पीएम जनमन योजना से जशपुर के पहाड़ी अंचलों के बसाहटों तक पहुंची सड़कें... किन कारणों से नव निर्मित सड़कों को मिल रहा है भारी जख्म....विभाग क्यों नही कर रहा है कोई कार्यवाही....विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर
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पीएम जनमन योजना से जशपुर के पहाड़ी अंचलों के बसाहटों तक पहुंची सड़कें... किन कारणों से नव निर्मित सड़कों को मिल रहा है भारी जख्म....विभाग क्यों नही कर रहा है कोई कार्यवाही....विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुर :- मनोरा के पहाड़ी अंचलों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के उनकी सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संचालित पीएम जनमन योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है,अब तक समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए इन बिरहोर बसाहटों तक पक्की सड़क बन चुकी है। ये सड़कें इन बिरहोर परिवारों के सर्वांगीण विकास की एक नई  उम्मीद है।बारिश के दिनों में उनको कच्ची सड़कों से होने वाली समस्याओं से उन्हें निजात मिलेगी।

 परंतु जनमन योजना के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों के चलने से सड़कें ज्यादा दिन तक सुरक्षित रह पाना मुश्किल है । इस जनमन सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन इस योजना के उद्देश्यों और नियमों के विरुद्ध है। यह योजना मुख्य रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) की बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए बनाई गई है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर आवागमन की सुविधा  मिल सके. नव निर्मित सड़कें पर भारी वाहनों के चलने से भारी नुकसान पहुंच रहा है,टिकाऊपन आगे चलकर कम हो सकती है। जिससे इन बस्तियों को मिलने वाली सुविधाओं में आगे चल कर समस्या आ सकती है।
  जशपुर जिले के मनोरा ब्लाक में जनमन योजना के तहत सड़के बनाई गई है जिसमे  टीआर-05 से बंधकोना "बी" लम्बाई 1.70 किमी. टीआर-05 से भंवरपाठ लम्बाई 1.70 किमी. एवं एल-45 से भुरूघाट लम्बाई 4.70 किमी.12-042 से वासतळा कोदोपानी 10.10 किमी,TROS T० रेमने-1.88 किमी,TR TROS TO नावाझर 7.70 किमी,यह सड़क सुदूर पहाड़ी इलाके में बसे विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति जो की मुख्य धारा से जोड़ने में एक अहम भूमिका अदा कर रही है। 

परन्तु इन नवीन निर्मित सड़को का फायदा उठा कर लोग वाहन क्षमता से अधिक ओवर लोड ट्रक, हाइव आवागमन करा रहे है जिससे सड़क सहन क्षमता से अधिक लोड ले  जाने के कारण सड़क खराब होने की पूरी संभावना है। इसे लेकर पड़ताल की तो पता चला कि जनमन योजना के तहत जो सड़कें बनाई जाती है उनकी क्षमता 12 टन तक भार वाली गाड़ियों के गुजरने की ही होती है लेकिन इन सड़कों से तो 15 से 20 टन से भी अधिक भार लेकर गाड़ियां गुजरती दिखाई दे रही हैं 

जबकि इस योजना के तहत बनी सड़कों पर 12 टन से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है और बोर्ड भी सड़कों पर लगा होता है। इसके बावजूद सड़कों पर भारी वाहन प्रवेश करते हैं जो सड़कों के खराब होने का प्रमुख कारण बनते हैं जनमन सड़कें ग्रामीणों को सुविधा देने के नाम बनाई जाती है लेकिन इनका दुरूपयोग ओवरलोडेड वाहनों द्वारा किया जाता है
 जनमन योजना के तहत बनी सड़कों पर भारी वाहनों के चलने को रोकने के लिए, स्थानीय प्रशासन को सख्त नियम लागू करने चाहिए और उनका पालन सुनिश्चित करवाना चाहिए। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों को भी जागरूक होना होगा कि वे इन सड़कों का उपयोग कैसे करें, ताकि वे सुरक्षित रहें और योजना का लाभ उठा सकें।

  मनोरा ब्लाक में जनमन योजना से नव निर्मित सड़कें बनी है लोग वाहन क्षमता से अधिक ओवर लोड  ट्रक हाइव आवागमन कर रहे है सड़क सहन क्षमता से अधिक लोड गाड़ियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई।

राजेश कुमार दुबे -एसडीओ - प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क

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