एनएसएस का सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ, प्रथम दिवस पढ़ाया गया अनुशासन का पाठ

जशपुर/नारायणपुर 30 अक्टूबर 2025 :
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर एक ऐसा मंच है जो युवाओं में सामुदायिक जुड़ाव, टीम वर्क और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देता है
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय नारायणपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का 7 दिवसीय विशेष शिविर विधिवत रूप से आरंभ हुआ। यह शिविर 29 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक किया जाएगा शिविर का शुभारंभ जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव ने किया। उन्होंने इस मौके पर एनएसएस का ध्वज भी फहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्राचार्य श्रीमती ए तिग्गा ने की। मुख्य अतिथि बालेश्वर यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को सेवा,स्वच्छता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का सच्चा पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी समाज परिवर्तन की अग्रदूत है और उसे पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण तथा सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने मेक इन इंडिया पर विस्तृत चर्चा कर स्व देशी चीजें अपनाने पर जोर दिया।
स्कूल के प्राचार्य श्रीमती ए तिग्गा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्य का विकास करती है। उन्होंने स्वयंसेवियों से आह्वान किया कि वे समाज की सेवा को अपना परम कर्तव्य समझें और पूरे समर्पण के साथ शिविर की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने स्वयंसेवियों को समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम अधिकारी उत्तम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में कुल 50 स्वयंसेवी छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, पाैधरोपण जल संरक्षण गतिविधियां, नशामुक्ति जनजागरण रैली, सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, विद्यालय परिसर सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्वयंसेवियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी, जो देशभक्ति और समाज सेवा विषय पर आधारित थे।
इस अवसर पर प्राचार्य कन्या हाई स्कूल के अमृत तिग्गा,प्राचार्य सरबकोम्बो महेश केरकेट्टा, शिक्षक इकबाल खान,एनएसएस सहायक कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार कोरी सहित विद्यालय के सभी अध्यापक एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
