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वाहन चेकिंग के दौरान कार सवार व्यक्ति से मारपीट करने वाला ए एस आई मनोज भगत को एसएसपी ने किया लाइन अटैच....इस पूरे मामले की जांच एसडीओपी जशपुर करेंगे            

         

जशपुर : कल  शाम लगभग 06ः30 बजे थाना लोदाम से एएसआई मनोज भगत द्वारा NH-43 में वाहन चेकिंग की जा रही थी, इसी दौरान उनके द्वारा कार सवार एक व्यक्ति से मारपीट किये जाने का सूचना एवं वीडियो प्राप्त हुआ है। एएसआई मनोज भगत का यह कृत्य अशोभनीय है एवं पुलिस के कर्तव्य के विपरित है। एएसआई मनोज भगत के द्वारा मारपीट किये जाने की जाॅंच एसडीओपी जशपुर श्री चंद्रशेखर परमा को सौंपा गया है, जाॅंच पश्चात् जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके आधार पर कड़ी कार्यवाही की जावेगी। 
                  एसएसपी जषपुर श्री शशि मोहन सिंह द्वारा जिले के सभी पुलिस अधि./कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दिया गया है कि:- *"वाहन चेकिंग के दौरान अपना व्यवहार सामान्य रखें, किसी से अभद्र व्यवहार करते पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही की जावेगी। चेकिंग के दौरान अगर कोई व्यक्ति अभद्र व्यवहार करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करें, लेकिन अपने व्यवहार को मर्यादित रखें।
   

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जिले  के 83 ग्राम पंचायतों में शुरू हुए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से अब ग्रामीणों को गांव में ही मिल रही है सुविधा,नहीं करना पड़ रहा लंबा सफर

जशपुर, :जशपुर और झारखण्ड की सीमा पर बसा छोटा सा गांव करडेगा अपने विकासखण्ड मुख्यालय दुलदुला से 20 किमी दूर बसा है। यहां के ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे शासकीय कार्यों एवं वित्तीय लेनदेन के लिए मुख्यालय जाना पड़ता था। ऐसे में छोटा सा भी शासकीय कार्य हो तो उसे पूरा करने के लिए पूरे दिन अपने सभी निजी कार्यों को छोड़ कर कार्यालय में दिन बिताना पड़ता था। यदि कभी नगद पैसे की आवश्यकता हो तो अपने बैंक में जमा पैसों को निकालना एक कठिन काम हो जाता था। अपना काम धंधा छोड़ कर बैंकों की लंबी कतारों में लग कर दिन भर की मेहनत के बाद अपने पैसे प्राप्त होते थे। जिससे ग्रामीण बहुत परेशान थे। ग्रामीणों के इसी मर्म को समझते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर करडेगा के ग्रामीणों के साथ राज्य के सभी ग्रामीणों को लाभान्वित के लिए डिजिटल क्रांति की सहायता से गांवों में ही सभी शासकीय कार्यों और वित्तीय लेनदेन को करवाने के लिए राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर राज्य के सभी विकासखण्डों के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारम्भ किया गया है।
          जिसके तहत जशपुर जिले के सभी 08 विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले कुल 83 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किया गया है। यह योजना जिले के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति लाएगी। इससे शासन की सेवाओं और योजनाओं की पहुंच आम लोगों तक सुगम होगी। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे ग्रामीणों को मिल रही है। अब वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय-जाति निवास प्रमाणपत्र, भूमि दस्तावेज और ई-डिस्ट्रिक्ट जैसी अनेक सेवाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। वर्तमान में पहले चरण में यह सुविधा केंद्र राज्य के प्रत्येक जनपद की 10 ग्राम पंचायतों में प्रारंभ की गयी है और आगामी छ: महीनों में 8 हज़ार से अधिक पंचायतों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
        इस संबंध में करडेगा के निवासी दिलीप नायक ने बताया कि पहले तहसील के कोई भी काम चाहे आय प्रमाण पत्र हो या भूमि दस्तावेज प्राप्त करना अपने खेती बाड़ी का काम छोड़कर दुलदुला जाना पड़ता था।  जिससे एक दिन के काम का नुकसान होता था और अब गांव में ही मेरे काम पूरे हो जा रहे हैं मैं बहुत खुश हूँ। हमारे मुख्यमंत्री ने हमारे लिए गांव में ही कार्यालयों को पहुंचा दिया है इसके लिए हम उनके आभारी हैं। 
          करडेगा के किशोर कुमार ने बताया कि पहले किसी को कोई भुगतान करना हो तो पहले दुलदुला जाना पड़ता फिर पैसा निकाल कर लाना और लोगों को भुगतान करना एक लंबा, महंगा और थका देने वाला काम हुआ करता था। अब गांव के सुविधा केंद्र आ जाने से डिजिटली ही भुगतान हो जाता है। जिससे समय के साथ वित्तीय नुकसान भी नहीं होता है।
        करडेगा के ग्रामीण दीपेश मिंज ने बताया कि पैसा निकालना हमारे लिए बहुत मुश्किल प्रक्रिया थी साथ ही कभी कोई शासकीय कार्य पड़ जाए तो दिन भर दुलदुला में बिताना पड़ता था जहां ना खाने का ठिकाना ना रुकने का जिससे बहुत दिक्कत होती थी। अब गांव में ही बैंक और शासकीय काम सुविधा केंद्र के द्वारा हो रहे हैं। हम बहुत खुश हैं हमारे जैसे सुदूर अंचल के ग्रामीणों के बारे में भी इतना सोचने के लिए मैं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूँ।

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सुशासन तिहार ग्रामीणों के लिए बना राहत का माध्यम :आवेदनों का किया जा रहा   निराकरण: देखें इन आवेदकों को मिली शौचालय निर्माण की  स्वीकृति  

जशपुरनगर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिले में  सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। जिले के सभी विभागों द्वारा तिहार में आमजनों से प्राप्त मांगों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है और शासन के योजनानुसार आवेदनों के मांगों को पूरा किया जा रहा है।
            इसी कड़ी में सुशासन तिहार के अन्तर्गत हितग्राही ग्राम पंचायत अंकिरा के नरेन्द्र कुमार यादव को उप सरपंच के हाथों व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार ग्राम पंचायत फरसाबाहर के मोरछू राम को सचिव के हाथों व्यक्तिगत शौचालय, ग्राम पंचायत मेंडरबाहर के सोहनी तिर्की को सरपंच के हाथों व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति प्रदान की गई। आवेदको ने मांग अनुसार व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति मिलने पर खुशी जाहिर की है। आवेदकों ने कहा कि उनका खुद का व्यक्तिगत शौचालय निर्माण होने से अब वे स्वच्छत भारत मिशन योजना में अपनी सहभागिता दे पाएंगे 
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का अभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया है।

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मॉडल स्कूल हेतु बंदरचुआं और बगिया स्कूल का निरीक्षण कर कलेक्टर ने अधिकारियों चर्चा कर बच्चों को आधुनिक हाईटेक क्लास रूम,सहित अन्य सुविधा देने के दिए निर्देश

जशपुरनगर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुआं और शासकीय हाई स्कूल बगिया का आकस्मिक निरीक्षण किया और स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने के लिए अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
          कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि स्कूल को सर्व सुविधायुक्त युक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए आर्किटेक्ट से बढ़िया नक्सा तैयार करें। जिसमें बच्चों के लिए सुविधा युक्त हाईटेक क्लास रूम, लाइब्रेरी, लैब खेल गतिविधियां की सुविधा होनी जरूरी है। स्कूल की दिवालों को सुंदर कलाकृति करने के भी निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर एसडीएम नन्द जी पांडे, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, आकाश गुप्ता और शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
           कलेक्टर ने बंदरचुआं के स्कूल में बच्चों के लिए अच्छी शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूल में महापुरूषों की अच्छी तस्वीरें लगाने के लिए कहा है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान शासकीय हाई स्कूल बगिया का भी अवलोकन किया और मॉडल स्कूल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्कूल में जल संरक्षण संवर्धन के लिए रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के कहा। साथ ही स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी बच्चों के खेलने के लिए आवश्यकतानुसार झूला और खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि बच्चों को उसका बेहतर लाभ मिल सके। हाई स्कूल परिसर में बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच बनाने के निर्देश दिए हैं और स्कूल का सौन्दर्य करण करने के लिए कहा है। बच्चों के लिए बगिया स्कूल में मॉडल प्रयोगशाला बनाने और विज्ञान के शिक्षकों को प्रयोग विधि से सामग्री का उपयोग कर भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान के प्रयोग विधि करवाने के लिए कहा है। स्कूल में साइंस क्लब का भी गठन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बच्चों के लिए वर्कशॉप का भी आयोजन करने की बात कही।

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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय तपकरा में समर कैंप का हुआ शुरुआत,पूर्व संसदीय सचिव के हाथों किया गया उदघाटन

जशपुर : समर कैम्प का उदघाटन सम्मानीय वरिष्ठ जन जनप्रतिनिधि माननीय *भरत साय (पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन )  मंडल अध्यक्ष *दिलीप साहू  जिला पंचायत सदस्य ,श्रीमती दुलारी सिंह* ,पूर्व मंडल अध्यक्ष कपिलेश्वर सिंह ,संतोष जायसवाल , पूर्व जनपद पंचायत सदस्य अवध पाठक एवं राजेश फंटा चौधरी की उपस्थिति एवं  अनुविभागीय  अधिकारी फरसाबहार अमित श्रीवास्तव के  गरिमामयी उपस्थिति में किया गया । उक्त कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक,शिक्षकों एवं पालकों को भी आमंत्रित किया गया ।  
इस समर कैम्प में  जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समस्त गतिविधियां बच्चों से कराई जाएगी । इस संबंध में जानकारी देते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन ने बताया कि विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञों की ड्यूटी लगा दी गई है और निर्धारित समय पर गतिविधियां सम्पादित कराई जाएगी । विकासखंड के बच्चों में समर कैम्प को लेकर काफ़ी उत्साह देखा हा रहा है ।

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दुलदुला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण,अनुपस्थित पाए जाने पर,आपरेटर का दो दिन का अवैतनिक अवकाश के दिये निर्देश

 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने लगभग 2 घंटे स्वास्थ्य केन्द्र का बारिकी से एक एक चीज की जानकारी ली और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर कुनकुरी एसडीएम नन्द जी पांडे तहसीलदार राहुल कौशीक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित पंजी का अवलोकन करते हुए डाक्टरों और अन्य स्टाफ की नियमित उपस्थिति की जानकारी ली उन्होंने एम ओ प्रज्ञा एक्का सहायक ग्रेड 3 मिराम, फार्मेसिस्ट ताज मोहम्मद और आपरेटर धर्मेन्द्र को अनुपस्थित रहने बिना जानकारी दिए नदारद रहने पर दो दिन का अवैतनिक अवकाश करने के निर्देश दिए हैं कलेक्टर ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा है।
 उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी बिना आवेदन का नदारद रहते हैं और फरवरी माह 28 दिन का था और 29 तारीख अंकित करके अपना हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
कलेक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल के नल ,बेसिन, सिपिज की समस्या और वायरिंग को ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर पानी का संरक्षण और संवर्धन करने के लिए कहा है।
उन्होंने अस्पताल परिसर में ग्राम मकरीबंधा निवासी मरीज श्रीमती संगीता के परिजनों से बात करके स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने अस्पताल के डाक्टरों और कर्मचारियों को अपने टेबल पर अपने नाम का नेम प्लेट लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने दुलदुला के बीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। एएनएम को उनके मुख्यालय में ही रहने दें अनावश्यक उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला बुलाकर डाटा एंट्री का काम न कराए इससे मरीज प्रभावित होते हैं डाटा एंट्री का कार्य आपरेटर से करवाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड और पुरुष वार्ड का भी अवलोकन किया और भर्ती मरीजों से चर्चा करके स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने भर्ती मरीज मूड़ा अम्बा निवास दिलेश्वर यादव, और कौशल्या यादव से चर्चा करके भोजन, दवाई और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी की भी जानकारी ली और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों का बेहतर ईलाज करने के निर्देश दिए हैं और जिन मरीजों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उनका कार्ड बनवाने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने अस्पताल के छत का भी अवलोकन किया और परिसर की साफ सफाई, पेड़ों के पत्तों की छंटनी करने सुखे पत्तों की साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने डाटा शाखा कक्ष , दवाई वितरण कक्ष, हमर लैब , पैथोलॉजी कक्ष , आपातकालीन कक्ष , फिजियोथेरेपी कक्ष , ओपीडी, दन्त चिकित्सक कक्ष, एक्स-रे मशीन रूम, ड्रेसिंग रूम, आइसोलेशन वार्ड, आदि वार्डों का अवलोकन किया। अस्पताल परिसर के नियमित साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिसर में पौध रोपण करने के लिए भी कहा है।

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प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने नवा रायपुर में स्थापित होगा अत्याधुनिक NIELIT केंद्र,

रायपुर :प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के स्टेट ऑफ द आर्ट केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस संस्थान की स्थापना के लिए 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की। यह निर्णय राज्य के डिजिटल भविष्य की आधारशिला साबित होगा।

NIELIT, जो भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, हाल ही में डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त कर चुकी है। संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ में स्थायी केंद्र स्थापना हेतु भूमि की मांग की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल कौशल के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।

इस मांग को दृष्टिगत रखते हुए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम तेंदुआ के लेयर-2 क्षेत्र में 10.023 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है, जिसे लीज़ पर NIELIT को आवंटित किया जाएगा। इसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा प्राधिकरण को की जाएगी।

इस अत्याधुनिक संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसरों को नया बल मिलेगा। यह केंद्र युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के योग्य बनाकर राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को सशक्त करेगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा मानचित्र पर एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में उभरेगा।

गौरतलब है कि नवा रायपुर में पहले से ही कई राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित हो चुके हैं, जैसे – आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी। हाल ही में मंत्रिपरिषद द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।

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मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए ये महत्वपूर्ण निर्णय…..सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का लिया गया अहम फैसला

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है। 

           इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गाें के विनिर्धारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गाें पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।

         इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा। 


 मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में State of Art NIELIT की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान NIELIT को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

         राज्य में NIELIT केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। 

 मंत्रिपरिषद ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने बैठक में ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है। 

 मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। 

        अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। 

         समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा। 

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इंसानों में दो चीज होनी बहुत जरूरी : आत्म सम्मान और दूसरा आत्मबोध यदि जीवन में यह दो चीज  है तभी वह मनुष्य कहलाने का हकदार- विनोद गुप्ता

जशपुर : संकल्प और सेजस जशपुर के प्राचार्य विनोद गुप्ता के द्वारा अपने समस्त शिक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई थी। यह कार्यशाला आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम जशपुर के सभागार में में आयोजित कार्यशाला में सेजस और संकल्प के समस्त शिक्षक शामिल हुए लगातार एक ही प्रकार के कार्य करते हुए शिक्षकों की कार्यप्रणाली थोड़ी धीमी हो जाती है ,जिसे तेज करने के लिए निसंदेह यह कार्यशाला बहुत ही कारगार सिद्ध हुई। विनोद गुप्ता  जशपुर जिले में अपनी विशेष कार्य प्रणाली के लिए जाने जाते हैं ।उन्होंने शिक्षकों से कुछ सवाल पूछते हुए शिक्षकों का एक ऑनलाइन टेस्ट लिया जिसके आधार पर उन्होंने बताया कि इंसान और जानवरों को उनके गुण के आधार पर  वर्गीकृत किया जा सकता है। इंसानों में दो चीज होनी बहुत जरूरी है पहले आत्म सम्मान और दूसरा आत्मबोध। यदि इंसान अपने जीवन में यह दो चीज प्राप्त कर लेता है तभी वह मनुष्य कहलाने का हकदार होता है। मनुष्य चार जोन में विभाजित होते हैं पहला कंफर्ट जोन, दूसरा फियर जॉन ,तीसरा लर्निंग जोन और चौथा ग्रोथ जोन । उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षकों में से भी कुछ शिक्षक कंफर्ट जोन में है जो कि अपने जीवन में कुछ भी नया नहीं करना चाहते हैं जो है ,जैसा है ,वैसा ही स्वीकार कर चल रहे हैं उन्हें अपनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं करना है।कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो फियर जोन में है जो कि डर से कोई भी नया कार्य नहीं कर पाते हैं उनमें कॉन्फिडेंस की भी कमी होती है जिसके कारण कोई भी नया कार्य करने से वह डरते हैं। इसके बाद जो शिक्षक होते हैं वह लर्निंग जोन में होते हैं जो हमेशा ज्ञान अर्जित करना चाहते हैं, नई चीजें सीखना चाहते हैं और चुनौती भी स्वीकार करते हैं। लर्निंग जोन के बाद जो शिक्षक हैं वह ग्रोथ जोन में होते हैं जो हमेशा कुछ नया करते हैं। यह शिक्षक खाली नहीं बैठते हैं। इन सभी जोन में आने वाली कमियों उसमें सुधार और नई चुनौतियों के बारे में भी उनके द्वारा बताया गया । उनके द्वारा बहुत सारे लोगों के बारे उदाहरण देकर  भी बतलाया गया जो अपने डर के बावजूद अपने जीवन में सफल हुए और पूरी दुनिया में जिनका नाम हुआ।इस तरह की कार्यशाला से सभी शिक्षक बहुत ही उत्साहित थे और उनके एक-एक शब्द को बड़े ध्यान से सुन रहे थे बीच-बीच में उनके द्वारा शिक्षकों से प्रश्न भी किया जा रहे थे जिसका शिक्षक बड़े उत्साह से जवाब दे रहे थे। विनोद गुप्ता सर के द्वारा शिक्षकों से अगले सत्र के लिए लक्ष्य निर्धारण करने के लिए भी कहा गया और उन्होंने यह भी कहा कि इसे आप लिख कर रखें ताकि आप स्वयं अपने आप का आकलन कर सकें कि पूरे वर्ष में जो आप करना चाहते थे वह आप कर पाए या नहीं इससे आप स्वयं अपने आप का आकलन कर पाएंगे, कि आप किस जोन में है यह कार्यशाला बहुत ही प्रभावी थी ।शिक्षक इससे बहुत प्रभावित हुए। शिक्षकों की तरफ से यह विचार भी आया कि कम से कम प्रत्येक तीन माह में इस तरह की कार्यशाला आयोजित की जानी चाहिए।उपस्थित सभी शिक्षकों ने इस कार्यशाला की प्रशंसा की ।

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विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण का हर स्तर पर किया जाएगा विरोध :छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ" .....2009 के सेटअप के अनुसार हो युक्त युक्तिकरण

रायपुर :  युक्त-युक्तिकरण का जिन्न एक बार फिर से बाहर आया है, यह वही पुराना नियम है जिसे पिछले साल लागू किया जा रहा था। उस समय प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों के द्वारा गलत तरीके से हो रहे युक्त युक्तिकरण का जमकर विरोध किया गया था । और बाद में सरकारको वापस लेना पड़ा था ।
       अब एक बार फिर से इस रद्द हो चुके नियम को शिक्षा सत्र के अंतिम समय  में फिर से थोपने का असफल कोशिश राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। पिछले बार जब यह युक्तिकरण स्थगित किया गया तब सभी शिक्षक संगठनों को राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जब भी युक्तिकरण लागू होगा सभी शिक्षक संगठनों से मार्गदर्शन एवं सुझाव लिए जाएंगे। लेकिन बिना किसी मार्गदर्शन एवं सुझाव के ही युक्त युक्तिकरण को फिर से थोपने की शुरुआत की जा रही है। 
        इस युक्त-युक्तिकरण को "छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ" ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाला एवं गैर जिम्मेदाराना फैसला बताया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष तुलसी राम पटेल, शिवकुमार साहू, बीरेंद्र साहू, लता मलिक, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा, नरेंद्र तिवारी, प्रदेश महासचिव महेश्वर कोटपरहिया, भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, केशव पटेल, कमलेश भारती, बैजनाथ यादव आदि ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि उक्त विसंगतियुक्त युक्त युक्तिकरण से राज्य का शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद एवं चौपट हो जाएगा।यह राज्य सरकार का अव्यावहारिक एवं गैस जिम्मेदाराना निर्णय है। प्राथमिक शाला में सिर्फ दो शिक्षकों की नियुक्ति रहेगी। प्रधान पाठक को भी शिक्षक माना गया है। प्राथमिक शाला में पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर जाएगा। विभाग  द्वारा पहले से ही नाना प्रकार के कार्य थोपे गए है। जनगणना, पशु गणना, विभिन्न प्रकार के सर्वे सहित अन्य प्रकार के कार्य है जो प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक करते हैं।
       प्राइवेट स्कूलों में पांच कक्षाओं के लिए पांच शिक्षक रहते हैं, अन्य स्टाफ भी रहते हैं, परंतु यहां पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान पाठक  सहित सिर्फ दो शिक्षक रखने से स्कूल चलना असंभव है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर बुरी तरह असर पड़ेगा।


विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण का हर स्तर पर किया जाएगा विरोध 
         छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने कहा है कि युक्त युक्तिकरण करण पूरी तरह गलत एवं अव्यावहारिक तथा गैरजिम्मेदाराना है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। सभी शिक्षक मिलकर प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करेंगे। संघ के सभी पदाधिकारियों ने कहा है कि सरकार मूल मुद्दे से भटकाना चाहती है। यदि स्कूलों में शिक्षक की कमी है तो नए शिक्षकों की भर्ती की जानी चाहिए। लेकिन सेटअप को बदलना और स्कूली बजट कम करने व पैसा बचाने के लिए स्कूलों में शिक्षकों की कमी करना ये कतई बर्दास्त नहीं करेंगे।अभी कोर्ट में क्रमोन्नति देने का आदेश हुआ है। उक्त क्रमोन्नति के आदेश को लागू करने के बजाय राज्य सरकार द्वारा युक्त युक्तिकरण जैसा अव्यवहारिक निर्णय फिर से थोपा जा रहा है जो पूरी तरह गलत है व मुख्य एवं जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

विसंगति मुक्त हो युक्त-युक्तिकारण -

           युक्तिकरण होने चाहिए लेकिन यह पूर्णतः विसंगति मुक्त होना चाहिए। ऐसे विद्यालय जहां पर सेटअप से ज्यादा शिक्षक पदस्थ हैं उन अधिक शिक्षकों को हटाया जाए, ना की विद्यालय में शिक्षकों की संख्या को कम किया जाए।
       2009 का सेटअप शिक्षा के अधिकार के तहत बनाया गया है।जिसमें प्राथमिक विद्यालय में प्रधान पाठक सहित कम से कम तीन शिक्षक पदस्थ रहेंगे। जो दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षकों की संख्या में वृद्धि होती जाएगी। अन्य नियमों के लिए या विभाग में अन्य योजनाओं के लिए शिक्षा के अधिकार से छेड़छाड़ नहीं करने की बात की जाती है परंतु विद्यालय में शिक्षकों को कम करने के लिए 2009 के सेटअप को ध्वस्त किया जा रहा है। जिसका संगठन द्वारा हर स्तर पर जमकर और खुलकर तथा पुरजोर विरोध किया जाएगा।
           संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें,  देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार, दिनेश निर्मलकर, संतोष जैन, मनोज यादव, अभिषेक तिवारी, सुषमा प्रजापति, नारद सहारे, मुकेश दिवाकर, शंभूराम साहू, चंद्रशेखर सारथी, रेखा पुजारी, अरविंद पांडे, देवीदयाल साहू, फूलदेव गुप्ता, हीरालाल विश्वकर्मा, ज्वाला बंजारे, महेश शर्मा, बिमला लकड़ा, मंजू शर्मा, तुलसा मंडावी, नंदकुमार पटेल, रूलिका लकड़ा, नूरजहां खान, रूपेंद्र कुमार साहू, कोमल सिंह गुरु, तिलक खांडे, कुलदीप सिन्हा, कौशल्या कोले, शशिमा कुर्रे, विनोद सिंह राजपूत, मनीषा मिंज, कजला महिलांगे, कुलेश्वरी साहू, कैलाशचंद्र ठाकुर आदि सहित समस्त प्रदेश, जिला एवं ब्लाक पदाधिकारियों ने युक्त युक्तिकरण के उक्त आदेश को गलत, अव्यावहारिक एवं राज्य के शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाला बताने हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है।

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मुख्यमंत्री श्री  विष्णु  देव  के  निर्देश  पर अब यूपीएससी मेंस उत्तीर्ण करने वालों को  मिलेंगे एक लाख  रुपए

रायपुर:  राज्य संघ  लोकसेवा  आयोग  की  मुख्य  परीक्षा  में  उत्तीर्ण  होने  वाले छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों  को  राज्य  शासन की  ओर  से  एक  लाख  रुपये  की  प्रोत्साहन राशि  दी  जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु  देव  साय के  निर्देश  पर  नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा कल इसके  आदेश  जारी  कर  दिए  गए  हैं। 
उल्लेखनीय  है  कि  राज्य  शासन  द्वारा नगर  निगमों  में  महापौर  सम्मान  राशि  दी  जाती  है। प्रतिभागियों  को  प्रोत्साहन  राशि  इसी  निधि  के अंतर्गत  दी जाएगी।

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बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' का किया मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ,मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी नाका स्थित ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री सुनील सोनी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य के समग्र विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना की अहम भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और राजधानी से लेकर दूरस्थ अंचलों तक प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की चिंता हमारी सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में 'मेडिसिटी' विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए  कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने 'बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' के प्रबंधन एवं स्टाफ को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह संस्थान माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की,वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था पर हो काम.....शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में हो सुधार

रायपुर. : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे बड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा कर विभाग द्वारा संचालित केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव और मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक में अधिकारियों को शहरों में आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाने और उन पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों के आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाने को कहा, ताकि बच्चों को खेलने-कूदने तथा बड़े-बुजुर्गों को वॉकिंग, जॉगिंग, योग और शारीरिक व्यायाम के साथ ही आमोद-प्रमोद की जगह सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों में अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करते हुए भारत सरकार द्वारा जारी स्वच्छता की अपनी वर्तमान रैंकिंग में सुधार लाने को कहा। उन्होंने शहरों को सुंदर और स्वच्छ बनाने जन भागीदारी बढ़ाने के साथ ही इंदौर जैसे बेहतर सफाई व्यवस्था वाले शहरों में नगर निगमों के आयुक्तों को अध्ययन के लिए भेजने को कहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शहरी आबादी से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य विभागों से समन्वय बनाकर बुनियादी शहरी सुविधाएं विकसित करने को कहा। इससे निकट भविष्य में समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों के नगरीय निकाय में शामिल होने या नए नगरीय निकाय के रूप में अस्तित्व में आने पर शहरों के मुताबिक व्यवस्थाएं और जन सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर देते हुए निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने वाले निकायों के लिए रिवार्ड-सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एप या ऑनलाइन सिस्टम तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम की तरह अन्य नगरीय निकायों में भी संपत्ति कर की वसूली के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया। इससे लोग घर बैठे या अपने कार्यस्थल से ही मोबाइल या कम्प्यूटर से संपत्ति कर जमा कर सकेंगे जिससे राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने अगले एक वर्ष में सभी निकायों में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मोर संगवारी योजना के तहत घर पहुंच दस्तावेज बनाने की व्यवस्था को केंद्र सरकार के डिजी-लॉकर से लिंक करने को कहा। इससे नागरिकों के दस्तावेज स्थायी रूप से उनके डिजी-लॉकर में सुरक्षित रहेंगे। इससे योजना संचालन के व्यय में भी कमी आएगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन सवेरे निकाय के अधिकारियों के साथ साफ-सफाई एवं विकास कार्यों के निरीक्षण के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। इससे विभाग के कार्यों में कसावट के साथ ही निर्माण कार्यों की प्रगति एवं साफ-सफाई की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। सभी नगरीय निकायों में वर्तमान जरूरतों के मुताबिक सेट-अप के पुनरीक्षण और निकायों के वर्गीकरण की कार्यवाही की जा रही है। बड़े विकास कार्यों, शहरों की आवश्यकता एवं भावी जरूरतों के मुताबिक शहरी विकास को गति देने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक में नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति तथा सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के साथ ही विभिन्न निकायों में बन रहे अटल परिसरों तथा नालंदा परिसरों की प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का, उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव तथा सुडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

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जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का किया गया निरीक्षण,अनुपस्थित 44 कर्मचारियों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस

जशपुर, : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर शासकीय कार्यालयों को सुव्यस्थित और समयबद्ध कार्यप्रणाली विकसित कर लोगों के बेहतर सुविधाएं प्रदान करने कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है।  जिसके तहत सोमवार को बीईओ कार्यालय  दुलदुला, कुनकुरी, बगीचा, जशपुर, मनोरा, पत्थलगांव का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें 44 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इन सभी कर्मचारियों को कलेक्टर के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। असंतोषजनक जवाब पाए जाने पर कर्मचारियों पर एक दिन का अवैतनिक करने की कार्रवाई की जाएगी।
        आज विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बगीचा में एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। जहां 06 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जशपुर में एसडीएम ओंकार यादव द्वारा निरीक्षण किया गया। जहां कुल 22 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
        तहसीलदार प्रमोद कुमार पटेल ने कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुनकुरी में औचक निरीक्षण किया। जिसमें से 06 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। नायब तहसीलदार दुलदुला राहुल कौशिक द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुलदुला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में 10 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

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पंचायतों को सशक्त बनाकर अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाकर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतें हमारी विकास यात्रा की पहली कड़ी हैं, और ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास देने का जो संकल्प लिया गया है, उससे जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत "मोर दुआर-साय सरकार" अभियान के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करते हुए 20 लाख से अधिक परिवारों के सर्वेक्षण पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
श्री साय ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए स्वीकृत आवासों के समय पर निर्माण और सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएम आवास से संबंधित कार्यों की रियल टाइम ट्रैकिंग पर विशेष जोर देते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने पंचायती राज दिवस पर आरंभ "मोर गांव मोर पानी" महाअभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसमें भू-जल पुनर्भरण एवं जलग्रहण विकास के लिए GIS तकनीक के समावेश के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने 15वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना, महतारी सदन, जिला एवं जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना तथा स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को पंचायती राज दिवस पर सम्मानित करने की योजना पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विभाग की आगामी कार्ययोजना में प्रौद्योगिकी निगरानी प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, योजना समन्वय, तेज निर्माण और त्वरित लक्ष्य पूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया

नियद नेल्लानार योजना से ग्रामीणों को मिला नया संबल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत 6,324 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। बस्तर संभाग की 4 ग्राम पंचायतों के 8 गांवों में पहली बार योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ हुए हैं।
साथ ही 913 जॉब कार्डधारी परिवारों के 3,134 सदस्यों को पहली बार मनरेगा में रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री श्री साय ने  स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांवों के युवाओं के लिए प्राथमिकता से भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर अपनी खुशी जाहिर की और इसे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में बन रही और प्रस्तावित सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने इन सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के कार्यों को भी तय समय में पूर्ण करने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आती हैं।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही 'लखपति दीदी' की पहल

पंचायत विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के संकल्प के अनुरूप 'लखपति दीदी' पहल के तहत ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर लाभकारी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है।
कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं विभिन्न नवाचारों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राज्य स्तरीय मेलों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर विपणन हेतु उपलब्धता प्रदान कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।उन्होंने ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के निपटान, और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता पर चल रहे अभियानों की जानकारी ली।

उन्होंने ओडीएफ प्लस के तहत खुले में शौच से मुक्त हुए गांवों की प्रगति की समीक्षा की और इज ऑफ लिविंग एंड रिफॉर्म्स के मुद्दों पर भी अधिकारियों से विमर्श किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी नवाचार गतिविधियों की जानकारी ली और अन्य राज्यों में लागू बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उसे लागू करने की बात कही।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव पंचायत श्री भीम सिंह, विशेष सचिव पंचायत श्री धर्मेश साहू, आयुक्त मनरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा सुश्री जयश्री जैन सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन - मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित अपने कार्यालय में छत्तीसगढ में  नक्सल उन्मूलन अभियान  की समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति रहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प के साथ दृढ़ता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी के कारण आज प्रदेश के कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के मनोबल को और ऊंचा बनाए रखने के लिए उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतिम सफलता अब बहुत निकट है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि नक्सल विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय और सूचना संकलन तंत्र को मजबूत किया करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने के लिए संवाद बढ़ाया जाए और क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके लिए समर्पित है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती है।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, सजगता और प्रतिबद्धता के साथ इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त और विकासोन्मुख प्रदेश के रूप में पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सुरक्षा बल, प्रशासनिक अमला और प्रदेशवासी एकजुट होकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे और  'विकसित छत्तीसगढ़' के सपने को साकार करेंगे।

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CG News : राइस मिल में लगी भीषण आग...लाखों का बारदाना जलकर खाक...पढ़ें पूरी खबर

Fire Broke Out At Rice Mill /दुर्ग. चंदखुरी स्थित भवानी राइस मिल में लगी आग ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग मिल के बारदाना गोदाम में लगी थी, जिसमें लाखों रुपए का बारदाना जलकर खाक हो गया। आग की भयानकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और दमकल कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

दरअसल, पूरी घटना रविवार रात करीब 10:30 बजे की है, भवानी राइस मिल के बारदाना गोदाम में आग लग गई. आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. आग बढ़ते देख मिल के सुपरवाइजर ने तुरंत जिला अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के चार वाहनों और 20 से अधिक जवानों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

फिलहाल राइस मिल में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस और दमकल विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है. पुलगांव थाना पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.

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कर्मचारियों का वेतन एवं सेवानिवृत्त/दिवंगत शिक्षकों तथा कर्मचारियों के अंतिम स्वतत्वों का भुगतान पूर्वानुसार वेतन मद से हो-फेडरेशन

स्कूलों का यूडाइस एक लेकिन नाम अनेक !

स्कूलों का नाम केवल पीएम श्री हो-फेडरेशन

सरकारी स्कूलों के संचालन का स्पष्ट नीति सरकार को बनाना चाहिए- फेडरेशन 


 रायपुर : स्कूल शिक्षा विभाग में एक ही स्कूल तीन नामों से संचालित हो रहा है। एक ही स्कूल का दो अलग-अलग पंजीयन है। पहला   यूडाइस में तथा दूसरा फर्म्स एवं सोसाइटी में पंजीकृत है। पहला दो सेटअप से वेतन भुगतान हो रहा है।पहले का प्रबंधन प्रभारी मंत्री के द्वारा नियुक्त समिति के द्वारा तो वहीं दूसरा जिला कलेक्टर के समिति के अधीन है।  उल्लेखनीय है कि पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सेजेस स्कूलों का संचालन राज्य शासन के अधीन करने का घोषणा किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन्हीं हायर सेकंडरी/हाई स्कूलों को पी एम श्री स्कूल का भी नामकरण किया गया है। फेडरेशन के कहना है कि इन सभी स्कूलों को एक ही नाम पी एम श्री स्कूल रखा जाना चाहिए। क्योंकि एक ही स्कूल में तीन बजट का आबंटन अलग-अलग नाम से हो रहा है।इनका सेटअप भी अलग-अलग है।
    उपरोक्त जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने बताया कि प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रहे सेवानिवृत्त/दिवंगत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अंतिम स्वतत्वों का भुगतान अन्य स्कूलों के रिक्त पदों से किया जा रहा है। क्योंकि शासकीय शालाओं को प्राप्त आहरण एवं संवितरण अधिकार को पूर्व सरकार के शिक्षा प्रमुख सचिव ने सेजेस में परिवर्तित होने के कारण बंद करने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि वित्त विभाग के अनुशंसा से महालेखाकार द्वारा आहरण एवं संवितरण अधिकार का स्वीकृति आदेश जारी होता है। जिसको बंद करने का अधिकार शिक्षा विभाग को नहीं है। फेडरेशन ने पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विभाग के उच्च अधिकारियों को वेतन मद से भुगतान करने का आग्रह किया था।जिसपर निर्णय नहीं होने से वेतन भुगतान तथा  
सेवानिवृत्त/दिवंगत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अंतिम स्वतत्वों के भुगतान में विलंब हो रहा है। फेडरेशन के कहना है कि निकट भविष्य में पदोन्नति से रिक्त पदों को भर दिया जायेगा। उस समय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रहे सेवानिवृत्त/दिवंगत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अंतिम स्वतत्वों के भुगतान में दिक्कत होगा।
   उन्होंने बताया कि उपरोक्त स्कूलों में शिक्षकों/कर्मचारियों की नियुक्ति नियम अलग है। शाला प्रवेश का नियम अलग है। शिक्षण का माध्यम अलग है। वेतन/बजट का मद अलग है। सेजेस स्कूलों में शिक्षकों/कर्मचारियों का भुगतान DMF Fund से चेक द्वारा होता है, नियमित का ट्रेज़री तथा पी एम श्री में आबंटित बजट से होता है। कई स्कूलों में दो प्राचार्य कार्यरत हैं।एक ही स्कूल में शिक्षक एवं कर्मचारियों का दो सेटअप है। उन्होंने बताया कि राज्य के अनेक ऐतिहासिक स्कूलों का नाम आश्चर्यजनक है। बस्तर संभाग के कांकेर जिले में *पी एम श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय* तथा सरगुजा संभाग में 
*पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी* एवं *पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनोरा * उदाहरण है। *फेडरेशन ने स्कूलों का नामकरण पीएम श्री करने का माँग श्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन से किया है।* साथ ही इन स्कूलों में एक भर्ती नियम, एक सेटअप,एक वेतन मद तथा एक नाम का सुझाव दिया है।

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