धान खरीदी केन्द्र कोनपारा में 6.55 करोड़ के महाघोटाले का पर्दाफाश, महीनों तक पुलिस को चकमा देकर फरार रहा मास्टरमाइंड समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू आखिरकार जशपुर पुलिस की घेराबंदी में धराया
20,586.88 क्विंटल धान गायब, शासन को करोड़ों की चपत, आरोपी बदलता रहा ठिकाने और सिम कार्ड, फिर भी नहीं बच सका
जशपुरनगर, 21 जनवरी 2026।
धान खरीदी केन्द्र कोनपारा (तुमला) में खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान हुए करोड़ों रुपए के घोटाले ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। अब इस बहुचर्चित मामले में जशपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए की आर्थिक अनियमितता के मास्टरमाइंड, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू को कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी महीनों तक पुलिस को चकमा देता रहा, कभी मध्यप्रदेश तो कभी छत्तीसगढ़ में ठिकाने बदलता रहा, लेकिन अंततः कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सका।
महीनों तक बदलता रहा ठिकाना, हर बार दूसरे के नाम से सिम
एफआईआर दर्ज होते ही जयप्रकाश साहू दमोह (मध्यप्रदेश) भाग गया था, जहां वह अपने परिचित के घर छिपा रहा और उसके नाम से मोबाइल सिम लेकर पुलिस से बचता रहा। जैसे ही जशपुर पुलिस को उसकी जानकारी मिली, विशेष टीम को दमोह भेजा गया, परंतु पुलिस की भनक लगते ही आरोपी वहां से फरार होकर विकास नगर कुसमुंडा, जिला कोरबा पहुंच गया। यहां भी उसने अपने एक परिचित के नाम से सिम लेकर संपर्क बनाए रखा, लेकिन साइबर यूनिट और जशपुर पुलिस की सतर्क निगरानी ने आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली।
बीती रात पुलिस ने कुसमुंडा क्षेत्र में घेराबंदी कर एक मकान से उसे अभिरक्षा में लिया और थाना तुमला लाकर पूछताछ की, जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस बड़ी अनियमितता को अंजाम देना स्वीकार किया।
धान खरीदी में 20,586.88 क्विंटल की भारी कमी
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के नोडल अधिकारी रामकुमार यादव ने 2 जनवरी 2026 को थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार खरीफ वर्ष 2024-25 में धान खरीदी केन्द्र कोनपारा में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी, जबकि मिल एवं संग्रहण केन्द्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस प्रकार कुल 20,586.88 क्विंटल धान की कमी सामने आई।
संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में भी मौके पर धान उपलब्ध नहीं मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि खरीदी रिकॉर्ड और वास्तविक परिदान में बड़ा अंतर है।
शासन को 6.55 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति
धान की कीमत प्रति क्विंटल 3100 रुपए के हिसाब से 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपए तथा 4,898 नग बारदाने की कीमत 17 लाख 07 हजार 651 रुपए जोड़कर कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए की आर्थिक क्षति शासन को हुई है। यह जिले के धान खरीदी इतिहास की सबसे बड़ी अनियमितताओं में से एक मानी जा रही है।
छह आरोपी, दो गिरफ्त में, चार फरार
इस घोटाले में समिति के कुल छह कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है —
भुनेश्वर यादव (प्राधिकृत अधिकारी), जयप्रकाश साहू (समिति प्रबंधक), शिशुपाल यादव (फड़ प्रभारी), जितेंद्र साय (कंप्यूटर ऑपरेटर), अविनाश अवस्थी (सहायक फड़ प्रभारी) और चंद्र कुमार यादव (उप सहायक फड़ प्रभारी)।
फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को पुलिस पहले ही 6 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है। अब जयप्रकाश साहू की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल दो आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि शेष चार आरोपी अभी फरार हैं।
कठोर धाराओं में अपराध दर्ज
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 320, 336, 338 एवं 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। विवेचना के दौरान अन्य धाराओं के जुड़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
विशेष टीम की सराहनीय कार्रवाई
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एसएसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें साइबर यूनिट को भी शामिल किया गया। थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, एएसआई टेकराम सारथी, प्र.आर. 475 फ्रांसिस बेक और आर. 17 संतोष राम की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा —
“धान खरीदी केन्द्र कोनपारा में 6.55 करोड़ रुपए की अनियमितता के दूसरे आरोपी जयप्रकाश साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रकरण में शेष चार फरार आरोपियों की सघन पतासाजी जारी है। जल्द ही सभी आरोपी जशपुर पुलिस की गिरफ्त में होंगे। शासन की संपत्ति से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
