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जशपुर जम्बुरी 25 : 120 पर्यटक देशदेखा में रॉक क्लाइंबिंग का ले रहे आनंद


जशपुर 7 नवम्बर 25/ जशपुर जम्बुरी में लगभग 120 पर्यटकों ने देशदेखा में रॉक क्लाइंबिंग का आनंद पूरी सुरक्षा और विशेषज्ञों की निगरानी में कराई गई।

पर्यटक प्रकृति के बीच हरी-भरी वादियां में सुकुन के पल बिता रहे हैं। रॉक क्लाइंबिंग एक प्रकार का एक पर्वतारोहण खेल है। जिसमें प्राकृतिक चट्टानों या कृत्रिम दीवारों पर चढ़ना शामिल हैं।

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गांव केरे में पर्यटक होम स्टे में रहने के साथ ही जशपुर की संस्कृति रहन-सहन खान-पान का भी ले रहे आनंद 

विशेष लेख 

जशपुर 7 नवम्बर 25/ जिला प्रशासन द्वारा जशपुर जम्बुरी का आयोजन 6 से 9 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है। जहां पर्यटकों को रूकने के लिए 
"होम स्टे" (Hom Stay) की सुविधा दी गई।
भिलाई से वरिष्ठ नागरिक का परिवार जशपुर जम्बुरी में शामिल हुआ है।
और जशपुर की सुन्दर वादियों संस्कृति खान पान का रहन सहन का भी आनंद उठा रहे हैं। जशपुर विकास खंड के ग्राम केरे में 8 होम स्टे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जहां पर्यटकों को सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराया गया है।
पर्यटकों ने जशपुर जम्बुरी के रहने, नाश्ता भोजन की सुविधा की सराहना की उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का अच्छी पहल है।

होम स्टे पर्यटकों को किसी स्थानीय व्यक्ति या परिवार के घर में ठहरना, जहाँ आप सिर्फ रहने की जगह नहीं पाते, बल्कि वहाँ के लोगों की जीवनशैली, संस्कृति और भोजन का अनुभव भी कर सकते हैं।

यह एक तरह का “लोकल अनुभव वाला ठहराव” (local cultural stay) होता है।

स्थानीय अनुभव: आप स्थानीय परिवार के साथ रहते हैं, जिससे उनकी संस्कृति, भाषा और परंपराएँ समझ सकते हैं।
घरेलू खाना: होटल के बजाय घर का बना हुआ स्वादिष्ट खाना मिलता है। कम खर्च: आमतौर पर यह होटल से सस्ता होता है।


व्यक्तिगत माहौल: आपको परिवार जैसा माहौल मिलता है, और मेज़बान (host) अक्सर बहुत मददगार होते हैं।

 ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism): भारत में कई होम स्टे गाँवों या पहाड़ी इलाकों में होते हैं जैसे हिमाचल, उत्तराखंड, केरल, सिक्किम, असम आदि।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर व्यवसायियों को बड़ी राहत

क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई से जीएसटी भुगतान की सुविधा छत्तीसगढ़ में लागू

रायपुर 7 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर राज्य जीएसटी विभाग और कोष लेखा (ट्रेज़री) विभाग द्वारा व्यवसायियों के हित में जीएसटी रिटर्न के भुगतान हेतु क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई (UPI) सुविधा पूरे राज्य में लागू कर दी गई है। इस सुविधा की मांग जीएसटी लागू होने के प्रारंभिक काल से ही व्यापारी वर्ग, चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा निरंतर की जा रही थी।

उल्लेखनीय है कि व्यापारिक वर्ग का कहना था कि यदि आधुनिक डिजिटल माध्यम जैसे यूपीआई और कार्ड भुगतान को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाए, तो राज्य में कर भुगतान और अधिक सुगम व पारदर्शी हो सकेगा। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए, करदाताओं की सुविधा और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दोनों विभागों को संयुक्त रूप से कार्य कर इसे शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह सुविधा अब प्रभावी हो गई है।

अब तक करदाताओं के लिए केवल नेट बैंकिंग और ओटीसी (Over the Counter) भुगतान के विकल्प ही उपलब्ध थे। इससे कई बार छोटे व्यापारियों और नए करदाताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बैंकों के जीएसटी पोर्टल से जुड़े न होने के कारण भुगतान करना संभव नहीं होता था, जबकि तकनीकी कारणों से भुगतान असफल होना, बैंक सर्वर का डाउन रहना या अंतिम तिथि पर पेमेंट फेल होना जैसी समस्याएँ भी आम थीं। ऐसे में अनेक करदाताओं को भुगतान के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की हानि होती थी।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि “राज्य सरकार करदाताओं को अधिकतम सुविधा देने के लिए निरंतर काम कर रही है। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से जीएसटी भुगतान की यह नई सुविधा करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे भुगतान प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज़ और पारदर्शी बनेगी, साथ ही छोटे व्यापारियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल राज्य सरकार की इज  ऑफ डूइंग बिज़नेस और डिजिटल गवर्नेंस को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

यह सुविधा अब जीएसटी पोर्टल (www.gst.gov.in) पर उपलब्ध है। करदाता पोर्टल में लॉगिन कर क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई ऐप से सीधे टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और जीएसटी भुगतान को और अधिक सहज तथा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाएगी।

इस नई पहल को राज्य में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और पारदर्शी कर प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और कर संग्रह दोनों में दक्षता बढ़ेगी तथा छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी डिजिटल टैक्स प्रशासन वाले राज्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

*“छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक और व्यापारी के लिए शासन की प्रक्रियाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाना है। करदाताओं के हित में जीएसटी भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई जैसी डिजिटल सुविधाओं का राज्यभर में विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल माध्यम से भुगतान की यह व्यवस्था व्यापारियों को न केवल सुविधा और गति प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास को भी सुदृढ़ करेगी। हम चाहते हैं कि करदाताओं को किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी कठिनाई का सामना न करना पड़े, और वे बिना किसी बाधा के अपने कर दायित्वों का पालन कर सकें। यह पहल छत्तीसगढ़ को डिजिटल भारत और ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस के मानकों पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल से सन्ना क्षेत्र के लोगों को मिलेगा घर के पास ही प्रत्येक बुधवार को एसडीएम लिंक कोर्ट,राजस्व कार्यों के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर

जशपुरनगर 6 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार अब अनुविभाग बगीचा अंतर्गत तहसील सन्ना में प्रत्येक बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बगीचा द्वारा लिंक कोर्ट का आयोजन किया जाएगा। इस व्यवस्था से सन्ना क्षेत्र के लोगों को अब अपने राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु बगीचा या अन्य स्थानों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस लिंक कोर्ट में तहसील सन्ना के 18 पटवारी हल्कों से संबंधित राजस्व प्रकरणों — अपील मामलों, धारा 145 के प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण एवं अन्य राजस्व विषयों की सुनवाई की जाएगी। न्यायिक एवं प्रशासनिक सुविधा को जनता तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीणों को अब स्थानीय स्तर पर ही त्वरित न्याय मिल सकेगा। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा है कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से सन्ना जैसे दूरस्थ क्षेत्र में यह पहल शुरू की जा रही है, ताकि लोगों को समय, धन और श्रम की बचत हो सके।

      लिंक कोर्ट की शुरुआत से न केवल ग्रामीणों की परेशानियां कम होंगी बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। इस व्यवस्था के तहत हर बुधवार को निर्धारित समय पर अधिकारी सन्ना में बैठकर विभिन्न प्रकार के राजस्व मामलों की सुनवाई करेंगे और मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे। यह पहल वास्तव में जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम है। इससे वर्षों से लंबित प्रकरणों का समाधान शीघ्र होगा और लोगों को अपने क्षेत्र में ही न्याय सुलभ होगा। यह कदम शासन के गांव के द्वार प्रशासन की भावना को साकार करता है, जिससे राजस्व व्यवस्था और अधिक सुगम और संवेदनशील बनेगी।

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बगीचा में जनसुविधा, स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना के विकास कार्यों का कलेक्टर ने लिया जायजा

जशपुरनगर 6 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज नगर पंचायत बगीचा में नागरिक सुविधाओं, खेल अवसंरचना एवं स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक स्थल पर अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने इंडोर स्टेडियम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मंगल भवन के चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे सभी निर्माण कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। अटल परिसर में सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्री व्यास ने पेड़ों में वॉर्म लाइट लगाने, बाउंड्रीवाल में रंग-रोगन पूर्ण करने और परिसर को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परिसर नगर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, अतः इसका सौंदर्यीकरण नागरिकों को एक बेहतर वातावरण प्रदान करेगा। इस दौरान  नगर पंचायत अध्यक्ष बगीचा श्री प्रभात सिड्डाम, एसडीएम श्री प्रदीप राठिया, जनपद सीईओ श्री विनोद सिंह, निर्माण एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित निर्माण एजेंसी के कर्मीगण मौजूद रहे।

*इनडोर स्टेडियम बनेगा खेल प्रतिभाओं का नया केंद्र* -  

कलेक्टर श्री व्यास ने बगीचा शहर में निर्माणाधीन इनडोर स्टेडियम का भी अवलोकन किया। यहां दो बैडमिंटन वुडन कोर्ट तैयार किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने ड्राइंग डिजाइन देखकर चेंजिंग रूम, पार्किंग और टॉयलेट की व्यवस्था का जायजा लिया तथा पर्याप्त पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित करने कहा, जिससे भविष्य में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन में सहूलियत हो। उन्होंने स्टेडियम की भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह स्टेडियम जिले के खेल प्रतिभाओं के लिए अभ्यास और प्रशिक्षण का सशक्त केंद्र बनेगा तथा युवाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु प्रेरित करेगा।

*बगीचा में स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को मिल रही मजबूती* - 
कलेक्टर श्री व्यास ने बगीचा में 30 बिस्तर वाले निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा की और अस्पताल के पंजीयन काउंटर, ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, एक्स-रे कक्ष, माइनर ओटी, पार्किंग आदि की व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि यह अस्पताल बगीचा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे उन्हें उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने छत की वॉटरप्रूफिंग, पाइपलाइन व्यवस्था, टंकी की फिटिंग तथा वर्षा जल संरक्षण हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि भवन टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बन सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण की जाए जिससे क्षेत्र के लोगों को बगीचा में ही बेहतर और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं मिले।

*दो मंगल भवनों से सामाजिक कार्यक्रमों को मिलेगा नया आयाम* - 

कलेक्टर श्री व्यास ने इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन दो मंगल भवनों का भी निरीक्षण किया। इनमें से एक भवन का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि दूसरा भवन मुख्यमंत्री घोषणा के तहत 99 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन है। जिसकी नींव खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्टर ने श्रमबल बढ़ाकर शेष कार्य में गति लाते हुए तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मंगल भवनों के निर्माण से आम नागरिकों को विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा, जिससे सामाजिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को शीघ्र सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उद्यानिकी क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति, किसानों की आय में हुई बढ़ोतरी

विगत 22 माह में 1550 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की हुई वृद्धि, 2600 से ज्यादा कृषक हुए लाभान्वित

संरक्षित खेती को भी मिल रहा है बढ़ावा

जशपुरनगर, 05 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि विविधीकरण और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उद्यानिकी क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। पिछले 22 माह के दौरान जशपुर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से फल, सब्जी, मसाला तथा संरक्षित खेती के क्षेत्रों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। जिले में कुल 1559 हेक्टेयर क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे 2628 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। इन प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि जशपुर ने आत्मनिर्भर कृषि मॉडल की दिशा में एक ठोस और प्रेरणादायक कदम बढ़ाया है।
 *फल क्षेत्र विस्तार-* राज्य पोषित एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत विगत 22 माह में फल उत्पादन हेतु 550 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया गया है। जिसमें आम 350 हेक्टयर में, नाशपाती 100 हेक्टयर में और लीची 100 हेक्टयर में उत्पादित किया जा रहा है। इससे 957 किसान लाभान्वित हुए हैं। फल क्षेत्र के विस्तार से जिले के किसानों को दीर्घकालिक आय का स्थायी स्रोत प्राप्त।हुआ है।
   *सब्जी क्षेत्र विस्तार-* राज्य पोषित एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनान्तर्गत विगत 22 माह में सब्जी उत्पादन हेतु 938 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार हुआ है। इसमें टमाटर 130 हेक्टयर में,  भिंडी 500 हेक्टयर में, लौकी 125 हेक्टयर में, करेला 50 हेक्टयर में और आलू 83 हेक्टयर में उत्पादित किया का रहा है।। जिसका लाभ 1432 किसानों को मिला है। इससे जिले में सब्जी उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधियाँ भी बढ़ी हैं।
   *मसाला क्षेत्र विस्तार*-राज्य पोषित एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनान्तर्गत विगत 22 माह में मसाला उत्पादन के क्षेत्र में भी जिले में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिले में मसाला उत्पादन हेतु 71 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया गया है। जिसमें धनिया 40 हेक्टयर में, अदरक 16 हेक्टयर  में और हल्दी 15 हेक्टयर क्षेत्र में उत्पादित किया जा रहा है।  इससे 164 किसान लाभान्वित हुए हैं। मसाला फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह किसानों के लिए आय का नया मार्ग बना है।
     *संरक्षित खेती*-राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत जिले में संरक्षित खेती को भी प्रोत्साहन मिला है। शेडनेट हाउस में 10 हजार वर्गमीटर और प्लास्टिक मल्चिंग के माध्यम से कुल 70 हेक्टेयर क्षेत्र में उन्नत खेती की जा रही है, जिससे 75 किसानों को लाभ हुआ है।  आधुनिक तकनीक से किसानों को वर्षभर उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त हो रही है।

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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर मत्स्य विभाग के हितग्राहियों को सामग्री का किया वितरण

जशपुरनगर, 06 नवंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर जिला मुख्यालय जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मत्स्य पालन विभाग के स्टॉल का निरीक्षण किया और विभागीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को सामग्री वितरित की। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मंत्री श्री जायसवाल को मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित आजीविकामूलक गतिविधियों और उनके माध्यम से लाभान्वित हो रहे ग्रामीणों की जानकारी दी।
       मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर  ग्राम झरगांव, जशपुर निवासी श्री दिनेश राम, ग्राम बालाछापर, जशपुर निवासी श्री सायसागर राम भगत एवं ग्राम चापाटोली, दुलदुला निवासी श्री सुनील राम को एक-एक नग जाल प्रदान किया गया। इसके साथ ही खूटीटोली, कुनकुरी निवासी श्री मकसूद खान को 01 नग जाल और 01 नग आईस बॉक्स दिया गया। इसके अलावा ग्राम कमतरा, कुनकुरी के युवा मछुआ सहकारी समिति कमतरा के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार एवं ग्राम आस्ता, मनोरा निवासी किसान कल्याण मछुआ सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री विपिन टोप्पो को 2-2 नग जाल और आईस बॉक्स प्रदान किया गया है। 
     इसी प्रकार गुलबहार स्व सहायता समूह घोलेंग के अध्यक्ष श्री दोमनिक बड़ा, लक्ष्मी स्व सहायता समूह बालाछापर श्री अध्यक्ष श्रीमती ललिता भगत, युवा मछुआ सहकारी समिति कमतरा के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार, किसान कल्याण मछुआ सहकारी समिति आस्ता के अध्यक्ष श्री विपिन टोप्पो और मकसूद खॉन को 10 वर्ष के लिए ग्रामीण तालाब, जलाशय का पट्टा आदेश दिया गया। हितग्राहियों ने इसके लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जायसवाल का आभार व्यक्त किया। 
   इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, श्री कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, रायगढ़ जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीएफओ श्री शशि कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्रीमती शारदा प्रधान सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती पर उद्यानिकी विभाग द्वारा नेशनल मिशन ऑन एडेबल ऑइल पाम का किया गया विशेष प्रदर्शन

जशपुरनगर 06 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर जिले रणजीता स्टेडियम जशपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे।
           कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उद्यानिकी विभाग के प्रदर्शनी स्टाल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक उद्यान श्री करण सोनकर द्वारा जिले की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों की उद्यानिकी फसलों के अनुकूलता तथा जिले में उपलब्ध उद्यानिकी विकास की संभावनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
      स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने स्टाल में प्रदर्शित विभिन्न फल, सब्ज़ियाँ एवं उत्पादों का अवलोकन किया तथा ऑइल पाम के फल में विशेष रुचि व्यक्त की। उन्होंने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नेशनल मिशन ऑन एडेबल ऑइल-ऑइल पामश् के अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यों की जानकारी भी ली और इसकी संभावनाओं की सराहना की।         
             इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग के स्टाल में  स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत जिले के प्रगतिशील कृषकों  श्री अशोक राम, श्री दिलीप, श्री रामलाल सहित कुल 10 कृषकों को ग्राफ्टेड टमाटर एवं बैंगन पौधे तथा धनिया बीज का वितरण किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा लगाई गई यह प्रदर्शनी जिले में हो रही आधुनिक उद्यानिकी गतिविधियों, नवीन तकनीकों और फसलों की विविधता का सजीव परिचय प्रस्तुत की। जिसने आगंतुकों एवं कृषकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

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बरसात मौसम में क्षतिग्रस्त हुए सड़कों किया जा रहा मरम्मत, माटीपहाड़-छर्रा और पकईटिकरा पहुंच मार्ग रिपेयर का कार्य प्रगतिरत

जशपुरनगर 06 नवंबर 2025/वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त हुए सड़कों के मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग संभाग पत्थलगांव अंतर्गत  330.00 लाख की निविदा स्वीकृत किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न मार्गों में बी.टी. पैच रिपेयर का कार्य किया जा रहा है। 
        वर्तमान में माटीपहाड़-छर्रा मार्ग लंबाई 3.00 कि.मी. तथा पकईटिकरा पहुंच मार्ग लंबाई 3.00 कि.मी. में बी.टी. पैच रिपेयर का कार्य प्रगतिरत है। दिसम्बर 2025 तक शेष अन्य मार्गों के बी.टी. पैच रिपेयर कार्य पूर्ण करा लिया जावेगा।

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जशपुर जम्बूरी के चार दिवसीय आयोजन में पर्यटकों का चंदन टीका रोली लगाकर किया गया आत्मीय स्वागत

जशपुरनगर, 6 नवम्बर 2025/ जशपुर जिले में 6 से 9 नवम्बर तक ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। इस चार दिवसीय आयोजन में जिले के युवाओं के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक भी शामिल हुए हैं।

पहले दिन जशपुर जम्बुरी में आने वाले मेहमानों का पंजीयन किया गया।
पारंपरिक और आत्मीयता से मेहमानों को चंदन टिका रोली बांधकर स्वागत किया गया।

चार दिवसीय ‘जशपुर जम्बूरी’ में प्रतिभागियों को रोमांच, कला और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। पहले दिन पंजीयन एवं स्वागत सत्र के बाद आइस-ब्रेकर गेम्स और रचनात्मक आर्ट वर्कशॉप आयोजित किया गया दोपहर में रॉक क्लाइम्बिंग, ज़िपलाइन, जुमरिंग और रैपलिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियाँ होंगी, जबकि शाम को कल्चरल एंड फन इवनिंग तथा रात में स्टारगेज़िंग सेशन आयोजित किया जाएगा।

दूसरे और तीसरे दिन प्रतिभागियों को दो समूहों — देशदेखा और मयाली — में विभाजित किया जाएगा। मयाली समूह कायाकिंग, पैरामोटर, एटीवी, पेंटबॉल, हॉट एयर बलून जैसी वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का आनंद लेगा, वहीं देशदेखा समूह रानीदाह जलप्रपात, सारुडीह चाय बागान और संग्रहालय भ्रमण करेगा। शाम को सरना एथनिक रिज़ॉर्ट में सांस्कृतिक एवं संगीत संध्या का आयोजन होगा। 
अंतिम दिन 9 नवम्बर को एडवेंचर और आर्ट रोटेशन का फाइनल राउंड तथा क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन होगा। दोपहर में समूह फोटो, फीडबैक सेशन और प्रतिभागियों की विदाई के साथ इस वर्ष का ‘जशपुर जम्बूरी’ संपन्न होगा।

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किसानों से धान खरीदी किया जाएगा 15 नवम्बर से 31 जनवरी 26 तक, अवैध धान के आवक को रोकने हेतु बनाए गए 21 चेक पोस्ट

जशपुरनगर 06 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के  निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाना है। शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी अवधि तक जिले में अन्य राज्यों से अवैध धान के आवक को रोकने हेतु 21 चेक पोस्ट बानए गए हैं। इन चेक पोस्ट में विपतपुर, मकरीबंधा, कस्तुरा, करडेगा, सपघरा, बगुरकेला, सुण्डरू, स्ुाखरापारा, लवाकेरा, गढवामुण्डा, माटीपहाड़ छर्रा, बनखेता, तालड़ा, पेरवाआरा, नामनी चौक, सागजोर, पीड़ी, साईटांगरटोली, डड़गांव (चौकी मनोरा), भलमण्डा, सकरडेगा शामिल है।
        कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार 21 चेक पोस्ट पर निगरानी हेतु 03 पालियो में अधिकारी-कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। प्रत्येक चेक पोस्ट में 1 आरक्षक एवं 1 नगर सेना की भी  डयूटी लगायी गयी है। चेक पोस्ट से बिना अनुमति के धान लाना पाये जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा नियंत्रण कक्ष  के नम्बर 9244011192 या टोल फ्री नम्बर 18002333663 में इसकी सूचना दी जाएगी। जिसके आधार पर नियमानुसार प्रकरण निर्मित कर कार्यवाही की जावेगी। किसी अधिकारी-कर्मचारी के स्थानांनतरण होने के स्थिति में उनके स्थान पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी द्वारा उक्त डयूटी का सम्पादन किया जायेगा।

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वंदेमातरम् 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य में भी आयोजित होगें विभिन्न कार्यक्रम

जशपुरनगर 06 नवम्बर 2025/ वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर चार चरणो में ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन चरणबद्ध कार्यक्रम के प्रथम चरण  07 से 14 नवंबर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण, 07 से 15 अगस्त, 2026 (हर घर तिरंगा के साथ) एवं चतुर्थचरण 01 से 07 नवंबर 2026 (समापन सप्ताह) के साथ सम्पन्न होगा। 
         वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ पर आधारित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा होगा। 07 नवंबर 2025 को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से समस्त शासकीय कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान में किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का संबोधन पश्चात वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा, तत्समय संपूर्ण राज्य में एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया जाना होगा। बन्दे मातरम् के बोल और चुन पोर्टल yandemataram150.in में उपलब्ध है। आयोजित होने वाले कार्यक्रम की जानकारी भी उक्त पोर्टल में अपलोड किया जाना है। उक्त कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार दूरदर्शन, आकाशवाणी, सोशल मीडिया, पत्र-पत्रिकाओं, रेडियो आदि माध्यम से किया जावे, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभागी शामिल हो सकें।

आयोजन हेतु विभिन्न गतिविधियां
            07 नवंबर 2025 को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधियों के आतिथ्य एवं स्थानीय अधिकारियों, प्रमुख हस्तियों और नागरिकों की उपस्थिति में व्यापक जनभागीदारी के साथ सभी जिलों में बड़े पैमाने पर ग्राम पंचायत स्तर से प्रदेश स्तर तक समस्त शासकीय कार्यालय समस्त्त शैक्षणिक संस्थान एवं अन्य संस्थानों पर वंदे मातरम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया जाये।    
                 क्षेत्र के प्रमुख गायकों द्वारा वंदे मातरम के विभिन्न रूपांतरण प्रस्तुत करने के लिये संगीत समारोह का आयोजन एवं वंदे मातरम पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई जानी है तथा राष्ट्रीय समारोह में स्मारक, डाक टिकट और सिक्के जारी करने की फिल्म प्रदर्शन एवं वंदे मातरम पर आधारित कवि सम्मेलन, चित्रकला, रंगोली एवं प्रदर्शनी लागाए जा सकते है। समस्त कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो वेबसाईट पर भी अपलोड किया जाना होगा। राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुरूप राज्य क्षेत्र के सभी स्कूलों के बैंड द्वारा वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय कार्यक्रम विद्यालय, महाविद्यालयों में एन.सी.सी., एन.एस.एस., स्काउट आदि की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाना है। शैक्षणिक संस्थानो तथा विद्यालयों में वंदे मातरम को समर्पित विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिताए, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद पोस्टर निर्माण आदि गतिविधियां आयोजित किया जाना है। राज्य पुलिस बैंड सार्वजनिक स्थानों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे और इन कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया जाना है।
            राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित कार्यक्रमों में वंदे मातरम प्रसंग को शामिल कर मशाल रैली का आयोजन किया जाना है। वंदे मातरम ऑडियो बूथ सार्वजनिक, निजी भागीदारी के तहत प्रदेश में वंदे मातरम ऑडियो, वीडियो बूध स्थापित कर, वंदे मातरम गायन को रिकार्ड करके पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा है। yandemataram150.in पद पोर्टल में वंदे मातरम् की रिकार्ड की हुई धुन के साथ बोल की सुविधा उपलब्ध की गई है। जिसमें नागरिक अपनी आवाज में वंदेमातरम गाकर अपलोड कर सकेंगे।

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उप राष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ के 34 अलंकरण से 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को किया सम्मानित

रायपुर, 06 नवंबर 2025/ उप राष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 34 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अलंकरण समारोह के अति विशिष्ट अतिथि तथा विशिष्टि अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण उपस्थित थे। 
    
राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन एवं मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार श्री हिरेश सिन्हा जिला कांकेर को प्रदान किया। यति यतनलाल सम्मान भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रे नगर सोठी जिला जांजगीर-चांपा, गुण्डाधूर सम्मान सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव राजनांदगांव, मिनीमाता सम्मान श्रीमती ललेश्वरी साहू दुर्ग, गुरूघासीदास सम्मान संयुक्त रूप से श्री भुवनदास जांगड़े बेमेतरा एवं श्री शशि गायकवाड़ बलौदाबाजार-भाटापारा,  ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति डोमा जिला धमतरी, हबीब तनवीर सम्मान डॉ. कुंज बिहारी शर्मा जिला रायपुर, महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान सुश्री चांदनी साहू जिला बिलासपुर को प्रदान किया गया। 

इसी प्रकार पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान श्री राजेश अग्रवाल जिला रायपुर, पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान डॉ. चिंतरंजन कर जिला रायपुर, चक्रधर सम्मान पंडित कीर्ति माधव लाल व्यास जिला दुर्ग, दाऊ मंदराजी सम्मान श्री रिखी क्षत्रिय जिला दुर्ग, डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री थनेन्द्र कुमार साहू जिला धमतरी एवं श्री वामन कुमार टिकरिहा जिला बलौदाबाजार, महाराजा अग्रसेन सम्मान श्री राजेन्द्र अग्रवाल राजू जिला बिलासपुर, चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया हिन्दी डॉ. संदीप कुमार तिवारी रायपुर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हिन्दी का पुरस्कार संयुक्त रूप से डॉ. सोमेश कुमार पटेल एवं श्री अभिषेक शुक्ला रायपुर, मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया अंग्रेजी सुश्री भावना पाण्डेय जिला दुर्ग, दानवीर भामाशाह सम्मान श्री नीरज कुमार बाजपेयी जिला राजनांदगांव, धन्वन्तरि सम्मान डॉ. अजय कृष्ण कुलश्रेष्ठ, श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार श्री सुखदेव दास जिला रायपुर को प्रदान किया गया।

इसी तरह डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान जंगो रायतार विद्या केतुल शिक्षण संस्था ग्राम दमकसा जिला कांकेर, रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री मिथलेश कुमार आदिल एवं अग्रसर टीम जिला दुर्ग तथा एनटीपीसी लिमि. लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट पुसौर जिला रायगढ़ , पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान श्री योगेश कुमार साहू जिला कांकेर, छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान श्री मनीष तिवारी जिला रायपुर, देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार श्री रोहित कुमार कोसरिया जिला महासमुंद, किशोर साहू सम्मान श्री सुनील सोनी जिला रायपुर, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्री राकेश तिवारी जिला रायपुर, लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. विनोद कुमार वर्मा जिला बिलासपुर, किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण श्री अनुराग बसु मुम्बई को प्रदान किया गया। 

 बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से श्री खेमचंद जैन राजनांदगांव, डॉ. सुरेश मणि त्रिपाठी, डॉ. भूपेन्द्र करवंदे एवं श्री भरतलाल सोनी रायपुर को, वीरांगन अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती प्रेमशीला बघेल महासमुंद को, माता बहादुर कलारिन सम्मान श्रीमती शिल्पा पाण्डेय सृष्टि जिला सरगुजा को, पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान श्री अवधेश कुमार नई दिल्ली तथा संस्कृत भाषा सम्मान डॉ. दादू भाई त्रिपाठी जिला रायपुर को प्रदान किया गया।

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप विजय पर राज्य सरकार द्वारा आकांक्षा सत्यवंशी को ₹10 लाख की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा

रायपुर 6 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप विजय पर देशवासियों को बधाई और शुभ कामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह अभूतपूर्व उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जिसने विश्व पटल पर देश का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ के रूप में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में अतुलनीय योगदान देकर न केवल भारतीय टीम को सशक्त बनाया है, बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उज्ज्वल किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने समर्पण, सेवा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में देश का गौरव बन सकती हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करते हुए राज्य सरकार द्वारा ₹10 लाख की सम्मान राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी  की यह सफलता छत्तीसगढ़ की सभी बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। यह उनकी मेहनत, निष्ठा और संकल्प का परिणाम है, जिसने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ से और भी ऐसी प्रतिभाएँ निकलें जो देश का नाम विश्व में रोशन करें।

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उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में लिया भाग,छत्तीसगढ़ में शांति और प्रगति सामूहिक राजनीतिक इच्छाशक्ति और विकासोन्मुखी शासन का परिणाम

रायपुर 6 नवम्बर 2025/ उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में “लखपति दीदी सम्मेलन” में भाग लिया।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने ‘लखपति दीदी’ पहल की सराहना की तथा इसे भारत की महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं - दीदियों - के संकल्प को दर्शाती है जो चुनौतियों को अवसरों में बदल रही हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “लखपति दीदी” शब्द केवल आय का नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि देशभर में महिलाओं के नेतृत्व में हजारों स्वयं सहायता समूह इस बात को  दर्शा रहे हैं कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और एकजुटता कैसे जीवन को बदल सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन महिलाओं की उपलब्धियां देश की उन बहनों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करती हैं, जो ग्रामीण भारत की रीढ़ हैं।

सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का सपना महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक असाधारण कदम है - एक ऐसा आंदोलन, जिसकी छत्तीसगढ़ में स्पष्ट अभिव्यक्ति हुई है।

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ एवं पूरे देश में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने  ‘लखपति दीदी’ पहल को एक ऐसा जीवंत आंदोलन बताया, जिसने देशभर में दो करोड़ से अधिक महिलाओं और छत्तीसगढ़ में पांच लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों एवं आय-सृजन की गतिविधियों के जरिए वित्तीय आजादी हासिल करने में सक्षम बनाया है।

उन्होंने राज्य सरकार और राजनांदगांव जिला प्रशासन के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जिससे 9,663 स्वयं सहायता समूहों के जरिए एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है और 700 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सम्मान योजना के तहत राज्य द्वारा 20 किश्तों में कुल 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के सीधे हस्तांतरण ने महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाया है।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में राजनांदगांव की अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला और कहा कि 1,000 से अधिक महिलाएं स्थानीय स्वशासन में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि लोकतंत्र केवल संसद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों में भी बसता है, जहां नागरिक मिलकर चर्चा करते हैं, निर्णय लेते हैं और विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन भागीदारी, पारदर्शिता और स्थानीय सशक्तिकरण को सुनिश्चित करके लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ने इस धारणा को बदल दिया है कि महिलाओं को केवल  घर तक ही सीमित रहना चाहिए। आज, वे प्रशासक के रूप में उभर रही हैं, आर्थिक आजादी  हासिल कर रही हैं और भावी नेताओं को प्रेरित कर रही हैं।

उपराष्ट्रपति ने सरकारी सहायता से सभी बाधाओं पर विजय पाने के लिए लखपति दीदियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की तथा आशा व्यक्त की कि वे शीघ्र ही करोड़पति दीदी बन जायेंगी।

छत्तीसगढ़ में हुई प्रगति को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब इस राज्य को पानी, बिजली और विकास के अभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज यह राज्य पूरे देश के लिए बिजली का उत्पादन करता है और इसने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है।

उन्होंने इस क्षेत्र से नक्सल समस्या को समाप्त करने के सफल प्रयासों की भी सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दिया।

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि धन का सृजन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका वितरण। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें प्रभावी ढंग से इन लक्ष्यों को हासिल करने में लगी हैं, जिससे नक्सलवाद जैसी चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है।

हाल ही में विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत का उल्लेख करते हुए, श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक परिवर्तन के साथ एक प्रेरक तुलना की। उन्होंने उनके साहस, दृढ़ता और राष्ट्र की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात का भी स्मरण किया कि 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ के निर्माण से पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा हुआ तथा उन्होंने एक  सांसद के रूप में इस विधेयक का समर्थन करने पर गर्व व्यक्त किया।

अपने संबोधन का समापन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव सशक्तिकरण, लोकतंत्र और संस्कृति के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते रहेंगे।

राजनंदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान, उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के समक्ष महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक पहलों का प्रदर्शन किया गया। इनमें दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं बनाए गए सहायक उपकरण भी शामिल थे। श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने इन रचनात्मक पहलों के जरिए जन कल्याण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और सामुदायिक विकास में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की।

श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने राजनंदगांव स्थित उदयाचल स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान में एक नए पांच-मंजिला भवन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका और तपेदिक से निपटने एवं वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने मोतियाबिंद-मुक्त भारत की दिशा में हुई राष्ट्रीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसी पहल देशभर में स्वास्थ्य सेवा की सुलभता के मामले में व्यापक बदलाव ला रही हैं।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनंदगांव में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे।

इससे पहले उपराष्ट्रपति ने नवा रायपुर में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) द्वारा आयोजित शानदार एयर शो का भी अवलोकन किया। यह शो राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव समारोह का एक हिस्सा था। कौशल और सटीकता के इस अद्भुत प्रदर्शन ने देशभक्ति का माहौल बनाया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन हुए शामिल,राज्य ने सांस्कृतिक जड़ों के संरक्षण के साथ आधुनिकीकरण का संतुलन किया - उपराष्ट्रपति

रायपुर 6 नवंबर 2025/उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य की विकास, प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रेरक यात्रा का जश्न मनाया गया।

उपराष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह में छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ शामिल होने पर अपार प्रसन्नता व्यक्त की जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इस पाँच दिवसीय महोत्सव में लोगों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और इसके प्रभावशाली सामाजिक-आर्थिक बदलाव की झलक देखी।

उपराष्ट्रपति ने 1 नवम्बर 2000 को राज्य के निर्माण में स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को गर्व से याद किया और एक पूर्व लोकसभा सांसद के रूप में अपने जुड़ाव को व्यक्तिगत तौर पर प्रकट किया, जब उन्होंने राज्य पुनर्गठन विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की असाधारण 25 साल की यात्रा की सराहना की - भारत के सबसे युवा राज्यों में से एक होने से लेकर सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में प्रगति के एक मॉडल के रूप में उभरने तक।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने में राज्य की सफलता की सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व के साथ-साथ राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि विकास और विश्वास ने छत्तीसगढ़ में भय और हिंसा का स्थान ले लिया है।

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की सफलता की नींव रखने वाले लोगों - किसानों, जनजातीय समुदायों, उद्यमियों, शिक्षकों और युवाओं - की सराहना की। उन्होंने राज्य की अनुकरणीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विशेष रूप से सराहना की, जो 72 लाख से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न प्रदान करती है, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को बधाई दी।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आदिवासी समुदायों को सम्मान दिया। उन्होंने आदिवासी समुदायों की बुद्धिमत्ता, संस्कृति और सतत जीवन शैली की सराहना की, जो आज के पारिस्थितिक और सामाजिक संदर्भ में गहरी प्रासंगिकता रखती है।

उपराष्ट्रपति ने राज्य में उल्लेखनीय बुनियादी ढांचे के विकास पर भी प्रकाश डाला, जिसमें व्यापक सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी शामिल है, जिसने सुदूरवर्ती जिलों को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा है। उन्होंने नवा रायपुर की भारत के पहले ग्रीनफील्ड शहर के रूप में प्रशंसा की, जो आईटी हब, फार्मा हब, एआई डेटा सेंटर पार्क और उन्नत स्वास्थ्य सेवा के लिए एक विश्वस्तरीय मेडिसिटी जैसी नई-पुरानी पहलों के माध्यम से एक वैश्विक क्षमता केन्द्र बनने के लिए तैयार है।

उन्होंने "अंजोर विज़न @2047" के अंतर्गत सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल शासन सुधारों सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने वाले छत्तीसगढ़ के प्रयासों को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य आर्थिक विस्तार, मानव विकास और स्थायी शासन को बढ़ावा देना है, जो एक विकसित भारत की राष्ट्रीय कल्पना के अनुरूप है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परम्पराओं की प्रशंसा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने क्षेत्र के पारंपरिक नृत्यों जैसे पंथी और कर्मा, और इसकी समृद्ध आदिवासी कलाओं और शिल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विविधता में एकता की भारतीय भावना का प्रतीक है, जहाँ सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिकीकरण साथ-साथ चलते हैं।

वास्तविक प्रगति पर ज़ोर देते हुए, श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि "प्रगति केवल सकल घरेलू उत्पाद से नहीं, बल्कि लोगों के चेहरों पर मुस्कान, शासन में उनके विश्वास और हर बच्चे की आँखों में चमकती आशा से भी मापी जाती है।"

अपने संबोधन के समापन पर, उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के युवाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकियों और वैश्विक बाज़ारों में उभरते अवसरों का लाभ उठाने और साहस, रचनात्मकता और करुणा के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि रजत महोत्सव को केवल अतीत के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिज्ञा के रूप में देखा जाना चाहिए - एक विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से एक विकसित भारत के निर्माण, लोकतंत्र को मजबूत करने, संस्कृति का सम्मान करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल कल छोड़ने की प्रतिज्ञा।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह; और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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प्रियवंदा सिंह जूदेव ने नीतिन नबीन के पक्ष में किया प्रचार पार्टी पदाधिकारियों ने किया दादा बसंत नारायण सिंह को याद


जशपुरनगर 04 अक्टूबर 2025 : छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव ने बिहार में चल रहे विधानसभा चुनाव में पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में सघन चुनाव प्रचार किया। इस दौरान वे भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुंची। यहां पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया और उनके दादा बसंत नारायण सिंह का जनसंघ के जमाने में किये गए योगदान को याद किया। उल्लेखनिय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट से बिहार के नीतिश कुमार मंत्रीमंडल के लोक निर्माण विभाग के मंत्री नीतिन नबीन चुनावी मैदान में हैं। नीतिन नबीन छत्तीसगढ़ के भाजपा के संगठन प्रभारी है। उनका जशपुर के राज परिवार से घनिष्ठ संबंध रहा है। चुनाव के दौरान नीतिन नबीन के समर्थन में प्रियवंदा सिंह ने महिला मोर्चा के साथ मिल कर कमान सम्हाला। उन्होनें विधानसभा क्षेत्र के गली-मुहल्लों में घर और बाजार में संपर्क कर मतदाताओं को बीते 20 साल के दौरान बिहार में एनडीए सरकार द्वारा किये गए विकास कार्यो और कंेद्र सरकार द्वारा किये जा रहे कामों की जानकारी दे कर वोट देने की अपील की। उन्होनें कहा कि एनडीए सरकार के मुखिया नीतिश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने बिहार को लालू यादव के जंगल राज से मुक्ति दिलाई। इसी बिहार में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध,सामूहिक नरसंहार,लूट,डकैती एक समय पूरे देश में बिहार की पहचान बन गई थी। अब उसी बिहार को लोग नितिश कुमार के सुशासन और सख्त कानून व्यवस्था के रूप में जानते व पहचानते हैं। उन्होनें कहा कि एनडीए ने अपनी घोषणा में पत्र में विकास के साथ युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया है। यह आने वाले दिनों में नए बिहार के विकास की नई इबारत साबित होगी। 
प्रदेश कार्यालय में हुआ स्वागत -
प्रचार अभियान के बाद प्रियवंदा सिंह जूदेव पटना में स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पहुंची। यहां उन्होनें भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े,केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता अजीत कुमार लाली ने प्रियवंदा सिंह जूदेव के दादा बसंत नारायण सिंह के अविभाजीत बिहार में जनसंघ और भाजपा में किये गए कार्यो को याद किया। उन्होनें बताया कि दिवंगत बसंत नारायण सिंह 1975 में जनसंघ के प्रदेश अध्यक्ष थे। उनकी छाया चित्र अब भी प्रदेश अध्यक्ष के कक्ष में लगी हुई है। वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रियावंदा सिंह जूदेव के ससुर पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव के साथ अपने संबंधों को याद किया।

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राज्योत्सव पर वायु सेना की टीम का रोमांचक एयर शो, आसमां में गूंजा 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'*  ,उप राष्ट्रपति ,राज्यपाल , मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष  ने देखा एयर शो

रायपुर, 5 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।

एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन श्री अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। 

"सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर श्री ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है।

एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। 

वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है।

एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी।

*'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना*

भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। 

सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।

सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।

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