हाथी–मानव द्वंद कम करने और वनों को आग से बचाने की बड़ी पहल, बादलखोल अभ्यारण्य के साहीडाँड़ में अधीक्षक व हाथी विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण
बादलखोल अभ्यारण्य में वन सुरक्षा, अग्नि नियंत्रण एवं हाथी–मानव द्वंद रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
नारायणपुर 03 फरवरी 2026
उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के दिशा निर्देश पर आज बादलखोल अभ्यारण्य, नारायणपुर अंतर्गत वन कैंपस साहीडाँड़ में वन सुरक्षा को सुदृढ़ करने, जंगल में लगने वाली आग की रोकथाम तथा हाथी–मानव द्वंद को कम करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वन विभाग द्वारा आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से आयोजित की गई, ताकि वनों को अग्नि से बचाया जा सके और मानव व वन्यजीवों के बीच होने वाले टकराव को न्यूनतम किया जा सके।
कार्यशाला में बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक श्री आशुतोष भगत (नारायणपुर) की उपस्थिति में हाथी विशेषज्ञ श्री प्रभात दुबे (अम्बिकापुर) द्वारा विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने जंगल में आग लगने के प्रमुख कारणों, उससे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, वन्यजीवों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव तथा आग पर त्वरित नियंत्रण की आधुनिक एवं पारंपरिक तकनीकों की जानकारी दी।
जंगल की आग पर नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश
विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि जंगल की आग अधिकांशतः मानवीय लापरवाही से लगती है, जैसे—बीड़ी-सिगरेट फेंकना, महुआ संग्रह के दौरान आग लगाना या खेतों की सफाई के लिए आग जलाना। इसे रोकने के लिए गांव-गांव में मुनादी कराना, ग्रामीणों को जागरूक करना तथा आग लगने की स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।
फायर लाइनों की समय-समय पर सफाई, फायर वॉचरों की सक्रिय तैनाती एवं सामूहिक प्रयास से ही आग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
हाथी–मानव द्वंद को कम करने पर जोर
हाथी विशेषज्ञ श्री प्रभात दुबे ने हाथियों के व्यवहार, उनके पारंपरिक आवागमन मार्गों और भोजन की आदतों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अनावश्यक छेड़छाड़, शोरगुल और जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण से हाथी–मानव द्वंद बढ़ता है। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि हाथियों के दिखने पर घबराने के बजाय संयम बरतें, समूह में न जाएं, रात के समय खेतों में अकेले न रुकें और हाथी मित्र दल एवं वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गेम रेंज कार्यालय के समस्त स्टाफ, रेंज अंतर्गत सभी बीएफओ/सीएफओ, हाथी मित्र दल, आरआरटी रक्षक, फायर वॉचर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी को वनों को आग से बचाने, वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल
कार्यशाला के अंत में अधीक्षक श्री आशुतोष भगत ने कहा कि वन संरक्षण केवल विभाग की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वन, वन्यजीव और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों एवं वन कर्मियों सहित सभी ने वनों की सुरक्षा एवं हाथी–मानव द्वंद कम करने में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।
