वन अपराधियों के मंसूबों पर फिरा पानी — आरक्षित वन में अवैध कटाई और तस्करी की तैयारी का भंडाफोड़, जेसीबी जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा न्यायिक हिरासत में
रायगढ़, 13 फरवरी 2026/ रायगढ़ वनमंडल अंतर्गत तमनार वन परिक्षेत्र में दो अलग-अलग प्रकरणों में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पहला प्रकरण ग्राम मड़ियाकछार का है, जहां आरोपी सुना राम द्वारा आरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण के उद्देश्य से बहुमूल्य प्रजातियों के वृक्षों की अवैध कटाई एवं सफाई की जा रही थी। ग्रामीणों से सूचना प्राप्त होने पर तमनार वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद आरोपी द्वारा गतिविधि नहीं रोके जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार 12 फरवरी 2026 को आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दूसरा प्रकरण छिरवानी परिसर के कक्ष क्रमांक 771 आरक्षित वन क्षेत्र का है, जहां जेसीबी मशीन का उपयोग कर ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा में अवैध लकड़ी तस्करी सहित अन्य अवैध गतिविधियों के लिए कच्चे मार्ग का निर्माण किया जा रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन जब्त की। इस मामले में दो आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 63, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 तथा जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा 7 एवं 55 के तहत वन अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। उक्त कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पी.एम. के निर्देशन, उप वनमंडलाधिकारी श्री आशुतोष मांडवा के मार्गदर्शन एवं वन परिक्षेत्राधिकारी श्री विक्रांत कुमार के नेतृत्व में किया गया। कार्रवाई में प्रशिक्षु आरएफओ श्री नरेंद्र चौधरी, परिक्षेत्र सहायक श्री जैतराम नाग, श्री विनोद तिग्गा, परिसर रक्षक श्री सुनील कुमार, श्री अनिल कुमार, श्री आशीष सिडार, श्री विजय धु्रव, श्री अनुज टोप्पो, श्री गोपी राठिया, श्री सन्यासी सिदार सहित तमनार रेंज के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान रहा।
