डिलिस्टिंग की मांग पर जनजातीय सुरक्षा मंच का बिगुल, 22 मई को दिल्ली में महाआंदोलन की तैयारीब— जशपुर से 15 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य, जनजातीय सुरक्षा मंच ने कसी कमर
जशपुरनगर 29 दिसम्बर 25 - डिलिस्टिंग की मांग को लेकर 22 मई 2026 को प्रस्तावित दिल्ली चलो आंदोलन की तैयारियों को लेकर रविवार को जनजातीय सुरक्षा मंच की एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जशपुर के बांकी टोली स्थित जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय मुख्यालय में राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आंदोलन की रणनीति, समय-सारिणी तथा राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की ठोस योजना पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए गणेश राम भगत ने बताया कि डिलिस्टिंग अर्थात धर्मांतरण कर चुके लोगों को आदिवासियों को मिलने वाले आरक्षण सहित सभी शासकीय सुविधाओं से वंचित करना जनजातीय समाज की प्रमुख और वर्षों पुरानी मांग है। इस मांग को लेकर जनजातीय सुरक्षा मंच लंबे समय से आंदोलनरत है। अब इसे वृहद स्वरूप देते हुए 22 मई 2026 को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा तथा राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने बताया कि दिल्ली चलो आंदोलन की श्रृंखला में पूर्व में मध्यप्रदेश के बैतूल, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और गुजरात के सूरत में राष्ट्रीय स्तर की बैठकें हो चुकी हैं। इसी क्रम में जशपुर प्रांत की यह बैठक आयोजित की गई, जिसमें जशपुर, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया सहित सात जिलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
घर-घर संपर्क, पीला चावल देकर दिया जाएगा न्यौता -
बैठक में निर्णय लिया गया कि जशपुर प्रांत के सभी सात जिलों में व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को पीला चावल देकर दिल्ली चलो आंदोलन में शामिल होने का आमंत्रण देंगे। साथ ही मतांतरण से जनजातीय समाज और देश को हो रहे नुकसान के विषय में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक गांव में सभाएं आयोजित करने और दीवार लेखन (वॉल पेंटिंग) के माध्यम से आंदोलन का प्रचार किया जाएगा।
गणेश राम भगत ने कहा कि डिलिस्टिंग की मांग को लेकर यह आंदोलन जनजातीय समाज के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके लिए जनजातीय सुरक्षा मंच अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है।
दिल्ली में जुटेंगे देशभर से 10 लाख आदिवासी -
जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रांत संयोजक रोशन प्रताप सिंह ने बताया कि 22 मई 2026 को दिल्ली में होने वाले आंदोलन के लिए देशभर से लगभग 10 लाख आदिवासियों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले लोगों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके लिए ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित कराने का भी निर्णय लिया गया है।
रोशन प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि जशपुर प्रांत के सात जिलों के 45 विकासखंडों से लगभग 15 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में समन्वित और चरणबद्ध अभियान चलाने पर सहमति बनी।
