पशु केवल संसाधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवार का अभिन्न सदस्य हैं”—शासकीय नवीन महाविद्यालय मनोरा के विशेष शिविर में लगा निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर, खोखसों-बेंजोरा में सैकड़ों पशुओं की हुई जांच और उपचार
मनोरा 18 फरवरी 2026।
इकाई, शासकीय नवीन महाविद्यालय मनोरा द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन ग्राम खोखसों-बेंजोरा में ग्रामीणों के हित में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के पशुधन के स्वास्थ्य की जांच, उपचार और पशुपालकों को पशुओं की देखभाल के प्रति जागरूक करना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने गाय, बैल, बकरी एवं अन्य पशुओं को लेकर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा उनका परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी अलेख केरकेट्टा ने इस अवसर पर कहा कि पशु ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं और उनका स्वास्थ्य सीधे ग्रामीणों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है, उसी प्रकार पशुओं का स्वास्थ्य भी अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों के लिए पशु केवल एक जीव नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के समान होते हैं, जो उनकी आजीविका का प्रमुख साधन होते हैं। पशुधन से ही ग्रामीणों की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होती है, इसलिए पशुओं की सेवा, सुरक्षा और नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि यह पशु चिकित्सा शिविर ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पशुपालकों और किसानों को उनके गांव में ही पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस शिविर में पशुओं की विभिन्न बीमारियों की जांच कर उपचार किया गया तथा पशुपालकों को पशुओं के संतुलित आहार, साफ-सफाई, टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस शिविर में शासकीय पशुधन विकास विभाग मनोरा की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम में बिनीता यादव (एम.वी.यू. मनोरा), अंजू भाई, विक्टोरिया कुजूर, अंशुमाला तिग्गा एवं मनवाती बाई शामिल रहीं। पशु चिकित्सा टीम ने पशुओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाइयां प्रदान कीं और पशुपालकों को पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए उचित देखभाल एवं समय-समय पर उपचार कराने की सलाह दी।
शिविर के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। स्वयंसेवकों ने शिविर के एक दिन पूर्व प्रभातफेरी निकालकर और घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविर की जानकारी दी तथा अधिक से अधिक पशुपालकों को शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने पशुपालकों की सहायता करते हुए पशुओं को जांच स्थल तक लाने, चिकित्सा टीम को सहयोग देने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल अपने पशुओं के स्वास्थ्य की निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा मिली, बल्कि उन्हें पशुधन के प्रति जागरूक भी किया गया। इस पहल ने ग्रामीणों में पशुओं के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और देखभाल की भावना को और मजबूत किया। रासेयो इकाई की इस सेवा भावना और सामाजिक दायित्व निभाने की पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और इसे गांव के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।
