“फर्जी जवान ने नौकरी के नाम पर ठगी का खेल रचा, जशपुर पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा
जशपुर 17 दिसम्बर 2025 : दो महिलाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान पुन्नी लाल अनंत को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी बिलासपुर का निवासी है और जशपुर में किराए के मकान में रहकर आस-पड़ोस व दोस्तों को खुद को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताता था। वर्दी पहनकर वह कलेक्ट्रेट परिसर जशपुर में घूमता और महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देता था।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 28 अगस्त 2025 को प्रार्थीया सीमा बाई (उम्र 39 वर्ष, निवासी झरगांव, चौकी सोनक्यारी) अपने काम से कलेक्ट्रेट परिसर में आई थीं। वहाँ उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। पुन्नी लाल ने अपना परिचय छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान के रूप में दिया और कहा कि वह बिलासपुर में रहता है और जशपुर में उसके ऊपर से पहुँच है। आरोपी ने महिला को मत्स्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देते हुए अपना मोबाइल नंबर दिया।
कुछ दिनों बाद, आरोपी ने महिला से संपर्क किया और कहा कि नौकरी के लिए कुल 4 लाख रुपये की आवश्यकता है। महिला ने भरोसे के चलते आरोपी को पहले ही बताए अनुसार 2 लाख रुपये दे दिए। इसके साथ ही आरोपी ने महिला की भतीजी को डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसकी मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड आदि दस्तावेज भी ले लिए और शेष 3 लाख रुपये की मांग की। बाद में महिला को पता चला कि पुन्नी लाल अनंत कोई पुलिस वाला नहीं था और वर्दी पहनाकर उसे ठगा गया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आरोपी के खिलाफ बी एन एस की धारा 318(2), 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया था, लेकिन पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही। मुखबीर और पुलिस की तकनीकी टीम की मदद से पता चला कि आरोपी अपने गृह ग्राम टाडा दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम बिलासपुर रवाना हुई और आरोपी को उसके घर से घेराबंदी कर हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसके कब्जे से महिलाओं से लिए गए दस्तावेज भी बरामद किए गए। पुलिस ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा।
गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार भगत और आरक्षक विनोद तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस इस तरह के मामलों में लगातार सख्ती बरत रही है और कार्यवाही जारी है।
