बादलखोल अभ्यारण्य: सड़क मरम्मत में मजदूरों का हक हड़पने का मामला
बरसात में कच्ची सड़क गड्ढों से भर जाती है।
बजट के बावजूद सड़क मरम्मत में स्थानीय मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा।
अभ्यारण्य कर्मचारी अपनी निजी जेसीबी मशीन से काम करवा रहे हैं।
उच्च अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं।

नारायणपुर 12 दिसम्बर 2025:
बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत का काम स्थानीय मजदूरों को रोजगार दिए बिना किया जा रहा है। अभ्यारण्य के कई गांवों तक पहुँचने वाली सड़क बरसात में टूट-फूट से भरी रहती है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
सरकारी बजट से सड़क मरम्मत के काम होते हैं, लेकिन अभ्यारण्य के कर्मचारी मजदूरों के बजाय अपनी निजी जेसीबी मशीन का प्रयोग कर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डालकर समतल करवा रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इससे मजदूरों का रोजगार छिन रहा है और उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं। उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निगरानी की कमी स्थानीय विकास को रोकती है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्च अधिकारी तुरंत जांच कराएं और मजदूरों को उनका हक दिलाया जाए।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:
"हम चाहते हैं कि सरकार गांव-गांव में विकास कार्य करे और स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिले। लेकिन जेसीबी से काम करवाने से हमारा हक छिन रहा है।"

बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत से पेड़ों को खतरा
बादलखोल अभ्यारण्य में सड़क मरम्मत के लिए जेसीबी मशीन से मिट्टी निकालने के कारण कई पेड़ों की जड़ें दिखने लगी है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि बरसात के मौसम में ऐसे पेड़ गिर सकते हैं, जिससे पर्यावरण और अभ्यारण्य को नुकसान हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीण सुझाव दे रहे हैं कि जेसीबी की बजाय अधिकतर कार्य स्थानीय मजदूरों द्वारा हाथ से कराया जाए, ताकि पेड़ों और अभ्यारण्य की सुरक्षा बनी रहे।
