पशु औषधालय खुद बीमार...यंहा पांच वर्षों से सहायक पशु चिकित्सक नही,एक चपरासी के भरोसे औषधालय,,,दर्जनों पंचायतों के पशुपालक कहां कराएं पशुओं का इलाज -पढ़ें पूरी खबर....
जशपुर/नारायणपुर 27 अक्टूबर 2025 : नारायणपुर सहित दर्जनों पंचायत के गांवों के पशुपालकों को समय पर मवेशियों का इलाज नहीं होने से काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालक 25 से 30 किलोमीटर दूर कुनकुरी चिकित्सालय ले जाकर इलाज कराने को मजबूर हैं।
नारायणपुर स्थित पशु औषधालय में पिछले पांच वर्षों से सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी की स्थायी पदस्थापना न होने के कारण पशुपालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पांच साल पहले यहां पदस्थ सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद से अब तक किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। परिणामस्वरूप यह दर्जनों पंचायतों का एक मात्र महत्वपूर्ण पशु औषधालय केवल एक चपरासी के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे पशुपालक परेशान हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते पांच वर्षों से पशुपालकों को अपने मवेशियों के इलाज और टीकाकरण के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं को समय पर टीके नहीं लग पाते हैं और कृत्रिम गर्भाधान जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप्प हैं। इससे न केवल पशुधन के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, बल्कि पशुओं की बीमारियों के कारण मृत्यु के मामले भी बढ़े हैं। यह औषधालय अपने अधीन आने वाले दर्जनों ग्राम पंचायतों के पशुधन के इलाज की जिम्मेदारी निभाता है, लेकिन सहायक पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति में पशुपालक विवश हैं।
ज्ञात है कि ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों की मुख्य आमदनी दूध है। कई पशुपालकों ने एक और कई पशुपालकों ने आधा दर्जन से अधिक गाय पाल रखी हैं। अपने परिवार का खर्चा दूध से निकाल रहे हैं, लेकिन पशु औषधालय में सहायक चिकित्सक और फार्मासिस्ट न होने के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ रही है। पशु बीमार होने पर समय पर उपचार भी नहीं मिल रहा है। विभाग की अनदेखी हजारों पशुपालकों पर भारी पड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई जानवर बीमार होता है, तो उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती, जिसके कारण कई बार पशुओं की जान चली जाती है। बीमार मवेशियों के इलाज के लिए पशुपालकों को निजी चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।
औषधालय में AVFO की नियुक्ति जल्द की जाएगी
नारायणपुर के पशु औषधालय में सहायक पशु चिकित्सक का पद रिक्त है। केराडीह के सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, लेकिन अब उन्हें पुनःनिर्देशित किया जाएगा कि वे सप्ताह में कम से कम तीन दिन नारायणपुर में उपस्थित रहकर पशुपालकों को अपनी सेवाएं प्रदान करें। डॉ. बघेल ने यह भी कहा कि नए सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी की नियुक्ति शासन स्तर से की जाती है। जैसे ही जिले के लिए नई नियुक्ति होगी, नारायणपुर को प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी।
डॉ. एम.एस. बघेल
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं - जशपुर
