आज कर्मचारी नेता एवं छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू के नेतृत्व में अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय एवं संचनालय में विभिन्न अधिकारियों से मुलाकात कर तात्कालिक मुद्दों एवं समस्याओं पर चर्चा एवं गहन विचार विमर्शकर शिक्षकों के हित मे निर्णय लेने व आदेश जारी करने की मांग की।
          संघ के प्रांत अध्यक्ष जाकेश साहू ने बताया कि देश की सर्वोच्च अदालत नई दिल्ली व उच्च न्यायाल बिलासपुर के आदेश का पालन करते हुए राज्य सरकार को चाहिए कि वह प्रदेश के एक लाख से अधिक शिक्षकों के हित में सोना साहू के तर्ज पर क्रमोन्नति वेतनमान का जनरल आदेश जारी करे। 
           शिक्षक संगठन ने बताया कि वर्तमान में युक्त युक्तिकरण में काफी विसंगतियां एवं खामियां हैं। सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त सितंबर में युक्त युक्तिकरण की प्रक्रिया का आदेश दिया था। उसी समय प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों के द्वारा विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण का विरोध करने पर उक्त प्रक्रिया पर विराम लगा दिया गया था।
         लेकिन इस वर्ष जैसी ही गर्मी की छुट्टी हुई और शिक्षक अवकाश में तथा शादी विवाह में व्यस्त हुए और इधर प्रशासन चुपके से युक्त युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी।
        जिसमें वही पुराने नियमों के आधार पर यह युक्त युक्तिकरण हो रहा है। इस पर अपना विरोध छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ द्वारा किया गया है।
       विभिन्न ब्लॉक एवं जिलों से आए शिक्षक साथियों ने प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू के नेतृत्व में अधिकारियों से मिला एवं अपने संगठन की मांगों को रखा। 2008 के सेटअप लागू करने की मांग संगठन के द्वारा अधिकारियों से की गई तथा यह कहा गया कि प्राथमिक शाला में मात्र दो शिक्षक के बदौलत कैसे गुणवत्ता आएगी...????
        प्राथमिक शाला में 60 दर्ज पर तीन शिक्षक अनिवार्य होने चाहिए। इसी प्रकार मिडिल स्कूल में कम से कम पांच शिक्षक अनिवार्य होनी चाहिए। कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों को बंद करने पर भी संगठन ने नाराजगी जाहिर की।
          साथ ही एक ही परिषर के दो स्कूलों को आपस में मर्ज करने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इससे प्राथमिक एवं मिडिल प्रधान पाठको के पद समाप्त हो जाएंगे।
        संगठन ने राज्य शासन से अधिकारियों के माध्यम से यह मांग किया कि इस पर तत्काल विराम लगाई जाए। 
*रायपुर संभाग में मिडिल स्कूल प्रधान पाठक पदों में पदोन्नति की मांग -*
        संभाग में मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों पर आज पर्यंत पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है जबकि प्रदेश के पांच में से चार संभागो में पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। सिर्फ रायपुर संभाग बचा हुआ है। जिस पर संगठन ने मंत्रालय में अधिकारियों के सामने अपनी गहरी नाराजगी एवं पीड़ा जाहिर की।
             तथा मांग किया कि रायपुर संभाग में मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों पर पदोन्नति सूची शीघ्र जारी की जाए। यदि शीघ्र सूची जारी नहीं की जाती है तो संगठन द्वारा संचनालय मंत्रालय के घेराव एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन एवं राज्य सरकार की होगी। प्रतिनिधित्व मंडल में नारायण सोनी, दिनेश कुमार साहू, प्रीतचंद गंगेल, हरीश दिवान, बीरेंद्र साहू, राजेंद्र लाडेकर, रोहित रजक, रमेश शर्मा, महेंद्र मंडावी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक नेता शामिल रहे।

और भी

उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन....मिडिल स्कूल प्रधान पाठक पदोन्नति सूची अविलंब जारी करने एवं विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण पर तत्काल रोक लगाने की गई मांग....

रायपुर :   आज राजधानी में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय पहुंचकर छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रांत अध्यक्ष जाकेश साहू के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। संगठन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि रायपुर संभाग में मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों पर पदोन्नति अब तक नहीं हो पाई है। जबकि प्रदेश के चार संभागों में मिडिल प्रधान पाठक के पदों में पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।
         लेकिन इस मामले में रायपुर संभाग अभी तक पिछड़ा हुआ है। इस बात को लेकर संभाग के पदोन्नति योग्य शिक्षकों में काफी नाराजगी है। उक्त विषय को लेकर पदोन्नति योग्य शिक्षकों ने प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू को अपनी पीड़ा बताया।
          जिस पर संगठन ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए आज राजधानी रायपुर पहुंचकर राज्य सरकार के प्रतिनिधियों एवं मंत्रियों के कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा गया।
*विसंगतिमुक्त युक्तयुक्तिकरण करते हुए 2008 का सेटअप लागू किया जाए -*
        संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने आज विभिन्न विभाग के मंत्रियों एवं विभागीय कार्यालयों में पहुंचकर वर्तमान में चल रहे युक्तिकरण पर अभिलंब रोक लगाने तथा युक्तिकरण में 2008 का सेटअप लागू करने की मांग की।
        युक्तिकरण संबंधित कमियों को दूर करने हेतु विभिन्न मंत्रियों के कार्यालय में निवेदन एवं ज्ञापन पत्र सौंपा गया। जाकेश साहू ने बताया कि प्राथमिक शालाओं में सिर्फ दो शिक्षक पदस्थ करने की योजना बनाया गया है एवं बहुत सारे स्कूलों को बंद किया जा रहा है जो व्यवहारिक व अनुचित है। 
      प्राथमिक शाला में कम से कम तीन शिक्षक व मिडिल स्कूलों में न्यूनतम पांच शिक्षक अनिवार्यत: पदस्थ होनी चाहिए। उक्त विसंगतिपूर्ण युक्तिकरण को पहले 2024 में लागू किया जा रहा था जिसे  विभिन्न संगठनों के विरोध के बाद स्थगित किया गया था। इस बार संगठनों के बगैर सलाम मशविरा एवं राय जाने बगैर युक्तिकरण की प्रक्रिया फिर से चलाई जा रही है।
       संगठन का कहना है कि प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों को विश्वास में लेते हुए उनकी राय अनुसार ही युक्तयुक्तिकरण किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में नारायण सोनी, दिनेश कुमार साहू, प्रीतचंद गंगेले, हरीश दिवान एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

और भी

केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में हुए शामिल,हितग्राहियों के पैर पखार कर सौंपी खुशियों की चाबी कहा सभी गरीब के बनेंगे पक्के मकान

सभी गरीब के बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री श्री चौहान

*केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सौंपा 3 लाख 700 पीएम आवासों का स्वीकृति पत्र*

*छत्तीसगढ़ में पीएम आवास 2018 की सर्वे सूची के सभी हितग्राहियों को मिलेगा आवास* 

*नवनिर्मित 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का कराया गृह प्रवेश*

रायपुर : केंद्रीय  ग्रामीण विकास एवं कृषि व किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल हुए। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन के आवास हितग्राहियों को उनके पूर्ण हो चुके आवास की चाबी सौंपी और उन्हें शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री ने आवास का निर्माण प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों के आवास का भूमिपूजन कर उन्हें आवास स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के नवनिर्मित 51 हजार आवासों में हितग्राहियों को गृह प्रवेश भी करवाया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की दीदियों, लखपति दीदियों को सम्मानित किया तथा अमृत सरोवर पोर्टल का शुभारंभ किया।  

केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि नया सर्वे हो रहा है और जिनके कच्चे मकान हैं, उनके पक्के मकान बनाए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि डबल इंजन की सरकार बनी तो सबको पक्के मकान बनाकर देंगे, हमारी सरकार बनते ही हमने अपना वादा निभाया।  छत्तीसगढ़ में जो पात्र हितग्राही थे सबके आवास अब स्वीकृत हो गए हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का उदय हो रहा है। हमारा संकल्प विकसित भारत के निर्माण का है। विकसित छत्तीसगढ़ बनेगा। उन्होंने लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीन लाख लखपति दीदी बनीं हैं। आने वाले समय में 4 लाख लखपति दीदी बनाएंगे। महिला स्व-सहायता से जुड़ी हर दीदी को लखपति बनाएंगे। गांव के हर एक गरीब को रोजगार से जोड़कर उसकी आमदनी बढ़ाएंगे।  

खेती को बनाएंगे फायदे का धंधा

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेती को फायदे का धंधा बनाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की फसल 3100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीद रहे हैं। किसानों की आय को बढ़ा रहे हैं। मेरे पास 16000 से अधिक कृषि वैज्ञानिक है। 29 मई से 12 जून तक कृषि वैज्ञानिक गांवों में आएंगे और 15 से 20 गांवों के किसी सेंटर पर किसानों के साथ बैठकर कृषि को फायदे का धंधा बनाने के लिए चर्चा करेंगे। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए क्या-क्या किया जाए, वे आपके बीच जाएंगे, आपकी समस्या को सुनेंगे, आपके खेत को देखेंगे, मिट्टी-मिट्टी का परीक्षण करेंगे कि खेत किस प्रकार की फसल के लिए उपयुक्त है। खरीफ फसलों की तैयारी के लिए सुझाव देंगे। खेती के साथ पशुपालन, उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगे। 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज जिन 51000 हितग्राही को अपने घर का चाबी मिल रही है उन सभी को शुभकामनाएं। इसके साथ आपको बिजली, पानी सभी सुविधा मिलेगी। एक साथ कई सुविधा दे रहे हैं ताकि आपके जीवन में कोई भी अभाव ना रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिले में 15 हजार आवास की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लेबर बजट बढ़ा दिया जाएगा। घर बनाने के लिए हितग्राहियों को 90 दिन की मजदूरी भी दी जाती है।  उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के वीर जवानों के शौर्य और वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अब सहने वाला नहीं, जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष कर सरगुजा संभाग के लिए सौभाग्य का दिन है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास देने वाले केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में पधारे है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  13 दिसम्बर को हमारी सरकार बनते ही 14 दिसम्बर की पहली कैबिनेट बैठक में हमने पहला काम 18 लाख आवास की स्वीकृति देने का किया। 

पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराएंगे आवास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी आवास प्लस-प्लस का सर्वे चल रहा है। सब से आग्रह है कि 15 मई तक सर्वेक्षण में अपना नाम जुड़वा लें। इस बार आवास के लिए पात्रता में कई छूट दी गई हैं। जिनके पास पांच एकड़ असिंचित जमीन या ढाई एकड़ सिंचित जमीन है, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपए तक है, जिनके पास मोटर सायकल हैं उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए पात्र माना गया है। 

आम जनता की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश में चल रहा है सुशासन तिहार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 3 चरणों में सुशासन तिहार चल रहा है। पहले चरण में लोगों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उनका समाधान किया गया और तीसरे चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं और मंत्रिगण समाधान शिविर में शामिल हो रहे हैं। विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और समीक्षा बैठक आयोजित किया जा रहा है। अभी तक मैं 11 जिले का दौरा कर चुका हूं ।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है। रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम का दर्शन करा रहे हैं। तीर्थदर्शन योजना पुनः प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त राज्य बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। आने वाले 6 महीने में 5 हजार पंचायतों में इनकी स्थापना की जाएगी और जल्द ही सभी पंचायतों में इन सुविधा केन्द्रों की स्थापना होगी। इन केन्द्रों में हितग्राही महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं की राशि का आहरण कर सकेंगे और आय, जाति प्रमाण पत्र आदि बनवा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि के पंजीयन में अनेक रिफॉर्म किए गए हैं। अब रजिस्ट्री करते ही नामांतरण का काम हो जाएगा ये बहुत बड़ा रिफॉर्म है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश भर के कई आवासहीन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है बेघर परिवारों को इस योजना के माध्यम से मिल रहे पक्के मकान ने न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थाई आवास भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं, उनके सपनों को फलीभूत करते हुए आज के दिन गृह प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किया जा रहा है। 

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े,  राज्य सभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, सरगुजा संभाग के सभी विधायकगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी  संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

सुशासन तिहार में सीएम के प्रवास में बदल दी विशेष पिछड़ी जनजाति युवा की जिंदगी,,,,,मिला नौकरी की सौगात

रायपुर,: सुशासन तिहार की रोशनी प्रदेश के कोने -कोने में फ़ैल रही है लेकिन ग्राम बल्दाकछार के बेरोजगार आदिवासी युवा टिकेश्वर के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। सुशासन तिहार से विशेष पिछड़ी जनजाति के युवा टिकेश्वर प्रसाद के जीवन में नई रोशनी आई है। विगत 9 मई को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर जब अचानक विकासखण्ड कसडोल के ग्राम बल्दाकछार में उतरा तो ग्रामवासियों के लिए यह किसी कौतूहल से कम नहीं था। प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय ने अपने स्नेह और आत्मीयता से ग्रामीणों का दिल जीत लिया। इसी बीच जब विशेष पिछड़ी जनजाति के कमार युवा ने मुख्यमंत्री जी से परिवार चलाने नौकरी करने की इच्छा जताई तो उन्होंने तत्काल कलेक्टर श्री दीपक सोनी को इस प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। श्री सोनी ने मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर कार्यवाही करते हुए कसडोल के शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में चतुर्थ श्रेणी में रिक्त पद पर कलेक्टर दर पर टिकेश्वर को नियुक्ति दी। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने टिकेश्वर प्रसाद को मंगलवार को नियुक्ति आदेश प्रदान किया। 

उल्लेखनीय है कि टिकेश्वर प्रसाद का परिवार बाँस की टोकनी, सूपा, पर्रा इत्यादि निर्माण का पारंपरिक व्यवसाय करता है जिसमें बहुत कम आमदनी होती है। टिकेश्वर 12 वीं तक की पढ़ाई करने के बाद इस काम में माता पिता का हाथ बंटा रहा था। किसी तरह परिवार की गुज़र बसर हो रही थी। जब मुख्यमंत्री जी ने उससे बातचीत की तो उसने नौकरी करने की इच्छा व्यक्त की ताकि वह अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने टिकेश्वर की सिर्फ़ इच्छा पूरी नहीं की बल्कि उसके जीवन में नई उम्मीद भी जगाई है। टिकेश्वर ने इस उपहार के लिए मुख्यमंत्री जी का दिल से आभार व्यक्त किया है और ख़ुशी ज़ाहिर की है कि अब वो अपने अपने माता पिता का सहारा बन पाया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश का हुआ अनुपालन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश के अनुपालन पर ग्राम बल्दाकछार में राजस्व एवं वन विभाग की टीम के द्वारा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीणों को वन अधिकार पत्र के संबंध में जानकारी दिया गया एवं वन अधिकार पत्र हेतु आवेदन प्राप्त किए गए। शिविर में बल्दाकछार के पांच ग्रामीणों के द्वारा वन अधिकार पत्र हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार ग्राम बल्दाकछार में शिविर की जानकारी हेतु कोटवार के माध्यम से मुनादी भी कराया गया।

और भी

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के दौरे का असर जमीनी स्तर पर त्वरित अमल,,,,,,महानदी तटबंध निर्माण और हाई मास्ट लाइट लगाने शुरू हुई कार्यवाही

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के दौरान ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने तीव्रता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे एवं योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देशन में आज जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) विभाग के अभियंताओं की टीम बल्दाकछार पहुंची। टीम ने दो अहम कार्योंकृमहानदी तट पर तटबंध निर्माण और ग्राम में हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की।

बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध

हर वर्ष महानदी की बाढ़ से कटाव झेल रहे बल्दाकछार गांव के लिए राहत भरी खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ग्राम को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर पक्के तटबंध का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में 5 मीटर स्लांट हाइट के साथ सीमेंट-कांक्रीट संरचना बनाई जाएगी, जिससे कटाव को रोका जा सकेगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 888 लाख रुपये है।

गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए क्रेड़ा विभाग ने भी ग्राम में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु स्थल का चयन कर लिया है। इंजीनियरों ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है। संबंधित प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है।

जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार में आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को समझते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे तत्पर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य रूप में परिणित हो रही हैं।

बल्दाकछार में शुरू हुई ये पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी प्रमाण है। जनता से किये वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल शब्द नहीं, एक साकार होती प्रक्रिया है।

और भी

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री ने नवा रायपुर में किया नारियल पौधे का रोपण

रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नवा रायपुर स्थित सेंट्रल पार्क में नारियल का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने नारियल के पौधों का रोपण कर हरियाली बढ़ाने के संकल्प को और मजबूत किया।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप दें। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार  छत्तीसगढ़ में हरित आवरण को बढ़ाने हेतु संकल्पित है और वृक्षारोपण को एक जन-भागीदारी अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, कृषि संचालक श्री राहुल देव, उद्यानिकी संचालक श्री एस. जगदीशन सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना....यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

रायपुर : केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है।

उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं।

और भी