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मुख्यमंत्री श्री साय  ने श्रीमती सोनाई बाई के घर पहुंचकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का लिया जायजा,ग्रामीणों के जीवन में आ रहा है सकारात्मक परिवर्तन-सीएम श्री साय

रायपुर, :- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत सक्ति जिले के ग्राम करिगांव का दौरा किया। यहां उन्होंने पीपल के वृक्ष के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करते हुए अपनी समस्याएं, सुझाव और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल आधार जनसुनवाई और जनसरोकार से जुड़ाव है और आज की यह चौपाल उसी दिशा में एक कदम है।

*पीएम आवास योजना हितग्राही के घर पहुंचे मुख्यमंत्री*

चौपाल के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी श्रीमती सोनाई बाई के निर्माणाधीन आवास पर पहुंचकर  निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखी और परिवार से बातचीत करते हुए योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने हितग्राही से पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि मिल रही है। इस पर श्रीमती सोनाई बाई ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से यह राशि प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सहयोग मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने देखा कि उनके घर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि अब तो आपके घर तक पानी भी पहुंच रहा है, यह हमारे गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

*आवास योजना के सर्वे हेतु मुख्यमंत्री की अपील*

चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नए आवास की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सबके लिए आवास उपलब्ध कराने प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य 15 मई 2025 तक चल रहा है, जिसमें वे सभी लोग अपना नाम दर्ज कराएं जो अब तक इस योजना से वंचित हैं। पात्रता के अनुसार सभी को आवास देने का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक आवास के अधिकार से वंचित न रहे। यह केवल एक छत देने की योजना नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित शासन प्रणाली है। उन्होंने कहा कि चौपाल के माध्यम से हम सीधे लोगों के जीवन से जुड़कर यह जान पाते हैं कि योजनाएं वास्तव में लोगों के जीवन में क्या बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि जब हम किसी हितग्राही के घर जाकर पूछते हैं कि पैसा आया या नहीं, जब हम स्वयं निर्माण कार्य की गुणवत्ता को देखते हैं, तभी हमें विश्वास होता है कि योजनाएं फाइलों से निकलकर हितग्राहियों तक पहुंच रही हैं।

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मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे, हल्दी चावल का तिलक लगाकर महिलाओं ने किया स्वागत

रायपुर, :सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिले के करिगांव में अचानक पहुँचकर ग्रामवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लिमगांव की बजाय सीधे बन्दोरा गांव में उतरा, जिससे प्रशासनिक अमला कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ गया। प्रशासन पहले से ही लिमगांव में मुख्यमंत्री की अगवानी की तैयारी में जुटा था, परन्तु मुख्यमंत्री के करिगांव पहुँचने से पूरी व्यवस्थाएं तत्काल वहाँ स्थानांतरित करनी पड़ीं।

करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर सहज वातावरण में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते रहे। ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत कमल का फूल भेंट कर किया। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ है सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान देना। प्रशासनिक व्यवस्था तभी सफल मानी जाती है जब अंतिम व्यक्ति की बात सीधे शासन तक पहुँचे।

सक्ती जिले के करिगांव की रहने वाली दिलेश्वरी उस वक्त हैरान रह गई जब उसने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने आंखों के सामने खड़ा देखा। मुख्यमंत्री ने दिलेश्वरी से महतारी वंदन योजना के बारे में पूछा । दिलेश्वरी ने कहा यह योजना उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संबल का काम करती है। 

दरअसल आज सुशासन तिहार के दौरान अचानक ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सक्ती जिले के बंदोरा गांव में उतरा। यहां से मुख्यमंत्री पास के ही करिगांव पहुंचे और यहां पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने पास के ही पैठू तालाब से कमल का फूल देकर स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री की आरती की और हल्दी चावल का  तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीपल पेड़ के नीचे ही खाट पर बैठकर ग्रामीणों से बातचीत की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से पीएम आवास योजना योजना, महतारी वंदन योजना, धान के बोनस, आयुष्मान योजना के बारे  में ग्रामीणों से जानकारी लेते हुए उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और उनका तत्काल समाधान भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी ली और ग्रामवासी सोनाई बाई के घर जाकर योजना के तहत निर्मित आवास का निरीक्षण किया।  मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में धान के अलावा दूसरी फसल भी लगाइए। इससे पानी की कम खपत होगी और बिजली बिल भी कम आयेगा जिससे किसानों को ज्यादा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए वो पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। 

ग्रामीणों की मांग के आधार पर मुख्यमंत्री ने तुरंत ही करिगांव में नया पंचायत भवन बनाने, सप्ताह में एक दिन करिगांव में पटवारी कार्यालय का संचालन करने और गांव में स्थित नोनी मईया देवी मंदिर का  सौंदर्यीकरण करने की घोषणा भी कर दी। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि गांव में अवैध भूमि कब्जे की शिकायतों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।

इस दौरान मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।

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CGkasushanTihar*सोशल  मीडिया  में देश भर में नंबर वन पर कर  रहा  है  ट्रेंड,मुख्यमंत्री का पहला चौपाल सक्ती जिलेे के करिगांव में 

रायपुर  : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण के पहले दिन सक्ती जिले के ग्राम करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे चैपाल लगाई। यह उनका आकस्मिक दौरा था। उनके सुशासन तिहार का यह अभियान सोशल  मीडिया  के  एक्स  #CGkasushanTihar के साथ देश भर में पहले स्थान पर  ट्रेंड  कर  रहा  है। एक्स हेण्डल पर 2704 पोस्ट के साथ पहले नम्बर पर ट्रेंड कर रहा है। 
उल्लेखनीय  है  कि प्रदेशव्यापी  सुशासन  तिहार  का  तीसरा  चरण  आज  से  शुरू  हो गया  है,  जो 31  मई  तक  चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  आज पहले दिन सक्ती जिले के  ग्राम करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे चैपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उनके गांव में अचानक पंहुचने पर महिलाओं ने तिलक लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। ग्राम करिगांव में आकस्मिक भ्रमण के बाद  वे कोरबा जिले के मदनपुर समाधान शिविर में पहुंचे।

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बिना तामझाम, सीधे संवाद: सुशासन तिहार में  अचानक पहुंचे सक्ती के ग्राम करिगांव: पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्या

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत अचानक सक्ती जिले के ग्राम करिगांव पहुंचे। उन्होंने गांव में पीपल के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और उनकी समस्याएं, मांगें तथा शिकायतें सुनीं।

चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने नोनी मैया दाई मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। साथ ही ग्रामीणों की शिकायत पर पटवारी को सप्ताह में एक दिन गांव में बैठकर राजस्व मामलों का निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने नया ग्राम पंचायत भवन निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के तीसरे चरण में पूरी सरकार गांव में है। मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मेरे साथ हैं। हम गांव-गांव जाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, पीडीएस और आयुष्मान भारत योजना जैसे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में ग्रामीणों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा आयुष्मान कार्ड से दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव में  आंगनबाड़ी और स्कूल के  संचालन के बारे में जानकारी ली और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। साथ ही उन्होंने गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर ध्यान देने की सलाह दी।

गांव में तालाब के किनारे की जमीन को लेकर आई शिकायत पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तत्काल कलेक्टर को नापजोख करने और समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से कई आवेदन भी प्राप्त किए।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के अचानक गांव पहुंचने से ग्रामीणों में हर्ष और उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर सरपंच कंचन मधुकर सहित बड़ी संख्या ने ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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आज से किसी भी जिले में उतर सकता है मुख्यमंत्री का हैलीकॉप्टर,मुख्यमंत्री ग्रामीणों से मिलकर लेंगे योजनाओं का फीडबैक

*Breaking* 
सुशासन  तिहार  का  तीसरा  चरण  आज  से

आज से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आकस्मिक दौरा

 आज से किसी भी जिले में उतर सकता है मुख्यमंत्री का हैलीकॉप्टर,आमजन से मिलकर करेंगे समस्याओं का समाधान

सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आमजन से सीधे करेंगे संवाद

31 मई तक समाधान शिविर में किया जाएगा समस्याओं का निराकरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज आकस्मिक भ्रमण पर निकलेंगे।  मुख्यमंत्री श्री  सायकिसी भी गांव में आकस्मिक जाएंगे  और वहां लोगों से सीधा करेंगे। उनका यह भ्रमण। गोपनीय है। शीर्ष स्तर  को छोड़कर किसी को नहीं पता कि वह किस गांव में  मुख्यमंत्री  का  हेलिकॉप्टर उतरेगा। मुख्यमंत्री  समाधान शिविरों  में  भी  जाएंगे और  लोगों  से  योजनाओं  का  फ़ीड बेक  लेंगे।

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रजक समाज का परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक सद्भाव में रहा है महत्वपूर्ण योगदान - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर,: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रजककार विकास बोर्ड  के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा रजक समाज,जिनका परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक सद्भाव में महत्वपूर्ण योगदान रहा है उनका सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में है। रजक धोबी समाज हमारे गांवों के उन समुदायों में से एक हैं जिन्हें हुनर पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता आया है। इसी हुनर से वे रोजगार प्राप्त करते रहे हैं। नये जमाने में इस हुनर को और निखारने की जरूरत है। हम परंपरागत काम को कैसे आधुनिक बना सकते हैं, रोजगार के नये अवसरों का निर्माण कैसे कर सकते हैं, इस बारे में भी बोर्ड के माध्यम से पहल करें। आप जो रास्ता तय करेंगे, उसमें हमारी सरकार आपके साथ खड़ी मिलेगी।

श्री साय ने आगे कहा रजक समाज परंपरागत रूप से श्रम, सेवा और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति है। छत्तीसगढ़ का ऐसा कोई गांव नहीं जहां रजक समुदाय के लोग निवास नहीं करते है। हर गांव में रजक समाज से जुड़े व्यक्ति निवास रहते है जिनका समाज व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की दिशा में तैयारी से आगे बढ़ रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि समाज के हर वर्ग को बराबरी का अवसर और सम्मानजनक भागीदारी मिले।

हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है कि हम अनुसूचित जाति, जनजातियों, पिछड़े वर्ग और वंचित समुदायों को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय,और स्वावलंबन के सभी साधन उपलब्ध कराएं। यही सामाजिक न्याय है। यही समरसता का मार्ग है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कौशल उन्नयन को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम लोग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर उनका स्किल डवलपमेंट से स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर आत्मनिर्भर बना रहे हैं। 

रजककार विकास बोर्ड का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है कि हम इस समाज की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानें, उनके लिए योजनाएँ बनाएं,और उन्हें विकास की मुख्यधारा में पूरी गरिमा के साथ जोड़ें। मुझे विश्वास है श्री प्रहलाद रजक जी अपने सुदीर्घ अनुभव से समाज की अपेक्षाओं निश्चित ही खरा उतरेंगे। उनकी यह नियुक्ति केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो सामाजिक समरसता,समान अवसर और सामाजिक न्याय पर आधारित है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री दयाल दास बघेल,श्री टंक राम वर्मा, दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल,विधायक श्री अमर अग्रवाल,श्री मोती लाल साहू ईश्वर साहू, दीपेश साहू, सहित विभिन्न मंडल आयोग के अध्यक्ष,छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में रजक,धोबी एवं कन्नौजे समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ पादप बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मरकाम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

        मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में औषधि पादप को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि औषधि पौधों में बहुत से गुण होते हैं, इनके साथ ही बेहतर आमदनी के लिए औषधि पादपों के रोपण को बढ़ावा देने की जरूरत है। बस्तर एवं सरगुजा में इसकी अपार संभावनाएं है। बोर्ड को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की जरूरत है।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बैगा-गुनिया और वैद्य  आदिम समय से  वन औषधि की पहचान कर लोगों का इलाज करते हैं। उन्होंने कहा डॉ रमन सिंह जी ने बैगा, वैद्य के बेहतरी एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के लिए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड गठन किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के ओरछा के परंपरागत वैद्य श्री हेमंचद मांझी को औषधि पादप के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। 

       आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि  जिन उद्देश्यों को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का गठन किया गया है, निश्चित ही श्री मरकाम के नेतृत्व में उन उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे।  वैद्यों के ज्ञान एवं वनौषधियों के अनुभव का संग्रहण कर एक डाटाबेस तैयार  करने बोर्ड  को कार्य करने की जरूरत है ताकि इस डाटा का उपयोग समाज एवं मानव स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए किया जा सके। 

        वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि   छत्तीसगढ़ देश का आक्सीजन जोन है। वनौषधियों  के संरक्षण एवं संवर्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की है। हमारी सरकार वन में रहने वाली ग्रामीणों के लिए बेहतर कार्य कर रहे है। छत्तीसगढ़ में 5500 रूपये प्रति मानक बोरा के दर समर्थन मूल्य में वनोपज की खरीदी होती है जिसका फायदा तेंदूपता संग्राहकों को मिलता है। इसके साथ ही 67 प्रकार के वनोपज की भी खरीदी होती है। पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह को पूर्व राज्यसभा सांसद श्री समीर उरांव  और पादप बोर्ड के नवनिययुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने भी सम्बोधित किया। 

      इस अवसर पर रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, मोती लाल साहू, गजेंद्र यादव, नीलकंठ टेकाम, प्रणव मरपच्ची, सहित विभिन्न मंडल एवं आयोग के अध्यक्षों, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित वैद्य एवं आर्युवेदाचार्य  उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न,आमजन के हित में करें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तारः सीएम श्री साय

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायपुर सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों के इलाज में कोई कमी नहीं आएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र ही पीएससी और व्यापम के द्वारा भरा जाएगा। 

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक श्री दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा दिया प्रदेशवासियों को,,,,जमीन की  धोखाधड़ी पर लगेगी, घर बैठे होगी रजिस्ट्री ओर नामांतरण

 रायपुर ; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मेफेयर रिसॉर्ट में इन नवाचारों का शुभारंभ करते हुए कहा कि भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सुशासन की राह में आगे बढ़ रही है।  राजस्व से जुड़े कार्याे के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूस्वामी पर पड़ता है। त्रुटि कोई और करे और भुगतता कोई और है। अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन करते हुए सरकार  भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है।कोयला, आबकारी सेक्टर में किए गए सुधारों की तर्ज पर भूमि पंजीयन की प्रक्रिया में रिफार्म किया गया है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजन तक समय पर पहुंचा रहे हैं । 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को बढ़ावा देकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने का जो रास्ता दिखाया है, उस पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार रिफार्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को महिनों चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये कार्य मिनटों में होंगे।
 
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि कोई भी अर्थव्यवस्था, देश और समाज जब तक तकनीक और रिफार्म को नहीं अपनाता है, तब तक महान नहीं बनता। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग ने सुधारों को लागू करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। उन्होंने कहा कि  व्यवस्था में परिवर्तन होने से पहले इसका विरोध होता है,लेकिन यह सत्य है कि विकास के लिए परिवर्तन जरूरी है।जनता के हित और सुशासन के लिए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य हो, यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के 10 क्रांतिकारी सुधार को तैयार करने के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की है जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में परिवर्तन से जनता को लाभ मिलेगा। 

वाणिज्यिक कर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में अनेक सुधार किये हैं। अब आमजनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। फर्जी रजिस्ट्री को शून्य करने का अधिकार पंजीयन महानिरीक्षक को दिया गया है। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपए कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है,  विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है सरकार वहां तक पहुंचे जहां आम आदमी है और वह भी सरलता के साथ। डिजिटल गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।  

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पंजीयन में 10 नई क्रांतिकारी बदलाव आमजन को सहूलियत और राहत दिलाएगा। राजस्व और पंजीयन विभाग का यह संयुक्त प्रयास लोगों के लिए भूमि पंजीयन को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इसका लाभ जनता को मिलेगा। राजस्व विभाग आम जनता से जुड़ा विभाग है, इन क्रांतिकारी उपायों के लागू होने से रजिस्ट्री की गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में 90 प्रतिशत प्रकरण नामांतरण के हैं। नई व्यवस्था के लागू होने से इन प्रकरणों की संख्या तेजी से कम होगी। हमारा विभाग लोगों को सुविधा देने के लिए संकल्पित है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों से न केवल आम जनता को सुविधा मिलेगी, कार्य सुगमता से होंगे बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। 

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में आज लागू हुए नवीन सुधार सरलता, सुगमता और सुविधा की क्रांति के बारे में है। एक साथ लाखों लोगों को सुविधा देने का कार्य इन सुधारों से हो सकेगा। अधिकारियों के अधिकारों को कम करना एक बड़ा विजनरी काम है। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को करने का अवसर मिला। यह जनता कि इज ऑफ लिविंग को बढ़ाने का कार्य है।  

 वाणिज्यिक कर विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी. ने पंजीयन विभाग में लागू हुए रिफॉर्म्स की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजनों को अब रजिस्ट्री कराने रजिस्ट्री आफिस जाने की भी जरूरत नहीं है। अब घर बैठे रजिस्ट्री होगी ।  संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग में नामांतरण के लिए आवेदन नही लगाना पड़ेगा,अब संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ समय से नामांतरण  हो जाएगा। जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर रोक लग जाएगी। किसी भी जमीन की आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा अर्थात आधार लिंक की वजह से बायोमैट्रिक पहचान धोखाधड़ी को रोकेगी। पंजीयन प्रक्रिया आनलाइन कर दी गई है।  आटो डीड जनरेशन की सुविधा भी आरंभ होने से पक्षकार को दस्तावेज बनाने, स्टांप खरीदने, एप्वाइंटमेंट लेने तथा पंजीयन प्रस्तुत करने अलग-अलग लोगों जैसे डीड राइटर, स्टांप वेंडर आदि के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। 

*आज रजिस्ट्री कराने वाले हितग्राहियों ने बताया रजिस्ट्री में 15-20 मिनट लगे, साथ ही साथ नामांतरण भी हो गया*

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आज रजिस्ट्री कराने वाले लोगों से वीडियो कान्फ्रेंस से चर्चा की। बालोद जिले के सनौद गांव के मोहनलाल साहू ने कहा कि पहले रजिस्ट्री कराने के लिए हफ्ता-दो हफ्ता चक्कर लगाना पड़ता था। रजिस्ट्री कराने में सुबह से शाम हो जाती थी। आज अपने बेटे के नाम से 1700 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराने में 15-20 मिनट लगा। ऐसा लगा कि सपना साकार हो गया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि अंगूठे का निशान लगाना पड़ा क्या। श्री साहू ने कहा कि नहीं। उन्होंने रजिस्ट्री में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री के पूछने पर बताया कि रजिस्ट्री के साथ नामांतरण भी हो गया है। रायपुर के अयूब अहमद ने बताया कि पहले नामांतरण कराने में 2-3 महीना लगता था। आज जल्द रजिस्ट्री हो गई साथ ही नामांतरण भी हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर मंत्री तथा राजस्व मंत्री को इसके लिए  धन्यवाद ज्ञापित किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में बलौदाबाजार के श्री प्रसन्न शुक्ला, मंदिरहसौद के श्री वेद प्रकाश सिन्हा, बलौदाबाजार श्री प्रवीण शुक्ला, श्री दिनेश यादव, श्री दिनेश्वर पटेल पंडरिया को नामांतरण प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पंजीयन विभाग में किए गए रिफॉर्मस के बारे में वीडियो प्रदर्शित की गई।

इस अवसर पर  राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंजीयन महानिरीक्षक श्री पुष्पेंद्र मीणा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में,डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम।

रायपुर, 3 मई 2025- देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और AI प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी।

इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा।

*छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा?*

* रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे।
* किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा।
* आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी।
* आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।

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मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का किया शिलान्यास,विकास को गति और युवा प्रतिभा को मिलेगा वैश्विक मंच

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना हेतु उद्योग आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये।

मुख्यमंत्री श्री साय ने एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा।

केंद्र सरकार के एआई मिशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले साल इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। हमें गर्व है कि साल भर के भीतर हमने एआई को लेकर मोदी जी के विजन पर ठोस काम करके दिखाया है। आज कई सारे उद्योग डाटा से संचालित होते हैं। मोबाइल क्रांति के बाद अब एआई का दौर है। हमारे जीवन के हर क्षेत्र को एआई प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी। एआई डाटा सेंटर की स्थापना से एजुकेशन, चिकित्सा, मनोरंजन हो या कारखानों में होने वाला उत्पादन सभी को मजबूती मिलेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। 

डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के कैबिनेट में लिए गए निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले ही हमारी कैबिनेट ने डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में स्टेट ऑफ आर्ट  नाइलिट (State of Art NIELIT) की स्थापना के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) को लगभग 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आबंटित की है। आज एआई डाटा सेंटर के लिए भूमिपूजन हो या फिर कुछ दिनों पहले सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्टरिंग यूनिट का शिलान्यास। इससे पता चलता है कि हमारी सरकार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर कैसे आगे बढ़ रही है। 

कुछ महीने पहले ही हम नई औद्योगिक नीति लेकर आए। इस नई नीति का कमाल देखिए पांच महीने में प्रदेश को साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है। नवा रायपुर की इस धरती पर आज हम जिस एआई डाटा सेंटर की नींव रख रहे हैं वह नई औद्यगिक नीति के कारण संभव हुआ है। क्योंकि अब प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभाग में चक्कर नहीं काटने पड़ते। राज्य में कोई बड़ा उद्योग लगाना हो या स्टार्टअप शुरू करना होगा, सिर्फ एक क्लिक करने पर ही कई सरकारी विभागों की मंजूरियां मिल जाती हैं। नई औद्योगिक नीति के जरिए हमने अगले पांच साल में लगभग चार लाख नये रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकता है। हमारे पास आईटी, इंजीनियरिंग से जुड़े बेहतरीन संस्थान हैं। एनआईटी के साथ ही अब तो प्रदेश के आईटीआई में एआई आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। एआई डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता काफी अहम होती है। सौभाग्य से हमारा प्रदेश पावर प्लस स्टेट है। मेसर्स रैक बैंक द्वारा अपनी इस परियोजना में सौर ऊर्जा का भी काफी इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश का यह पहला एआई डाटा सेंटर देश में मॉडल बनेगा। पिछले दिनों मुझे मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरु में इनवेस्टर मीट में शामिल होने का अवसर मिला। देशभर के उद्योगपति अब छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुक हैं। एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के साथ युवा प्रतिभाओं की योग्यता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित रहे ।


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वृद्ध को हाथी ने कुचला,मौक़े पर हुई मौत ,वन विभाग की चेतावनी को हल्के में लेना मृतक सिबन राम को महंगा पड़

जशपुर :  जंगल में घूम रहे वृद्व को हाथी ने कुचल दिया। घटना में वृद्व की मौके पर ही मौत हो गई। घटना जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र के जोरंडाझरिया गांव की है। जानकारी के अनुसार इस गांव के रहवासी सिबन राम 65 वर्ष शुक्रवार की देर शाम अपने घर के आसपास घूम रहा था। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी ने आसपास हाथी के होने की आशंका जताते हुए घर वापस लौटने को कहा। लेकिन सिबन ने उसकी बात नहीं मानी। इस पर पत्नी घर लौट आई। इसके कुछ ही मिनटों के बाद जंगल से निकल कर हाथी  अचानक वृद्व के सामने आ गया। इससे पहले की सिबन सम्हल पाता,हाथी ने उस पर हमला कर दिया। दंतैल ने उसे सूढ़ में लपेट कर जमीन में पटक कर कुचल दिया।

      वनविभाग के अनुसार जोरंडाझरिया के जंगल में बीते एक सप्ताह से लोनर हाथी ने डेरा जमाया हुआ है। जोरंडाझरिया और इसके आसपास के गांव के रहवासियों को लगातार इसकी सूचना देकर एलर्ट किया जा रहा है। बीट गार्ड की बात को हल्के में लेना मृतक सिबन राम को महंगा पड़ गया।  मृतक को समझाईश देते हुए बीट गार्ड का विडियों इंटरनेट मिडिया में वायरल हो रहा है। वन विभाग का कहना है कि तपकरा वन परिक्षेत्र में तीन हाथी अलग अलग स्थानों में विचरण कर रहें हैं। इनकी गतिविधियों को ट्रेक कर स्थानीय रहवासियों को एलर्ट किया जा रहा है।

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परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री... कहा ब्राम्हण समाज ने किया है ज्ञान और संस्कार देने का काम

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ब्राम्हण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। उन्होंने भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भाँचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राम्हण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना—हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पीएससी में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच चल रही है, और कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समाज एक प्रगतिशील समाज है, जिसने हमेशा विमर्श और विचारों का स्वागत किया है।

इस अवसर पर महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री सुशांत शुक्ला, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, श्रीमती सुमन अशोक पांडेय, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ब्राम्हण समाज अध्यक्ष श्री शिवांजल शिव गोविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार का असर भटगांव में शुरू हुआ एसडीएम लिंक कोर्ट,सप्ताह में एक दिन होगी राजस्व मामलों की सुनवाई

रायपुर, : जनहित को सर्वाेपरि रखने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों की लंबे समय से मांग को देखते हुए, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा भटगांववासियों को बड़ी सौगात दी है। अब हर गुरुवार को भटगांव तहसील कार्यालय में एसडीएम लिंक कोर्ट लगेगा, जिससे लोगों को राजस्व मामलों के लिए अब बिलाईगढ़, सारंगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।

कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ डॉ. कन्नौजे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलाईगढ़ का न्यायालय अब प्रत्येक गुरुवार को अस्थाई रूप से तहसील कार्यालय भटगांव में लगेगा। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। इस लिंक कोर्ट से सरसीवां और भटगांव तहसील से संबंधित राजस्व, दाण्डिक और समस्त न्यायालयीन प्रकरणों की सुनवाई और त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। इसके जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और न्याय के लिए आमजन की पहुंच आसान होगी।

इस निर्णय से क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष व्याप्त है। लंबे समय से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लोगों को बिलाईगढ़ या सारंगढ़ जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक कार्यवाही होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे न्याय व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों को सुदृढ़ता मिलेगी। यह लिंक कोर्ट सुशासन के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। भटगांव में एसडीएम लिंक कोर्ट की शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में ठोस बदलाव लाने का माध्यम बन चुका है।

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कश्मीर के पहलगाम हमला के विरोध में मुस्लिमों ने निकाली विरोध रैली, पाकिस्तान और आंतकवाद का फूंका पुतला... लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे 

जशपुर :  कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने विरोध रैली निकाल कर पाकिस्तान का पुतला फूंका। रैली के दौरान मुस्लिमों ने जम कर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए। शुक्रवार को शहर के जामा मस्जिद में आयोजित जुमां के नमाज के बाद एकजुट हुए मुस्लिम समाज के लोग रैली की शक्ल में शहर के आदर्श बस स्टेण्ड के लिए रवाना हुए। इस दौरान रैली में शामिल लोगों के हाथों में आतंकवाद और पाकिस्तान के विरोध में लिखे हुए नारे के पोस्टर थे।

     मुस्लिमों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टेण्ड पहुंचे। यहां उन्होनें नारेबाजी करते हुए पाकिस्तान का पुतला फूंका। मौलाना मंसूर आलम ने मिडिया से चर्चा करते हुए पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी आलोचना की। उन्होनें कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी धर्म के नाम पर जहर फैला कर देश को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। लेकिन वे कभी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होगे। उन्होनें कहा कि पहलगाम की घटना के बाद भारत सरकार आतंकियों को खिलाफ जो भी कार्रवाई करेगी,उसका पूरे देशवासी एकजुट हो कर समर्थन करेगें।

     मुस्लिम राष्ट्रीय मंच छत्तीसगढ़ प्रान्त के सहसंयोजक एवं पार्षद फैज़ान सरवर खान ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ं निंदा करते हुए कहा कि यह कायराना हरकत न केवल इंसानियत के खिलाफ है, बल्कि देश की एकता और शांति को भी चोट पहुँचाने वाली है। आज मुस्लिम समाज ने आतंकवाद का पुतला दहन कर यह साफ संदेश दिया है कि हमारा इस तरह की किसी भी हिंसक विचारधारा से कोई वास्ता नहीं है। इस्लाम एक अमन और शांति का मज़हब है, जो किसी भी निर्दाेष की हत्या को पूरी इंसानियत की हत्या मानता है। आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता। हम पीड़ित परिवारों के साथ पूरी हमदर्दी और संवेदना प्रकट करते हैं, और सरकार से माँग करते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सज़ा दी जाए। हम सभी देशवासियों से अपील करते हैं कि इस मुश्किल घड़ी में एकजुट रहें और किसी भी प्रकार की नफ़रत फैलाने वाली अफवाहों से बचें। पुतला दहन एवं जुलूस में मुख्य रूप से मौलाना मंसूर आलम, सदर महबूब अंसारी, सचिव कलीमुल्लाह मलिक, शब्बू क़ुरैशी, अमानुल्लाह मलिक, प्यार मोहम्मद खान, तनवीर क़ुरैशी, इरफान आलम, इमरान आलम, सरफ़राज़ आलम, शकील खान, मोबीन खान, हाफिज जन्नत कौसर, पप्पू मलिक, अनवर खान , तसव्वर अंसारी, शोएब खान, राज अंसारी, बेलाल अंसारी, जावेद अंसारी सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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नवाचार आधारित 10 नवीन सुविधाओं का कल मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ...साथ ही मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर का होगा शिलान्यास

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 मई को नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की नवाचार आधारित 10 नवीन सुविधाओं का शुभारंभ और मेसर्स रैक बैंक द्वारा प्रस्तावित अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास भी करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य के डिजिटल बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ बनाने और आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल तथा तकनीकी सुलभ सेवाएं प्रदान करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम होगा।  

पंजीयन विभाग द्वारा आम नागरिकों की सुविधा, पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा के उद्देश्य से पंजीयन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया गया है। इन सुविधाओं में आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, कैशलेस भुगतान, डिजीलॉकर, व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, घर बैठे रजिस्ट्री, डिजीडॉक्यूमेंट, स्वतः नामांतरण जैसी तकनीकी सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं से रजिस्ट्री प्रक्रिया, पेपरलेस सुरक्षित और नागरिकों के लिए सहज हो सकेगी। अब आम नागरिक रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय, श्रम और धन की बचत होगी। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा जिस एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास किया जाएगा, वह नवा रायपुर के सेक्टर 22 में विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 5 मेगावॉट क्षमता का यह केंद्र पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन करते हुए सौर ऊर्जा आधारित होगा तथा भविष्य में इसकी क्षमता 150 मेगावॉट तक विस्तार की जा सकेगी। लगभग 1000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से 500 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह इकाई राज्य की औद्योगिक नीति वर्ष 2024-30 के तहत एंकर यूनिट के रूप में विकसित होगी। इसके साथ ही राज्य में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेवाओं से जुड़े एक नए इको-सिस्टम के विकास की नींव रखी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने कौशल, रोजगार और आजीविका पर नीति-आयोग की कार्यशाला का किया शुभारंभ....खुलेंगे रोज़गार के नए दरवाजे...युवा शक्ति से होगा ‘विकसित भारत’ का निर्माण : सीएम श्री साय

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है। 
मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है। 

नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ श्री विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू
 
राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा।

तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।

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जशपुर जिले में लगातार लुट की घटना को अंजाम देने वाला कुख्यात लुटेरा अदातन अपराधी अमेरिकन को जशपुर पुलिस ने धर दबौचा


 जशपुर :   पुलिस ने बताया कि सराईटोली निवासी प्रकाश गुप्ता मारोल के साप्ताहिक बाजार में वह गल्ला खरीदने गया था , कि दोपहर करीब 1.30 बजे जब वह दुकान पर अकेले था, उसी समय तीन अज्ञात व्यक्ति अपाचे मोटरसाइकिल से आए और उनमें से दो लोग उसे देसी कट्टा दिखाकर उसके पैसा वाला बैग को ,जिसमे 46700 रुपए था और उसके मोबाइल को लूटकर भाग गए ।
               इसी प्रकार उसी दिन   प्रार्थी सतीश यादव निवासी फिरोजपुर जो यू एस एग्रो सीड कंपनी में काम करता है ने भी थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि,सुबह सुबह कंपनी के काम से ग्राम गुरमाकोना,  थाना बगीचा में गया था । उसी दौरान तीन अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से आए और कट्टा दिखाकर उसके पर्स में रखा 1800 रुपए को लूटकर ले गए तथा मोबाइल को लूटकर ले गए थे। 
          रिपोर्ट पर अपराध थाना बगीचा में लूट के लिए बीएनएस की धारा 309(4)  तथा 25,27 आर्म्स एक्ट  के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था ।
                   इसी प्रकार  ग्राम अलोरी सोनक्यारी में भी एक व्यापारी से कट्टा दिखाकर करीब 45000 रुपए लूटकर ले गए थे । जिसकी रिपोर्ट सोनक्यारी चौकी में दर्ज की गई थी ।
              सिलसिलेवार तीन लूट की घटना को गंभीरता से लेते हुए  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर  श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में आरोपियों की पातासाजी व गिरफ्तारी हेतु पुलिस की पांच  टीम गठित की गई थी, व पुलिस की मुखबिरी तंत्र को भी सक्रिय किया गया था, साथ ही पुलिस की टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी,।
          पुलिस की टीम के द्वारा  तकनीकी तथा व्यवसायिक दक्षता का परिचय देते हुए मामले में एक आरोपी अमेरिकन पैकरा निवासी मानपुर बतौली के हिरासत में ले लिया गया, पुलिस की पूछताछ में आरोपी अमेरिकन के द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया गया कि उक्त तीनों लुट की घटना को वह अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था । इसके अतिरिक्त ग्राम सोन क्यारी से एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल को भी चोरी करना स्वीकार किया ।
         साथ ही ग्राम मरोल  की लूट  की घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल को पत्थलगांव के कुमेकेला से चोरी करना बताया है । 
        आरोपी के द्वारा लूटे गए रकम को शादी , शॉपिंग तथा घरेलू इस्तेमाल में खर्च कर देना बताया  है।
            पुलिस की पूछताछ पर आरोपी अमेरिकन पैंकरा ने बताया कि जिला कोरबा के  ग्राम अमल डीहा, थाना श्यांग, में दिनांक 24/4/25 को अपने अन्य साथी धनेश्वर मिंज तथा रतन लकड़ा के साथ साप्ताहिक बाजार में देशी कट्टा दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिए थे,इनके लुट के साथी धनेश्वर मिंज को  कोरबा पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
        गिरफ्तार आरोपी अमेरिकन पैंकरा की निशानदेही पर अपराध में शामिल उसके साथी  रतन लकड़ा को भी पुलिस के द्वारा चिन्हित कर लिया गया है, जिसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
         आरोपी अमेरिकन के कब्जे से लुट की घटना में प्रयुक्त चोरी की अपाचे मोटर साइकल को भी बरामद कर जप्त कर लिया गया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
          आरोपी अमेरिकन पैंकरा आदतन अपराधी है, इसके विरुद्ध  थाना सन्ना,कोरबा, बतौली, लखनपुर व सीतापुर में  भी ,चोरी व लूट के प्रकरण दर्ज हैं।
       आरोपी अमेरिकन पैकरा, उम्र 24 वर्ष ,निवासी मानपुर थाना बतौली जिला सरगुजा (छ.ग) के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
        मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि लुट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों में से दो आरोपियों को कोरबा व जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, एक अन्य आरोपी शेष है, उसे भी शीघ्र गिरफ्तार किया जावेगा।

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