कांसाबेल में नहर को दूषित करने वालों पर कलेक्टर का सख्त निर्देश, घर का गंदा पानी बहाया तो लगेगा जुर्माना, अतिक्रमण पर होगी कानूनी कार्रवाई
जशपुरनगर 7 फरवरी 2026/ जिले में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं जल संरक्षण को प्रभावी बनाने की दिशा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय तथा कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस कांसाबेल क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत एनीकट एवं नहर परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांसाबेल में नहर में गंदगी फैलाने, घरेलू अपशिष्ट जल प्रवाहित करने या अवैध अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
*महादेव मुड़ा एनीकट: किसानों को मिलेगा दोहरा लाभ* -
निरीक्षण की शुरुआत मैनी नदी की सहायक घुघरी नदी पर निर्माणाधीन महादेव मुड़ा एनीकट से की गई। यह एक लिफ्ट इरीगेशन आधारित सिंचाई परियोजना है, जिसकी लंबाई 55 मीटर एवं ऊंचाई 2.5 मीटर है। इसमें 4 गेट लगेंगे। लगभग 5 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह एनीकट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वर्ष 2023 में स्वीकृत किया गया था। एनीकेट का कार्य तेजी से जारी है। अधिकारियों ने बताया कि एनीकट में पंप लगाकर किसान अपने खेतों तक सीधे पानी ले जा सकेंगे, जिससे महादेव मुड़ा सहित आसपास के गांवों में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी। इससे खेती को लाभ होगा, साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
*कुदराझरिया एनीकट: ऊंचाई बढ़ी, सिंचाई क्षमता में इजाफा* -
इसके पश्चात साजापानी डैम से आने वाले पानी की बेहतर सिंचाई एवं निस्तारी सुविधा के लिए कुदराझरिया एनीकट का निरीक्षण किया गया। पुराने एनीकट का जीर्णोद्धार कर इसकी ऊंचाई बढ़ाकर कुल 3 मीटर की गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने एनीकट के आसपास सौंदर्यीकरण को लेकर चर्चा की और आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कुदराझरिया एनीकट से निकलने वाली लगभग 11 किलोमीटर लंबी पक्की नहर है, जो कांसाबेल होते हुए टेल एरिया टांगरगांव में मैनी नदी तक जाती है।
*नहर में गंदगी फैलाने पर सख्ती, लगेगा जुर्माना* -
जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने कांसाबेल में नहर लाइनिंग के प्रगतिरत कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों का जायजा लेते हुए गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नहर के पानी को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नहर में घरेलू गंदा पानी प्रवाहित करने, कचरा फेंकने वालों पर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर जुर्माना लगाने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नहर किनारे शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर नहर को दूषित करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को समझाइश देने पर भी बल दिया, ताकि सिंचाई परियोजनाओं का लाभ दीर्घकाल तक मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संरक्षण में जनभागीदारी अनिवार्य है।
*कांसाबेल में संतोषी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना* -
जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कांसाबेल में सड़क किनारे स्थित संतोषी तालाब का भी अवलोकन किया। उन्होंने तालाब की सुदंरता बरकरार रखने किए जा सकने वाले आवश्यक सौंदर्यीकरण कार्यों की विस्तृत चर्चा की। तालाब में नहर के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु साफ-सफाई, चारों ओर पाथवे निर्माण, आकर्षक लाइटिंग, रेलिंग एवं बैठक व्यवस्था जैसी सुविधाओं की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
