नदी किनारे से लेकर जंगलों तक चला पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद, नारायणपुर और मनोरा क्षेत्र में गौ तस्करी का भंडाफोड़, 74 गौवंश बरामद,दो आरोपी गिरफ्तार,फरार आरोपियों की तलाश तेज
जशपुर | 03 फरवरी 2026
गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत बीते तीन दिनों में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 74 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, वहीं एक विधि से संघर्षरत बालक सहित दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों ही मामले थाना नारायणपुर एवं चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत के हैं।
पुलिस अधीक्षक डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के अंतर्गत गौ तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
नारायणपुर थाना क्षेत्र का मामला
थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 02 जनवरी 2026 की प्रातः लगभग 5 बजे, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम चटकपुर–चांचीडांड के पास बेने डेम के नीचे, ईब नदी किनारे कुछ व्यक्ति भारी संख्या में गौवंशों को निर्दयतापूर्वक मारते-पीटते हुए पैदल हांककर झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना नारायणपुर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए, उनके निर्देश पर तत्काल मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखकर तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम
(1) अमन टोप्पो, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम कजरा, कनपोड़ा, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर
(2) एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक
बताया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य 11 साथियों के साथ मिलकर गौवंशों को झारखंड ले जा रहे थे।
पुलिस द्वारा दस्तावेज मांगने पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए, जिस पर 32 नग गौवंशों को मौके से बरामद कर लिया गया। सभी गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है। आरोपी अमन टोप्पो को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
चौकी मनोरा क्षेत्र का मामला
दूसरा मामला दिनांक 31 जनवरी 2026 की शाम 5 से 6 बजे के बीच का है। चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम केसरा के बड़ा पहाड़ जंगल में गौ तस्करों द्वारा गौवंशों को झारखंड की ओर ले जाया जा रहा था। इस दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तस्करों को रोकने का प्रयास किया और 42 नग गौवंशों को मुक्त कराया।
घटना की सूचना प्रार्थी रविरंजन कुमार (31 वर्ष), निवासी मधुवन टोली, जशपुर द्वारा चौकी मनोरा पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी गौवंशों को अपने कब्जे में लेकर उनका पशु चिकित्सीय परीक्षण कराया। ग्रामीणों को देखकर तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।
इस मामले में चौकी मनोरा पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक अमरबेल मिंज, उमेश प्रभाकर, नरेंद्र मिंज, प्रधान आरक्षक उमेश मिंज, आरक्षक अनानियुस टोप्पो, अशोक कंसारी एवं योगेश भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी का बयान
इस संबंध में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि
“जशपुर पुलिस गौ तस्करी को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत बीते तीन दिनों में 74 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा शेष फरार तस्करों की तलाश जारी है। गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
