आस्था के साथ खिलवाड़ ! छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कैलाश गुफा शिव मंदिर के कपाट वर्षों से बंद, श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश,सनातन समाज ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन,2 फरवरी तक मंदिर नहीं खुला तो 5 फरवरी से  अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान
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आस्था के साथ खिलवाड़ ! छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कैलाश गुफा शिव मंदिर के कपाट वर्षों से बंद, श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश,सनातन समाज ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन,2 फरवरी तक मंदिर नहीं खुला तो 5 फरवरी से  अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान

जशपुर/28 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध एवं पौराणिक धार्मिक स्थल कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं, सनातन समाज और धार्मिक संगठनों ने जिला प्रशासन के विरुद्ध नाराज़गी जताते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के कपाट तत्काल खुलवाने की मांग की है। समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर नहीं खोला गया, तो 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में विशाल एवं अनिश्चितकालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

पूज्य गहिरा गुरु की साधना से स्थापित पवित्र शिवालय आज ताले में कैद भगवान भोलेनाथ

ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर की स्थापना पूज्य गहिरा गुरु द्वारा वर्षों की कठोर साधना के पश्चात की गई थी। इस पवित्र स्थल के निर्माण, संरक्षण एवं विकास में सनातन परंपरा से जुड़े संतों, भक्तों और समाज के लोगों का अथक श्रम, अंशदान एवं सहयोग रहा है। इसके बावजूद कोरोना काल के बाद से आज तक मंदिर के कपाट बंद हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।

लगातार आश्वासन देकर किया गया टालमटोल

श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह द्वारा लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक मंदिर खोलने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। समाज का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिनों के भीतर मंदिर खोलने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन तय समयसीमा समाप्त होने के बाद भी मंदिर बंद ही रहा।

आमसभा में लिखित घोषणा के बाद भी नहीं खुले कपाट

मकर संक्रांति का वादा भी निकला खोखला

31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी 2026 तक मंदिर खोलने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए। इससे श्रद्धालुओं में रोष और अविश्वास दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

81 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु से कथित मारपीट का आरोप

ज्ञापन में एक बेहद गंभीर आरोप भी शामिल है। समाज के अनुसार, मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। इस घटना से समाज में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बन गया है। हालांकि इस मामले में अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

पारदर्शी व्यवस्था के लिए नई समिति गठन की मांग

श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर संचालन के लिए कोई संगठित सार्वजनिक ट्रस्ट या विधिवत समिति सक्रिय नहीं है, जिसके कारण अव्यवस्था बनी हुई है। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र एक नया सार्वजनिक ट्रस्ट गठित किया जाए, ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से किया जा सके।

प्रशासन को अंतिम चेतावनी

अब नहीं खुले तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी,ज्ञापन में साफ शब्दों में कहा गया है कि यदि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए, तो 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चितकालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, क्षेत्रीय सांसदों, स्थानीय विधायक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इससे पूर्व भी सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर कब और क्या निर्णय लेता है, क्योंकि यह मामला केवल एक मंदिर का नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।

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