भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ बप्पा को दी विदाई, धूमधाम से किया गया गणपति विसर्जन
नारायणपुर 06 सितम्बर 2025 : गणपति बप्पा मोरया.... मंगलमूर्ति मोरया... कुछ ऐसे ही उद्घोष से शनिवार देर शाम तक गांवों की सड़कें गूंजती रही। इसको देखो वहीं अपने आराध्य गणपति को सबसे शानदार विदाई देना चाहते थे। हर तरफ़ रंगों और गुलाल की होली खेलने वालों की भीड़ लगी थी। गाजे-बाजे के साथ निकाली गई भगवान गणेश की विसर्जन यात्रा में भक्तगण नाचते- झूमते नजर आये। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल भी लगाया।
नारायणपुर में गणेश विसर्जन यात्रा उत्साह के साथ संपन्न हुई। गांवों के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए 'गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारे लगाए। डीजे की धुन पर भक्तगण नृत्य करते नजर आए। यात्रा कीर्तन भवन से जयस्तम्भ चौक,अटल चौक होते हुए रानीकोम्बो ईब नदी के किनारे तक पहुंची।सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। ईब नदी तट पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ गणेश जी को विदाई दी।

रनपुर कुदमुरा सहित अन्य क्षेत्रों में बप्पा का किया गया विसर्जन
रनपुर, कुदमुरा में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के बीच विघ्न विनाशक भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन शनिवार को किया गया। श्री गणेश पूजा समिति रनपुर के पूजा पंडाल से अपराहन चार बजे गाजे-बाजे के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली गयी। अबीर-गुलाल उड़ाते और डीजे की धुन पर नाचते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन जुलूस में शामिल हुए। गणपति बप्पा मोरया की जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज रहा था। जुलूस मेन रोड होते हुए गांव भ्रमण उपरांत गो धुली बेला में ढोण्डकी नदी पहुंचा। यहां विधिविधान से प्रतिमा का विर्सजन किया गया। इससे पूर्व सुबह में हवन, दोपहर में प्रसाद वितरण किया गया
कैसे मनाया जाता है गणेशोत्सव?
गणेश चतुर्थी भाद्रपद माह की शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर दस दिनों तक चलता है। इन दिनों भक्तजन घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। रोजाना पूजा, आरती और भजन होते हैं और अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर बड़े धूमधाम से प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।
