बिना बिजली-डीजल के नदी के बहाव से सिंचाई, सरगुजा संभाग की पहली हाइड्रो पावर पम्पिंग योजना बनी मिसाल 100 एकड़ खेतों को मिलेगा जीवनदान,
जशपुरनगर 7 फरवरी 2026/ जिले में नवाचार आधारित सिंचाई व्यवस्था को सशक्त करते हुए पोंगरो एनीकट हाईड्रो पावर आधारित पम्पिंग योजना अब पूर्ण हो चुकी है। सरगुजा संभाग की यह पहली योजना विकासखंड कांसाबेल के ग्राम पंचायत पोंगरो में घुघरी नदी पर निर्मित की गई है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः शून्य कार्बन उत्सर्जन पर आधारित है। योजना में किसी भी प्रकार की पारंपरिक ऊर्जा जैसे बिजली, डीजल, पेट्रोल या सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं किया गया है। केवल नदी के जल प्रवाह से उत्पन्न हाइड्रो पावर के माध्यम से टरबाइन चलाकर पानी का उद्वहन किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विगत दिवस इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण अध्यक्ष जिला पंचायत श्री सालिक साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शीघ्र ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा इसका लोकार्पण प्रस्तावित है।
*हाइड्रो पावर से संचालित अभिनव सिंचाई योजना* -
इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के डॉ. पुनीत सिंह द्वारा तकनीकी परामर्श प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रोजेक्ट के कार्य को तेजी से पूर्ण किया गया। यह योजना आधुनिक विज्ञान और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। योजना अंतर्गत पूर्व निर्मित एनीकट से लगभग 100 मीटर डाउनस्ट्रीम में प्लेटफॉर्म बनाकर एक टरबाइन पम्प स्थापित किया गया है। इस पम्प के माध्यम से नदी तल से लगभग 12 मीटर ऊँचाई तक तथा 200 मीटर दूर निर्मित वितरण टंकी में अधिकतम 17 लीटर प्रति सेकंड की दर से पानी भरा जाता है। इससे रबी एवं ग्रीष्म (जायद) फसलों के लिए निरंतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
*किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ* -
इस अभिनव परियोजना से लगभग 100 एकड़ रबी एवं 40 एकड़ ग्रीष्मकालीन जायद फसल क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी, जिससे करीब 50 परिवार लाभान्वित होंगे। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पक्की सिंचाई नहरों एवं नालियों का निर्माण भी किया गया है, जिससे जल का समुचित वितरण सुनिश्चित हो सके। 2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह योजना जिला प्रशासन जशपुर द्वारा जिला खनिज न्यास निधि, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) तथा जल संसाधन संभाग जशपुर के तकनीकी अभिसरण से पूर्ण की गई है।
*हरित विकास की दिशा में मील का पत्थर* -
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने इसे किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण के पश्चात यह परियोजना जशपुर जिले में सतत कृषि एवं हरित विकास की नई पहचान बनेगी।
