June Month Crop : जून में शुरू करें इस फसल की खेती..प्रति एकड़ होगी 12 लाख रुपये तक की कमाई..देखें डिटेल
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June Month Crop : जून में शुरू करें इस फसल की खेती..प्रति एकड़ होगी 12 लाख रुपये तक की कमाई..देखें डिटेल

June Month Crop | भारत में गेंहू, सोयाबीन, धान एवं ज्वार बाजरा के अलावा व्यवसायिक खेती भी की जाती है। वही सरकार भी इसपर सब्सिडी प्रदान करती है। परंपरागत रूप से खेती करने पर किसानों को उतना फायदा नहीं होता जितना व्यवसायिक खेती से होता है। भारत में फलों की खेती करने वाले किसानों के लिए मई और जून का महीना (June Month Crop) बहुत खास होता है। खासतौर से उत्तर भारत के किसानों के लिए यह समय पपीते की खेती शुरू करने का सबसे बेहतर वक्त होता है।

पपीता एक ऐसा फल है जो कम देखभाल और कम पानी में भी अच्छा उत्पादन देता है, और इसकी मांग बाजार में हर समय बनी रहती है। यही वजह है कि पपीते की खेती आज किसानों के लिए एक फायदे का सौदा बन चुकी है। इस लेख में हम आपको पपीते की खेती (June Month Crop) से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे, जिसमें किस्म का चयन, नर्सरी की तैयारी, पौधों की रोपाई, खाद-सिंचाई और मुनाफे तक की सभी बातें शामिल हैं।

बहुउपयोगी और सेहतमंद फल

June Month Crop | पपीता एक बहुउपयोगी फल है जिसे सलाद, जूस, सब्जी, जैम और अचार के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके सेवन से पाचन क्रिया सुधरती है, कब्ज में राहत मिलती है और यह लीवर व हृदय की सेहत के लिए लाभकारी माना गया है। पपीते की खेती में एक बार निवेश करने पर लगातार दो साल तक फसल मिलती है, जिससे किसानों को निरंतर कमाई होती रहती है।

पपीते की उन्नत किस्में

June Month Crop | बेहतर उत्पादन के लिए सही किस्म का चयन बेहद जरूरी होता है। पपीते की कुछ प्रमुख ओर उन्नत किस्मों में पूसा नन्हा, सूर्या, पूसा जायंट, पूसा डेलिशियस, रेड लेडी 786, सीओ–2 और सीओ–5 का नाम आता है। इन किस्मों में अधिक उत्पादन की क्षमता होती है और रोगों के प्रति प्रतिरोधकता भी अच्छी होती है।

कैसे करें नर्सरी की तैयारी | June Month Crop

खरपतवार हटाएं और क्यारी बनाएं: खेत की जुताई कर खरपतवार को हटा लें। फिर 3 से 4 इंच की दूरी पर क्यारियां बनाएं। क्यारी का उपचार: बीज बोने से पहले क्यारी को 10% फार्मेल्डिहाइड घोल से उपचारित करें। बीज शोधन: बीजों को केप्टान दवा से उपचारित कर छाया में सुखाएं। बीज बुवाई: बीजों को आधा सेमी गहराई में, 1 इंच की दूरी पर बोएं। सिंचाई: हर 2–3 दिन में फव्वारा विधि से हल्की सिंचाई करें। मुख्य खेत में पौध लगाना: जब पौधे 20–25 सेमी बड़े हो जाएं, तब उन्हें मुख्य खेत में रोपें। : June Month Crop

खेत तैयारी और पपीते की रोपाई कब और कैसे करें?

जुताई : खेत में 12 ट्रॉली गोबर की खाद डालकर ट्रैक्टर, कल्टीवेटर और रोटावेटर से अच्छी तरह जुताई करें।

समतलीकरण : लेजर लैंड लेवलर की मदद से खेत समतल करें ताकि पानी का ठहराव न हो।

गड्ढों की तैयारी : 5 फीट चौड़ी क्यारियों में 50X50X50 सेमी के गड्ढे 5 X 1.5 मीटर की दूरी पर बनाएं। : June Month Crop

रासायनिक उपचार : हर गड्ढे में 30 ग्राम बीएचसी 10% पाउडर मिलाएं और 15 दिन तक खुला छोड़ दें।

जब पौधे 6 से 8 इंच लंबे हो जाएं और उनमें 3 से 4 पत्ते आ जाएं, तब उन्हें गड्ढों में रोपें। पौधों के बीच की दूरी 8 मीटर रखें। रोपाई सुबह या शाम के समय करें। गड्ढे की मिट्टी में सड़ी हुई गोबर खाद और 1 किलो नीम खली मिलाएं। रोपाई के बाद पौधों को अच्छी तरह ढकें ताकि जड़ें सुरक्षित रहें।

खाद और सिंचाई प्रबंधन | June Month Crop

सिंचाई : रोपाई के बाद रोज दोपहर को हल्की सिंचाई करें। गर्मियों में सप्ताह में 2–3 बार और सर्दियों में 7–10 दिन में एक बार सिंचाई करें।

खाद : हर पौधे को साल में 20–25 किलो गोबर की खाद दें। सूक्ष्म पोषक तत्वों के रूप में जिंक सल्फेट 5% और बोरेक्स 0.1% का छिड़काव करें।

पपीते की पैदावार और मुनाफा

June Month Crop | पपीते की पहली तुड़ाई रोपाई के 9 से 10 माह बाद शुरू होती है। जिसकी लागत लगभग 5 लाख रुपये आती है। बता दें की, एक पेड़ से 80 किलो से 5 क्विंटल तक फल मिल सकते हैं। एक एकड़ में लगभग 700 से 750 पौधे लगाए जा सकते हैं। 2 साल में एक एकड़ से 10 से 12 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है।

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