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मिडिल प्रधान पाठक पदोन्नति में रायपुर संभाग सबसे पीछे....शिक्षक संगठन काफी नाराज ..... प्रदेश संगठन ने दी संभाग कार्यालय के अनिश्चितकालीन घेराव की चेतावनी....मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत

रायपुर : मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों पर स्थानीय रायपुर संभाग में अब तक पदोन्नति नहीं हो पाई है जिससे छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ नाराज है। संघ के प्रांत अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश उपाध्यक्ष बीरेंद्र साहू, तुलसी राम पटेल, शिवकुमार साहू, बैजनाथ यादव, नरेंद्र तिवारी, गायत्री मंडलोई, पुरुषोत्तम शर्मा, केशव पटेल, चंद्रशेखर सारथी, कमलेश भारती आदि ने संयुक्त बयान जारी करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के चार संभागों में मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों पर पदोन्नति पूर्ण हो चुकी हैं जबकि पांचवा संभाग जो की राजधानी रायपुर है।
         इसमें अभी तक प्रमोशन नहीं हुआ है, जिसके कारण संगठन में काफी नाराजगी देखी जा रही है। रायपुर संभाग के अंतर्गत सभी जिले के शिक्षक साथियों ने छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के पास यह शिकायत की है कि यहां मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों में प्रमोशन में लेट लतीफी की जा रही है। जबकि प्रदेश के अन्य सभी चार संभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब सवाल यह उठता है कि राज्य शासन एवं डीपीआई के नियमानुसार जब अन्य संभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तो फिर ऐसे में रायपुर संभाग में अब तक पदोन्नति क्यों नहीं हो पाई है। 
       इस मामले को संगठन ने संज्ञान में लिया है तथा आगामी दिनों राजधानी रायपुर में संभाग के पदोन्नति योग्य सभी शिक्षकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की तिथि शीघ्र तय कर जानकारी दी जाएगी।साथ ही संगठन द्वारा रायपुर संभाग आयुक्त को पदोन्नति हेतु ज्ञापन दी जाएगी।
*शीघ्र पदोन्नति नहीं हुई तो संभाग कार्यालय का करेंगे घेराव -*
            छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू एवं अन्य साथियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रदेश के चार संभागों में जब पदोन्नति हो गई है और रायपुर संभाग में नहीं हुई है। इसका मतलब इसकी जिम्मेदारी रायपुर संभाग कार्यालय की है। संगठन ने यह चेतावनी दी है कि यदि रायपुर संभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी नहीं हुई तो संभाग कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी संभाग कार्यालय एवं शासन प्रशासन की होगी।
              प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें,  देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार, दिनेश निर्मलकर, संतोष जैन, मनोज यादव, अभिषेक तिवारी, सुषमा प्रजापति, नारद सहारे, मुकेश दिवाकर, शंभूराम साहू, चंद्रशेखर सारथी, रेखा पुजारी, अरविंद पांडे, देवीदयाल साहू, फूलदेव गुप्ता, हीरालाल विश्वकर्मा, ज्वाला बंजारे, महेश शर्मा, बिमला लकड़ा, मंजू शर्मा, तुलसा मंडावी, नंदकुमार पटेल, रूलिका लकड़ा, नूरजहां खान, रूपेंद्र कुमार साहू, कोमल सिंह गुरु, तिलक खांडे, कुलदीप सिन्हा, कौशल्या कोले, शशिमा कुर्रे, विनोद सिंह राजपूत, मनीषा मिंज, कजला महिलांगे, कुलेश्वरी साहू, कैलाशचंद्र ठाकुर आदि ने रायपुर संभाग में मिडिल प्रधान पाठको के पदों पर शीघ्र ही पदोन्नति नहीं होने पर रायपुर संभाग कार्यालय घेराव की चेतावनी दी है।

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जशपुर ट्रैफिक पुलिस पहनेगी, बॉडी वार्न कैमरा : वाहन चेकिंग के दौरान पारदर्शिता लाने,SSP ने दिए ट्रैफिक पुलिस को बॉडी वार्न कैमरा लगाने के निर्देश

         
जशपुर : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने यातायात पुलिस जशपुर को निर्देश दिया है कि वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी व जवानों को बॉडी वार्न कैमरा लगाना आवश्यक है, जिससे कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस व आम जनता के मध्य पारदर्शिता लाई जा सके।
            प्रायः देखने में आता है कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस व आम जनता के मध्य विवाद की स्थिति निर्मित होने पर, मामले की वस्तुस्थिति की स्पष्टता के संबंध में संशय की स्थिति बनी रहती है, वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस  के द्वारा बॉडी वार्न कैमरा लगाए रहने पर, हर गतिविधि कैमरा में रिकॉर्ड होती रहेगी, जिससे वाहन चेकिंग की कार्यवाही में पारदर्शिता आएगी, व आवश्यकता पड़ने पर कैमरे में रिकॉर्ड वीडियो फुटेज को देखकर मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
           मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान पारदर्शिता लाने ट्रैफिक पुलिस को बॉडी वार्न कैमरा लगाने निर्देशित किया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में किया गया सुधारों का बड़ा असर.....केरल, पंजाब और बिहार सहित कई राज्यों को पछडाते हुए जीएसटी में 4135 करोड़ संग्रहण कर बना अग्रणी राज्य

रायपुर : अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण  में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि  हासिल  की है। छत्तीसगढ़ ने  4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।

सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,
गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।       इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”

यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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सुशासन तिहार में प्राप्त हुए आवेदनों का निराकरण कर घर घर तक पहुंचा कर दी जा रही दस्तावेज

जशपुरनगर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जिले के सभी विभागों द्वारा सुशासन तिहार में लोगों से प्राप्त समस्याओं का समाधान और आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से किया जा रहा है।
           इसी कड़ी में कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कण्डोरा में सुशासन तिहार में ग्राम पंचायत कण्डारो के प्रेमचंद और रामदेव ने व्यक्तिगत शौचालय की मांग किए थे। उनके मांगों का त्वरित निराकरण करते हुए कण्डोरा के उप सरपंच ने आवेदकों के घर जाकर उन्हें व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की स्वीकृति पत्र प्रदान किए हैं।
            विदित हो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली शासन द्वारा 08 अप्रैल से 31 मई 2025 तक की अवधि में सुशासन तिहार 2025 संचालित किया गया। जिसके अन्तर्गत जनता की समस्याओं जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन एवं विकास कार्याे की गति तथा आम जनता जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित हुआ। इस दौरान पहले चरण में 08 से 11 अप्रैल 2025 तक आवेदन पत्र प्राप्त किये गये हैं। आम जनता से प्राप्त आवेदन पत्रों का द्वितीय चरण में 01 माह के अन्दर निराकरण किया जा रहा है तथा तीसरे चरण 05 से 31 मई 2025 तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जहां प्राप्त आवेदनों के निराकरण की कार्यवाही से लोगों को अवगत कराया जाएगा।

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कोहिनूर का पहला मास्टर्स ख़िताब : दार्जिलिंग में आयोजित MT-200 टेनिस टूर्नामेंट में जीता ख़िताब,

रायपुर : इंटरनेशनल टेनिस एसोसिएशन ITF द्वारा दार्जिलिंग में आयोजित MT-200 टेनिस टूर्नामेंट में शहर के वरिष्ठ टेनिस खिलाडी कोहिनूर गोवर्धन ने युगल का ख़िताब अपने नाम कर लिया । 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले इस टूर्नामेंट में कोहिनूर ने अपने जोड़ीदार विकास बिनानी के साथ उलटफेर करते हुए फाइनल में नंबर 1 जोड़ी को सतीश कन्नन व संजय रे की जोड़ी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-2, 2-6, 10-4 से हराकर ख़िताब अपने नाम किया । यह कोहिनूर का पहला मास्टर्स ख़िताब है ।  जिला एवं राज्य टेनिस संघ इस शानदार उपलब्धि पर कोहिनूर को बधाई एवं शुभकामनाये दी है ।

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आधुनिक प्रौद्योगिकी से क्षेत्र में साय सरकार की बड़ी छलांग : छत्तीसगढ़ का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में .....मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 मई को करेंगे भूमिपूजन

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 मई 2025 को सवेरे 11.30 बजे अटल नगर नवा रायपुर स्थित सेक्टर-22 (सीबीडी रेलवे स्टेशन के निकट) ए आई डेटा सेंटर पार्क का भूमिपूजन करेंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मौजूद रहेंगे। 

उल्लेखनीय है कि इस एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क की लागत 1000 करोड़ रुपए होगी, यह 13.5 एकड़ मेंहोगा। इसमें 2.7 हेक्टेयर एरिया स्पेशल इकानामिक जोन के विकास के लिए होगा। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की बुनियाद डाटा सेंटर पर होती है। छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली स्टेट है इस वजह से यहां पर डाटा सेंटर के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। रैस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसका भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक जमाने के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्पित रूप से काम किया जा रहा है। बीते दिनों प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए भी भूमिपूजन किया गया। इसकी लागत 1163 करोड़ की है।

उल्लेखनीय है कि डाटा सेंटर एआई को संचालित करने के लिए सबसे उपयोगी टूल होते हैं। एआई लार्ज लैंग्वेज माडल पर काम करते हैं और डाटा माइनिंग का काम करते हैं। जब भी डाटा माइनिंग होती है बड़े पैमाने पर ऊर्जा लगती है और इसके लिए डाटा सेंटर उपयोगी होते हैं। भविष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे। भारत अपना स्वयं का एआई माडल तैयार कर रहा है। स्वाभाविक रूप से देश की प्रगति के साथ छत्तीसगढ़ भी तेजी से कदमताल करेगा। अटल नगर में डाटा सेंटर के आने से रोजगार की बड़ी संभावनाएं भी पैदा होंगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एनर्जी समिट किये गये हैं जिससे छत्तीसगढ़ देश के पावर हब बनने की दिशा में बढ़ेगा। ऐसे में डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से इस संभावना का भरपूर उपयोग हो सकेगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति में आधुनिक तकनीक से संबंधित उद्योगों पर विशेष प्रावधान किये गये हैं। इसका लाभ इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने वाले उद्यमियों को होगा। इस तरह से अटल नगर में एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क बनना बहुत शुभ संकेत है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि उद्योग विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम और ईज आफ डूइंग बिजनेस तथा स्पीड आफ बिजनेस को अपनाया है। इससे डाटा सेंटर के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया बहुत जल्द की गई और अब इसका शुभारंभ किया जा रहा है।

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पुराने वक्फ बिल की विसंगतियों को दूर कर नए वक़्फ़ संशोधन अधिनियम मुस्लिम समाज के हित में : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पुराने वक्फ बिल की विसंगतियों को दूर करने का प्रयास नए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के माध्यम से किए जा रहे है, ताकि मुस्लिम समुदाय के पिछड़े और गरीब तबके के लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकें और उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वक्फ सुधार जनजागरण अभियान समिति रायपुर द्वारा वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 विषय पर मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित व्याख्यान माला में यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 मुसलमानों के हित में है और इसका लाभ सभी मुसलमानों को होगा। यह बिल मुस्लिम समाज के विरोध में नहीं है। विषय-विशेषज्ञों एवं समाज के सभी तबके से सलाह मशवरा कर यह कानून लाया गया है। 

व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से रिफार्म किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने की बात हो या ट्रिपल तलाक जैसे कानूनों को समाप्त कर मुस्लिम समाज के महिलाओं को हक दिलाने की बात हो, यह सभी कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए हैं। अब वक्फ बिल के माध्यम से पिछड़े मुसलमानों को उनका हक दिलाते हुए वक्फ बोर्ड की गड़बड़ियों को दूर कर सकारात्मक सुधार का प्रयास किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि हमारी सरकार का प्रयास है कि वक्फ के माध्यम से समाज के वास्तविक लोगों को ही इसका फायदा मिल सके। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से यूपीए सरकार द्वारा आनन-फानन 2013 में वक्फ क़ानून में किए संशोधन से हुए नुकसान एवं विसंगतियों के बारे विस्तृत जानकारी दी। साथ ही वर्तमान वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से होने वाले फायदों एवं विसंगति प्रावधानों के हटाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि आज वक्फ कानून के संबंध में जो गलतफहमी समाज में फैलाई जा रही है उससे हम सब को बचना है और नए  वक्फ कानून की वास्तविकता को पहचाना एवं जानना है। हमारे विभाग द्वारा भी जिला स्तर से लेकर विकासखंडों तक ऐसे जागरण या व्याख्यान माला का आयोजन किए जाएंगे। इस अवसर में पूर्व विधायक भाटापारा श्री शिवरतन शर्मा, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमेन डॉ. सलीम राज सहित मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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पहलगाम में आंतकी हमले से श्री दिनेश मिरानिया जी की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण....राज्य सरकार ने शोकाकुल  परिवार को 20 लाख रुपए की देगी सहायता राशि: सीएम श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि राज्य सरकार दिवंगत श्री मिरानिया जी के शोकाकुल परिजनों को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में रायपुर के श्री दिनेश मिरानिया जी की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए इसे प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति कहा। उन्होंने कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ इस दुःखद घड़ी में  मिरानिया परिवार के साथ है। यह केवल एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की क्षति है। श्री साय ने कहा कि जो आतंकवादी इस जघन्य कृत्य के दोषी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि देश की सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करेंगी।

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बीएडधारी सहायक शिक्षकों को "छग जागरूक शिक्षक संघ" ने दी बधाई....नौकरी बहाली के लिए राज्य सरकार का जताया आभार, दिया धन्यवाद....आंदोलन में पहुंचे थे प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू एवं उनकी टीम....

रायपुर :  बीएडधारी सहायक शिक्षकों की नौकरी बहाली पर "छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ" ने सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है.... साथ ही राज्य सरकार का आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है


         देखिए संगठन ने बधाई संदेश में क्या लिखा है..... 
  *बधाई          बधाई          बधाई          बधाई*
*शुभकामनाएं      शुभकामनाएं      शुभकामनाएं*

*प्रिय छोटे भाइयों,*
*एवं छोटी बहनों.....*
         आप सबको नौकरी वापस मिलने और विज्ञान सहायक शिक्षकों के पदों पर समायोजित होने के लिए हृदय की गहराइयों से उज्जवल भविष्य की बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं अनंत बधाइयां.....
????????  *प्रदेश के आप सभी 2621 बीएडधारी सहायक शिक्षक साथियों..... आप लोगों का यह जो समायोजन हुआ है..... इसका पूरा श्रेय यदि किसी को जाता है तो वो आप सभी 2621 पीड़ित साथियों सहित आप सबकी एकजुटता... लगन .... धैर्य.....मेहनत...... जीवटता.... और आप सबके सहनशीलता...... को ही जाता है...*
   मै स्वयं आपके पंडाल में आकर आप सबके आंदोलन को हमारे संगठन की ओर से पूर्ण समर्थन दिया था.....
   मै जब वहां आंदोलन स्थल में गया तो एक अजीब सा सन्नाटा... खौफ.... और दर्द महसूस हुआ था....छोटे भाइयों और छोटी बहनों का रोते बिलखते चेहरे मैने देखा था..... नौकरी खोने का दर्द क्या होता है.... ये मैने आप सबके चेहरे पर वो दर्द देखा था.....*
 मैने आप सबको कहा था कि भले कुछ भी हो जाए .... लेकिन घबराना मत.... टूटना मत.... डरना मत.... डटे रहो.... लड़ो..... लक्ष्य मिलते तक हटना मत.....
????????  *आप सबके नेतृत्वकर्ताओं से लगातार मेरी बाते होती रही.... मैने और मेरी टीम ने आप सबका हौसला बढ़ाते रहा.... आज सुखद परिणाम आया...... आप सबको बधाई..... बहुत बहुत बधाई.....*
????????  इसका श्रेय आप सबके साथ साथ.... उन सभी समाजसेवियों एवं उन सभी कर्मचारी नेताओं..... को जाता है .... जिन्होंने आप सभी को आपके आंदोलन स्थल में जाकर समर्थन किया...  आप सबका हौसला बढ़ाया.....
????????  *सोशल मीडिया.... प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के उन तमाम साथियों को जाता है..... जिन्होंने आपके आंदोलन को जन जन तक पहुंचाया..... आप सबकी बातों .... भावनाओं..... वेदनाओं.... और... कष्टों.....को राज्य सरकार तक पहुंचाया....*
????????  उन विपक्षी दलों के राजनीतिक नेताओं को भी जाता है .... जिन्होंने आपके आंदोलन को समर्थन देकर... आप सबका हौसला बढ़ाया....
➡️   *सत्ता सरकार के उन तमाम नेताओं को भी जाता है जिन्होंने आप सबकी बातों को.... मांगों को सरकार तक पहुंचाया और मांगे पूरी कराने में मदद किया.....*
➡️  एक बार फिर से आप सबको बधाई..... बहुत बहुत बधाई.... शुभकामनाएं.....
           
➡️  *आभार.....धन्यवाद....*
????????  मांगे पूरी करने के लिए राज्य की भाजपा सरकार...  प्रदेश के मुख्यमंत्री ... माननीय .... विकासपुरुष...बड़े भाई श्रीमान विष्णुदेव साय जी.... गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री आदरणीय भाई विजय शर्मा जी.... उपमुख्यमंत्री आदरणीय भाई अरुण साव जी.... सहित प्रदेश के तमाम मंत्रीगण...  सांसदगण ... विधायकगण.... सहित सत्ता सरकार के सभी नेताओं व जनप्रतिनिधियों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद..... जिन्होंने सभी बीएडधारी सहायक शिक्षक साथियों की नौकरी बहाली में मदद व सहयोग किया....

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जशपुर में हुआ कवि सम्मेलन,महिला कवि मंच के द्वारा किया गया था आयोजन,नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत और एसएसपी शशि मोहन सिंह रहे मौजूद 


 जशपुर : शहर के साउथ पॉइंट इंग्लिश मीडियम स्कूल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रसिद्ध व्यंग्यकार तेज राम नायक,शहर की कवयित्री अनीता गुप्ता सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया। सम्मेलन का आयोजन महिला कवि मंच ने किया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष अरविंद भगत उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की पूजा अर्चना और पहलगाम के आतंकी हमले के बलिदानियों को श्रद्धांजलि से हुआ। तेज राम नायक की प्रस्तुति राम जैसा राज सबको चाहिए किंतु राम जैसा वनवास कोई नहीं चाहता के माध्यम से लोगो की दोहरी मानसिकता पर करारा प्रहार किया। उन्होंने आसमान छुती महंगाई पर व्यंग कस्ते हुए कहा टेंट वाला,हलवाई,दहेज की भरपाई बेटी के पिता को महंगाई मार डालेगी।

  कवि सम्मेलन में शहर की प्रसिद्ध साहित्यकार अनीता गुप्ता ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मीरा अग्रवाल,सुखदेव राठियावसफी सिद्दीकी राजेश्वरी,शालिनी सरस्वती चौहान,रोशन चौरसिया,संगीता भोय,अजीम अहमद ने कविता पाठ से श्रोताओ को मंत्र मुग्ध कर दिया। मंच का संचालन शालिनी गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट करने के साथ ही समापन की घोषणा की गई।

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महतारी वंदन योजना की 15वीं किश्त के तहत 648 करोड़ रुपये  की सहायता राशि जारी

रायपुर, : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आज एक तारीख को माह मई 2025 की पंद्रहवीं किश्त का भुगतान जारी कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश की 69.32 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 648.38 करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 15 माहों में 9788.78 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील

महिला एवं बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं  से अपील की है कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। ज्ञात हो कि आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई हितग्राहियों का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। ऐसे हितग्राहियों को आधार केंद्र में जाकर पहचान एवं निवास प्रमाण-पत्र के साथ आधार अपडेट कराना आवश्यक है, ताकि आगामी किश्त का भुगतान सुनिश्चित हो सके।

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छत्तीसगढ़ सामाजिक विकास,शासन और अर्थव्यवस्था में हुआ जबरदस्त सुधार : केयरएज रैंकिंग में देश के 17 राज्यों के गु्रप में 11वें स्थान पर पहुंचा

रायपुर, : केयरएज स्टेट रैंकिंग 2025 में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश के बड़े राज्यों की सूची में अपनी रैंकिंग को तीन स्थान तक बेहतर किया है। वर्ष 2023 की तुलना में राज्य का समग्र स्कोर 6.1 अंकों की वृद्धि के साथ 34.8 से बढ़कर 40.9 हो गया है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ देश के 17 बड़े राज्यों के गु्रप में 14वें स्थान से 11वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदर्शन शासन, सामाजिक संकेतकों और आर्थिक मजबूती में व्यापक सुधार का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह ‘टीम छत्तीसगढ़’ की एकजुट मेहनत और जन-सेवा की भावना का परिणाम है। हमने शासन में पारदर्शिता, सेवा की गति, और नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। सामाजिक क्षेत्र में हमारा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण पर रहा है। आर्थिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केयरएज की यह रिपोर्ट हमारे कार्याें का आंकड़ों के रूप में मान्यता है। हमने हर क्षेत्र में सुधार की नीति अपनाई है, चाहे वह आर्थिक सशक्तिकरण हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं। यह उपलब्धि सभी के प्रयास और जनता के सहयोग का परिणाम है। छत्तीसगढ़ राज्य अब राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निकट भविष्य में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। 

केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आर्थिक प्रदर्शन के मापदण्ड पर उल्लेखनीय 9.9 अंकों की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023 में जहां राज्य 12वें स्थान पर था, वहीं 2025 में यह 7वें स्थान पर आ गया है। यह राज्य की आकर्षक औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करते हुए राजस्व संग्रहण की दक्षता बढ़ाई है। जीएसटी संग्रहण में वृद्धि और बजट प्रबंधन में पारदर्शिता के कारण राज्य की राजकोषीय स्थिति अधिक मजबूत हुई है। 

रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने शासन-प्रशासन के क्षेत्र में 14.2 अंकों की छलांग लगाई है, सार्वजनिक सेवा, कानून व्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस में किए गए सुधार इसके मुख्य कारण रहे। वहीं सामाजिक क्षेत्र में 17.8 अंकों की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य ने साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आय-समानता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
छत्तीसगढ़ राज्य ने आर्थिक क्षेत्र में भी लगभग 10 अंकों की बढ़त दर्ज की है, जो राज्य की स्थिर विकास दर में वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का शुभ संकेत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 2025 की कार्यप्रणाली में 50 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या 46 थी। 2023 और 2025 के बीच छत्तीसगढ़ ने शासन, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

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नक्सल हिंसा पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम श्री साय से की मुलाकात,नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने का किया अनुरोध

 

रायपुर :  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बस्तर अंचल से आए नक्सल हिंसा पीड़ितों के  प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सुकमा, बीजापुर, कांकेर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के वे नक्सल हिंसा पीड़ित शामिल थे, जिन्होंने विगत वर्षों में नक्सली हिंसा के कारण अपनों को खोया है, शारीरिक यातनाएँ झेली हैं अथवा विस्थापन का दंश सहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को ज्ञापन सौंपते हुए कुर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर के हजारों परिवार चार दशकों से माओवादी आतंक की विभीषिका का सामना कर रहे हैं, जिसने क्षेत्र की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक बुनियाद को गहरा नुकसान पहुँचाया है। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समावेशी विकास की नीति से बस्तर में शांति और विकास की आशा फिर से जगी है। ग्रामीणों ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को इस नई जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुर्रेगुट्टा में चलाया जा रहा सुरक्षा अभियान निर्णायक चरण में है। सरकार किसी भी कीमत पर नक्सल उन्मूलन अभियान को पूर्ण करेगी ताकि बस्तर के विकास को गति मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद सिर्फ एक हिंसक आंदोलन नहीं, बल्कि हमारी सह-अस्तित्व पर आधारित संस्कृति पर खतरा भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हर नक्सल पीड़ित परिवार के साथ सरकार खड़ी है और सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने या अभियान में बाधा डालने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बस्तर में स्थायी शांति और समावेशी विकास ही सरकार का लक्ष्य है, और यह तभी संभव है जब क्षेत्र को हिंसा और भय के साये से पूरी तरह मुक्त किया जाए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि नक्सल विरोधी संघर्ष में जन-भागीदारी और जनविश्वास की शक्ति से हम निस्संदेह सफलता प्राप्त करेंगे और बस्तर को स्थायी शांति और विकास की दिशा में अग्रसर करेंगे।

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मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका : बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ...26 सौ से अधिक सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर समायोजन करने का लिया ऐतिहासिक निर्णय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।

  इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

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मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका : बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ...26 सौ से अधिक सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर समायोजन करने का लिया ऐतिहासिक निर्णय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।

  इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को अब कृषि एवं पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से बदलेगा उनका जीवन...मिल रहा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

रायपुर: राज्य शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना एवं समावेशी विकास को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की गई है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से 20 आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण तीन माह की अवधि का है जिसमें उन्हें ड्रिप इरिगेशन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, डेयरी, मुर्गी और मत्स्य पालन जैसी आजीविका आधारित तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता तथा लघु उद्यम स्थापित करने की विधियों पर भी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन युवाओं को सिलाई तथा मोटर ड्राइविंग जैसे अन्य रोजगारमूलक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं को नवजीवन देने का प्रयास है, जो कभी भटकाव के रास्ते पर चले गए थे। हमारा उद्देश्य है कि वे आत्मनिर्भर बनें, सम्मानजनक जीवन जिएं और समाज के लिए प्रेरणा बनें।

कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने बताया कि यह केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि मुख्यधारा में लौटे युवाओं के लिए स्थायी आजीविका की दिशा में एक ठोस कदम है। लाइवलीहुड कॉलेज की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को स्वरोजगार हेतु शासन से आवश्यक सहायता भी प्रदान की जाएगी। राज्य शासन की यह पहल न केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित कर रही है, बल्कि युवाओं को एक सकारात्मक भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।

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साय सरकार ने दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को दी एक ओर बड़ी सौगात : रायपुर और बिलासपुर के डे-स्कॉलर विशेष बच्चों के लिए निःशुल्क बस सेवा का सीएम ने  किया शुभारंभ

दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों के लिए शिक्षा का सफर अब होगा आसान : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को एक बड़ी सौगात देते हुए दो विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें रायपुर और बिलासपुर स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों में अध्ययनरत डे-स्कॉलर बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सुविधा विशेष बच्चों के लिए न केवल सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास, शिक्षा की निरंतरता और सामाजिक समावेश को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल उन माता-पिता के लिए भी राहत लेकर आएगी, जो अपने बच्चों की दैनिक आवाजाही को लेकर चिंतित रहते हैं, विशेष रूप से जब दोनों अभिभावक कार्यरत हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर विशेष आवश्यकता वाले बच्चे तक पहुँचा जाए और उन्हें एक बेहतर जीवन देने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यह बस सेवा केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विशेष बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने  कहा कि शिक्षा तक पहुंच सभी बच्चों का अधिकार है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी शारीरिक बाधा के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

उल्लेखनीय है कि इन विशेष बसों के संचालन से रायपुर और बिलासपुर के सैकड़ों दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को प्रतिदिन सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा का अवसर मिलेगा, जिससे वे मुख्यधारा की शिक्षा से सहज रूप से जुड़ सकेंगे।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी एवं समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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ऑपरेशन शंखनाद :तीन साल से फरार पशु तस्कर इमरान को जशपुर पुलिस पकड़ लाई उड़ीसा से,


जशपुरनगर :  जशपुर पुलिस के द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में गौ तस्करों के विरुद्ध ऑपरेशन शंखनाद के तहत् लगातार अभियान चलाया जा रहा है जिसमें पुलिस को सफलता भी मिल रही है, पुलिस के द्वारा ऑपरेशन शंखनाद जारी होने के दिनांक से अब तक 800 से अधिक गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है, इसी तारतम्य में जशपुर पुलिस के द्वारा दिनांक 30.04.25 को थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत 06 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के नेतृत्व में, जशपुर पुलिस न सिर्फ गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा रही है, बल्कि तस्करी में संलिप्त फरार तस्करों की गिरफ्तारी हेतु भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गौ मांस बिक्री के मामले में तीन वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को कुनकुरी पुलिस के द्वारा उड़िसा से ढूंढ हिरासत में लिया गया है।
             थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि वर्ष 2022 में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति सुपर स्प्लेंडर मोटर साइकल क्रमांक CG14ML5713 में एक काले रंग के बैग में गौ मांस को लेकर बिक्री करने की नियत से ग्राम बनडेगा(उड़ीसा) से  ग्राम बरांगजोर, थाना कुनकुरी क्षेत्र में सिलबेरियूस खेस्स  के घर आया हुआ था, ग्रामीणों को मामले की जानकारी होने पर उक्त आरोपी गौ मांस से भरी बैग को छोड़ कर फरार हो गया था, पुलिस ने वर्ष 2022 में ही आरोपी सिलबेरियूस खेस्स को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था, व गौ मांस को भी जप्त कर लिया गया था। आरोपी सिलबेरियूस खेस्स की निशान देही पर फरार आरोपी को इमरान उर्फ इब्राहिम पिता गुलाम मुस्तफा, उम्र 30 वर्ष, निवासी बनडेगा, थाना तलसरा (उड़िसा) के रूप में कर चिन्हित लिया गया था ।आरोपी इमरान उर्फ इब्राहम घटना दिनांक से फरार था, पुलिस के द्वारा उसकी लगातार पतासाजी की जा रही थी, कि दिनांक 30.04.25 को मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से आरोपी इमरान उर्फ इब्राहम के अपने घर बनडेगा में होना पता चलने पर ,पुलिस की टीम के द्वारा ग्राम बनडेगा थाना तलसारा (उड़ीसा) से  घेराबंदी कर फरार आरोपी को हिरासत में लेकर वापस में लेकर वापस लाई है,। पुलिस के द्वारा आरोपी इमरान उर्फ इब्राहम के कब्जे से गौ मांस परिवहन में प्रयुक्त मोटर साइकल क्रमांक CG14ML5713 को भी जप्त कर लिया गया है।
               आरोपी इमरान उर्फ इब्राहिम पिता गुलाम मुस्तफा, उम्र 30 वर्ष, निवासी बनडेगा, थाना तलसरा जिला सुंदरगढ़ (उड़िसा) के विरुद्ध छ. ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,5,10 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए, प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
          थाना लोदाम क्षेत्र अंतर्गत मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना लोदाम पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कुछ व्यक्ति 06 नग गौ वंशों को बेरहमी पूर्वक मारते पीटते हुए ग्राम कोनीबिरा, साईं टांगर टोली होते हुए जंगल के रास्ते झारखंड की ओर ले जा रहे हैं, जिस पर लोदाम पुलिस के द्वारा तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना के संबंध में अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश में  ग्राम कोनीबिरा रवाना होकर, मुखबिर के बताए अनुसार  पाया कि कुछ व्यक्ति कोनबिरा बाला नदी के पास 06 नग गौ वंशों को बेरहमी पूर्वक मारते पीटते हुए, हांकते हुए ले जा रहे थे, जो कि पुलिस को आता देख जंगल का फायदा उठा कर फरार हो गए, पुलिस के द्वारा मौके से 06 नग गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया है व फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही है, जिन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
     मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत एक पुराने मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, तथा थाना लोदाम अंतर्गत 06 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है, फरार तस्करों की पतासाजी जारी है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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