दीपयज्ञ का संदेश—हम स्वयं दीपक बनें: डॉ. चिन्मय पंड्या, अन्य के जीवन में चेतना जगाने का संकल्प लें: कौशल्या साय......
जशपुरनगर।बगीचा में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तृतीय दिवस पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या दीप महायज्ञ में पहुंचे, जहाँ उन्होंने परिजनों को आध्यात्मिक आशीर्वचन प्रदान किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
दीप महायज्ञ के उद्बोधन में डॉ. पंड्या ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभा से परिपूर्ण है। यहाँ का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं दीपक बनकर पूरे राष्ट्र को आलोकित करने की क्षमता रखता है। हमें भगवान से ऐसा सौदा करना चाहिए जिसमें हम दूसरों के जीवन की सोई चेतना को प्रकाश दे सकें।” उन्होंने सभी परिजनों को आह्वान किया कि दीपयज्ञ का वास्तविक संदेश तभी सफल होगा जब हम स्वयं प्रज्वलित होकर समाज में प्रकाश फैलाएँ।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि “सोया सनातन अब जाग रहा है। ‘हम बदलेंगे—युग बदलेगा’ का नारा अब चरितार्थ हो रहा है। परिवर्तन की यात्रा आरंभ हो चुकी है और युग निर्माण का दायित्व मातृशक्ति को सौंपा जा चुका है। इक्कीसवीं सदी वास्तव में नारी सदी है, जैसा परम पूज्य गुरुदेव ने कहा था।”
उन्होंने उपस्थित परिजनों से आग्रह किया कि वे अनुशासन का पुष्प गुरुचरणों में अर्पित कर जीवन को श्रेष्ठता की दिशा में आगे बढ़ाएँ।
108 कुंडीय यह आध्यात्मिक महायज्ञ लगातार भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और युग परिवर्तन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
