लोगों के लिए मुसीबत बन गया प्रधानमंत्री सड़क के किनारे गड्ढे....वंही ठेकेदार केबल बिछाने को गड्ढा खोदकर छोड़ा, लोग हो रहे दुर्घटना के शिकार,,,,, जिम्मेदार बेखबर
जशपुर 27 सितम्बर 2025 : नारायणपुर से बेने तक जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क चिटकवाइन के पुल के पास पिछले काफी समय से एक गहरा गड्ढा बना हुआ है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता हैं। राहगीरों एवं ग्रामीणों ने बताया कि कई बार दुर्घटना होते यंहा लोग बचे है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह रास्ता जशपुर रांची को भी जोड़ती है जिससे सैकड़ो वाहनों का आवागमन होता है। जिले के बड़े अधिकारियों की गाड़ियां भी इसी मार्ग से लगातार गुजरती है लेकिन किसी भी विभाग के अधिकारीयों को सड़क किनारे का गड्डा दिखाई नही देता,प्रधानमंत्री सड़क के कर्मचारियों के द्वारा भी क्षेत्र में विजिट नही किया जाता जिसके कारण सड़क के गड्ढे की मरम्मत नही हो रही है।जिसके कारण लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वर्षा के घांस पुन्स उग आने के कारण गड्डा दिखाई नहीं देता, जिसके कारण वाहन चालक कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि गड्ढा गहरा होने के कारण इसमें वाहनों के फंसने के साथ उनके पलटने का खतरा आए दिन बना रहता है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने गड्ढे को शीघ्र बंद नहीं कराया तो यहां कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। विभागीय अधिकारियों को इस मामले में गंभीरता बरतनी चाहिए और गड्ढे को बंद कराकर समस्या का समाधान करना चाहिए।

वन्ही दूसरी ओर नारायणपुर क्षेत्र में एयरटेल के ठेकेदारों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पर केबल बिछाने के नाम पर गड्ढा खोदा गया है, लेकिन लगभग एक माह वहां से काम चल रहा है। जिसके चलते इस सड़क किनारे गड्ढे में लोग गिरकर घायल होने का डर हमेशा बना रहता है, ना कोई सूचना बोर्ड लगाया गया है ना ही संकेतक बोर्ड। काम लंबे समय से अधूरा है, क्यों अधूरा है इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जब काम समय पर पूरा नहीं करना था तो शुरू ही क्यों किया गया। इसे जल्द से जल्द गड्ढे को भरना चाहिए। काम अधूरा छोड़ कर लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है। कई बाइक सवार इस गड्ढे में रात में गिर कर घायल हो चुके हैं। यह गड्ढा हादसे को न्योता दे रहा है। एयरटेल के कर्मचारियों की लापरवाही इसमें नजर आ रही है। जो संबंधित ठेकेदार को यह निर्देश भी नहीं कर पा रही है कि काम को जल्द पूरा करें। वहीं संबंधित ठेकेदार की अंधेर गर्दी दिख रही है, जो गड्ढा तो खुदवा दिया है लेकिन आगे कोई काम हुआ ही नहीं है। ना ही ठेकेदार के कर्मचारी यहां झांकने के लिए आ रहे हैं।
