कन्या हाई स्कूल की बाउंड्रीवाल न होने से छात्राओं की सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़,चारदीवारी नहीं रहने के कारण बच्चों को कई समस्याओं का करना पड़ रहा सामना,खेलने का भी नही है सुरक्षित जगह.....
जशपुर/नारायणपुर : स्टेट हाईवे के पास बाउंड्रीवाल न होने से कई स्कूलों के बच्चों के लिए गंभीर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है, जिससे हमेशा दुर्घटनाएं होने की संभवाना बनी रहती हैं। नारायणपुर के कन्या हाई स्कूल, स्टेट हाईवे 17 के ठीक बगल में हैं, जहां हमेशा सैकड़ो भारी वाहनों आवागमन होता है। इस विद्यालय में बाउंड्रीवाल की कमी के कारण बच्चे खेलते समय या स्कूल आते-जाते समय सीधे सड़क पर आ सकते हैं, जिससे उनके साथ बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है

ज्ञात हो कि नारायणपुर के कन्या हाई स्कूल में वर्षों से वाउंड्रीवाल की मांग की जा रही है परन्तु अब तक यंहा वाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया है। स्टेट हाइवे चराईडाँड़ -बतौली मुख्य सड़क से सटा होने के कारण यह स्थिति छोटे बच्चों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा करती है। छात्राएं सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों से हमेशा भयभीत रहते हैं।
यह कन्या हाई स्कूल बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से खतरे में है। स्कूल स्टेट हाईवे के बिलकुल किनारे स्थित है। रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और भारी ट्रक इस सड़क से गुजरते हैं। स्कूली बच्चे इसी हाईवे से होते हुए स्कूल पहुंचते हैं। वहीं, स्कूल का खेल मैदान भी सड़क से सटा हुआ है। बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण बच्चे खेलते-खेलते अक्सर सड़क तक आ जाते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस स्कूल के सौ मीटर आगे जंहा अंधा मोड़ से जाना जाता है जंहा हमेशा छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होते आ रही हैं। इस स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय के सामने से गुजरने वाली सड़क पर बाइक और अन्य वाहनों की आवाजाही तेज गति से होती है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में आवारा पशुओं के प्रवेश से छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है।
पालकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल परिसर में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें और स्कूल परिसर में ही सीमित रहें। ग्रामीणों का कहना है कि यह मुद्दा कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कन्या हाई स्कूल की चाहरदीवारी का निर्माण कराया जाए ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित और शांत वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल भी बाउंड्रीवाल विहीन

नारायणपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल बाउंड्रीवाल विहीन हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।यह विद्यालय ग्राम के मुख्य सड़क किनारे संचालित हो रहा जिससे भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा बाउंड्रीवाल के नाम राषि स्वीकृत कराने का केवल आश्वासन ही आज तक शिक्षा विभाग व यंहा के ग्रामीणजनों को मिलता रहा है।
सुरक्षा मानकों के तहत विद्यालय में बाउंड्रीवाल होना जरूरी है।गौर करने वाली बात है कि इस विकास खण्ड के अधिकांश स्कूल बाउंड्रीवाल विहिन रहकर सड़क के किनारे स्थित हैं ऐसे में बच्चों के स्कूल आते-जाते हर वक्त भय बना रहता है। शिक्षक और अभिभावक दोनों ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे रहते हैं, जबकि विभाग इससे बेखबर चुप्पी साधे बैठा है। बताते हैं कि बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर कई बार सर्वे कराया गया था। वाउंड्रीवाल निर्माण के लिए इस स्कूल की सूची शासन को भेजी गई थी, लेकिन अब तक बाउंड्रीवाल बनाने के लिए स्वीकृति नहीं मिली।
विद्यालय परिसर में घूमते हैं मवेशी,साथ ही चोरी होने का डर
बाउंड्रीवाल विहीन विद्यालय पशुओं का चारागाह बने हुए हैं। इनके परिसर में पूरे दिन पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं छुट्टी के दिनों में शरारती तत्व जमे रहते हैं। चोर-उचक्कों का भय भी बराबर बना हुआ है। पूर्व में इस स्कूल से 8 से 10 कम्प्यूटर की चोरी हो चुकी है,उसके बाद भी विभाग यंहा वाउंड्रीवाल बनवाने में रुचि नही ले रहा है।
समय समय पर विभाग को सड़क किनारे स्कूलों की वाउंड्रीवाल नही होने की जानकारी दिया जाता है। शासन की प्राथमिकता में भी है कि सड़क किनारे स्कूलों का बाउंड्रीवाल कराने का। जैसे ही स्वीकृत होगा वाउंड्रीवाल का भी निर्माण हो जाएगा।
सुदर्शन पैंकरा- विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी -कुनकुरी
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नारायणपुर सहित कुछ और स्कूलों का वाउंड्रीवाल का प्रस्ताव बना कर भेजा गया है जब स्वीकृत हो कर आ जायेगा तो वाउंड्रीवाल बन जायेगा
पी.के.भटनागर
जिला शिक्षा अधिकारी-जशपुर
