CG Big News : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक भूलन सिंह ने इच्छामृत्यु मांगने वाले मंडल महामंत्री के घर पहुंचकर की मुलाकात..बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफ़र..पढ़ें पूरी ख़बर
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CG Big News : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक भूलन सिंह ने इच्छामृत्यु मांगने वाले मंडल महामंत्री के घर पहुंचकर की मुलाकात..बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफ़र..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सूरजपुर। शारीरिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने हाल ही में मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की थी। उनकी इस पीड़ा को सोशल साइट में प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद यह मुद्दा पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गया। पहले इस खबर पर संज्ञान लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यादव और उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने उन्हें रायपुर बुलाकर इलाज कराने का आश्वासन दिया था। अब इस मामले को भाजपा संगठन ने भी गंभीरता से लिया है।

बता दें कि आज प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी खुद सूरजपुर पहुंचे और विशंभर यादव से मुलाकात की। इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया। रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की देखरेख में एक अच्छे अस्पताल में उनका इलाज कराया जाएगा।

वहीं, विधायक भूलन सिंह मरावी ने इस दौरान कहा कि यह कहना गलत है कि दो साल से मैं यहां नहीं आया। मैं कई बार विशंभर यादव से मिलने आता रहा हूँ, उनके घर पर चाय भी पीता था। हाँ, बरसात की वजह से कुछ दिन पहले नहीं आ सका। जैसे ही मुझे जानकारी मिली कि उनकी तबीयत बिगड़ गई है, मैं तुरंत यहां पहुंचा। हमारे साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी आईं। हमने विशंभर यादव को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए रायपुर रेफर किया है। अब रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की देखरेख में अच्छे अस्पताल में उनका इलाज कराया जाएगा।

दरअसल, विधायक भूलन सिंह ने कहा कि विशंभर यादव हमारे परिवार जैसे हैं और हम लोग हरसंभव प्रयास करेंगे कि उन्हें बेहतर इलाज मिले और वे जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने लोगों के बीच लौटें।

फिलहाल, दो साल पहले साल 2023 में रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में जाते समय बस हादसे में विशंभर यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे और स्थायी रूप से विकलांग हो गए। इलाज में लगभग 30 से 35 लाख रुपये खर्च होने के बाद उनका पूरा परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। इलाज के लिए पैसा न होने की वजह से ही उन्होंने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री साय को इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए पत्र भेजा था।

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