*शाला प्रवेश उत्सव बना बच्चों के लिए खास:- स्कूल में बच्चों को चंदन का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, बांटे गए पुस्तक,गणवेश, छाता सहित टाई-बेल्ट*
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*शाला प्रवेश उत्सव बना बच्चों के लिए खास:- स्कूल में बच्चों को चंदन का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, बांटे गए पुस्तक,गणवेश, छाता सहित टाई-बेल्ट*

नारायणपुर : जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला डीपाटोली में प्रवेश उत्सव बहुत खास तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षा समिति एवं पालकों ने भी लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा। शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाला समिति अध्यक्ष, पालक समिति अध्यक्ष, पालक एवं पंच गण उपस्थित थे।

नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं  मिठाई खिलाकर किया गया प्रवेश
 सर्वप्रथम मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। बच्चों ने‌ अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर एवं स्वागत गीत प्रस्तुत करके किया। समस्त अतिथियों और ग्रामीण जनों ने नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। नव प्रवेशी बच्चों को पुस्तक एवं साथ में गणवेश प्रदान किया।

शिक्षा समिति अध्यक्ष ने कहा नयी शिक्षा नीति से बच्चों का भविष्य होगा और बेहतर

 मुख्य अतिथि समलेश्वर सिंह ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि, हमें शिक्षकों का सम्मान करते हुए अध्ययन करना चाहिए। जीवन में कुछ पाने के लिए कठोर परिश्रम करनी पड़ती है। शासन के द्वारा बच्चों को प्रधान मंत्री पोषण आहार, पुस्तक, गणवेश दिया जा रहा है, उसका सम्मान और सदुपयोग करना चाहिए। विद्यालय में सिर्फ पढ़ाई-लिखाई ही नहीं होती, बल्कि संस्कार भी दिया जाता है। नयी शिक्षा नीति 2020 का विजन है भारत को एक न्यायसंगत, ज्ञान-आधारित, और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाने का है। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, बहुआयामी, और छात्रों को 21वीं सदी के लिए तैयार करना है। इसी पर आधारित नवीन पाठ्य-पुस्तकें भी आ गई है। पढ़ाने का तरीका भी बदल गया है बच्चों में बहुआयामी गतिविधियों के साथ शिक्षा देना है। उन्होंने पालकों से निवेदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों को नियमित शाला भेजें तथा उनकी स्वच्छता पर ध्यान दें। विद्यालय से लौटने के पश्चात घर में भी पढ़ने हेतु प्रेरित करें।

 समाजसेवी ने बच्चों का अध्ययन निर्बाध गति से चले इसलिए भेंट किया छाता
विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, उन सभी बच्चों को वर्षा से बचने एवं विद्यालय में निरंतरता बनी रहे इसलिए प्रधान पाठक ने समाजसेवी लोगों से संपर्क किया। जिसका परिणाम सुखद था उन्हें बच्चों के लिए छतरी मिले। मिले छतरी का वितरण भी प्रवेश उत्सव के दिन किया।
*प्रधान पाठक ने बच्चों को टाई एवं बेल्ट का किया वितरण*
प्रवेश उत्सव के उपलक्ष्य में प्रधान पाठक ने बच्चों को टाई एवं बेल्ट का वितरण किया। टाई एवं बेल्ट मिलने से बच्चों के चेहरे खिल उठे। 
पालकों ने दिया प्रधान पाठक एवं शिक्षकों को धन्यवाद
पालकों ने कहा कि प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता के विद्यालय में पदस्थापना ने विद्यालय को एक नई दिशा दी है। इनके द्वारा किए गए प्रयास से शाला परिसर सुंदर एवं सुसज्जित हो गया है, चाहे पुष्प वाटिका हो या फिर बागवानी। इनके आने से तथा सहायक शिक्षक महेश तिर्की के संयुक्त प्रयास से विद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। इसके साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा दिया जा रहा है तथा बच्चों को खेल एवं योग की शिक्षा दी जा रही है।प्रधान पाठक ने कहा कि नयी शिक्षा नीति के विजन को ध्यान में रखते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता

इस अवसर पर प्रधान पाठक ने कहा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास हेतु विभिन्न प्रकार की गतिविधि की जाती है। बच्चों को विषयवस्तु का बेहतर समझ बन सके इस हेतु उनकी मातृभाषा का प्रयोग किया जाता है। शिक्षण कार्य में नवाचारी गतिविधियों को शामिल किया जाता है। अभिव्यक्ति कौशल विकास हेतु प्रत्येक शनिवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जैसे भाषण, वाद-विवाद इत्यादि। बच्चों में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के विकास हेतु विशेष अवसरों पर नृत्य, संगीत, पारंपरिक खेल का आयोजन किया जाता है।आगे उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है विद्यालय में समृद्ध वातावरण का निर्माण करना ताकि बच्चे सहजता से बेझिझक प्रश्नों को पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत कर सकें। अंत में उन्होंने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उपस्थित शिक्षा समिति अध्यक्ष, पालकों एवं नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।।

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