महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस — नारायणपुर के ऐतिहासिक नगरवन शिव मंदिर परिसर का पवित्र तालाब विभागीय लाफ़रवाही की वजह से बदहाली की चरम स्थिति पर,धार्मिक कार्यों के लिए अनुपयोगी ,श्रद्धालु परेशान
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महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस — नारायणपुर के ऐतिहासिक नगरवन शिव मंदिर परिसर का पवित्र तालाब विभागीय लाफ़रवाही की वजह से बदहाली की चरम स्थिति पर,धार्मिक कार्यों के लिए अनुपयोगी ,श्रद्धालु परेशान

नारायणपुर 15 फरवरी 2026  नगर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान माने जाने वाले नगरवन शिव मंदिर के समीप स्थित तालाब इन दिनों अपनी बदहाली की चरम स्थिति में पहुंच गया है। बादलखोल अभ्यारण्य विभाग द्वारा बनवाया गया यह तालाब, जो कभी स्वच्छ जल, धार्मिक आस्था और सामाजिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, आज गंदगी, कचरे और बदबू का अड्डा बन चुका है।

तालाब में फैली गंदगी और दूषित जल को देखकर मंदिर आने वाले श्रद्धालु काफी निराश और आहत नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि तालाब की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब इसका उपयोग धार्मिक कार्यों और जलाभिषेक जैसे पवित्र अनुष्ठानों के लिए करना संभव नहीं रह गया है।

महाशिवरात्रि और सावन में सैकड़ो की संख्या में  उमड़ती है भीड़

नगरवन शिव मंदिर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से सावन माह, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर यहां सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पवित्र जल की अपेक्षा करते हैं, लेकिन मंदिर के सामने स्थित तालाब की गंदगी देखकर श्रद्धालुओं को भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि पहले इस तालाब का जल धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाता था, लेकिन अब इसकी स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है।


गंदगी और बदबू से लोगों का जीना दूभर — सफाई के अभाव में तालाब बन रहा संक्रमण का खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार तालाब में लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण उसमें कचरा, गंदगी और जलकुंभी जमा हो गई है, जिससे बदबू फैल रही है। तालाब के आसपास का वातावरण भी अस्वच्छ हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की सफाई नहीं कराई गई तो यह संक्रमण और बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

 श्रद्धालुओं में नाराजगी — महाशिवरात्रि से पहले सफाई नहीं होने पर विभाग पर उठे सवाल

तालाब की दुर्दशा को लेकर श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक पर्व से पहले बादलखोल अभ्यारण्य विभाग को तालाब की साफ-सफाई करानी चाहिए थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हो सका।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बादलखोल अभ्यारण्य के अधिकारी और कर्मचारी इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के तालाब को सफाई कराने में रुचि नही दिखा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।

 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर पर मंडरा रहा संकट — वर्षों से धार्मिक आयोजनों का रहा है प्रमुख केंद्र

नगरवन शिव मंदिर के समीप स्थित विभाग यह तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि नारायणपुर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों से यहां धार्मिक अनुष्ठान, जलाभिषेक, पर्व-त्योहार और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।

तालाब की वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यदि शीघ्र ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे अपनी पहचान खो सकती है।

 स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के उपनिदेशक से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

तालाब की बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों ने एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के उपनिदेशक को समाचार के माध्यम से तत्काल हस्तक्षेप कर तालाब की व्यापक सफाई कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कि यह तालाब न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि नगर की पहचान भी है, इसलिए इसकी साफ-सफाई और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द तालाब की सफाई कराकर इसे पुनः स्वच्छ और उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि श्रद्धालु पूर्व की तरह पवित्र जल का उपयोग कर सकें और इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा भी बनी रहे।

तालाब सफाई का बजट का अभाव है । तालाब सफाई का बजट आएगा तो सफाई कराई जाएगी। 

आशुतोष भगत-अधीक्षक बादलखोल अभ्यारण्य-नारायणपुर

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