महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लोरो के प्राचीन शिव मंदिर में संघ का भव्य घोष वादन — शंख, आनक और प्रणव की दिव्य ध्वनि से गुंजायमान हुआ पूरा क्षेत्र, श्रद्धालुओं ने अनुभव की अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा
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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लोरो के प्राचीन शिव मंदिर में संघ का भव्य घोष वादन — शंख, आनक और प्रणव की दिव्य ध्वनि से गुंजायमान हुआ पूरा क्षेत्र, श्रद्धालुओं ने अनुभव की अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा

जशपुर/नारायणपुर 15 फरवरी 2026 : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जशपुर जिला के स्वयंसेवकों द्वारा लोरो स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भव्य घोष वादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा और श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह का संचार हुआ।

संघ परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व को “घोष दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है। इसी क्रम में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित घोष वादन करते हुए विविध रचनाओं में घोष वादन प्रस्तुत किया। शंख, आनक, प्रणव, झल्लरी, त्रिभुजी सहित अनेक वाद्ययंत्रों की सुमधुर ध्वनि से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। घोष की तालबद्ध धुनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का प्रारंभ शाखा  से हुआ। तत्पश्चात स्वयंसेवकों ने घोष की पारंपरिक धुनों के माध्यम से भक्ति एवं राष्ट्रभाव का समन्वय प्रस्तुत किया। संचलन के दौरान अनुशासन, एकरूपता और समरसता का प्रेरक दृश्य उपस्थित रहा, जिसे देखने के लिए क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।

स्थानीय , गणमान्य नागरिकों एवं मंदिर समिति के सदस्यों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में संगठन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार होता है। उपस्थित भक्तजनों ने श्रद्धा भाव से घोष वादन का श्रवण किया और स्वयंसेवकों के अनुशासन एवं प्रस्तुति की प्रशंसा की।

महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर लोरो में आयोजित घोष वादन कार्यक्रम ने भक्ति, संस्कृति और संगठनात्मक शक्ति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया, जो देर तक क्षेत्रवासियों के मन में अंकित रहा।

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